हाईकोर्ट

खतरनाक पेड़ काटने के लिए मालिक को नोटिस जरूरी नहीं: केरल हाइकोर्ट 92 वर्षीय बुजुर्ग को 9 साल बाद राहत
खतरनाक पेड़ काटने के लिए मालिक को नोटिस जरूरी नहीं: केरल हाइकोर्ट 92 वर्षीय बुजुर्ग को 9 साल बाद राहत

केरल हाइकोर्ट ने एक बेहद मानवीय और सख्त टिप्पणी के साथ यह स्पष्ट किया कि यदि कोई पेड़ लोगों की जान और संपत्ति के लिए खतरा बन चुका है तो नगर निगम का सचिव मालिक को नोटिस दिए बिना भी ऐसे पेड़ों को कटवा सकता है। यह अधिकार केरल म्युनिसिपैलिटी एक्ट 1994 की धारा 412(2) के तहत दिया गया।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने यह राहत एक 92 वर्षीय बुजुर्ग को देते हुए दी, जो पिछले 9 वर्षों से अपने पड़ोसी की जमीन पर खड़े खतरनाक पेड़ों को कटवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।कोर्ट ने इस पूरे मामले में...

प्रॉक्सी वकीलों की लापरवाह पेशी पर दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, युवा वकीलों से फाइल पढ़कर आने की अपील
प्रॉक्सी वकीलों की लापरवाह पेशी पर दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, युवा वकीलों से फाइल पढ़कर आने की अपील

दिल्ली हाइकोर्ट ने अदालत में बिना तैयारी के पेश होने वाले प्रॉक्सी वकीलों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए युवा वकीलों से आग्रह किया कि वे मामले की फाइल और ब्रीफ पढ़कर ही पेश हों। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल नाम मात्र की पेशी से न्यायिक प्रक्रिया में कोई सार्थक मदद नहीं मिलती।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें पत्नी ने अपने पति के खिलाफ अपील दायर की थी।कोर्ट के समक्ष कार्यालय रिपोर्ट से यह सामने आया कि अपील पिछले दो वर्षों से लंबित...

जमानत सुनवाई से पहले अभियोजकों को पूरी जानकारी दें जांच अधिकारी, फाइल के साथ रहें मौजूद: दिल्ली हाइकोर्ट
जमानत सुनवाई से पहले अभियोजकों को पूरी जानकारी दें जांच अधिकारी, फाइल के साथ रहें मौजूद: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि जमानत मामलों की सुनवाई से पहले जांच अधिकारी (IO) अभियोजकों को ठीक से ब्रीफ करें और सुनवाई के दौरान पूरी जांच फाइल के साथ अदालत में मौजूद रहें।कोर्ट ने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द ही ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।जस्टिस गिरिश कथपालिया ने यह टिप्पणी एक हत्या के मामले में आरोपी को बेल देते हुए की। कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान न तो जांच अधिकारी और न ही संबंधित थाना प्रभारी (SHO) अदालत में उपस्थित थे जो बेहद...

ट्रायल के देर के चरण में बिना प्रासंगिकता व प्रमाण के पेन-ड्राइव साक्ष्य स्वीकार नहीं किए जा सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
ट्रायल के देर के चरण में बिना प्रासंगिकता व प्रमाण के पेन-ड्राइव साक्ष्य स्वीकार नहीं किए जा सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक मुकदमे में ट्रायल के देर के चरण में पेश किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तभी स्वीकार किए जा सकते हैं, जब उनकी आरोपों से स्पष्ट प्रासंगिकता हो और उन्हें विधि के अनुसार सिद्ध किया जा सके।इसी आधार पर हाईकोर्ट ने एक फर्जीवाड़ा मामले में मृतक मरीज की कथित आवाज़ रिकॉर्डिंग वाली पेन-ड्राइव को रिकॉर्ड पर लेने से इनकार कर दिया।जस्टिस बी.पी. शर्मा ने यह फैसला मालिनी जैन द्वारा दायर याचिका पर सुनाया, जिसमें उन्होंने छिंदवाड़ा के प्रथम अपर सेशन जज द्वारा...

