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2.5 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के दोषी को हाईकोर्ट से राहत, मौत की सजा हुई कम
2.5 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के दोषी को हाईकोर्ट से राहत, मौत की सजा हुई कम

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुरेश पासवान नामक व्यक्ति की मृत्युदंड की सजा कम की, जिस पर कोलकाता के खिदरपुर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ फ्लाईओवर के नीचे सो रही ढाई वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या का आरोप था।जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने कहा:"मामले की परिस्थितियां यह नहीं बतातीं कि किया गया अपराध पूर्व नियोजित था या पीड़ित के परिवार के साथ किसी प्रतिद्वंद्विता या दुश्मनी का परिणाम था। जैसा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में माना है कि हर हत्या जघन्य होती है, लेकिन...

अपने मूल स्वरूप में लौटा सुप्रीम कोर्ट: कॉरिडोर से हटाए ग्लास पैनल, वेबसाइट पर आया पुराना लोगो
अपने 'मूल स्वरूप' में लौटा सुप्रीम कोर्ट: कॉरिडोर से हटाए ग्लास पैनल, वेबसाइट पर आया पुराना लोगो

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई द्वारा न्यायालय को उसके "मूल स्वरूप" में वापस लाने के लिए लिए गए निर्णय के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने गलियारों में लगे ग्लास पैनल हटा दिए।पिछले साल तत्कालीन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के दौरान सेंट्रलाइज्ड एयर-कंडीशनिंग के उद्देश्य से ग्लास पैनल लगाए गए थे। हालांकि, पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने सीजेआई चंद्रचूड़ के रिटायर होने के बाद अगले सीजेआई संजीव खन्ना से ग्लास पैनल हटाने का अनुरोध किया था, उन्होंने...

धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले व्हाट्सएप मैसेज फॉरवर्ड करने के आरोप में गिरफ्तार लेक्चरर को मिली जमानत : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले व्हाट्सएप मैसेज फॉरवर्ड करने के आरोप में गिरफ्तार लेक्चरर को मिली जमानत : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक गेस्ट लेक्चरर जमानत दे दी है, जिन पर व्हाट्सएप पर कथित रूप से आपत्तिजनक धार्मिक सामग्री प्रसारित करने का आरोप था, जिससे एक समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं।कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी व्यक्ति ने ऐसे मैसेज या वीडियो फॉरवर्ड किए हैं जो दूसरों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं, उसे अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता।जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा, “प्रथम दृष्टया कहा जा सकता है कि एक शिक्षित व्यक्ति और...

पीजी स्टूडेंट्स ने CLAT परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन, कन्फर्मेशन फीस को हाईकोर्ट में दी चुनौती
पीजी स्टूडेंट्स ने CLAT परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन, कन्फर्मेशन फीस को हाईकोर्ट में दी चुनौती

केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की गई, जिसमें CLAT आवेदकों पर NLUs के संघ द्वारा लगाए गए 30,000 रुपये के परामर्श रजिस्ट्रेशन फीस और 20,000 रुपये की कन्फर्मेशन फीस को चुनौती दी गई।NLUs का संघ (नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज संघ) कर्नाटक सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड सोसायटी है। अन्य बातों के अलावा, यह निकाय कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) आयोजित करने और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन की सुविधा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।जस्टिस डी. के. सिंह के समक्ष जब यह मामला आया तो बार काउंसिल ऑफ...

वैवाहिक कलह पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, महिलाओं ने पति के परिवार को सबक सिखाने के लिए पुलिस शिकायत को रामबाण उपाय बना लिया है
वैवाहिक कलह पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, महिलाओं ने पति के परिवार को सबक सिखाने के लिए पुलिस शिकायत को रामबाण उपाय बना लिया है

एक परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ दर्ज FIR खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने महिलाओं द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के दुरुपयोग पर दुख जताया, जिसमें वे अपने निजी स्वार्थ के लिए पति के परिवार के सभी सदस्यों को आपराधिक मामलों में फंसा रही हैं।जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस प्रवीण पाटिल की खंडपीठ ने महिलाओं द्वारा पति के परिवार के सभी सदस्यों को आपराधिक मामलों में फंसाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।जजों ने 9 जून को पारित आदेश में कहा,"यह देखा गया है कि आजकल वैवाहिक कलह...

