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सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब घोटाले के मामलों में दी अंतरिम जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब घोटाले के मामलों में दी अंतरिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और मौजूदा कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में अंतरिम जमानत दी।कोर्ट ने उन्हें आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा संभाले जा रहे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच किए जा रहे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी राहत दी।जमानत की शर्तों के तहत लखमा को कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया गया।...

22 साल से अधिक सेवा के बाद बर्खास्तगी रद्द: एमपी हाइकोर्ट ने कहा, अनियमित नियुक्तियां अवैध नहीं
22 साल से अधिक सेवा के बाद बर्खास्तगी रद्द: एमपी हाइकोर्ट ने कहा, अनियमित नियुक्तियां अवैध नहीं

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट में कार्यरत कई क्लास-3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेशों को रद्द कर दिया है।हाइकोर्ट ने कहा कि दो दशक से अधिक समय तक सेवा देने के बाद केवल नियुक्ति में कथित अवैधता के आधार पर कर्मचारियों को हटाना कानूनन टिकाऊ नहीं है।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने निर्णय में कहा कि वर्ष 1994–1995 में की गई नियुक्तियां प्रारंभ से ही अवैध या शून्य नहीं थीं। अधिकतम यह कहा जा सकता है कि उनमें कुछ प्रक्रिया संबंधी अनियमितताएं थीं, जो लंबे समय तक...

NDPS Act के तहत जमानत तय करते समय सह-आरोपी का फरार होना ज़रूरी फैक्टर हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
NDPS Act के तहत जमानत तय करते समय सह-आरोपी का फरार होना ज़रूरी फैक्टर हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 37 के तहत जमानत पर विचार करते समय फरार सह-आरोपी की मौजूदगी एक ज़रूरी फैक्टर हो सकती है।जस्टिस सौरभ बनर्जी विदेशी नागरिक द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिस पर 256 ग्राम हेरोइन - जो कि नारकोटिक पदार्थ की कमर्शियल मात्रा है, की बरामदगी से जुड़े एक मामले में आरोप है, जिसमें सह-आरोपी जमानत मिलने के बाद फरार हो गया और अब लापता है।जमानत देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सह-आरोपी के फरार होने...

सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मानहानि मामला वापस लेने पर सहमति जताई
सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मानहानि मामला वापस लेने पर सहमति जताई

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दायर उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को रद्द करने की मांग की थी। यह आदेश दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते (settlement) के मद्देनज़र पारित किया गया।जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने विवेक तन्खा द्वारा कार्यवाही वापस लेने को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले को बंद कर दिया।सुनवाई के दौरान सीनियर...

मंदिर ट्रस्ट उद्योग नहीं: सुप्रीम कोर्ट, बर्खास्त अकाउंटेंट को 12 लाख रुपये मुआवजा
मंदिर ट्रस्ट उद्योग नहीं: सुप्रीम कोर्ट, बर्खास्त अकाउंटेंट को 12 लाख रुपये मुआवजा

सुप्रीम कोर्ट ने हालिया फैसले में स्पष्ट किया कि कोई मंदिर ट्रस्ट औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत “उद्योग” की श्रेणी में नहीं आता।इसी आधार पर कोर्ट ने एक मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत अकाउंटेंट की सेवा समाप्ति को वैध ठहराया हालांकि न्याय के हित में उसे एकमुश्त मुआवजा देने का आदेश भी दिया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा,“प्रतिवादी ट्रस्ट एक मंदिर है। इस कारण यह 'उद्योग' की परिभाषा के चारों कोनों के भीतर नहीं आता।”मामले में अपीलकर्ता को वर्ष 1977 में लक्ष्मीनारायण देव ट्रस्ट...

चेक बाउंस मामला: दिल्ली हाइकोर्ट ने एक्टर राजपाल यादव को आत्मसमर्पण का आदेश दिया, समझौते के उल्लंघन पर कड़ी फटकार
चेक बाउंस मामला: दिल्ली हाइकोर्ट ने एक्टर राजपाल यादव को आत्मसमर्पण का आदेश दिया, समझौते के उल्लंघन पर कड़ी फटकार

दिल्ली हाइकोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े मामलों में बार-बार अदालत को दिए गए आश्वासनों का पालन न करने पर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल नौरंग यादव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।हाइकोर्ट ने राजपाल यादव को 4 फरवरी तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने एक्टर के आचरण पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका व्यवहार निंदनीय है। कोर्ट ने कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने और काफी उदारता दिखाए जाने के बावजूद राजपाल यादव शिकायतकर्ता कंपनी एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट...

