ताज़ा खबरे

टेंडर डॉक्यूमेंट जमा करने की शर्त में बोली लगाने वाले द्वारा उसे सही तरीके से पूरा करना और प्रमाणित करना शामिल है: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि टेंडर डॉक्यूमेंट जमा करने की शर्त में यह ज़रूरी है कि डॉक्यूमेंट को बोली लगाने वाले ने सही तरीके से पूरा किया हो और प्रमाणित किया हो।कोर्ट ने कहा, "डॉक्यूमेंट जमा करने की शर्त के साथ यह भी ज़रूरी है कि डॉक्यूमेंट को बोली लगाने वाले ने सही तरीके से पूरा किया हो और प्रमाणित किया हो।" एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ, M/s शुभराज कंस्ट्रक्शन द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में नगर परिषद, मोकामा द्वारा 'नल-जल...

'NehrWho' ने X अकाउंट ब्लॉक करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, केंद्र पर बार-बार निशाना बनाने का आरोप
राजनीतिक कमेंटेटर और व्यंग्यकार कुमार नयन ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 69A के तहत भारत में अपने पूरे X अकाउंट "nher_who" को ब्लॉक किए जाने को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।याचिका में आरोप लगाया गया कि यह अकाउंट केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) की कार्रवाई के तहत ब्लॉक किया गया, जबकि इसके लिए कोई ब्लॉकिंग ऑर्डर, कारण या सहायक सामग्री नहीं दी गई।नयन का तर्क है कि यह कार्रवाई भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g) और 21 के तहत उनके मौलिक...

पुलिस अधिकारी के बयान के आधार पर खबर छापने वाले रिपोर्टर पर मानहानि का केस नहीं चलेगा: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई रिपोर्टर किसी पुलिस अधिकारी के बयान के आधार पर खबर छापता है, तो उस पर आपराधिक मामला नहीं चलाया जा सकता, क्योंकि रिपोर्टर ने बस वही बताया जो अधिकारी ने कहा था। कोर्ट ने माना कि प्रतिवादी "सिर्फ एक रिपोर्टर" है, जिसने SDPO की बात छापी और "खबर छापना रिपोर्टर के अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। इसके लिए उस पर कोई आपराधिक जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।"जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस अरुण कुमार राय की डिवीजन बेंच, देवघर के सेशन जज के 26.09.2011 के फैसले के खिलाफ...

SEBI बायबैक नियमों के तहत एस्क्रो जारी करने से धोखाधड़ी की अलग जांच नहीं रुकती: वेदांता मामले में सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (09.09.2026) को कहा कि SEBI (सिक्योरिटीज बायबैक) रेगुलेशन, 1998 (बायबैक रेगुलेशन) के रेगुलेशन 15B(8) के तहत किसी कंपनी द्वारा जमा किए गए कैश एस्क्रो को जारी करने का मतलब यह नहीं है कि SEBI (सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़े धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं पर रोक) रेगुलेशन, 2003 (PFUTP रेगुलेशन) के तहत धोखाधड़ी की अलग और स्वतंत्र जांच नहीं की जा सकती।हालांकि, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने मामले को धोखाधड़ी के सीमित सवाल पर नए सिरे से सुनवाई के लिए...

CBFC के रीजनल ऑफिसर के पास 'चार्दीकला' फ़िल्म को सर्टिफ़िकेशन देने से मना करने का अधिकार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाबी फ़िल्म "चार्दीकला" को सर्टिफ़िकेशन देने से मना करने वाले आदेश ऐसे अधिकारी ने दिए, जिसके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है। यह बात तब सामने आई, जब पता चला कि जिन तारीखों पर मनाही के आदेश जारी किए गए, उन तारीखों पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) की कानूनी शक्तियों का रीजनल ऑफिसर या चेयरपर्सन के पक्ष में कोई वैध डेलीगेशन (अधिकार सौंपना) मौजूद नहीं है। [2026 LL (PH) 321]जस्टिस हरकेश मनुजा ने कहा,"यह स्पष्ट किया जाता है कि अपीलकर्ता द्वारा दी गई...

'Right To Be Forgotten: दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल- क्या अदालती रिकॉर्ड को पूरी तरह से छिपाना ज़रूरी है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सवाल उठाया कि क्या अदालती रिकॉर्ड तक पहुंच को रोकने के लिए कोई "ब्लैंकेट" (सब पर लागू होने वाला) आदेश ज़रूरी है। कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति की प्राइवेसी किसी खास अदालती रिकॉर्ड से प्रभावित होती है, वह उचित राहत के लिए संबंधित कोर्ट में जा सकता है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस विनोद कुमार की बेंच उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जो कानूनी डेटाबेस वेबसाइट 'इंडियन कानून' ने दायर की थीं। ये अपीलें एक सिंगल जज के उस फैसले को चुनौती देने के लिए थीं, जिसमें वेबसाइट को अदालती...

