हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'डेस्टिनी' ई-स्कूटर ट्रेडमार्क विवाद में हीरो मोटोकॉर्प को राहत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता अर्बन ई-बाइक और गैलेक्सी ईवी को अपने उत्पादों के लिए 'DESTINY' ट्रेडमार्क इस्तेमाल करने से रोक दिया है। यह आदेश हीरो मोटोकॉर्प द्वारा दायर एक ट्रेडमार्क उल्लंघन याचिका में दिया गया। जस्टिस तेजस कारिया ने प्रतिवादियों को 'DESTINY+' और 'DESTINY PRO' नामों का उपयोग करने से भी प्रतिबंधित कर दिया।हीरो मोटोकॉर्प, जो कि 'DESTINY', 'DESTINI' और 'DESTINI PRIME' मार्क्स का पूर्व उपयोगकर्ता और पंजीकृत स्वामी होने का दावा करता है, ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाते...
निदेशक को हटाने के लिए बैठक बुलाने से रोकने के लिए मध्यस्थता अधिनियम की धारा 9 के तहत अंतरिम निषेधाज्ञा नहीं दी जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने कहा है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत अंतरिम निषेधाज्ञा किसी निदेशक को हटाने के लिए असाधारण आम बैठक बुलाने से रोकने के लिए नहीं दी जा सकती क्योंकि यह प्रभावी रूप से अंतिम राहत प्रदान करने के समान है और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत किसी कंपनी को प्रदत्त वैधानिक शक्तियों का उल्लंघन करती है। न्यायालय ने कहा कि उसके समक्ष विचारणीय मुख्य मुद्दा यह था कि क्या अधिनियम की धारा 9 के तहत जिला न्यायाधीश...
Order 18 Rule 1 CPC | किराए के भुगतान में चूक के लिए किरायेदार को बेदखल करने की मांग करने वाले मकान मालिक को पहले सबूत पेश करने होंगे: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक किराया नियंत्रण विवाद पर फैसला सुनाते हुए, जहां मकान मालिक ने किराए का भुगतान न करने पर किरायेदार को बेदखल करने की मांग की थी, कहा कि ऐसी स्थिति में मकान मालिक को ही सबसे पहले साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए। ऐसा करते हुए, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता-मकान मालिक द्वारा दायर तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें किरायेदार को बेदखल करने से संबंधित एक चल रहे मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का भार उसके किरायेदारों (प्रतिवादियों) पर डालने की मांग की गई थी।जस्टिस पी सैम कोशी ने अपने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिजीत अय्यर मित्रा से न्यूज़लॉन्ड्री पत्रकारों की याचिका पर जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जो डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की महिला कर्मचारियों ने उनके खिलाफ दाखिल की है। याचिका में मित्रा द्वारा किए गए नए (कथित मानहानिकारक) ट्वीट्स को हटाने की मांग की गई है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरेव ने महिला पत्रकारों द्वारा दायर इस नई अर्जी पर नोटिस जारी किया। पत्रकारों का आरोप है कि मित्रा ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर यौन अपमानजनक पोस्ट किए हैं। कोर्ट ने मित्रा...
NDPS ACT | मुहर कोर्ट में न दिखाने से केस रद्द नहीं होगा: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि NDPS Act के तहत दर्ज मामले को सिर्फ इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता कि बरामद मादक पदार्थ को सील करने में प्रयुक्त मुहर ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं की गई। कोर्ट ने कहा कि जब केस प्रॉपर्टी की सुरक्षित स्थिति और उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न होने के ठोस सबूत मौजूद हों तो सील का न प्रस्तुत होना अभियोजन के खिलाफ नहीं जा सकता।यह मामला 26 सितंबर, 2018 का है, जब पुलिस रात में गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान हिमाचल के एक गांव में पुलिस को एक बोलेरो गाड़ी...