नोएडा में मुस्लिम मौलवी पर हमले के मामले में FIR में हेट क्राइम धाराएँ न जोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस से सवाल किया
नोएडा में मुस्लिम मौलवी पर हमले के मामले में FIR में हेट क्राइम धाराएँ न जोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस से सवाल किया

नोएडा के एक मुस्लिम मौलवी द्वारा दायर कथित हेट क्राइम से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि वर्ष 2021 में दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 153B और 295A जैसे प्रावधान क्यों नहीं लगाए गए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ काज़ीम अहमद शेरवानी की याचिका पर विचार कर रही थी, जिनका आरोप है कि उन पर उनकी मुस्लिम पहचान के कारण हमला किया गया। याचिकाकर्ता ने अदालत से निष्पक्ष जांच और शिकायत पर कार्रवाई से इनकार करने वाले...

डिजिटल ठगी के खिलाफ देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान की जरूरत: राजस्थान हाइकोर्ट
डिजिटल ठगी के खिलाफ देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान की जरूरत: राजस्थान हाइकोर्ट

डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया, टीवी और रेडियो के माध्यम से देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आम लोगों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा सके।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने यह टिप्पणी दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। इन आरोपियों के खिलाफ कई साइबर शिकायतें दर्ज थीं और उनके बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।मामले में...

7 साल में सिर्फ 7 गवाह: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर यूटी को लगाई फटकार, लंबित आपराधिक मामलों का ब्योरा तलब
7 साल में सिर्फ 7 गवाह: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर यूटी को लगाई फटकार, लंबित आपराधिक मामलों का ब्योरा तलब

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश में आपराधिक मुकदमों की धीमी सुनवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि एक विचाराधीन कैदी को सात साल तक जेल में रखना और इस दौरान सिर्फ सात गवाहों की गवाही कराना संविधान के अनुच्छेद 21 और त्वरित सुनवाई के अधिकार का खुला उल्लंघन है।कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को जमानत देते हुए जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव को अगली सुनवाई में ऑनलाइन पेश होने का निर्देश दिया m।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह भी आदेश दिया कि गृह सचिव उन सभी...

दिल्ली दंगों के मामले में पुलिस जांच पर कड़ी टिप्पणी, कोर्ट ने कहा- आरोपियों के अधिकार रौंद दिए गए
दिल्ली दंगों के मामले में पुलिस जांच पर कड़ी टिप्पणी, कोर्ट ने कहा- आरोपियों के अधिकार रौंद दिए गए

दिल्ली कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए।अदालत ने सबूत जुटाने और उन्हें साबित करने में गंभीर चूक पाते हुए कहा कि जिस तरीके से मामले के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई, वह निगरानी तंत्र के पूरी तरह विफल होने को दर्शाता है।कड़कड़डूमा कोर्ट के अपर सेशन जज प्रवीण सिंह ने कहा कि जिस ढिठाई और दंडमुक्ति के साथ केस रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया उससे यह साफ कि सीनियर लेवल पर निगरानी व्यवस्था ने काम ही...

बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड वेब सीरीज पर मानहानि मामला: समीर वानखेड़े को मुंबई कोर्ट जाने की अनुमति
बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड वेब सीरीज पर मानहानि मामला: समीर वानखेड़े को मुंबई कोर्ट जाने की अनुमति

दिल्ली हाइकोर्ट ने मंगलवार को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड में उनके कथित मानहानिकारक चित्रण को लेकर मुंबई की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट दिनडोशी में मुकदमा दायर करने की अनुमति दी।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने वानखेड़े की उस अर्जी को मंजूरी दी, जिसमें उन्होंने हाल ही में दिए गए आदेश के तहत सक्षम अदालत से संपर्क करने की अनुमति मांगी थी।इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने क्षेत्राधिकार के अभाव में वानखेड़े की मानहानि याचिका सुनने से इनकार करते हुए वाद पत्र...

मामूली विरोधाभास और शत्रुतापूर्ण गवाह दोषसिद्धि को प्रभावित नहीं करते: 33 साल पुराने मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने धारा 324 IPC की सज़ा बरकरार रखी
मामूली विरोधाभास और शत्रुतापूर्ण गवाह दोषसिद्धि को प्रभावित नहीं करते: 33 साल पुराने मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने धारा 324 IPC की सज़ा बरकरार रखी

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि गवाहों के बयान में मामूली विरोधाभास या कुछ अभियोजन गवाहों के शत्रुतापूर्ण हो जाने मात्र से अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होता, यदि संपूर्ण साक्ष्य विश्वसनीय और संगत हो।जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने यह टिप्पणी धारा 324 भारतीय दंड संहिता (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना) के तहत दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपीलों पर सुनवाई करते हुए की।अपीलकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि अभियोजन के कुछ गवाह शत्रुतापूर्ण हो गए पीड़ित पक्ष के पारिवारिक गवाहों के बयानों में विरोधाभास है तथा...

