हाईकोर्ट
राम मंदिर चंदा विवाद: CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इलाहाबाद हाईकोर्ट का इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राम मंदिर चंदा विवाद में कथित वित्तीय अनियमितताओं की CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।अदालत ने कहा कि इसी तरह की मांग वाली एक याचिका पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ वकील मोहित अशोक द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिका में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद, सोना और चांदी के चढ़ावे के कथित गबन की CBI से स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध...
अज्ञात आय के स्रोत से मिली संपत्ति को स्वतः अपराध की कमाई नहीं माना जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल किसी व्यक्ति की संपत्ति का स्रोत अज्ञात होने भर से यह नहीं माना जा सकता कि वह किसी अनुसूचित अपराध से अर्जित 'अपराध की आय' है।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष को यह स्पष्ट रूप से स्थापित करना होगा कि संबंधित संपत्ति किसी अनुसूचित अपराध से प्राप्त हुई।जस्टिस विक्रम डी. चौहान ने यह टिप्पणी यमुना बेसिन में अवैध खनन से जुड़े धन शोधन मामले में एक आरोपी को जमानत देते हुए की।अदालत ने कहा,"किसी व्यक्ति...
हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: ओबीसी आरक्षण के नियमों में दिल्ली सरकार ने फैला दी 'पूरी अव्यवस्था'
दिल्ली हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के नियमों को लेकर दिल्ली सरकार (GNCTD) पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अलग-अलग अधिसूचनाएं, परिपत्र और पत्र जारी कर तथा अस्पष्ट भाषा में विज्ञापन प्रकाशित करके सरकार ने पूरी व्यवस्था में अव्यवस्था पैदा की।अदालत ने कहा कि इस स्थिति में न केवल अभ्यर्थी बल्कि अदालत के लिए भी यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि कोई उम्मीदवार आरक्षण का पात्र है या नहीं। जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा,"यह कहते हुए हमें खेद हो रहा है कि ओबीसी आरक्षण के मामले...
ताजमहल सर्वे की मांग पर केंद्र और ASI से जवाब तलब, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ताजमहल के सर्वे की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका आगरा की अदालत द्वारा ताजमहल का सर्वे कराने के लिए वकील आयुक्त नियुक्त करने से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता हरि शंकर जैन की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।याचिकाकर्ताओं का दावा है कि ताजमहल वास्तव में भगवान शिव को समर्पित प्राचीन...
लालच के कारण हुआ साइबर ठगी का शिकार, हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता से ही वसूली के जांच खर्च का दिया निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक कथित साइबर ठगी मामले में आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि इस तरह के अधिकांश साइबर अपराध लोगों के अधिक मुनाफा कमाने के लालच के कारण सफल होते हैं।अदालत ने मामले में जांच पर हुए खर्च की गणना कर उसे शिकायतकर्ता से वसूलने का भी निर्देश दिया। जस्टिस रवि चिरानिया की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता के लालच के परिणामस्वरूप राज्य की पूरी जांच व्यवस्था को सक्रिय करना पड़ता है। ऐसे में पहली नजर में यदि अपराध अत्यधिक लाभ कमाने की लालसा के कारण...
गुड़ का बर्तन ज़मीन पर रखने पर बहू को डांटना क्रूरता नहीं: झारखंड हाईकोर्ट ने रद्द की सास की सजा
झारखंड हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के तहत दोषी ठहराई गई एक सास की सजा रद्द करते हुए कहा कि केवल गुड़ के शीरे का बर्तन जमीन पर रखने पर बहू को डांटना या अपशब्द कहना अपने आप में क्रूरता नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष धारा 498ए के तहत आवश्यक कानूनी तत्व साबित करने में असफल रहा है।जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने यह फैसला दुमका के चतुर्थ अपर जिला एवं सेशन जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) के उस निर्णय के खिलाफ दायर आपराधिक अपील पर सुनाया, जिसमें सास को धारा 498ए के तहत...
निरीक्षण से पहले नोटिस नहीं देना प्रक्रिया में अनियमितता, अवैधता नहीं; कोई नुकसान न हो तो कार्रवाई वैध: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि स्टांप शुल्क की कमी से जुड़े मामलों में यदि जिला मजिस्ट्रेट बिना संबंधित पक्ष को पूर्व सूचना दिए स्थल निरीक्षण करते हैं, तो यह केवल प्रक्रियात्मक अनियमितता है अवैधता नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि इससे संबंधित पक्ष को कोई वास्तविक नुकसान या पूर्वाग्रह नहीं हुआ है तो केवल इसी आधार पर पूरी कार्रवाई रद्द नहीं की जा सकती।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली, 1997 के नियम 7(3) के तहत कलेक्टर के लिए स्थल निरीक्षण...
