हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 24 साल पुराने 'घोषित अपराधी' का आदेश रद्द किया, कहा - आरोपी को कार्यवाही की जानकारी नहीं थी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को 'घोषित अपराधी' करार देने वाला 24 साल पुराना आदेश रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल की कार्यवाही से उसकी गैरमौजूदगी जानबूझकर नहीं थी, बल्कि उसे इस बारे में जानकारी ही नहीं थी।जस्टिस राजेश भारद्वाज ने कहा कि याचिकाकर्ता आदेशों के बावजूद गैरमौजूद रहा, क्योंकि उसे चल रही कार्यवाही के बारे में पता ही नहीं था। इसकी वजह यह थी कि वह गुजरात में रह रहा था। लेकिन अब याचिकाकर्ता कार्यवाही में शामिल होने और ट्रायल का सामना करने के लिए उत्सुक और तैयार है।कोर्ट एक...
राजस्थान हाईकोर्ट ने मंत्री की ऑनलाइन आलोचना करने पर टीचर का सस्पेंशन रद्द किया, कहा - 'कार्यकारी नाराज़गी' कानून से ऊपर नहीं हो सकती
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सरकारी टीचर का सस्पेंशन रद्द किया। टीचर को सोशल मीडिया पर एक मौजूदा मंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में सस्पेंड किया गया।जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने फैसला सुनाया कि सस्पेंशन के आदेश में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं था कि किस कानूनी अधिकार के तहत याचिकाकर्ता को सस्पेंड किया गया। कोर्ट ने कहा कि कार्यकारी नाराज़गी या किसी को हुई कथित शर्मिंदगी, कानूनी अधिकार की जगह नहीं ले सकती।कोर्ट ने टिप्पणी की कि ज़्यादा से ज़्यादा इन आरोपों के आधार पर कानून के मुताबिक सिर्फ़ विभागीय...
अफीम की खेती में कोई 'व्यावसायिक मात्रा' नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS के तहत 20 साल की सज़ा को 'स्पष्ट रूप से अवैध' बताया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि एक ट्रायल कोर्ट ने अफीम के पौधों की खेती से जुड़े एक मामले में NDPS Act की धारा 18(b) के तहत एक आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सज़ा देकर "स्पष्ट रूप से अवैध" काम किया। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि अफीम के पौधों की खेती को "व्यावसायिक मात्रा" से जुड़ा मामला नहीं माना जा सकता।बता दें, धारा 18(b) अफीम के पौधों और अफीम से जुड़े उल्लंघन के लिए सज़ा का प्रावधान करती है। यदि उल्लंघन में व्यावसायिक मात्रा शामिल हो तो इसके लिए कम-से-कम दस साल की...
'इसके अस्तित्व पर ही सवाल उठाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NHRC को हिरासत में हुई मौत का केस सिर्फ़ पुलिस के बयान पर बंद करने के लिए फटकारा
यह देखते हुए कि एक दिव्यांग व्यक्ति की हिरासत में हुई मौत का 16 साल पुराना मामला गंभीर "संस्थागत विफलताओं" को उजागर करता है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और UP पुलिस को फटकारा और मामले की सच्चाई सामने लाने में हाईकोर्ट की अपनी प्रक्रियागत देरी को भी स्वीकार किया।अपने 16-पृष्ठों के आदेश में कोर्ट ने NHRC की कड़ी आलोचना की कि उसने बिना किसी स्वतंत्र जाँच के, पुलिस के बयान को ही अंतिम सत्य मानकर 2009 के इस मामले को बंद कर दिया।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस...
विकसित होता IP या न्यायिक अतिरेक? भारत की 'पर्सनैलिटी राइट्स' की समस्या
अल्लू अर्जुन बनाम फ्रैंकली रिटेल प्राइवेट लिमिटेड में हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश एआई, डीपफेक, क्लोन आवाजों और अनधिकृत मर्चेंडाइजिंग के युग में व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए आईपी कानून सिद्धांतों के उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण सवाल उठाता है।यह उल्लेखनीय है कि वर्तमान मामला केवल निर्णयों की एक निरंतर पंक्ति में नवीनतम है जहां भारतीय हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध सार्वजनिक हस्तियों के पक्ष में व्यक्तित्व अधिकारों को मान्यता दी है और लागू किया है। अरिजीत सिंह, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर,...
