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दिल्ली दंगा साजिश मामला: उमर खालिद को अंतरिम जमानत देने से कोर्ट का इनकार, कहा- वजह 'अनुचित'
दिल्ली कोर्ट ने 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका खारिज की।कड़कड़डूमा अदालत के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने उमर खालिद की 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग ठुकराते हुए कहा कि याचिका में बताए गए कारण राहत देने के लिए पर्याप्त और उचित नहीं हैं।उमर खालिद ने अपने दिवंगत मामा के चेहल्लुम में शामिल होने और 2 जून को निर्धारित अपनी मां की सर्जरी से पहले और बाद में उनकी देखभाल करने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि केवल इस आधार...
SHANTI Act पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी : 'परमाणु दुर्घटना में मुआवजा तय करने की अदालत की शक्ति सीमित नहीं हो सकती'
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को SHANTI Act, 2025 (Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India Act) की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह “संवेदनशील विधायी नीति” (Sensitive Legislative Policy Issue) से जुड़ा मामला है और अदालत फिलहाल इसमें हस्तक्षेप करने से हिचक रही है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि परमाणु दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजा देने की न्यायालय की शक्ति सीमित नहीं की जा सकती।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने पागल और खतरनाक कुत्तों को मारने की इजाज़त दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिए गए एक अहम आदेश में अधिकारियों को इंसानी ज़िंदगी पर मंडराते खतरे को रोकने के लिए पागल और खतरनाक कुत्तों को मारने की इजाज़त दी।कोर्ट ने आदेश दिया,"अधिकारी, पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों और दूसरे लागू कानूनी प्रोटोकॉल के मुताबिक, कानूनी तौर पर मंज़ूर उपाय कर सकते हैं। इनमें ऐसे मामलों में कुत्तों को मारना भी शामिल है, जो लाइलाज रूप से बीमार हैं, पागल हैं, या साफ तौर पर खतरनाक/आक्रामक हैं, ताकि इंसानी ज़िंदगी और सुरक्षा पर मंडराते खतरे को असरदार तरीके से खत्म किया जा...
डॉ. सुब्बैया हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट का बरी करने वाला फैसला पलटा, 7 दोषियों को उम्रकैद; 2 को क्षमादान याचिका की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चर्चित डॉ. सुब्बैया हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपियों को दी गई सजा को बहाल कर दिया।जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों का सही ढंग से मूल्यांकन नहीं किया और ट्रायल कोर्ट के निष्कर्ष कानूनन टिकाऊ थे।यह मामला वर्ष 2013 का है, जब चेन्नई में प्रसिद्ध डॉक्टर सुब्बैया पर...
अंतरधार्मिक विवाह को अपराध साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का आरोप: हाईकोर्ट पहुंची कुंभ की वायरल गर्ल 'मोनालिसा'
महाकुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुईं मोनालिसा भोसले ने अपने पति फरमान के साथ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया। दंपति ने आरोप लगाया कि उनके अंतरधार्मिक विवाह को अपराध साबित करने के लिए मोनालिसा का जन्म प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बदला गया।याचिका में अदालत से मोनालिसा का मूल जन्म प्रमाणपत्र बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में कथित जालसाजी की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई।मोनालिसा भोसले पिछले वर्ष महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसके बाद उन्हें...
फाइनल रिपोर्ट पर फैसला देने के बाद मजिस्ट्रेट दोबारा आदेश नहीं दे सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि जब किसी मामले में पुलिस की नकारात्मक अंतिम रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट आदेश पारित कर देता है तो वह फंक्टस ऑफिशियो हो जाता है। उसके बाद विरोध याचिका पर अलग से दूसरा आदेश पारित नहीं कर सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांढ की पीठ ने स्पष्ट किया कि फाइनल रिपोर्ट और विरोध याचिका पर एक साथ विचार करते हुए मजिस्ट्रेट को एक ही साझा आदेश पारित करना चाहिए।अदालत ने कहा,“यदि शिकायतकर्ता विरोध याचिका दाखिल करता है और उसके समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करता है तो...
चाइनीज मांझे पर सख्त कानून लाएगी यूपी सरकार, पीड़ितों को मुआवजा देने पर भी विचार: हाईकोर्ट में दी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि जानलेवा चाइनीज मांझा के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून लाया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा कि इस प्रस्तावित कानून में पीड़ितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ल की खंडपीठ को बताया गया कि प्रस्तावित कानून का नाम उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, बिक्री और उपयोग निषेध) अधिनियम रखा जा सकता है।सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि फिलहाल कानून का...
