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आवारा कुत्तों की इच्छामृत्यु की अनुमति देने वाले सरकारी आदेश पर रोक, हाईकोर्ट ने मानवाधिकारों और पशु अधिकारों के बीच संतुलन बनाने पर दिया ज़ोर
आवारा कुत्तों की इच्छामृत्यु की अनुमति देने वाले सरकारी आदेश पर रोक, हाईकोर्ट ने मानवाधिकारों और पशु अधिकारों के बीच संतुलन बनाने पर दिया ज़ोर

केरल हाईकोर्ट ने पशु क्रूरता निवारण (पशुपालन पद्धति एवं प्रक्रिया) नियम, 2023 के तहत आवारा कुत्तों की इच्छामृत्यु लागू करने का राज्य सरकार का फैसला स्थगित कर दिया।केरल में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से संबंधित कई रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सी.एस. डायस ने सामान्य आदेश जारी किया, जिसमें सरकारी आदेश के खंड 9 पर रोक लगा दी गई थी, जिसमें विशिष्ट परिस्थितियों में इच्छामृत्यु की अनुमति देने वाले 2023 के नियमों के नियम 8 का हवाला दिया गया था।नियम 8 दो परिस्थितियों में पशुओं की इच्छामृत्यु...

पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ की नई बेंज कार के लिए विशिष्ट नंबर आवंटित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने परिवहन आयुक्त को लिखा पत्र
पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ की नई बेंज कार के लिए विशिष्ट नंबर आवंटित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने परिवहन आयुक्त को लिखा पत्र

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने दिल्ली परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ की नई मर्सिडीज कार के लिए एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या आवंटित करने की मांग की।रजिस्ट्रार ने परिवहन आयुक्त से आवंटन शीघ्र करने और इस घटनाक्रम से रजिस्ट्रार को अवगत कराने का भी अनुरोध किया। मीडिया के अनुसार, यह पत्र 28 जुलाई को भेजा गया था।सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ लगभग दो वर्षों के कार्यकाल के बाद 10 नवंबर, 2024 को पदमुक्त हो गए थे।

मैं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली में विश्वास रखता हूं, नए सुप्रीम कोर्ट भवन के लिए बार से परामर्श लिया: चीफ जस्टिस बीआर गवई
मैं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली में विश्वास रखता हूं, नए सुप्रीम कोर्ट भवन के लिए बार से परामर्श लिया: चीफ जस्टिस बीआर गवई

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आगामी नए भवन में न केवल वकीलों के लिए बल्कि वादियों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि भवन की योजना को बार और अन्य हितधारकों के विचारों को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया गया।चीफ जस्टिस गवई सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नए भवन की योजना बनाते समय उन्होंने जस्टिस सूर्यकांत और पूर्व सीजेआई संजीव खन्ना के साथ मिलकर बार के...

IBC | बैलेंस शीट में लेनदार का नाम दर्ज करना अनिवार्य नहीं, पावती से परिसीमा अवधि बढ़ती है: सुप्रीम कोर्ट ने IL&FS की याचिका स्वीकार की
IBC | बैलेंस शीट में लेनदार का नाम दर्ज करना अनिवार्य नहीं, पावती से परिसीमा अवधि बढ़ती है: सुप्रीम कोर्ट ने IL&FS की याचिका स्वीकार की

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि किसी कंपनी की बैलेंस शीट में प्रविष्टि लेनदार के नाम की परवाह किए बिना परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 18 के तहत ऋण की वैध पावती मानी जाती है, सुप्रीम कोर्ट ने IL&FS द्वारा आधुनिक मेघालय स्टील्स के खिलाफ ₹55.45 करोड़ की चूक के लिए दायर की गई खारिज की गई दिवालियेपन याचिका को पुनर्जीवित कर दिया। इसके लिए उसने कॉर्पोरेट देनदार की बैलेंस शीट में ऋण की पावती का हवाला दिया।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें विवाद...

Nithari Killings : सुप्रीम कोर्ट ने कोली और पंढेर को बरी करने के खिलाफ CBI की अपील खारिज की, मीडिया के दबाव को झेलने के लिए हाईकोर्ट की सराहना की
Nithari Killings : सुप्रीम कोर्ट ने कोली और पंढेर को बरी करने के खिलाफ CBI की अपील खारिज की, मीडिया के दबाव को झेलने के लिए हाईकोर्ट की सराहना की

सुप्रीम कोर्ट ने 2005-2006 के नोएडा सीरियल मर्डर केस, जिसे आमतौर पर निठारी हत्याकांड के नाम से जाना जाता है, उसके आरोपी सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी करने का फैसला बरकरार रखा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने CBI और पीड़ित परिवारों की कुल 14 अपीलों को खारिज कर दिया, जिनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनकी दोषसिद्धि और मृत्युदंड रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट का एक तर्कसंगत आदेश जल्द ही आने की...

सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा भूमि पर निजी अतिक्रमणों को हटाने के लिए JAG अधिकारियों की नियुक्ति का सुझाव दिया
सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा भूमि पर निजी अतिक्रमणों को हटाने के लिए JAG अधिकारियों की नियुक्ति का सुझाव दिया

निजी संस्थाओं द्वारा रक्षा भूमि पर अतिक्रमण और उसके अनधिकृत उपयोग का मुद्दा उठाने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य के राजस्व अभिलेखों में रक्षा भूमि का नामांतरण एक प्रभावी कदम हो सकता है।न्यायालय ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य के अधिकारियों पर निर्भर रहने के बजाय केंद्र सरकार रक्षा भूमि पर अनधिकृत कब्ज़ेदारों को हटाने में मदद के लिए अपने स्वयं के जज एडवोकेट जनरल (JAG) शाखा के अधिकारियों, जो कानूनी रूप से प्रशिक्षित हों, को नियुक्त कर सकती है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या...

