हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट सांकेतिक भाषा दुभाषिया के माध्यम से भाषण और श्रवण-बाधित अधिवक्ता की दलीलें सुनने वाला पहला HC बना
कर्नाटक हाईकोर्ट सांकेतिक भाषा दुभाषिया के माध्यम से भाषण और श्रवण-बाधित अधिवक्ता की दलीलें सुनने वाला पहला HC बना

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को एक प्रमाणित सांकेतिक भाषा दुभाषिया के माध्यम से एक भाषण और श्रवण बाधित अधिवक्ता सारा सनी द्वारा दी गई प्रस्तुतियों को सुनकर इतिहास रच दिया। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने अधिवक्ता की सराहना की और कहा कि याचिकाकर्ता की पत्नी की वकील सारा सनी ने सांकेतिक भाषा दुभाषिए के माध्यम से विस्तृत दलीलें पेश की थीं और सारा सनी द्वारा दी गई दलील की सराहना की जानी चाहिए और प्रशंसा रिकॉर्ड पर रखी जानी चाहिए, हालांकि यह सांकेतिक भाषा दुभाषिया के माध्यम से है। एडिसनल...

महुआ मोइत्रा अपने खिलाफ जय अनंत देहाद्राई के सार्वजनिक आरोपों पर खुद का बचाव करने की हकदार: दिल्ली हाईकोर्ट
महुआ मोइत्रा अपने खिलाफ जय अनंत देहाद्राई के सार्वजनिक आरोपों पर खुद का बचाव करने की हकदार: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को टिप्पणी की कि तृणमूल कांग्रेस नेता (TMC) महुआ मोइत्रा सार्वजनिक क्षेत्र में अपना बचाव करने की हकदार हैं, जब उनके खिलाफ वकील जय अनंत देहाद्राई द्वारा सार्वजनिक डोमेन में आरोप लगाए गए।जस्टिस प्रतीक जालान देहादराय के मानहानि मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें आरोप लगाया गया कि मोइत्रा ने सोशल मीडिया के साथ-साथ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए।जस्टिस जालान ने मौखिक रूप से देहाद्राई के वकील राघव अवस्थी से कहा,“जब मैं विश्लेषण करूंगा कि...

नियोक्ता-कर्मचारी संबंध साबित करने का बोझ मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि कौन अपने अस्तित्व का दावा करता है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
नियोक्ता-कर्मचारी संबंध साबित करने का बोझ मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि कौन अपने अस्तित्व का दावा करता है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने राकेश शर्मा बनाम इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और एक अन्य के मामले में लेटर्स पेटेंट अपील का फैसला करते हुए कहा कि नियोक्ता-कर्मचारी संबंध साबित करने का बोझ मुख्य रूप से उस व्यक्ति पर टिका हुआ है जिसने अपने अस्तित्व का दावा किया है, और एक बार प्रबंधन का कर्मचारी होने का दावा करने वाला व्यक्ति उनके पक्ष में सबूत देता है, तभी प्रबंधन पर कर्मचारी के ऐसे दावों का मुकाबला करने के लिए साक्ष्य देने का भार बदलेगा।मामले की...

ट्रेडमार्क रजिस्ट्री में लंबित सुधार याचिका को हाईकोर्ट अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित कर सकता है: मद्रास हाईकोर्ट
ट्रेडमार्क रजिस्ट्री में लंबित सुधार याचिका को हाईकोर्ट अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित कर सकता है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक हाईकोर्ट के पास ट्रेडमार्क रजिस्ट्री में लंबित एक सुधार आवेदन को अपने पास स्थानांतरित करने की अंतर्निहित शक्तियां होंगी जो उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।जस्टिस अब्दुल कुद्घोस ने कहा कि ट्रेड मार्क अधिनियम ने जानबूझकर "हाईकोर्ट" शब्द को परिभाषित करने के लिए छोड़ दिया था और इस प्रकार विधायिका का इरादा हाईकोर्ट की शक्तियों को कम करना नहीं था। कोर्ट ने कहा कि विधायिका का इरादा एक ही विषय से निपटने और परस्पर विरोधी निर्णय देने के लिए दो मंचों के लिए नहीं है। ...

सूचना का खुलासा नहीं होना नियोक्ता के लिए कर्मचारी को सेवामुक्त करने का एकमात्र आधार नहीं बन सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
सूचना का खुलासा नहीं होना नियोक्ता के लिए कर्मचारी को सेवामुक्त करने का एकमात्र आधार नहीं बन सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस राजा बसु चौधरी सिंगल जज बेंच ने शंकर मंडल बनाम भारत संघ के मामले में एक रिट याचिका का फैसला सुनाते हुए कहा कि सूचना का खुलासा न करना सक्षम प्राधिकारी के लिए कर्मचारी को निर्वहन करने का एकमात्र आधार नहीं बन सकता है।मामले की पृष्ठभूमि: याचिकाकर्ता शंकर मंडल ने रेलवे सुरक्षा बल में कांस्टेबल के पद के लिए एक भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया था जिसमें वो सफल हुआ था और बाद में उन्हें अन्य सफल उम्मीदवारों के साथ प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। इसके बाद उन्हें 8 वीं बटालियन,...

पति द्वारा नवजात शिशु के भरण-पोषण के लिए पत्नी के माता-पिता से पैसे मांगना दहेज नहीं: पटना हाइकोर्ट
पति द्वारा नवजात शिशु के भरण-पोषण के लिए पत्नी के माता-पिता से पैसे मांगना 'दहेज' नहीं: पटना हाइकोर्ट

पटना हाइकोर्ट ने कहा कि यदि पति अपने नवजात शिशु के पालन-पोषण और भरण-पोषण के लिए पत्नी के पैतृक घर से पैसे मांगता है तो ऐसी मांग दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 2 (i) के अनुसार 'दहेज' की परिभाषा के दायरे में नहीं आती।जस्टिस बिबेक चौधरी की पीठ ने पति द्वारा आईपीसी की धारा 498ए और दहेज निषेध अधिनियम 1961 की धारा 4 के तहत अपनी सजा को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता (पति) का विवाह विपरीत पक्ष नंबर 2 (पत्नी) के साथ वर्ष 1994 में हिंदू...

SC/ST कोटे के तहत नियुक्त व्यक्ति बाद में भूतपूर्व सैनिक कोटे के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट
SC/ST कोटे के तहत नियुक्त व्यक्ति बाद में भूतपूर्व सैनिक कोटे के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट की चीफ जस्टिस एम.एस. रामचंद्र राव और जस्टिस ज्योत्सना रेवल दुआ की खंडपीठ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य और अन्य बनाम जय राम कौंडल के मामले में लेटर्स पेटेंट अपील का फैसला करते हुए कहा कि एक बार जब कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति कोटे के तहत नियुक्त हो जाता है तो बाद में वह भूतपूर्व सैनिक कोटे के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकता।मामले की पृष्ठभूमि1993 में सेना से रिटायरमेंट के बाद जय राम कौंडल (प्रतिवादी) को अनुसूचित जाति श्रेणी में आरक्षण के माध्यम से चिकित्सा...

बच्चे को उसके लिए अस्वीकार्य माता-पिता के साथ रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता: केरल हाइकोर्ट
बच्चे को उसके लिए अस्वीकार्य माता-पिता के साथ रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता: केरल हाइकोर्ट

केरल हाइकोर्ट ने मां द्वारा कस्टडी की मांग करने वाली हेबियस कॉर्पस याचिका पर विचार करते हुए कहा कि नाबालिग बच्चे को ऐसे माता-पिता के साथ रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, जो बच्चे के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य हो।जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस जी गिरीश की खंडपीठ ने बच्चे को उसके मृत पिता के रिश्तेदारों के साथ रहने की अनुमति देते हुए इस प्रकार कहा,“यदि यह पाया जाता है कि किसी दिए गए मामले में यदि माता-पिता के साथ बच्चे की कस्टडी का निर्देश देने वाला आदेश उस बच्चे के हित के लिए हानिकारक हो...

झारखंड हाइकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को अनधिकृत मांस की दुकानों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए
झारखंड हाइकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को अनधिकृत मांस की दुकानों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए

झारखंड हाइकोर्ट ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में संचालित अनधिकृत मांस की दुकानों के खिलाफ अपनी कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह घटनाक्रम श्यामानंद पांडे द्वारा शुरू की गई जनहित याचिका से उपजा है, जिन्होंने खुले क्षेत्रों में मांस की बिक्री की ओर ध्यान आकर्षित किया।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि जानवरों को खुलेआम खासकर सड़कों के पास जहां वे सभी को दिखाई देते हैं, वध करने की ऐसी प्रथाएं उचित नहीं हैं। हालांकि याचिकाकर्ता ने बताया कि स्थानीय नगर...

नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी देना नियोक्ता के साथ धोखाधड़ी के समान: कलकत्ता हाइकोर्ट
नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी देना नियोक्ता के साथ धोखाधड़ी के समान: कलकत्ता हाइकोर्ट

राम आशीष यादव बनाम भारत संघ के मामले में रिट याचिका पर निर्णय करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट के जस्टिस पार्थ सारथी सेन की सिंगल बेंच ने कहा कि आरपीएफ में कांस्टेबल के पद के लिए चयनित प्रत्येक उम्मीदवार को सभी बुराइयों से मुक्त होना चाहिए पर्याप्त जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए। साथ ही सत्यनिष्ठ, कर्तव्यनिष्ठ, सतर्क और ईमानदार होना चाहिए। इसलिए नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी देना नियोक्ता के साथ धोखाधड़ी के समान है।तथ्यों की पृष्ठभूमिराम आशीष यादव (याचिकाकर्ता) का चयन 09.10.2014 को रेलवे सुरक्षा बल...

तीन महीने और उससे अधिक की अवधि के लिए प्रदान की गई सेवा को कुल सेवा अवधि की गणना के उद्देश्य से एक आधा वर्ष माना जाएगा: हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट
तीन महीने और उससे अधिक की अवधि के लिए प्रदान की गई सेवा को कुल सेवा अवधि की गणना के उद्देश्य से एक आधा वर्ष माना जाएगा: हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट की चीफ जस्टिस एम.एस. रामचंद्र राव और जस्टिस ज्योत्सना रेवल दुआ की खंडपीठ ने यूको बैंक और अन्य बनाम चमन सिंह के मामले में लेटर्स पेटेंट अपील का फैसला करते हुए माना कि किसी कर्मचारी द्वारा तीन महीने और उससे अधिक की अवधि के लिए प्रदान की गई सेवा को कुल सेवा अवधि की गणना के उद्देश्य से एक आधा वर्ष (6 महीने) माना जाएगा।पृष्ठभूमि तथ्यचमन सिंह (प्रतिवादी) ने यूको बैंक (अपीलकर्ता) के लिए 9 वर्ष और 10 महीने की सेवा प्रदान की। यूको बैंक (कर्मचारी) पेंशन विनियमन 1995 के नियम 14 में...

दोषी व्यक्ति हिरासत से रिहाई के लिए हेबियस कॉर्पस याचिका दायर नहीं कर सकता: उड़ीसा हाइकोर्ट ने माओवादी नेता सब्यसाची पांडा को राहत देने से किया इनकार
दोषी व्यक्ति हिरासत से रिहाई के लिए हेबियस कॉर्पस याचिका दायर नहीं कर सकता: उड़ीसा हाइकोर्ट ने माओवादी नेता सब्यसाची पांडा को राहत देने से किया इनकार

उड़ीसा हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोषी व्यक्ति के साथ-साथ विचाराधीन कैदी भी जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के उल्लंघन के आधार पर वैध कारावास/हिरासत से रिहाई के लिए हेबियस कॉर्पस याचिका के तहत उपाय का दावा नहीं कर सकता।माओवादी नेता सब्यसाची पांडा को राहत देने से इनकार करते हुए जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस मृगांका शेखर साहू की खंडपीठ ने कहा,“जहां याचिकाकर्ता विचाराधीन और दोषी व्यक्ति के रूप में हिरासत में है, वहां यह नहीं कहा जा सकता कि उसके जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का...

जिला मजिस्ट्रेट जो हिरासत आदेश जारी करने के लिए अधिकृत, वह सरकार की मंजूरी से पहले इसे रद्द भी कर सकता है: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट
जिला मजिस्ट्रेट जो हिरासत आदेश जारी करने के लिए अधिकृत, वह सरकार की मंजूरी से पहले इसे रद्द भी कर सकता है: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिला मजिस्ट्रेट के पास जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत पारित हिरासत आदेश तब तक रद्द करने का अधिकार है, जब तक कि इसे सरकार द्वारा अनुमोदित नहीं किया जाता।जस्टिस संजय धर द्वारा पारित फैसले में अदालत ने कहा,“प्राधिकरण, जिसे आदेश बनाने का अधिकार है, उसे ऐसे आदेश को जोड़ने संशोधित करने बदलने या रद्द करने का अधिकार है। इसलिए जिला मजिस्ट्रेट जिसे हिरासत का आदेश बनाने का अधिकार है, उसे तब तक इसे रद्द करने का भी अधिकार है, जब तक कि...

वारंट जारी होने से पहले किसी दूर की जगह चले जाना वाला व्यक्ति फरार नहीं होता: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट
वारंट जारी होने से पहले किसी दूर की जगह चले जाना वाला व्यक्ति फरार नहीं होता: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गिरफ्तारी के वारंट से पहले किसी दूर की जगह पर चला गया है तो उसे फरार या गिरफ्तारी से बचने वाला नहीं कहा जा सकता।गौरतलब है कि सीआरपीसी की धारा 82 में कहा गया,"यदि किसी कोर्ट को यह विश्वास करने का कारण है (चाहे साक्ष्य लेने के बाद या नहीं) कि कोई व्यक्ति, जिसके विरुद्ध उसके द्वारा वारंट जारी किया गया, फरार हो गया या खुद को छिपा रहा है जिससे ऐसे वारंट को निष्पादित नहीं किया जा सके तो ऐसा न्यायालय लिखित उद्घोषणा प्रकाशित कर सकता है, जिसमें उसे...

भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए: अरविंद केजरीवाल को सीएम पद से हटाने की मांग वाली तीसरी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट
'भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए': अरविंद केजरीवाल को सीएम पद से हटाने की मांग वाली तीसरी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक संदीप कुमार द्वारा अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग वाली याचिका को 10 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।केजरीवाल फिलहाल उत्पाद शुल्क नीति से संबंधित ED मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि कुमार पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए और उनसे सवाल किया कि केजरीवाल के खिलाफ अधिकार वारंट की रिट कैसे जारी की जा सकती है।अदालत ने कहा कि चूंकि इसी तरह की याचिकाओं का निपटारा...

समझ नहीं आता कि UAPA कैसे लगाया: राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थान पर खालिस्तान जिंदाबाद लिखने के आरोपी को जमानत दी
'समझ नहीं आता कि UAPA कैसे लगाया': राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थान पर 'खालिस्तान जिंदाबाद' लिखने के आरोपी को जमानत दी

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के हनुमानगढ़ क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर दीवार पर "खालिस्तान जिंदाबाद" का नारा लिखने के आरोपी सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के दो कथित कार्यकर्ताओं को जमानत दी।न्यायालय ने जमानत देते हुए कहा कि यह "समझ में नहीं आता" कि आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA Act) के दंडात्मक प्रावधान कैसे लागू किए गए। न्यायालय ने यह भी कहा कि अभियुक्त के अपराध के बारे में अनुमान लगाने के लिए कोई ठोस परिस्थितियां उपलब्ध नहीं है।जस्टिस फरजंद अली की पीठ...

हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्ची का यौन उत्पीड़न करने वाले वकील बी ए अलूर को अग्रिम जमानत दी
हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्ची का यौन उत्पीड़न करने वाले वकील बी ए अलूर को अग्रिम जमानत दी

केरल हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के मामले में वकील बी ए अलूर को अग्रिम जमानत दी। विशिष्ट आरोप यह है कि वकील अलूर ने उस नाबालिग बच्ची का यौन उत्पीड़न किया, जो व्यावसायिक लेनदेन के लिए लोन लेने के लिए अपनी मां के साथ उससे मिली थी।जस्टिस ए बदरुद्दीन ने कहा,"उपरोक्त पंक्ति में इस मामले के तथ्यों पर ध्यान देने के बाद याचिकाकर्ता को खुद को पूछताछ के लिए प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए आवश्यक शर्तें लगाकर याचिका को अनुमति दी जा सकती है।"वकील अलूर के खिलाफ एर्नाकुलम...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और राज्य के भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा जारी जमानती वारंट पर रोक लगा दी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और राज्य के भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा जारी जमानती वारंट पर रोक लगा दी।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में निजी शपथपत्र नहीं देने के मामले में जमानती वारंट जारी करने के स्पेशल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।जस्टिस संजय द्विवेदी की सिंगल जज बेंच ने तर्क दिया कि दोनों याचिकाकर्ता लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और जिन निर्वाचन क्षेत्रों से वे चुनाव लड़ रहे हैं, वे सांसदों/विधायकों के लिए जबलपुर स्पेशल कोर्ट से बहुत दूर हैं। इस परिदृश्य में, कोर्ट ने कहा कि विशेष अदालत...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने क्रूर और खतरनाक कुत्तों की नस्लों के पालन पर प्रतिबंध लगाने वाले केंद्र के परिपत्र पर रोक बढ़ा दी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 'क्रूर और खतरनाक' कुत्तों की नस्लों के पालन पर प्रतिबंध लगाने वाले केंद्र के परिपत्र पर रोक बढ़ा दी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा जारी एक परिपत्र के संचालन पर लगाए गए रोक को सोमवार तक बढ़ा दिया है, जो राज्य में मानव जीवन के लिए क्रूर और खतरनाक होने के आधार पर कुत्तों की कुछ नस्लों के पालन पर प्रतिबंध लगाता है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने स्थगन के अपने पहले के आदेश को सुनवाई की अगली तारीख तक बढ़ा दिया। मंत्रालय द्वारा दायर आपत्तियों के बयान में उल्लेख किया गया था कि याचिका में कुत्तों की कुछ प्रजातियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए विभाग के...