आरोपी के रिश्तेदारों को पुलिस द्वारा प्रताड़ित करना 'औपनिवेशिक प्रथा', यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिस द्वारा किसी आरोपी के रिश्तेदारों को प्रताड़ित करना या परेशान करना एक 'औपनिवेशिक प्रथा' है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की पीठ ने कहा कि आज के समय में पुलिस के पास आरोपी का पता लगाने और उसे न्याय के कटघरे में लाने के लिए वैज्ञानिक तरीके मौजूद हैं, न कि उसके रिश्तेदारों को डराना-धमकाना।इस खंडपीठ ने ये टिप्पणियां एक दंपति (मुनिता देवी...
जस्टिस एसके शर्मा के कोर्ट का बहिष्कार करने पर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग
दिल्ली हाईकोर्ट में PIL दायर की गई, जिसमें AAP नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को कोई भी चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग की गई। यह मांग दिल्ली आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने से इनकार करने और कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनकी मानहानि करने के कारण की गई।सतीश कुमार अग्रवाल नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को आम आदमी पार्टी का पंजीकरण रद्द करने का निर्देश देने की भी मांग की गई।इस मामले...
एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास पर यूपी सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, शीर्ष अधिकारियों को किया तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास, मुआवजे और दीर्घकालिक सहायता को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस गंभीर मुद्दे को हल्के और लापरवाह तरीके से ले रही है और अब तक कोई ठोस पुनर्वास नीति तैयार नहीं की गई।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों के लिए प्रभावी और समयबद्ध नीति बनाने के लिए सरकार की ओर से उच्च प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस प्रयास दिखाई नहीं देता।अदालत ने इस मामले में...
थोड़ा भरोसा रखिए: स्टूडेंट एक्टिविस्ट से कथित प्रताड़ना मामले में फिलहाल CBI जांच से दिल्ली हाइकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्टूडेंट एक्टिविस्ट और सोशल एक्टिविस्टों की कथित अवैध हिरासत एवं प्रताड़ना के मामले में फिलहाल CBI जांच के आदेश देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू हो चुकी है और इस प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेज़ा की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें बताया गया कि मार्च महीने में विभिन्न स्टूडेंट एक्टिविस्टों और सोशल एक्टिविस्टों के साथ कथित प्रताड़ना और अवैध हिरासत के...
निजी मंदिरों के प्रबंधन में दखल नहीं दे सकती सरकार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी निजी मंदिर के प्रबंधन में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। अदालत ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि किसी भी मंदिर पर प्रबंधन योजना लागू करने से पहले यह तय किया जाए कि वह मंदिर सार्वजनिक है या निजी।जस्टिस दीपक खोत की पीठ ने यह आदेश डूंडा सिवनी गांव स्थित एक शिव मंदिर के सर्वराकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में लोक न्यास रजिस्ट्रार द्वारा मंदिर के प्रबंधन के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने के आदेश को चुनौती दी गई।अदालत ने...
अंतरधार्मिक विवाह को अपराध साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का आरोप: हाईकोर्ट पहुंची कुंभ की वायरल गर्ल 'मोनालिसा'
महाकुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुईं मोनालिसा भोसले ने अपने पति फरमान के साथ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया। दंपति ने आरोप लगाया कि उनके अंतरधार्मिक विवाह को अपराध साबित करने के लिए मोनालिसा का जन्म प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बदला गया।याचिका में अदालत से मोनालिसा का मूल जन्म प्रमाणपत्र बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में कथित जालसाजी की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई।मोनालिसा भोसले पिछले वर्ष महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसके बाद उन्हें...
फाइनल रिपोर्ट पर फैसला देने के बाद मजिस्ट्रेट दोबारा आदेश नहीं दे सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि जब किसी मामले में पुलिस की नकारात्मक अंतिम रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट आदेश पारित कर देता है तो वह फंक्टस ऑफिशियो हो जाता है। उसके बाद विरोध याचिका पर अलग से दूसरा आदेश पारित नहीं कर सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांढ की पीठ ने स्पष्ट किया कि फाइनल रिपोर्ट और विरोध याचिका पर एक साथ विचार करते हुए मजिस्ट्रेट को एक ही साझा आदेश पारित करना चाहिए।अदालत ने कहा,“यदि शिकायतकर्ता विरोध याचिका दाखिल करता है और उसके समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करता है तो...
चाइनीज मांझे पर सख्त कानून लाएगी यूपी सरकार, पीड़ितों को मुआवजा देने पर भी विचार: हाईकोर्ट में दी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि जानलेवा चाइनीज मांझा के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून लाया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा कि इस प्रस्तावित कानून में पीड़ितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ल की खंडपीठ को बताया गया कि प्रस्तावित कानून का नाम उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, बिक्री और उपयोग निषेध) अधिनियम रखा जा सकता है।सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि फिलहाल कानून का...
