हाईकोर्ट

ध्रुव राठी के वीडियो पर 15 दिन में फैसला करे केंद्र की अपीलीय समिति: दिल्ली हाईकोर्ट
ध्रुव राठी के वीडियो पर 15 दिन में फैसला करे केंद्र की अपीलीय समिति: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति को 15 दिनों के भीतर अपील का निस्तारण करने का निर्देश दिया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने वकील अमिता सचदेवा की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि अपीलीय समिति इस मामले में प्राप्त आदेश की तारीख से 15 दिन के भीतर फैसला करे।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता को इसके बाद भी कोई शिकायत रहती है तो वह नई...

पालतू कुत्ते को श्रीकृष्ण का गेटअप देना अपराध नहीं, भक्ति की अभिव्यक्ति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पालतू कुत्ते को श्रीकृष्ण का गेटअप देना अपराध नहीं, भक्ति की अभिव्यक्ति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महिला के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर अपने पालतू कुत्ते को भगवान श्रीकृष्ण की वेशभूषा पहनाकर उसकी तस्वीर व्हाट्सऐप पर साझा करना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत अपराध नहीं है।हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत करने की मंशा साबित नहीं होती और कानून के तहत अपराध के आवश्यक तत्व भी मौजूद नहीं हैं।जस्टिस सुभाष मेहला की एकलपीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी आस्था और अनुभवों से प्रेरित अभिव्यक्ति को केवल इसलिए अपराध...

विदेशी अदालत के आदेश की अवहेलना कर बच्चे को अपने पास रखकर कानूनी लाभ नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
विदेशी अदालत के आदेश की अवहेलना कर बच्चे को अपने पास रखकर कानूनी लाभ नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय अभिरक्षा विवाद में नाबालिग बच्चे को कनाडा में रह रहे उसके पिता के पास भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी विदेशी अदालत के आदेश की अवहेलना कर बच्चे को अपने पास रखने वाला अभिभावक बाद में यह कहकर कानूनी लाभ नहीं ले सकता कि समय बीतने के कारण बच्चा अब नए माहौल में पूरी तरह रच-बस गया है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरिश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी पक्ष को पहले विदेशी अदालत के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार करने, वहां मुकदमा लड़ने और प्रतिकूल फैसला...

मध्यस्थता में बीता समय लिखित जवाब दाखिल करने की समय-सीमा से बाहर माना जाए या नहीं? दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी पीठ करेगी फैसला
मध्यस्थता में बीता समय लिखित जवाब दाखिल करने की समय-सीमा से बाहर माना जाए या नहीं? दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी पीठ करेगी फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न बड़ी पीठ के पास भेज दिया कि क्या मध्यस्थता में बीता समय लिखित जवाब या प्रत्युत्तर दाखिल करने की निर्धारित समय-सीमा की गणना से बाहर रखा जाना चाहिए?जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के अलग-अलग फैसलों में विरोधाभास है। ऐसे में संयुक्त रजिस्ट्रारों द्वारा देरी माफ करने से जुड़ी अर्जियों पर एकरूपता से निर्णय हो सके इसके लिए बड़ी पीठ का स्पष्ट और प्रामाणिक फैसला आवश्यक है।मामला एक वाणिज्यिक वाद से जुड़ा है, जिसमें संयुक्त रजिस्ट्रार...

मूल ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती दिए बिना बाद के आदेश पर राहत नहीं मिल सकती: गुवाहाटी हाईकोर्ट
मूल ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती दिए बिना बाद के आदेश पर राहत नहीं मिल सकती: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी निर्माण को गिराने का मूल आदेश चुनौती नहीं दिया गया है तो उसके आधार पर जारी किए गए बाद के ध्वस्तीकरण कार्यक्रम या कार्रवाई संबंधी आदेश को अलग से चुनौती देकर राहत नहीं मांगी जा सकती।जस्टिस मनीष चौधरी ने गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) द्वारा कथित अवैध निर्माण हटाने के लिए जारी ध्वस्तीकरण कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि विवादित आदेश केवल पहले से पारित ध्वस्तीकरण आदेश का परिणाम है।अदालत ने कहा,"18 जून 2026 का विवादित आदेश 19 नवंबर...