सुरक्षित और वाहन-योग्य सड़कों का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा: सुप्रीम कोर्ट
सुरक्षित और वाहन-योग्य सड़कों का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा: सुप्रीम कोर्ट

यह देखते हुए कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और वाहन-योग्य सड़कों के अधिकार को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के एक हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है, सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि सड़क निर्माण का ठेका किसी निजी कंपनी को देने के बजाय राज्य को सीधे अपने नियंत्रण में आने वाली सड़कों के विकास और रखरखाव की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।अदालत ने कहा,“मध्य प्रदेश राजमार्ग अधिनियम, 2004... राज्य में सड़कों के विकास, निर्माण और रखरखाव में राज्य की भूमिका को दोहराता है। चूंकि देश के किसी भी...

BNSS की धारा 35 के तहत पुलिस समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से नहीं दिए जा सकते: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
BNSS की धारा 35 के तहत पुलिस समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से नहीं दिए जा सकते: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35 के अनुसार पुलिस/जांच एजेंसी द्वारा किसी अभियुक्त को पेशी के लिए जारी किए गए समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से नहीं दिए जा सकते।कोर्ट ने हरियाणा राज्य द्वारा जनवरी 2025 में जारी अपने पूर्व निर्देश में संशोधन के लिए दायर एक आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि CrPC की धारा 41ए/BNSS की धारा 35 के तहत पेशी के लिए समन व्हाट्सएप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से नहीं दिए जा सकते।कोर्ट ने कहा,हालांकि नए आपराधिक कानून BNSS में नोटिस की...

शादी के बाद माता-पिता अजनबी नहीं, बेटी की प्रताड़ना पर दे सकते हैं गवाही: दिल्ली हाईकोर्ट
शादी के बाद माता-पिता अजनबी नहीं, बेटी की प्रताड़ना पर दे सकते हैं गवाही: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पति को जमानत देने से इनकार कर दिया क्योंकि उसकी पत्नी ने दहेज के लिए कथित उत्पीड़न और उसके प्रति क्रूरता के कारण शादी के नौ महीने के भीतर आत्महत्या कर ली थी।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा कि मृतका की आवाज को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता और उसके माता-पिता द्वारा लाए गए सबूतों के माध्यम से सुना जा सकता है। "पीड़िता, विशेष रूप से एक युवती जो कथित तौर पर दहेज के लिए परेशान होने के दौरान मर गई, और जो तीन महीने की गर्भवती थी, के अधिकार को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए। उसकी...

देश का सबसे अधिक आरोपियों वाला मुकदमा: सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी कैश-फॉर-जॉब मामले में तमिलनाडु की अभियोजन प्रक्रिया की आलोचना की
'देश का सबसे अधिक आरोपियों वाला मुकदमा': सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी कैश-फॉर-जॉब मामले में तमिलनाडु की अभियोजन प्रक्रिया की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि वह तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से जुड़े नौकरी के बदले नकदी भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपियों और गवाहों की पूरी सूची पेश करे।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने इन मामलों में तमिलनाडु राज्य द्वारा चलाए जा रहे अभियोजन की आलोचना की। अदालत ने अभियोजन पक्ष को "पतवार रहित जहाज" के रूप में वर्णित किया, यह पूछते हुए कि मामूली या प्रमुख दोष के आधार पर अभियुक्तों को फ़िल्टर करने के सुझाव अभियोजन पक्ष से क्यों नहीं आए थे। ...

व्हाट्सएप ग्रुप पर कथित तौर पर गाय पर गोली चलाने का वीडियो फॉरवर्ड करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज
व्हाट्सएप ग्रुप पर कथित तौर पर गाय पर गोली चलाने का वीडियो फॉरवर्ड करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज

कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला खारिज कर दिया, जिस पर पुलिस ने व्हाट्सएप ग्रुप पर एक वीडियो फॉरवर्ड करने का आरोप लगाया था। इसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर गाय पर गोली चलाता हुआ दिखाई दे रहा था और जिसमें लिखा था कि उक्त गोली चलाने की घटना गलत थी।जस्टिस एस आर कृष्ण कुमार की एकल पीठ ने याचिका स्वीकार की और 29 वर्षीय विवेक करियप्पा सी के के खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया, जिन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोप लगाया गया था।उक्त धारा 153 इस...

Justice Yashwant Varma Case : सुप्रीम कोर्ट ने माना- रिलीज नहीं किए जाने थे वीडियो, साथ ही किया सवाल- इससे कार्यवाही पर क्या असर पड़ेगा?
Justice Yashwant Varma Case : सुप्रीम कोर्ट ने माना- रिलीज नहीं किए जाने थे वीडियो, साथ ही किया सवाल- इससे कार्यवाही पर क्या असर पड़ेगा?

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (30 जुलाई) को सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल की इस दलील से सहमति जताई कि जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास के बाहरी हिस्से में लगी आग में जलते हुए नोटों वाले वीडियो आंतरिक जांच के लंबित रहने के दौरान पब्लिश नहीं किए जाने चाहिए थे।साथ ही न्यायालय ने यह भी कहा कि केवल वीडियो के प्रकाशन के कारण प्रक्रिया को दूषित नहीं माना जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि महाभियोग की कार्यवाही संसद में स्वतंत्र रूप से आंतरिक रिपोर्ट के संदर्भ के बिना आयोजित की जाएगी। न्यायालय ने यह भी पूछा कि जस्टिस...