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सिटिंग जज पर स्कैंडलस टिप्पणियां करने के लिए एडवोकेट निलेश ओझा के खिलाफ होगी अतिरिक्त आपराधिक अवमानना कार्यवाही
सिटिंग जज पर 'स्कैंडलस' टिप्पणियां करने के लिए एडवोकेट निलेश ओझा के खिलाफ होगी अतिरिक्त आपराधिक अवमानना कार्यवाही

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एडवोकेट निलेश ओझा के खिलाफ स्वतः संज्ञान आपराधिक अवमानना की एक और कार्यवाही शुरू की। अदालत ने पाया कि ओझा ने सिटिंग जज के खिलाफ स्कैंडलस और अपमानजनक आरोप” लगाए, जबकि वे खुद पर लंबित आपराधिक अवमानना मामले में अपना बचाव कर रहे थे।इस वर्ष अप्रैल में हाईकोर्ट ने ओझा के खिलाफ स्वतः संज्ञान अवमानना कार्यवाही शुरू की थी, क्योंकि उन्होंने जस्टिस रेवती मोहिता-डेरे और तत्कालीन चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय (वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस) के खिलाफ मानहानिकारक और...

मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं: विष्णु मूर्ति मामले में सीजेआई गवई ने दी सफाई
"मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं": विष्णु मूर्ति मामले में सीजेआई गवई ने दी सफाई

खजुराहो के एक मंदिर में भगवान विष्णु की जीर्ण-शीर्ण मूर्ति के पुनर्निर्माण की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए अपनी टिप्पणियों से उपजे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी इस तथ्य के संदर्भ में थी कि मंदिर ASI के अधिकार क्षेत्र में है।सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ कर्नाटक में बड़े पैमाने पर अवैध लौह अयस्क खनन के मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी, जिससे...

दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला: पिता की वसीयत न होने पर संपत्ति पर बेटे का निजी हक
दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला: पिता की वसीयत न होने पर संपत्ति पर बेटे का निजी हक

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया कि जिस पिता की मृत्यु बिना वसीयत बनाए होती है, उसकी संपत्ति उसके बेटे को उसकी व्यक्तिगत हैसियत से मिलती है, न कि उसके अपने परिवार के 'कर्ता' के रूप में। इस फैसले के अनुसार जब तक पिता जीवित है, तब तक उसका बेटा उस संपत्ति में कोई अधिकार नहीं जता सकता।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 8 बिना वसीयत वाले उत्तराधिकार के मामले में जन्मसिद्ध अधिकार की अवधारणा को बाहर कर देती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पोते का अधिकार...

अडानी ग्रुप पर रिपोर्टिंग के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश पर दिल्ली कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
अडानी ग्रुप पर रिपोर्टिंग के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश पर दिल्ली कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली कोर्ट ने गुरुवार को पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता द्वारा दायर उस अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट के 6 सितंबर के एकतरफा आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में उन्हें अडानी ग्रुप के बारे में खबरें प्रकाशित करने से रोक दिया गया था।रोहिणी कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज सुनील चौधरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान जज ने मौखिक रूप से पूछा कि क्या गुहा के पास अपने कथित मानहानिकारक लेखों के दावों की पुष्टि के लिए कोई सामग्री है।गुहा की...

पति पर परिवार से संबंध तोड़ने का दबाव बनाना क्रूरता: दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक का आधार माना
पति पर परिवार से संबंध तोड़ने का दबाव बनाना क्रूरता: दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक का आधार माना

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पति पर अपने परिवार से संबंध तोड़ने के लिए पत्नी का लगातार और दबाव बनाने वाला व्यवहार निश्चित रूप से क्रूरता है और यह तलाक का आधार बन सकता है।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने यह भी कहा कि पत्नी द्वारा पति को उसके कार्यस्थल पर सहकर्मियों और वरिष्ठों की मौजूदगी में सार्वजनिक रूप से अपमानित करना और बार-बार सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार करना भी मानसिक क्रूरता है।यह फैसला एक तलाक विवाद से संबंधित है, जिसमें कोर्ट ने पाया कि पत्नी लगातार यह जोर...

पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल ने दो वकीलों के लाइसेंस निलंबित किए, कोर्ट परिसर में तलवार लहराने और मारपीट का आरोप
पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल ने दो वकीलों के लाइसेंस निलंबित किए, कोर्ट परिसर में तलवार लहराने और मारपीट का आरोप

हाईकोर्ट परिसर के अंदर हुई हिंसक घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल (BCPH) ने दो वकीलों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। इन पर खुलेआम अन्य बार सदस्यों पर हमला करने और तलवार लहराने का आरोप है।BCPH की विशेष अनुशासनात्मक समिति ने कहा,"यह एडवोकेट रवनीत कौर और सिमरनजीत सिंह बस्सी की ओर से एक गंभीर दुराचार का मामला है। उन्होंने खुले तौर पर बार के सदस्यों और मानद सचिव पर हमला किया। उन्होंने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों, साथ ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव को निशाना बनाया। उनका यह...

NEET-PG | ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए कुछ सीटें खाली रखने की मांग, सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई
NEET-PG | ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए कुछ सीटें खाली रखने की मांग, सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह यह मुद्दा सुनेगा कि NEET-PG 2025 एडमिशन में ट्रांसजेंडर श्रेणी के लिए ऑल इंडिया कोटा में 2 सीटें और तमिलनाडु व आंध्रप्रदेश राज्य कोटा में 1-1 सीट आरक्षित की जाएं या नहीं।चीफ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोदचंद्रन की खंडपीठ इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए हॉरिजॉन्टल आरक्षण की मांग की गई है। परीक्षा अगस्त में हुई थी और नतीजे आने बाकी हैं।मई में नोटिस जारी हुआ था, जब सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंग ने दलील दी थी कि NALSA बनाम यूनियन ऑफ...

दिल्ली कोर्ट ने अडानी के गैग ऑर्डर के खिलाफ याचिका पर सुनवाई स्थगित की, कहा- एक दिन और लेख प्रकाशित न हों तो क्या हो जाएगा?
दिल्ली कोर्ट ने अडानी के 'गैग ऑर्डर' के खिलाफ याचिका पर सुनवाई स्थगित की, कहा- एक दिन और लेख प्रकाशित न हों तो क्या हो जाएगा?

दिल्ली कोर्ट ने बुधवार को पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई स्थगित की, जिसमें ट्रायल कोर्ट के 6 सितंबर के एकतरफा आदेश को चुनौती दी गई। इस आदेश में उन्हें अडानी समूह के बारे में खबरें प्रकाशित करने से रोक दिया गया।रोहिणी कोर्ट के जिला जज राकेश कुमार सिंह रोस्टर जज की छुट्टी के कारण लिंक जज के रूप में मामले की सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने मामले की योग्यता पर सुनवाई करने से इनकार किया। मामले को अब कल (शुक्रवार) सुबह 10 बजे रोस्टर जज के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया...

बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा उत्सव में आमंत्रित करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कल होगी सुनवाई
बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा उत्सव में आमंत्रित करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कल होगी सुनवाई

कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई, जिसमें मैसूर के चामुंडी मंदिर में दशहरा उत्सव के उद्घाटन समारोह में बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के राज्य सरकार के फैसले को मंजूरी दी गई थी।याचिकाकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के समक्ष मामले को तत्काल सुनवाई के लिए प्रस्तुत करते हुए कहा,"यह मैसूर में दशहरा के उद्घाटन के लिए चामुंडेश्वरी मंदिर में एक गैर-हिंदू को अग्र पूजा करने की अनुमति देने के कर्नाटक सरकार के फैसले के खिलाफ...

यूनिवर्सिटी ने वकील की डिग्री की प्रामाणिकता से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया
यूनिवर्सिटी ने वकील की डिग्री की प्रामाणिकता से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक वकील की बी.कॉम डिग्री की प्रामाणिकता सत्यापित करने का निर्देश दिया। संबंधित यूनिवर्सिटी ने इस डिग्री को 'जाली' घोषित किया है और इसे उसके द्वारा जारी नहीं किया गया।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की अनुशासन समिति के उस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता के पास मौजूद वाणिज्य स्नातक ("बी.कॉम") की डिग्री के जाली होने का सवाल था।सुनवाई की पिछली तारीख पर अदालत ने मगध यूनिवर्सिटी,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के 12 टावरों को गिराने का फैसला बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के 12 टावरों को गिराने का फैसला बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर के मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण का रास्ता साफ करने वाले सिंगल जज का आदेश बरकरार रखा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि किसी भी तरह से यह नहीं कहा जा सकता कि इमारतों को हटाने का आदेश पारित करने के लिए MCD के समक्ष कोई प्रासंगिक सामग्री उपलब्ध नहीं थी।अदालत ने कहा,"संरचनात्मक सलाहकारों द्वारा की गई जांच की विभिन्न रिपोर्टें और टेस्ट एजेंसी के निष्कर्ष संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए,...

