जानिए हमारा कानून
विदेशी कमीशन का निष्पादन: धारा 325 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 या BNSS) का उद्देश्य भारत के आपराधिक प्रक्रिया कानूनों को आधुनिक और सरल बनाना है। इस संहिता में गवाहों (Witnesses) की गवाही (Testimony) के लिए कमीशन (Commission) जारी करने से जुड़े प्रावधान (Provisions) खास भूमिका निभाते हैं।धारा 325 विदेशी कमीशन (Foreign Commissions) के निष्पादन (Execution) के लिए प्रक्रियाएं निर्धारित करती है। यह प्रावधान, गवाहों की गवाही रिकॉर्ड करने और उनका इस्तेमाल कानूनी प्रक्रिया में सुनिश्चित...
Constitution में इमरजेंसी होने पर राष्ट्रपति शासन
भारत के संविधान का आर्टिकल 356 उद्घोषणा की तरह ही यह उपबंधित करता है कि यदि किसी राज्य के राज्यपाल से प्रतिवेदन मिलने पर या अन्यथा राष्ट्रपति को समाधान हो जाए कि ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जिसमें किसी राज्य का शासन संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता तो राष्ट्रपति उद्घोषणा द्वारा-उस राज्य की सरकार के सभी या कोई कृत्य तथा राज्यपाल या राज्य के विधान मंडल से भिन्न राज्य के किसी निकाय प्राधिकारी में निहित या उसके द्वारा प्रयोग सभी या कोई शक्ति अपने हाथ में ले सकेगा।घोषित कर सकेगा कि राज्य...
Constitution में इमरजेंसी लगाये जाने पर होने वाले बदलाव
मूल विचार का प्रश्न यह है कि जब कभी आर्टिकल 352 के अंतर्गत आपात उद्घोषणा की जाती है तब कांस्टीट्यूशन में क्या परिवर्तन आते हैं और उद्घोषणा के क्या प्रभाव होते हैं? कुछ निम्नलिखित प्रभाव आपात उद्घोषणा के होते हैं-संघ द्वारा राज्यों को निर्देश देना।आपात उद्घोषणा का सर्वप्रथम प्रभाव यही होता है कि संघ की कार्यपालिका शक्ति राज्यों को इस बात का निर्देश देने तक बढ़ जाती है कि वे अपनी कार्यपालिका शक्ति किस तरह से प्रयोग करें। आपात की स्थिति में राज्य की कार्यपालिका शक्ति केंद्र कार्यपालिका शक्ति के...
Constitution में एंग्लो इंडियन, बैकवर्ड क्लास और माइनॉरिटी के लिए प्रावधान
एंग्लो इंडियन समुदाय हैं जो भारत से आए ब्रिटिश लोगों के वंश के हैं तथा स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश लोगों के भारत से जाने के पश्चात भी यह लोग भारत में निष्ठा रखकर स्वतंत्र भारत में बने रहे। इन लोगों को भारत के कांस्टीट्यूशन में कुछ आरक्षण दिए हैं। यदि राष्ट्रपति की राय में लोकसभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है तो वह इस समुदाय से अधिक से अधिक 2 सदस्यों को लोकसभा में नामजद कर सकता है। इसी प्रकार किसी राज्य का राज्यपाल यह कर सकता है कि राज्य की विधानसभा में आंग्ल भारतीय...
Constitution में इमरजेंसी के जुड़े प्रावधान
भारत के कांस्टीट्यूशन के अंतर्गत आपातकालीन समय के लिए कुछ व्यवस्थाएं की गई हैं। इन व्यवस्थाओं के अंतर्गत आपातकालीन परिस्थितियों में भारत के कांस्टीट्यूशन की स्थिति बदल जाती है। भारत का कांस्टीट्यूशन एक संघीय कांस्टीट्यूशन है, राज्यों का एक संघ कहा जा सकता है। संघ को अलग शक्तियां और भारत के राज्यों को अलग शक्तियां दी गई है परंतु भारत के कांस्टीट्यूशन की बनावट से यह प्रतीत होता है कि यहां संघ अधिक शक्तिशाली है।भारत के कांस्टीट्यूशन में एमरजेंसी प्रोविजन का समावेश कर संकटकाल में भारत का...
धारा 335, BNS 2023 में उल्लिखित उदाहरण : दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से जुड़े अपराध
धारा 335, भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023), धोखाधड़ी (Forgery) के अपराधों को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। यह प्रावधान दस्तावेज़ों (Documents) और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड (Electronic Records) की प्रामाणिकता (Authenticity) की रक्षा करता है।इस धारा में उल्लिखित उदाहरण (Illustrations) विभिन्न परिस्थितियों को स्पष्ट करते हैं जिनमें किसी कृत्य को धोखाधड़ी माना जा सकता है। यहां सभी उदाहरणों का सरल हिंदी में विश्लेषण किया गया है। सामग्री में परिवर्तन करके धोखाधड़ी...
हथियारों के अवैध उपयोग और निर्माण पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के प्रावधान
आर्म्स एक्ट, 1959 (Arms Act, 1959) भारत में हथियारों और गोला-बारूद (Arms and Ammunition) के निर्माण, बिक्री, स्वामित्व और उपयोग को नियंत्रित करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है। इसकी धारा 25 विशेष रूप से उन अपराधों और उनके लिए निर्धारित दंड पर केंद्रित है, जो इस कानून का उल्लंघन करते हैं।यह धारा न केवल कठोर दंड का प्रावधान करती है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और हथियारों के दुरुपयोग को रोकने में भी अहम भूमिका निभाती है। इस लेख में, हम धारा 25 के प्रावधानों को विस्तार से समझेंगे और...
गवाह के बयान की वापसी और कार्यवाही का स्थगन: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के सेक्शन 323 और 324
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS) का उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाना और इसे अधिक प्रभावी बनाना है। इसके सेक्शन 319 से 324 गवाहों की जांच के लिए commission जारी करने की प्रक्रिया पर केंद्रित हैं। इनमें सेक्शन 323 और 324 विशेष रूप से executed commissions की वापसी और गवाह के बयान के लिए कार्यवाही स्थगित (Adjournment) करने की शक्ति पर चर्चा करते हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्यायिक प्रक्रिया में कोई...
क्या किसी आतंकवादी संगठन से मात्र जुड़ाव UAPA के तहत अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त है ?
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय थवाहा फसल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2021) ने Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967 (UAPA) के तहत महत्वपूर्ण प्रावधानों की व्याख्या की। यह मामला इस पर केंद्रित था कि क्या किसी आतंकवादी संगठन से मात्र जुड़ाव या उससे संबंधित सामग्री का कब्जा (Possession) अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त है।कानूनी ढांचा और प्रावधानों की चर्चा (Legal Framework and Provisions Examined) इस मामले में UAPA की धारा 38 और 39 पर ध्यान केंद्रित किया गया। • धारा 38: यह उस व्यक्ति को अपराधी...
गवाही दर्ज करने के लिए कमीशन प्रक्रिया और पक्षकार के अधिकार: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 321 और 322
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बनाना है। इस संहिता की धारा 319 से 322 गवाहों की गवाही (Testimony) दर्ज करने के लिए कमीशन (Commission) की प्रक्रिया को समझाती हैं। धारा 319 और 320 इस प्रक्रिया की नींव रखते हैं, जबकि धारा 321 और 322 इसे विस्तार और व्यावहारिकता प्रदान करती हैं।यह लेख धारा 321 और 322 का सरल भाषा में विश्लेषण करेगा, साथ ही पहले की धाराओं का संदर्भ भी देगा ताकि इस प्रक्रिया की गहराई को...
अशांत क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर हथियार ले जाने पर प्रतिबंध: आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 24B
आर्म्स एक्ट, 1959 (Arms Act, 1959) का उद्देश्य भारत में हथियारों और गोला-बारूद (Ammunition) के नियंत्रण के माध्यम से सार्वजनिक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अधिनियम की धारा 24B अशांत क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों को ले जाने या उनके कब्जे (Possession) पर रोक लगाने से संबंधित है।धारा 24A की तरह, यह प्रावधान भी सार्वजनिक शांति और अपराध की रोकथाम के लिए लागू होता है, लेकिन इसकी मुख्य विशेषता सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंधित हथियारों को ले जाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करना है। ...
दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से जुड़े अपराध: भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 335
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड (Electronic Record) से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए विस्तृत प्रावधान दिए गए हैं। इसकी धारा 335 इस बात को स्पष्ट करती है कि किन परिस्थितियों में कोई व्यक्ति झूठा दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाता है। यह धारा धोखाधड़ी (Fraud) और बेईमानी (Dishonesty) को रोकने के लिए कई स्थितियों को परिभाषित करती है।झूठा दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना (Making a False Document or Electronic Record - Clause...
क्या अदालतें दिवालिया मामलों में तय सीमा से परे देरी को माफ कर सकती हैं?
नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड बनाम अनिल कोहली, रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल फॉर दूनर फूड्स लिमिटेड (2021) के मामले ने यह महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न उठाया कि क्या अदालतें, विशेष रूप से Insolvency and Bankruptcy Code (IBC), 2016 के तहत, अपीलीय ट्रिब्यूनल (Appellate Tribunals) द्वारा स्पष्ट रूप से तय सीमा से परे देरी को माफ कर सकती हैं।सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर विचार करते हुए यह स्पष्ट किया कि क्या न्यायालय विधायिका द्वारा निर्धारित सीमा (Statutory Limits) का उल्लंघन कर सकते हैं। यह लेख इस फैसले की...
Constitution में शेड्यूल कास्ट और शेड्यूल ट्राइब के लिए प्रावधान
जब भारत स्वतंत्र हुआ भारत के समाज की आर्थिक व सामाजिक स्थितियां अत्यंत अस्त व्यस्त थी। भारतीय समाज जातिगत व्यवस्था से एक लंबे युग से त्रस्त रहा है। किसी भी समाज के किसी भी देश की उन्नति के लिए आवश्यक है कि उस समाज देश का हर वर्ग समान रूप से आर्थिक व सामाजिक परिस्थितियों के अंतर्गत एक ही पंक्ति में खड़ा हो। जब किसी देश किसी समाज में उसके नागरिक एक ही पंक्ति में खड़े होते हैं उनकी सामाजिक आर्थिक हैसियत एक जैसी होती है तब ही देश और समाज की उन्नति संभव है।भारत के कांस्टीट्यूशन में निहित...
Constitution में लोक सेवा आयोग उल्लेख
भारत के कांस्टीट्यूशन के आर्टिकल 315 संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग तथा प्रत्येक राज्य के लिए लोक सेवा आयोग का उपबंध करता है। दो या दो से अधिक राज्य संयुक्त लोक सेवा आयोग रख सकते हैं और संसद उनकी प्रार्थना पर संयुक्त आयोग की स्थापना कर सकती है।यदि किसी राज्य का राज्यपाल संघ के लोक सेवा आयोग से राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कार्य करने की प्रार्थना करें तो राष्ट्रपति के अनुमोदन से संघ लोक सेवा आयोग राज्यों के लिए कार्य कर सकता है।संघ लोक सेवा आयोग के संयुक्त लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व अन्य...
गवाहों की गवाही के लिए आयोग किसे भेजा जाए: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 320
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023), जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई, ने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (Criminal Procedure Code, 1973) का स्थान लिया। इस नए कानून में गवाहों की गवाही (Testimony) सुनिश्चित करने के लिए कई सुधार किए गए हैं। इसमें धारा 319 और 320 अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।धारा 319 यह प्रावधान करती है कि किन परिस्थितियों में गवाह की भौतिक उपस्थिति (Physical Attendance) को समाप्त कर दिया जाए और उसकी गवाही दर्ज करने के लिए आयोग (Commission) जारी किया जाए।...
House-Trespass के दौरान चोट, हमला, या गलत तरीके से रोकने की तैयारी : भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 333 और 334
Chapter 17 of Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023, व्यक्तिगत और संपत्ति संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न प्रावधान प्रस्तुत करता है। Section 333 और Section 334 इन अधिकारों का उल्लंघन करने वाले गंभीर अपराधों को परिभाषित और दंडित करते हैं। इन प्रावधानों को Section 331 और Section 332 के विस्तार के रूप में समझा जा सकता है, जहां House-Trespass और इससे जुड़े अपराधों को कवर किया गया था।Section 333 House-Trespass की गंभीरता को तब बढ़ाता है जब इसे चोट (Hurt), हमला (Assault), या गलत तरीके से रोकने...
अशांत क्षेत्रों में हथियारों की रोकथाम: आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 24A
आर्म्स एक्ट, 1959 (Arms Act, 1959) भारत में हथियारों और गोला-बारूद (Ammunition) के अधिग्रहण, निर्माण, बिक्री और हस्तांतरण को नियंत्रित करता है। इस कानून की धारा 24A अशांत क्षेत्रों में कुछ हथियारों के कब्जे पर रोक लगाने का प्रावधान करती है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और हथियारों के उपयोग से अपराधों को रोकना है। इस लेख में, हम धारा 24A को सरल हिंदी में समझेंगे और प्रत्येक प्रावधान का उदाहरण देंगे।धारा 24A क्या है? (What is Section 24A?) धारा 24A सरकार को अधिकार देती है कि जब...
क्या धारा 482 CrPC के तहत हाई कोर्ट बिना पर्याप्त कारण के अंतरिम आदेश जारी कर सकता है?
धारा 482 दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत हाई कोर्ट को यह अधिकार है कि वह न्याय सुनिश्चित करने के लिए या किसी न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक आदेश पारित कर सके। लेकिन, यह अधिकार असीमित नहीं है और इसका उपयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए।जितुल जेतिलाल कोठेचा बनाम गुजरात राज्य (2021) के हालिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस विषय पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं, खासकर हाई कोर्ट द्वारा बिना उचित कारण के अंतरिम निर्देश जारी करने को लेकर। मुख्य मुद्दे (Fundamental Issues)इस मामले में...
Constitution में केंद्र और राज्यों के अधीन सर्विस
भारत के कांस्टीट्यूशन का आर्टिकल 309 संघ और राज्य विधानमंडल को उनकी सेवा में नियुक्त लोक सेवकों की भर्ती और सेवा की शर्तों के विनियमन की शक्ति प्रदान करता है। आर्टिकल 309 कहता है कि संसद तथा राज्य विधानमंडल कांस्टीट्यूशन के उपबंधों के अधीन रहते हुए संघ या राज्यों के कार्यों से संबंध लोक सेवा और पदों के लिए भर्ती का और नियुक्ति व्यक्तियों की सेवा शर्तों का विनियमन करेंगे किंतु जब तक समुचित विधानमंडल के अधिनियम द्वारा उत्तर प्रयोजनों के लिए उपबंध नहीं बनाए जाते हैं तब तक ऐसी सेवा और पदों के लिए...