क्या राज्य में शैक्षणिक संस्थानों पर लागू है मातृत्व लाभ अधिनियम? इलाहाबाद हाइकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब
क्या राज्य में शैक्षणिक संस्थानों पर लागू है मातृत्व लाभ अधिनियम? इलाहाबाद हाइकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से अहम सवाल करते हुए पूछा कि क्या राज्य में शैक्षणिक संस्थानों पर मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 (2017 के संशोधन सहित) को लागू करने संबंधी कोई अधिसूचना आधिकारिक गजट में जारी की गई है या नहीं।कोर्ट ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ वाराणसी स्थित सनबीम वूमेन्स कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके जरिए...

सड़क हादसों की रिपोर्टिंग में लापरवाही पर दिल्ली हाइकोर्ट सख़्त, पुलिस आयुक्त को खामियां दूर करने के निर्देश
सड़क हादसों की रिपोर्टिंग में लापरवाही पर दिल्ली हाइकोर्ट सख़्त, पुलिस आयुक्त को खामियां दूर करने के निर्देश

दिल्ली हाइकोर्ट ने सड़क दुर्घटना मामलों की जांच और रिपोर्टिंग में हो रही लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे मोटर दुर्घटना मामलों की निगरानी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए आवश्यक निर्णय लें और ठोस कदम उठाएं।चीफ जस्टिस जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने अनूप कुमार रामपाल द्वारा दायर एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किया।याचिका में सड़क दुर्घटनाओं की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही चूकों और...

62 साल के बाद प्रशासनिक पद पर नहीं रह सकते डॉक्टर, केंद्र सरकार के नियम को दिल्ली हाइकोर्ट की मंज़ूरी
62 साल के बाद प्रशासनिक पद पर नहीं रह सकते डॉक्टर, केंद्र सरकार के नियम को दिल्ली हाइकोर्ट की मंज़ूरी

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2018 में किए गए उस संशोधन को सही ठहराया, जिसके तहत केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा (CHS) और उससे संबद्ध सेवाओं के डॉक्टर 62 वर्ष की आयु के बाद प्रशासनिक पदों पर कार्य नहीं कर सकते।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 62 वर्ष ही डॉक्टरों की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु है और 65 वर्ष तक सेवा में बने रहने की अनुमति केवल गैर-प्रशासनिक भूमिकाओं के लिए दी जा सकती है।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने सीनियर CHS डॉक्टरों और उनके संघों द्वारा दायर याचिकाओं को...

गलत पहचान पर गिरफ्तारी अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: निर्दोषों को पकड़ने पर यूपी पुलिस को इलाहाबाद हाइकोर्ट की कड़ी फटकार
गलत पहचान पर गिरफ्तारी अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: निर्दोषों को पकड़ने पर यूपी पुलिस को इलाहाबाद हाइकोर्ट की कड़ी फटकार

इलाहाबाद हाइकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने गलत पहचान के आधार पर दो निर्दोष व्यक्तियों की गिरफ्तारी के मामले में यूपी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। हाइकोर्ट ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उसकी स्वतंत्रता छीनना कानूनन अस्वीकार्य है और यह सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार पर आघात करता है।जस्टिस तेज प्रताप तिवारी की एकल पीठ ने सोमवार को दोनों मामलों में पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द की। साथ ही पुलिस की गंभीर लापरवाही को देखते हुए लखनऊ के पुलिस...

हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, आर्म्स लाइसेंस देना कार्यपालिका का विवेकाधीन अधिकार: दिल्ली हाइकोर्ट
हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, आर्म्स लाइसेंस देना कार्यपालिका का विवेकाधीन अधिकार: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने साफ़ किया कि भारतीय संविधान के तहत किसी व्यक्ति को हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आर्म्स लाइसेंस देना पूरी तरह से आर्म्स एक्ट 1959 और आर्म्स रूल्स 2016 के तहत कार्यपालिका के विवेकाधीन क्षेत्र में आता है। इसमें अदालत अपने विचार कार्यपालिका के स्थान पर नहीं थोप सकती।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें आर्म्स लाइसेंस के लिए दिए गए आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी।याचिकाकर्ता एक पार्किंग ठेकेदार था...

राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय राजनीति करने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित: दिल्ली हाइकोर्ट
राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय राजनीति करने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक का राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय रूप से राजनीति में भाग लेने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस अधिकार में किसी भी तरह का हस्तक्षेप या दबाव व्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा की जड़ पर प्रहार करता है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह टिप्पणी वकील को पुलिस सुरक्षा देने के आदेश के दौरान की। वकील ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की ओर से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल...

फर्जी फैमिली ट्रस्ट विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर की याचिका पर जारी किया नोटिस
फर्जी फैमिली ट्रस्ट विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर की याचिका पर जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की ओर से दायर उस याचिका पर बुधवार को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी सास रानी कपूर द्वारा दायर मुकदमे को खारिज करने की मांग की।रानी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर समेत अन्य लोगों ने एक फर्जी फैमिली ट्रस्ट बनाकर उन्हें उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत से अवैध रूप से वंचित किया।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने रानी कपूर को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा गया कि यदि कोई प्रत्युत्तर दाखिल...

दैनिक मज़दूरों की हकीकत पर राजस्थान हाइकोर्ट की सख़्त टिप्पणी, 26 दिन के वेतन फ़ॉर्मूले को बताया अव्यावहारिक
दैनिक मज़दूरों की हकीकत पर राजस्थान हाइकोर्ट की सख़्त टिप्पणी, 26 दिन के वेतन फ़ॉर्मूले को बताया अव्यावहारिक

दैनिक मज़दूरी पर काम करने वाले श्रमिकों की ज़मीनी स्थिति को स्वीकार करते हुए राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि यह मान लेना पूरी तरह गलत है कि हर दैनिक मज़दूर को सप्ताह में एक दिन का सवेतन अवकाश मिलता है। कोर्ट ने साफ़ कहा कि ऐसे मज़दूर बिना वेतन छुट्टी लेने की स्थिति में नहीं होते। इसलिए उनकी मज़दूरी की गणना 26 दिन के बजाय 30 दिन के आधार पर होनी चाहिए।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि दैनिक मज़दूरों की वास्तविक परिस्थितियों को नज़रअंदाज़ कर बनाए गए सरकारी फ़ॉर्मूले में सुधार...

रेलवे एक्सीडेंट क्लेम में प्रिजम्पशन क्लेम करने वाले के पक्ष में, टिकट न मिलना जानलेवा नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
रेलवे एक्सीडेंट क्लेम में प्रिजम्पशन क्लेम करने वाले के पक्ष में, टिकट न मिलना जानलेवा नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल का ऑर्डर रद्द किया, जिसमें याचिकाकर्ता ने अपने बेटे की मौत के संबंध में फाइल किया गया क्लेम खारिज किया था। कोर्ट ने कहा कि जब भी रेलवे परिसर या किसी रेलवे ट्रैक के अंदर कोई अनहोनी होती है तो प्रिजम्पशन रेलवे अधिकारियों के खिलाफ होता है, जब तक कि कोई सबूत जमा न किया जाए, जो कुछ और बताता हो।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच एक मां की पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने अपने बेटे की मौत के संबंध में फाइल किए गए क्लेम को खारिज करने को चुनौती दी थी, जो...

