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AI Summit Protest: कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
दिल्ली कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को भारत मंडपम में हाल ही में हुए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के सिलसिले में चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।पटियाला हाउस कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास रवि ने यह ऑर्डर तब दिया जब दिल्ली पुलिस ने कस्टडी में पूछताछ के लिए चिब के लिए सात दिन की कस्टडी मांगी।जज ने IO की अर्जी को कुछ हद तक मान लिया और चिब को आज (मंगलवार) से 28 फरवरी तक चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।कोर्ट ने कहा,“यह समय खत्म...
नदी प्रदूषण पर 2021 का स्वतः संज्ञान मामला सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया, NGT में कार्यवाही जारी रखने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रदूषित नदियों के मुद्दे पर जनवरी 2021 में शुरू किए गए स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) मामले को बंद कर दिया। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस विषय पर निगरानी की प्राथमिक जिम्मेदारी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की है और कई मंचों पर समानांतर कार्यवाही से निर्देशों की निरंतरता प्रभावित होती है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की खंडपीठ ने कहा कि नदी प्रदूषण से जुड़े मामलों को NGT के समक्ष ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान चीफ़...
गोला-बारूद कोटा कटौती पर लंबित चुनौती के बीच एमपी हाइकोर्ट का अंतरिम आदेश, निशानेबाजों को 1,000 कारतूस जारी करने के निर्देश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट आगामी प्रतियोगिताओं को देखते हुए प्रसिद्ध और उभरते निशानेबाजों को अंतरिम राहत देते हुए प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1,000 कारतूस जारी करने के निर्देश दिए ।यह आदेश गोला-बारूद के कोटा में की गई कटौती को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया।जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कहा,“इन परिस्थितियों में और प्रत्युत्तर के पैरा 21 को ध्यान में रखते हुए प्रतिवादी अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1,000 कारतूस जारी किए जाएं, ताकि वे आगामी...
धर्म त्यागे बिना 'नो कास्ट, नो रिलीजन' प्रमाणपत्र नहीं मिल सकता: मद्रास हाइकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने हाल ही में एक व्यक्ति की नो कास्ट, नो रिलीजन प्रमाणपत्र जारी करने की मांग खारिज की।अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित व्यक्ति विधि सम्मत रीति-रिवाजों के अनुसार अपना धर्म त्याग नहीं करता, तब तक ऐसा प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा सकता।जस्टिस कृष्णन रामासामी ने कहा,“जब तक याचिकाकर्ता हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अपना धर्म त्याग नहीं करता, तब तक उसके अनुरोध पर विचार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में इस प्रकार का प्रमाणपत्र जारी करने का प्रश्न ही नहीं उठता।” पूरा...
आप रणवीर सिंह हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं कर सकते: हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणी, जांच पर अंतरिम रोक
कर्नाटक हाइकोर्ट ने मंगलवार को एक्टर रणवीर सिंह को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह भले ही बड़े कलाकार हों, लेकिन उन्हें किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार नहीं है।अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंच पर बोलते समय उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा,“आप एक एक्टर हैं और लाखों लोग आपसे प्रभावित होते हैं। जब आपके पास ऐसा प्रभाव है तो आपको जिम्मेदार होना चाहिए। आप किसी की नकल कर सकते हैं। कुछ भी कर सकते हैं लेकिन किसी की...
बीते मुद्दों को बेवजह उखाड़ने की कोशिश: 46 साल पुराने वक्फ नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
दिल्ली हाईकोर्ट ने जहांगीरपुरी क्षेत्र की कुछ मस्जिदों को वक्फ संपत्ति घोषित करने संबंधी 46 वर्ष पुराने नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) खारिज की।अदालत ने कहा कि यह बीते मुद्दों को बेवजह फिर से उखाड़ने की कोशिश है और दशकों बाद निपट चुके विषयों को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि मुस्लिम वक्फ अधिनियम, 1954 की धारा 6(1) के प्रावधान के अनुसार, धारा 5(2) के तहत वक्फ संपत्तियों की सूची प्रकाशित होने की...
“भागो, पुलिस आ गई; हाय, गोली लग गई” — 'फिल्मी स्क्रिप्ट' जैसी FIR पर हाईकोर्ट ने UP Police को फिर फटकारा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर पर गंभीर असंतोष जताया है, जिसे अदालत ने “फिल्मी पटकथा से प्रेरित” बताया। कोर्ट ने कहा कि पुलिस आपराधिक मामलों में एक मानक, अतिरंजित स्क्रिप्ट का इस्तेमाल कर रही है और ऐसे मामले “बाएं-दाएं” दर्ज किए जा रहे हैं।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की खंडपीठ यूपी गो-वध निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मामला हरदोई जिले का है।FIR में फिल्मी अंदाज़FIR के अनुसार, पुलिस को एक...
