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Shiv Sena Row | सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट की दलील- ECI ने सिर्फ़ लेजिस्लेटिव विंग में बंटवारे पर नहीं, बल्कि पूरी पार्टी में असंतोष पर भी विचार किया

शिवसेना मामले में एकनाथ शिंदे गुट ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2022 का विवाद सिर्फ़ पार्टी के लेजिस्लेटिव विंग (विधायकों के समूह) में बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक संगठन और उसके कैडर में असंतोष को भी दिखाता है। इसलिए इलेक्शन सिंबल्स (रिज़र्वेशन एंड अलॉटमेंट) ऑर्डर के पैराग्राफ 15 के तहत यह तय करना भारत के चुनाव आयोग (ECI) के अधिकार क्षेत्र में है कि कौन-सा गुट असली शिवसेना का प्रतिनिधित्व करता है।शिंदे गुट की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल, उद्धव ठाकरे गुट की उस दलील का...

Noida Protest | ज़मानत का संकेत देने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य की आपत्तियां सुनने के लिए पत्रकार सत्यम वर्मा की याचिका पर की सुनवाई स्थगित

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज पत्रकार सत्यम वर्मा की ज़मानत याचिका पर सुनवाई स्थगित। यह याचिका अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए मज़दूरों के विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में उनके ख़िलाफ़ दर्ज 11 आपराधिक मामलों में से एक से जुड़ी है। राज्य सरकार ने समानता के आधार पर उनकी ज़मानत याचिका का विरोध करने के लिए समय मांगा।कोर्ट ने पहले ओपन कोर्ट में संकेत दिया कि वर्मा को उसी मामले में ज़मानत पाने वाले एक सह-आरोपी की तरह समानता के आधार पर ज़मानत दी जाएगी। हालांकि, बाद में राज्य के वकील ने समानता के आधार पर ज़मानत का...

स्वतंत्र भारद्वाज को अंतरिम ज़मानत देते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच में कमियां बताईं, मीडिया में केस पर बात करने पर रोक

दिल्ली कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत देते हुए उसे सोशल मीडिया पर केस से जुड़ी कोई भी चीज़ पोस्ट या शेयर करने से रोक दिया, जिसमें उनके बचाव में कही गई बातें भी शामिल हैं।भारद्वाज पर जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की टीनएजर एक्टिविस्ट के पिता के साथ कथित मारपीट का आरोप है।भारद्वाज को अंतरिम राहत देते हुए पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने दिल्ली पुलिस की जांच में कमियों और खामियों की ओर इशारा...

CJP प्रदर्शनकारी पर हमले का मामला: स्वतंत्र भारद्वाज को मिली 3 हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत

दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को स्वतंत्र भारद्वाज को अंतरिम ज़मानत दी। यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले से जुड़ा है।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ललेर ने यह आदेश दिया और भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी।बता दें, भारद्वाज ने रेगुलर ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी थी।सोमवार को अदालत ने 'इन-कैमरा' (बंद कमरे में) कार्यवाही करने का फ़ैसला किया, जब उसे बताया गया कि भारद्वाज के...

PMLA कार्यवाही खत्म करने के लिए प्रेडिकेट ऑफ़ेंस में बरी होने का फ़ैसला अंतिम होना चाहिए; अपील ब्लैंकेट शील्ड नहीं हो सकती: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही खत्म करने से पहले 'प्रेडिकेट ऑफ़ेंस' (मुख्य अपराध) में बरी होने का फ़ैसला अंतिम होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जिस बरी होने के फ़ैसले को अपील में चुनौती दी जा सकती है, उसे प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के तहत कार्यवाही से बचने के लिए "ब्लैंकेट शील्ड" (सुरक्षा कवच) के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की सिंगल जज बेंच अमर मंडल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मंडल ने PMLA की धारा 3 और 4 के...

पति की पहली शादी के बारे में न जानने वाली दूसरी पत्नी पर क्रूरता और दूसरी शादी का केस नहीं चलाया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जिस महिला को अपने पति की पहली शादी के बारे में जानकारी नहीं थी, उस पर BNS की धारा 82 के तहत बाइगैमी (दूसरी शादी) का केस नहीं चलाया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि दूसरी पत्नी "पति के रिश्तेदार" की परिभाषा में नहीं आएगी और उस पर BNS की धारा 85 (जो IPC की धारा 498A के बराबर है) के तहत केस नहीं चलाया जा सकता। [2026 LiveLaw (Mad) 445]जस्टिस एन. रमेश ने कहा कि यह प्रावधान ऐसे व्यक्ति तक सीमित है, जो पति से खून, शादी या गोद लेने के रिश्ते से जुड़ा हो। कोर्ट ने माना...

पैकेज पॉलिसी के तहत यात्रियों को कवर करने पर यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे वाहन मालिक को मुआवज़ा पाने का हक: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी कॉम्प्रिहेन्सिव/पैकेज इंश्योरेंस पॉलिसी में खास तौर पर यात्रियों को कवर किया गया है तो यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे वाहन मालिक को सिर्फ़ इसलिए मुआवज़े से वंचित नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह वाहन का मालिक है। कोर्ट ने पाया कि उस खास इंश्योरेंस पॉलिसी की शर्तों में नौ यात्रियों के लिए साफ़ तौर पर कवरेज दिया गया, जिसके लिए अलग से प्रीमियम लिया गया।जस्टिस पंकज पुरोहित मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील पर सुनवाई कर रहे थे, जिसने सड़क...

अधिग्रहित ज़मीन से जुड़े दूध के कारोबार के नुकसान पर मुआवज़ा मिल सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अधिग्रहित ज़मीन पर बने अस्तबल से चलाए जा रहे दूध के कारोबार में हुए नुकसान के लिए मुआवज़ा मिल सकता है, क्योंकि लैंड एक्विजिशन एक्ट, 1894 की धारा 3(a) के तहत "ज़मीन" में ज़मीन से मिलने वाले फ़ायदे भी शामिल हैं। कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता ने अपने दूध के कारोबार के बारे में सबूत पेश किए और यह कारोबार ज़मीन के अधिग्रहण के कारण ही बंद हुआ था।जस्टिस अभय आहूजा उस अपील पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें अधिग्रहित ज़मीन और मवेशियों के शेड के लिए मुआवज़ा बढ़ाने की मांग की गई। संबंधित...

स्पष्ट करें कि अनिवार्य जेल की सज़ा वाले मोटर वाहन अपराधों के मामले कभी भी खत्म नहीं माने गए: सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को निर्देश

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से अध्यादेश के ज़रिए यह साफ़ करने को कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MV Act) के तहत गैर-समझौता योग्य अपराधों (जिनमें अनिवार्य जेल की सज़ा और बार-बार होने वाले अपराध शामिल हैं) के लिए मुक़दमे राज्य के 2023 के कानून के तहत कभी भी खत्म नहीं माने गए।जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की बेंच 'उत्तर प्रदेश आपराधिक कानून (अपराधों का समझौता और मुकदमों की समाप्ति) अधिनियम, 2023' से जुड़ी अंतरिम अर्ज़ी पर सुनवाई कर रही थी। इस कानून के तहत राज्य सरकार ने...

सिर्फ़ रेड सिग्नल काफ़ी नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट रोड क्रॉसिंग के पास स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप लगाने का सुझाव दिया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से दिल्ली हाईकोर्ट क्रॉसिंग के पास स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप लगाने पर फ़ैसला लेने को कहा; यह क्रॉसिंग नेशनल ज़ूलॉजिकल गार्डन के पास भी है।बता दें, पिछले साल जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने सड़क सुरक्षा सुधारों पर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एस. राजशेखरन द्वारा 2013 में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के पास पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग न होने पर चिंता जताई थी। कोर्ट ने सुरक्षा में एक गंभीर कमी की ओर इशारा किया था, जिससे उन...

चीफ जस्टिस ने सीनियर एडवोकेट सोनिया माथुर और एडवोकेट मोनिका अरोड़ा को दिल्ली बार काउंसिल का सदस्य नॉमिनेट किया

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने दो महिला वकीलों को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली का सदस्य नॉमिनेट किया।ये दो महिला वकील सीनियर एडवोकेट सोनिया माथुर और एडवोकेट मोनिका अरोड़ा हैं।यह जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी एक पत्र में दी गई।पत्र में लिखा है,"मुझे आपके 05.09.2026 के पत्र नंबर 183/Gen/SF/2026 के संदर्भ में यह बताने का निर्देश दिया गया है कि माननीय चीफ जस्टिस ने सुश्री सोनिया माथुर, सीनियर एडवोकेट... और सुश्री मोनिका अरोड़ा, एडवोकेट... को बार...

त्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर CBI को जवाब के लिए मिला एक सप्ताह

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए CBI को एक सप्ताह का समय दिया। यह मामला उनकी बहू त्विशा शर्मा की मौत और दहेज उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है।जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने CBI के वकील के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को तय की। 33 वर्षीय त्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु, धारा 85 के तहत क्रूरता और धारा...

FIR दर्ज कराने के चरण में मृतक का मीडिया को दिया बयान मृत्यु पूर्व बयान नहीं माना जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज कराने की मांग के चरण में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने मृतक द्वारा कथित रूप से दिए गए बयान को निर्णायक रूप से मृत्यु पूर्व बयान नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे बयान की प्रामाणिकता, सामग्री और साक्ष्य के रूप में उसकी अहमियत का निर्धारण सबूतों के आधार पर किया जाना जरूरी है।जस्टिस हिमांशु जोशी की पीठ ने मृतक की पत्नी की उस अर्जी को खारिज किया, जिसमें पुलिस अधिकारियों पर उसके पति के साथ मारपीट करने और इसके कारण उसकी मौत होने का आरोप लगाते हुए FIR...

समय से पहले रिहाई का फैसला सिर्फ जेल के आचरण से नहीं हो सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को दिया समग्र दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी उम्रकैद की सजा पाए कैदी की समय से पहले रिहाई पर विचार करते समय सरकार केवल अपराध की प्रकृति और जेल में उसके आचरण तक अपना निर्णय सीमित नहीं कर सकती। सरकार को कैदी के सुधार, उसके सामाजिक पुनर्वास और समाज में दोबारा शामिल होने की संभावनाओं से जुड़े व्यापक पहलुओं पर समग्र रूप से विचार करना होगा।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें दो दशक से अधिक समय जेल में बिता चुके उम्रकैद के कैदी की समय से पहले रिहाई की अर्जी...

Zee News और सुधीर चौधरी से माफी की शहला राशिद की मांग पर 26 नवंबर को फैसला करेगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल एक्टिविस्ट और JNU की पूर्व छात्रा शहला राशिद की उस याचिका पर 26 नवंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की, जिसमें उन्होंने 2020 में प्रसारित कार्यक्रम को लेकर Zee News और उसके तत्कालीन एंकर सुधीर चौधरी से स्पष्ट और बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश देने की मांग की।जस्टिस स्वर्ण कांता ने मंगलवार को कहा कि मामले में पक्षकारों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद अदालत ने याचिका को 26 नवंबर को अंतिम निपटारे के लिए सूचीबद्ध किया। अदालत ने न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स...

कॉलेज को बड़ा दिल दिखाना चाहिए: DU छात्रसंघ चुनाव में पांच उम्मीदवारों को हाईकोर्ट से राहत, नामांकन खारिज करने का फैसला पलटा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026-27 में नामांकन संबंधी खामियों के कारण उम्मीदवारी खारिज किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर पांच छात्रों को राहत दी।जस्टिस अमित बंसल ने कैंपस लॉ सेंटर और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के चुनावों में इन उम्मीदवारों को अलग-अलग पदों पर चुनाव लड़ने की अनुमति दी। सुनवाई के दौरान एक याचिका पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि ऐसे मामलों में कॉलेज को बड़ा दिल दिखाना चाहिए।कैंपस लॉ सेंटर के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार कन्हैया...

TV9 के प्रबंध निदेशकों के खिलाफ मानहानि मामले में जारी प्रक्रिया रद्द, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- नाम जोड़ने के बाद शिकायतकर्ता का बयान दोबारा दर्ज करना जरूरी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने TV9 न्यूज चैनल के प्रबंध निदेशकों रवि वेलिचेटी और नरसिम्हा मंगिपुडी के खिलाफ मानहानि मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रक्रिया को रद्द किया।मामला मुंबई पुलिस अधिकारी राजेश सावणे की शिकायत से जुड़ा था, जिसमें चैनल पर पुलिस अधिकारी से मारपीट की घटना का वीडियो प्रसारित कर उन्हें कथित तौर पर बदनाम करने का आरोप लगाया गया। जस्टिस रणजीत सिंह भोंसले ने कहा कि शिकायत में दोनों प्रबंध निदेशकों के नाम बाद में जोड़े गए थे, लेकिन नाम जोड़ने के बाद मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता का बयान दोबारा...

पंतजलि आयुर्वेद की कर अपीलों पर ITAT की जल्दबाजी से नाराज दिल्ली हाईकोर्ट, कहा- आदेश में तर्क और कारण का अभाव

दिल्ली हाईकोर्ट ने पंतजलि आयुर्वेद लिमिटेड से जुड़ी सात कर अपीलों का निपटारा करते समय आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।हाईकोर्ट ने न्यायाधिकरण के आदेश में प्रक्रियागत खामियों, पारदर्शिता की कमी और अनुचित जल्दबाजी को लेकर गंभीर टिप्पणी की। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की पीठ ने कहा कि ITAT तथ्यों पर निर्णय देने वाली सर्वोच्च अपीलीय संस्था है लेकिन उसके आदेश में कंपनी की दलीलों और अपीलों में उठाए गए मुद्दों पर समुचित चर्चा तक नहीं की गई।मामला आयकर...

दिल्ली पुलिस के लापरवाह रवैये के कारण सरकारी गवाह मुकर जाते हैं: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस सिस्टम के उस लापरवाह रवैये पर चिंता जताई, जिसके कारण सरकारी गवाह अक्सर अभियोजन पक्ष के मामले में मुकर जाते हैं।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने हत्या के मामले में एक आरोपी की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए यह बात कही।अभियोजन पक्ष का आरोप था कि आरोपी महिला ने एक सह-आरोपी के साथ मिलकर उस व्यक्ति की हत्या की, जिसके साथ उसका कथित तौर पर एक्स्ट्रा-मैरिटल अफ़ेयर था।यह भी आरोप लगाया गया कि हत्या के बाद आरोपी महिला और उसकी मां ने मृतक के शव को एक बक्से में पैक किया और उसे निज़ामुद्दीन...