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ये अनिश्चितकाल तक नहीं चल सकता: मणिपुर हिंसा में बीरेन सिंह की भूमिका वाले टेप्स की फोरेंसिक रिपोर्ट में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी
"ये अनिश्चितकाल तक नहीं चल सकता": मणिपुर हिंसा में बीरेन सिंह की भूमिका वाले टेप्स की फोरेंसिक रिपोर्ट में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी

सुप्रीम कोर्ट ने आज (4 अगस्त) सवाल उठाया कि मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को राज्य में जातीय हिंसा से कथित रूप से जोड़ने वाले ऑडियो क्लिप्स की नई फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं सौंपी गई, जबकि कोर्ट ने इसके लिए तीन महीने पहले आदेश दिया था।अप्रैल में तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ ने, कुकी ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए, केंद्रीय FSL की रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए नई FSL रिपोर्ट मांगी थी। याचिका में...

सेना का सम्मान करें, आप उनकी वजह से चैन से सोते हैं : सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल से मारपीट के आरोप में पंजाब पुलिस पर CBI जांच को दी मंज़ूरी
"सेना का सम्मान करें, आप उनकी वजह से चैन से सोते हैं" : सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल से मारपीट के आरोप में पंजाब पुलिस पर CBI जांच को दी मंज़ूरी

सुप्रीम कोर्ट ने आज (4 अगस्त) पंजाब पुलिस के उन अधिकारियों की हरकतों की कड़ी निंदा की, जिन पर एक सेवारत आर्मी कर्नल और उनके बेटे के साथ मारपीट का आरोप है।मामले के अनुसार, दिल्ली से पटियाला की यात्रा के दौरान एक ढाबे पर खाना खाते समय आर्मी अफसर और उनके बेटे से चार पुलिसकर्मियों ने इसलिए मारपीट की क्योंकि उन्होंने अपनी गाड़ियाँ हटाने से इनकार कर दिया था। शिकायतकर्ता (आर्मी अफसर) का यह भी आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने एफआईआर...

धर्मस्थल दफन मामला: ट्रायल जज ने खुद को सुनवाई से किया अलग, कहा- वीरेंद्र हेगड़े के परिवार द्वारा संचालित लॉ कॉलेज में की थी पढ़ाई
धर्मस्थल दफन मामला: ट्रायल जज ने खुद को सुनवाई से किया अलग, कहा- वीरेंद्र हेगड़े के परिवार द्वारा संचालित लॉ कॉलेज में की थी पढ़ाई

धर्मस्थल दफन मामले में मीडिया पर मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने से रोक लगाने वाला अंतरिम आदेश पारित करने वाले ट्रायल कोर्ट के जज ने अब खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। जज ने कहा कि उन्होंने उसी लॉ कॉलेज से पढ़ाई की है जिसे वादी हर्षेन्द्र कुमार के परिवार द्वारा संचालित किया जाता है।एडिशनल सिटी सिविल एंड सेशंस जज विजय कुमार राय ने पहले एकतरफा अंतरिम आदेश जारी कर यूट्यूब चैनलों और मीडिया को धर्मस्थल धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े के भाई हर्षेन्द्र कुमार उनके परिवार उनके द्वारा संचालित...

प्रक्रिया पेटेंट विवाद में शुरुआती चरण में भी प्रतिवादी से निर्माण प्रक्रिया का खुलासा मांगा जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
प्रक्रिया पेटेंट विवाद में शुरुआती चरण में भी प्रतिवादी से निर्माण प्रक्रिया का खुलासा मांगा जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह निर्णय दिया कि पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 104A को वाद के प्रारंभिक चरण में भी लागू किया जा सकता है, जब पेटेंटधारी यह मांग करता है कि प्रतिवादी अपनी निर्माण प्रक्रिया का खुलासा करे। कोर्ट ने कहा कि इस धारा के प्रयोग को केवल मुकदमे के अंतिम निर्णय तक सीमित नहीं किया जा सकता, खासकर जब वादी एक अंतरिम आवेदन के माध्यम से यह जानकारी मांग रहा हो।मामले में एफ. हॉफमैन-ला रोश एजी और अन्य, जो रोश समूह का हिस्सा हैं, ने ब्रेस्ट कैंसर के उपचार में प्रयुक्त अपनी पेटेंट दवा 'पर्टुज़ुमैब'...

