हाईकोर्ट

ध्वनि प्रदूषण एक खतरा बनता जा रहा है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तेज़ आवाज़ वाले DJ के बीच स्कूल की छात्रा की मौत पर स्वतः संज्ञान लिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को शोर प्रदूषण पर स्वतः संज्ञान लेते हुए नई जनहित याचिका (PIL) दर्ज की। यह कदम बलरामपुर में दूसरी कक्षा की छात्रा की मौत की घटना का संज्ञान लेने के बाद उठाया गया; आरोप है कि जब पास से लाउडस्पीकर और म्यूज़िक सिस्टम के साथ एक जुलूस गुज़र रहा था, तब वह छात्रा अपनी क्लास में गिर पड़ी थी।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने प्रेशर हॉर्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और हूटर के गलत इस्तेमाल से जुड़ी लंबित PIL पर सुनवाई करते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह इस घटना और...

अनुशासनात्मक जांच के दौरान अंतरिम स्तर पर वकीलों को सस्पेंड नहीं कर सकती बार काउंसिल: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पास अनुशासनात्मक जांच लंबित रहने के दौरान अंतरिम स्तर पर वकीलों को सस्पेंड करने का अधिकार नहीं है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 35(3)(c) (दुर्व्यवहार के लिए वकीलों को सज़ा) के तहत सस्पेंशन अंतिम आदेश है, जिसे अनुशासनात्मक कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान पारित नहीं किया जा सकता।जस्टिस शेखर बी सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति के...

Motor Accident Claims | मृत्यु के बाद भरे गए इनकम टैक्स रिटर्न का इस्तेमाल मृतक की आय का आकलन करने के लिए किया जा सकता है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई सख्त नियम नहीं है कि दुर्घटना के मुआवज़े को तय करने के लिए मृतक की आय की गणना करते समय मृत्यु के बाद भरे गए इनकम टैक्स रिटर्न पर विचार नहीं किया जा सकता। [2026 LiveLaw (Guj) 269]ऐसा करते हुए कोर्ट ने मृतक के परिवार को दिए जाने वाले दुर्घटना मुआवज़े में ₹6,16,342 की बढ़ोतरी की।कोर्ट मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के उस आदेश के खिलाफ दावेदारों की अपील पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें 9% सालाना ब्याज दर के साथ ₹6,01,400 का मुआवज़ा दिया गया।मृतक अपना स्कूटर चला रहा था...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जश्न में फायरिंग से हुई मौत के मामले में बिहार के MLA राजू कुमार सिंह की सज़ा पर रोक लगाने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिहार के MLA राजू कुमार सिंह की सज़ा पर रोक लगाने से इनकार किया। उन्हें नए साल की पूर्व संध्या पर एक पार्टी में जश्न के दौरान फायरिंग से हुई एक महिला की मौत के मामले में 'गैर-इरादतन हत्या' (Culpable Homicide not Amounting to Murder) के लिए चार साल की जेल की सज़ा सुनाई गई।जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि मामले के "सतही विश्लेषण" से सबूतों को समझने में कोई स्पष्ट गड़बड़ी या बड़ी गलती नहीं दिखी, जिसके आधार पर सज़ा पर रोक लगाई जा सके।कोर्ट ने कहा,"और तो और, उनका पिछला रिकॉर्ड भी साफ़...

सिर्फ़ वीज़ा होने से किसी विदेशी को भारत में घुसने का बिना शर्त अधिकार नहीं मिलता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ वीज़ा होने से किसी विदेशी नागरिक को भारत में घुसने का बिना शर्त और पक्का अधिकार नहीं मिल जाता।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि वीज़ा जारी करना, एंट्री से मना करना या इमिग्रेशन मंज़ूरी देना सरकार का एक संप्रभु काम है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और प्रशासनिक विवेक जैसे पहलुओं पर आधारित होता है।कोर्ट ने कहा,"कानूनी व्यवस्था के तहत इमिग्रेशन अधिकारी एंट्री के समय विदेशी के पासपोर्ट, यात्रा दस्तावेज़ और वीज़ा की जांच करते हैं। उन्हें ज़रूरी और उचित जानकारी मांगने का...

