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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गर्मियों की छुट्टियों के लिए जारी किए निर्देश, वीसी से सुनवाई और 'वर्क फ्रॉम होम' किया अनिवार्य
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गर्मियों की छुट्टियों (Summer Vacation), 2026 के लिए निर्देश जारी किए। ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी उन सर्कुलरों को ध्यान में रखते हुए दिए गए, जिनमें ईंधन के बेहतर इस्तेमाल और कार-पूलिंग की व्यवस्थाओं पर ज़ोर दिया गया।रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, छुट्टियों के दौरान हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। हालांकि, जो वकील किसी अनिवार्य कारण से वर्चुअली (ऑनलाइन) शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे कोर्ट में...
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के लिए हैश वैल्यू
प्रत्येक व्यक्ति के अपने उंगलियों के निशान होते हैं जो उनके लिए अद्वितीय हैं। इसी तरह, प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या डिजिटल रिकॉर्ड के लिए, एक हैश वैल्यू बनाया जा सकता है। यह हैश वैल्यू दस्तावेज़ के अद्वितीय डिजिटल फिंगरप्रिंट के रूप में कार्य करता है, जो उनके लिए अद्वितीय है। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से हमारा मतलब फाइल, डेटा, वीडियो, ऑडियो, चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और आगे से है। इसमें डिजिटल प्रारूप में बनाई गई, संसाधित या संग्रहीत कोई भी जानकारी भी शामिल है। डिजिटल रिकॉर्ड में कंप्यूटर फाइल जैसे...
सुप्रीम कोर्ट में याचिका: 'कॉकरोच जनता पार्टी' और फर्जी वकीलों के खिलाफ CBI जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें "कॉकरोच जनता पार्टी" से जुड़ी गतिविधियों की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच कराने की मांग की गई। यह एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान है, जो सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान हाल ही में की गई कुछ टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ था।याचिका में नकली वकीलों और फर्जी कानून डिग्रियों की भी जांच की मांग की गई। इसमें दावा किया गया कि ये मुद्दे कानूनी व्यवस्था के भीतर पेशेवर मानकों में आई गहरी गिरावट को दर्शाते हैं।राजा चौधरी द्वारा दायर इस याचिका में उन...
'इच्छामृत्यु' के नाम पर 'आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NGO, कहा- कोर्ट के निर्देश को गलत समझा जा रहा है
एक NGO ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर यह स्पष्टीकरण मांगा कि कुत्तों को कुछ खास परिस्थितियों में 'इच्छामृत्यु' (Euthanasia) देने की अनुमति देने वाले उसके हालिया निर्देश को आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने का आदेश नहीं माना जा सकता।यह अर्जी NGO 'एनिमल्स आर पीपल टू' (Animals Are People Too) ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही लंबित कार्यवाही के दौरान दाखिल की। NGO ने इस बात पर चिंता जताई कि कोर्ट के निर्देश की अधिकारी गलत व्याख्या कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल कुत्तों को गैर-कानूनी तरीके से मारने या...
Civil Service Exam : CIC ने UPSC और DoPT के सफल उम्मीदवारों के पेपर-वार नंबर प्रकाशित करना बंद करने की आलोचना की
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के सफल उम्मीदवारों के पेपर-वार नंबरों को सार्वजनिक करने के मामले में उनके "विरोधाभासी रवैये" की आलोचना की। आयोग ने कहा कि CSE 2017 के बाद इस प्रक्रिया को बंद करने के पीछे का तर्क संतोषजनक ढंग से नहीं समझाया गया।UPSC के उम्मीदवार अनिकेत कुमार गुप्ता द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत दायर दूसरी अपील की सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त आनंदी रामलिंगम की पीठ ने DoPT...
कैसे भारत के श्रम कानून AI कंटेंट मॉडरेशन के पीछे काम करने वाले श्रमिकों की रक्षा करने में विफल रहे?
भारत के मध्यस्थ वैश्विक एआई दिग्गजों को शक्ति प्रदान करते हैं और अपने मानसिक स्वास्थ्य के साथ इसके लिए भुगतान करते हैं, जिसे कानून ने अभी तक नहीं पकड़ा है।हर बार जब कोई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणाली हिंसक सामग्री उत्पन्न करने से इनकार करती है या एक ग्राफिक छवि की सही ढंग से पहचान करती है, तो यह ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि एक इंसान ने इसे सिखाया है। वह इंसान अक्सर झारखंड या उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर में एक युवा महिला होती है, जो एक शयनकक्ष या बरामदे से काम करती है, एक ठेकेदार के लिए एक...