व्हाट्सऐप चैट्स में पति के खिलाफ आरोपों के संकेत: ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में पति की अग्रिम जमानत खारिज
भोपाल की एक सत्र अदालत ने अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत एवं दहेज उत्पीड़न मामले में उनके पति अधिवक्ता समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। एडिशनल सेशन जज पल्लवी द्विवेदी ने कहा कि FIR, गवाहों के बयान और व्हाट्सऐप चैट्स के अवलोकन से प्रथम दृष्टया मुख्य आरोप समर्थ सिंह के खिलाफ प्रतीत होते हैं। अदालत ने यह भी माना कि ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी और शादी के छह महीने के भीतर उनकी असामान्य परिस्थितियों में मृत्यु हुई।समर्थ सिंह के...
गंगा में नाव पर इफ्तार विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाकी 6 आरोपियों को भी दी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, कथित तौर पर मांसाहारी भोजन करने और उसका बचा हुआ हिस्सा नदी में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार बाकी 6 मुस्लिम आरोपियों को भी जमानत दी।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ल की पीठ ने यह राहत देते हुए कहा कि इसी FIR में शामिल 8 अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत दी जा चुकी है।गौरतलब है कि 15 मई को जारी अलग-अलग आदेशों में जस्टिस राजीव लोचन शुक्ल ने 5 आरोपियों और जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने 3 आरोपियों को जमानत दी थी। सोमवार के आदेश के बाद...
बिना कानूनी सुरक्षा अपनाए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ FIR का आदेश नहीं दे सकता मजिस्ट्रेट: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ मजिस्ट्रेट बिना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 में निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किए सीधे FIR दर्ज करने का आदेश नहीं दे सकता।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने कहा कि यदि शिकायत सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से जुड़े कार्यों को लेकर हो, तो मजिस्ट्रेट को FIR दर्ज कराने या संज्ञान लेने से पहले संबंधित अधिकारियों को सुनवाई का अवसर देना और उनके सीनियर अधिकारी से तथ्यात्मक...
आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को फिर भेजा जाएगा नोटिस: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आबकारी नीति मामले में CBI की उस याचिका पर आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, नेता मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को नया नोटिस जारी किया जाए जिसमें निचली अदालत द्वारा आरोपियों को दी गई राहत को चुनौती दी गई।जस्टिस मनोज जैन की अदालत में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि तीन प्रतिवादी अब तक अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत को बताया गया कि प्रतिवादी नंबर 8, 18 और 19 यानी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक पिछली तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हुए।इसके...
डॉक्टरों के बिना अस्पताल सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत, स्वास्थ्य सेवाएं कागजी आश्वासन नहीं हो सकतीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में आयुष विभाग के डॉक्टरों की असमान तैनाती पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं केवल कागजी आश्वासन बनकर नहीं रह सकतीं। अदालत ने कहा कि डॉक्टरों के बिना अस्पताल केवल ईंट-पत्थर की इमारत बनकर रह जाते हैं, जो नागरिकों के जीवन के अधिकार की रक्षा नहीं कर सकते।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,“संवैधानिक मूल्यों से संचालित कल्याणकारी राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं केवल आंकड़ों या कागजी दावों तक सीमित नहीं रह सकतीं। यह जमीनी स्तर पर डॉक्टरों और कार्यरत...
कर्मचारियों को पुराने सेवा नियमों के तहत प्रमोशन मांगने का निहित अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों को केवल इस आधार पर पदोन्नति (Promotion) का अधिकार नहीं मिल जाता कि रिक्तियां पुराने सेवा नियमों (Old Service Rules) के दौरान उत्पन्न हुई थीं। अदालत ने कहा कि सरकार को सेवा नियमों में बदलाव कर चयन और पदोन्नति की प्रक्रिया बदलने का अधिकार है, बशर्ते यह निर्णय मनमाना न हो।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ओडिशा परिवहन विभाग के कर्मचारियों से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। कर्मचारियों ने Assistant Regional...
