ताज़ा खबरे
जलती पत्नी को बंद करने वाले व्यक्ति की हत्या की सजा घटाने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति की हत्या की सज़ा को घटाकर गैर इरादतन हत्या में बदलने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि दोषी ने अपनी पत्नी को जला कर मारने जैसा 'क्रूर' व्यवहार किया और किसी को उसकी मदद नहीं करने दी।जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस श्याम चंदक की खंडपीठ ने कहा कि दोषी अंबदास आरेट्टा ने बेहद क्रूरता से व्यवहार किया और अपनी पत्नी और बच्चों की 'कमजोरी' का गलत फायदा उठाया।कोर्ट ने कहा, "अगर किसी को धारा 300 की अपवाद संख्या 4 के अंतर्गत लाभ मिलना है, तो यह ज़रूरी है कि उसने...
2.5 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के दोषी को हाईकोर्ट से राहत, मौत की सजा हुई कम
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुरेश पासवान नामक व्यक्ति की मृत्युदंड की सजा कम की, जिस पर कोलकाता के खिदरपुर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ फ्लाईओवर के नीचे सो रही ढाई वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या का आरोप था।जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने कहा:"मामले की परिस्थितियां यह नहीं बतातीं कि किया गया अपराध पूर्व नियोजित था या पीड़ित के परिवार के साथ किसी प्रतिद्वंद्विता या दुश्मनी का परिणाम था। जैसा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में माना है कि हर हत्या जघन्य होती है, लेकिन...
अपने 'मूल स्वरूप' में लौटा सुप्रीम कोर्ट: कॉरिडोर से हटाए ग्लास पैनल, वेबसाइट पर आया पुराना लोगो
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई द्वारा न्यायालय को उसके "मूल स्वरूप" में वापस लाने के लिए लिए गए निर्णय के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने गलियारों में लगे ग्लास पैनल हटा दिए।पिछले साल तत्कालीन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के दौरान सेंट्रलाइज्ड एयर-कंडीशनिंग के उद्देश्य से ग्लास पैनल लगाए गए थे। हालांकि, पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने सीजेआई चंद्रचूड़ के रिटायर होने के बाद अगले सीजेआई संजीव खन्ना से ग्लास पैनल हटाने का अनुरोध किया था, उन्होंने...
हाईकोर्ट ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में RCB और अन्य को जारी किया नोटिस
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA), रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL)- जो IPL में RCB टीम का प्रबंधन करती है और इवेंट मैनेजमेंट फर्म DNA एंटरटेनमेंट लिमिटेड को प्रतिवादी बनाए और IPL 2025 फाइनल में रॉयल चैलेंजर बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई बेंगलुरु भगदड़ के संबंध में शुरू की गई स्वप्रेरणा याचिका में उन्हें नोटिस जारी करे।एक्टिंग चीफ जस्टिस वी एम...
धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले व्हाट्सएप मैसेज फॉरवर्ड करने के आरोप में गिरफ्तार लेक्चरर को मिली जमानत : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक गेस्ट लेक्चरर जमानत दे दी है, जिन पर व्हाट्सएप पर कथित रूप से आपत्तिजनक धार्मिक सामग्री प्रसारित करने का आरोप था, जिससे एक समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं।कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी व्यक्ति ने ऐसे मैसेज या वीडियो फॉरवर्ड किए हैं जो दूसरों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं, उसे अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता।जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा, “प्रथम दृष्टया कहा जा सकता है कि एक शिक्षित व्यक्ति और...
पीजी स्टूडेंट्स ने CLAT परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन, कन्फर्मेशन फीस को हाईकोर्ट में दी चुनौती
केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की गई, जिसमें CLAT आवेदकों पर NLUs के संघ द्वारा लगाए गए 30,000 रुपये के परामर्श रजिस्ट्रेशन फीस और 20,000 रुपये की कन्फर्मेशन फीस को चुनौती दी गई।NLUs का संघ (नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज संघ) कर्नाटक सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड सोसायटी है। अन्य बातों के अलावा, यह निकाय कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) आयोजित करने और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन की सुविधा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।जस्टिस डी. के. सिंह के समक्ष जब यह मामला आया तो बार काउंसिल ऑफ...
वैवाहिक कलह पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, महिलाओं ने पति के परिवार को सबक सिखाने के लिए पुलिस शिकायत को रामबाण उपाय बना लिया है
एक परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ दर्ज FIR खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने महिलाओं द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के दुरुपयोग पर दुख जताया, जिसमें वे अपने निजी स्वार्थ के लिए पति के परिवार के सभी सदस्यों को आपराधिक मामलों में फंसा रही हैं।जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस प्रवीण पाटिल की खंडपीठ ने महिलाओं द्वारा पति के परिवार के सभी सदस्यों को आपराधिक मामलों में फंसाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।जजों ने 9 जून को पारित आदेश में कहा,"यह देखा गया है कि आजकल वैवाहिक कलह...
