हाईकोर्ट

दिव्यांगता पेंशन तभी अस्वीकार की जा सकती है, जब मेडिकल बोर्ड यह रिकॉर्ड करे कि सैन्य सेवा में शामिल होने के समय बीमारी मौजूद थी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
दिव्यांगता पेंशन तभी अस्वीकार की जा सकती है, जब मेडिकल बोर्ड यह रिकॉर्ड करे कि सैन्य सेवा में शामिल होने के समय बीमारी मौजूद थी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सैन्य सेवा में दिव्यांगता पेंशन तभी अस्वीकार की जा सकती है, जब सेवा में शामिल होने के समय मेडिकल बोर्ड यह रिकॉर्ड करे कि अधिकारी की चिकित्सा स्थिति ने उसे सैन्य सेवा के लिए अयोग्य बना दिया है।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा कि दिव्यांगता पेंशन किसी सैन्य अधिकारी तभी अस्वीकार की जा सकती है, जब संबंधित व्यक्ति को सैन्य सेवा में स्वीकार किए जाने के समय मेडिकल बोर्ड द्वारा उसके किसी बीमारी से ग्रस्त होने के बारे में कुछ नोटिंग दर्ज की जाती...

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के परिजनों ने 2.5 करोड़ रुपये के बदले में चुनावी टिकट देने के आरोपों से संबंधित मामला खारिज करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के परिजनों ने 2.5 करोड़ रुपये के बदले में चुनावी टिकट देने के आरोपों से संबंधित मामला खारिज करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के भाई गोपाल जोशी और उनके बेटे अजय जोशी जिन्हें गुरुवार को धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया, उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट डी आर रविशंकर ने तर्क दिया कि यह मामला पूरी तरह से वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। आरोपित अपराध के लिए कोई मामला नहीं बनता।पूर्व जेडी(S) विधायक देवानंद चव्हाण की पत्नी सुनीता चव्हाण द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर जोशी, उनके बेटे और दो...

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने MUDA मामले में राज्यपाल की मंजूरी बरकरार रखने के आदेश के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में की अपील
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने MUDA मामले में राज्यपाल की मंजूरी बरकरार रखने के आदेश के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में की अपील

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक हाईकोर्ट में उस आदेश के खिलाफ अपील दायर की, जिसमें राज्यपाल थावर चंद गहलोत का फैसला बरकरार रखा गया। उक्त फैसले में कथित रूप से करोड़ों रुपये के मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) "घोटाले" में मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच/अभियोजन की मंजूरी दी गई थी।अपील में अंतरिम राहत के तौर पर एकल न्यायाधीश पीठ के 24 सितंबर के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की गई।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश पीठ ने सिद्धारमैया द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने चाय ब्रांड GIRNAR को भारत में जाना-माना ट्रेडमार्क माना, कहा- यह घर-घर में जाना-पहचाना नाम बन गया है
बॉम्बे हाईकोर्ट ने चाय ब्रांड 'GIRNAR' को भारत में जाना-माना ट्रेडमार्क माना, कहा- यह 'घर-घर में जाना-पहचाना नाम' बन गया है

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रेड मार्क अधिनियम के अर्थ के भीतर भारत में एक प्रसिद्ध ट्रेडमार्क के रूप में लोकप्रिय खाद्य और पेय चिह्न 'GIRNAR' को हेक किया है, यह देखते हुए कि इसकी मान्यता और साख किसी भी विशिष्ट वर्ग की वस्तुओं या सेवाओं से परे फैली हुई है।ऐसा करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि व्यापार चिह्न 'GIRNAR' वास्तव में भारत में एक घरेलू नाम बन गया है। हाईकोर्ट GIRNAR फूड एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड (वादी) द्वारा दायर एक मुकदमे पर विचार कर रहा था, जिसमें टीएनआई प्लास्टिक (प्रतिवादी) के खिलाफ पूर्व...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रिश्वत लेने के लिए आपराधिक मामला दर्ज होने के कारण बर्खास्त किए गए संविदा सरकारी कर्मचारी को बहाल किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'रिश्वत लेने' के लिए आपराधिक मामला दर्ज होने के कारण बर्खास्त किए गए संविदा सरकारी कर्मचारी को बहाल किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने एक मामले में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में संविदा के आधार पर कार्यरत एक कनिष्ठ सहायक की सेवा समाप्ति के आदेश को पलट दिया। ऐसा करते हुए न्यायालय ने कहा कि प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता की सेवा समाप्ति का कठोर कदम उठाया है, क्योंकि उसके खिलाफ कथित रूप से रिश्वत लेने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। यह तब है, जब मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (सेवा भारती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2016 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसमें कहा गया हो कि केवल अपराध दर्ज होने पर...

