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पति से बदला लेने के लिए पत्नी ने POCSO Act के तहत दर्ज कराया मामला, हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी को 'हथियार' के रूप में चुनने के लिए लगाई फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक माँ को फटकार लगाई, जिसने अपने अलग हुए पति के खिलाफ POCSO Act के तहत मामला दर्ज कराकर उससे बदला लेने के लिए अपनी नाबालिग बेटी को "हथियार" के रूप में चुना।जस्टिस अरुण मोंगा ने 2 सितंबर को दिए गए अपने फैसले में कहा,"बाल संरक्षण कानूनों की ढाल को प्रतिशोधात्मक मुकदमों के लिए तलवार में नहीं बदला जा सकता।"माँ ने 2020 में FIR दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि पीड़िता के पिता और चचेरे भाइयों ने उसकी नाबालिग बेटी का यौन शोषण किया। गौरतलब है कि महिला का अपने पति से झगड़ा हो गया...
जमानत देने का तरीका सीखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों को दिया स्पेशल ट्रेनिंग लेने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में निर्देश दिया कि दिल्ली न्यायिक सेवा के दो न्यायिक अधिकारियों को बाध्यकारी निर्णयों का उल्लंघन करते हुए दो आरोपियों को ज़मानत देने के अवैध और गलत तरीके के लिए कम से कम सात दिनों की अवधि के लिए विशेष न्यायिक प्रशिक्षण लेना होगा।करोड़ों रुपये के एक घोटाले में आरोपी दंपत्ति को दी गई ज़मानत रद्द करते हुए अदालत ने उन न्यायिक अधिकारियों - अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जिन्होंने ज़मानत दी और कड़कड़डूमा सेशन जज जिन्होंने इसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया - को कम...
भगदड़ मामले की स्वतंत्र जांच के लिए हाईकोर्ट पहुंची एक्टर विजय की पार्टी, लगाया साजिश का आरोप
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलगा वेत्री कझगम पार्टी (TVK) द्वारा तमिलनाडु के करूर जिले में एक्टर विजय द्वारा आयोजित और नेतृत्व वाली राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ का स्वतः संज्ञान लेने की मांग स्वीकार की।जस्टिस धंदापानी ने पार्टी के वकीलों द्वारा प्रस्तुत तत्काल याचिका स्वीकार की।इस मामले की सुनवाई सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ में होने की संभावना है। गौरतलब है कि पूजा की छुट्टियों के कारण इस सप्ताह हाईकोर्ट बंद है।पार्टी ने आरोप लगाया कि इस घटना के संबंध में कुछ साजिशें हैं और वह स्वतः...
मेंटल हेल्थकेयर के लिए ट्रांसफर की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने IIT खड़गपुर और दिल्ली से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), खड़गपुर को एक स्टूडेंट द्वारा IIT दिल्ली में ट्रांसफर की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता एक अनुसूचित जाति का छात्र है। उसे मानसिक स्वास्थ्य सेवा उपचार की आवश्यकता है, IIT-Delhi में ट्रांसफर की मांग कर रहा है ताकि वह अपने माता-पिता के साथ रह सके और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली में उपचार प्राप्त कर सके।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महदेवन की खंडपीठ ने IIT Delhi और AIIMS को भी नोटिस...
मध्यस्थता केवल कानूनी पेशे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, इसे कम्युनिटी प्रैक्टिस के रूप में विकसित किया जाना चाहिए: चीफ जस्टिस गवई
27 सितंबर, 2025 को भुवनेश्वर में आयोजित दूसरे राष्ट्रीय मध्यस्थता सम्मेलन में उद्घाटन भाषण देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बी.आर. गवई ने मध्यस्थता को कानूनी पेशे से परे एक प्रैक्टिस के रूप में विकसित करने और विवादों को शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक तरीके से सुलझाने के साधन के रूप में सामुदायिक जीवन में विस्तारित करने की आवश्यकता पर बल दिया।मध्यस्थता अधिनियम, 2023 पर प्रकाश डालते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि मध्यस्थता को अब औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त है। विवाद समाधान तंत्र के रूप में संस्थागत...
पुलिसकर्मियों में 'सोशल मीडिया का नशा': ड्यूटी के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल पर अंकुश लगाया जाए- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
गार्ड ड्यूटी के दौरान नशे में सोने के कारण दी गई अनिवार्य रिटायरमेंट के खिलाफ पुलिसकर्मी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'वर्दीधारी पुलिस कर्मियों' में बढ़ते मोबाइल/सोशल मीडिया के 'नशे' की ओर इशारा किया और सुझाव दिया कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने कहा;"यह न्यायालय पुलिस विभाग के सीनियर पुलिस अधिकारियों का ध्यान पुलिस जैसे वर्दीधारी विभागों में व्याप्त अन्य नशे की ओर...