'विध्वंस पहली नज़र में गैर-कानूनी': बिना सुनवाई के घर गिराने पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकारा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सोमवार (7 सितंबर) को गोलपारा में कई निवासियों के निजी ज़मीन पर बने घरों को बिना उनकी बात सुने गिराने के लिए राज्य के अधिकारियों को फटकार लगाई। कोर्ट ने माना कि यह कार्रवाई पहली नज़र में गैर-कानूनी और बिना अधिकार के की गई।ऐसा करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा कि याचिकाकर्ताओं के घरों को गिराने की ज़रूरत क्यों पड़ी और क्या कोई "तत्काल खतरा" है।कोर्ट उन लोगों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिन्होंने मटिया के सर्कल ऑफिस (प्रतिवादी नंबर 3) द्वारा जारी नोटिस को चुनौती...

पति का यात्रा का खर्च उठाने का प्रस्ताव पत्नी की केस ट्रांसफर की अर्ज़ी अपने-आप खारिज नहीं कर सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्नी की अर्ज़ी पर हिसार की फैमिली कोर्ट से सोनीपत की फैमिली कोर्ट में पति द्वारा दायर तलाक की अर्ज़ी ट्रांसफर की। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के लिए यात्रा का खर्च उठाने का पति का प्रस्ताव कोई ऐसा सख्त नियम नहीं है, जिससे पत्नी की ट्रांसफर की मांग खारिज हो जाए और वैवाहिक मामलों में केस ट्रांसफर करते समय महिला पक्षकार की सुविधा को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। [2026 LiveLaw (PH) 322]जस्टिस हरकेश मनुजा ने कहा,"प्रतिवादी के वकील ने जिन फैसलों का हवाला दिया, उनसे उनके मामले...

दमोह स्कूल हिजाब विवाद: हाईकोर्ट ने स्टाफ और पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ धर्म परिवर्तन की FIR बरकरार रखी, कहा- आरोप बेतुके नहीं
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दमोह के स्कूल के पूर्व पदाधिकारियों, टीचर और चपरासी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। इन पर स्कूल के छात्रों पर अनिवार्य हिजाब और कुछ धार्मिक रीति-रिवाजों को थोपने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि इन आरोपों को बेतुका या अपराध न मानने लायक नहीं कहा जा सकता। [2026 LiveLaw (MP) 361]कोर्ट ने कहा कि आरोपों की सच्चाई सबूतों की जांच पर निर्भर करेगी और जांच के दौरान इकट्ठा किए गए बयानों और अन्य सामग्री को नजरअंदाज करके सिर्फ FIR को चुन-चुनकर पढ़ने से इसका फैसला नहीं किया जा...

रेप के आरोपी ने पीड़िता के ससुराल वालों को वीडियो भेजे, अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाया: एमपी हाईकोर्ट ने ज़मानत रद्द की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी की ज़मानत रद्द की। कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने पीड़िता पर अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाने के लिए उसके ससुराल वालों को वीडियो भेजे थे। [2026 LiveLaw (MP) 358]रेप के मामलों में पीड़िता की गरिमा और पहचान की सुरक्षा को सबसे ज़रूरी बताते हुए जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की बेंच ने कहा:"IPC की धारा 376 और 506 के तहत मामले में पीड़िता की पहचान और गरिमा की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। ज़मानत पर रिहा हुए व्यक्ति को कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों का सख्ती से पालन...

अजीत भारती ने SC/ST Act मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
यूट्यूबर और कमेंटेटर अजीत भारती ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत दर्ज एक मामले में अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की।इस मामले की सुनवाई अगले हफ़्ते होने की संभावना है।भारती ने ट्रायल कोर्ट के 7 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया।इस आदेश में, ASJ (एडिशनल सेशन जज) ने कहा कि एक मौजूदा सांसद की जाति और शादी की योग्यता के बारे में भारती की टिप्पणियों से प्रथम दृष्टया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों के वेलफेयर फंड में पारदर्शिता और फायदों के लिए ऑनलाइन पोर्टल की मांग वाली PIL पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 'एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट, 2001' और 'दिल्ली एडवोकेट्स वेलफेयर फंड रूल्स, 2001' के तहत वकीलों के वेलफेयर फंड में पारदर्शिता की मांग करने वाली एक PIL पर नोटिस जारी किया।'फर्स्ट जेनरेशन लॉयर्स एसोसिएशन' (FGLA) द्वारा दायर इस याचिका में फंड से जुड़ी जानकारी - जैसे आय, खर्च, खाते, ऑडिट और निवेश - का सही खुलासा करने और ऐसी जानकारी को एक सही ऑनलाइन सिस्टम के ज़रिए उपलब्ध कराने की मांग की गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार,...