मात्र स्कूल सर्टिफिकेट से ही तय नहीं हो सकती अपहरण पीड़िता की आयु: राजस्थान हाईकोर्ट
मात्र स्कूल सर्टिफिकेट से ही तय नहीं हो सकती अपहरण पीड़िता की आयु: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोप से बरी करने के निचली अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि मात्र स्कूल द्वारा जारी सर्टिफिकेट यदि उसके पीछे कोई ठोस दस्तावेज या साक्ष्य न हो, तो वह किसी पीड़िता की आयु निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।कोर्ट ने कहा कि स्कूल सर्टिफिकेट केवल उस स्थिति में स्वीकार्य हो सकता है, जब वह स्कॉलरशिप रजिस्ट्रेशन में दर्ज प्रविष्टियों पर आधारित हो और वह प्रविष्टियां एडमिशन फॉर्म में माता-पिता द्वारा दर्ज जानकारी पर आधारित हों। लेकिन इस...

धारा 17-A का संरक्षण भ्रष्ट अधिकारियों के लिए ढाल नहीं बन सकता यदि ऑडियो/वीडियो में प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हो: राजस्थान हाईकोर्ट
धारा 17-A का संरक्षण भ्रष्ट अधिकारियों के लिए ढाल नहीं बन सकता यदि ऑडियो/वीडियो में प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हो: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोप में ऑडियो या वीडियो जैसे प्रथम दृष्टया इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं तो केवल धारा 17-A, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पूर्वानुमति न मिलने के आधार पर उसके विरुद्ध अभियोजन न चलाना न्याय का उपहास होगा।धारा 17-A के अनुसार यदि कोई अपराध किसी सरकारी अधिकारी द्वारा अपने पद का दायित्व निभाते हुए किसी निर्णय या सिफारिश से संबंधित हो तो उस पर जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति आवश्यक है। हालांकि यदि व्यक्ति को...

गांजा की बरामदगी कॉमर्शियल लेवल से केवल थोड़ा अधिक, NDPS Act की धारा 37 की कड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दी
गांजा की बरामदगी कॉमर्शियल लेवल से केवल थोड़ा अधिक, NDPS Act की धारा 37 की कड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह माना कि अगर किसी आरोपी से बरामद मादक पदार्थ की मात्रा NDPS Act के तहत निर्धारित कॉमर्शियल लेवल से केवल थोड़ी अधिक हो, तो धारा 37 की कठोर शर्तें सख्ती से लागू नहीं होतीं।इस मामले में आवेदक को 21.508 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा गया था। NDPS Act की धारा 37 के तहत जमानत तभी दी जा सकती है, जब आरोपी यह साबित करे कि उसके दोषी होने की कोई ठोस संभावना नहीं है और यदि उसे जमानत दी जाती है तो वह फिर से अपराध नहीं करेगा।जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा,“आवेदक से कथित रूप से बरामद गांजा की...

बांके बिहारी मंदिर: सुप्रीम कोर्ट ने अध्यादेश लाने में यूपी सरकार की जल्दबाज़ी पर सवाल उठाए, मंदिर के धन के राज्य उपयोग की अनुमति देने वाला फैसला वापस लेने का प्रस्ताव
बांके बिहारी मंदिर: सुप्रीम कोर्ट ने अध्यादेश लाने में यूपी सरकार की जल्दबाज़ी पर सवाल उठाए, मंदिर के धन के राज्य उपयोग की अनुमति देने वाला फैसला वापस लेने का प्रस्ताव

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (4 अगस्त) को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वृंदावन, मथुरा स्थित बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के लिए श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास अध्यादेश, 2025 जारी करने की "बेहद जल्दबाज़ी" पर सवाल उठाया।कोर्ट ने उस "गुप्त तरीके" पर भी असहमति जताई, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने दीवानी विवाद में आवेदन दायर करके कॉरिडोर विकास परियोजना के लिए मंदिर के धन के उपयोग की अनुमति 15 मई के फैसले के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त की।कोर्ट ने मौखिक रूप से 15 मई के फैसले में दिए गए...

भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे के दावे पर राहुल गांधी से सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा- अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो ऐसा नहीं कहते
भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे के दावे पर राहुल गांधी से सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा- 'अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो ऐसा नहीं कहते'

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (4 अगस्त) को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी। यह मामला 2020 में चीन के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प के संदर्भ में भारतीय सेना के बारे में की गई उनकी टिप्पणियों से जुड़ा है।हालांकि, राहुल गांधी को अंतरिम राहत दी गई थी, लेकिन सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने गांधी की टिप्पणियों पर असहमति जताते हुए मौखिक टिप्पणी की।राहुल गांधी की ओर से सीनियर एडवोकेट डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने शुरुआत में...

कथित अपराध के 32 साल बाद दोषी को नाबालिग होने का दावा करने की मिली अनुमति, हाईकोर्ट ने कहा- यह किसी भी स्तर पर किया जा सकता है
कथित अपराध के 32 साल बाद दोषी को नाबालिग होने का दावा करने की मिली अनुमति, हाईकोर्ट ने कहा- यह किसी भी स्तर पर किया जा सकता है

पटना हाईकोर्ट ने दोहराया कि किसी भी आपराधिक मामले में आरोपी द्वारा कार्यवाही के किसी भी चरण में, यहां तक कि मामले के अंतिम निपटारे के बाद भी, नाबालिग होने का दावा किया जा सकता है।जस्टिस जितेंद्र कुमार ने किशोर न्याय बोर्ड (JJB), सीवान को 1993 के हत्या के प्रयास के मामले में दोषी ठहराए गए आठ अपीलकर्ताओं में से एक के नाबालिग होने के दावे की जांच करने का निर्देश दिया।यह निर्देश सीवान की एक फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट द्वारा 2017 में सभी आठ आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307, 148, 149 और 326...

साइबर ठगी मामले में ट्रायल कोर्ट की अनुचित नरमी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, कहा- सीनियर सिटीजन की फरियाद को अनदेखा करना चिंता का विषय
साइबर ठगी मामले में ट्रायल कोर्ट की अनुचित नरमी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, कहा- सीनियर सिटीजन की फरियाद को अनदेखा करना चिंता का विषय

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर ठगी के मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यशैली पर सख्त नाराज़गी जताते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में इस तरह की ढिलाई न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर करती है। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से उस परिस्थिति पर चिंता जताई, जिसमें एक 76 वर्षीय रिटायर सेना अधिकारी को चार वर्षों से न्याय के लिए अमृतसर से मोहाली की अदालतों में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं लेकिन अब तक केवल दो ही गवाहों की गवाही हो पाई।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का रवैया न केवल अभियुक्तों के प्रति...

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 2(2) आदिवासी महिलाओं के लिए पिता की संपत्ति पर दावा करने में बाधा: राजस्थान हाईकोर्ट ने संशोधन का सुझाव दिया
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 2(2) आदिवासी महिलाओं के लिए पिता की संपत्ति पर दावा करने में बाधा: राजस्थान हाईकोर्ट ने संशोधन का सुझाव दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जब गैर-अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों की बेटियां पिता की संपत्ति में समान हिस्से की हकदार हैं तो ST समुदाय की बेटियों को समान अधिकार से वंचित करने का कोई कारण नहीं है।हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 2 अधिनियम के लागू होने का दायरा निर्धारित करती है। उक्त धारा 2(2) यह प्रावधान करती है कि अधिनियम में निहित कोई भी बात संविधान के अनुच्छेद 366 के खंड (25) के अर्थ में किसी भी अनुसूचित जनजाति के सदस्यों पर लागू नहीं होगी, जब तक कि केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना...

किसी व्यक्ति को न्यायालय जाने से धमकाना सबसे गंभीर आपराधिक अवमानना: इलाहाबाद हाईकोर्ट
किसी व्यक्ति को न्यायालय जाने से धमकाना सबसे गंभीर आपराधिक अवमानना: इलाहाबाद हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि कोई भी व्यक्ति किसी व्यक्ति को न्यायालय जाने से नहीं धमका सकता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस तरह के हस्तक्षेप को न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली सबसे बड़ी बाधा बताया और इसलिए इसे सबसे गंभीर आपराधिक अवमानना माना।जस्टिस जे.जे. मुनीर की पीठ ने यह टिप्पणी अमित सिंह परिहार द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें फतेहपुर जिले के एक गांव में सरकारी पेड़ों की अवैध कटाई और चोरी का आरोप लगाया गया था।मुख्यतः 31 जुलाई, 2025 को दायर पूरक हलफनामे में याचिकाकर्ता ने...