2014 के चुनावी भाषण मामले में हेमंत सोरेन को राहत: हाईकोर्ट ने रद्द की आपराधिक कार्यवाही
झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने माना कि छोटानागपुर टेनेंसी (CNT) एक्ट, संथाल परगना टेनेंसी (SPT) एक्ट और श्रम कानूनों में प्रस्तावित बदलावों के बारे में उनकी टिप्पणियां 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की धारा 125 के तहत अपराध की श्रेणी में नहीं आती हैं।जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की सिंगल जज बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आपराधिक कार्यवाही, 16 अगस्त 2017 के संज्ञान लेने वाले आदेश और...
स्टेन स्वामी की कस्टडी में मौत को 5 साल: कोई सबक नहीं सीखा गया, UAPA के गलत प्रयोग पर चिंता बरकरार
भीमा कोरेगांव मामले में कस्टडी के दौरान फादर स्टेन स्वामी की मौत को पांच साल हो चुके हैं। हमें अब भी नहीं पता कि उन्होंने क्या अपराध किया था, सिवाय नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए उन आरोपों के, जिन पर बाद में खुद अदालतों ने कई सह-आरोपियों को ज़मानत देते समय शक और सवाल उठाए।अगर कथित अपराध इतना गंभीर था कि उससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता था, तो उम्मीद की जाती कि मुक़दमे की सुनवाई तेज़ी से होगी। हालांकि, सुनवाई में कोई तेज़ी नहीं दिख रही है; यह बहुत धीमी गति से चल रही...
दिल्ली जिमखाना क्लब खाली करने के 'शो कॉज़ नोटिस' के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा केंद्र से जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा, जो दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्यों और कर्मचारियों ने सफदरजंग रोड स्थित क्लब की जगह खाली करने के लिए जारी 'शो कॉज़ नोटिस' के खिलाफ दायर की थी।जस्टिस अवनीश झिंगन ने 'शो कॉज़ नोटिस' पर रोक लगाने की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया।कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि एस्टेट ऑफिसर के सामने 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई (जो 28 जुलाई को है) के बाद की किसी तारीख...
राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश: नेवता बांध में पानी के बहाव को रोकने वाले कैचमेंट एरिया से तुरंत हटाया जाए अतिक्रमण
राजस्थान हाईकोर्ट ने खतवाड़ा गांव में नालों और कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) पर अतिक्रमण और ज़मीन की हदबंदी के लिए पक्की बाउंड्री वॉल बनाने का गंभीरता से संज्ञान लिया है, जिसके कारण नेवता बांध में पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया है या उसमें बाधा आ रही है।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीजन बेंच ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खतवाड़ा गांव के नालों और कैचमेंट एरिया, तथा रामगढ़ और कूकास के इलाकों से अतिक्रमण और निर्माण को तुरंत हटाएं। हालांकि, इससे पहले संबंधित...
क्या स्पेशल कोर्ट बनने के बावजूद मजिस्ट्रेट NDPS Act के तहत ज़मानत की अर्ज़ी पर फ़ैसला कर सकते हैं? राजस्थान हाईकोर्ट इस पर विचार करेगा
राजस्थान हाईकोर्ट इस सवाल पर विचार करने जा रहा है कि क्या NDPS Act के तहत अपराधों के ट्रायल के लिए धारा 36 और 36A के तहत स्पेशल कोर्ट बनने के बावजूद, किसी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को इन अपराधों के लिए ज़मानत की अर्ज़ी सुनने और उन पर फ़ैसला करने का अधिकार है।ऐसा करते हुए कोर्ट ने बार के सदस्यों से इस मुद्दे पर कोर्ट की मदद करने को कहा है।एक्ट के धारा 36A में यह ज़रूरी किया गया कि NDPS Act के तहत सज़ा-योग्य अपराधों का ट्रायल सिर्फ़ स्पेशल कोर्ट ही कर सकते हैं। एक्ट की धारा 36 में यह प्रावधान है कि...
सिर्फ़ आधार कार्ड पर पता होने से 'पब्लिक प्रीमिसेस एक्ट' के तहत कब्ज़ा साबित नहीं होता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तोड़-फोड़ रोकने से इनकार किया
कलकत्ता हाRकोर्ट ने ब्रुक लेन, गार्डन रीच में रिहायशी क्वार्टरों को गिराने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली रिट याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता न तो उस जगह पर अपना कब्ज़ा साबित कर पाए और न ही वहां रहने का कोई अधिकार दिखा पाए।जस्टिस पार्थ सारथी सेन ने कहा कि 'पब्लिक प्रीमिसेस (अनधिकृत कब्ज़ेदारों को बेदखल करना) एक्ट, 1971' के तहत प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय—जैसे कि नोटिस जारी करना और एस्टेट ऑफिसर के सामने बेदखली की कार्यवाही—तभी लागू होते हैं, जब कोई व्यक्ति पहले यह साबित करे कि वह...
परमानेंट लोक अदालत का यह कहना- 'समझौते की कोशिश की गई लेकिन नाकाम रही', कानूनी रूप से काफी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि परमानेंट लोक अदालत का यह कहना कि 'समझौते की कोशिश की गई लेकिन नाकाम रही', एक सामान्य बात है। हाईकोर्ट के 'मैनेजर, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, बस्ती बनाम परमानेंट लोक अदालत, बस्ती और अन्य' मामले में दिए गए फैसले के अनुसार, यह कानूनी रूप से काफी नहीं है।'मैनेजर, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, बस्ती बनाम परमानेंट लोक अदालत, बस्ती और अन्य' मामले में कोर्ट ने कहा था कि परमानेंट लोक अदालत का काम सबसे पहले पार्टियों के बीच समझौते और निपटारे की कोशिश करना है।...