गंगा में नाव पर इफ्तार विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाकी 6 आरोपियों को भी दी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, कथित तौर पर मांसाहारी भोजन करने और उसका बचा हुआ हिस्सा नदी में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार बाकी 6 मुस्लिम आरोपियों को भी जमानत दी।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ल की पीठ ने यह राहत देते हुए कहा कि इसी FIR में शामिल 8 अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत दी जा चुकी है।गौरतलब है कि 15 मई को जारी अलग-अलग आदेशों में जस्टिस राजीव लोचन शुक्ल ने 5 आरोपियों और जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने 3 आरोपियों को जमानत दी थी। सोमवार के आदेश के बाद...
बिना कानूनी सुरक्षा अपनाए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ FIR का आदेश नहीं दे सकता मजिस्ट्रेट: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ मजिस्ट्रेट बिना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 में निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किए सीधे FIR दर्ज करने का आदेश नहीं दे सकता।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने कहा कि यदि शिकायत सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से जुड़े कार्यों को लेकर हो, तो मजिस्ट्रेट को FIR दर्ज कराने या संज्ञान लेने से पहले संबंधित अधिकारियों को सुनवाई का अवसर देना और उनके सीनियर अधिकारी से तथ्यात्मक...
आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को फिर भेजा जाएगा नोटिस: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आबकारी नीति मामले में CBI की उस याचिका पर आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, नेता मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को नया नोटिस जारी किया जाए जिसमें निचली अदालत द्वारा आरोपियों को दी गई राहत को चुनौती दी गई।जस्टिस मनोज जैन की अदालत में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि तीन प्रतिवादी अब तक अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत को बताया गया कि प्रतिवादी नंबर 8, 18 और 19 यानी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक पिछली तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हुए।इसके...
डॉक्टरों के बिना अस्पताल सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत, स्वास्थ्य सेवाएं कागजी आश्वासन नहीं हो सकतीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में आयुष विभाग के डॉक्टरों की असमान तैनाती पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं केवल कागजी आश्वासन बनकर नहीं रह सकतीं। अदालत ने कहा कि डॉक्टरों के बिना अस्पताल केवल ईंट-पत्थर की इमारत बनकर रह जाते हैं, जो नागरिकों के जीवन के अधिकार की रक्षा नहीं कर सकते।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,“संवैधानिक मूल्यों से संचालित कल्याणकारी राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं केवल आंकड़ों या कागजी दावों तक सीमित नहीं रह सकतीं। यह जमीनी स्तर पर डॉक्टरों और कार्यरत...
सरकारी कर्मचारी को अनिश्चितकाल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 5 साल पुराना निलंबन रद्द किया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी सरकारी कर्मचारी को अनिश्चितकाल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता। अदालत ने करीब पांच वर्षों से निलंबित चल रहे कर्मचारी का निलंबन आदेश रद्द किया।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जुलाई 2021 में जारी निलंबन आदेश को चुनौती दी गई थी।मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही थी। उस पर ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति और फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र के आधार...
जलता पुतला फेंककर भाग जाना लोकतांत्रिक विरोध नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपियों को राहत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक प्रमुख राजनीतिक नेता के सरकारी बंगले पर जलता हुआ पुतला फेंकने के आरोपी लोगों को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि पुतले को आग लगाकर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी वाले परिसर की ओर फेंकना और फिर भाग जाना किसी भी तरह से लोकतांत्रिक विरोध नहीं कहा जा सकता।अदालत ने कहा,“लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा किसी भी...
बिना विभागीय जांच के अवज्ञा के आरोप पर कर्मचारी को नौकरी से निकालना कानूनी तौर पर गलत: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को अवज्ञा या अनुशासनहीनता के आरोपों पर बिना उसे ठीक से बनी जांच में सबूत पेश करने का मौका दिए, नौकरी से निकालना कानूनी तौर पर गलत है; इसलिए ऐसी बर्खास्तगी मान्य नहीं है।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने कहा कि प्रतिवादियों ने याचिकाकर्ता को सिर्फ़ एक 'कारण बताओ नोटिस' जारी करके और उसके जवाब को असंतोषजनक बताकर खारिज करके, बिना कोई औपचारिक विभागीय जांच किए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं।कोर्ट ने कानून की स्थापित स्थिति को दोहराते हुए कहा कि भले ही कोई...




















