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नोएडा श्रमिक प्रदर्शन मामला: पत्रकार सत्यम वर्मा को एक केस में सह-आरोपी की जमानत के आधार पर हाईकोर्ट से राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 के नोएडा श्रमिक प्रदर्शन से जुड़े 11 आपराधिक मामलों में से एक मामले में पत्रकार सत्यम वर्मा को जमानत दी।जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने यह राहत उसी मामले में पहले जमानत पा चुके सह-आरोपी के साथ समानता के आधार पर दी। हालांकि, अन्य मामलों में हिरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अलग से निरुद्ध होने के कारण सत्यम वर्मा के फिलहाल जेल से बाहर आने की संभावना नहीं है। हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध नगर के एक थाने में दर्ज केस क्राइम नंबर 164/2026 में जमानत मंजूर की। इस मामले में...

नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को जबरन गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को गर्भ जारी रखने और बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। महिला के अपने शरीर से जुड़े अधिकार में यह तय करने का अधिकार भी शामिल है कि वह मां बनना चाहती है या नहीं।कोर्ट ने करीब 30 सप्ताह 5 दिन के गर्भ वाली 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को मेडिकल प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन की अनुमति देते हुए ये महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। जस्टिस मधु जैन ने कहा कि यौन हिंसा के मामले में पीड़िता को अपनी इच्छा के विरुद्ध गर्भ जारी रखने और मातृत्व की जिम्मेदारी...

शादी के बाद बदले हालात: राजस्थान हाईकोर्ट ने दुष्कर्म और POCSO FIR रद्द की, कहा- विवाद का मूल आधार अब नहीं रहा

राजस्थान हाईकोर्ट ने पक्षकारों के बीच समझौते और बाद में उनके विवाह को ध्यान में रखते हुए दुष्कर्म और POCSO Act के तहत दर्ज FIR रद्द की।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की पीठ ने कहा कि परिस्थितियों में आए बदलाव से स्पष्ट है कि विवाद का मूल आधार अब अस्तित्व में नहीं है और मामले में दोषसिद्धि की संभावना बेहद कम है। मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के आधार पर एफआईआर और उससे जुड़ी आपराधिक...

पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की तलाश में छापेमारी का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मेयर से कहा- FIR के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क करें

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की तलाश में उनके दिल्ली स्थित आवास पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित छापेमारी के मामले में गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली पूर्व दिल्ली मेयर फरहाद सूरी की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया।कोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज कराने के लिए पहले संबंधित वैधानिक उपाय अपनाए जाने चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट आने का यह उचित चरण नहीं है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी....

CBI रिश्वत मामले में निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर SC का रुख सख्त, CJI बोले- “100% केस खारिज होने का है”

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी और निलंबित पंजाब पुलिस DIG हरचरण सिंह भुल्लर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया संकेत दिया कि याचिका खारिज की जा सकती है।मामले की सुनवाई चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ कर रही थी। भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा नियमित जमानत से इनकार किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।गवाहों की जांच के बाद होगी सुनवाईसुनवाई के दौरान भुल्लर की ओर से पेश वकील ने कहा...

परिवार दशकों से भारत में रह रहा हो तो नेपाली नागरिक होने के कारण पैरोल से इनकार नहीं किया जा सकता: हिमाचल हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी दोषी का नेपाली नागरिक होना अपने आप में उसे पैरोल देने से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता। यदि दोषी का परिवार कई दशकों से भारत में रह रहा है, यहां उसके स्थायी सामाजिक और पारिवारिक संबंध हैं तथा जेल में उसका आचरण संतोषजनक रहा है तो केवल इस आशंका के आधार पर पैरोल नहीं रोकी जा सकती कि वह नेपाल भाग सकता है।जस्टिस राकेश कैंथला ने विक्की राणा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब याचिकाकर्ता के परिवार के सदस्य 30-35 वर्षों से नैनीताल में रह रहे हैं, तो केवल उसके...

DUSU चुनाव में राजनीतिक दलों के प्रभाव का आरोप, दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका; कल होगी सुनवाई

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के 2026-27 के चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में 13 अगस्त को जारी चुनाव अधिसूचना और 11 सितंबर के नोटिस को चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता ने मांग की कि छात्र संघ चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों और केंद्र सरकार के संबंधित निर्देशों के अनुरूप कराया जाए।मामले का मंगलवार को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष उल्लेख किया गया। पीठ ने मामले को बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी।दिल्ली यूनिवर्सिटी...

