हाईकोर्ट
अगर घर के काम आउटसोर्स किए जाएं तो उन्हें ज़्यादा सैलरी मिलेगी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ाकर ₹1.18 करोड़ किया
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि एक गृहिणी का काम सिर्फ़ देखभाल करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई तरह की सेवाएं शामिल हैं, जिनके लिए अगर उन्हें आउटसोर्स किया जाए तो काफ़ी ज़्यादा पैसे मिलेंगे, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना क्लेम में दिए गए मुआवज़े को बढ़ाकर ₹58.22 लाख से ₹1.18 करोड़ कर दिया।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"एक गृहिणी का काम सिर्फ़ देखभाल से कहीं ज़्यादा है, इसमें पूरे परिवार के लिए खाना बनाना; किराने का सामान और घर का सामान खरीदना; घर और आस-पास की सफ़ाई और रखरखाव;...
अदीना मस्जिद-आदिनाथ मंदिर विवाद: कलकत्ता हाइकोर्ट पहुंचा मामला, याचिका में दावा- 'हिंदू देवताओं से भरा है स्थल'
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित ऐतिहासिक अदीना स्मारक को लेकर एक नई कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। कलकत्ता हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर दावा किया गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने अदीना मस्जिद के रूप में इस स्थल को गलत तरीके से वर्गीकृत किया, जबकि वहां हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और मंदिर के स्पष्ट अवशेष मौजूद हैं।चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को इस मामले पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता अधिवक्ता हरि शंकर जैन ने मांग की कि ASI...
उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाइकोर्ट से बड़ा झटका, सजा निलंबित करने की याचिका दूसरी बार खारिज
दिल्ली हाइकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने की याचिका खारिज की। सेंगर इस मामले में 10 साल की सजा काट रहा है और उसने अपनी सजा को स्थगित करने की गुहार लगाई थी।जस्टिस रविंदर डुडेजा की पीठ ने याचिका यह कहते हुए खारिज की कि सेंगर के आपराधिक इतिहास और मामले की परिस्थितियों में ऐसा कोई नया बदलाव नहीं आया, जिसके आधार पर उसे राहत दी जा सके।पूरा मामलायह मामला अप्रैल 2018 का है, जब उन्नाव...
प्रोबेट कार्यवाही लंबित होने से रजिस्टर्ड वसीयत में जालसाजी के आरोप वाली FIR पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने रजिस्टर्ड वसीयत में जालसाजी के आरोप वाली FIR रद्द करने से यह कहते हुए इनकार किया कि वसीयत की वैधता की जांच करने वाली प्रोबेट कार्यवाही लंबित होने से जाली दस्तावेज़ बनाने और इस्तेमाल करने के आरोपों की समानांतर आपराधिक जांच पर कोई रोक नहीं लगती है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने अपने आदेश में यह कहा:"इसलिए जालसाजी, दस्तावेज़ों में हेरफेर और उनका गलत फायदे के लिए इस्तेमाल सिर्फ सिविल अमान्यता के मामले नहीं हैं, बल्कि आपराधिक कानून के तहत स्वतंत्र अपराध हैं। इसलिए किसी...
चेक जारी करने वाले द्वारा पेमेंट रोकने के लिए किए गए बड़े बदलाव पर NI Act की धारा 138 लागू होगी; 'बदलाव किसने किया' यह जांच का विषय: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि चेक में किया गया कोई बड़ा बदलाव अपने आप में आरोपी को आपराधिक ज़िम्मेदारी से बरी नहीं करता, जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) के तहत निर्णायक कारक सिर्फ़ बदलाव की मौजूदगी नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति की पहचान है जिसने वह बदलाव किया।जस्टिस संजय धर की बेंच ने फैसला सुनाया कि जहां पेमेंट रोकने और धारा 138 के तहत कार्यवाही को नाकाम करने के लिए खुद ड्रॉअर द्वारा बदलाव किया जाता है, वहां मुक़दमे को शुरुआती दौर में ही खत्म नहीं किया...
मालवीय नगर चुनाव विवाद: सतीश उपाध्याय की जीत बरकरार, हाइकोर्ट ने खारिज की सोमनाथ भारती की याचिका
दिल्ली हाइकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता और पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती को बड़ा कानूनी झटका दिया। अदालत ने मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती देने वाली भारती की चुनाव याचिका खारिज की।जस्टिस जसमीत सिंह की एकल पीठ ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि याचिका में एक ऐसी गंभीर कानूनी खामी है, जिसे बाद में सुधारा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सतीश उपाध्याय ने सोमनाथ भारती को मात्र 2,131 मतों...
Cash For Query Row: लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ़ मंज़ूरी पर फैसला करने के लिए और समय मांगने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया
भारत के लोकपाल ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ़ कैश फॉर क्वेरी मामले में CBI को चार्जशीट दाखिल करने की मंज़ूरी देने पर फैसला करने के लिए और समय मांगा।बता दें, पिछले साल हाईकोर्ट ने लोकपाल का आदेश रद्द कर दिया था, जिसमें CBI को उनके खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल करने की मंज़ूरी दी गई थी।कोर्ट ने कहा था कि लोकपाल ने लोकपाल अधिनियम के प्रावधानों को समझने में गलती की। इसलिए लोकपाल से एक महीने के भीतर मंज़ूरी के पहलू पर विचार करने का अनुरोध...