हाईकोर्ट जजेज एक्ट के तहत पारिवारिक पेंशन राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष पर भी लागू: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाईकोर्ट जजेज एक्ट के तहत पारिवारिक पेंशन राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष पर भी लागू: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट जज (वेतन और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1954 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत "पारिवारिक पेंशन" नियम उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग अधिनियम, 2010 के तहत राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष को दी जाने वाली पेंशन पर लागू होंगे। जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस डोनाडी रमेश की पीठ ने कहा कि हालांकि उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग अधिनियम, 2010 और उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग (अध्यक्ष के वेतन और भत्ते और सेवा की शर्तें) नियम, 2011 में अध्यक्ष के लिए 'पारिवारिक पेंशन' का विशेष...

हाईकोर्ट के विपरीत वन न्यायाधिकरण के पास समीक्षा की कोई अंतर्निहित शक्ति नहीं: केरल हाईकोर्ट
हाईकोर्ट के विपरीत वन न्यायाधिकरण के पास समीक्षा की कोई 'अंतर्निहित शक्ति' नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईक्कौर्ट की पांच जजों की खंडपीठ ने माना है कि केरल निजी वन (वेस्टिंग और असाइनमेंट) अधिनियम के तहत गठित ट्रिब्यूनल के पास समीक्षा की कोई अंतर्निहित शक्ति नहीं है और इस प्राधिकरण को समीक्षा की अनुमति देने वाले प्रावधानों का पता लगाया जाना चाहिए।ऐसा करते हुए खंडपीठ ने कहा कि धारा 8B (3) के तहत ट्रिब्यूनल की समीक्षा की शक्ति को अधिनियम की धारा 8 B(1) में उल्लिखित आधारों के अलावा अन्य आधारों पर नहीं बढ़ाया जा सकता है। संदर्भ के लिए, अनुभाग 8B(1) में कहा गया है कि अधिनियम के तहत एक संरक्षक...

मंदसौर गोलीकांड: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जांच आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने की याचिका खारिज की
मंदसौर गोलीकांड: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जांच आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने की याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2017 के मंदसौर किसान गोलीकांड पर जैन आयोग की रिपोर्ट विधानसभा के समक्ष पेश करने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया, यह देखते हुए कि आयोग द्वारा राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के 6-7 साल बीत चुके हैं।अदालत ने कहा कि जांच आयोग अधिनियम में कोई परिणाम नहीं दिया गया था यदि आयोग की रिपोर्ट 6 महीने की समयावधि के भीतर विधानसभा के समक्ष नहीं रखी गई थी, जैसा कि उल्लेख किया गया है। यह मामला इस बात से संबंधित था कि क्या जांच आयोग अधिनियम की धारा 3 (4) के तहत राज्य सरकार को...

पटाखों पर प्रतिबंध: दिल्ली हाईकोर्ट ने लाइसेंस प्राप्त डीलरों को 01 जनवरी तक बिक्री पर रोक का निर्देश दिया
पटाखों पर प्रतिबंध: दिल्ली हाईकोर्ट ने लाइसेंस प्राप्त डीलरों को 01 जनवरी तक बिक्री पर रोक का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में लाइसेंस प्राप्त पटाखा डीलरों को 01 जनवरी, 2025 तक राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी पटाखे बेचने से परहेज करने का निर्देश दिया है।दिल्ली फायर वर्क्स शॉपकीपर्स एसोसिएशन द्वारा दायर एक याचिका से निपटते हुए, जस्टिस संजीव नरूला ने आदेश दिया: "याचिकाकर्ता एसोसिएशन के सभी सदस्य 1 जनवरी, 2025 तक प्रभावी अधिसूचना के माध्यम से लगाए गए प्रतिबंध के निर्वाह के दौरान किसी भी पटाखे की बिक्री में शामिल होने से सख्ती से बचेंगे। यह आदेश वैध स्थायी लाइसेंस रखने वाले सभी व्यक्तियों पर...

कर्मचारी के आधिकारिक कर्तव्यों से असंबंधित लंबित आपराधिक मामले के कारण सेवानिवृत्ति लाभ रोकना जीवन के अधिकार का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
कर्मचारी के आधिकारिक कर्तव्यों से असंबंधित लंबित आपराधिक मामले के कारण सेवानिवृत्ति लाभ रोकना जीवन के अधिकार का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति लाभों को केवल आपराधिक कार्यवाही के लंबित होने के आधार पर रोकना, जिसका आधिकारिक कर्तव्यों से कोई लेना-देना नहीं है, अनुचित और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है, क्योंकि ये वे स्रोत हैं जिनके द्वारा कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी आवश्यकताओं की व्यवस्था करता है। कोर्ट ने कहा,“पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ विभाग के साथ उसके द्वारा की गई सेवाओं के लिए कर्मचारी की कमाई है। सेवानिवृत्ति के बाद ऐसे लाभों को वापस लेना या रोकना...