सुप्रीम कोर्ट ने त्विशा शर्मा दहेज हत्या मामले में स्वतः संज्ञान लिया
एक अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने त्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या का स्वतः संज्ञान लिया। साथ ही 'In Re: Alleged Institutional Bias and Procedural Discrepancies in the Unnatural Death of Young Woman at Matrimonial Home' (विवाहित महिला की ससुराल में हुई अप्राकृतिक मौत में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियागत विसंगतियां) शीर्षक से एक मामला दर्ज किया।इस मामले की सुनवाई सोमवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ द्वारा की जाएगी। यह स्वतः...
'सिविल' लगने वाले आपराधिक मामलों में भी समन जारी होने से पहले सबूत पेश करने का मौका दिया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि भले ही कोई मजिस्ट्रेट CrPC की धारा 156(3) के तहत FIR दर्ज करने का आदेश देने से मना कर दे, फिर भी शिकायतकर्ता को आम तौर पर शिकायत को "पूरी तरह से सिविल" प्रकृति का बताकर खारिज करने से पहले समन जारी होने से पहले सबूत पेश करने का मौका दिया जाना चाहिए।जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट के सिविल उल्लंघन और अपराध के बीच की "विभाजन रेखा" अक्सर "बहुत पतली" होती है> इसलिए शिकायतकर्ता को सबूतों के ज़रिए कथित आपराधिक अपराध को साबित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।कोर्ट...
बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में महिला कैदी का हुआ कथित यौन उत्पीड़न, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में महिला कैदी के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों का स्वतः संज्ञान लिया। इन आरोपों के मुताबिक, यौन उत्पीड़न के कारण महिला गर्भवती हो गई और कथित तौर पर भ्रूण को गिराने की कोशिशें भी की गईं।जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की डिवीज़न बेंच जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका अखबारों की रिपोर्टों के साथ-साथ विपक्ष के नेता द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे गए एक पत्र के आधार पर दर्ज की...
UAPA के ट्रायल अनिश्चित काल तक नहीं चल सकते, NIA Act की धारा 19 के तहत रोज़ाना सुनवाई ज़रूरी: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत अपराधों से जुड़े ट्रायल को प्राथमिकता दे। कोर्ट ने कहा कि संसद ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम की धारा 19 के ज़रिए ऐसे मामलों में रोज़ाना ट्रायल करने का खास तौर पर आदेश दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गंभीर अपराधों से जुड़े मुकदमे अनिश्चित काल तक न चलें।जस्टिस वसीम सादिक नरगल ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा,“धारा 19 के पीछे संसद का मकसद साफ और स्पष्ट है। संसद ने...
सत्ता का शिक्षाशास्त्र: NCERT का 'तर्कसंगतीकरण' संवैधानिक कसौटी पर कैसे विफल हुआ?
एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981) में, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सार्वजनिक कार्य का प्रयोग करने वाला प्रत्येक प्राधिकरण उन नागरिकों के प्रति जवाबदेह है जिनकी वह सेवा करता है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ठीक इस तरह के कार्य का निर्वहन करती हैः यह उन पाठ्यपुस्तकों का लेखन करती है जिनके माध्यम से भारतीय राज्य औपचारिक रूप से प्रत्येक सार्वजनिक-विद्यालय के छात्र को देश के अतीत के बारे में अपना विवरण प्रेषित करता है।2022 और 2023 के बीच, एनसीईआरटी ने कोविड-19 महामारी के...
डिजिटल सुविधा का भ्रम
भारतीय ई-कॉमर्स परिदृश्य में नियामक शून्य को नेविगेट करनाभारत में ई-कॉमर्स को नियंत्रित करने वाली वैधानिक वास्तुकला उपभोक्ता संरक्षण का एक दुर्जेय मुखौटा प्रस्तुत करती है जो व्यावहारिक निष्पादन पर टूट जाती है। हम उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उपभोक्ता संरक्षण इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य नियम, 2020 के दायरे में काम करते हैं, फिर भी डिजिटल उपभोक्ता कॉरपोरेट लापरवाही के प्रति संवेदनशील रहता है।इस कानून को पारित करने और इन नियमों को तैयार करने का विधायी इरादा प्रगतिशील था, जिसने प्रतिमान को खरीदार...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (18 मई, 2026 से 22 मई, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।आरोपी का खुद को बेकसूर बताने वाला और सह-आरोपी को फंसाने वाला बयान भरोसे लायक नहीं: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (22 मई) को हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने का फैसला रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि किसी आरोपी का अदालत के बाहर दिए गए बयान (Extra-Judicial Confession) के ज़रिए दूसरे सह-आरोपियों को...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (18 मई, 2026 से 22 मई, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।न्यायिक समीक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अदालतें टेंडर की शर्तों में नदारद 'काल्पनिक प्रावधान' को अपनी तरफ से नहीं जोड़ सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि सार्वजनिक ठेकों में पात्रता से जुड़े विवादों की जांच करते समय अदालतें टेंडर की शर्तों में नदारद किसी "काल्पनिक प्रावधान" को...