सीमा पार माल की कमी के लिए भारतीय रेलवे तभी जिम्मेदार जब नुकसान उसके नेटवर्क पर हुआ हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
सीमा पार माल की कमी के लिए भारतीय रेलवे तभी जिम्मेदार जब नुकसान उसके नेटवर्क पर हुआ हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 34 वर्ष पुराने एक मामले में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील खारिज करते हुए कहा कि विदेश से भारत आने वाले रेल माल में कमी या नुकसान के लिए भारतीय रेलवे को तभी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जब यह साबित हो कि नुकसान भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर हुआ था।जस्टिस पंकज जैन ने कहा,"जब किसी स्थान से जो भारत के बाहर है, रेल के माध्यम से सामान भारत लाया जाता है, तब रेलवे प्रशासन को केवल उसी स्थिति में जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जब माल का मालिक यह साबित करे कि सामान का...

अंतरिम राहत पर लंबी सुनवाई की बजाय अस्थायी निषेधाज्ञा याचिका पर ही फैसला करें अदालतें: राजस्थान हाईकोर्ट
अंतरिम राहत पर लंबी सुनवाई की बजाय अस्थायी निषेधाज्ञा याचिका पर ही फैसला करें अदालतें: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि अंतरिम राहत की मांग पर विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता पड़ रही हो और सभी पक्ष अपने जवाब, हलफनामे तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज दाखिल कर चुके हों, तो अदालत को केवल अंतरिम राहत पर समय लगाने के बजाय अस्थायी निषेधाज्ञा की मूल याचिका का ही फैसला करने का प्रयास करना चाहिए।जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि अंतरिम राहत का उद्देश्य केवल असाधारण परिस्थितियों में सीमित अवधि के लिए तत्काल संरक्षण देना होता है, जब तक अस्थायी निषेधाज्ञा की याचिका पर अंतिम सुनवाई नहीं हो जाती।अदालत ने कहा,"एक...

21 वर्ष से कम उम्र में शादी पर भी जोड़े को सुरक्षा: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलिस को दिए संरक्षण के निर्देश
21 वर्ष से कम उम्र में शादी पर भी जोड़े को सुरक्षा: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलिस को दिए संरक्षण के निर्देश

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विवाहित जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह आदेश उस आपत्ति के बावजूद दिया कि विवाह के समय युवक की उम्र 21 वर्ष से कम है।हाईकोर्ट ने कहा कि परामर्शदाता की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि युवती अपने माता-पिता के साथ जाने को तैयार नहीं है और वह अपने पति के साथ खुश है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर जोड़ा सुरक्षा का हकदार है।जस्टिस आलोक महरा उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पुलिस को निजी पक्षकारों और उनके सहयोगियों से दोनों याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा...

कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले में दो आरोपियों को जमानत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दी राहत
कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले में दो आरोपियों को जमानत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दी राहत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप में जहरीले रसायन डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) की मौजूदगी के कारण कथित तौर पर 30 बच्चों की मौत से जुड़े मामले में दो आरोपियों को जमानत दे दी है। अदालत ने डाइएथिलीन ग्लाइकोल की आपूर्ति करने वाली फर्म के मालिक शैलेश पंडिया और कोल्ड्रिफ सिरप बेचने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को राहत प्रदान की।जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने कहा कि शैलेश पंडिया न तो रसायन के निर्माता थे और न ही उनके द्वारा आपूर्ति किया गया उत्पाद प्रथम दृष्टया घटिया गुणवत्ता का पाया...

