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दैनिक मज़दूरों की हकीकत पर राजस्थान हाइकोर्ट की सख़्त टिप्पणी, 26 दिन के वेतन फ़ॉर्मूले को बताया अव्यावहारिक
दैनिक मज़दूरी पर काम करने वाले श्रमिकों की ज़मीनी स्थिति को स्वीकार करते हुए राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि यह मान लेना पूरी तरह गलत है कि हर दैनिक मज़दूर को सप्ताह में एक दिन का सवेतन अवकाश मिलता है। कोर्ट ने साफ़ कहा कि ऐसे मज़दूर बिना वेतन छुट्टी लेने की स्थिति में नहीं होते। इसलिए उनकी मज़दूरी की गणना 26 दिन के बजाय 30 दिन के आधार पर होनी चाहिए।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि दैनिक मज़दूरों की वास्तविक परिस्थितियों को नज़रअंदाज़ कर बनाए गए सरकारी फ़ॉर्मूले में सुधार...
समानता की जांच: यूजीसी विनियम, 2026 और न्यायिक निर्देश का विश्लेष
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शैक्षिक संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2026 (2026 विनियम) को अधिसूचित किया। इन विनियमों को यूजीसी अधिनियम, 1956 के तहत अधिसूचित किया गया था और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शैक्षिक संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2012 (2012 विनियमों) को प्रतिस्थापित किया गया था, इस प्रकार एक महत्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित किया गया था।2026 विनियमों का उद्देश्य समानता और समावेश को बढ़ावा देना और भेदभाव को...
रेलवे सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की सख़्त टिप्पणी, बजट आवंटन को बताया नाकाफ़ी
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रेलवे सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाए । कोर्ट ने कहा कि रेलवे के लिए किए जा रहे बजटीय आवंटन आम आदमी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा,“आम आदमी की सुरक्षा और संरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण कुछ नहीं है, जो यात्री रेलवे पर भरोसा करके यात्रा करता है, उसकी जान की हिफ़ाज़त सर्वोपरि है।...
जमानत अर्ज़ियों में ज़रूरी जानकारियों का खुलासा अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट्स को दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए देशभर के हाइकोर्ट्स को निर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि जमानत अर्ज़ियों में कुछ बुनियादी और आवश्यक जानकारियों का उल्लेख होना चाहिए ताकि अदालतें मामले को सही परिप्रेक्ष्य में परख सकें।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने यह निर्देश उस मामले में दिए, जिसमें एक व्यक्ति को फर्जी एलएलबी डिग्री हासिल करने और जाली डिग्रियों की आपूर्ति का रैकेट चलाने के...
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: विदेश से मेडिकल पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को भी मिलेगा समान स्टाइपेंड
सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसले में साफ किया कि विदेश से मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले भारतीय स्टूडेंट्स को भी इंटर्नशिप के दौरान वही स्टाइपेंड मिलेगा, जो भारत से मेडिकल पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को दिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में किसी तरह का भेदभाव स्वीकार्य नहीं है।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ ने यह आदेश उन भारतीय नागरिकों की याचिका किया, जिन्होंने कजाकिस्तान, फिलीपींस, रूस और चीन से मेडिकल की पढ़ाई पूरी की है। इन स्टूडेंट्स ने जून, 2023 से जून, 2024 के बीच...
हेट स्पीच के आरोपों पर असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, FIR और SIT जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत एक और रिट याचिका दायर की गई है, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर राज्य के एक अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कथित रूप से घृणा भाषण (हेट स्पीच) देने का आरोप लगाते हुए त्वरित हस्तक्षेप की मांग की गई है।याचिकाकर्ताओं में वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. हीरेन गोहाईं, असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक हरेकृष्ण डेका, 'नॉर्थईस्ट नाउ' के संपादक परेश चंद्र मालाकार और वरिष्ठ अधिवक्ता शांतनु बोरठाकुर शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने...
