हाईकोर्ट

NDPS Act | ट्रायल में अनावश्यक देरी के कारण कमर्शियल मात्रा के मामले में जमानत देना धारा 37 के प्रतिबंध से बाधित नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
NDPS Act | ट्रायल में अनावश्यक देरी के कारण कमर्शियल मात्रा के मामले में जमानत देना धारा 37 के प्रतिबंध से बाधित नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रायल में अनावश्यक देरी के आधार पर कमर्शियल मात्रा से संबंधित मामले में जमानत देना NDPS Act 1985 की धारा 37 के प्रतिबंध से बाधित नहीं कहा जा सकता।NDPS Act की धारा 37 के अनुसार न्यायालय सरकारी वकील की सुनवाई के बाद ही कमर्शियल मात्रा के मामले में अभियुक्त को जमानत दे सकता है। यदि अभियोजक जमानत का विरोध करता है, तो अभियुक्त को न्यायालय को यह संतुष्ट करना होगा कि (क) यह मानने के लिए उचित आधार हैं कि वह ऐसे अपराध का दोषी नहीं है और (ख) जेल से रिहा होने...

S.498A IPC | पत्नी के लंबित क्रूरता मामले के कारण पति को सरकारी नौकरी लेने से रोकने वाला सर्कुलर अनुच्छेद 14, 21 का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
S.498A IPC | पत्नी के लंबित क्रूरता मामले के कारण पति को सरकारी नौकरी लेने से रोकने वाला सर्कुलर अनुच्छेद 14, 21 का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने धारा 498ए आईपीसी के तहत लंबित क्रूरता मामले के आधार पर याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी खारिज करने का आदेश रद्द किया, यह फैसला सुनाते हुए कि याचिकाकर्ता "केवल विचाराधीन व्यक्ति" है और मुकदमे के परिणाम के आधार पर उसका भाग्य अभी तय होना बाकी है।इसके अलावा, अदालत ने कहा कि विवाह के टूटने मात्र को इस तरह नहीं माना जा सकता कि पति "एकमात्र दोषी पक्ष" है, क्योंकि उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए हैं, जो अभी साबित होने बाकी हैं।याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी खारिज करने...

अधिकारी लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना आचरण प्रदर्शित करे तो सजा अनुपातहीन नहीं होती: दिल्ली हाईकोर्ट
'अधिकारी लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना आचरण प्रदर्शित करे तो सजा अनुपातहीन नहीं होती': दिल्ली हाईकोर्ट

जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को सौंपे गए क्षेत्र की निगरानी करते समय गैरजिम्मेदार होने के लिए दी गई सजा के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। न्यायालय ने माना कि सजा अनुपातहीन नहीं थी, क्योंकि याचिकाकर्ता ने पहले भी इसी तरह की घटना में लापरवाही बरती थी और सुधार के कोई संकेत नहीं दिखाए, जिसके कारण एक और ऐसी घटना हुई, जिसमें अपराधी याचिकाकर्ता की निगरानी और निगरानी में चोरी कर सकते थे।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता पिलखुआ-डासना के बीच...

दिल्ली हाईकोर्ट ने FIR के दायरे से बाहर जब्त किए गए डिवाइस को वापस करने की मांग वाली मोहम्मद ज़ुबैर की याचिका बंद की
दिल्ली हाईकोर्ट ने FIR के दायरे से बाहर जब्त किए गए डिवाइस को वापस करने की मांग वाली मोहम्मद ज़ुबैर की याचिका बंद की

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को 2018 ट्वीट मामले के संबंध में ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर द्वारा दायर याचिका का निपटारा किया, जिसमें मांग की गई थी कि दिल्ली पुलिस द्वारा जब्त किए गए किसी भी डिवाइस या दस्तावेज़ को, जो FIR में आरोप से परे है, उन्हें वापस कर दिया जाए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने याचिका को बंद किया और जुबैर को राहत पाने के लिए संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष उचित आवेदन पेश करने को कहा।जुबैर की ओर से पेश हुए वकील सौतिक बनर्जी ने स्थगन का अनुरोध किया, जबकि दिल्ली पुलिस के वकील...