केरल वक्फ बोर्ड के गठन को फिर हाईकोर्ट में चुनौती, CPI(M) नेता की नियुक्ति पर भी उठे सवाल
केरल वक्फ बोर्ड के गठन को फिर हाईकोर्ट में चुनौती, CPI(M) नेता की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

केरल हाईकोर्ट में राज्य वक्फ बोर्ड के गठन को चुनौती देते हुए एक और जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में CPI(M) नेता और पूर्व विधायक कुन्हाम्मद कुट्टी मास्टर की बोर्ड में नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं।यह याचिका सेवानिवृत्त जूनियर वारंट ऑफिसर स्टालिन वी.एम. ने दायर की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने 2 फरवरी 2026 के आदेश के जरिए वक्फ बोर्ड के 11 में से 9 सदस्यों की नियुक्ति की, लेकिन यह संशोधित वक्फ अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। याचिका में कहा गया है कि कानून के अनुसार बोर्ड...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मैनेजमेंट कोटा नियम को सही ठहराया, कहा- निजी कॉलेज CET पास छात्रों में से अलग मेरिट सूची बना सकते हैं
दिल्ली हाईकोर्ट ने मैनेजमेंट कोटा नियम को सही ठहराया, कहा- निजी कॉलेज CET पास छात्रों में से अलग मेरिट सूची बना सकते हैं

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेजेज या इंस्टीट्यूशंस रूल्स, 2007 के रूल 8(2)(a)(v) की वैधता बरकरार रखते हुए कहा कि निजी गैर-सहायता प्राप्त (Unaided) प्रोफेशनल संस्थान 10% मैनेजमेंट कोटा सीटों (MQS) पर प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) पास उम्मीदवारों में से अपनी अलग मेरिट सूची तैयार कर सकते हैं।चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि यह नियम दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेजेज या इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 2007 की योजना के अनुरूप है और उसके किसी प्रावधान का...

BREAKING| मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लिंचिंग केस के फ़ैसले के बाद जज को मिली धमकियों पर स्तव:संज्ञान लिया, सुरक्षा के निर्देश दिए
BREAKING| मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लिंचिंग केस के फ़ैसले के बाद जज को मिली धमकियों पर स्तव:संज्ञान लिया, सुरक्षा के निर्देश दिए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (1 जुलाई) को उन खबरों पर खुद संज्ञान लिया, जिनमें लिंचिंग केस में 'गो-रक्षकों' (cow vigilantes) के खिलाफ़ फ़ैसला सुनाने वाली जज को सांप्रदायिक धमकियां मिलने की बात कही गई थी।यह देखते हुए कि ऐसी धमकियां "हमारे न्यायिक अधिकारियों की न्यायिक स्वतंत्रता और निडर होकर काम करने की क्षमता में सीधे तौर पर बाधा डालती हैं", कोर्ट ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव (गृह) से नर्मदापुरम ज़िले की एडिशनल ज़िला एवं सेशन जज तबस्सुम खान की...

पूरे महाराष्ट्र में नेताओं की खरीद-फरोख्त चल रही है; अगर आपके खिलाफ FIR हैं तो पाला बदल लीजिए, वहां एक वॉशिंग मशीन है: बॉम्बे हाईकोर्ट
पूरे महाराष्ट्र में नेताओं की खरीद-फरोख्त चल रही है; अगर आपके खिलाफ FIR हैं तो पाला बदल लीजिए, वहां एक 'वॉशिंग मशीन' है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पूरे महाराष्ट्र राज्य में नेताओं की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) चल रही है। कोर्ट ने सत्ताधारी पार्टी की ओर इशारा करते हुए कहा कि कोई भी राजनीतिक नेता 'वॉशिंग मशीन' में शामिल होकर अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को बंद करवा सकता है।जस्टिस माधव जामदार, सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सईद ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के कारण...