12 साल से जेल में बंद आरोपी को जमानत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- मुकदमे में देरी हो तो अपराध की गंभीरता अकेले जमानत रोकने का आधार नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या और लूट के 2013 के मामले में 12 साल से अधिक समय से जेल में बंद आरोपी को नियमित जमानत देते हुए कहा कि केवल अपराध की गंभीरता अपने आप में जमानत देने पर पूर्ण रोक नहीं लगा सकती। यदि मुकदमा उचित गति से आगे नहीं बढ़ रहा है और आरोपी के शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है तो लंबे समय तक हिरासत में रखना जमानत पर विचार करने का महत्वपूर्ण आधार है।जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने शिवम गुप्ता की जमानत याचिका मंजूर करते हुए यह टिप्पणी की। आरोपी को जनवरी 2014 में भारतीय दंड...

हाईकोर्ट ने ज़मानत मामले में प्रॉसिक्यूटर को जानकारी न देने पर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई, DCP को पेश होने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़मानत के मामलों में प्रॉसिक्यूटर (सरकारी वकील) को समय पर जानकारी न देने के लिए दिल्ली पुलिस की आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि ऐसी लापरवाही यह दिखाती है कि पुलिस व्यक्तिगत आज़ादी के मुद्दे को किस तरह से ले रही है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) की धारा 22 और 29 के तहत दर्ज FIR से जुड़ी दो ज़मानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं।कोर्ट ने गौर किया कि ये मामले पिछले साल दिसंबर से अलग-अलग बेंचों के सामने लंबित थे और...

क्या धर्म बदलने से अपने आप अनुसूचित जनजाति का दर्जा खत्म हो जाता है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में धर्म परिवर्तन करने से ही किसी व्यक्ति का 'अनुसूचित जनजाति' (ST) का दर्जा अपने आप खत्म नहीं हो जाता।कोर्ट ने कहा कि कोई व्यक्ति ST का सदस्य बना रहता है या नहीं, यह तथ्यों पर निर्भर करता है। इसका फैसला आदिवासी पहचान की ज़रूरी विशेषताओं की जांच करके किया जाएगा, जिसमें पारंपरिक रीति-रिवाज, सामाजिक संगठन, सामुदायिक जीवन और संबंधित आदिवासी समुदाय द्वारा स्वीकार्यता शामिल है।जस्टिस अरुण कुमार की बेंच ने यह बात 'चिंथडा आनंद बनाम आंध्र प्रदेश राज्य और अन्य'...

संविधान को समझने और लोकतंत्र में यकीन करने वाले हर व्यक्ति का उमर खालिद को रिहा करो कहना सही: वकील वृंदा ग्रोवर

वकील वृंदा ग्रोवर ने हाल ही में कहा कि स्टूडेंट एक्टिविस्ट उमर खालिद को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में बिना ट्रायल के छह साल से जेल में रखा गया है, और इसकी वजह उनके विचार हैं।उन्होंने कहा,"एक बात जो साफ़ है और जिस पर कोई विवाद नहीं है, वह यह है कि उन्हें [उमर खालिद] उनके विचारों और सोच के कारण, और अपनी नागरिकता का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने के कारण जेल में डाला गया—न कि इसलिए कि वे एक ऐसे निष्क्रिय व्यक्ति थे जो शायद कभी-कभार वोट डालने जाते थे। इसीलिए वे जेल में हैं। उनकी...

Know The Law | सुप्रीम कोर्ट ने पेंशन एरियर के दावों को सीमित करने वाले तरसेम सिंह मामले के पुराने फ़ैसले को क्यों नहीं माना?

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फ़ैसला सुनाया कि फ़ैमिली पेंशन का दावा करने वाली किसी विधवा को सिर्फ़ इसलिए एरियर देने से मना नहीं किया जा सकता कि उसने कोर्ट में देर से अपील की थी, अगर यह देरी उसकी गरीबी, अनपढ़ता और एम्प्लॉयर (नियोक्ता) की अपनी गैर-कानूनी कार्रवाई की वजह से हुई हो। यह फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट के 'यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम तरसेम सिंह (2008) 8 SCC 648' मामले के पुराने फ़ैसले से अलग है, जिसमें पेंशन एरियर को रिट याचिका दायर करने से पहले के तीन साल तक ही सीमित कर दिया गया।जस्टिस प्रशांत कुमार...

