हाईकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने विशिष्ट न्यायालय आदेशों के बावजूद अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करने में बार-बार विफल रहने के लिए वकील पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया
गुजरात हाइकोर्ट ने विशिष्ट न्यायालय आदेशों के बावजूद अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करने में बार-बार विफल रहने के लिए वकील पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया

गुजरात हाइकोर्ट ने विशिष्ट न्यायालय आदेशों के बावजूद अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करने में बार-बार विफल रहने के लिए वकील पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया।इसके एडिशनल कोर्ट ने वकील प्रशांत वी. चावड़ा के आचरण को आगे की जांच के लिए गुजरात बार काउंसिल को भेजने का निर्णय लिया। न्यायालय ने टिप्पणी की कि चावड़ा का आचरण कानूनी पेशे के मानकों को पूरा नहीं करता है और बार काउंसिल द्वारा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया। चावड़ा को 30 दिनों के भीतर गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को...

नैतिक अधमता का दोषी व्यक्ति किसी भी विभाग का प्रमुख बनने के लिए उपयुक्त नहीं, शिक्षण संस्थान का तो बिल्कुल भी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
नैतिक अधमता का दोषी व्यक्ति किसी भी विभाग का प्रमुख बनने के लिए उपयुक्त नहीं, शिक्षण संस्थान का तो बिल्कुल भी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि नैतिक अधमता से जुड़े आपराधिक मामले में दोषी ठहराए गए उम्मीदवार को किसी भी विभाग, किसी शैक्षणिक संस्थान का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं कहा जा सकता है। जस्टिस अजीत कुमार ने कहा,“…एक उम्मीदवार जो नैतिक अधमता से जुड़े आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है, उसे किसी भी संस्थान या विभाग के प्रमुख का पद संभालने के लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं माना जा सकता है, किसी शैक्षणिक संस्थान की तो बात ही छोड़िए क्योंकि उसे न केवल प्रशासन चलाना है बल्‍कि उसे उच्च...

औद्योगिक विवाद अधिनियम| लेबर कोर्ट धारा 33सी(2) के तहत नियोक्ता से धन की वसूली के लिए कार्यवाही में ब्याज नहीं दे सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
औद्योगिक विवाद अधिनियम| लेबर कोर्ट धारा 33सी(2) के तहत नियोक्ता से धन की वसूली के लिए कार्यवाही में ब्याज नहीं दे सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33सी(2) के तहत कार्यवाही करते समय, श्रम न्यायालय के पास नियोक्ता द्वारा देय राशि के विलंबित भुगतान पर कर्मचारी को ब्याज देने की शक्ति नहीं है। न्यायालय ने माना कि धारा 33सी(2) के तहत कार्यवाही निष्पादन कार्यवाही है। धारा 33सी (1) में प्रावधान है कि जहां किसी कर्मचारी का उसके नियोक्ता के पास कोई पैसा बकाया है तो कर्मचारी को अपने बकाया पैसे की रिकवरी के लिए उपयुक्त सरकार को आवेदन करना होगा। यदि सरकार संतुष्ट है कि पैसा बकाया है, तो...

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अनुच्छेद 19(6) के तहत राज्य, इसका कार्यकारी निर्णय कानून का गठन करता है: दिल्ली हाईकोर्ट
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अनुच्छेद 19(6) के तहत 'राज्य', इसका कार्यकारी निर्णय 'कानून' का गठन करता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(6) के प्रयोजनों के लिए एक "राज्य" है। जस्टिस सी हरि शंकर ने माना कि अनुच्छेद 19(6) के प्रयोजनों के लिए एनसीटीई की ओर से लिया गया कार्यकारी निर्णय "कानून" का गठन करेगा। अनुच्छेद 19(6) राज्य को आम जनता के हित में, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के जरिए दिए गए अधिकार के प्रयोग पर उचित प्रतिबंध लगाने वाला कोई भी कानून बनाने का अधिकार देता है।अदालत ने कहा कि ऐसा कोई कारण नहीं है कि...