नाबालिग लड़के को 'प्रेरित' कर प्रवेश कराने वाली महिला पर लगेगा यौन उत्पीड़न का आरोप : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कोई महिला किसी नाबालिग लड़के को अपने साथ यौन प्रवेश (Penetration) के लिए प्रेरित या नियंत्रित करती है तो यह कृत्य बाल लैंगिक अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 3 के अंतर्गत भेदनात्मक यौन उत्पीड़न (Penetrative Sexual Assault) माना जाएगा।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने यह कहते हुए 52 वर्षीय महिला के खिलाफ दर्ज POCSO केस रद्द करने से इनकार करते हुए कहा,"धारा 3 की भाषा 'A Person' (कोई भी व्यक्ति) से शुरू होती है, जो जेंडर-न्यूट्रल है। इसका...
अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप बनाई गई नीति के तहत दिव्यांगजन पदोन्नति के बाद भी उसी स्थान पर तैनाती के हकदार: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस स्मिता दास डे की पीठ ने कहा है कि विकलांग व्यक्तियों को पदोन्नति के बाद भी उसी पद पर बने रहने के लिए अनिवार्य बनाने वाली नीति बाध्यकारी है, खासकर जब इसे अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के तहत बनाया गया हो। किसी विकलांग व्यक्ति को ऐसी नीति का लाभ देने से वंचित नहीं किया जा सकता, भले ही वह बाध्यकारी परिस्थितियों में अपनी सेवा वापस लेने की मांग करे। वर्तमान अंतर-न्यायालयीय अपीलें एकल न्यायाधीश के उस आदेश के विरुद्ध दायर की गई हैं, जिसमें याचिकाकर्ता की याचिका...
तलाशी अभियान नहीं चला सकते: गुजरात हाईकोर्ट ने दाहोद में मनरेगा फंड की गड़बड़ी संबंधी जनहित याचिका खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार (17 अगस्त) को दाहोद ज़िले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (MANREGA) के फंड में गड़बड़ी के आरोपों पर दायर जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की दलीलें केवल अनियंत्रित जांच की मांग कर रही हैं, जबकि किसी अधिकारी के खिलाफ प्रत्यक्ष आरोप नहीं लगाए गए।चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस निशा एम. ठाकोर की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,"यह पूरी तरह से भ्रामक जनहित याचिका है, जिसमें केवल सामान्य आरोपों के आधार पर अनिश्चित...
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने Aaj Tak चैनल के खिलाफ मानहानि मामला रद्द करने से किया इनकार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आज तक न्यूज़ चैनल के खिलाफ दर्ज मानहानि मामला रद्द करने से इनकार कर दिया। यह मामला कारोबारी गोपाल कुमार गोयल की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया कि चैनल ने वर्ष 2022 में भाजपा नेता और अभिनेत्री सोनाली फोगाट की हत्या से उनका नाम जोड़ा था।टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें पुलिस को एनसीआर (नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट) दर्ज करने और बाद में चार्जशीट दायर करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा कि शिकायतकर्ता...
हाईकोर्ट ने 14 साल पुरानी कथित घटना में सेवानिवृत्ति लाभों को अनुचित तरीके से रोकने के लिए पंजाब सरकार पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक पूर्व कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से 14 वर्ष पूर्व घटी एक कथित घटना के आधार पर उसके सेवानिवृत्ति लाभों को अनुचित रूप से रोकने के लिए पंजाब सरकार पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया है। यह ध्यान देने योग्य है कि पंजाब सिविल सेवा नियम (इस मामले में लागू), किसी कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने पर रोक लगाते हैं, यदि मामला कार्यवाही शुरू होने की तिथि से चार वर्ष से अधिक पहले घटित किसी घटना से संबंधित हो।जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने...
