हाईकोर्ट

सेल्‍फ-इनक्रिमिनेशन | कंपनी संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत आवश्यकताओं को पूरा किए बिना अपने लिए संरक्षण की मांग नहीं कर सकती: पीएंडएच हाईकोर्ट
सेल्‍फ-इनक्रिमिनेशन | कंपनी संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत आवश्यकताओं को पूरा किए बिना अपने लिए संरक्षण की मांग नहीं कर सकती: पीएंडएच हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई कंपनी संविधान के अनुच्छेद 20(3) के प्रावधानों को पूरा किए बिना, अपने संरक्षण की मांग करके समन किए गए दस्तावेज को प्रस्तुत करने से इनकार नहीं कर सकती। अनुच्छेद 20(3) यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति को किसी अपराध के लिए खुद के खिलाफ गवाह बनने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि किसी व्यक्ति को ऐसा साक्ष्य या गवाही देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता जो उसे दोषी ठहराए। जस्टिस एनएस शेखावत ने स्पष्ट किया कि, "भारत के संविधान...

दिल्ली हाईकोर्ट ने डीबी डिक्सन बैटरी को उत्पादों के प्रचार के दौरान शिखर धवन की तस्वीरों का इस्तेमाल करने से रोका
दिल्ली हाईकोर्ट ने डीबी डिक्सन बैटरी को उत्पादों के प्रचार के दौरान शिखर धवन की तस्वीरों का इस्तेमाल करने से रोका

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लीड एसिड स्टोरेज बैटरी बनाने वाली कंपनी डीबी डिक्सन बैटरी प्राइवेट लिमिटेड को अपने उत्पादों के प्रचार के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन की तस्वीरों का इस्तेमाल करने से रोक दिया।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने डीबी डिक्सन बैटरी प्राइवेट लिमिटेड को अपनी लीड एसिड स्टोरेज बैटरी के प्रचार के दौरान शिखर धवन की तस्वीरों का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए अंतरिम निषेधाज्ञा के लिए धवन द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया।यह याचिका मध्यस्थता और सुलह अधिनियम,...

LIC को कोई नुकसान नहीं हुआ: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी सेवा में एजेंट की रिपोर्ट न करने पर अधिकारी के खिलाफ वसूली आदेश रद्द किया
LIC को कोई नुकसान नहीं हुआ: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी सेवा में एजेंट की रिपोर्ट न करने पर अधिकारी के खिलाफ वसूली आदेश रद्द किया

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें उसने अपने विकास अधिकारियों के खिलाफ वसूली कार्यवाही शुरू की थी। यह कार्रवाई एक ऐसे एजेंट द्वारा किए गए कारोबार से अर्जित धन के संबंध में की गई, जो LIC के लिए काम करने के लिए अधिकृत नहीं था, क्योंकि वह सरकारी सेवा में था।जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा,"जैसा भी हो, न तो LIC को कोई नुकसान हुआ और न ही उसने उक्त बस्ती राम रोज/एजेंट के खिलाफ कोई कदम उठाया। उसके नियोक्ता के समक्ष उचित शिकायत दर्ज करके कि सरकार के लिए...

ब्रेकअप के बाद शादी से इनकार करना आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
ब्रेकअप के बाद शादी से इनकार करना आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर स्थ‌ित बेंच ने बुधवार को कहा कि केवल इसलिए कि एक पुरुष ने एक महिला के साथ अपने 'लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते' को तोड़ दिया, जिसके बाद महिला ने आत्महत्या कर ली, पुरुष पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने मामले में एक ऐसे व्यक्ति को बरी कर दिया, जिस पर एक महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था, जिसके साथ वह 9 साल से रिलेशनशिप में था।जस्टिस जोशी-फाल्के ने कहा, "यह सिर्फ़ टूटे हुए रिश्ते का मामला है,...

