हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में आसाराम बापू की अस्थायी ज़मानत 3 सितंबर तक बढ़ाई
गुजरात हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में आसाराम बापू की अस्थायी ज़मानत 3 सितंबर तक बढ़ाई

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार (19 अगस्त) को आसाराम बापू की अस्थायी ज़मानत अवधि बढ़ा दी। आसाराम को 2013 के एक बलात्कार मामले में गांधीनगर की एक सत्र अदालत ने दोषी ठहराया था और वे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।कुछ देर तक मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आसाराम बापू की अस्थायी ज़मानत अगली सुनवाई यानी 3 सितंबर तक बढ़ा दी।अदालत ने यह भी देखा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को एक अलग बलात्कार मामले में उनकी ज़मानत याचिका को सूचीबद्ध किया। इस दौरान उनकी मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया था।समाचार...

महाराष्ट्र स्टाम्प एक्ट की धारा 53A(1) के तहत आदेश, प्रमाणपत्र जारी होने की तारीख से 6 साल के भीतर देना होगा: हाईकोर्ट
महाराष्ट्र स्टाम्प एक्ट की धारा 53A(1) के तहत आदेश, प्रमाणपत्र जारी होने की तारीख से 6 साल के भीतर देना होगा: हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि बॉम्बे / महाराष्ट्र स्टाम्प अधिनियम, 1958 की धारा 53 A(1) के तहत एक आदेश धारा 32 के तहत अधिनिर्णय का प्रमाण पत्र जारी करने की तारीख से छह साल की अवधि के भीतर पारित किया जाना चाहिए। इसने फैसला सुनाया कि केवल छह साल के भीतर कार्यवाही शुरू करना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि अंतिम आदेश उसी अवधि के भीतर किया जाना है।जस्टिस जितेंद्र जैन सोनी मोनी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकरण के आदेश को चुनौती दी...

अवैध निर्माण करने वालों से वसूली के लिए अदालत का दुरुपयोग नहीं हो सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
अवैध निर्माण करने वालों से वसूली के लिए अदालत का दुरुपयोग नहीं हो सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई ज़रूरी है, लेकिन अदालत को इस बहाने वसूली का औज़ार नहीं बनने दिया जा सकता। जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर व्यक्तियों से पैसे वसूलना न केवल अनुचित है बल्कि न्याय व्यवस्था का खुला दुरुपयोग भी है।यह टिप्पणी उस याचिका पर आई, जिसमें एक व्यक्ति ने जामिया नगर क्षेत्र में तीन लोगों द्वारा किए जा रहे कथित अवैध निर्माण को रोकने और ध्वस्त करने की माँग की थी।प्रतिवादियों के वकील ने अदालत को...

दिल्ली हाईकोर्ट: बिल्डर एग्रीमेंट से परिवारिक समझौते में तय हिस्सेदारी नहीं बदल सकती
दिल्ली हाईकोर्ट: बिल्डर एग्रीमेंट से परिवारिक समझौते में तय हिस्सेदारी नहीं बदल सकती

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि परिवारिक समझौता जिसके जरिए परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के हिस्से बांटे जाते हैं, उसके लिए रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि यदि परिवार के सदस्य निर्माण के लिए किसी बिल्डर के साथ समझौता करते हैं तो इससे उनकी हिस्सेदारी प्रभावित नहीं होती।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा,“परिवारिक समझौता किसी भी नए अधिकार, शीर्षक या हित का सृजन नहीं करता, बल्कि पहले से मौजूद हिस्सेदारी की पहचान करता है। ऐसे में उसका पंजीकरण...