डीवीएटी एक्ट | करदाता राज्य द्वारा कर वापसी के लिए अनिवार्य समयसीमा का पालन करने में विफल रहने पर धारा 42 के तहत स्वतः ब्याज पाने का हकदार हो जाता है: दिल्ली हाईकोर्ट
डीवीएटी एक्ट | करदाता राज्य द्वारा कर वापसी के लिए अनिवार्य समयसीमा का पालन करने में विफल रहने पर धारा 42 के तहत 'स्वतः' ब्याज पाने का हकदार हो जाता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब दिल्ली मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2004 के तहत अधिक भुगतान किए गए कर या जुर्माने की वापसी में अधिकारियों द्वारा देरी की जाती है, तो करदाता “स्वतः” ऐसे रिफंड पर ब्याज पाने का हकदार हो जाता है। धारा 38(1) आयुक्त को “बाध्य” करती है कि वह कर, जुर्माना या ब्याज की राशि वापस करे, यदि किसी व्यक्ति द्वारा उससे देय राशि से अधिक भुगतान किया जाता है।धारा 38(3)(ए) रिटर्न प्रस्तुत करने या रिफंड के लिए दावा करने की तिथि से रिफंड के लिए समय-सीमा प्रदान करती है, जैसे (i)...

2021 विदेश मंत्रालय की अधिसूचना से पहले ओसीआई कार्डधारक एमबीबीएस प्रवेश के लिए भारतीय नागरिक या विदेशी राष्ट्रीय श्रेणी के तहत पात्र: दिल्ली हाईकोर्ट
2021 विदेश मंत्रालय की अधिसूचना से पहले ओसीआई कार्डधारक एमबीबीएस प्रवेश के लिए भारतीय नागरिक या विदेशी राष्ट्रीय श्रेणी के तहत पात्र: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई) कार्डधारक, जिन्होंने गृह मंत्रालय (एमईए) की 04.03.2021 की अधिसूचना से पहले अपने ओसीआई कार्ड प्राप्त किए हैं, वे एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए भारतीय राष्ट्रीय श्रेणी या विदेशी राष्ट्रीय श्रेणी में विचार किए जाने के पात्र हैं। संदर्भ के लिए, विदेश मंत्रालय की 04.03.2021 की अधिसूचना ने एनईईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के उद्देश्य से भारत में अपनी पढ़ाई कर रहे ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय राष्ट्रीय श्रेणी से विदेशी राष्ट्रीय श्रेणी में...

आर्मी पब्लिक स्कूल अनुच्छेद 12 के तहत राज्य नहीं, रोजगार विवाद रिट अधिकार क्षेत्र के तहत विचारणीय नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
आर्मी पब्लिक स्कूल अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' नहीं, रोजगार विवाद रिट अधिकार क्षेत्र के तहत विचारणीय नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि आर्मी पब्लिक स्कूल (APS) और उनकी शासी संस्था, आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES), भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत "राज्य" के रूप में योग्य नहीं हैं। इसके परिणामस्वरूप जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ ने स्पष्ट किया कि निजी संविदात्मक शर्तों द्वारा शासित APS शिक्षकों से संबंधित रोजगार विवादों को अनुच्छेद 226 के तहत रिट क्षेत्राधिकार के माध्यम से चुनौती नहीं दी जा सकती है।अदालत ने जोर देकर कहा,“एक शैक्षणिक संस्थान की भूमिकाएं...

मैटरनिटी बेनेफिट एक्ट के प्रावधान संविदात्मक शर्तों पर लागू होंगे, संविदा कर्मचारियों पर भी लागू होंगे: मद्रास हाईकोर्ट
मैटरनिटी बेनेफिट एक्ट के प्रावधान संविदात्मक शर्तों पर लागू होंगे, संविदा कर्मचारियों पर भी लागू होंगे: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि मैटरनिटी बेनेफिट एक्ट (Maternity Benefits Act) के प्रावधान नियोक्ता द्वारा किसी महिला को मेटरनिटी बेनेफिट से वंचित करने के लिए निर्धारित किसी भी संविदात्मक शर्तों पर लागू होंगे।चीफ जस्टिस केआर श्रीराम और जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की पीठ ने कहा कि मेटरनिटी बेनेफिट एक्ट के लाभ संविदा कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। नियोक्ता उन्हें ऐसे लाभों से वंचित करने के लिए रोजगार के अनुबंध पर भरोसा नहीं कर सकता।अदालत ने कहा,“धारा 27 के आधार पर 1961 एक्ट के प्रावधान...