प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट सिर्फ़ धार्मिक स्वरूप बदलने पर रोक लगाता है, जनहित में सरकारी अधिग्रहण पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
'प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट' सिर्फ़ धार्मिक स्वरूप बदलने पर रोक लगाता है, जनहित में सरकारी अधिग्रहण पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि 'प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप (स्पेशल प्रोविज़न्स) एक्ट, 1991' के तहत किसी पूजा स्थल के धार्मिक स्वरूप को एक धार्मिक संप्रदाय से दूसरे धार्मिक संप्रदाय में बदलने पर ही रोक है, लेकिन यह कानून सरकार को 'धर्मनिरपेक्ष' और 'जनहित' के कामों के लिए ऐसी संपत्तियों का अधिग्रहण करने से नहीं रोकता।इसके साथ ही, जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अरुण कुमार की बेंच ने वाराणसी के दालमंडी इलाके को चौड़ा करने और उसे सुंदर बनाने के काम को रोकने की मांग वाली रिट याचिका को खारिज कर दिया। यह...

बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है, विरोध करने पर केस दर्ज किए जाते हैं
बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है, विरोध करने पर केस दर्ज किए जाते हैं'

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई नागरिक केंद्र सरकार के कुछ फ़ैसलों का विरोध कर रहा है और उसके ख़िलाफ़ नारे लगा रहा है, उसे किसी इलाके से बाहर निकालने (एक्सटर्नमेंट) का आधार नहीं बनाया जा सकता। [2026 LiveLaw (Bom) 305]सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने मुंबई पुलिस द्वारा सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) के ख़िलाफ़ एक्सटर्नमेंट ऑर्डर जारी करने पर कड़ी नाराज़गी जताई। सईद 'सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया' (SDPI) के जनरल सेक्रेटरी हैं और केंद्र सरकार के कई...

एक्टर और BJP सांसद रवि किशन के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट
एक्टर और BJP सांसद रवि किशन के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह एक्टर और BJP सांसद रवि किशन के खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट को हटाने का अंतरिम आदेश जारी करेगा।जस्टिस ज्योति सिंह, किशन की ओर से अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दायर अंतरिम निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) अर्जी पर सुनवाई कर रही थीं।सीनियर वकील एन. हरिहरन के ज़रिए पेश हुए किशन ने अपने मुकदमे में अज्ञात लोगों और कई ज्ञात प्रतिवादियों (डिफेंडेंट्स) के खिलाफ 'जॉन डो' (john doe) राहत की मांग की।उन्होंने प्रतिवादियों को उनकी सहमति के...

अली खमेनेई की तस्वीरें ज़बरदस्ती हटाने और शोक मनाने वालों पर FIR दर्ज करने का मामला: यूपी पुलिस के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे शिया संगठन
अली खमेनेई की तस्वीरें ज़बरदस्ती हटाने और शोक मनाने वालों पर FIR दर्ज करने का मामला: यूपी पुलिस के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे शिया संगठन

शिया विद्वानों के एक संगठन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) में याचिका दायर की। इसमें राज्य में पुलिस की 'मनमानी' कार्रवाई को चुनौती दी गई, जिसमें निजी संपत्तियों से धार्मिक पोस्टर ज़बरदस्ती हटाना और राज्य के शिया समुदाय के 'शांतिपूर्ण' शोक मनाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करना शामिल है।मजलिस उलेमा-ए-हिंद ने अपने महासचिव मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी के ज़रिए यह जनहित याचिका (PIL) दायर की। याचिका में राज्य पुलिस से यह निर्देश देने की मांग की गई कि वे उन लोगों के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती वाली कार्रवाई न...

मृत्युपूर्व बयान के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह सक्षम होने का अलग प्रमाणपत्र जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
मृत्युपूर्व बयान के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह सक्षम होने का अलग प्रमाणपत्र जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मृत्युपूर्व बयान पर भरोसा करने के लिए डॉक्टर द्वारा यह अलग से प्रमाणित करना अनिवार्य नहीं है कि पीड़ित बयान देने के समय मानसिक रूप से पूरी तरह सक्षम था। यदि डॉक्टर ने यह प्रमाणित किया कि पीड़ित होश में था और बोलने की स्थिति में था तो यह पर्याप्त है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा,"मृतक के बयान देने के लिए मानसिक रूप से सक्षम होने संबंधी डॉक्टर का अलग प्रमाणपत्र कानून की अनिवार्य शर्त नहीं, बल्कि केवल सावधानी का एक...