दिल्ली हाईकोर्ट ने डीयू के LLM स्टूडेंट पर लगे प्रैक्टिस रोक नियम पर मांगा जवाब, BCI को भी नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने डीयू के LLM स्टूडेंट पर लगे प्रैक्टिस रोक नियम पर मांगा जवाब, BCI को भी नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के उस नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि दो वर्षीय LLM कार्यक्रम केवल उन्हीं स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध होगा, जो किसी भी तरह के रोजगार, व्यापार, पेशा या व्यवसाय में संलग्न न हों।जस्टिस विकास महाजन ने इस मामले में यूनिवर्सिटी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से जवाब मांगा और सुनवाई की अगली तारीख 25 सितंबर तय की।यह याचिका 32 स्टूडेंट्स की ओर से दायर की गई, जो 2024–2026 सेशन में फैकल्टी ऑफ लॉ से LLM कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं...

मांफी मांगने पर कोर्ट में गाली-गलौज करने वाले आरोपी अवमानना मामले से हुए बरी, हाईकोर्ट ने कहा- अदालत की भाषा मर्यादित होनी चाहिए
मांफी मांगने पर कोर्ट में गाली-गलौज करने वाले आरोपी अवमानना मामले से हुए बरी, हाईकोर्ट ने कहा- अदालत की भाषा मर्यादित होनी चाहिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना मामले में दो व्यक्तियों को बरी करते हुए कहा कि अदालत में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा चयन या लापरवाही का विषय नहीं बल्कि पूर्णतः मर्यादा से जुड़ा हुआ मुद्दा है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ ने टिप्पणी की,“ऐसे शब्द जो अदालत का अपमान करते हैं या उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, वे केवल संस्था की प्रतिष्ठा को ही नहीं, बल्कि न्याय प्रशासन की पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।”मामला उस समय उठा, जब मजिस्ट्रेट अदालत में सज़ा सुनाने के दौरान आरोपी...

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चैरिटेबल ट्रस्ट की 700 दिन की देरी माफ, कोर्ट बोला- कोई दुर्भावना नहीं थी
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चैरिटेबल ट्रस्ट की 700 दिन की देरी माफ, कोर्ट बोला- कोई दुर्भावना नहीं थी

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट दाख़िल करने में हुई 700 दिन की देरी को माफ कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब संस्था समाजोपयोगी चैरिटेबल गतिविधियां कर रही है। इसके अलावा, देरी में कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं है तो केवल समयसीमा की तकनीकी अड़चन के कारण कर छूट का लाभ नहीं रोका जा सकता।जस्टिस के.आर. श्रीराम और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर कानून ने विलंब को माफ करने के लिए व्यापक विवेकाधिकार दिया है। ऐसे मामलों में संतुलित व...

वकील ने मुवक्किल द्वारा कथित तौर पर अपने नाम पर छोड़ी गई विवादित संपत्ति पर किया दावा, याचिका खारिज
वकील ने मुवक्किल द्वारा कथित तौर पर अपने नाम पर छोड़ी गई विवादित संपत्ति पर किया दावा, याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने वकील द्वारा दायर अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने अपने मुवक्किल द्वारा कथित तौर पर अपने नाम पर छोड़ी गई विवादित संपत्ति पर दावा किया था।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा,“न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को न्यायालय का अधिकारी माना जाता है, जिनसे अपेक्षा की जाती है कि वे न्याय के कार्य को आगे बढ़ाने में न्यायालयों की मदद करें। साथ ही गरीबों, दलितों और वंचितों के लिए न्याय सुनिश्चित करें। प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के कंधों पर संस्था की...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का सख्त आदेश: कैज़ुअल कपड़े पहनकर दफ़्तर आने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, यूनिफॉर्म अनिवार्य
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का सख्त आदेश: कैज़ुअल कपड़े पहनकर दफ़्तर आने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, यूनिफॉर्म अनिवार्य

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने अपने कर्मचारियों को लेकर सख्ती दिखाते हुए निर्देश जारी किया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी, चाहे गज़ेटेड हों या नॉन-गज़ेटेड, दफ़्तर में केवल निर्धारित यूनिफॉर्म में ही आएं और आधिकारिक कार्य इसी परिधान में करें।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (ऑफिशिएटिंग) एम.के. शर्मा ने सर्कुलर में कहा कि कई कर्मचारी और अधिकारी हाल के दिनों में कैज़ुअल कपड़े पहनकर दफ़्तर आ रहे हैं। इस तरह की ढिलाई न केवल अनुशासनहीनता को बढ़ावा देती है बल्कि न्यायालय के सुचारू कामकाज पर भी असर डालती...