JOLLY LLB 3 की स्ट्रीमिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने जियोस्टार के हक में दिया फैसला
JOLLY LLB 3 की स्ट्रीमिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने जियोस्टार के हक में दिया फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में डायनेमिक+ निषेधाज्ञा पारित की, जिसमें विभिन्न धोखेबाज वेबसाइटों को आगामी बॉलीवुड फिल्म "JOLLY LLB 3" की अवैध स्ट्रीमिंग, होस्टिंग या स्क्रीनिंग पर रोक लगाई गई।यह फिल्म 19 सितंबर को रिलीज़ होने वाली है।जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि धोखेबाज वेबसाइटों तक पहुंच को रोकने में किसी भी तरह की देरी से जियोस्टार को वित्तीय नुकसान हो सकता है। फिल्म में उनके कॉपीराइट का अपूरणीय उल्लंघन हो सकता है।बता दें, जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने फिल्म के विकास और लाइन प्रोडक्शन का...

बाहरी राज्य के व्यक्ति की ज़मानत के लिए स्थानीय ज़मानत अनिवार्य करना उसके मौलिक अधिकारों पर हमला: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
बाहरी राज्य के व्यक्ति की ज़मानत के लिए स्थानीय ज़मानत अनिवार्य करना उसके मौलिक अधिकारों पर 'हमला': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि ज़मानत के लिए स्थानीय ज़मानत की शर्त अनिवार्य करना किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों पर हमला है।अदालत ने कहा कि ऐसी आवश्यकता देश के अन्य हिस्सों के व्यक्तियों के साथ केवल उनके निवास के आधार पर भेदभाव करती है।इसमें अदालत ने हरियाणा के गुरुग्राम में कोलकाता के दो आरोपियों के खिलाफ ज़मानत के लिए अपने स्थानीय ज़मानतदारों के कथित रूप से जाली दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419 और 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से प्रलोभन); IPC की धारा...

भूमि अधिग्रहण के लिए उचित रूप से निर्धारित मुआवज़ा उन भूस्वामियों को भी दिया जाना चाहिए, जो कोर्ट नहीं आ सके: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
भूमि अधिग्रहण के लिए उचित रूप से निर्धारित मुआवज़ा उन भूस्वामियों को भी दिया जाना चाहिए, जो कोर्ट नहीं आ सके: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवज़े की उचित दर तय हो जाने के बाद इसका लाभ उसी अधिग्रहण से प्रभावित सभी भूस्वामियों को मिलना चाहिए।अदालत ने कहा कि कुछ भूस्वामियों को केवल इसलिए ऐसे लाभों से वंचित करना भेदभावपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटाया।राज्य के तर्क को खारिज करते हुए जस्टिस अजय मोहन गोयल ने टिप्पणी की:"एक बार मुआवज़े की एक विशेष दर न्यायिक रूप से निर्धारित हो जाने के बाद, जो उचित मुआवज़ा बन सकती है, उसका लाभ उन लोगों को भी दिया जाना...

दैवीय या गौ-हस्तक्षेप से निर्णय देने वाले जज संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करते हैं: जस्टिस नरीमन
"दैवीय या गौ-हस्तक्षेप" से निर्णय देने वाले जज संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करते हैं: जस्टिस नरीमन

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि जो जज कहते हैं कि उन्होंने कोई निर्णय सुनाते समय दैवीय हस्तक्षेप की मांग की, वे वास्तव में संविधान की शपथ का उल्लंघन कर रहे हैं।उन्होंने कहा,"चाहे दैवीय हस्तक्षेप हो या गौ-हस्तक्षेप, या किसी भी अन्य प्रकार का हस्तक्षेप, यदि कोई जज कोई निर्णय देता है तो वह संविधान की शपथ का उल्लंघन कर रहा होता है। आपको केवल संविधान और कानूनों की शपथ पर चलना है और जब आप संविधान और कानूनों की शपथ पर चलते हैं तो आप निश्चित रूप से अपनी नैतिकता भी लाते हैं।...