सुप्रीम कोर्ट ने जंगल की ज़मीन से कब्ज़ा करने वालों को हटाने के लिए असम सरकार के सिस्टम को मंज़ूरी दी
सुप्रीम कोर्ट ने 10 फरवरी को असम के दोयांग, साउथ नम्बर, जमुना मडुंगा, बरपानी, लुटुमाई और गोला घाट रिज़र्व्ड फ़ॉरेस्ट में बड़े पैमाने पर कब्ज़ा हटाने के लिए अपनाए गए सिस्टम पर असम राज्य के नए हलफ़नामे के आधार पर गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव किया।हलफ़नामे के अनुसार, बेदखली के नोटिस जारी होने के बाद यह फ़ॉरेस्ट और रेवेन्यू अधिकारियों की जॉइंट कमेटी के सामने जाता है। कमेटी को सबूत पेश करने के लिए कब्ज़ा करने वालों की बात सुनने का अधिकार है। हटाने की कार्रवाई तभी की जाती है, जब यह साबित हो...
रेलवे एक्सीडेंट क्लेम में प्रिजम्पशन क्लेम करने वाले के पक्ष में, टिकट न मिलना जानलेवा नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल का ऑर्डर रद्द किया, जिसमें याचिकाकर्ता ने अपने बेटे की मौत के संबंध में फाइल किया गया क्लेम खारिज किया था। कोर्ट ने कहा कि जब भी रेलवे परिसर या किसी रेलवे ट्रैक के अंदर कोई अनहोनी होती है तो प्रिजम्पशन रेलवे अधिकारियों के खिलाफ होता है, जब तक कि कोई सबूत जमा न किया जाए, जो कुछ और बताता हो।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच एक मां की पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने अपने बेटे की मौत के संबंध में फाइल किए गए क्लेम को खारिज करने को चुनौती दी थी, जो...
'जस्टिस सिस्टम के साथ गंभीर धोखाधड़ी': बार में एंट्री के लिए मार्कशीट में जालसाजी के आरोपी वकील को राहत नहीं
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में एक वकील को ज़मानत देने से मना किया, जिस पर अपनी क्लास XII की मार्कशीट में जालसाजी करने और उस डॉक्यूमेंट के आधार पर बार काउंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश में खुद को रजिस्टर करवाने का आरोप है।जस्टिस कृष्ण पहल की बेंच ने संस्कृत श्लोक "आचारः परमो धर्मः" को कोट किया। [मतलब: सही काम करना सबसे बड़ा फ़र्ज़ है।] इस बात पर ज़ोर देना कि एक वकील कोर्ट का एक अफ़सर होता है, और जब वह खुद ऐसे गैर-कानूनी काम करता है तो यह इंसाफ़ की संस्था के साथ एक गंभीर और जानबूझकर किया गया धोखा होता...
पंजाब केसरी ग्रुप होटल की तोड़फोड़ के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट का सुनवाई करने से इनकार, 'पॉलिटिकल बदले' का दावा भी खारिज
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पास किए गए तोड़फोड़ और सीलिंग के ऑर्डर को चुनौती देने वाली चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करने से मना किया। कोर्ट ने कहा कि पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 269 के तहत डिस्ट्रिक्ट जज के सामने अपील का एक असरदार कानूनी तरीका है।कंपनी हिंद समाचार और पंजाब केसरी अखबार ग्रुप से जुड़ी हुई है।जस्टिस रमेश कुमारी ने कहा,"इसमें कोई शक नहीं कि याचिकाकर्ता के होटल का लेफ्ट फ्रंट सेट बैक 15.37%=4052.54 Sq.ft. है,...