मध्यस्थता कड़वाहट कम करती है, बोझ बांटती है और टूटे हुए रिश्तों में आशा का संचार करती है: जस्टिस सूर्यकांत
शनिवार को भुवनेश्वर में आयोजित दूसरे राष्ट्रीय मध्यस्थता सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सूर्यकांत ने न्याय प्रदान करने में मध्यस्थता की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला, जो अदालती फैसलों से कहीं आगे जाती है। उद्घाटन सत्र में बोलते हुए उन्होंने कलिंग की ऐतिहासिक धरती से प्रेरणा लेते हुए कहा कि सच्ची ताकत ताकत में नहीं, बल्कि संवाद में निहित है, जो घाव भरता है, पुनर्स्थापित करता है और जोड़ता है।जस्टिस कांत ने कहा,"समकालीन विवाद शायद ही कभी सरल होते हैं। अदालतें कानूनी जवाब दे सकती हैं।...
जजों को निर्णय देने के बाद ख़ामोश हो जाना चाहिए, निर्णयों को बोलने देना चाहिए: जस्टिस नरसिम्हा
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने ज़ोर देकर कहा कि जजों को निर्णय देने के बाद "गायब" हो जाना चाहिए और निर्णय को स्वयं बोलने देना चाहिए।उन्होंने कहा कि जजों को बोलने में संयम बरतना चाहिए और सोशल मीडिया के युग में विशेष रूप से रिटायरमेंट के बाद अत्यधिक बोलकर ध्यान आकर्षित करने की जजों की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।जस्टिस नरसिम्हा ने कहा,"ऐसा लगता है कि सोशल मीडिया के युग में हम कम बोलने की अनिवार्यता से दूर हो गए हैं। हर शब्द समाचारों में छप जाता है। वर्तमान जज भी आकर्षित हो सकते...
X कॉर्प 'नागरिक केंद्रित' अनुच्छेद 19 का हवाला देकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों को चुनौती नहीं दे सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि X कॉर्प, जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था, एक विदेशी संस्था होने के नाते भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों को चुनौती नहीं दे सकता।जस्टिस एम. नागप्रसना ने कहा कि भारत में ऐसी कंपनी जिसका कोई चेहरा नहीं है, वह "निराधार आरोपों" के आधार पर आगे आकर देश के कानूनों को चुनौती नहीं दे सकती।अदालत ने कहा,"इसी तरह X कॉर्प देश में चेहराविहीन है और एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है, अनुच्छेद 19 के तहत देश के किसी भी...
सुप्रीम कोर्ट ने POCSO मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाई, जिसमें कहा गया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के तहत प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय मुकदमे के दौरान पीड़िता के 18 साल का हो जाने पर समाप्त हो जाते हैं।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की खंडपीठ ने 27 मई, 2025 के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर छह सप्ताह में जवाब देने योग्य नोटिस जारी किया।सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मुद्दा यह है कि क्या POCSO Act की धारा 33(2) के तहत...
किसी भी प्रकरण में पुलिस का निष्पक्ष इन्वेस्टिगेशन
यह समझा जाता है कि पुलिस किसी भी मामले में शिकायतकर्ता की वकील होती है जबकि यह बात ठीक नहीं है। पुलिस को भारतीय कानून में पूरी तरह से निष्पक्ष बनाया गया है। किसी व्यक्ति की शिकायत मात्र से पुलिस उसकी वकील नहीं बन जाती है। उदाहरण के तौर पर एक व्यक्ति पुलिस को यह शिकायत करता है कि किसी दूसरे व्यक्ति ने उसका बलात्कार कर लिया है, इस तरह उसने बलात्कार का अपराध कारित किया है। पुलिस को ऐसी शिकायत मिलने पर उसका कर्तव्य यह है कि वह दोनों पक्षों के मामलों को देखें, परिस्थितियों की जांच करें, सबूतों को...
