हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: पत्रकार रजत शर्मा के डीपफेक वीडियो होस्ट करने वाले यूट्यूब चैनल बंद करें
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: पत्रकार रजत शर्मा के डीपफेक वीडियो होस्ट करने वाले यूट्यूब चैनल बंद करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के डीपफेक और मनगढ़ंत वीडियो को होस्ट और प्रसारित करने वाले दो यूट्यूब चैनलों को तत्काल हटाने का आदेश दिया। न्यायालय ने यह फैसला रजत शर्मा के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की मांग वाली एक याचिका पर सुनाया।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने यूट्यूब प्लेटफॉर्म की मेजबानी करने वाली गूगल एलएलसी को 36 घंटे के भीतर इन दोनों चैनलों को हटाने का निर्देश दिया।इसके साथ ही कोर्ट ने गूगल को एक सप्ताह के भीतर शर्मा को इन चैनलों के BSI विवरण संपर्क जानकारी और...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: मेडिकल कोर्स में पूर्ण डोमिसाइल आरक्षण असंवैधानिक, खाली सीटें बाहरी उम्मीदवारों के लिए खोलें
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: मेडिकल कोर्स में पूर्ण डोमिसाइल आरक्षण असंवैधानिक, खाली सीटें बाहरी उम्मीदवारों के लिए खोलें

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भले ही केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए मेडिकल और संबद्ध व्यावसायिक कॉलेजों में सीटों का एक हिस्सा आरक्षित कर सकता है लेकिन ऐसा आरक्षण पूर्ण नहीं हो सकता।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि स्थानीय आवेदकों की काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली रह जाती हैं तो डोमिसाइल (अधिवास) प्रतिबंध में ढील दी जानी चाहिए, जिससे बाहर के उम्मीदवार भी उन सीटों पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।जस्टिस संजय धर की पीठ जम्मू कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी और...

बार एसोसिएश नें खुद भरें बिजली का बिल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, लेकिन निजी व्यवसायी भी हैं
बार एसोसिएश नें खुद भरें बिजली का बिल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, लेकिन निजी व्यवसायी भी हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि राज्य सरकार को बार एसोसिएशनों के बिजली बिलों का भुगतान करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।कोर्ट ने कहा कि यद्यपि वकील न्यायालय के अधिकारी होते हैं लेकिन वे निजी डॉक्टरों का एक निकाय भी हैं। उन्हें उन सुविधाओं की लागत स्वयं वहन करनी चाहिए जिनका वे उपयोग करते हैं।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने सिविल बार एसोसिएशन, बस्ती द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया।याचिका में जिला न्यायालय परिसर के भीतर स्थित बार एसोसिएशन भवन के बिजली...

संविधान विशेषाधिकार का चार्टर नहीं: प्रमोशन में आरक्षण के लिए वैधानिक संशोधन जरूरी, कार्यकारी आदेश पर्याप्त नहीं : पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
संविधान विशेषाधिकार का चार्टर नहीं: प्रमोशन में आरक्षण के लिए वैधानिक संशोधन जरूरी, कार्यकारी आदेश पर्याप्त नहीं : पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाए गए सक्षम वैधानिक नियम के अभाव में केवल कार्यकारी कार्रवाई या नीतिगत निर्णय के आधार पर पदोन्नति में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप मौदगिल की पीठ ने पाया कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग अधीनस्थ कार्यालय लिपिकीय स्टाफ (समूह-सी) सेवा नियम 1997 और समूह-बी सेवा नियम, 1982 में पदोन्नति में ऐसे आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं था। इसके बावजूद, विभाग ने आरक्षण का विस्तार करते हुए अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंधित...

रेप मामलों में पीड़िता का चरित्र हथियार नहीं बन सकता, सहमति का मतलब नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
रेप मामलों में पीड़िता का चरित्र हथियार नहीं बन सकता, सहमति का मतलब नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि बलात्कार के मामलों में पीड़िता का चरित्र, चाहे वह कितना भी दागदार क्यों न हो उसे सहमति का अर्थ देने के लिए उसके खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता।"जस्टिस अमित महाजन ने इस बात पर जोर दिया कि यहां तक कि एक इच्छुक साथी जो कुछ पैसे के बदले किसी क्लाइंट के साथ जाती है वह भी बलात्कार की शिकार हो सकती है।कोर्ट ने यह टिप्पणी एक बलात्कार के आरोपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसने अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की। आरोपी, एक विवाहित व्यक्ति...

बिना संज्ञेय अपराध पुलिस पूछताछ नहीं कर सकती: मद्रास हाईकोर्ट ने करंट पेपर इन्क्वायरी की प्रथा पर लगाई फटकार
बिना संज्ञेय अपराध पुलिस पूछताछ नहीं कर सकती: मद्रास हाईकोर्ट ने करंट पेपर इन्क्वायरी की प्रथा पर लगाई फटकार

मद्रास हाईकोर्ट ने बिना किसी वैधानिक आधार के पुलिस अधिकारियों द्वारा करंट पेपर इन्क्वायरी आयोजित करने की प्रथा की कड़ी आलोचना की है।जस्टिस बी. पुगलेंधी ने कहा कि इस तरह की अनौपचारिक कार्यवाही को कानून के तहत कोई मान्यता प्राप्त नहीं है और किसी भी व्यक्ति को पुलिस के सामने पेश होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जब तक कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के अनुसार किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा और रिकॉर्ड न किया गया हो।न्यायालय ने कहा, "यह अदालत यह नोट करने के लिए बाध्य है कि 'करंट...

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रत्यारोपित 253 पेड़ों की जीपीएस-टैग वाली तस्वीरें मांगी, कहा- तस्वीरें दिखाती हैं कि पेड़ पूरी तरह काटे गए, लगाए नहीं गए
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रत्यारोपित 253 पेड़ों की जीपीएस-टैग वाली तस्वीरें मांगी, कहा- तस्वीरें दिखाती हैं कि पेड़ 'पूरी तरह काटे गए, लगाए नहीं गए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित रूप से 'प्रत्यारोपित किए गए 253 पेड़ों की जीपीएस लोकेशन के साथ तस्वीरें पेश करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद मौजूदा तस्वीरों से पता चलता है कि इनमें से किसी भी पेड़ को प्रत्यारोपित नहीं किया गया है,बल्कि उन्हें पूरी तरह से काट दिया गया है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने यह आदेश तब पारित किया जब वह एक समाचार रिपोर्ट पर लिए गए स्वत: संज्ञान के मामले की सुनवाई कर रही थी। इस...

राजस्थान हाईकोर्ट ने साइबर क्राइम आरोपी को दी सशर्त जमानत, शर्तों में टेलीग्राम और व्हाट्सएप यूज करने पर लगाई रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने साइबर क्राइम आरोपी को दी सशर्त जमानत, शर्तों में टेलीग्राम और व्हाट्सएप यूज करने पर लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में साइबर अपराध के एक 19 वर्षीय आरोपी को सशर्त ज़मानत दी, जिसमें टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल करने पर रोक भी शामिल है, जमानत दी गई।जस्टिस समीर जैन ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि आवेदक युवा है, "जो अपनी किशोरावस्था के अंतिम चरण में है" और वह 15.07.2025 से हिरासत में है। कोर्ट ने कहा कि आरोप पत्र दायर किया जा चुका है।इस प्रकार, मामले के गुण/दोष पर टिप्पणी किए बिना इस कोर्ट ने निम्नलिखित शर्तों के अधीन ज़मानत याचिका स्वीकार कर ली:1. आवेदक अपने नाम...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अर्धसैनिक बलों के कर्मियों द्वारा तबादलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं में वृद्धि की ओर इशारा किया, कहा- इसमें तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने अर्धसैनिक बलों के कर्मियों द्वारा तबादलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं में वृद्धि की ओर इशारा किया, कहा- इसमें तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अर्धसैनिक बलों के कर्मियों द्वारा अपने तबादलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं की उसके पास प्रतिदिन बाढ़ आ रही है।जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि न्यायालय को ऐसे मंच के रूप में नहीं देखा जा सकता, जहां स्थानांतरण आदेशों के कार्यान्वयन की गारंटी हो, भले ही स्थानांतरण दिशानिर्देशों का उल्लंघन न करता हो।कोर्ट ने कहा कि उसने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि कर्मियों को अनावश्यक असुविधा न हो और दिशानिर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन किया...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायपालिका के लिए धनराशि जारी करने में राज्य सरकार की विफलता अवमानना की चेतावनी दी, वित्त सचिव को साथ पेश होने का आदेश दिया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायपालिका के लिए धनराशि जारी करने में राज्य सरकार की विफलता अवमानना की चेतावनी दी, वित्त सचिव को साथ पेश होने का आदेश दिया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के वित्त सचिव को 13 नवंबर को 10 करोड़ रुपये के ड्राफ्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की जाएगी।हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि न्यायपालिका के दैनिक कामकाज के लिए स्वीकृत की जाने वाली बकाया राशि अगली तारीख से पहले चुका दी जाती है तो वित्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की आवश्यकता नहीं है।न्यायालय ने माना कि राज्य द्वारा धनराशि जारी करने में लगातार विफलता...

भूमि क्षेत्रफल में कमी स्वामित्व में दोष नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भूस्वामियों का भुगतान रोकने संबंधी आदेश रद्द किया
भूमि क्षेत्रफल में कमी स्वामित्व में दोष नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भूस्वामियों का भुगतान रोकने संबंधी आदेश रद्द किया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र रद्द किया, जिसमें भूस्वामियों को इस आधार पर भुगतान रोक दिया गया था कि भूमि क्षेत्रफल में कमी को सेल डीड के तहत स्वामित्व में दोष नहीं माना जा सकता।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा:"इस कोर्ट का सुविचारित मत है कि भूमि के स्वामित्व में दोष को याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रतिवादी को बेची गई कुल भूमि में कथित कमी के साथ भ्रमित नहीं किया जा सकता।"2017 में याचिकाकर्ता सचिन श्रीधर ने जिला सिरमौर में हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी...

S. 144 BNSS/S.125 CrPC| अविवाहित बालिग ईसाई बेटी पिता से भरण-पोषण का दावा करने की हकदार नहीं: केरल हाईकोर्ट
S. 144 BNSS/S.125 CrPC| अविवाहित बालिग ईसाई बेटी पिता से भरण-पोषण का दावा करने की हकदार नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के अंतर्गत प्रावधान की योजना, बालिग बेटी द्वारा भरण-पोषण के दावे पर विचार नहीं करती, जब तक कि वह शारीरिक या मानसिक असामान्यता या चोट के कारण अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ न हो।जस्टिस डॉ. कौसर एडप्पागथ ने यह भी कहा कि हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम [HAMA] और मुस्लिम पर्सनल लॉ के विपरीत, ईसाइयों पर लागू पर्सनल लॉ में बालिग हो चुकी अविवाहित बेटी के भरण-पोषण...

पुलिस वकीलों को धमका नहीं सकती, न ही उन्हें मुवक्किलों के साथ बातचीत का ब्यौरा बताने के लिए मजबूर कर सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
पुलिस वकीलों को धमका नहीं सकती, न ही उन्हें मुवक्किलों के साथ बातचीत का ब्यौरा बताने के लिए मजबूर कर सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक पुलिस अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस वकीलों पर अपने मुवक्किलों के साथ 'विशेषाधिकार प्राप्त' बातचीत का ब्यौरा देने का दबाव नहीं डाल सकती।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस संदेश पाटिल की खंडपीठ इस बात से नाराज़ थी कि मुंबई के माटुंगा पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने एक सीनियर सिटीजन के बेटे द्वारा उसके खिलाफ दर्ज कराई गई FIR से संबंधित मामले में उसका प्रतिनिधित्व कर रहे दो वकीलों को कम से कम छह नोटिस जारी किए।जस्टिस मोहिते-डेरे ने...