इंजीनियर राशिद को कड़ी शर्तों पर जमानत मिल सकती है? दिल्ली हाईकोर्ट ने NIA से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से पूछा कि आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के मामले में जेल में बंद बारामूला सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दी जा सकती है या नहीं।कोर्ट ने संकेत दिया कि जमानत मिलने की स्थिति में उन्हें केवल राष्ट्रीय राजधानी में रहने जैसी शर्त लगाई जा सकती है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने NIA की ओर से पेश सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा को इस संबंध में निर्देश लेने को कहा।मामले की अगली सुनवाई तीन...

बॉम्बे हाईकोर्ट का DGP से सवाल: सरकारी ज़मीन सौदे के मामले में कथित तौर पर शामिल होने के बावजूद डिप्टी CM के बेटे का नाम क्यों नहीं?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के बेटे और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस से पूछा है कि मुंधवा ज़मीन सौदे के मामले में उन्हें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया?सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने गौर किया कि अल्मेडा एंटरप्राइजेज LLP नाम की एक कंपनी ने पुणे के मुंधवा इलाके में 40 एकड़ सरकारी ज़मीन, उसकी असल कीमत से बहुत कम दाम पर खरीदी थी।जज ने देखा कि मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ज़मीन खरीदने वाली कंपनी के दो डायरेक्टर थे - पार्थ पवार और...

माता-पिता की आपत्ति के बावजूद वयस्क महिला जैन साध्वी बनने के लिए स्वतंत्र: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 20 वर्षीय महिला को राहत देते हुए कहा कि वयस्क होने के नाते वह अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन जीने के लिए स्वतंत्र है।कोर्ट ने कहा कि भारत की नागरिक और 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिला को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धर्म का पालन करने का अधिकार है और उसके इस फैसले में किसी को भी जबरन हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जा सकती। जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें महिला ने अपने माता-पिता और रिश्तेदारों की कथित दबावपूर्ण कार्रवाई से सुरक्षा मांगी थी।...

सिर्फ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना पुलिस सेवा के लिए अयोग्य नहीं बनाता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होने मात्र से उसे पुलिस सेवा में नियुक्ति के लिए स्वतः अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। उम्मीदवार की योग्यता का आकलन मामले की प्रकृति और उससे जुड़ी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।जस्टिस जे. जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज करते हुए कहा कि केवल मुकदमा दर्ज होने के आधार पर उम्मीदवार को यांत्रिक ढंग से सेवा से बाहर नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने कहा,“ऐसा कोई कानून नहीं है,...

लत लगाने वाले सोशल मीडिया डिजाइन पर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका, विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ती निर्भरता और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके कथित असर को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।याचिका में फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम, एक्स और स्नैपचैट जैसे मंचों में इस्तेमाल होने वाले ऐसे डिजाइन की विशेषज्ञ जांच कराने की मांग की गई, जिन्हें यूजर्स का ध्यान अधिक से अधिक समय तक बनाए रखने और बार-बार मंच पर लौटने के लिए तैयार किया गया। याचिका बुधवार को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध...

नाबालिग के पासपोर्ट में गलत जन्मतिथि वर्षों पुरानी होने पर भी सुधार से इनकार नहीं कर सकते: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट में दर्ज जन्मतिथि कई वर्षों से गलत होने के आधार पर पासपोर्ट प्राधिकरण किसी नाबालिग की जन्मतिथि सुधारने के अनुरोध को खारिज नहीं कर सकता खासकर तब जब बाद में स्कूल के रिकॉर्ड सही कर दिए गए हों और पुराना जन्म प्रमाणपत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा रद्द किया जा चुका हो।जस्टिस संजय परिहार ने मोहम्मद फाजली इलाही की ओर से उनके पिता के माध्यम से दायर याचिका मंजूर करते हुए पासपोर्ट प्राधिकरण को सही जन्मतिथि के साथ नया पासपोर्ट जारी करने के आवेदन पर विचार...

निजी शरिया संस्था मुस्लिम महिला का तलाक या वैवाहिक स्थिति तय नहीं कर सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि खुद को 'इदारा-ए-शरिया इस्लामी कोर्ट' कहने वाली कोई निजी धार्मिक संस्था किसी व्यक्ति की वैवाहिक स्थिति या उसके कानूनी अधिकारों और दायित्वों का फैसला नहीं कर सकती।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था किसी निजी संस्था को अदालत की तरह कानूनी स्थिति तय करने का अधिकार नहीं देती। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने एक मुस्लिम महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।महिला ने 18 जनवरी 2022 को इदारा-ए-शरिया इस्लामी कोर्ट की ओर से जारी उस आदेश को...

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में उतरना चाहती हैं विनेश फोगाट, दिल्ली हाईकोर्ट ने WFI से मांगा जवाब
ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट ने 2026 सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति के लिए बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ से निर्देश लेने को कहा और याचिका पर अगली सुनवाई गुरुवार के लिए तय की। फोगाट ने यह नई अर्जी अपनी लंबित याचिका में दाखिल की। मूल याचिका में उन्होंने गर्भावस्था और मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट नीति बनाए जाने की मांग की।नई अर्जी में फोगाट ने...