जेल में बैठकर भी नामांकन दाखिल किया जा सकता है: विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट
जेल में बैठकर भी नामांकन दाखिल किया जा सकता है': विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन द्वारा 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के एक मामले में अंतरिम जमानत की मांग करने वाली याचिका को कल के लिए सूचीबद्ध किया, जिससे वह मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी के सदस्य के रूप में भाग ले सकें।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि वह अंतरिम जमानत याचिका में दलीलें कल यानी बुधवार को सुनेंगे, जब हुसैन की नियमित जमानत भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध...

लोकतांत्रिक राष्ट्र के नागरिकों के भविष्य को आकार देने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण, उनका प्रभाव कक्षा से परे तक फैला हुआ है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
लोकतांत्रिक राष्ट्र के नागरिकों के भविष्य को आकार देने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण, उनका प्रभाव कक्षा से परे तक फैला हुआ है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षक लोकतांत्रिक राष्ट्र के भावी नागरिकों को आकार देने, उनके शैक्षणिक विकास को प्रभावित करने और उनकी नागरिक चेतना और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जस्टिस संजय कुमार सिंह की पीठ ने कहा कि शिक्षक की भूमिका बहुआयामी होती है। वह महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है, जो केवल ज्ञान प्रदान करने से कहीं आगे तक फैली हुई हैं और जिम्मेदारियों का प्रभाव कक्षा से परे तक फैला हुआ है।एकल जज ने टिप्पणी की,"एक लोकतांत्रिक समाज में शिक्षक की भूमिका...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस बलात्कार पीड़िता के परिवार के पुनर्वास पर निर्णय लेने के लिए यूपी सरकार को 6 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस बलात्कार पीड़िता के परिवार के पुनर्वास पर निर्णय लेने के लिए यूपी सरकार को 6 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या पीड़िता के परिवार के सदस्यों के स्थानांतरण और पुनर्वास (गाजियाबाद या गौतम बुद्ध नगर में) के संबंध में निर्णय लेने और अदालत को अवगत कराने के लिए राज्य सरकार को 6 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने राज्य सरकार को और समय दिया क्योंकि पीठ को अवगत कराया गया कि पीड़ित परिवार ने 02 दिसंबर, 2024 को राज्य सरकार के समक्ष इस संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। नवंबर 2024 में राज्य सरकार को 8 जनवरी तक इस संबंध में...

UAPA के तहत आतंकवादी संगठन को आर्थिक या नेटवर्किंग के माध्यम से समर्थन देना प्रतिबंधित: दिल्ली हाईकोर्ट
UAPA के तहत आतंकवादी संगठन को आर्थिक या नेटवर्किंग के माध्यम से समर्थन देना प्रतिबंधित: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि आतंकवादी संगठन को आर्थिक या नेटवर्किंग या बैठकों के रूप में समर्थन देना गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनिय 1976 (UAPA) के तहत स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि UAPA आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ विभिन्न उपाय करने की अनुमति देता है, जिसमें देश की सुरक्षा और आतंकवादी कृत्यों को होने से रोकने के लिए संपत्ति को जब्त करना शामिल है।न्यायालय ने कहा,“UAPA की धारा 38 आतंकवादी संगठन की सदस्यता से...

X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की प्रतिक्रिया सेवा प्रदाता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का स्वीकार्य तरीका: तेलंगाना हाईकोर्ट
'X' जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की प्रतिक्रिया सेवा प्रदाता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का स्वीकार्य तरीका: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया शिकायतों को औपचारिक लिखित शिकायतों के विपरीत गंभीरता की कमी के रूप में नहीं देखा जा सकता। साथ ही कहा कि सोशल मीडिया पर शिकायतें/यूजर प्रतिक्रिया शिकायत दर्ज करने का एक अच्छी तरह से स्वीकृत तरीका है। ऐसी शिकायतों को गंभीरता से न लेने का शुतुरमुर्ग रुख नहीं अपनाया जा सकता है।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने अपने आदेश में कहा कि, "सोशल मीडिया पर शिकायतों को औपचारिक लिखित शिकायतों के विपरीत गंभीरता की कमी के रूप में नहीं देखा जा सकता। सोशल मीडिया पर...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे विवाहित व्यक्तियों की सुरक्षा याचिका को 50 हजार के जुर्माने के साथ खारिज किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे विवाहित व्यक्तियों की सुरक्षा याचिका को 50 हजार के जुर्माने के साथ खारिज किया