श्रम कानून फायदेमंद कानून, लिमिटेशन पर बहुत ज़्यादा तकनीकी नज़रिए से बचना चाहिए: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
श्रम कानून फायदेमंद कानून, लिमिटेशन पर बहुत ज़्यादा तकनीकी नज़रिए से बचना चाहिए: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मज़दूरों द्वारा किए गए दावों को लिमिटेशन के बहुत ज़्यादा तकनीकी आधार पर खारिज नहीं किया जाना चाहिए खासकर जब देरी COVID-19 महामारी और कानूनी जागरूकता की कमी के कारण हुई हो।श्रम कल्याण कानूनों के फायदेमंद स्वभाव पर ज़ोर देते हुए कोर्ट ने मेडिकैप्स लिमिटेड द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज की, जिसमें इंदौर की इंडस्ट्रियल कोर्ट द्वारा पारित रिमांड आदेश को चुनौती दी गई थी।यह मामला 22 नवंबर, 2019 को मेडिकैप्स लिमिटेड के औद्योगिक प्रतिष्ठान के बंद होने से जुड़ा है। नियोक्ता...

आम जनता की जान से खिलवाड़: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेट्रो केबल चोरी के आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार
आम जनता की जान से खिलवाड़: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेट्रो केबल चोरी के आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मेट्रो के इंफ्रास्ट्रक्चर से हाई-वोल्टेज केबल चुराने के आरोपी एक व्यक्ति को ज़मानत देने से इनकार किया।कोर्ट ने कहा कि ऐसे काम आम जनता की जान से खिलवाड़ करने जैसा है और इसका पब्लिक सेफ्टी पर गंभीर असर पड़ता है।जस्टिस सौरभ बनर्जी मेट्रो ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली 33 kV पावर केबल की चोरी के मामले में आरोपी की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। आरोपी पर दिल्ली मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन और मेंटेनेंस) एक्ट और दूसरे आपराधिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया।याचिका खारिज करते...

अविवाहित पोती की सीमित संपत्ति पहले से मौजूद अधिकार के आधार पर पूर्ण स्वामित्व में बदल सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
अविवाहित पोती की सीमित संपत्ति पहले से मौजूद अधिकार के आधार पर पूर्ण स्वामित्व में बदल सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पहले से मृत बेटे की अविवाहित नाबालिग बेटी का भरण-पोषण करने का कर्तव्य "पहले से मौजूद अधिकार" हो सकता है, जो हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 14(1) के तहत उसकी सीमित संपत्ति को पूर्ण स्वामित्व में बदलने में सक्षम है।जस्टिस पुरुशैन्द्र कुमार कौरव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शास्त्रीय हिंदू कानून महिलाओं की सुरक्षा और भरण-पोषण के लिए निरंतर पारिवारिक दायित्व को मान्यता देता है, जो मुख्य अभिभावक की मृत्यु के साथ समाप्त नहीं होता है, बल्कि निकटतम रिश्तेदारों...

आर्बिट्रेशन एग्रीमेंट के जाली होने का आरोप हो तो विवाद आर्बिट्रेशन योग्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
आर्बिट्रेशन एग्रीमेंट के जाली होने का आरोप हो तो विवाद आर्बिट्रेशन योग्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (2 फरवरी) को कहा कि पार्टियों को आर्बिट्रेशन के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जब आर्बिट्रेशन क्लॉज वाले कॉन्ट्रैक्ट के अस्तित्व पर ही सवाल उठाया गया हो।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा,"...ऐसे मामले में जहां आर्बिट्रेशन क्लॉज या एग्रीमेंट के अस्तित्व में न होने के संबंध में दलील दी जाती है तो यह धोखाधड़ी का एक गंभीर आरोप होगा और यह एग्रीमेंट के विषय को आर्बिट्रेशन योग्य नहीं बनाएगा।"कोर्ट ने उक्त टिप्पणी यह बताते हुए कि आर्बिट्रेशन क्लॉज वाले...

सुप्रीम कोर्ट बैन के बाद भी यूपी में बुलडोज़र कार्रवाई जारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा— क्या यह सत्ता का गलत इस्तेमाल है?
'सुप्रीम कोर्ट बैन के बाद भी यूपी में बुलडोज़र कार्रवाई जारी': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा— क्या यह सत्ता का गलत इस्तेमाल है?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बुलडोज़र से मकान गिराने की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट के “बुलडोज़र जस्टिस” फैसले के बाद भी राज्य में दंड के तौर पर मकान तोड़े जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने सवाल उठाया कि क्या किसी अपराध के तुरंत बाद मकान गिरा देना सरकार की शक्ति का गलत इस्तेमाल नहीं है। अदालत ने कहा कि उसके सामने ऐसे कई मामले आए हैं, जहाँ एफआईआर दर्ज होते ही पहले नोटिस दिए गए और बाद...