Sec. 138 NI Act | लीगल नोटिस में चेक धारक को 'चेक राशि' की स्पष्ट मांग करनी होगी : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब चेक बाउंस होने पर ड्रॉअर (चेक जारी करने वाले) को लीगल नोटिस भेजा जाता है, तो उसमें विशेष रूप से चेक राशि की मांग की जानी चाहिए।अगर नोटिस में चेक की राशि की स्पष्ट मांग नहीं की गई है, तो निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत कार्यवाही शुरू करने की पूर्व-शर्तें पूरी नहीं मानी जाएंगी।जस्टिस अमित महाजन ने कहा, "धारा 138(b) के अनुसार, प्राप्तकर्ता या विधिसंगत धारक को 'उक्त राशि' की मांग करते हुए ड्रॉअर को लिखित नोटिस देना होता है। यहां 'उक्त...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रात 9 बजे दिल्ली थाने बुलाई गई महिला को ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी
पिछले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीतापुर निवासी एक महिला को ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान की, जिसे दिल्ली पुलिस ने एक एफआईआर के सिलसिले में पूछताछ के लिए रात 9:00 बजे मयापुरी थाने (जिला पश्चिम दिल्ली) में उपस्थित होने के लिए समन भेजा था।जस्टिस राजीव सिंह की एकल पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले Priya Indoria v. State of Karnataka, 2023 LiveLaw (SC) 996 के आलोक में और अन्य दस्तावेजों (जैसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत जारी नोटिस) का अवलोकन करने के बाद सुशीला यादव को राहत...
पत्नी की बिना सहमति ली गई व्हाट्सएप चैट साक्ष्य के रूप में मंजूर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक वैवाहिक विवाद की सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि व्हाट्सएप जैसे निजी चैट भी परिवार न्यायालय अधिनियम की धारा 14 के तहत साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य हो सकते हैं, भले ही उन्हें बिना सहमति प्राप्त किया गया हो या वे भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के तहत स्वीकार्य न हों।जस्टिस आशीष श्रोटी ने अपने आदेश में कहा, "चूंकि हमारे संविधान के तहत कोई भी मौलिक अधिकार पूर्ण नहीं है, इसलिए जब दो मौलिक अधिकारों में टकराव हो—जैसे कि इस मामले में निजता का...
हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा OBC वर्गों की नई सूची तैयार करने की अधिसूचना पर लगाई रोक
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल राज्य में अन्य पिछड़ी जातियों (OBC) के व्यक्तियों की नई सूची तैयार करने पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया, जिसमें राज्य की मौजूदा OBC वर्गों की सूची में नई जातियों को शामिल किया जाएगा।जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने 31 जुलाई, 2025 को अगली सुनवाई की तारीख तक अंतरिम रोक जारी की।अदालत ने नई सूचियों में OBC वर्गों को जोड़ने के उद्देश्य से जाति प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पोर्टल खोलने के राज्य सरकार के फैसले पर भी रोक लगा दी।इस मामले में...
Right to Information Act में किसी भी व्यक्ति को सूचना प्राप्त करने का अधिकार
इस एक्ट से जुड़े एक मामले दिवाकर एस० नटराजन बनाम स्टेट इन्फार्मेशन कमिश्नर ए आई आर 2009 के मामले में कहा गया है कि सूचना के लिए अनुरोध केवल लोक प्रयोजन के लिए होगा और सूचना प्राप्त करने के लिए अविवेकपूर्ण प्रयास न्यायोचित और उचित नहीं है।आवेदन का कोई विशिष्ट प्ररूप आवश्यक नहीं और सूचना की ईप्सा करने के लिए कोई कारण अपेक्षित नहीं:-सूचना की ईप्सा करने के लिए विशिष्ट प्ररूप को विहित करने के लिए कोई निर्देश आज्ञापक नहीं हो सकता और साधारण आवेदन की अपेक्षा को अभिभावी नहीं कर सकता, जैसा कि इस धारा में...
Right to Information Act में मांगी गई सूचना का निपटारा
इस संबंध में अधिनियम के भीतर धारा 7 है।(1) धारा 5 की उपधारा (2) के परन्तुक या धारा 6 की उपधारा (3) के परन्तुक के अधीन रहते हुए धारा 6 के अधीन अनुरोध के प्राप्त होने पर यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, यथा संभव शीघ्रता से, और किसी भी दशा में अनुरोध की प्राप्ति के तीस दिन के भीतर ऐसी फीस के संदाय पर, जो विहित की जाए या तो सूचना उपलब्ध कराएगा या धारा 8 और धारा 9 में विनिर्दिष्ट कारणों में से किसी कारण से अनुरोध को अस्वीकार करेगा:परन्तु जहाँ मांगी गई जानकारी का...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528: हाईकोर्ट की Inherent Power
यह प्रावधान, धारा 528, अनिवार्य रूप से पुराने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की सुप्रसिद्ध धारा 482 का उत्तराधिकारी है। यह हाई कोर्ट (High Courts) को आपराधिक मामलों में हस्तक्षेप करने की एक विशेष, अंतर्निहित शक्ति (Inherent Power) देता है जब नियमों का कड़ाई से पालन करने से अनुचित परिणाम हो सकता है।"अंतर्निहित शक्ति" क्या है? (What is "Inherent Power"?) कानूनी अर्थों में "अंतर्निहित शक्ति" उस असाधारण अधिकार को संदर्भित करती है जो हाई कोर्ट (High Courts) के पास होता है, इसलिए नहीं कि यह कानून...