कानूनी शिक्षा नींव रखने के लिए, दीवारें खड़ी करने के लिए नहीं: मुकदमेबाजी-केंद्रित प्रशिक्षण के लिए एक प्रतिक्रिया
यह टुकड़ा डॉ एस ए थामिमुल अंसारी के कॉलम टुकड़े, "कानूनी शिक्षा की आत्मा को पुनः प्राप्त करना: मुकदमेबाजी-केंद्रित प्रशिक्षण के लिए एक मामला", जो कानूनी शिक्षा के भीतर एक परिचित निराशा को व्यक्त करता है: कि कानून के अनुशासन में छात्रों को प्रशिक्षण देने में बिताए गए वर्षों अंततः "बर्बाद" हो जाते हैं जब स्नातक कॉरपोरेट भूमिकाओं में जाते हैं। धूम्रपान गन का उत्पादन करने के लिए साक्ष्य कानून; एक ट्रायल को कोरियोग्राफ करने में प्रक्रियात्मक कानून; सीपीसी के तहत सादे और अनुप्रयोगों का मसौदा तैयार...
यूपी में लापता लोगों पर स्वत:संज्ञान जनहित याचिका | हाईकोर्ट ने DGP, होम सेक्रेटरी को 'कमज़ोर' कोशिशों पर तलब किया
राज्य में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और राज्य पुलिस की निष्क्रियता पर पिछले महीने एक डिवीजन बेंच के आदेश के बाद स्वत:संज्ञान जनहित याचिका (PIL) दर्ज की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, होम और डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस को तलब किया।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस की बेंच ने उन्हें अपने एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य भर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर दर्ज लापता लोगों के बारे में पूरा डेटा और ऐसे लापता लोगों को ट्रेस करने के लिए...
बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक: हाईकोर्ट ने CCTV खराब होने पर यूपी पुलिस की 'काल्पनिक कहानियों' की आलोचना की, दिया जेम्स बॉन्ड का हवाला
पिछले हफ़्ते कड़े शब्दों में दिए गए एक आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी को राज्य के पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों की खुद जांच करने का निर्देश दिया।पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों के खराब होने से जुड़े 'बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक' के लिए यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने साफ़ किया कि ऐसे मामलों में टॉप पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी।कोर्ट ने कहा,"अब समय आ गया कि...
चिल्ड्रन होम के रिकॉर्ड में जाति, धर्म का ज़िक्र | हाईकोर्ट के एक्शन के बाद यूपी सरकार ने केंद्र से JJ Act में बदलाव करने की अपील की
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि उसने भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय के सेक्रेटरी को जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट, 2015 (JJ Act) और जुवेनाइल जस्टिस रूल्स, 2016 (JJ Rules) के संबंधित प्रोविज़न में बदलाव के लिए सुझाव लिखे हैं।यूपी सरकार ने यह प्रपोज़ल तब दिया, जब कुछ दिन पहले हाई कोर्ट ने राजकीय बालगृह/चिल्ड्रन होम में रखे गए नाबालिग बच्चों की जाति और धर्म के ज़िक्र को लेकर गंभीर चिंता जताई।बता दें, एक नाबालिग लड़की की हेबियस कॉर्पस...
अमान्य शादी में तलाक के लिए वकील ने किया फैमिली कोर्ट को गुमराह, हाईकोर्ट ने कहा- 'बहुत चौंकाने वाला'
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमान्य शादी के संबंध में तलाक का आदेश पास करने के लिए फैमिली कोर्ट को गुमराह करने वाले पार्टियों और उनके वकील के व्यवहार पर "बहुत हैरानी" जताई।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने वैवाहिक अपराधों से जुड़ी FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी और ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।यह मामला क्रूरता और संबंधित वैवाहिक आरोपों सहित अपराधों के लिए दर्ज FIR से पैदा हुआ था। आरोपियों ने इस आधार पर FIR रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया कि पक्षकारों ने पहले ही फैमिली कोर्ट से आपसी...
'अपराध की गंभीरता अग्रिम जमानत रद्द करने का आधार नहीं': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फर्जी ED रेड और एक्सटॉर्शन केस में जमानत रद्द करने से किया इनकार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता क्रिमिनल ट्रायल के ट्रांसफर को सही नहीं ठहरा सकती। साथ ही दोहराया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (CrPC की धारा 408 के अनुसार) की धारा 448 के तहत ट्रांसफर की शक्ति का इस्तेमाल बहुत कम और सिर्फ खास हालात में ही किया जाना चाहिए।कोर्ट ने पैसे ऐंठने के लिए ED ऑफिसर बनकर नकली केस करने के आरोपी आदमी की अग्रिम जमानत रद्द करने से मना किया।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"पहली नज़र में यह साबित करने के लिए कोई भी मटीरियल रिकॉर्ड में नहीं रखा गया कि...
गुजरात कोर्ट ने पत्रकार रवि नायर को अडानी मानहानि मामले में सुनाई सज़ा
गुजरात के गांधीनगर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पत्रकार रवि नायर को अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा फाइल किए गए क्रिमिनल डिफेमेशन केस में एक साल की जेल की सज़ा सुनाई।AEL ने क्रिमिनल डिफेमेशन केस फाइल करते हुए आरोप लगाया कि रवि नायर ने AEL और अडानी ग्रुप की रेप्युटेशन को नुकसान पहुंचाने के इरादे से झूठे और बदनाम करने वाले बयानों वाले कई ट्वीट पब्लिश और शेयर किए।
मुंबई कोर्ट ने यूट्यूबर कैरी मिनाटी और अन्य पर करण जौहर के खिलाफ बदनाम करने वाला कंटेंट बनाने पर लगाई रोक
मुंबई कोर्ट ने सोमवार (9 फरवरी) को यूट्यूबर अजय नागर उर्फ़ कैरी मिनाटी, मेटा प्लेटफॉर्म्स और अन्य को बॉलीवुड फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के खिलाफ कोई भी 'आपत्तिजनक और बदनाम करने वाला' वीडियो या कोई और कंटेंट बनाने से रोक दिया। यह रोक तब लगाई गई जब करण जौहर ने नागर के यूट्यूब चैनल पर 'कॉफी विद जालान' नाम से अपलोड किए गए 'रोस्ट' वीडियो पर आपत्ति जताई थी।उल्लेखनीय है कि कथित तौर पर बदनाम करने वाला वीडियो जौहर के पॉपुलर टॉक शो 'कॉफी विद करण' की तर्ज पर बनाया गया। कहा जाता है कि इस क्लिप में बॉलीवुड...
फ़िल्म 'घूसखोर पंडत' का नाम बदला जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट को Netflix ने बताया
दिल्ली हाईकोर्ट को मंगलवार को Netflix ने बताया कि मनोज बाजपेयी अभिनीत फ़िल्म “घूसखोर पंडत” का नाम बदला जाएगा। यह बयान जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष दिया गया, जो फ़िल्म के प्रस्तावित रिलीज़ को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया कि निर्माता ने उठी हुई चिंताओं के मद्देनज़र सचेत निर्णय लेते हुए फ़िल्म का शीर्षक 'घूसखोर पंडत' से बदलकर ऐसा वैकल्पिक नाम रखने का फैसला किया है, जो फ़िल्म की कथा और उद्देश्य को अधिक सटीक रूप से प्रतिबिंबित करता हो। जस्टिस कौरव को...
आरोपी की अनुपस्थिति में चालान दाख़िल करने की समय-सीमा बढ़ाना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश रद्द किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि NDPS अधिनियम के तहत चार्जशीट (चालान) दाख़िल करने की समय-सीमा बढ़ाने का आदेश, यदि आरोपी को पेश किए बिना या उसे सुनवाई का अवसर दिए बिना पारित किया जाए, तो यह गंभीर अवैधता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसा करने से आरोपी का डिफ़ॉल्ट ज़मानत का अविच्छेद्य (indefeasible) अधिकार छिन जाता है और यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है।जस्टिस रुपिंदरजीत चहल ने विशेष अदालत, गुरदासपुर के उस आदेश को रद्द कर दिया,...




















