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दिव्यांग व्यक्तियों को कार खरीद पर GST रियायत की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
दिव्यांग व्यक्तियों को कार खरीद पर GST रियायत की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें 100% दृष्टिबाधित व्यक्ति ने केंद्र सरकार की कार खरीद पर दी जाने वाली GST छूट योजना को पुनर्जीवित करने और इसे सभी दिव्यांग व्यक्तियों (PwDs) पर लागू करने की मांग की है, चाहे उनकी विकलांगता का प्रकार कुछ भी हो।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि केंद्र सरकार विभिन्न उच्च न्यायालयों में अलग-अलग स्टैंड ले रही है, जिससे योजना के संबंध...

एयर क्वालिटी के उपायों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएं, हमारे पास पहले से ही बहुत-से पेंडिंग मामले: दिल्ली हाईकोर्ट
एयर क्वालिटी के उपायों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएं, हमारे पास पहले से ही बहुत-से पेंडिंग मामले: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वह राष्ट्रीय राजधानी में एयर पॉल्यूशन लेवल और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को कंट्रोल करने और कम करने के लिए तुरंत उपाय करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट जाए।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की डिवीजन बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में एयर क्वालिटी से जुड़े मुद्दे पर नज़र रख रहा है और कई आदेश भी दिए हैं।कोर्ट ग्रेटर कैलाश-II वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से अपने जनरल सेक्रेटरी संजय राणा और एडवोकेट उदियन शर्मा के...

32,000 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश पलटा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा- मामूली अनियमितताओं के कारण पूरी व्यवस्था को बर्बाद नहीं किया जा सकता
32,000 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश पलटा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा- मामूली अनियमितताओं के कारण पूरी व्यवस्था को बर्बाद नहीं किया जा सकता

कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने लगभग 32,000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने वाला सिंगल बेंच का विवादास्पद आदेश खारिज करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी। यह मामला पश्चिम बंगाल में कैश-फॉर-जॉब्स टीईटी-भर्ती घोटाले से जुड़ा था।जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस रीतोब्रतो कुमार मित्रा की खंडपीठ ने अपने फैसले में जोर देकर कहा कि प्रणालीगत दुर्भावना साबित नहीं हुई। असफल उम्मीदवारों के एक समूह को पूरी व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।यह आदेश तत्कालीन सिंगल बेंच जज अभिजीत...

व्यभिचार साबित करने के लिए परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर्याप्त, पत्नी का भरण-पोषण दावा ख़ारिज: केरल हाईकोर्ट
व्यभिचार साबित करने के लिए परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर्याप्त, पत्नी का भरण-पोषण दावा ख़ारिज: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी द्वारा व्यभिचार में रहना साबित करने के लिए प्रत्यक्ष साक्ष्य अनिवार्य नहीं है बल्कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी पर्याप्त हो सकता है और ऐसे मामलों में इससे पत्नी का CrPC की धारा 125 के अंतर्गत भरण–पोषण का दावा समाप्त किया जा सकता है।जस्टिस काउसर एडप्पगाथ ने यह निर्णय उस पुनर्विचार याचिका पर दिया, जिसमें फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी को दी गई भरण–पोषण राशि को चुनौती दी गई। पति का तर्क था कि पत्नी व्यभिचार में रह रही है, इसलिए CrPC की धारा 125(4) के अनुसार वह...

सरकारी वकील के पदों पर भी दिव्यांग आरक्षण की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
सरकारी वकील के पदों पर भी दिव्यांग आरक्षण की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अतिरिक्त लोक अभियोजक और अतिरिक्त सरकारी वकील के पदों पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम (RPwD Act) के तहत आरक्षण की मांग वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस संबंध में आदेश पारित किया।याचिकाकर्ता प्रैक्टिस कर रही वकील हैं, जिन्हें RPwD Act के तहत बेंचमार्क दिव्यांगता प्राप्त है और उनका 19 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने केरल सरकार कानून अधिकारी (नियुक्ति और सेवा की शर्तें) नियम 1978 के तहत इन पदों के लिए आवेदन...

जमानत याचिकाओं में देरी करने वाले लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख़्त कार्रवाई: DGP को सर्कुलर जारी करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्देश
जमानत याचिकाओं में देरी करने वाले लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख़्त कार्रवाई: DGP को सर्कुलर जारी करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को निर्देश दिया कि वह सभी जिला पुलिस प्रमुखों को एक सर्कुलर जारी करें कि अगर सरकारी वकील को बेल अर्जियों में निर्देश देने में किसी पुलिस अधिकारी की ओर से कोई लापरवाही पाई जाती है तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने यह आदेश देते हुए कहा कि किसी आरोपी की आज़ादी को सिर्फ इसलिए कम नहीं किया जा सकता, क्योंकि पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट को ज़रूरी निर्देश देने में लापरवाही की।हाईकोर्ट विनोद राम नामक...

ओला-उबर, स्विगी-जोमैटो के गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, महिला चालकों की भागीदारी बढ़ाई जाए: राजस्थान हाईकोर्ट
ओला-उबर, स्विगी-जोमैटो के गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, महिला चालकों की भागीदारी बढ़ाई जाए: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने ऐप आधारित परिवहन और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर्स के संचालन को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। न्यायालय ने आदेश दिया कि ओला, उबर, स्विगी, जोमैटो सहित सभी कंपनियों के चालकों और डिलीवरी कर्मियों का राज्य परिवहन विभाग तथा महानिदेशक, सायबर के समक्ष अनिवार्य रजिस्ट्रेशन किया जाए।जस्टिस रवि चिरानिया की पीठ ने महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि संबंधित कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाए ताकि छह माह के भीतर कम-से-कम 15 प्रतिशत चालक महिलाएं...

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के अधिकारियों द्वारा आरोपी को 55 तारीखों पर कोर्ट में पेश न करने पर हैरानी जताई, जांच के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के अधिकारियों द्वारा आरोपी को 55 तारीखों पर कोर्ट में पेश न करने पर हैरानी जताई, जांच के आदेश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र जेल अधिकारियों की आलोचना की कि वे ज़्यादातर सुनवाई की तारीखों पर अंडरट्रायल आरोपी को ट्रायल कोर्ट में बार-बार पेश करने में नाकाम रहे।कोर्ट एक ऐसे मामले पर विचार कर रहा था, जिसमें चार साल से ज़्यादा समय से कस्टडी में बंद आरोपी को कुल 85 ट्रायल तारीखों में से 55 पर ट्रायल कोर्ट में पेश नहीं किया गया।आरोपी को ज़मानत देते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने जेल अधिकारियों द्वारा याचिकाकर्ता को कोर्ट में पेश न कर पाने पर हैरानी जताई...

कोई इंटरलिंक्ड प्रोसेस पावर का इस्तेमाल करता है तो कॉटन फैब्रिक के लिए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट नहीं मिलेगी: सुप्रीम कोर्ट
कोई इंटरलिंक्ड प्रोसेस पावर का इस्तेमाल करता है तो कॉटन फैब्रिक के लिए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट नहीं मिलेगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर मैन्युफैक्चरिंग चेन के किसी भी स्टेज पर पावर का इस्तेमाल होता है तो मैन्युफैक्चरर प्रोसेस्ड कॉटन फैब्रिक के लिए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट का दावा नहीं कर सकते, भले ही काम अलग-अलग यूनिट्स के ज़रिए किया जा रहा हो। कोर्ट ने उस ड्यूटी और पेनल्टी की मांग को बहाल किया, जिसे कस्टम्स, एक्साइज और सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (CESTAT) ने खारिज कर दिया था।बिना पावर या स्टीम की मदद के प्रोसेस किए गए 'कॉटन फैब्रिक' के लिए एक्साइज ड्यूटी में छूट का दावा करने के लिए...

2018 से पुलिस हिरासत से लापता युवक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने DGP को फटकारा; कहा—अगर युवक को मार दिया गया है, तो SP को भी बख्शा नहीं जाएगा
2018 से पुलिस हिरासत से लापता युवक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने DGP को फटकारा; कहा—'अगर युवक को मार दिया गया है, तो SP को भी बख्शा नहीं जाएगा'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कड़ी आलोचना करते हुए पुलिस हिरासत से 2018 में गायब हुए एक व्यक्ति के मामले को न्याय प्रणाली का “घोर उपहास” बताया है। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने राज्य के डीजीपी को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि detenue/कॉपस को “खत्म” कर दिया गया है, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ किसी जूनियर अधिकारी पर नहीं थोपी जा सकती और ऐसे हाल में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) को भी बख्शा नहीं जा सकता। यह टिप्पणियाँ 2018 में दायर उस हैबियस कॉर्पस याचिका की...

डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल किसी व्यक्ति के विदेश यात्रा पर रोक नहीं लगा सकता या उस पर शर्तें नहीं थोप सकता: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल किसी व्यक्ति के विदेश यात्रा पर रोक नहीं लगा सकता या उस पर शर्तें नहीं थोप सकता: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (2 दिसंबर) को कहा कि चूंकि डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल के पास किसी व्यक्ति के विदेश यात्रा के मौलिक अधिकार पर रोक लगाने की शक्ति नहीं है, इसलिए वह ऐसी यात्रा के लिए कोई शर्त भी नहीं लगा सकता।यह बात मेटलमैन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर द्वारा दायर याचिका में कही गई, जिसमें रिकवरी ऑफिसर के 22 अगस्त, 2025 के आदेश को चुनौती दी गई। इस आदेश में याचिकाकर्ता की यात्रा पर यह शर्त लगाई गई कि वह बैंक के लिए गारंटी के तौर पर एक ऑफिशियल अकाउंट में 50,00,00,000 जमा...

लोक सेवक को सुने बिना भ्रष्टाचार पर प्रथम दृष्टया राय नहीं बना सकता लोकपाल: दिल्ली हाईकोर्ट
लोक सेवक को सुने बिना भ्रष्टाचार पर प्रथम दृष्टया राय नहीं बना सकता लोकपाल: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद में भर्ती और पदोन्नति से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का आदेश रद्द करते हुए कहा कि लोकपाल किसी भी लोक सेवक को नोटिस देकर सुनवाई का अवसर दिए बिना भ्रष्टाचार को लेकर प्रथम दृष्टया राय नहीं बना सकता। अदालत ने माना कि लोकपाल ने इस प्रकरण में पहले ही मामले पर पूर्वाग्रहपूर्ण निष्कर्ष निकाल लिया, जो कानून के विपरीत है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013 की धारा 20(3) का हवाला देते हुए कहा कि...

जल जीवन मिशन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
जल जीवन मिशन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजस्थान में केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी कथित अनियमितताओं और धन शोधन (PMLA) मामले में कांग्रेस नेता व राज्य के पूर्व मंत्री महेश जोशी को जमानत प्रदान की।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने महेश जोशी द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर यह आदेश पारित किया। जोशी ने राजस्थान हाईकोर्ट के अगस्त में पारित उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया।उल्लेखनीय है कि महेश जोशी पिछली कांग्रेस...

गर्भवती महिला सुनेली खातून और बेटे की वापसी पर राज़ी हुआ केंद्र : सुप्रीम कोर्ट में दिया मानवीय आधार पर आश्वासन
गर्भवती महिला सुनेली खातून और बेटे की वापसी पर राज़ी हुआ केंद्र : सुप्रीम कोर्ट में दिया मानवीय आधार पर आश्वासन

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया कि बांग्लादेश निर्वासित की गई गर्भवती महिला सुनेली खातून और उसके आठ वर्षीय पुत्र साबिर को मानवीय आधार पर भारत वापस लाया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ के समक्ष यह बयान दिया।अदालत को बताया गया कि सरकार आवश्यक प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों को भारत लाएगी और यह कदम मामले के गुण-दोष पर उसके रुख को प्रभावित किए बिना उठाया जा रहा है। साथ ही सरकार अपने अधिकार सुरक्षित रखते हुए उनकी...

तलाकशुदा मुस्लिम महिला शादी में पति को दिए गए तोहफ़े वापस पाने की हकदार: सुप्रीम कोर्ट
तलाकशुदा मुस्लिम महिला शादी में पति को दिए गए तोहफ़े वापस पाने की हकदार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 दिसंबर) को कहा कि एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) एक्ट, 1986 के तहत शादी के समय अपने पति द्वारा अपने पिता से लिए गए कैश और सोने के गहने वापस पाने की हकदार है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया, जिसमें एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला के 7 लाख रुपये और शादी के रजिस्टर (क़ाबिलनामा) में बताए गए सोने के गहनों के दावे को खारिज कर दिया गया, जो उसके पिता ने उसके पूर्व पति को तोहफ़े के तौर...