वकीलों की हड़ताल पर मामला स्थगित करना अनुशासनात्मक कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SDM को जारी किया कारण बताओ नोटिस
वकीलों की हड़ताल पर मामला स्थगित करना अनुशासनात्मक कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SDM को जारी किया कारण बताओ नोटिस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते सप्ताह अलीगढ़ में एक उप-जिलाधिकारी (SDM) को उस समय फटकार लगाई, जब उन्होंने स्थानीय बार एसोसिएशन की हड़ताल के आह्वान के चलते मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।जस्टिस जे.जे. मुनीर की एकल पीठ ने कहा कि बार एसोसिएशन के इस प्रकार के आह्वान को स्वीकार करना न्यायिक अधिकारी के आचरण में कदाचार की श्रेणी में आ सकता है। इसके चलते उस अधिकारी को पद से हटाने तक की अनुशंसा की जा सकती है।कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की...

मेधावी स्टूडेंट इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मेरिट सर्टिफिकेट देने से इनकार करने पर स्कूल बोर्ड पर 25,000 का जुर्माना लगाया
मेधावी स्टूडेंट इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मेरिट सर्टिफिकेट देने से इनकार करने पर स्कूल बोर्ड पर 25,000 का जुर्माना लगाया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी उम्मीदवार के अंक बढ़ने के बाद उसे मेरिट सर्टिफिकेट जारी करना स्कूल शिक्षा बोर्ड का कर्तव्य है और वह इसकी ज़िम्मेदारी स्कूल प्रशासन पर नहीं डाल सकता।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने टिप्पणी की,"याचिकाकर्ता को केवल उन आधारों पर मनमाने ढंग से मेरिट सर्टिफिकेट देने से इनकार नहीं किया जा सकता, जैसा कि प्रतिवादी-बोर्ड ने अपने जवाब में प्रचारित किया। मेधावी स्टूडेंट इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं हैं। उसकी उत्कृष्टता को पुरस्कृत करने के बजाय...

हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ BJP द्वारा दायर मानहानि मामला खारिज कर दिया, कहा- राष्ट्रीय पार्टी की राज्य इकाई का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं
हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ BJP द्वारा दायर मानहानि मामला खारिज कर दिया, कहा- राष्ट्रीय पार्टी की राज्य इकाई का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं

तेलंगाना हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य महासचिव करम वेंकटेश्वरलाऊ द्वारा दायर शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ दायर आपराधिक मामला खारिज कर दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रेड्डी ने एक ऐसा भाषण दिया था, जिससे BJP की मानहानि हुई थी।जस्टिस के. लक्ष्मण ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि मानहानि वाली टिप्पणियां (यदि कोई हों) राष्ट्रीय भाजपा पार्टी के खिलाफ की गई थीं और BJP (तेलंगाना) को CrPC की धारा 199(1) के तहत 'पीड़ित व्यक्ति' नहीं माना जा सकता।पीठ ने कहा,"किसी...

साइना नेहवाल पर सेक्सिस्ट टिप्पणी को लेकर एक्टर सिद्धार्थ के खिलाफ दर्ज मामला खारिज, कहा- मज़ाकिया ट्वीट को गलत समझा गया
साइना नेहवाल पर सेक्सिस्ट टिप्पणी को लेकर एक्टर सिद्धार्थ के खिलाफ दर्ज मामला खारिज, कहा- मज़ाकिया ट्वीट को गलत समझा गया

तेलंगाना हाईकोर्ट ने पिछले महीने तमिल, तेलुगु और हिंदी फिल्मों के एक्टर सिद्धार्थ के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। एक्टर सिद्धार्थ पर जनवरी 2022 में ट्विटर पर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल के खिलाफ लैंगिकवादी और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप था।आरोपी-याचिकाकर्ता (एस. सिद्धार्थ) द्वारा CrPC की धारा 482 के तहत दायर याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस जुव्वाडी श्रीदेवी की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ IT Act की धारा 67 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 509 के तहत अपराध बनाने...