दुष्कर्म के मामलों में सुनवाई की समयसीमा 'पीड़ित के न्याय' के लिए, आरोपी को खुद-ब-खुद जमानत मिलने का आधार नहीं: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 309 के तहत दुष्कर्म के मुकदमों को दो महीने में पूरा करने का प्रावधान पीड़िता को 'त्वरित न्याय' दिलाने के लिए बनाया गया। इसे आरोपी द्वारा देरी के आधार पर 'ऑटोमैटिक बेल' (स्वचालित जमानत) पाने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय धर की पीठ ने एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी दो व्यक्तियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।क्या...
IPC की धारा 407: गंतव्य से पहले माल उतारना भी आपराधिक विश्वासघात- जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कानून
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण कानूनी फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी वाहक को माल सुपुर्द किया गया और वह उसे निर्धारित गंतव्य के बजाय रास्ते में ही कहीं और उतार देता है या मार्ग बदल देता है तो यह आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) का अपराध माना जाएगा।जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की पीठ ने कहा कि इस अपराध को स्थापित करने के लिए माल की वास्तविक बिक्री या उसके निपटान को साबित करना अनिवार्य नहीं है।पूरा मामलायह मामला मार्च, 2006 का है जब विदिशा के जिला आपूर्ति अधिकारी ने...
POCSO Act | चोट की रिपोर्ट न होने पर पीड़ित को मुआवज़ा देने से इनकार नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष नियम, 2015 के तहत मुआवज़ा तब दिया जाना चाहिए, जब FIR में प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफ़ेंसेस एक्ट, 2012 (POCSO Act) की धारा 4 के तहत अपराध का ज़िक्र हो। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि चोट की रिपोर्ट में किसी चोट का ज़िक्र नहीं है, मुआवज़ा देने से इनकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस शेखर बी. सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने कहा,“इस स्कीम के तहत पेनिट्रेटिव सेक्शुअल असॉल्ट की शिकार को मुआवज़ा इसलिए नहीं दिया...
बार एसोसिएशन 'राज्य' की श्रेणी में नहीं आते, ये सार्वजनिक कार्य नहीं करते: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' या उसकी संस्था की श्रेणी में नहीं आते हैं।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि बार एसोसिएशनों द्वारा किए जाने वाले कार्य मुख्य रूप से व्यक्तिगत वकीलों के हितों की रक्षा के लिए होते हैं, जिन्हें 'सार्वजनिक कार्य' नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह निर्णय एक महिला वकील की अपील खारिज करते हुए सुनाया, जिसमें उन्होंने अपने चैंबर में वकीलों द्वारा किए गए...
नीरव मोदी और बैंक ऑफ इंडिया विवाद: ब्रिटिश अदालत के अनुरोध पर गवाह के बयान दर्ज करेगा दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने ऐतिहासिक मिसाल पेश करते हुए इंग्लैंड और वेल्स के सुप्रीम कोर्ट (किंग्स बेंच डिवीजन) के उस अनुरोध पर कार्रवाई शुरू की, जिसमें भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी और बैंक ऑफ इंडिया के बीच चल रहे एक कानूनी मामले में भारत में मौजूद गवाह के बयान दर्ज करने की मांग की गई। यह मामला बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नीरव मोदी पर लगाए गए कर्ज न चुकाने के आरोपों से जुड़ा है।जस्टिस सी. हरि शंकर की पीठ इस विषय पर सुनवाई कर रही है, जहां ब्रिटिश अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी अनिमेष बरुआ का साक्ष्य दर्ज...
POCSO Act: उम्र छिपाने और फर्जी आधार के जरिए हुई शादी के मामले में मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने आरोपी को दी जमानत
मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने एक 34 वर्षीय व्यक्ति की जमानत याचिका स्वीकार की, जिस पर अपनी 15 वर्षीय पत्नी के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता के साथ लड़की के परिवार ने धोखाधड़ी की थी और फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से उसकी वास्तविक उम्र को छिपाकर यह विवाह संपन्न कराया गया।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने इस तथ्य पर विशेष ध्यान दिया कि आरोपी ने इस मामले के प्रकाश में आने से पहले ही राजस्थान के बारां जिले में लड़की के परिजनों के विरुद्ध...
अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम: परिवार न होने के आधार पर वयस्क पीड़िता को संरक्षण गृह में नहीं रखा जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट
बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 का उद्देश्य यौन शोषण की शिकार महिलाओं को दंडित करना नहीं है। अदालत ने ऐसी महिला को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, जिसे पुलिस छापे के दौरान बचाया गया लेकिन इस आधार पर जबरन संरक्षण गृह भेज दिया गया कि उसका कोई परिवार या आय का साधन नहीं है।जस्टिस निजामुद्दीन जमादार ने मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें महिला को एक वर्ष के लिए संरक्षण गृह में रखने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी...