आंशिक कार्य दिवसों के दौरान 7,300 से ज़्यादा मामलों की सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट; ज़मानत की अर्ज़ियों समेत नए मामले भी सुने जाएंगे
सुप्रीम कोर्ट ने सूचित किया कि 2026 के "आंशिक कार्य दिवसों" के दौरान 7,300 से ज़्यादा मामलों की सुनवाई की जाएगी, जिसमें ज़मानत के मामलों समेत नए मामले भी छुट्टियों के दौरान ही सुनवाई के लिए लिस्ट किए जाते रहेंगे।21 मई को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा जारी एक नोटिस के अनुसार, कोर्ट ने बताया कि शुरुआत में आंशिक कार्य दिवसों के दौरान सुनवाई के लिए 13,565 विविध मामले और 10,567 नियमित सुनवाई वाले मामले (संबंधित मामलों सहित) लिस्ट किए गए।इनमें से लगभग 3,102 विविध मामले और 4,232 नियमित सुनवाई वाले...
'कट्टर नक्सली, गुलदस्ते से स्वागत नहीं हो सकता': सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की मौत की जांच की मांग वाली याचिका खारिज की
22 मई को सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका खारिज की, जिसमें हाईकोर्ट ने कथा रामचंद्र रेड्डी की मौत की दोबारा पोस्टमॉर्टम और जांच का आदेश देने से इनकार किया था। कथा रामचंद्र रेड्डी एक माओवादी कमांडर थे, जो पिछले साल सितंबर में छत्तीसगढ़ में एक कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्रन शर्मा की बेंच ने माओवादी नेता के बेटे द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई की। यह याचिका हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई, जिसमें...
भीमा कोरेगांव के आरोपी को बुलाने पर मुंबई प्रेस क्लब ने पत्रकार को किया बाहर, हाईकोर्ट ने सही ठहराया फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (22 मई) को ट्रायल के आदेश पर रोक लगाी, जिसमें सीनियर पत्रकार गुरबीर सिंह को मुंबई प्रेस क्लब (MPC) से निकाले जाने पर रोक लगाई गई थी। गुरबीर सिंह पर आरोप था कि उन्होंने एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें भीमा कोरेगांव - एल्गार परिषद मामले में नामजद आठ आरोपी शामिल हुए थे।ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में व्यापक अंतरिम राहत देने के कारणों का खुलासा नहीं किया था और "वास्तव में अंतिम राहत ही दे दी थी"।जस्टिस गौतम अंखड की अवकाश पीठ ने...
न्यायिक समीक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अदालतें टेंडर की शर्तों में नदारद 'काल्पनिक प्रावधान' को अपनी तरफ से नहीं जोड़ सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि सार्वजनिक ठेकों में पात्रता से जुड़े विवादों की जांच करते समय अदालतें टेंडर की शर्तों में नदारद किसी "काल्पनिक प्रावधान" को अपनी तरफ से नहीं जोड़ सकतीं।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीज़न बेंच ने यह स्पष्ट किया कि जब टेंडर में ऐसा कोई प्रावधान नहीं होता, जिसके तहत किसी निलंबित या बीच में छोड़े गए काम को पूरा हुआ मान लिया जाए—सिर्फ इसलिए कि काम छोड़ने की वजह सरकार थी—तो अदालतें टेंडर की शर्तों को फिर से लिखकर ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं निकाल...
नशे में धुत दोस्तों के बीच अचानक हुई लड़ाई में ईंट से बार-बार वार करने पर हत्या का आरोप नहीं लगेगा: दिल्ली हाईकोर्ट
शराब के पैसे देने को लेकर दो दोस्तों के बीच हुई नशे वाली कहा-सुनी से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या की सज़ा को 'गैर-इरादतन हत्या' (culpable homicide not amounting to murder) में बदल दिया। कोर्ट ने माना कि यह घटना अचानक गुस्से में हुई थी और इसके पीछे कोई पहले से सोची-समझी योजना नहीं थी।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने फैसला सुनाया कि यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत नहीं, बल्कि धारा 304 (भाग II) के तहत आएगा। कोर्ट ने कहा कि भले ही आरोपी को...
विनेश फोगाट को मिली एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाज़त: हाईकोर्ट ने कहा- WFI की पॉलिसी भेदभावपूर्ण
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (22 मई) को पहलवान विनेश फोगाट को 2026 एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाज़त दी। ये ट्रायल्स 30 और 31 मई को होने वाले हैं।ऐसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की सिलेक्शन पॉलिसी "साफ़ तौर पर भेदभावपूर्ण है।" यह WFI को फोगाट जैसी मशहूर खिलाड़ियों के मामले में कोई छूट नहीं देती, खासकर तब जब उन्होंने मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) की वजह से खेल से कुछ समय के लिए ब्रेक लिया हो। कोर्ट ने कहा कि किसी महिला को मैटरनिटी लीव लेने की वजह से...




