व्यभिचार में लिप्त होने का अर्थ है लगातार और बार-बार व्यभिचार करना, इकलौता उदाहरण पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं करता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
'व्यभिचार में लिप्त होने' का अर्थ है 'लगातार और बार-बार व्यभिचार करना', इकलौता उदाहरण पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं करता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि व्यभिचार का इकलौता उदाहरण किसी पत्नी को अपने पति से गुजारा भत्ता प्राप्त करने से वंचित नहीं कर सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीआरपीसी की धारा 125(4) की कठोरता को आकर्षित करने के लिए, पत्नी को 'लगातार और बार-बार व्यभिचार के कृत्यों' के जरिए 'व्यभिचार में लिप्त होना' चाहिए। इंदौर स्थित पीठ ने कहा,“...'व्यभिचार में ‌लिप्त होने' का अर्थ व्यभिचार का निरंतर और बार-बार किए जाने वाला कृत्य है…। विद्वान ट्रायल कोर्ट ने पूरे सबूतों पर विचार किया है... पूरे सबूतों पर...

हुक्का सिगरेट जितना ही नशीला और हानिकारक: कर्नाटक हाइकोर्ट ने प्रतिबंध बरकरार रखा
हुक्का सिगरेट जितना ही नशीला और हानिकारक: कर्नाटक हाइकोर्ट ने प्रतिबंध बरकरार रखा

यह एक मिथक है कि हुक्का पीने से सिगरेट पीने की तुलना में तंबाकू से संबंधित बीमारियों का कम जोखिम होता है, कर्नाटक हाइकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा राज्य के भीतर सभी प्रकार के हुक्का उत्पादों की बिक्री, खपत, भंडारण, विज्ञापन और प्रचार पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना को बरकरार रखते हुए कहा।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने कहा कि राज्य ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों और दवाओं को प्रतिबंधित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 47 के तहत...

मंदिर परिसर में सामूहिक अभ्यास की अनुमति नहीं: RSS सदस्यों द्वारा कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका, नोटिस जारी
मंदिर परिसर में सामूहिक अभ्यास की अनुमति नहीं: RSS सदस्यों द्वारा कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका, नोटिस जारी

केरल हाईकोर्ट ने पथानामथिट्टा जिले के ओमल्लूर स्थित श्री रक्तकंद स्वामी मंदिर के भक्तों और आसपास के निवासियों द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सदस्यों द्वारा मंदिर और मंदिर परिसर के अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत उपयोग का आरोप लगाया गया।जस्टिस वीजी अरुण और जस्टिस एस मनु की खंडपीठ ने मामला स्वीकार कर लिया और उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील निखिल शंकर एस ने प्रस्तुत किया कि मंदिर उत्सव 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2024 तक आयोजित होने...

केरल हाईकोर्ट ने राजीव चन्द्रशेखर पर लोकसभा चुनाव से पहले झूठा हलफनामा दायर करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका खारिज की
केरल हाईकोर्ट ने राजीव चन्द्रशेखर पर लोकसभा चुनाव से पहले झूठा हलफनामा दायर करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका खारिज की

आगामी आम चुनावों से पहले केरल हाईकोर्ट ने वह जनहित याचिका खारिज कर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि BJP नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर द्वारा नामांकन पत्र के साथ गलत हलफनामा दायर करने की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।जस्टिस वीजी अरुण और जस्टिस एस. मनु की खंडपीठ ने रिट क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करने से इनकार किया और कहा कि उसके हाथ 'बंधे हुए' हैं, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।यह देखा गया,“हमारी राय है कि क्या रिटर्निंग ऑफिसर को शिकायत पर विचार करना चाहिए था और तर्कसंगत...