हाईकोर्ट ने हाल ही में पुलिस विभाग में कार्यरत विवाहित महिला, जो वर्तमान में चाइल्डकैअर लीव पर है तथा उसके साथ रहने वाले उसके साथी, जो अन्य महिला से विवाहित है तथा 12 वर्षीय बच्चे का पिता है, द्वारा दायर सुरक्षा याचिका खारिज की तथा याचिकाकर्ताओं पर 50,000 का जुर्माना लगाया।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने याचिकाकर्ताओं पर यह जुर्माना लगाय, क्योंकि उसने पाया कि याचिकाकर्ताओं ने अपनी सुरक्षा याचिका के साथ हाईकोर्ट का रुख किया, जिसमें उन्होंने यह तथ्य छिपाया कि याचिकाकर्ता नंबर 2 (पुरुष) ने अपनी पहले...

वसूली के आदेश के पांच साल से ज्यादा पहले से सेवानिवृत्त कर्मचारी से अतिरिक्त राशि की वसूली अनुचित: पटना हाईकोर्ट
वसूली के आदेश के पांच साल से ज्यादा पहले से सेवानिवृत्त कर्मचारी से अतिरिक्त राशि की वसूली अनुचित: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट की जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की खंडपीठ ने एक सेवानिवृत्त क्लर्क से वसूली के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को अनुमति दे दी, जिसे कथित गलत वेतन निर्धारण के कारण अधिक राशि का भुगतान किया गया था। न्यायालय ने दोहराया कि गलती से भुगतान की गई अतिरिक्त राशि की वसूली उन मामलों में स्वीकार्य नहीं है, जहां वसूली तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी सेवा से संबंधित कर्मचारियों के मामले में की जाती है और उन मामलों में भी जहां वसूली का आदेश जारी होने से पहले पांच साल से अधिक की अवधि के लिए...

बिना कारण बताए दूसरे कमिश्नर की नियुक्ति CPC के आदेश 26 नियम 10(3) का उल्लंघन: झारखंड हाईकोर्ट
बिना कारण बताए दूसरे कमिश्नर की नियुक्ति CPC के आदेश 26 नियम 10(3) का उल्लंघन: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में दिए गए अपने फैसले में इस बात पर जोर दिया कि प्रथम कमिश्नर की रिपोर्ट को नजरअंदाज करने के लिए बिना कारण बताए दूसरे प्लीडर कमिश्नर की नियुक्ति सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 26, नियम 10(3) के प्रावधानों का उल्लंघन है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।इस मामले की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने निचली अदालत के फैसले की आलोचना करते हुए कहा,"पहले कमिश्नर रिपोर्ट पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज किए बिना दूसरे कमिश्नर की नियुक्ति करने की प्रथा बिना इस बात...

34 साल से लंबित आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य की मुकदमेबाजी नीति पर हलफनामा मांगा
34 साल से लंबित आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य की मुकदमेबाजी नीति पर हलफनामा मांगा

शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दंगा करने के आरोपी एक व्यक्ति के खिलाफ 34 साल पुराने मामले में राज्य/अभियोजन पक्ष द्वारा मामले को समाप्त करने में की गई अत्यधिक देरी को ध्यान में रखते हुए मामले में पूरी आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई।जस्टिस सौरभ लवानिया की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के महानिदेशक (अभियोजन) और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) को राज्य सरकार की मुकदमेबाजी नीति के संबंध में अपने व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल करने का भी निर्देश दिया।पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी के लिए निर्धारित करते...

