जानिए हमारा कानून
Constitution में राइट टू प्रॉपर्टी
भारत के कांस्टीट्यूशन के 44 पर संशोधन अधिनियम 1978 द्वारा कांस्टीट्यूशन में आर्टिकल 300 (ए) जोड़ा गया है जिसके अनुसार संपत्ति का अधिकार प्रदान किया गया है। 44 वें कांस्टीट्यूशन संशोधन द्वारा मूल अधिकार के अंतर्गत आर्टिकल 31 द्वारा प्रदत संपत्ति के मूल अधिकार को समाप्त कर दिया गया अब वह इस अध्याय के अधीन एक संवैधानिक अधिकार है। संपत्ति का अधिकार अब मूल अधिकार नहीं रहा संपत्ति के अधिकार का विनियमन साधारण विधि बनाकर किया जा सकता है इसके लिए किसी सार्वजनिक संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं है। आर्टिकल...
गवाहों की गवाही के लिए आयोग जारी करने का प्रावधान: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 319
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023), जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई, ने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (Criminal Procedure Code, 1973) का स्थान लिया। इसमें धारा 319 एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो गवाहों की गवाही (Testimony) के लिए आयोग (Commission) जारी करने से संबंधित है। यह प्रावधान न्याय (Justice) सुनिश्चित करने के लिए अदालतों को सुविधा प्रदान करता है और गवाहों को लाने में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को दूर करता है।धारा 319 का मूल उद्देश्य (Essence of...
गंभीर अपराधों के लिए House-Trespass: भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 332
Section 332, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 के अंतर्गत, House-Trespass को अन्य गंभीर अपराधों के उद्देश्य से किए जाने पर दंडित किया गया है। यह प्रावधान Section 331 के विस्तार के रूप में आता है, जहां House-Trespass और House-Breaking के विभिन्न स्वरूपों को संबोधित किया गया था। Section 332 विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान केंद्रित करता है जहां House-Trespass किसी अन्य अपराध को अंजाम देने के इरादे से किया गया हो।यह लेख Section 332 की व्याख्या और Section 331 से इसके संबंध को स्पष्ट करता है। साथ ही,...
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सरकार की हथियार या गोला-बारूद जब्त करने की शक्ति : सेक्शन 24 आर्म्स एक्ट, 1959
आर्म्स एक्ट, 1959 (Arms Act, 1959) भारत में हथियारों और गोला-बारूद के स्वामित्व, निर्माण, बिक्री और स्थानांतरण को नियंत्रित करता है। इस अधिनियम का सेक्शन 24 केंद्रीय सरकार को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी व्यक्ति से हथियार या गोला-बारूद जब्त कर सके, भले ही उस व्यक्ति को इसे रखने का वैध अधिकार हो।यह लेख सेक्शन 24 की व्याख्या करता है, इसे सेक्शन 22 और 23 से अलग करता है, और इसके महत्व को सरल भाषा में समझाने के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है। सेक्शन 24: केंद्रीय सरकार की जब्ती और निरोध की...
क्या RERA Act, 2016 उन प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होता है जो अधिनियम के लागू होने के समय चल रहे थे?
सुप्रीम कोर्ट ने Newtech Promoters and Developers Pvt. Ltd. बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2021) के मामले में यह स्पष्ट किया कि Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) उन प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होता है जो अधिनियम के लागू होने के समय चल रहे थे।इस ऐतिहासिक फैसले ने RERA की व्यापकता और उसके प्रभाव को लेकर डेवलपर्स और होमबायर्स (Homebuyers) के अधिकारों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। RERA का उद्देश्य और दायरा (Scope and Objective of RERA) RERA को रियल एस्टेट सेक्टर को नियमित (Regulate)...
House-Trespass और House-Breaking के गंभीर अपराध: भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 331 (5) से (8)
Section 331 के प्रावधान, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 के तहत, House-Trespass और House-Breaking जैसे अपराधों को परिभाषित और दंडित करते हैं। Section 331 (5) से (8) इन अपराधों के गंभीर स्वरूपों और उनसे जुड़े कड़ी सज़ाओं को दर्शाते हैं। यह लेख इन उपधाराओं का सरल भाषा में विश्लेषण करता है ताकि आम पाठक भी इसे आसानी से समझ सकें।तैयारी के साथ House-Trespass या House-Breaking – Section 331 (5) Section 331 (5) उन मामलों पर लागू होता है जहां कोई व्यक्ति House-Trespass या House-Breaking करता है और इसके...
न्यायिक प्रक्रिया में भाषा, सटीकता और पारदर्शिता का महत्व और अध्याय XXV, BNSS 2023 का का सारांश
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) के अध्याय XXV में अनुसंधान (Inquiry) और परीक्षण (Trial) के दौरान साक्ष्य (Evidence) लेने और दर्ज करने के तरीकों को विस्तार से समझाया गया है। यह अध्याय न्यायिक प्रक्रिया में सटीकता, पारदर्शिता, और निष्पक्षता को बनाए रखने पर जोर देता है।अनुभाग 317: दुभाषियों (Interpreters) की भूमिका और जिम्मेदारीयह प्रावधान उन मामलों के लिए है जहाँ साक्ष्य या बयान (Statement) ऐसी भाषा में दिए जाते हैं जो अदालत, अभियुक्त (Accused), या...
क्या CBI को भ्रष्टाचार मामलों में प्रारंभिक जांच करना अनिवार्य है?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने Central Bureau of Investigation v. Thommandru Hannah Vijayalakshmi (2021) मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल पर विचार किया: क्या भ्रष्टाचार के मामलों में FIR दर्ज करने से पहले Preliminary Enquiry (प्रारंभिक जांच) करना अनिवार्य है?इस फैसले का असर Prevention of Corruption Act, 1988 (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988) और CBI की जांच प्रक्रियाओं पर पड़ा है। अदालत ने यह संतुलन बनाने की कोशिश की कि जांच प्रक्रिया सुचारू रहे और व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा हो। विधिक ढांचा और...
परिवहन में अवैध हथियारों की जांच और जब्ती: आर्म्स अधिनियम, 1959 की धारा 23
आर्म्स अधिनियम, 1959 (Arms Act, 1959) का उद्देश्य भारत में हथियारों और गोला-बारूद (Ammunition) के उपयोग, स्वामित्व और परिवहन को नियंत्रित करना है।धारा 23 इस अधिनियम का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो अधिकारियों को जहाजों (Vessels), वाहनों (Vehicles) और अन्य परिवहन साधनों की तलाशी लेने और अवैध हथियारों को जब्त करने का अधिकार देता है। यह प्रावधान खासतौर पर उन स्थितियों में प्रभावी है, जहां हथियारों का गैरकानूनी परिवहन (Illegal Transportation) शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। धारा 23 का...
Constitution में यूनियन और स्टेट के बीच एडमिनिस्ट्रेशन रिलेशन
संघात्मक कांस्टीट्यूशन दो सरकारों की स्थापना करता है केंद्र और राज्य इनके बीच शक्तियों का विभाजन देता है। संघीय शासन व्यवस्था की शक्ति और सफलता संघ और राज्यों के बीच अधिकतम सहयोग और समन्वय पर निर्भर करती है। केंद्र और राज्यों में प्रशासनिक संबंधों का समायोजन एक कठिन कार्य होता है। सरकारों में मतभेद की अधिक संभावना रहती है। केंद्रीय और राज्य अपने अपने क्षेत्र में प्रभुत्व संपन्न होते हैं परकेंद्र को कांस्टीट्यूशन में राज्यों की अपेक्षा अधिक कर्तव्य दिए गए हैं। एक दृष्टि से देखें तो केंद्र राज्यों...
Constitution में Union List, State List, Concurrent List का क्या अर्थ हैं?
कांस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया में कानून बनाने के लिए तीन सूची दी गयी है। स्टेट अलग विषय पर कानून बनाता है और यूनियन अर्थात केंद्र अलग विषय पर कानून बनाता है और कुछ विषय ऐसे हैं जिनपर दोनों मिलकर कानून बनाते हैं उसे Concurrent लिस्ट अर्थात समवर्ती सूची कहा जाता है। इस प्रकार तीन तरह की सूची हैं। संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची।संघ सूची-भारत के कांस्टीट्यूशन के अंतर्गत दी गई संघ सूची में वह विषय है जिनमें मुख्य रूप से देश की रक्षा, विदेशी संबंध, युद्ध और समझौता, परमाणु ऊर्जा, रेल, वायु मार्ग,...
Lurking House-Trespass और House-Breaking के लिए दंड : भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 331
भारतीय दंड संहिता की धारा 331 Lurking House-Trespass और House-Breaking से संबंधित अपराधों के लिए दंड निर्धारित करती है। इन अपराधों की गंभीरता को समझने के लिए, हमें पहले संबंधित धाराओं 329 और 330 में उल्लिखित परिभाषाओं और प्रावधानों को समझना होगा।धारा 329: House-Trespass की परिभाषा यह तब होता है जब कोई व्यक्ति बिना अनुमति के किसी ऐसे भवन, तंबू या पोत में प्रवेश करता है या वहां रुकता है, जो मानव निवास, पूजा स्थल या संपत्ति की सुरक्षा के लिए उपयोग में लाया जाता है, और उसका उद्देश्य अपराध करना,...
क्या अवैध खनन के लिए हर्जाना केवल खनिजों के मूल्य तक सीमित हो सकता है?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बजरी लीज़ एलओआई होल्डर्स वेलफेयर सोसाइटी बनाम राजस्थान राज्य के अपने विस्तृत निर्णय में अवैध खनन से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण सिद्धांत दोहराए। न्यायालय ने पर्यावरणीय और पारिस्थितिकीय (Ecological) क्षति पर ध्यान केंद्रित किया और यह स्पष्ट किया कि हर्जाना (Compensation) या जुर्माना (Penalty) केवल अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के मूल्य तक सीमित नहीं हो सकता।इसमें पर्यावरण की बहाली (Restoration) और पारिस्थितिकी सेवाओं (Ecological Services) की लागत भी शामिल होनी चाहिए। ...
अभियुक्त से पूछताछ और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 316
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bhartiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की धारा 316 अभियुक्त से पूछताछ (Examination of Accused) के दौरान रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया को स्पष्ट करती है। यह धारा न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।इस लेख में, हम धारा 316 को सरल हिंदी में समझाएंगे और इससे जुड़ी धारा 310, 311, और 314 का भी उल्लेख करेंगे, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझा जा सके। अभियुक्त की पूछताछ की रिकॉर्डिंग: धारा 316 का प्रावधानन्यायाधीश...
अवैध हथियारों की तलाशी और जब्ती पर मजिस्ट्रेट की शक्ति : धारा 22, आर्म्स एक्ट, 1959
आर्म्स एक्ट, 1959 (Arms Act, 1959) का मुख्य उद्देश्य हथियारों और गोला-बारूद (Arms and Ammunition) के उपयोग, स्वामित्व और हस्तांतरण को नियंत्रित करना है।इस अधिनियम की धारा 22 मजिस्ट्रेट को यह अधिकार देती है कि यदि उन्हें विश्वास हो कि कोई व्यक्ति अवैध उद्देश्यों के लिए हथियार या गोला-बारूद रखता है या उनकी उपस्थिति सार्वजनिक शांति या सुरक्षा (Public Peace or Safety) के लिए खतरा हो सकती है, तो वह तलाशी और जब्ती का आदेश दे सकते हैं। यह प्रावधान न केवल सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, बल्कि...
Constitution में यूनियन और स्टेट के बीच कानून बनाने का बंटवारा
भारत के कांस्टीट्यूशन के अंतर्गत संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंधों के अंतर्गत शक्तियों का विभाजन किया गया है, संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन अत्यंत महत्वपूर्ण विभाजन है। आर्टिकल 245 यह उपबंधित करता है कि इस कांस्टीट्यूशन के उपबंधों के अधीन रहते हुए संसद भारत के संपूर्ण राज्य क्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए विधि बना सकेगी तथा किसी राज्य का विधान मंडल उस संपूर्ण राज्य के लिए उसके अलावा किसी भाग के लिए विधि बना सकेगा।इस आर्टिकल के खंड 2 के अनुसार संसद द्वारा बनाई गई कोई विधि इस...
Constitution में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ड्यूटी और पावर
आर्टिकल 243(व) कहता है कि इस कांस्टीट्यूशन के उपबंधों के अधीन रहते हुए किसी राज्य का विधान मंडल विधि बनाकर नगर पालिकाओं को ऐसी शक्तियों और अधिकार प्रदान कर सकता है जो वह उन्हें स्वयं शासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक समझे और ऐसी विधि में नगरपालिका तो ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जैसा उसमें निर्दिष्ट किया जाए कुछ विषयों पर उपबंधों किया जा सकता है। जैसे-आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करना और ऐसे कार्यों को करना और ऐसी स्कीमों को क्रियान्वित करना जो...
Constitution में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का उल्लेख
जिस प्रकार ग्रामों के लिए अंतिम लोकतंत्र की व्यवस्था पंचायतों के माध्यम से की गई है इसी प्रकार शहरों के लिए नगरपालिकाओं का उल्लेख है।संविधान 74वां संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा नगरों में भी लोकतांत्रिक प्रणाली को सफल बनाने का प्रयास किया गया है। नगरों में श्वेत संस्थाओं की स्थापना की गई है किंतु विभिन्न कारणों से कमजोर प्रभावहीन हो गई है इनके चुनाव समय पर नहीं कराए जाते हैं अधिकांश में निलंबित रहती हैं।वह प्रशासक द्वारा शासित होती है। इन सब बातों को सुनिश्चित करने के लिए उन संस्थाओं के लिए जोड़ा...
Constitution में ग्राम पंचायतों की ड्यूटी और पावर्स
भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 (जी) उपबंधित करता है कि संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए राज्य का विधान मंडल विधि द्वारा पंचायतों को ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जो उन्हें स्वायत्त शासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक समझे और ऐसी निजी पंचायत को उपयुक्त स्तर पर ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जैसी उसमें विनिर्दिष्ट की जाए-आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करना और आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की स्कीमों को जो उन्हें सौंपी जाए जिनके...
Lurking House-Trespass और House-Breaking के उदाहरण : धारा 330, भारतीय न्याय संहिता, 2023
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की धारा 330 घर-अतिक्रमण (House-Trespass) और घर-तोड़फोड़ (House-Breaking) के अपराधों को विस्तार से परिभाषित करती है। इन अपराधों में किसी व्यक्ति का बिना अनुमति के घर में प्रवेश करना या जबरन बाहर निकलना शामिल है, खासकर अगर ऐसा छुपकर, बलपूर्वक या धोखे से किया जाए।इस लेख में धारा 330 के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया है और प्रत्येक उदाहरण (Illustration) को विस्तार से समझाया गया है। घर-अतिक्रमण का अर्थ (Meaning of...