मद्रास हाइकोर्ट ने तिरुनेलवेली में BJP और Congress उम्मीदवारों के खिलाफ PMLA कार्यवाही शुरू करने की याचिका पर ED से जवाब मांगा
मद्रास हाइकोर्ट ने तिरुनेलवेली में BJP और Congress उम्मीदवारों के खिलाफ PMLA कार्यवाही शुरू करने की याचिका पर ED से जवाब मांगा

मद्रास हाइकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से लोकसभा चुनाव 2024 में तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से BJP और Congress के उम्मीदवारों नैनार नागेंद्रन और रॉबर्ट ब्रूस के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA Act) के तहत कार्यवाही शुरू करने की मांग करने वाली याचिका पर जवाब देने को कहा।जस्टिस एमएस रमेश और जस्टिस सुंदर मोहन की खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया माना कि आरोपित अपराध अनुसूचित अपराध नहीं है और PMLA Act के तहत कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। इसने ED से 24 अप्रैल तक याचिका पर जवाब देने को कहा।यह याचिका...

क्या आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी या आर्मी पब्लिक स्कूल के खिलाफ अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं? पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेजा
क्या आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी या आर्मी पब्लिक स्कूल के खिलाफ अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं? पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेजा

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने इस मुद्दे को बड़ी पीठ को भेजा कि क्या संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत आर्मी वेलफेयर सोसाइटी या आर्मी पब्लिक स्कूल के खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्य होगी।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 का प्रावधान हाइकोर्ट को भाग III द्वारा प्रदत्त किसी भी अधिकार के प्रवर्तन या किसी अन्य उद्देश्य के लिए किसी भी व्यक्ति या प्राधिकरण, जिसमें कोई सरकार भी शामिल है, उसको रिट आदेश या निर्देश जारी करने का अधिकार देती है।"उन्होंने...

मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 410 के तहत अतिरिक्त सीएमएम के समक्ष लंबित मामलों को ट्रांसफर नहीं कर सकते: कर्नाटक हाइकोर्ट
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 410 के तहत अतिरिक्त सीएमएम के समक्ष लंबित मामलों को ट्रांसफर नहीं कर सकते: कर्नाटक हाइकोर्ट

कर्नाटक हाइकोर्ट ने माना कि सीआरपीसी की धारा 410 के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली दो अलग-अलग अदालतों के समक्ष लंबित दो मामलों को एक ही रैंक के न्यायिक अधिकारी की अध्यक्षता वाली एक अदालत में ट्रांसफर नहीं कर सकते है।जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने रेडिकाएल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली और मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा पारित दिनांक 13-01-2023 का आदेश रद्द कर दिया, जिसके द्वारा...

Breaking | बॉम्बे हाईकोर्ट ने दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें आध्यात्मिक नेता के रूप में सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
Breaking | बॉम्बे हाईकोर्ट ने दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें आध्यात्मिक नेता के रूप में सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

दस साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के भतीजे ताहिर फखरुद्दीन का दावा खारिज करते हुए उनके "दाई-अल-मुतलक" या दाऊदी बोहरा समुदाय के धार्मिक नेता का पद बरकरार रखा।जस्टिस जीएस पटेल ने फैसला सुनाते हुए फखरुद्दीन का मुकदमा खारिज कर दिया।सैयदना उत्तराधिकार विवाद की सुनवाई पूरी हुई और नौ साल तक चली सुनवाई के दौरान अप्रैल 2023 में फैसला सुरक्षित रख लिया गया। अंतिम सुनवाई नवंबर 2022 में शुरू हुई और अप्रैल 2023 में समाप्त हुई।2014 में 52वें सैयदना मोहम्मद...

Delhi Riots
Delhi Riots: हाईकोर्ट ने सलीम मलिक को जमानत देने से इनकार किया, कहा- बैठकों में हिंसा पर खुलेआम चर्चा होती थी, जो किसी भी लोकतांत्रिक देश में स्वीकार्य नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने सलीम मलिक उर्फ मुन्ना को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA Act) के तहत दर्ज मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसमें 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया गया।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री है, जो स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि मलिक सह-साजिशकर्ता था और उसने अपराध किया, जिसके लिए उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया।खंडपीठ ने कहा कि चांद बाग बैठक सहित बैठकों में, जिसमें फरवरी...