ड्रिंक एंड ड्राइव पर क़ानून
ड्रिंक एंड ड्राइव अपराध है। शराब पीकर गाड़ी चलाना एक बड़ा अपराध है। जब कभी किसी व्यक्ति को शराब पीकर ड्राइविंग करने के आरोप में पकड़ा जाता है तब पुलिस द्वारा ऐसे व्यक्ति की सांसों की जांच की जाती है। यदि इस जांच में पॉजिटिव आता है तब उस व्यक्ति पर मुकदमा बनाया जाता है। पुलिस के पास एक मशीन होती है जो व्यक्ति के मुंह में डाली जाती है और उसकी सांसों को कैप्चर किया जाता है। यदि उस मशीन में पॉजिटिव का संकेत मिलता है तब व्यक्ति मोटर व्हीकल अधिनियम की धारा 188 के अंतर्गत आरोपी बना दिया जाता है।मोटर...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (22 सितंबर, 2025 से 26 सितंबर, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।S. 37 Provincial Insolvency Act | दिवालियापन के दौरान की गई वैध बिक्री ही दिवालियापन निरस्तीकरण के बाद सुरक्षित रहेगी: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने दिवालियापन की कार्यवाही के निरस्तीकरण के दिवालियापन अवधि के दौरान किए गए लेन-देन पर प्रभाव को स्पष्ट किया। यह मामला 1963 में स्थापित साझेदारी फर्म...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (22 सितंबर, 2025 से 26 सितंबर, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी बताकर निर्वासित किए गए लोगों को 4 सप्ताह के भीतर वापस लाने का आदेश दियाकलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के उन निवासियों को वापस लाने का निर्देश दिया, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में बांग्लादेश निर्वासित कर दिया था।जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में Shaadi.com के CEO के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ग्राहक द्वारा Shaadi.com के CEO अनुपम मित्तल के खिलाफ कथित धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR को इस आधार पर रद्द कर दिया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोई अपराध नहीं किया।शिकायतकर्ता एक वकील है। उन्होंने shaadi.com पर सेवाओं के लिए भुगतान किया। उसका आरोप है कि मोनिका गुप्ता नामक महिला कथित तौर पर शिकायतकर्ता के अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करके उसे परेशान और ब्लैकमेल कर रही है। FIR में उसने कहा कि ग्राहक सेवा और व्यक्तिगत रूप से अनुपम मित्तल से शिकायत करने के बावजूद, अश्लीलता में...
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: हैदराबाद के संस्थानों को प्रिंसटन नाम से नए कॉलेज खोलने से रोक, अमेरिकी प्रिंसटन यूनिवर्सिटी को आंशिक राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका की प्रतिष्ठित प्रिंसटन यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत देते हुए हैदराबाद स्थित शैक्षणिक संस्थाओं को प्रिंसटन नाम से नए संस्थान खोलने से रोक दिया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने यह आदेश उस अपील पर सुनाया, जो अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में अंतरिम रोक न मिलने के खिलाफ दायर की थी।यह मुकदमा वाग्देवी एजुकेशनल सोसायटी के खिलाफ दायर किया गया, जो प्रिंसटन स्कूल ऑफ एजुकेशन, प्रिंसटन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, प्रिंसटन डिग्री एंड पीजी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले 24 नए जज कुल शक्ति बढ़कर हुई 110
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों ने जज के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही अदालत में कार्यरत जजों की कुल संख्या चीफ जस्टिस सहित बढ़कर 110 हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्वीकृत शक्ति 160 जजों की है।केंद्र सरकार ने शुक्रवार 26 सितंबर, 2025 को 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी।नए नियुक्त जजों के नाम इस प्रकार हैंः-वकीलों की श्रेणी से : विवेक सारन, विवेक कुमार सिंह, गरिमा प्रसाद, सुधांशु चौहान, अवधेश कुमार चौधरी, स्वरूपमा चतुर्वेदी, सिद्धार्थ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने गैर-मौजूद फैसलों के झूठे हवाला और अनुच्छेदों पर याचिका वापस लेने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दी, जिसमें ऐसे न्यायिक कानूनों का हवाला दिया गया था जो अस्तित्व में ही नहीं है। इनमें न्यायिक उदाहरणों से उद्धृत कुछ फर्जी अनुच्छेद भी शामिल थे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने ग्रीनोपोलिस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा विभिन्न घर खरीदारों के खिलाफ दायर याचिका वापस लेते हुए खारिज किया। न्यायालय को सूचित किया गया कि याचिका में उद्धृत न्यायिक कानून झूठे है।प्रतिवादियों की ओर से उपस्थित सीनियर एडवोकेट और एडवोकेट ने कहा कि वे उचित कदम उठाएंगे, क्योंकि याचिकाकर्ता की ओर...
भोपाल गैस त्रासदी: मेडिकल देखभाल के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाने वाली अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक, मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के प्रमुख सचिव को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों के मेडिकल रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण और उन्हें मेडिकल देखभाल प्रदान करने के लिए 2012 में न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों का पालन न करने के संबंध में दायर की गई।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस...
राजस्व गांवो का निर्माण विधायी नहीं, प्रशासनिक कार्य, मनमाना न हो तो हस्तक्षेप नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम सभा की बैठक बुलाए बिना नए राजस्व ग्रामों के निर्माण को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि किसी ग्राम का निर्माण या राजस्व ग्राम की सीमा में परिवर्तन ग्राम की विशिष्ट आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। इसलिए यह अनिवार्य रूप से एक प्रशासनिक कार्य है।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नए राजस्व ग्रामों के निर्माण का प्रस्ताव पंचायती राज अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुसार ग्राम सभा की बैठक बुलाए बिना ही प्रस्तुत किया गया।इसके अलावा यह भी तर्क...




