हाईकोर्ट ने लखनऊ के छोटा इमामबाड़ा के प्रवेश द्वारों से अनधिकृत अतिक्रमणकारियों को हटाने का आदेश दिया
हाईकोर्ट ने लखनऊ के 'छोटा इमामबाड़ा' के प्रवेश द्वारों से अनधिकृत अतिक्रमणकारियों को हटाने का आदेश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ पिछले सप्ताह लखनऊ स्थित छोटे इमामबाड़े के प्रवेश द्वारों पर अनधिकृत अतिक्रमणकारियों को हटाने के ‌लिए स्थानीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को निर्देश दिया था। जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने लखनऊ के ऐतिहासिक स्मारकों की सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने के लिए एडवोकेट सैयद मोहम्मद हैदर रिजवी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। र‌िजवी ने याचिका 2013 में दायर की थी।सुनवाई के दरमियान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने याचिकाकर्ता...

जज की सुरक्षा में सेंध | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जज बढ़ी हुई सुरक्षा जारी रखने का निर्देश दिया, खतरे के अनुसार सुरक्षा कम करने को कहा
जज की सुरक्षा में सेंध | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जज बढ़ी हुई सुरक्षा जारी रखने का निर्देश दिया, खतरे के अनुसार सुरक्षा कम करने को कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के मौजूदा जज, हाल ही में अमृतसर स्‍थ‌ित स्वर्ण मंदिर में जिनकी सुरक्षा में सेंध लगी थी, उन्हें प्रदान की गई सुरक्षा को जारी रखने का निर्देश दिया है। इससे पहले, न्यायालय ने जज की सुरक्षा में उनके निजी सुरक्षा प्रबंध के साथ-साथ 3-4 केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात करने का निर्देश दिया था।22 सितंबर को एक व्यक्ति ने स्वर्ण मंदिर में हाईकोर्ट के जज के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की बंदूक निकाली और "जज को नुकसान पहुंचाने के संभावित इरादे...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रूपाली गांगुली की सौतेली बेटी को उसके खिलाफ अपमानजनक साक्षात्कार और पोस्ट देने से रोका
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रूपाली गांगुली की सौतेली बेटी को उसके खिलाफ अपमानजनक साक्षात्कार और पोस्ट देने से रोका

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश में ईशा वर्मा और जॉन डो प्लेटफॉर्म्स को टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली के खिलाफ कोई भी अपमानजनक सामग्री बनाने या प्रकाशित करने से रोक दिया।जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने यह आदेश तब पारित किया जब उसने कहा कि रूपाली की सौतेली बेटी ईशा द्वारा पोस्ट और साक्षात्कार प्रथम दृष्टया मानहानिकारक थे। कोर्ट ने 15 जनवरी के आदेश में कहा "मुझे लगता है कि पोस्ट, साक्षात्कार आदि न केवल प्रथम दृष्टया मानहानिकारक हैं, बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी हैं क्योंकि ईशा ने 29 नवंबर, 2024 के...

Samsung India Electronics सैमसंग कोरिया का स्थायी प्रतिष्ठान नहीं, भारत में कर नहीं लगाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
Samsung India Electronics सैमसंग कोरिया का 'स्थायी प्रतिष्ठान' नहीं, भारत में कर नहीं लगाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि दक्षिण कोरिया स्थित सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (SIEL) भारत में उसकी स्थायी प्रतिष्ठान (PE) नहीं है, इसलिए यहां कर लगाने योग्य नहीं है।जस्टिस यशवंत वर्मा और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने ITAT के इस निष्कर्ष से सहमति जताई कि सैमसंग कोरिया द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति केवल एसआईईएल की गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से की गई थी, न कि अपने स्वयं के। "कर्मचारियों का...

पति द्वारा गुजारा भत्ता के दावे का विरोध करने पर महिला के लिए तलाक अधिक दर्दनाक, सक्षम व्यक्ति अपर्याप्त संसाधनों का बचाव नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट
पति द्वारा गुजारा भत्ता के दावे का विरोध करने पर महिला के लिए तलाक अधिक दर्दनाक, सक्षम व्यक्ति "अपर्याप्त संसाधनों" का बचाव नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट

अपनी पूर्व पत्नी और चार बच्चों को दिए जाने वाले रखरखाव की राशि को चुनौती देने वाली एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए, केरल हाईकोर्ट ने दोहराया कि एक आदमी/बाध्य व्यक्ति जो कमाने में सक्षम है और उसके पास कोई शारीरिक अक्षमता नहीं है, वह लाभार्थियों को बनाए रखने के लिए "कोई संसाधन नहीं" होने का बचाव नहीं कर सकता है।जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस एमबी स्नेहलता की खंडपीठ ने कहा: "हमारा विचार जो कुछ भी नया नहीं है - सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्षों से पुख्ता किया गया है - दृढ़ता से यह है कि, जब...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने X पोस्ट मामले में मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने X पोस्ट मामले में मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यति नरसिंहानंद पर कथित एक्स पोस्ट 'X' (पूर्व में ट्विटर) को लेकर उनके खिलाफ दर्ज FIR के संबंध में ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक 27 जनवरी तक बढ़ाई।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राहत बढ़ाते हुए राज्य सरकार को जुबैर के वकील द्वारा जवाबी हलफनामे के साथ दायर किए गए बयानों और दस्तावेजों को सत्यापित करने की अनुमति दी। इससे पहले 6 जनवरी को जुबैर को राज्य सरकार द्वारा दायर जवाबी हलफनामे के जवाब में जवाबी हलफनामा...

सिर्फ इसलिए कानून नहीं बदल सकते, क्योंकि यह प्रज्वल रेवन्ना का मामला है: कर्नाटक हाईकोर्ट
सिर्फ इसलिए कानून नहीं बदल सकते, क्योंकि यह प्रज्वल रेवन्ना का मामला है: कर्नाटक हाईकोर्ट

यह टिप्पणी पूर्व जेडी (एस) नेता की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई, जो बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी हैं। उन्होंने अभियोजन द्वारा उनके ड्राइवर के फोन से एकत्रित दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को प्रस्तुत करने की मांग की थी।न्यायालय ने यह टिप्पणी करने के बाद कहा कि वह डिवाइस से संपूर्ण डेटा चाहता है। साथ ही कहा कि वह केवल छवियों के निरीक्षण की अनुमति दे सकता है, अन्य महिलाओं से संबंधित डेटा की नहीं।इसके बाद न्यायालय ने निरीक्षण के लिए रेवन्ना के अनुरोध को स्वीकार कर लिया...

पश्चिम बंगाल बहुत सहिष्णु समाज है: गंगासागर मेले के कारण राज्य सचिवालय के पास विरोध प्रदर्शन को रोकने की मांग करने वाली याचिका पर हाईकोर्ट
पश्चिम बंगाल बहुत सहिष्णु समाज है: गंगासागर मेले के कारण राज्य सचिवालय के पास विरोध प्रदर्शन को रोकने की मांग करने वाली याचिका पर हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को याचिका का निपटारा किया, जिसमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ क्रूर बलात्कार और हत्या के खिलाफ राज्य सचिवालय के पास विरोध प्रदर्शन को रोकने की मांग की गई थी।याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह वार्षिक गंगासागर मेले का आयोजन करने वाली समिति का अधिकृत प्रतिनिधि है और तीर्थयात्री गंगासागर की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद कोलकाता में काली मंदिर में अपनी तीर्थयात्रा पूरी करने के लिए जाएंगे।यह कहा गया कि तीर्थयात्रियों के मार्ग में चल रहे विरोध...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, पत्नी का शराब पीना क्रूरता नहीं है, जब तक कि वह पीने के बाद अनुचित और असभ्य व्यवहार न करे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, पत्नी का शराब पीना क्रूरता नहीं है, जब तक कि वह पीने के बाद अनुचित और असभ्य व्यवहार न करे

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परित्याग के आधार पर तलाक का आदेश देते हुए कहा कि केवल इसलिए कि पत्नी शराब पीती है, क्रूरता नहीं मानी जाती, जब तक कि उसकी ओर से असभ्य व्यवहार न किया जाए। पीठ ने कहा, “शराब पीना अपने आप में क्रूरता नहीं मानी जाती, जब तक पीन के बाद अनुचित और असभ्य व्यवहार न किया जाए। हालांकि, मध्यम वर्गीय समाज में शराब पीना अभी भी वर्जित है और संस्कृति का हिस्सा नहीं है, फिर भी रिकॉर्ड पर कोई दलील नहीं है जो यह दिखाए कि शराब पीने से पति/अपीलकर्ता के साथ क्रूरता कैसे हुई।”पृष्ठभूमिदोनों...