हनुमान जयंती यात्रा: तेलंगाना हाईकोर्ट ने निर्मल जिले में जुलूस की अनुमति दी, मस्जिदों के पास संगीत बजाने पर प्रतिबंध लगाया
हनुमान जयंती यात्रा: तेलंगाना हाईकोर्ट ने निर्मल जिले में जुलूस की अनुमति दी, मस्जिदों के पास संगीत बजाने पर प्रतिबंध लगाया

तेलंगाना हाईकोर्ट ने निर्मल जिले के पुलिस अधिकारियों को हनुमान जयंती की पूर्व संध्या पर 'भगवान श्री वीर हनुमान यात्रा' जुलूस की अनुमति देने का निर्देश दिया। हालांकि, कोर्ट ने जुलूस धारकों को पास की मस्जिदों के 150 मीटर के दायरे में संगीत बजाने से रोक लगाई।जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी ने क्षेत्र की 'सांप्रदायिक संवेदनशीलता' का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार करने के खिलाफ रंजर गंगाप्रसाद द्वारा दायर रिट याचिका में संबंधित उप-विभागीय पुलिस अधिकारी और SHO को अंतरिम निर्देश दिया।याचिकाकर्ता ने दलील...

स्क्रीनिंग कमेटी लाइसेंसी हथियारों के समर्पण के लिए व्यापक निर्देश जारी नहीं कर सकती: केरल हाईकोर्ट
स्क्रीनिंग कमेटी लाइसेंसी हथियारों के समर्पण के लिए व्यापक निर्देश जारी नहीं कर सकती: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने स्क्रीनिंग कमेटी को शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत लाइसेंस धारकों को जारी किए गए हथियारों को वापस करने के अपने आदेश पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया।याचिका की अनुमति देते हुए जस्टिस एन. नागरेश की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"जब तक चुनाव आयोग द्वारा प्रदान किए गए मापदंडों के आलोक में हथियारों का आत्मसमर्पण उचित रूप से आवश्यक नहीं है, तब तक हथियारों को आत्मसमर्पण करने के लिए व्यापक निर्देश नहीं दिए जा सकते।"याचिकाकर्ता को Arms Act के तहत हथियार रखने का लाइसेंस जारी किया गया था।...

राज्य मंत्रिमंडल ने जानबूझकर फर्जी नियुक्तियों को संरक्षण दिया: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 24,000 नियुक्तियां रद्द कीं, सैलरी और अन्य लाभ भी वापस करने को कहा
राज्य मंत्रिमंडल ने जानबूझकर फर्जी नियुक्तियों को संरक्षण दिया: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 24,000 नियुक्तियां रद्द कीं, सैलरी और अन्य लाभ भी वापस करने को कहा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लगभग 24,000 टीचिंग और नॉन-टीचिंग नौकरियों को अमान्य कर दिया, जो 2016 एसएससी भर्ती प्रक्रिया के परिणामस्वरूप भरी गई थीं, जिसे बाद में कैश-फॉर-जॉब भर्ती घोटाले के कारण चुनौती दी गई।280 से अधिक पृष्ठों के विस्तृत आदेश में जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने ओएमआर शीट में अनियमितता पाए जाने पर 2016 एसएससी भर्ती का पूरा पैनल रद्द कर दिया और राज्य को इसके लिए नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया।बेंच...

[आम चुनाव 2024] भारत भर में सभी निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा उपाय किए गए: ECI ने केरल हाईकोर्ट से कहा
[आम चुनाव 2024] भारत भर में सभी निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा उपाय किए गए: ECI ने केरल हाईकोर्ट से कहा

भारत निर्वाचन आयोग ने 18 अप्रैल, 2024 को केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक वचनपत्र के रूप में एक बयान दायर किया जिसमें कहा गया था कि वडकरा संसदीय क्षेत्र सहित भारत के सभी संसदीय क्षेत्रों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा उपाय और कदम उठाए गए हैं।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार शफी परमबिल के मुख्य चुनाव एजेंट एडवोकेट प्रवीण कुमा आर द्वारा दायर एक रिट याचिका में ईसीआई द्वारा बयान दायर किया गया था, जिसमें वडकरा संसदीय क्षेत्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)...