बिना औपचारिक नियुक्ति के ऊंचे पद का काम करने से कर्मचारी ऊंचे वेतन का हकदार नहीं बनता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई कर्मचारी सिर्फ़ इसलिए ऊंचे पद का वेतन और भत्ते नहीं मांग सकता, क्योंकि उसने उस पद से जुड़े काम किए हैं, जबकि उसकी औपचारिक नियुक्ति नहीं हुई।जस्टिस सी. हरि शंकर और ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने कहा,"अगर किसी खास पद पर काम करने वाले व्यक्ति से उसका एम्प्लॉयर ऊंचे पद का काम करवाता है तो भी बिना किसी औपचारिक आदेश के वह व्यक्ति ऊंचे पद के वेतन का हकदार नहीं हो जाता।" कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी स्थितियों में "समान काम के लिए समान वेतन" का सिद्धांत लागू नहीं...
NDPS Act के तहत 'भांग' को 'कैनाबिस (हेम्प)' की परिभाषा में शामिल नहीं किया गया: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि भांग रखना NDPS Act, 1985 के तहत अपराध नहीं है, क्योंकि इसे एक्ट की धारा 2(iii) के तहत "कैनाबिस (हेम्प)" की कानूनी परिभाषा से बाहर रखा गया। NDPS Act के तहत अपील करने वाले व्यक्ति की सज़ा रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि जब फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने रिपोर्ट दी कि ज़ब्त किया गया पदार्थ भांग था, न कि गांजा, तो सज़ा को बरकरार नहीं रखा जा सकता।जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की सिंगल जज बेंच एक क्रिमिनल अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें NDPS Act की धारा 20(B), 22(B) और...
अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति पर DoE दखल नहीं दे सकता, केवल योग्यता तय कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि सहायता प्राप्त (Aided) अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार संस्थान के प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिक्षा निदेशालय (DoE) केवल नियुक्ति के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और अनुभव निर्धारित कर सकता है, लेकिन इसके अलावा कोई अन्य शर्त या प्रतिबंध नहीं लगा सकता।जस्टिस जसमीत सिंह ने एक सहायता प्राप्त ईसाई अल्पसंख्यक विद्यालय की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अनुच्छेद 30(1) के तहत अल्पसंख्यक...
GST अधिकारी को बदनाम करने और ₹1 करोड़ की उगाही के आरोप में पत्रकार बताने वाले व्यक्ति को अग्रिम जमानत से इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिस पर GST आवेदन खारिज होने के बाद सहायक आयुक्त (GST) को सोशल मीडिया पर बदनाम करने और उनसे ₹1 करोड़ की उगाही करने का आरोप है।जस्टिस रत्नेश कुमार गुप्ता की पीठ ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं। प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि उसने आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अपना GST पंजीकरण कराने का दबाव बनाया और मना किए जाने पर सरकारी अधिकारी को सोशल मीडिया पर झूठी और अपमानजनक खबरें प्रकाशित...
2011 की सीधी नियुक्ति को बाद में कार्यकाल आधारित नहीं बनाया जा सकता: पटना हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय का फैसला रद्द किया
पटना हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत वर्ष 2010 में बनाए गए उपबंध, जिन्हें वर्ष 2017 में अधिसूचित किया गया, उन्हें पूर्व प्रभाव से लागू कर वर्ष 2011 में सीधी भर्ती के जरिए हुई स्थायी नियुक्ति को कार्यकाल आधारित नियुक्ति में नहीं बदला जा सकता। अदालत ने कहा कि जब तक किसी कानून में स्पष्ट रूप से या आवश्यक रूप से पूर्व प्रभाव से लागू होने का प्रावधान न हो, तब तक उसे भविष्य के लिए ही प्रभावी माना जाएगा, विशेषकर तब जब उससे कर्मचारियों के अर्जित सेवा...
गलत जानकारी देना ही मिथ्या प्रस्तुतीकरण नहीं: 45 साल पुरानी हाउसिंग सोसायटी का पंजीकरण रद्द करने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल गलत या अधूरी जानकारी देना अपने आप में 'मिथ्या प्रस्तुतीकरण' नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी सहकारी समिति का पंजीकरण तभी रद्द किया जा सकता है, जब यह साबित हो कि पंजीकरण जानबूझकर धोखा देकर, तथ्य छिपाकर या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया था। बाद की घटनाओं या पंजीकरण से जुड़े किसी कथित त्रुटिपूर्ण निर्णय के आधार पर पंजीकरण रद्द नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप वी. मारणे ने यह फैसला एलीट डायग्नोस्टिक सेंटर प्राइवेट...

