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी द्वारा समझौता राशि जमा करने में कथित रूप से विफल रहने के लिए अग्रिम जमानत रद्द करने से इनकार किया
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी द्वारा समझौता राशि जमा करने में कथित रूप से विफल रहने के लिए अग्रिम जमानत रद्द करने से इनकार किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित रूप से समझौता राशि जमा करने में विफल रहने के लिए धोखाधड़ी के मामले में दर्ज आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द करने से इनकार किया, यह देखते हुए कि अदालतें जमानत याचिकाओं में वसूली के दावों को लागू नहीं कर सकती।जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने कहा,"केवल यह तर्क कि धोखाधड़ी की गई राशि की वसूली नहीं की गई, अपर्याप्त है, खासकर तब जब ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से देखा कि जांच एजेंसी ने प्रतिवादी नंबर 2-आरोपी से हिरासत में पूछताछ की मांग नहीं की थी। इसके अलावा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकृत प्लेटफॉर्म से कॉन्सर्ट टिकटों की पुनर्बिक्री को सक्षम करने के लिए विनियमन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकृत प्लेटफॉर्म से कॉन्सर्ट टिकटों की पुनर्बिक्री को सक्षम करने के लिए विनियमन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जिसमें अधिकृत टिकटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॉन्सर्ट के टिकटों की पुनर्बिक्री के संबंध में नियामक ढांचे के निर्माण और कार्यान्वयन की मांग की गई।चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा टिकटों की अनधिकृत बिक्री पर केंद्र सरकार और अन्य अधिकारियों से भी जवाब मांगा।समृद्धि और अन्य व्यक्तियों द्वारा दायर जनहित याचिका में भारत में अवैध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को संचालित करने से रोकने की मांग...

रिश्वत जैसे अनैतिक लेन-देन को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत लागू नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
रिश्वत जैसे अनैतिक लेन-देन को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत लागू नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत की राशि परक्राम्य लिखत (एनआई) अधिनियम के तहत कानूनी रूप से लागू करने योग्य दायित्व नहीं बनती है। जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने कहा, "रिश्वत के रूप में किया गया भुगतान, एक अवैध और अनैतिक लेनदेन होने के कारण, कानूनी रूप से लागू करने योग्य दायित्व नहीं बनता है। इस प्रकार, विद्वान ट्रायल कोर्ट ने सही ढंग से निष्कर्ष निकाला है कि इस मामले में कोई कानूनी रूप से लागू करने योग्य ऋण मौजूद नहीं था, और एक गैरकानूनी कार्य को आगे बढ़ाने के लिए जारी किया गया...

बॉम्बे हाईकोर्ट में मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम  2019 को चुनौती देने वाली याचिका दायर
बॉम्बे हाईकोर्ट में मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 को चुनौती देने वाली याचिका दायर

मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई।याचिकाकर्ता मुंबई में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में अभ्यास करने वाले वकीलों का संघ है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि संशोधित अधिनियम ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों और उनके परिवारों के हितों के लिए हानिकारक कई बदलाव किए।सीमा अवधि के बारे में याचिका में कहा गया कि सरकार 6 महीने की सीमा अवधि लगाकर और देरी के लिए कोई प्रावधान न देकर सड़क दुर्घटनाओं के गरीब पीड़ितों को मुआवज़ा पाने से वंचित कर...

लंबी जिरह के बावजूद नाबालिग पीड़िता की गवाही में कोई बदलाव नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने बलात्कार के प्रयास के 33 साल पुराने मामले में दोषसिद्धि बरकरार रखी
लंबी जिरह के बावजूद नाबालिग पीड़िता की गवाही में कोई बदलाव नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने बलात्कार के प्रयास के 33 साल पुराने मामले में दोषसिद्धि बरकरार रखी

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने हाल ही में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के प्रयास के लिए एक व्यक्ति को दोषी ठहराने वाले 33 साल पुराने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा, साथ ही यह भी कहा कि घटना के बारे में लड़की के बयान में बदलाव नहीं है, भले ही बचाव पक्ष ने उससे लंबी जिरह की है। ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि लड़की के बयान को एफएसएल रिपोर्ट के आलोक में देखा जाना चाहिए और केवल इसलिए कि उसने वास्तविक हमले के बारे में कुछ नहीं कहा था, यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त नहीं है...