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएँ 77A, 77B और 78 : अपराधों की जांच का अधिकार
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) भारत में डिजिटल माध्यमों से संबंधित अपराधों को नियंत्रित करने वाला एक प्रमुख कानून है। इस अधिनियम के तहत, न केवल तकनीकी सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन की वैधता को मान्यता दी गई है, बल्कि इसने डिजिटल अपराधों से निपटने की विधिक प्रक्रिया भी निर्धारित की है। इस लेख में हम विशेष रूप से धाराओं 77A, 77B और 78 को विस्तार से समझेंगे जो दंड प्रक्रिया, अपराधों की प्रकृति तथा जांच से संबंधित हैं।धारा 77A: अपराधों का संधि (Compounding of...
क्या PoSH Act के तहत जांच समितियों को बिना प्रक्रिया अपनाए सजा देने का अधिकार है?
पीड़िता को न्याय देने और आरोपी के अधिकारों के बीच संतुलनसुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ऐतिहासिक फैसले ऑरेलियानो फर्नांडिस बनाम गोवा राज्य (2023) में यह स्पष्ट किया गया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) की शिकायतों की जांच में प्रकृतिक न्याय (Natural Justice) और न्यायिक प्रक्रिया (Procedural Fairness) को अनदेखा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह निर्णय न केवल आरोपी के अधिकारों की रक्षा के लिए दिया, बल्कि PoSH कानून के तहत गठित आंतरिक समिति (Internal Complaints Committee – ICC) की...
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 204 से 210: विभाजन की प्रक्रिया और ज़मीनों का न्यायसंगत आवंटन
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के अंतर्गत भूमि के विभाजन की प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है। जहां पहले की धाराओं में यह बताया गया कि विभाजन कैसे किया जा सकता है – आपसी सहमति, मध्यस्थता या कलेक्टर द्वारा – वहीं धाराएं 204 से 210 तक यह बताती हैं कि विभाजन की क्रियात्मक प्रक्रिया किस तरह से की जाएगी, कौन अधिकारी क्या करेगा, अमीन की भूमिका क्या होगी, किस तरह से दावे और आपत्तियां निपटाई जाएंगी, और कैसे ज़मीनों का संतुलित और न्यायसंगत बंटवारा किया जाएगा। यह लेख इन सभी धाराओं की सरल,...
मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम बने रहने का अर्थ यह नहीं कि चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए उनका दुरुपयोग हुआ: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि केवल इसलिए कि मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम अब भी दर्ज हैं, यह मान लेना उचित नहीं होगा कि उनके नाम पर वोट डाले गए। यह कहते हुए न्यायालय ने कांग्रेस सांसद शोभा बच्छाव की लोकसभा क्षेत्र धुले से 18वीं लोकसभा चुनाव में जीत बरकरार रखी।जस्टिस अरुण पेडणेकर की एकल पीठ ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डॉ. सुभाष भामरे द्वारा दायर चुनाव याचिका खारिज की, जो बच्छाव से चुनाव हार गए थे।न्यायाधीश ने कहा,"ऐसा कोई प्राथमिक साक्ष्य नहीं...
परिवार के सदस्य की बीमारी के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी को अंतरिम जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत आरोपी को उसकी गंभीर रूप से बीमार मां की देखभाल करने और उनके इलाज की आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के लिए अंतरिम जमानत दी।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह दलील दी कि PMLA की धारा 45 के तहत आरोपी के पारिवारिक सदस्य की बीमारी को अंतरिम जमानत का आधार नहीं माना जा सकता, लेकिन जस्टिस तेजस कारिया ने मानवीय आधार पर राहत दी।न्यायालय ने 15 दिनों के लिए सख्त शर्तों के साथ जमानत प्रदान की।अदालत ने आदेश दिया,"आवेदक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की महिला की पसंद से विवाह पर परिवार की आपत्ति की निंदा
महिला द्वारा अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने के निर्णय पर परिवार की आपत्ति की कड़ी निंदा करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 27 वर्षीय महिला को सुरक्षा प्रदान की, जिसे अपहरण का डर है, क्योंकि वह अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करना चाहती है।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रवीण कुमार गिरी की खंडपीठ ने ऐसी आपत्तियों को घृणित करार देते हुए यह स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त है।न्यायालय ने कहा,“यह...




