लंबित संवैधानिक मामलों की सुनवाई के लिए जल्द गठित होंगी 7-जज बेंचें: चीफ जस्टिस सूर्यकांत
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट जल्द ही 7-न्यायाधीशों वाली संविधान पीठों (7-Judge Benches) का गठन करेगा, ताकि लंबे समय से लंबित संवैधानिक संदर्भों की सुनवाई की जा सके। एक मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए CJI ने कहा कि आगामी दिनों में 7-जज बेंच गठित होने वाली हैं, जिसके कारण उनके पास अन्य मामलों की सुनवाई के लिए सीमित समय रहेगा।गौरतलब है कि इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने 9-जज बेंच के समक्ष लंबित दो महत्वपूर्ण मामलों—'इंडस्ट्री की परिभाषा' (Industry Definition) और सबरीमला...
जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा के खिलाफ पोस्ट मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा कदम, अरविंद केजरीवाल समेत AAP नेताओं को आपराधिक अवमानना नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) कार्यवाही में नोटिस जारी किया। यह कार्यवाही जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा के विरुद्ध सोशल मीडिया पर कथित रूप से चलाए गए “अपमानजनक और लक्षित अभियान” को लेकर शुरू की गई है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुदेजा की खंडपीठ ने सभी कथित अवमाननाकारियों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अदालत...
सरकारी कर्मचारी को अनिश्चितकाल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 5 साल पुराना निलंबन रद्द किया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी सरकारी कर्मचारी को अनिश्चितकाल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता। अदालत ने करीब पांच वर्षों से निलंबित चल रहे कर्मचारी का निलंबन आदेश रद्द किया।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जुलाई 2021 में जारी निलंबन आदेश को चुनौती दी गई थी।मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही थी। उस पर ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति और फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र के आधार...
जलता पुतला फेंककर भाग जाना लोकतांत्रिक विरोध नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपियों को राहत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक प्रमुख राजनीतिक नेता के सरकारी बंगले पर जलता हुआ पुतला फेंकने के आरोपी लोगों को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि पुतले को आग लगाकर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी वाले परिसर की ओर फेंकना और फिर भाग जाना किसी भी तरह से लोकतांत्रिक विरोध नहीं कहा जा सकता।अदालत ने कहा,“लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा किसी भी...
TCS NASIK CASE : महिला कर्मचारी कमजोर स्थिति में थी, सीनियर अधिकारियों ने बनाया निशाना, अदालत ने 6 आरोपियों को जमानत देने से किया इनकार
नासिक सेशन कोर्ट ने TCS BPO से जुड़े चर्चित यौन उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण मामले में छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि पीड़िता एक कमजोर स्थिति में काम करने वाली नई कर्मचारी थी और आरोपी उसके सीनियर अधिकारी होने के कारण सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।एडिशनल सेशन जज वी. वी. कथारे ने रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख और तौसीफ अत्तार की जमानत याचिका खारिज की। इन सभी पर पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न करने और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप...
यूट्यूबर-वकील ने ज्यूडिशियरी को बताया 'तानाशाही', कोर्ट ने क्रिमिनल कंटेम्प्ट के लिए सुनाई सजा
दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर और वकील गुलशन पाहुजा को ज्यूडिशियरी को बदनाम करने और ज्यूडिशियल अधिकारियों को टारगेट करने वाले अपने वीडियो के ज़रिए कोर्ट की अथॉरिटी को कम करने के दो क्रिमिनल कंटेम्प्ट केस में छह महीने की सिंपल जेल की सज़ा सुनाई।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने देखा कि क्रिमिनल कंटेम्प्ट का दोषी पाए जाने के बावजूद पाहुजा ने “कोई अफ़सोस” या “कोर्स करेक्शन” नहीं दिखाया।कोर्ट ने नोट किया कि सज़ा पर सुनवाई के दौरान, पाहुजा ने फिर से ज्यूडिशियल सिस्टम के खिलाफ...
बिना विभागीय जांच के अवज्ञा के आरोप पर कर्मचारी को नौकरी से निकालना कानूनी तौर पर गलत: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को अवज्ञा या अनुशासनहीनता के आरोपों पर बिना उसे ठीक से बनी जांच में सबूत पेश करने का मौका दिए, नौकरी से निकालना कानूनी तौर पर गलत है; इसलिए ऐसी बर्खास्तगी मान्य नहीं है।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने कहा कि प्रतिवादियों ने याचिकाकर्ता को सिर्फ़ एक 'कारण बताओ नोटिस' जारी करके और उसके जवाब को असंतोषजनक बताकर खारिज करके, बिना कोई औपचारिक विभागीय जांच किए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं।कोर्ट ने कानून की स्थापित स्थिति को दोहराते हुए कहा कि भले ही कोई...




