MSMED Act : मिश्रित SIT कॉन्ट्रैक्ट्स पर लागू नहीं होंगी MSE खरीद अनिवार्यताएं: जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक खरीद नीति के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) को दी गई प्राथमिकता की धाराएं 3 और 11 स्वतः मिश्रित अनुबंधों जैसे सप्लाई, इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग (SIT) प्रोजेक्ट्स, पर लागू नहीं होंगी।जस्टिस वसीम सादिक नर्गल की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यद्यपि नीति प्रावधानों को MSMED Act के तहत वैधानिक मान्यता प्राप्त है, लेकिन उनका अनुप्रयोग व्यवस्थागत है, अनुबंध-विशिष्ट नहीं।अदालत ने कहा,“धाराएं 3 और 11 का उद्देश्य MSEs को सशक्त करना है,...
ICICI Bank के खिलाफ मानहानिपूर्ण बयान और सोशल मीडिया पोस्ट करने से पूर्व ट्रेनी पर रोक : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने ICICI Bank के एक पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर, जिन्हें प्रोबेशन अवधि के दौरान सेवा से हटा दिया गया, उसको बैंक के खिलाफ कोई भी मानहानिपूर्ण बयान या सोशल मीडिया पोस्ट करने से रोक दिया।जस्टिस अमित बंसल ने बैंक की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए पूर्व कर्मचारी से चार हफ्तों में जवाब दाखिल करने को कहा।बैंक ने दलील दी कि प्रोबेशन से निकाले जाने के बाद पूर्व कर्मचारी ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर बैंक के खिलाफ अपमानजनक और मानहानिपूर्ण बयान देने शुरू कर दिए। अब तक 100 से अधिक वीडियो...
मामूली अपराधों के लिए केवल FIR लंबित होना अनुकंपा नियुक्ति से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि FIR का लंबित होना विशेष रूप से छोटे अपराधों के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले से स्वीकृत अनुकंपा नियुक्ति को रोकने का वैध कारण नहीं हो सकता।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा,"जब तक आरोपी के खिलाफ आरोप तय नहीं हो जाते और उसे सक्षम न्यायालय द्वारा दोषी नहीं ठहराया जाता तब तक उसे निर्दोष माना जाता है। यदि ऐसा है तो केवल FIR लंबित होने के आधार पर नियुक्ति से इनकार करना, वह भी छोटे अपराधों के लिए टिकने योग्य नहीं हो सकता।"याचिकाकर्ता के पिता प्रारंभिक शिक्षा विभाग में...
शेयरधारक को दी गई व्यावसायिक अग्रिम राशि, जिसका कंपनी के काम में उपयोग नहीं किया गया, आयकर अधिनियम के तहत डीम्ड लाभांश मानी जाएगी: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि जहां कोई कंपनी अपने किसी शेयरधारक को अग्रिम राशि प्रदान करती है और यह प्रदर्शित नहीं होता कि इस अग्रिम राशि का उपयोग कंपनी के व्यवसाय के लिए किया गया है, वहां आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 2(22)(e) के अंतर्गत उस राशि को लाभांश माना जाएगा। न्यायालय ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने ऐसे अग्रिमों को लाभांश के रूप में जोड़ने को सही ठहराया था।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस संदीप वी मार्ने की खंडपीठ एक निजी कंपनी के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने लीलावती अस्पताल की शिकायत की पुष्टि किए बिना HDFC MD शशिधर जगदीशन को नोटिस जारी करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन को राहत देते हुए एक न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट की ओर से उनके खिलाफ दर्ज एक निजी शिकायत पर उन्हें नोटिस जारी करने के आदेश को रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता ट्रस्ट मुंबई में प्रसिद्ध लीलावती अस्पताल चलाता है। अपनी प्राथमिकी में, ट्रस्ट ने जगदीशन पर पूर्व ट्रस्टी चेतन मेहता से 2.05 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है, ताकि उन्हें वित्तीय सलाह दी जा सके और ट्रस्ट के संचालन पर...
ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में एक्टर विजय को राहत, हाईकोर्ट ने पार्टी के झंडे पर रोक लगाने से इनकार किया
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्री कझगम पार्टी को एक ट्रस्ट के ट्रेडमार्क के कथित उल्लंघन के मामले में पार्टी के झंडे के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग वाली एक याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने वादी के इस दावे को खारिज कर दिया कि विजय की पार्टी द्वारा झंडे का इस्तेमाल कॉपीराइट उल्लंघन, ट्रेडमार्क उल्लंघन और पासिंग ऑफ के समान है। हालांकि, अदालत ने कहा कि ये अस्थायी टिप्पणियां हैं और इस मामले पर सितंबर में विचार किया जाएगा।थोंडाई...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में मुख्य गवाह की क्रॉस एग्जामिनेशन सात हफ़्तों से ज़्यादा समय तक टालने पर निचली अदालत के जज से स्पष्टीकरण मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में मुख्य गवाह की क्रॉस एग्जामिनेशन सात हफ़्तों से ज़्यादा समय तक टालने पर निचली अदालत के न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगा। न्यायालय ने कहा कि इस तरह की अनुचित देरी निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों को कमज़ोर करती है और सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों के विपरीत है।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"मुकदमे की कार्यवाही जिस तरह से चल रही है, वह विनोद कुमार बनाम पंजाब राज्य (2015) और सेल्वामणि बनाम पुलिस निरीक्षक द्वारा राज्य प्रतिनिधि, 2024 में माननीय सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों...
दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद में उपस्थित होने के लिए 4 लाख के जुर्माने के खिलाफ सांसद इंजीनियर राशिद की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने संसद में उपस्थित होने के लिए हिरासत में पैरोल देते समय निचली अदालत द्वारा उन पर लगाए गए जुर्माने को चुनौती दी थी।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया।सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने अदालत को राशिद पर लगाए गए जुर्माने की राशि की गणना का ब्यौरा समझाया।जस्टिस भंभानी ने मौखिक रूप से कहा कि अगर राशिद को...
'निजी कंपनी को 3000 बीघा ज़मीन दे दी गई! क्या ये मज़ाक है?': गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सीमेंट कंपनी को आदिवासी ज़मीन आवंटित करने पर आपत्ति जताई
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम राज्य के दीमा हसाओ क्षेत्र में खनन के उद्देश्य से एक निजी सीमेंट कंपनी (महाबल सीमेंट्स) को लगभग 3000 बीघा ज़मीन दिए जाने पर अपनी आपत्ति जताई है। जस्टिस संजय कुमार मेधी ने मौखिक रूप से कहा, "3000 बीघा! पूरा ज़िला? क्या हो रहा है? 3000 बीघा ज़मीन एक निजी कंपनी को आवंटित? हम जानते हैं कि ज़मीन कितनी बंजर है...3000 बीघा? यह कैसा फ़ैसला है? क्या यह कोई मज़ाक है या कुछ और? आपकी ज़रूरत मुद्दा नहीं है...जनहित मुद्दा है।"सीमेंट कंपनी के वकील ने कहा कि आवंटित ज़मीन सिर्फ़ बंजर...
लाल किले के दो यादगार ट्रायल - बहादुर शाह ज़फ़र से लेकर आज़ाद हिन्द फौज तक
15 अगस्त 1947 को लाल किले के लाहौरी गेट पर तिरंगा फहराया गया था और तब से हर साल, 17वीं सदी का यह स्मारक स्वतंत्रता दिवस समारोहों का स्थल रहा है। लाल किला - जो कभी देशी संप्रभुता का प्रतीक था, भारत की स्वतंत्रता की ओर बढ़ते कदम का ऐतिहासिक प्रतीक है। दिलचस्प बात यह है कि किले का दीवान-ए-ख़ास और दूसरी मंज़िल पर स्थित एक साधारण-सा शयनगृह भी उपनिवेशवादियों द्वारा दो यादगार विजेताओं के ट्रायल के लिए अदालत कक्ष के रूप में चुने गए थे - 1858 में मुग़ल सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र का और 1945 में आज़ाद हिन्द...




