IPC की धारा 149: अवैध जमाव सिद्ध होने पर घातक वार करने वाले की पहचान अप्रासंगिक- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि अवैध जमाव (Unlawful Assembly) का अस्तित्व और उसका साझा उद्देश्य सिद्ध हो जाए, तो घातक चोट किस व्यक्ति ने पहुंचाई, यह मायने नहीं रखता। ऐसे मामलों में जमाव के प्रत्येक सदस्य पर समान रूप से आपराधिक दायित्व (vicarious liability) लागू होता है।न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस निर्णय को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपियों की सजा हत्या (धारा 302 IPC) से घटाकर गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 भाग-II IPC) कर दी गई थी, केवल इस आधार पर...
जमानत चरण पर साक्ष्यों का विस्तृत मूल्यांकन अस्वीकार्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि जमानत आवेदन पर विचार करते समय साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण या मूल्यांकन करना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने हत्या और एससी/एसटी अधिनियम से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ द्वारा आरोपियों को दी गई जमानत को रद्द कर दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने मुकदमे से पहले ही मेडिकल साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर टिप्पणी कर गलती की।मेडिकल साक्ष्य पर टिप्पणी अनुचितसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घटना की तारीख और मृतक की मृत्यु के बीच...
3-Year Practice Rule का महिलाओं की न्यायिक सेवा में प्रवेश पर असर देखा जाना चाहिए: जस्टिस भुइयां
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा है कि न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने लंबे समय से व्यक्त की जा रही चिंताओं को दूर किया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इसका दूसरा पहलू भी है — विशेषकर महिला अभ्यर्थियों के लिए, जिन्हें सामाजिक दबावों के कारण करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।जस्टिस भुइयां तेलंगाना जजेस एसोसिएशन और तेलंगाना स्टेट ज्यूडिशियल अकादमी द्वारा आयोजित 'संवैधानिक नैतिकता और जिला न्यायपालिका की...
2002 गुजरात दंगे: शव बरामदगी साबित न कर पाने पर दो आरोपियों की बरी बरकरार
गुजरात हाइकोर्ट ने वर्ष 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़े एक हत्या मामले में दो आरोपियों को सत्र अदालत द्वारा दी गई बरी बरकरार रखी।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि शव कहां से बरामद हुआ। साथ ही गवाहियों में गंभीर विरोधाभास और सुनी-सुनाई बातों पर आधारित साक्ष्य थे।जस्टिस एम.आर. मेंगदेय और जस्टिस मूल चंद त्यागी की खंडपीठ ने कहा,“जांच अधिकारी ने जिरह में स्वीकार किया कि उन्हें यह ज्ञात नहीं था कि शव कहां से बरामद हुआ। पंचनामा सिविल अस्पताल में तैयार...
कुंडली न मिलने का बहाना बनाकर शादी से इनकार, जबकि पहले बनाए शारीरिक संबंध और दिए बार-बार आश्वासन BNS की धारा 69 लागू: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शादी का बार-बार आश्वासन देकर शारीरिक संबंध स्थापित करता है और बाद में कुंडली न मिलने का हवाला देकर विवाह से इनकार कर देता है तो यह भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध के दायरे में आ सकता है। यह धारा छल या झूठे आश्वासन के माध्यम से स्थापित यौन संबंध को दंडनीय ठहराती है।जस्टिस स्वरना कांता शर्मा ने ऐसे ही एक मामले में आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज की। आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म से संबंधित प्रावधानों के साथ-साथ BNS की धारा 69 के तहत...
केरल सौहार्दपूर्ण राज्य, फिल्म छवि खराब करती है : हाइकोर्ट ने 'केरल स्टोरी 2' पर केंद्र से मांगा जवाब
केरल हाइकोर्ट ने फिल्म केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड को दी गई प्रमाणन प्रमाणपत्र को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से आज ही अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।अदालत ने यह भी पूछा कि क्या निर्णय से पहले फिल्म का विशेष प्रदर्शन न्यायालय के समक्ष कराया जा सकता है।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने फिल्म के कुछ संवादों का लिप्यंतरण देखने के बाद मौखिक रूप से टिप्पणी की,“केरल पूरी तरह सौहार्द में रहता है। लेकिन आपने यह दिखाया कि ऐसी घटनाएं पूरे केरल में हो रही हैं। यह एक गलत संकेत देता है और...