गुजरात हाइकोर्ट ने आपराधिक पृष्ठभूमि के आरोपों के बीच वक्फ ट्रिब्यूनल के सदस्य की नियुक्ति पर सवाल उठाए, राज्य से जवाब मांगा
गुजरात हाइकोर्ट ने आपराधिक पृष्ठभूमि के आरोपों के बीच वक्फ ट्रिब्यूनल के सदस्य की नियुक्ति पर सवाल उठाए, राज्य से जवाब मांगा

गुजरात हाइकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य में वक्फ ट्रिब्यूनल के तीसरे सदस्य की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान आपराधिक पृष्ठभूमि के आरोपों के बीच अनवर हुसैन शेख की नियुक्ति के बारे में राज्य से स्पष्टीकरण मांगा।चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस अनिरुद्ध पी माई की खंडपीठ ने राज्य सरकार और शेख को पद से हटाने के लिए उठाए गए तर्कों का जवाब देने का निर्देश दिया।सीजे अग्रवाल ने 19 अप्रैल को जारी आदेश में कहा,“प्रतिवादी नंबर 1 के कार्यालय से सक्षम अधिकारी का हलफनामा...

पशुओं और पक्षियों के लिए हेबियस कॉर्पस का आह्वान नहीं किया जा सकता: गुजरात हाइकोर्ट ने चोरी हुए पशुओं की कस्टडी की मांग करने वाली याचिका में संशोधन करने को कहा
पशुओं और पक्षियों के लिए हेबियस कॉर्पस का आह्वान नहीं किया जा सकता: गुजरात हाइकोर्ट ने चोरी हुए पशुओं की कस्टडी की मांग करने वाली याचिका में संशोधन करने को कहा

गुजरात हाइकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि वह चोरी हुए पशुओं के लिए हेबियस कॉर्पस याचिका जारी नहीं कर सकता। कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले वकील को सुझाव दिया कि वह पहले हेबियस कॉर्पस से संबंधित कानून को देखें।जस्टिस ए वाई कोगजे और जस्टिस एस जे दवे की खंडपीठ सूरत की महिला कसमबेन सोमुभाई सिंगाड़े द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रही थी, जो अपनी अपहृत बेटी और चोरी हुए पशुओं की कस्टडी की मांग कर रही थी।शुरू में पीठ ने 'पक्षियों, गायों, भैंसों आदि' की कस्टडी की मांग करने वाली प्रार्थना पर सवाल...

प्रथम दृष्टया बेतुका: गुजरात हाइकोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा असत्यापित तस्वीरों से महिला की वित्तीय स्थिति का आकलन करने और भरण-पोषण देने से इनकार करने पर कहा
प्रथम दृष्टया बेतुका: गुजरात हाइकोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा असत्यापित तस्वीरों से महिला की वित्तीय स्थिति का आकलन करने और भरण-पोषण देने से इनकार करने पर कहा

गुजरात हाइकोर्ट ने परित्यक्त महिला के भरण-पोषण के आवेदन को धारा 125 सीआरपीसी के तहत खारिज करने के फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रथम दृष्टया टिप्पणियां की हैंमहिला की वित्तीय स्थिति और कुछ असत्यापित तस्वीरों से आंकी गई कथित भव्य जीवनशैली के आधार पर यह आदेश दिया गया।मामले की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस जेसी दोशी ने कहा,"फैमिली जज ने पृष्ठ 38, विशेष रूप से पैरा 15.13 से 15.19 में कुछ अजीब निष्कर्ष दर्ज किए, जिसमें परित्यक्त महिला के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 125 के तहत भरण-पोषण से इनकार...