कानूनी शिक्षा नींव रखने के लिए, दीवारें खड़ी करने के लिए नहीं: मुकदमेबाजी-केंद्रित प्रशिक्षण के लिए एक प्रतिक्रिया
कानूनी शिक्षा नींव रखने के लिए, दीवारें खड़ी करने के लिए नहीं: मुकदमेबाजी-केंद्रित प्रशिक्षण के लिए एक प्रतिक्रिया

यह टुकड़ा डॉ एस ए थामिमुल अंसारी के कॉलम टुकड़े, "कानूनी शिक्षा की आत्मा को पुनः प्राप्त करना: मुकदमेबाजी-केंद्रित प्रशिक्षण के लिए एक मामला", जो कानूनी शिक्षा के भीतर एक परिचित निराशा को व्यक्त करता है: कि कानून के अनुशासन में छात्रों को प्रशिक्षण देने में बिताए गए वर्षों अंततः "बर्बाद" हो जाते हैं जब स्नातक कॉरपोरेट भूमिकाओं में जाते हैं। धूम्रपान गन का उत्पादन करने के लिए साक्ष्य कानून; एक ट्रायल को कोरियोग्राफ करने में प्रक्रियात्मक कानून; सीपीसी के तहत सादे और अनुप्रयोगों का मसौदा तैयार...

यूपी में लापता लोगों पर स्वत:संज्ञान जनहित याचिका | हाईकोर्ट ने DGP, होम सेक्रेटरी को कमज़ोर कोशिशों पर तलब किया
यूपी में लापता लोगों पर स्वत:संज्ञान जनहित याचिका | हाईकोर्ट ने DGP, होम सेक्रेटरी को 'कमज़ोर' कोशिशों पर तलब किया

राज्य में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और राज्य पुलिस की निष्क्रियता पर पिछले महीने एक डिवीजन बेंच के आदेश के बाद स्वत:संज्ञान जनहित याचिका (PIL) दर्ज की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, होम और डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस को तलब किया।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस की बेंच ने उन्हें अपने एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य भर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर दर्ज लापता लोगों के बारे में पूरा डेटा और ऐसे लापता लोगों को ट्रेस करने के लिए...

बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक: हाईकोर्ट ने CCTV खराब होने पर यूपी पुलिस की काल्पनिक कहानियों की आलोचना की, दिया जेम्स बॉन्ड का हवाला
बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक: हाईकोर्ट ने CCTV खराब होने पर यूपी पुलिस की 'काल्पनिक कहानियों' की आलोचना की, दिया जेम्स बॉन्ड का हवाला

पिछले हफ़्ते कड़े शब्दों में दिए गए एक आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी को राज्य के पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों की खुद जांच करने का निर्देश दिया।पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों के खराब होने से जुड़े 'बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक' के लिए यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने साफ़ किया कि ऐसे मामलों में टॉप पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी।कोर्ट ने कहा,"अब समय आ गया कि...

चिल्ड्रन होम के रिकॉर्ड में जाति, धर्म का ज़िक्र | हाईकोर्ट के एक्शन के बाद यूपी सरकार ने केंद्र से JJ Act में बदलाव करने की अपील की
चिल्ड्रन होम के रिकॉर्ड में जाति, धर्म का ज़िक्र | हाईकोर्ट के एक्शन के बाद यूपी सरकार ने केंद्र से JJ Act में बदलाव करने की अपील की

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि उसने भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय के सेक्रेटरी को जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट, 2015 (JJ Act) और जुवेनाइल जस्टिस रूल्स, 2016 (JJ Rules) के संबंधित प्रोविज़न में बदलाव के लिए सुझाव लिखे हैं।यूपी सरकार ने यह प्रपोज़ल तब दिया, जब कुछ दिन पहले हाई कोर्ट ने राजकीय बालगृह/चिल्ड्रन होम में रखे गए नाबालिग बच्चों की जाति और धर्म के ज़िक्र को लेकर गंभीर चिंता जताई।बता दें, एक नाबालिग लड़की की हेबियस कॉर्पस...