ST/ST Act का दुरुपयोग, राज्य के साथ धोखाधड़ी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को प्रभावित करने के लिए आरोपी पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया
ST/ST Act का दुरुपयोग, राज्य के साथ धोखाधड़ी': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को प्रभावित करने के लिए आरोपी पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कड़े आदेश में SC/ST Act, 1989 के तहत दर्ज एक मामले में तीन पीड़ितों और 19 आरोपियों दोनों को कड़ी फटकार लगाई। न्यायालय ने कानून की प्रक्रिया के 'गंभीर दुरुपयोग' और अधिनियम के कल्याणकारी प्रावधानों के 'घोर दुरुपयोग' का खुलासा किया।1989 के SC/ST Act की धारा 14-ए (1) के तहत 19 आरोपियों द्वारा दायर आपराधिक अपील खारिज करते हुए जस्टिस शेखर कुमार यादव की पीठ ने कथित पीड़ितों, एक दलित महिला और उसकी दो बहुओं को राज्य सरकार से प्राप्त ₹4.5 लाख की पूरी मुआवज़ा राशि वापस करने का...

जबरदस्ती वसूली धमकी के बाद पूर्व डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री को दी जाए पुलिस सुरक्षा: दिल्ली हाईकोर्ट
जबरदस्ती वसूली धमकी के बाद पूर्व डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री को दी जाए पुलिस सुरक्षा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह रोहित गोदारा गिरोह द्वारा जबरन वसूली की धमकी के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री द्वारा पुलिस सुरक्षा के लिए किए गए अनुरोध पर शीघ्र कार्रवाई करे।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि एक बीट कांस्टेबल अगले दो हफ़्तों तक हर दिन कम से कम एक बार खत्री से मिलकर उनकी कुशलक्षेम सुनिश्चित करेगा।खत्री का कहना था कि 29 सितंबर को उन्हें यूक्रेन में रजिस्टर्ड एक फ़ोन नंबर से धमकी भरे...

केवल अधिनियमन पर्याप्त नहीं: केरल हाईकोर्ट ने JJ Actऔर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु निर्देश जारी किए
'केवल अधिनियमन पर्याप्त नहीं': केरल हाईकोर्ट ने JJ Actऔर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु निर्देश जारी किए

केरल हाईकोर्ट ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और सम्पूर्णा बेहुरा बनाम भारत संघ [2018 (4) SCC 433] में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।चीफ जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस बसंत बालाजी की खंडपीठ ने दो संबंधित मामलों में निर्णय सुनाते हुए ये निर्देश जारी किए, एक स्वत: संज्ञान याचिका और दूसरी नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उसके कार्यक्रम निदेशक सम्पूर्णा बेहुरा द्वारा स्थापित...

क्या धोखा शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं? — डाबर की याचिका पर पतंजलि के च्यवनप्राश विज्ञापन पर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल
"क्या 'धोखा' शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं?" — डाबर की याचिका पर पतंजलि के च्यवनप्राश विज्ञापन पर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को पतंजलि आयुर्वेद से उसके उस टीवी विज्ञापन पर सवाल किया जिसमें उसने अपने अलावा बाकी सभी च्यवनप्राश उत्पादों को “धोखा” कहा है।जस्टिस तेजस कारिया ने टिप्पणी की कि जहां अन्य च्यवनप्राश उत्पादों को “साधारण” या “कमतर” कहना विज्ञापन की छूट के दायरे में आ सकता है, वहीं उन्हें “धोखा” कहना अपमानजनक (disparaging) नहीं माना जाएगा क्या? अदालत ने इस मामले में डाबर इंडिया लिमिटेड द्वारा दाखिल अंतरिम निषेधाज्ञा (interim injunction) याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। डाबर इंडिया ने...