चुने हुए पंचायत सदस्य को कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि पंचायत के चुने हुए सदस्य के पास किसी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए 'रिट ऑफ़ मैंडमस' (आदेश की रिट) की मांग करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। [2026 LiveLaw (MP) 400]इस बात पर ज़ोर देते हुए कि 'रिट ऑफ़ मैंडमस' का इस्तेमाल कानूनी अधिकार और उससे जुड़े कानूनी/सार्वजनिक कर्तव्य को लागू करने के लिए किया जाता है, जस्टिस विवेक कुमार सिंह की बेंच ने कहा:"यह तथ्य कि याचिकाकर्ता जनपद पंचायत का चुना हुआ सदस्य है और उसने किसी कर्मचारी के कामकाज के बारे में...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सामंथा रूथ प्रभु के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, कहा- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सावधानी बरतनी चाहिए

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को साउथ इंडियन फिल्म एक्ट्रेस सामंथा रूथ प्रभु के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए Google, Meta Platforms और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और 'जॉन डो' (अज्ञात पक्षों) को आदेश दिया कि वे उनसे जुड़ा आपत्तिजनक और अपमानजनक कंटेंट हटा दें।सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि प्रभु मुख्य रूप से साउथ इंडियन 'मेगा स्टार' रही हैं और अब उन्होंने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी खास पहचान बनाई है। साथ ही वह 'फिल्मफेयर' अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं।प्रभु की ओर से पेश...

BNS की धारा 69 के तहत शादी के झूठे वादे के मामले में आपसी सहमति वाला रिश्ता अग्रिम ज़मानत का पक्का आधार नहीं: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी का यह दावा कि दोनों पक्षों के बीच रिश्ता आपसी सहमति से है, इसे अकेले ही BNS की धारा 69 (धोखे से या शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाना) के तहत अग्रिम ज़मानत पाने का पक्का आधार नहीं माना जा सकता। [2026 LiveLaw (MP) 399]जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच ने कहा:"हालांकि, इस चरण पर केवल यह दावा करना कि रिश्ता आपसी सहमति से है, इसे अकेले ही आवेदक के अग्रिम ज़मानत पाने के अधिकार का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता।"अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला और आवेदक...

दलित व्यक्ति को निशाना बनाने वाली फेसबुक पोस्ट का मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने SC/ST Act के तहत जांच का आदेश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने फेसबुक के ज़रिए अनुसूचित जाति (SC) के शिकायतकर्ता के साथ कथित तौर पर जातिसूचक दुर्व्यवहार के मामले में दायर "Nil/No clue" (कोई सुराग नहीं) वाली फाइनल रिपोर्ट को खारिज किया और विशेष साइबर-फोरेंसिक चैनलों के माध्यम से आगे की जांच का निर्देश दिया।जस्टिस उदय कुमार CRR 2992/2023 मामले की सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा अन्य आपराधिक मामले दर्ज कराने के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि जाति-आधारित दुर्व्यवहार की किसी अलग शिकायत में कोई दम नहीं है।कोर्ट ने कहा कि...

1994 के अंतरिम आदेश का पालन नहीं किया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जानकारी न देने पर राज्य पर लगाया ₹1 लाख का जुर्माना

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते राज्य पर ₹1,00,000 का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना काउंटर एफिडेविट दाखिल करने में 3 दशकों से ज़्यादा की बिना वजह देरी और अंतरिम आदेश का पालन न होने की बात कोर्ट के ध्यान में न लाने के लिए लगाया गया। साथ ही रिट याचिका को मेरिट के आधार पर खारिज भी किया गया।जस्टिस गरिमा प्रसाद ने कहा:"राज्य इस चूक के लिए अपनी ज़िम्मेदारी से सिर्फ़ इसलिए नहीं बच सकता, क्योंकि याचिकाकर्ता अपना मुख्य दावा साबित करने में नाकाम रहा है। इतनी लंबी देरी के कारण कोर्ट को संबंधित अधिकारियों...

दुकानदारों को हटाने के लिए प्राइवेट लोगों द्वारा बुलडोज़र के इस्तेमाल पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से किया सवाल

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार से दुकान मालिकों को हटाने के लिए प्राइवेट लोगों द्वारा JCB बुलडोज़र के कथित इस्तेमाल पर सवाल किया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि सरकार बदल गई, प्राइवेट लोग कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते।सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों से पूछा कि क्या हुआ था और कहा:“क्या हो रहा है? उन्होंने JCB का इस्तेमाल किया...”जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि भले ही दुकान मालिकों को अवैध कब्ज़ा करने वाला पाया जाए, फिर भी उनके खिलाफ़ उचित कार्रवाई की जानी...

उत्तम नगर होली हिंसा मामले में आरोपी की मां को पुलिस सुरक्षा, हाईकोर्ट ने कहा- स्थिति गंभीर

दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हिंसक झड़प में 27 वर्षीय तरुण बुटोलिया की हत्या के आरोपी की मां और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि बेटे के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार अपना रास्ता लेगी, लेकिन उसकी मां को हिंसा के खतरे के बीच असुरक्षित नहीं छोड़ा जा सकता। अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए आरोपी की मां की याचिका स्वीकार कर ली। महिला ने स्थानीय पुलिस को तत्काल और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश देने की...

जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल पॉलिसी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने को हाईकोर्ट में चुनौती

दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें राजधानी के जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल-इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त न मिलने के फैसले को चुनौती दी गई।इस मामले की सुनवाई 29 सितंबर को जस्टिस अमित महाजन ने की।याचिकाकर्ताओं, रॉबिन माइकल और एक अन्य व्यक्ति ने 2 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाज़त मांगी थी।उन्होंने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए इजाज़त न देने और दिल्ली पुलिस के इस फैसले को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का...

बिना सुनवाई छात्रा को निकालना कानून के राज में मंजूर नहीं: हाईकोर्ट ने DU की कार्रवाई पर लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एक छात्रा के निष्कासन के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान को अनुशासन बनाए रखने का अधिकार जरूर है लेकिन इस अधिकार के नाम पर छात्र को अपना पक्ष रखने के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि संस्थागत स्वायत्तता का मतलब मनमानी या असीमित अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि शिक्षण संस्थान अनुशासन बनाए रखने और साबित कदाचार के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन ऐसी कार्रवाई कानून और निष्पक्ष...

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली चुनाव पर हाईकोर्ट ने मांगे रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति के दस्तावेज

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के आगामी चुनाव को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति और उनके कार्यकाल से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।याचिका में 25 सितंबर को जारी उस सूचना को चुनौती दी गई, जिसके तहत बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के पदाधिकारियों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए उसके सदस्य प्रतिनिधि के चुनाव की तारीख 10 अक्टूबर तय की गई।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने वकील महमूद प्राचा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।प्राचा ने स्वयं अदालत में पेश होकर याचिका...

बिना भरण-पोषण मांगे भी बहू से घर खाली करा सकता है बुजुर्ग: दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुजुर्गों के अधिकारों से जुड़े एक अहम फैसले में कहा कि किसी सीनियर सिटीजन को अपनी बहू के खिलाफ घर खाली कराने की कार्रवाई शुरू करने के लिए पहले भरण-पोषण की मांग करना जरूरी नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और उनकी संपत्ति से बेटे, बेटी या कानूनी उत्तराधिकारी को बेदखल करने की कार्यवाही अलग-अलग हैं।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली माता-पिता और सीनियर सिटीजन का भरण-पोषण एवं कल्याण नियम, 2009 के नियम...

मुंढवा जमीन मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने पार्थ पवार की 99 फीसदी हिस्सेदारी पर उठाए सवाल, DGP खुद करेंगे जांच की निगरानी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे के मुंढवा इलाके में 40 एकड़ सरकारी जमीन की कथित तौर पर बेहद कम कीमत पर खरीद के मामले में सांसद पार्थ पवार की कंपनी में 99 फीसदी हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए। अदालत को बताया गया कि एमीडा एंटरप्राइजेज एलएलपी में पार्थ पवार की 99 फीसदी हिस्सेदारी है। आरोप है कि इसी कंपनी ने सरकारी जमीन का सौदा वास्तविक कीमत से काफी कम राशि पर किया।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने पुणे पुलिस को इस मामले में आगे की जांच विस्तृत और पेशेवर...

नियुक्ति में अनियमितता हो तब भी वेतनमान घटाने से पहले कर्मचारी को सुनना जरूरी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी की शुरुआती नियुक्ति में अनियमितता रही हो, तब भी उसका वेतनमान घटाने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना जरूरी है। हाईकोर्ट ने बिना सुनवाई के कर्मचारियों का नियमित वेतनमान कम करने वाले आदेश को रद्द करने का सिंगल बेंच का फैसला बरकरार रखा।चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की खंडपीठ उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिन्हें सिंगल बेंच के उस आदेश के खिलाफ दाखिल किया गया, जिसमें कर्मचारियों का नियमित वेतनमान घटाने का आदेश रद्द कर दिया गया।मामले...

टैंकर में खतरनाक पदार्थ था यह साबित किए बिना बीमा कंपनी लाइसेंस की कमी का हवाला नहीं दे सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना के मुआवजे से जुड़ी जिम्मेदारी से बीमा कंपनी केवल यह कहकर बच नहीं सकती कि चालक के ड्राइविंग लाइसेंस पर खतरनाक या जोखिमपूर्ण पदार्थों के परिवहन की अनुमति संबंधी विशेष प्रविष्टि नहीं थी। इसके लिए बीमा कंपनी को पहले यह साबित करना होगा कि दुर्घटना के समय टैंकर में वास्तव में वही पदार्थ ले जाया जा रहा था, जिसे केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत खतरनाक पदार्थ की श्रेणी में रखा गया।जस्टिस प्रशांत कुमार ने कहा,“केवल इस आधार पर कि टैंकर में स्पिरिट ले जाई जा रही...