OCI कार्डधारक को बार काउंसिल चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में विदेशी नागरिकता रखने वाले OCI कार्डधारक की बार काउंसिल चुनाव लड़ने की मांग खारिज की।अदालत ने स्पष्ट किया कि OCI कार्डधारक को अनिवासी भारतीय के समान मानकर चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने यह आदेश पारित किया।याचिकाकर्ता चेलाभाई करसनभाई पटेल को गुजरात बार काउंसिल के चुनाव में नामांकन दाखिल करने की अनुमति इस आधार पर नहीं दी गई कि वे भारतीय नागरिक नहीं हैं।उच्च स्तरीय चुनाव...
SIR में आधार के उपयोग पर आपत्ति: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- RP Act में बदलवा के लिए केंद्र सरकार के पास जाएं
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision — SIR) प्रक्रिया में पहचान के लिए आधार कार्ड के उपयोग का विरोध करने वाले एक याचिकाकर्ता से कहा कि जब तक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (Representation of the People Act) आधार को मान्य दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार करता है, तब तक अदालत को भी इसे मानना होगा।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की खंडपीठ पश्चिम बंगाल में SIR से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।अदालत की टिप्पणीखंडपीठ ने कहा...
साथी चुनने का अधिकार संवैधानिक, अंतरधार्मिक संबंधों पर रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद ने अंतरधार्मिक जोड़ों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 अंतरधार्मिक विवाह या सहजीवन संबंधों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाता।अदालत ने स्पष्ट किया कि जीवनसाथी चुनने का अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत संरक्षित है।जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने कहा,“किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ चाहे वह किसी भी धर्म का हो, रहने का अधिकार जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न हिस्सा है।...
सुप्रीम कोर्ट ने “नव केरल नागरिक प्रतिक्रिया कार्यक्रम” पर हाईकोर्ट की रोक पर लगाया अंतरिम स्थगन
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केरल हाईकोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार को “नव केरल नागरिक प्रतिक्रिया कार्यक्रम” (Nava Kerala Citizens Response Program) लागू करने से रोक दिया गया था। यह कार्यक्रम सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने और नागरिकों से प्रतिक्रिया (फीडबैक) लेने के उद्देश्य से बनाया गया था।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।...
2 घंटे बस में बिना पानी-भोजन बिठाने पर एलायंस एयर दोषी, वरिष्ठ नागरिक को ₹1 लाख मुआवज़ा
दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड को सेवा में गंभीर कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए एक वरिष्ठ नागरिक महिला यात्री को ₹1 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि एयरलाइन ने तकनीकी खराबी के बाद यात्रियों को दो घंटे से अधिक समय तक एयरपोर्ट शटल बस में बिना मूलभूत सुविधाओं के बैठाए रखा और प्री-बुक भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया।आयोग की पीठ — अध्यक्ष मोनिका ए. श्रीवास्तव और सदस्य किरण कौशल — ने कहा कि यह व्यवहार विशेष रूप से एक बुजुर्ग और...
लंबित आपराधिक मामला मात्र से अयोग्यता नहीं, विज्ञापन की शर्तों का कड़ाई से पालन अनिवार्य: पटना हाईकोर्ट
पटना हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध आपराधिक मामला लंबित है लेकिन आवेदन की तिथि तक उसमें आरोप तय नहीं हुए हैं तो मात्र इस आधार पर उसे पेट्रोलियम डीलरशिप के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता जब तक कि विज्ञापन में स्पष्ट रूप से ऐसी अयोग्यता का प्रावधान न हो।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया का संचालन विज्ञापन से होता है। आवेदन प्रपत्र के आधार पर उसमें विस्तार या संशोधन नहीं किया जा सकता।यह निर्णय जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस आलोक कुमार सिन्हा की...
अदालतों को अप्रबंधनीय सामान्य निर्देश जारी नहीं करने चाहिए: मॉब लिंचिंग पर 2018 के फैसले के खिलाफ अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने उस अवमानना याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें राज्यों द्वारा 2018 के 'तहसीन पूनावाला बनाम भारत संघ' फैसले में जारी निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया गया था।उस फैसले में भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा और नफरती अपराधों को रोकने के लिए व्यापक निर्देश दिए गए।चीफ जस्टिस सूर्या कांत और जस्टिस जोयमाल्य बागची की बेंच समस्त केरल जमीयत-उल-उलेमा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।चीफ जस्टिस ने याचिका पर विचार करने के प्रति अनिच्छा जताते हुए टिप्पणी की कि पहले जारी किए गए...



