इलेक्ट्रिसिटी विनियामक आयोगों द्वारा प्राप्त टैरिफ, लाइसेंस शुल्क कर योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
इलेक्ट्रिसिटी विनियामक आयोगों द्वारा प्राप्त टैरिफ, लाइसेंस शुल्क कर योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इलेक्ट्रिसिटी विनियामक आयोगों द्वारा फाइलिंग शुल्क, टैरिफ शुल्क, लाइसेंस शुल्क, वार्षिक रजिस्ट्रेशन शुल्क और विविध शुल्क के अंतर्गत प्राप्त राशि कर योग्य नहीं है।जस्टिस यशवंत वर्मा और जस्टिस धर्मेश शर्मा की खंडपीठ ने GST विभाग द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के खिलाफ केंद्रीय इलेक्ट्रिसिटी विनियामक आयोग और दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी विनियामक आयोग द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार कर लिया।उन्होंने कहा,"हम इस निष्कर्ष को स्वीकार करने, पुष्टि करने या यहां तक ​​कि...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, आईपीसी की धारा 174ए के तहत अपराध को रद्द करने पर विचार के लिए मुख्य मामले का रद्द होना एक प्रासंगिक कारक
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, आईपीसी की धारा 174ए के तहत अपराध को रद्द करने पर विचार के लिए मुख्य मामले का रद्द होना एक प्रासंगिक कारक

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 174-ए आईपीसी (अदालत के समन या गिरफ्तारी वारंट के जवाब में किसी व्यक्ति का उपस्थित न होना) के तहत दर्ज प्राथमिकी केवल इसलिए रद्द नहीं हो जाती कि मुख्य मामला रद्द कर दिया गया है या पक्षों ने समझौता कर लिया है, हालांकि इसे रद्द करने की याचिका में विचार करने के लिए एक प्रासंगिक कारक होगा। जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा, "आईपीसी की धारा 174-ए के वैधानिक प्रावधान, दलजीत सिंह के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपात निर्णय के प्रकाश में देखे जाने पर...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 फैलाने के आरोप में महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज की, कहा- चार्जशीट में मौजूद सामग्री अपराध नहीं बनाती
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 फैलाने के आरोप में महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज की, कहा- 'चार्जशीट में मौजूद सामग्री अपराध नहीं बनाती'

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दक्षिण अफ्रीका से भारत आई संयुक्त राष्ट्र की एक अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवक महिला के खिलाफ़ दर्ज की गई प्राथमिकी को खारिज कर दिया है। महिला पर 2021 में प्रकोप के दौरान COVID-19 संक्रमण फैलाने के आरोप में आईपीसी की धारा 269 और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आईपीसी की धारा 269 के अनुसार, जो कोई भी व्यक्ति गैरकानूनी या लापरवाही से कोई ऐसा कार्य करता है, जिससे जीवन के लिए ख़तरनाक किसी बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना है, और जिसके बारे में...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गर्भवती महिला की Contaminated Saline के कारण हुई मौत पर मुआवजा देने का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गर्भवती महिला की 'Contaminated Saline' के कारण हुई मौत पर मुआवजा देने का आदेश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल राज्य को गर्भवती महिला के परिवार को मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिसकी सरकारी अस्पताल में कथित रूप से दूषित सलाइन (Contaminated Saline) दिए जाने के कारण मृत्यु हो गई थी। कथित तौर पर चार अन्य गर्भवती महिलाओं को भी यही घोल दिए जाने के बाद गहन देखभाल में रखा गया था।चीफ जस्टिस टीएस शिवगनम और जस्टिस हिरणमय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने उक्त टिप्पणियां कीं, जो अस्पताल में कथित रूप से दूषित सलाइन दिए जाने के कारण हुई गर्भवती महिला की मौत की जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका...