हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चार साल के बच्चे की हत्या के मामले में दोषियों की मृत्युदंड की सजा कम की
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 2014 के युग गुप्ता हत्याकांड में चंदर शर्मा (26) और विक्रांत बख्शी (22) को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा कम करते हुए निर्देश दिया कि वे "अपनी अंतिम सांस तक" आजीवन कारावास की सजा काटेंगे।अदालत ने कहा,"...हमारे लिए इस धारणा पर आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है कि दोषी ने युग के साथ क्रूरता से व्यवहार किया, जिससे मृत्युदंड की कठोर सजा देना उचित हो... यह दलील कि आरोपी ने बच्चे को जिंदा टैंक में फेंक दिया था, रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों से समर्थित नहीं है।"अदालत ने सह-अभियुक्त तेजिंदर...
POCSO Act पर बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला: शादी और बच्चा होने से FIR रद्द नहीं होगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि केवल इसलिए कि नाबालिग लड़की ने शादी कर ली है और उसका एक बच्चा भी है पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज FIR रद्द नहीं की जा सकती।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस नंदेश देशपांडे की खंडपीठ ने 29 वर्षीय एक व्यक्ति और उसके माता-पिता के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। उन पर POCSO Act और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए।अदालत ने पाया कि नाबालिग लड़की और आरोपी के बीच प्रेम संबंध था, जिसे उनके परिवारों ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद दोनों...
नाबालिग बेटी को चुप कराने और आरोपी को यौन उत्पीड़न की अनुमति देने वाली माँ का कृत्य, POCSO Act के तहत 'उकसाने' के समान: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि माँ द्वारा अपनी नाबालिग बेटी को चुप कराने और आरोपी को उसका यौन शोषण और उत्पीड़न करने की अनुमति देने का कृत्य POCSO Act की धारा 17 के तहत "उकसाने" के समान है।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने POCSO Act की धारा 6 (पठित 17 और 21) के तहत अपराधों के लिए अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार के लिए उकसाने वाली एक माँ की दोषसिद्धि बरकरार रखी।अदालत ने उसे दी गई 25 साल के कठोर कारावास की सजा भी बरकरार रखी।अदालत ने कहा,"पीड़िता को चुप कराने, उसे समर्पण करने का निर्देश देने और...
'बिहार शराब पर प्रतिबंध अधिनियम गैर-मादक पेय पदार्थों पर लागू नहीं होता': पटना हाईकोर्ट ने एनर्जी ड्रिंक निर्माता के खिलाफ FIR रद्द की
पटना हाईकोर्ट ने मेसर्स सिद्धि एंटरप्राइजेज और उसके कर्मचारियों के खिलाफ एनर्जी ड्रिंक के रूप में बीयर बेचने के आरोप में दर्ज FIR रद्द की। अदालत ने कहा कि संबंधित पेय पदार्थ भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित गैर-मादक पेय पदार्थों के स्वीकार्य मानकों के अंतर्गत आते हैं।जस्टिस आलोक कुमार पांडे ने सिद्धि एंटरप्राइजेज की मालिक कुमारी पूनम और दो अन्य लोगों द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया कि FIR में बिहार मद्य निषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 के तहत किसी संज्ञेय अपराध...
दिवंगत कर्मचारी के परिवार को मिलने वाले मुआवज़े के लिए टर्मिनल लाभ पर 'काल्पनिक ब्याज' भी गिना जाएगा : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि दिवंगत सरकारी कर्मचारी के परिवार को एक्स-ग्रेशिया मुआवज़ा देने के मामले में परिवार को मिले रिटायरमेंट लाभ (टर्मिनल बेनिफिट्स) पर मिलने वाले काल्पनिक ब्याज को भी आय का हिस्सा माना जाएगा।जस्टिस प्रतीक जालान ने टिप्पणी की कि इस योजना का उद्देश्य परिवार को कर्मचारी की मृत्यु के बाद तुरंत आर्थिक राहत पहुंचाना है। यह किसी तरह का अधिकार या हक़ नहीं है बल्कि परिवार की तत्काल ज़रूरत को देखते हुए बनाई गई योजना है।मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक कर्मचारी से जुड़ा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में तीन आरोपियों को जमानत दी, ED के रवैये को बताया मनमाना
दिल्ली हाईकोर्ट ने 641 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन आरोपियों विपिन यादव, अजय और राकेश करवा को ज़मानत दी। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी रोहित अग्रवाल जिसका रोल अधिक गंभीर बताया गया, उसको गिरफ्तार न करना और अन्य आरोपियों को जेल में रखना स्पष्ट रूप से मनमाना है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा,“जब ऐसे आरोपी को गिरफ्तार ही नहीं किया गया, जिसका रोल आवेदकों से अधिक गंभीर बताया गया। एक ऐसे व्यक्ति को भी शामिल नहीं किया गया, जिस पर म्यूल...
राज्य अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने ठेकेदार को बकाया भुगतान के साथ ब्याज देने का आदेश दिया
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि राज्य अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ठेकेदार को वर्ष 2017 से लंबित 97.87 लाख की राशि 6% ब्याज सहित अदा करें।जस्टिस वसीम सादिक नरगल ने यह आदेश मेसर्स सेंट सोल्जर इंजीनियर एंड कॉन्ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रशासनिक देरी या धन की कमी का बहाना बनाकर स्वीकृत भुगतान को रोकना मनमाना और असंवैधानिक है।मामला उस समय शुरू हुआ, जब...
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी से बार-बार बलात्कार के दोषी पिता की 20 साल की जेल की सजा बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी से बार-बार बलात्कार के दोषी पिता को दी गई 20 साल के कठोर कारावास की सजा बरकरार रखी।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि यह सजा न्यायोचित और आनुपातिक है, जो अपराध की गंभीरता और पॉक्सो अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों को दर्शाती है।अदालत ने कहा, "पीड़िता की गवाही हालांकि दोषरहित नहीं है। मूल आरोप पर विश्वसनीय है और DNA रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि होती है। झूठे आरोप लगाने का कोई कारण साबित नहीं हुआ है। उसके जननांगों के नमूनों में अपीलकर्ता के वीर्य...
विवाह के बाद क्रूरता महिलाओं की गरिमा छीनती है, घरेलू हिंसा के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक घरों में क्रूरता महिलाओं की गरिमा को छीनती है। साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि दहेज और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा,"यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी कई महिलाओं को अपने वैवाहिक घरों में दहेज की मांग के कारण क्रूरता का सामना करना पड़ता है। ऐसी क्रूरता न केवल महिलाओं की गरिमा को छीनती है, बल्कि कई दुखद मामलों में उनकी जान भी ले लेती है। ये घटनाएं इस बात की कड़ी याद दिलाती हैं कि दहेज और घरेलू...
लोक अभियोजक द्वारा ब्रीफ तैयार करने के लिए समय मांगना 'अपमानजनक' टिप्पणी नहीं, न्यायालय को सहिष्णु होना चाहिए: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि अदालतों से अपेक्षा की जाती है कि वे लोक सेवकों की छोटी-मोटी चूकों से निपटने में सहिष्णु और उदार हृदय वाले हों। अदालत ने कहा कि केवल इसलिए कि कोई लोक अभियोजक किसी मामले पर बहस करने में असमर्थ है या ब्रीफ तैयार करने के लिए समय मांगता है, यह आलोचना की मांग नहीं है।जस्टिस संजय धर ने यह टिप्पणी किशोर न्याय बोर्ड (JJB), सांबा द्वारा एक सहायक लोक अभियोजक (APP) के विरुद्ध दर्ज की गई अपमानजनक टिप्पणियों को खारिज करते हुए की।उन्होंने कहा,"अगर मामले की...
झारखंड हाईकोर्ट ने प्लास्टिक प्रतिबंध के क्रियान्वयन में विफलता के लिए भ्रष्टाचार को ज़िम्मेदार ठहराया, सुधारों का सुझाव दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार, बुनियादी ढांचे की कमी और कमज़ोर प्रवर्तन ने राज्य में प्लास्टिक कैरी बैग और एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध को अप्रभावी बना दिया।चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ डॉ. शांतनु कुमार बनर्जी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा कानून होने के बावजूद प्लास्टिक प्रतिबंध के गंभीर क्रियान्वयन के अभाव को लेकर चिंता जताई गई।अदालत ने ज़ोर देकर कहा कि प्रवर्तन को प्रणालीगत सुधारों के साथ जोड़ा...
पुलिसकर्मियों में 'सोशल मीडिया का नशा': ड्यूटी के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल पर अंकुश लगाया जाए- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
गार्ड ड्यूटी के दौरान नशे में सोने के कारण दी गई अनिवार्य रिटायरमेंट के खिलाफ पुलिसकर्मी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'वर्दीधारी पुलिस कर्मियों' में बढ़ते मोबाइल/सोशल मीडिया के 'नशे' की ओर इशारा किया और सुझाव दिया कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने कहा;"यह न्यायालय पुलिस विभाग के सीनियर पुलिस अधिकारियों का ध्यान पुलिस जैसे वर्दीधारी विभागों में व्याप्त अन्य नशे की ओर...
X कॉर्प 'नागरिक केंद्रित' अनुच्छेद 19 का हवाला देकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों को चुनौती नहीं दे सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि X कॉर्प, जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था, एक विदेशी संस्था होने के नाते भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों को चुनौती नहीं दे सकता।जस्टिस एम. नागप्रसना ने कहा कि भारत में ऐसी कंपनी जिसका कोई चेहरा नहीं है, वह "निराधार आरोपों" के आधार पर आगे आकर देश के कानूनों को चुनौती नहीं दे सकती।अदालत ने कहा,"इसी तरह X कॉर्प देश में चेहराविहीन है और एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है, अनुच्छेद 19 के तहत देश के किसी भी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में Shaadi.com के CEO के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ग्राहक द्वारा Shaadi.com के CEO अनुपम मित्तल के खिलाफ कथित धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR को इस आधार पर रद्द कर दिया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोई अपराध नहीं किया।शिकायतकर्ता एक वकील है। उन्होंने shaadi.com पर सेवाओं के लिए भुगतान किया। उसका आरोप है कि मोनिका गुप्ता नामक महिला कथित तौर पर शिकायतकर्ता के अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करके उसे परेशान और ब्लैकमेल कर रही है। FIR में उसने कहा कि ग्राहक सेवा और व्यक्तिगत रूप से अनुपम मित्तल से शिकायत करने के बावजूद, अश्लीलता में...
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: हैदराबाद के संस्थानों को प्रिंसटन नाम से नए कॉलेज खोलने से रोक, अमेरिकी प्रिंसटन यूनिवर्सिटी को आंशिक राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका की प्रतिष्ठित प्रिंसटन यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत देते हुए हैदराबाद स्थित शैक्षणिक संस्थाओं को प्रिंसटन नाम से नए संस्थान खोलने से रोक दिया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने यह आदेश उस अपील पर सुनाया, जो अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में अंतरिम रोक न मिलने के खिलाफ दायर की थी।यह मुकदमा वाग्देवी एजुकेशनल सोसायटी के खिलाफ दायर किया गया, जो प्रिंसटन स्कूल ऑफ एजुकेशन, प्रिंसटन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, प्रिंसटन डिग्री एंड पीजी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले 24 नए जज कुल शक्ति बढ़कर हुई 110
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों ने जज के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही अदालत में कार्यरत जजों की कुल संख्या चीफ जस्टिस सहित बढ़कर 110 हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्वीकृत शक्ति 160 जजों की है।केंद्र सरकार ने शुक्रवार 26 सितंबर, 2025 को 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी।नए नियुक्त जजों के नाम इस प्रकार हैंः-वकीलों की श्रेणी से : विवेक सारन, विवेक कुमार सिंह, गरिमा प्रसाद, सुधांशु चौहान, अवधेश कुमार चौधरी, स्वरूपमा चतुर्वेदी, सिद्धार्थ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने गैर-मौजूद फैसलों के झूठे हवाला और अनुच्छेदों पर याचिका वापस लेने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दी, जिसमें ऐसे न्यायिक कानूनों का हवाला दिया गया था जो अस्तित्व में ही नहीं है। इनमें न्यायिक उदाहरणों से उद्धृत कुछ फर्जी अनुच्छेद भी शामिल थे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने ग्रीनोपोलिस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा विभिन्न घर खरीदारों के खिलाफ दायर याचिका वापस लेते हुए खारिज किया। न्यायालय को सूचित किया गया कि याचिका में उद्धृत न्यायिक कानून झूठे है।प्रतिवादियों की ओर से उपस्थित सीनियर एडवोकेट और एडवोकेट ने कहा कि वे उचित कदम उठाएंगे, क्योंकि याचिकाकर्ता की ओर...
राजस्व गांवो का निर्माण विधायी नहीं, प्रशासनिक कार्य, मनमाना न हो तो हस्तक्षेप नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम सभा की बैठक बुलाए बिना नए राजस्व ग्रामों के निर्माण को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि किसी ग्राम का निर्माण या राजस्व ग्राम की सीमा में परिवर्तन ग्राम की विशिष्ट आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। इसलिए यह अनिवार्य रूप से एक प्रशासनिक कार्य है।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नए राजस्व ग्रामों के निर्माण का प्रस्ताव पंचायती राज अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुसार ग्राम सभा की बैठक बुलाए बिना ही प्रस्तुत किया गया।इसके अलावा यह भी तर्क...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जज एमएम धोंचक की DRT से निलंबन पर लगाई मुहर, कहा- अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित
दिल्ली हाईकोर्ट ने एमएम धोंचक रिटायर न्यायिक अधिकारी और पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) चंडीगढ़, के निलंबन को बरकरार रखा। धोंचक पर व्यवहार संबंधी शिकायतों के चलते केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2023 को निलंबन का आदेश पारित किया।जस्टिस प्रतीक जालान ने धोंचक द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निलंबन आदेश को चुनौती दी गई थी। साथ ही उन्होंने 13 मई 2024 को निलंबन अवधि बढ़ाने के आदेश को भी चुनौती देने वाली याचिका को खारिज किया।अदालत ने कहा कि इस मामले में पहले ही डिवीजन...
कर्मचारी की सज़ा अपने आप बर्खास्तगी का आधार नहीं, अनुशासनात्मक जांच ज़रूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फ़ैसले में कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी को केवल दोषसिद्धि के आधार पर सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता। अनुशासनात्मक प्राधिकारी को या तो विभागीय जांच करनी होगी या फिर जांच न करने के ठोस कारण दर्ज करने होंगे।जस्टिस संदीप शर्मा ने HRTC (हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) की दलील खारिज करते हुए कहा,“यद्यपि HRTC के वकील ने यह तर्क दिया कि नियम 19(1) किसी सरकारी सेवक को दोषसिद्धि पर स्वतः सेवा से हटाने की अनुमति देता है। हालांकि, यह अदालत सहमत नहीं है। पूरे नियम 19 का...


