अपील लंबित रहने के दौरान अवमानना ​​याचिका को पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता के साथ वापसी की अनुमति देने वाला एकल न्यायाधीश का आदेश अपीलीय क्षेत्राधिकार में अनावश्यक हस्तक्षेप: पी एंड एच हाईकोर्ट
अपील लंबित रहने के दौरान अवमानना ​​याचिका को पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता के साथ वापसी की अनुमति देने वाला एकल न्यायाधीश का आदेश अपीलीय क्षेत्राधिकार में अनावश्यक हस्तक्षेप: पी एंड एच हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि एकल न्यायाधीश द्वारा अवमानना ​​याचिका को वापस लेने तथा अपील के लंबित रहने के दौरान इसे पुनर्जीवित करने की छूट देने वाला आदेश पारित करना अपीलीय क्षेत्राधिकार में अनावश्यक हस्तक्षेप है। अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई करते हुए एकल न्यायाधीश ने टिप्पणी की थी कि "...याचिकाकर्ता के वकील इस चरण में वर्तमान याचिका पर जोर नहीं दे रहे हैं, तथा यदि आवश्यक हो तो इसे पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता दे रहे हैं, जो कि उक्त अवमानना ​​अपील के अंतिम परिणाम के अधीन है। तदनुसार आदेश...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- कस्टम डिपार्टमेंट अपील लंबित रहने के दौरान व्यापारी की ओर से दी गई बैंक गारंटी भुना नहीं सकता, बशर्ते कि प्री-डिपॉजिट जमा कर दिया गया हो
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- कस्टम डिपार्टमेंट अपील लंबित रहने के दौरान व्यापारी की ओर से दी गई बैंक गारंटी भुना नहीं सकता, बशर्ते कि प्री-डिपॉजिट जमा कर दिया गया हो

दिल्ली हाईकोर्ट ने वित्त मंत्रालय द्वारा जारी परिपत्र के आधार पर पुष्टि की है कि सीमा शुल्क विभाग किसी व्यापारी द्वारा प्रस्तुत बैंक गारंटी को भुना नहीं सकता है, जिसका आयात/निर्यात लेनदेन विवाद में है, यदि व्यापारी ने मांग और जुर्माने के खिलाफ अपनी अपील के साथ पूर्व-जमा कर दिया है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस धर्मेश शर्मा की खंडपीठ ने कहा,“परिपत्र और ऊपर उद्धृत खंडों का अवलोकन करने से पता चलता है कि अपीलकर्ता के खिलाफ उस अवधि के दौरान कोई बलपूर्वक उपाय नहीं किया जा सकता है जब अपील दायर...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जजों को अदालत चलाने के लिए स्थान उपलब्ध कराने हेतु कार्यालय खाली न करने पर एसडीएम को अवमानना ​​नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जजों को अदालत चलाने के लिए स्थान उपलब्ध कराने हेतु कार्यालय खाली न करने पर एसडीएम को अवमानना ​​नोटिस जारी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डेराबस्सी के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को अवमानना ​​नोटिस जारी किया है, क्योंकि उन्होंने न्यायाधीशों को न्यायालय चलाने के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए अपना कार्यालय खाली करने के निर्देश का पालन नहीं किया है। इससे पहले, न्यायालय ने 20 दिसंबर को डेराबस्सी एसडीएम कार्यालय और एक ही इमारत में चल रहे न्यायालय के बीच "बहुत बड़ा अंतर" देखा था। न्यायालय ने पाया था कि पहली मंजिल का जीर्णोद्धार किया गया था, अच्छी तरह से सुसज्जित और रहने योग्य स्थिति में रखा गया...

पति के व्यवहार को सुधारने के लिए पत्नी की ओर से उसके ससुराल वालों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराना क्रूरता, वैवाहिक संबंधों में स्वीकार्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
पति के व्यवहार को सुधारने के लिए पत्नी की ओर से उसके ससुराल वालों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराना क्रूरता, वैवाहिक संबंधों में स्वीकार्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर कोई पत्नी अपने पति के व्यवहार को सुधारने के लिए उसके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराती है, तो उसे शादीशुदा जोड़े के बीच सामान्य रूप से बने रहने वाले सौहार्दपूर्ण संबंधों में जगह नहीं मिलेगी और यह क्रूरता के बराबर होगा। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने एक फैमिली कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने एक जोड़े को तलाक देते हुए इस तथ्य पर ध्यान दिया कि पत्नी ने पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज...