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लॉ ऑन रील्स- हक (2025): आस्था, नारीवाद और हक के लिए लड़ाई
हक (2025) सुपर्ण वर्मा द्वारा निर्देशित एक भारतीय हिंदी भाषा की फिल्म है। इसमें यामी गौतम धर (शाजिया बानो के रूप में) और इमरान हाशमी (अब्बास खान के रूप में) मुख्य भूमिकाओं में हैं। अपने अंतिम श्रेय में, फिल्म स्वीकार करती है कि हालांकि निर्माताओं ने कथा को काल्पनिक बनाने के लिए रचनात्मक स्वतंत्रता ली है, लेकिन यह मुख्य रूप से मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम 1985 INSC 97 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से प्रेरित है। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय था जिसमें शाह बानो आपराधिक प्रक्रिया संहिता...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने खसरा नंबर ठीक करने के लिए याचिका में संशोधन को सही ठहराया, कहा- कार्रवाई के कारण पर कोई असर नहीं पड़ा
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वह याचिका खारिज की, जिसमें एक गलत खसरा नंबर को ठीक करने के लिए याचिका में संशोधन की अनुमति देने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के सीमित संशोधन से कार्रवाई का कारण नहीं बदलता है और न ही मुकदमे की प्रकृति बदलती है।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने टिप्पणी की:"अनुमति दिया गया संशोधन, जो केवल संपत्ति के खसरा नंबर में बदलाव तक सीमित है, उसे न तो कार्रवाई का कारण बदलने वाला कहा जा सकता है और न ही मुकदमे की प्रकृति बदलने वाला, क्योंकि प्रतिवादियों को याचिका की...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोग्य एसपी विधायक इरफ़ान सोलंकी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही रद्द करने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते समाजवादी पार्टी (एसपी) के पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी की याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 (UAPA) के तहत उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।जस्टिस समित गोपाल की बेंच ने BNSS की धारा 528 के तहत उनकी याचिका खारिज की, क्योंकि कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि ट्रायल एडवांस्ड स्टेज पर है और उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद हैं।सोलंकी ने 2022 के विधानसभा चुनाव कानपुर नगर के...
'प्राकृतिक संसाधनों की सरेआम लूट और डकैती': हाईकोर्ट ने अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन पर चिंता जताई, मुख्य सचिव से हलफनामा मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चरखी दादरी जिले के पिछोपा कलां गांव में बड़े पैमाने पर अवैध खनन पर गहरी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि इस मामले के पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जनहित पर दूरगामी परिणाम होंगे, जो निजी पार्टियों के आपसी विवादों से कहीं ज़्यादा हैं।जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर ने ड्रोन सर्वे रिपोर्ट देखते हुए कहा,"जो खुली आंखों से दिख रहा है, वह न सिर्फ परेशान करने वाला है, बल्कि हैरान करने वाला भी है। पहली नज़र में यह एनवायरनमेंट क्लीयरेंस सर्टिफिकेट में दिए गए पर्यावरण...
पति ने नेपाल में अशांति के दौरान पत्नी की मौत पर ₹100 करोड़ के मुआवज़े की मांग की, दूतावास पर नाकामी का लगाया आरोप
एक पति ने सितंबर, 2025 में नेपाल के काठमांडू में हिंसक नागरिक अशांति के दौरान अपनी पत्नी की मौत पर 100 करोड़ रुपये के मुआवज़े, न्यायिक जांच और जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की।बता दें, याचिकाकर्ता की पत्नी भारतीय नागरिक थी।रणबीर सिंह गोला ने भारत सरकार, नेपाल में भारतीय दूतावास और हयात इंडिया कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर की, जिसमें घोर लापरवाही, संवैधानिक विफलता और कर्तव्य की उपेक्षा का आरोप लगाया गया, जिसके कारण कथित तौर पर उनकी पत्नी,...
CPC की धारा 24 के तहत वैवाहिक मामलों के आपसी सहमति से ट्रांसफर पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब केस लड़ने वाले पक्ष सहमत हों तो सिविल प्रोसीजर कोड (CPC) की धारा 24 के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करके केस ट्रांसफर करने का आदेश देने में कोई कानूनी रुकावट नहीं है।कोर्ट ने आगे कहा कि आपसी सहमति से ट्रांसफर के मामलों में सुविधा के संतुलन की विस्तृत तुलनात्मक जांच की ज़रूरत काफी हद तक कम हो जाती है।यह टिप्पणी जस्टिस योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने तलाक के मुकदमे में ट्रांसफर एप्लीकेशन को मंज़ूरी देते हुए की। कोर्ट ने कहा कि हालांकि वादी आमतौर पर मुकदमे का मालिक...