INCOME TAX | विंटेज कार की बिक्री से हुई आमदनी टैक्सेबल, अगर व्यक्तिगत उपयोग साबित न हो: बॉम्बे हाईकोर्ट
INCOME TAX | विंटेज कार की बिक्री से हुई आमदनी टैक्सेबल, अगर व्यक्तिगत उपयोग साबित न हो: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि कोई करदाता विंटेज कार बेचता है तो उसकी बिक्री से प्राप्त राशि आयकर के दायरे में आएगी, जब तक कि करदाता यह साबित न कर दे कि कार वास्तव में व्यक्तिगत उपयोग के लिए थी।चीफ जस्टिस अलोक अराधे और जस्टिस संदीप वी. मरने की खंडपीठ ने कहा कि केवल यह तथ्य कि कार का व्यक्तिगत इस्तेमाल संभव है। अपने आप में यह मानने का आधार नहीं हो सकता कि हर कार करदाता की व्यक्तिगत संपत्ति है, इसलिए उसे पूंजीगत संपत्ति से बाहर रखा जा सकता है।मामले में करदाता ने एक विंटेज कार 20,000...

कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच: जस्टिस एएस ओक ने व्यक्त किए अपने विचार
कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच: जस्टिस एएस ओक ने व्यक्त किए अपने विचार

18 अगस्त 2025 को, बॉम्बे हाईकोर्ट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया जब कोल्हापुर में एक पीठ ने कार्य करना शुरू कर दिया। रविवार को भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित उद्घाटन समारोह एक ऐतिहासिक घटना है। मैं बार के उन सभी सदस्यों को बधाई देता हूं जिन्होंने कोल्हापुर में एक पीठ की स्थापना की लगातार वकालत की है।मैं नव स्थापित पीठ की सफलता की कामना करता हूँ और छह जिलों के युवा वकीलों को हाईकोर्ट में वकालत के लिए प्रशिक्षित करने हेतु अपनी सेवाएं प्रदान करना चाहता हूं...

CIRP शुरू होने से लगभग दस साल पहले समाप्त हो चुकी बैंक गारंटी लागू नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट
CIRP शुरू होने से लगभग दस साल पहले समाप्त हो चुकी बैंक गारंटी लागू नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के बाद समाप्त हो चुकी बैंक गारंटी लागू नहीं की जा सकती।जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा,"यह तर्क कि व्यक्तिगत गारंटी CIRP के बाद भी मान्य रहती है, इस मामले में लागू नहीं होता, क्योंकि गारंटी CIRP से पहले ही समाप्त हो चुकी थी। गारंटी की वैधता अवधि के दौरान, निश्चित रूप से विभाग द्वारा कोई दावा दायर नहीं किया गया। यह याचिका गारंटी समाप्त होने के लगभग 10 साल बाद दायर की गई। वह भी एक रिट याचिका के माध्यम से,...

दुर्घटना में अचानक फिसलना भी शामिल, मुआवज़े के लिए दूसरे वाहन की संलिप्तता ज़रूरी नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट
'दुर्घटना' में अचानक फिसलना भी शामिल, मुआवज़े के लिए दूसरे वाहन की संलिप्तता ज़रूरी नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट

एक महत्वपूर्ण आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सड़क दुर्घटना (Accident) के लिए किसी अन्य वाहन की संलिप्तता आवश्यक नहीं है। मोटरसाइकिल के फिसलने या स्किड होने को भी दुर्घटना माना जाएगा और पीड़ितों को मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत मुआवजा पाने का अधिकार होगा।हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए मृत महिला के परिजनों को 7,82,800 रुपये मुआवजा और 7.5% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया। महिला की मौत उस समय हुई थी जब उनकी साड़ी मोटरसाइकिल की चैन में फँस गई, जिससे मोटरसाइकिल फिसल गई और...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने समलैंगिक जोड़े की याचिका पर नोटिस जारी किया, टैक्स छूट में पति/पत्नी की परिभाषा में शामिल करने की माँग
बॉम्बे हाईकोर्ट ने समलैंगिक जोड़े की याचिका पर नोटिस जारी किया, टैक्स छूट में 'पति/पत्नी' की परिभाषा में शामिल करने की माँग

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारत के अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है, जो एक 'समलैंगिक जोड़े' द्वारा दाखिल की गई याचिका पर जारी हुआ है। इस याचिका में आयकर अधिनियम (IT Act) की धारा 56(2)(x) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। यह प्रावधान विषमलैंगिक (heterosexual) दंपतियों के बीच दिए गए उपहारों पर कर छूट देता है।जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौश पूनावाला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से इस याचिका पर रुख स्पष्ट करने को कहा है। यह याचिका पैयो अशीहो और उनके साथी विवेक दीवान ने दायर की है। दोनों ने...

निदेशक को हटाने के लिए बैठक बुलाने से रोकने के लिए मध्यस्थता अधिनियम की धारा 9 के तहत अंतरिम निषेधाज्ञा नहीं दी जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
निदेशक को हटाने के लिए बैठक बुलाने से रोकने के लिए मध्यस्थता अधिनियम की धारा 9 के तहत अंतरिम निषेधाज्ञा नहीं दी जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने कहा है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत अंतरिम निषेधाज्ञा किसी निदेशक को हटाने के लिए असाधारण आम बैठक बुलाने से रोकने के लिए नहीं दी जा सकती क्योंकि यह प्रभावी रूप से अंतिम राहत प्रदान करने के समान है और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत किसी कंपनी को प्रदत्त वैधानिक शक्तियों का उल्लंघन करती है। न्यायालय ने कहा कि उसके समक्ष विचारणीय मुख्य मुद्दा यह था कि क्या अधिनियम की धारा 9 के तहत जिला न्यायाधीश...

Order 18 Rule 1 CPC | किराए के भुगतान में चूक के लिए किरायेदार को बेदखल करने की मांग करने वाले मकान मालिक को पहले सबूत पेश करने होंगे: तेलंगाना हाईकोर्ट
Order 18 Rule 1 CPC | किराए के भुगतान में चूक के लिए किरायेदार को बेदखल करने की मांग करने वाले मकान मालिक को पहले सबूत पेश करने होंगे: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक किराया नियंत्रण विवाद पर फैसला सुनाते हुए, जहां मकान मालिक ने किराए का भुगतान न करने पर किरायेदार को बेदखल करने की मांग की थी, कहा कि ऐसी स्थिति में मकान मालिक को ही सबसे पहले साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए। ऐसा करते हुए, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता-मकान मालिक द्वारा दायर तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें किरायेदार को बेदखल करने से संबंधित एक चल रहे मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का भार उसके किरायेदारों (प्रतिवादियों) पर डालने की मांग की गई थी।जस्टिस पी सैम कोशी ने अपने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिजीत अय्यर मित्रा से न्यूज़लॉन्ड्री पत्रकारों की याचिका पर जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिजीत अय्यर मित्रा से न्यूज़लॉन्ड्री पत्रकारों की याचिका पर जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जो डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की महिला कर्मचारियों ने उनके खिलाफ दाखिल की है। याचिका में मित्रा द्वारा किए गए नए (कथित मानहानिकारक) ट्वीट्स को हटाने की मांग की गई है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरेव ने महिला पत्रकारों द्वारा दायर इस नई अर्जी पर नोटिस जारी किया। पत्रकारों का आरोप है कि मित्रा ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर यौन अपमानजनक पोस्ट किए हैं। कोर्ट ने मित्रा...