पत्नी की बिना सहमति ली गई व्हाट्सएप चैट साक्ष्य के रूप में मंजूर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
पत्नी की बिना सहमति ली गई व्हाट्सएप चैट साक्ष्य के रूप में मंजूर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक वैवाहिक विवाद की सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि व्हाट्सएप जैसे निजी चैट भी परिवार न्यायालय अधिनियम की धारा 14 के तहत साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य हो सकते हैं, भले ही उन्हें बिना सहमति प्राप्त किया गया हो या वे भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के तहत स्वीकार्य न हों।जस्टिस आशीष श्रोटी ने अपने आदेश में कहा, "चूंकि हमारे संविधान के तहत कोई भी मौलिक अधिकार पूर्ण नहीं है, इसलिए जब दो मौलिक अधिकारों में टकराव हो—जैसे कि इस मामले में निजता का...

हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा OBC वर्गों की नई सूची तैयार करने की अधिसूचना पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा OBC वर्गों की नई सूची तैयार करने की अधिसूचना पर लगाई रोक

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल राज्य में अन्य पिछड़ी जातियों (OBC) के व्यक्तियों की नई सूची तैयार करने पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया, जिसमें राज्य की मौजूदा OBC वर्गों की सूची में नई जातियों को शामिल किया जाएगा।जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने 31 जुलाई, 2025 को अगली सुनवाई की तारीख तक अंतरिम रोक जारी की।अदालत ने नई सूचियों में OBC वर्गों को जोड़ने के उद्देश्य से जाति प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पोर्टल खोलने के राज्य सरकार के फैसले पर भी रोक लगा दी।इस मामले में...

राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 204 से 210: विभाजन की प्रक्रिया और ज़मीनों का न्यायसंगत आवंटन
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 204 से 210: विभाजन की प्रक्रिया और ज़मीनों का न्यायसंगत आवंटन

राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के अंतर्गत भूमि के विभाजन की प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है। जहां पहले की धाराओं में यह बताया गया कि विभाजन कैसे किया जा सकता है – आपसी सहमति, मध्यस्थता या कलेक्टर द्वारा – वहीं धाराएं 204 से 210 तक यह बताती हैं कि विभाजन की क्रियात्मक प्रक्रिया किस तरह से की जाएगी, कौन अधिकारी क्या करेगा, अमीन की भूमिका क्या होगी, किस तरह से दावे और आपत्तियां निपटाई जाएंगी, और कैसे ज़मीनों का संतुलित और न्यायसंगत बंटवारा किया जाएगा। यह लेख इन सभी धाराओं की सरल,...

मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम बने रहने का अर्थ यह नहीं कि चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए उनका दुरुपयोग हुआ: बॉम्बे हाईकोर्ट
मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम बने रहने का अर्थ यह नहीं कि चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए उनका दुरुपयोग हुआ: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि केवल इसलिए कि मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम अब भी दर्ज हैं, यह मान लेना उचित नहीं होगा कि उनके नाम पर वोट डाले गए। यह कहते हुए न्यायालय ने कांग्रेस सांसद शोभा बच्छाव की लोकसभा क्षेत्र धुले से 18वीं लोकसभा चुनाव में जीत बरकरार रखी।जस्टिस अरुण पेडणेकर की एकल पीठ ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डॉ. सुभाष भामरे द्वारा दायर चुनाव याचिका खारिज की, जो बच्छाव से चुनाव हार गए थे।न्यायाधीश ने कहा,"ऐसा कोई प्राथमिक साक्ष्य नहीं...

परिवार के सदस्य की बीमारी के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी को अंतरिम जमानत दी
परिवार के सदस्य की बीमारी के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी को अंतरिम जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत आरोपी को उसकी गंभीर रूप से बीमार मां की देखभाल करने और उनके इलाज की आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के लिए अंतरिम जमानत दी।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह दलील दी कि PMLA की धारा 45 के तहत आरोपी के पारिवारिक सदस्य की बीमारी को अंतरिम जमानत का आधार नहीं माना जा सकता, लेकिन जस्टिस तेजस कारिया ने मानवीय आधार पर राहत दी।न्यायालय ने 15 दिनों के लिए सख्त शर्तों के साथ जमानत प्रदान की।अदालत ने आदेश दिया,"आवेदक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र...