श्रम संहिता के नियम फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएंगे: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
केंद्र सरकार ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में बताया कि नए इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020 के तहत नियम फरवरी के अंत तक फाइनल कर दिए जाएंगे।SGI तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच को बताया कि नियम बनाने पर विचार किया जा रहा है और जनता से सुझाव मांगे गए।SGI ने कहा कि मौजूदा कमियों को दूर करने और पुराने श्रम कानून व्यवस्था से नए कोड में आसानी से बदलाव सुनिश्चित करने के लिए दो नोटिफिकेशन जारी किए गए।मेहता ने आगे कहा कि पुराने श्रम कानूनों के तहत स्थापित...
क्या BNSS की धारा 175 (4) पर सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या ने लोक सेवकों के खिलाफ शिकायतें कठिन बना दीं?
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में XXX बनाम केरल राज्य और अन्य में कहा कि धारा 175 (4) बीएनएसएस एक स्टैंडअलोन प्रावधान नहीं है और इसे धारा 175 (3) के साथ पढ़ा जाना चाहिए, जिसमें शिकायतकर्ता को एक लोक सेवक के खिलाफ मजिस्ट्रेट को स्थानांतरित करने से पहले एक लिखित, हलफनामे-समर्थित शिकायत के माध्यम से पहले पुलिस और पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने की आवश्यकता होती है। प्रक्रियात्मक अनुशासन के उद्देश्य से, निर्णय चिंता पैदा करता है कि यह झूठे मामलों के खिलाफ मौजूदा सुरक्षा उपायों के बावजूद लोक सेवकों को...
सुप्रीम कोर्ट ने आत्महत्या मामले में IAS अधिकारी टालो पोटम की जमानत रद्द करने पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, जिसमें 19 साल के गोमचू येकर की आत्महत्या के मामले में अरुणाचल प्रदेश के IAS अधिकारी टालो पोटम को दी गई जमानत रद्द कर दी गई थी।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा (टालो पोटम के लिए) की बात सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। इसने निर्देश दिया कि पोटम जांच में सहयोग करेंगे।संक्षेप में यह मामला 19 साल के गोमचू येकर की दुखद मौत से जुड़ा है, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 23.10.2025 को...
प्रतिकूल आदेश ट्रायल स्थानांतरण का आधार नहीं, फोरम हंटिंग पर लगाम जरूरी: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मामले में प्रतिकूल आदेश पारित होना या ऐसा आदेश जो बाद में उच्च अदालत द्वारा निरस्त कर दिया जाए, अपने आप में न्यायिक पक्षपात या पूर्वाग्रह का आधार नहीं बन सकता। हाइकोर्ट ने कहा कि न्यायिक त्रुटि और न्यायिक पक्षपात को एक समान नहीं माना जा सकता और केवल मनचाहा आदेश न मिलने के आधार पर ट्रायल के स्थानांतरण की मांग करना न्यायिक प्रक्रिया की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि अक्सर वादी या आरोपी किसी प्रतिकूल आदेश को जज की कथित...
'बच्चों द्वारा नशे में ड्राइविंग से होने वाले हादसों के लिए माता-पिता ज़िम्मेदार': जस्टिस बीवी नागरत्ना
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सोमवार को माता-पिता की ज़िम्मेदारी पर कड़ी मौखिक टिप्पणी की, जब वह 2024 पुणे पोर्श दुर्घटना से जुड़े ज़मानत आवेदनों पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।मामले में खून के सैंपल बदलने की साज़िश रचने के आरोपी तीन लोगों को ज़मानत देने का आदेश देते हुए जस्टिस नागरत्ना ने सीधे उन माता-पिता पर ध्यान दिलाया, जो बिना किसी रोक-टोक के अपने बच्चों को कार और पैसे दे देते हैं।घटना की गंभीरता और बाद में उसे छिपाने की कोशिश पर ध्यान देते हुए उन्होंने...
साहिबगंज में समानांतर प्रशासन चलने पर चिंता, पहाड़िया समुदाय की सुरक्षा के आदेश: झारखंड हाइकोर्ट
झारखंड हाइकोर्ट ने साहिबगंज जिले में पहाड़िया आदिवासी समुदाय के कथित सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार के गंभीर आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस और जिला प्रशासन को समुदाय के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। हाइकोर्ट ने कहा कि किसी भी समूह को राज्य के अधिकार अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।यह आदेश जस्टिस संजय प्रसाद की एकल पीठ ने उस आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें तीन अपीलकर्ताओं ने अग्रिम जमानत की मांग की थी। अपीलकर्ता बारहरवा थाना...
भ्रष्टाचार मामले में पूर्व पंजाब मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
आज सुप्रीम कोर्ट ने बिक्रम सिंह मजीठिया को कथित रूप से ₹540 करोड़ से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में जमानत दे दी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश सीनियर एडवोकेट डॉ. एस. मुरलीधर (मजीठिया की ओर से) और वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे (राज्य की ओर से) की दलीलें सुनने के बाद पारित किया। पिछली सुनवाई में मजीठिया ने जीवन को खतरे की आशंका जताते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी।अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए—विशेष...
आधार और वोटर आईडी नागरिकता का प्रमाण नहीं, रिकॉर्ड में विदेशी नागरिकता होने पर वीज़ा नियमों का पालन अनिवार्य: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने जन्म से भारतीय नागरिक होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को राहत देने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता ने पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों को उसे लॉन्ग टर्म वीज़ा (LTV) के लिए आवेदन करने के लिए बाध्य करने से रोकने की मांग की थी।जस्टिस नागेश भीमाबाका ने रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने आप में भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, खासकर तब जब आधिकारिक रिकॉर्ड में विदेशी नागरिकता...
निजी स्कूल फीस विनियमन कानून 2025-26 में लागू नहीं होगा: दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड किया कि राष्ट्रीय राजधानी में निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने के लिए हाल ही में अधिसूचित कानून को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लागू नहीं किया जाएगा।दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने अदालत को बताया कि दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण व विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025, जिसे दिसंबर 2025 में अधिसूचित किया गया था, चालू शैक्षणिक वर्ष में प्रभावी नहीं होगा।जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस...
I-PAC छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट में ED की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार ने आपत्ति जताई
प्रवर्तन निदेशालय की उस याचिका पर, जिसमें उसने आई-पैक (I-PAC) कार्यालय में की गई छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कथित हस्तक्षेप को चुनौती दी है, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में काउंटर हलफनामा दायर किया है। राज्य ने समान मुद्दों पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में कार्यवाही लंबित होने का हवाला देते हुए ईडी की रिट याचिका की पोषणीयता (maintainability) पर आपत्ति उठाई है।राज्य सरकार ने दलील दी है कि ईडी के पास ऐसे मौलिक अधिकार नहीं हैं, जिनके आधार पर वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम...
हेरिटेज संपत्तियों के आसपास इमारतों का सर्वे करेगा MCD, अवैध निर्माण की जांच के आदेश: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में अधिसूचित हेरिटेज संपत्तियों के आसपास स्थित इमारतों में अवैध निर्माण की जांच के लिए नगर निगम दिल्ली (MCD) को व्यापक सर्वे कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा है कि यह सर्वे यह पता लगाने के लिए आवश्यक है कि क्या हेरिटेज स्थलों के निकट की जा रही या पहले से की गई निर्माण गतिविधियां भवन उपविधियों और स्वीकृत नक्शों के अनुरूप हैं या नहीं।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने यह निर्देश उन याचिकाओं के समूह पर सुनवाई के दौरान दिया,...
30 साल पुराने वसीयतनामे पर वैधता की कोई स्वचालित धारणा नहीं, निष्पादन का कठोर प्रमाण आवश्यक: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 90 के तहत 30 वर्ष से अधिक पुराने दस्तावेजों को लेकर जो वैधता की धारणा बनाई जाती है, वह वसीयत (विल) के मामलों में लागू नहीं होती। हाइकोर्ट ने कहा कि वसीयत को केवल उसकी प्राचीनता के आधार पर सही नहीं माना जा सकता, बल्कि उसका निष्पादन और सत्यापन विधि में निर्धारित कठोर प्रावधानों के अनुसार सिद्ध किया जाना अनिवार्य है।यह निर्णय जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने दिया। कोर्ट ने कहा कि वसीयत दाता की मृत्यु के बाद ही प्रभावी होती है और उसके...
सुप्रीम कोर्ट का केंद्र से आग्रह: जनगणना 2027 में जाति की आत्म-घोषणा पर उठी चिंताओं की करे जांच
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और जनगणना संचालन निदेशालय को निर्देश दिया कि वे आगामी जनगणना 2027 में जाति गणना को केवल आत्म-घोषणा (self-declaration) के बजाय सत्यापन योग्य तंत्र के आधार पर करने संबंधी याचिकाकर्ता के सुझाव पर विचार करें।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की खंडपीठ ने यह मानते हुए कि याचिकाकर्ता ने “प्रासंगिक मुद्दा” उठाया है, इस विषय पर न्यायिक हस्तक्षेप से परहेज़ किया। खंडपीठ ने कहा कि यह मामला जनगणना अधिनियम, 1958 के तहत संबंधित प्राधिकरणों द्वारा देखा जाना...
तमिलनाडु-कर्नाटक के बीच पैन्नैयार नदी विवाद के निपटारे के लिए ट्रिब्यूनल गठित करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
आज सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों के बीच पैन्नैयार नदी के जल बंटवारे से जुड़े लंबित विवाद के समाधान के लिए जल विवाद अधिकरण (ट्रिब्यूनल) के गठन का निर्देश दिया।अदालत ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह एक माह के भीतर जल विवाद अधिकरण का गठन करे। यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ ने सुनाया। खंडपीठ ने इस मामले में अपना निर्णय पिछले वर्ष दिसंबर में सुरक्षित रखा था।सितंबर 2025 में न्यायालय को बताया गया था कि इस विवाद के समाधान के लिए अधिकरण का गठन आवश्यक है।...




