'नाता विवाह' को शादी के तौर पर मान्यता: राजस्थान हाईकोर्ट ने मृत सरकारी कर्मचारी की पत्नी को फैमिली पेंशन देने का निर्देश दिया
यह देखते हुए कि राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में नाता विवाह को भी शादी का एक रूप माना जाता है, राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महिला को फैमिली पेंशन देने का निर्देश दिया, जिसने मृत सरकारी कर्मचारी के साथ यह पारंपरिक शादी की थी।बता दें, नाता विवाह राजस्थान के कुछ ग्रामीण इलाकों में प्रचलित एक प्रथा है, जिसमें मौजूदा पति की मौत या उससे अलग होने के बाद महिला किसी दूसरे पुरुष के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट वाले वैवाहिक संबंध में आती है।जस्टिस अशोक कुमार जैन ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत भी "नाता...
SC/ST Act के तहत आरोप साबित करने के लिए सिर्फ़ पीड़ित का बयान ही काफ़ी: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फ़ैसले में कहा कि किसी आरोपी को सिर्फ़ इसलिए बरी नहीं किया जा सकता, क्योंकि गवाहों के बयानों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 2018 (SC/ST Act) की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत अपराध के तत्व सामने नहीं आते हैं।जस्टिस ए. बद्दरुद्दीन ने साफ़ किया कि अगर पीड़ित व्यक्ति का बयान पहली नज़र में अपराध को दिखाता है, तो वह काफ़ी होगा।कोर्ट ने राय दी कि एक अकेले गवाह का सबूत काफ़ी है और अपीलकर्ता की इस दलील को खारिज कर दिया कि वह बरी होने का...
परीक्षा में बैठने का अधिकार जीवन के अधिकार के समान: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पोर्टल की गड़बड़ी के कारण छूटी स्टूडेंट के लिए विशेष परीक्षा का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि परीक्षा में बैठने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में दिए गए मानवीय गरिमा के साथ जीने के अधिकार के समान है।यह कहते हुए कि किसी स्टूडेंट का भविष्य "तकनीकी खामियों" या प्रशासनिक सुस्ती के कारण खतरे में नहीं डाला जा सकता, जस्टिस विवेक सरन की बेंच ने प्रयागराज स्थित यूनिवर्सिटी को B.Sc. की स्टूडेंट के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया, जिसे एडमिट कार्ड नहीं दिया गया, क्योंकि यूनिवर्सिटी पोर्टल उसके एडमिशन रिकॉर्ड को अपडेट नहीं कर पाया।संक्षेप में मामलाराज्जू...
एमपी हाईकोर्ट ने बिना वैलिड पॉल्यूशन क्लीयरेंस के चल रही इंडस्ट्रीज़ के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह बिना वैलिड पॉल्यूशन क्लीयरेंस के चल रही सभी इंडस्ट्रीज़ के खिलाफ तुरंत और मिलकर कार्रवाई सुनिश्चित करें।कोर्ट एक स्थानीय अखबार में छपी खबर के आधार पर दर्ज की गई स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें बताया गया कि 5961 इंडस्ट्रीज़ एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की वैलिड अनुमति के बिना चलाई जा रही हैं।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने कहा,"हमें उम्मीद है कि राज्य इस गंभीर मामले पर तुरंत...
खरीदार को पत्नी के दावे की जानकारी होने पर हिंदू पत्नी पति द्वारा बेची गई प्रॉपर्टी से भरण-पोषण का दावा कर सकती है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट की फुल बेंच ने हाल ही में फैसला सुनाया कि एक हिंदू पत्नी अपने पति की प्रॉपर्टी के मुनाफे से मेंटेनेंस पाने की हकदार है, भले ही प्रॉपर्टी ट्रांसफर हो गई हो, अगर ट्रांसफर मेंटेनेंस के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू होने के बाद किया गया हो या अगर इस बात का सबूत हो कि ट्रांसफर लेने वाले को बिक्री के समय उसके दावे के बारे में पता था।जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन और जस्टिस जी. गिरीश की बेंच ने साफ किया कि ऐसे मामलों में पत्नी के भरण-पोषण के अधिकार को ट्रांसफर...
प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार: स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन न होने पर झारखंड हाइकोर्ट ने JUT-AICTE के खिलाफ CBI जांच के आदेश दिए
झारखंड हाइकोर्ट ने झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JUT) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए CBI जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने तकनीकी स्टूडेंट के पंजीकरण से जुड़े मामले में टिप्पणी की कि यह मामला प्रथम दृष्टया राज्य अधिकारियों द्वारा अपनाए गए भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है, जिसने स्टूडेंट्स के भविष्य को संकट में डाल दिया।जस्टिस राजेश कुमार ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।सुनवाई के दौरान...



