Know The Law | क्या कोर्ट किसी व्यक्ति को ऐसे आरोप के लिए दोषी ठहरा सकती है, जिसके लिए आरोप तय नहीं किए गए? सुप्रीम कोर्ट ने समझाया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस आरोपी पर एक तरह के अपराध का आरोप लगाया गया, उसे अपीलीय या रिविजनल कोर्ट किसी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहरा सकती है, जिसके लिए आरोप तय नहीं किए गए, बशर्ते कि ऐसे अपराध मिलते-जुलते या कम गंभीर हों और आरोपी के साथ न्याय में कोई चूक न हुई हो।कोर्ट ने कहा,"CrPC की धारा 464 को देखते हुए अपीलीय कोर्ट या रिविजनल कोर्ट के लिए किसी आरोपी को ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराना संभव है, जिसके लिए कोई आरोप तय नहीं किया गया, जब तक कि कोर्ट की यह राय न हो कि वास्तव में न्याय में चूक होगी। यह...

दिल्ली हाईकोर्ट से शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को झटका, FDA नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को विमल इलायची बनाने वाली कंपनी की याचिका खारिज की। कंपनी ने महाराष्ट्र FDA द्वारा अपने ब्रांड एंबेसडर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को जारी 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notice) रद्द करने की मांग की थी। FDA ने यह नोटिस विज्ञापन में प्रोडक्ट को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में जारी किया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने पी.बी. एग्रो LLP की याचिका खारिज की। यह कंपनी विमल इलायची और बिना तंबाकू वाले पान मसाला की मास्टर लाइसेंसधारी है। इसने मुंबई के फूड एंड ड्रग...

हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की घोषणा- अब हिंदी में भी आएंगे फैसले, ऑडियो-वीडियो बुलेटिन भी होगा शुरू

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हिंदी में नई पब्लिक इन्फॉर्मेशन सर्विस शुरू करने की घोषणा की, ताकि नागरिकों को कोर्ट के अहम फैसलों और आदेशों का आसान सारांश मिल सके।यह घोषणा हिंदी दिवस के मौके पर की गई।इस नई सर्विस के तहत सुप्रीम कोर्ट के चुने हुए अहम फैसलों और आदेशों के साथ आसान हिंदी सारांश भी उपलब्ध होंगे। साथ ही लगभग 15 से 30 मिनट का रोज़ाना हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी उपलब्ध कराया जाएगा। सारांश के साथ संबंधित आधिकारिक फैसले का लिंक भी दिया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज़रूरी इंतज़ाम पूरे...

विशाखापत्तनम में गूगल-अडानी डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट में चुनौती, राज्य का दावा- पर्यावरण सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

विशाखापत्तनम में प्रस्तावित गूगल-अडानी डेटा सेंटर को चुनौती देते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में PIL (जनहित याचिका) दायर की गई। इसमें प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण मंज़ूरी और 160 एकड़ ज़मीन के आवंटन पर सवाल उठाए गए।प्रस्तावित प्रोजेक्ट में श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम, सिम्हाचलम की 160 एकड़ मंदिर की ज़मीन शामिल है। यह ज़मीन विशाखापत्तनम ग्रामीण मंडल के अदाविवरम और मुडासरलोवा गांवों में स्थित है। इस प्रोजेक्ट का दायरा विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली ज़िलों तक फैला हुआ।पर्यावरण कार्यकर्ता और...

पूरी तरह निष्क्रिय रवैये पर हाईकोर्ट सख्त, अवमानना मामले में दो IAS अधिकारियों के गिरफ्तारी वारंट जारी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका में न तो वकील नियुक्त करने और न ही अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने पर दो IAS अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को कार्यवाही की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने मामले में उपस्थित होने की जरूरत तक नहीं समझी।जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने अवमानना याचिकाओं के मामलों में पूरी तरह निष्क्रियता अपना रखी है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी केवल हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को पत्र भेजकर...

महो सत्र न्यायालय में अतिरिक्त लोक अभियोजक की नई नियुक्ति का रास्ता साफ, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 8 सप्ताह में प्रक्रिया शुरू करने को कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इंदौर जिले के महो स्थित एडिशनल सेशन जज की अदालत में अतिरिक्त लोक अभियोजक की नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की पीठ ने स्पष्ट किया कि विभागीय नियमावली में किसी नियुक्ति की अवधि अधिकतम तीन वर्ष बताए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हर नियुक्ति तीन साल के लिए ही होगी। इसका अर्थ केवल यह है कि नियुक्ति अधिकतम तीन साल तक की अवधि के लिए की जा सकती है।मामले में याचिकाकर्ता ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अतिरिक्त सचिव की ओर...