संपादकीय
COVID 19 से निपटने के लिए मध्यप्रदेश में विशेष इंतजामों की जरूरत : सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को राज्य के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ निगरानी समिति का गठन करने कर प्रत्येक बीमार व्यक्ति को चिकित्सा सहायता प्रदान करने, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए पर्याप्त संख्या में PPE किट प्रदान करने, दूरस्थ क्षेत्रों में परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने और परीक्षणों की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्रा, मध्य प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा है कि "मध्य प्रदेश कोरोना वायरस से सबसे अधिक...
साक्ष्य अधिनियम: जानिए रेप पीड़िता की गवाही पर अदालत द्वारा कब भरोसा किया जा सकता है?
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 का अध्याय 9, 'साक्षियों के विषय में' प्रावधान करता है। इसके अंतर्गत धारा 118 यह बताती है कि कौन व्यक्ति टेस्टिफाई करने/गवाही देने या साक्ष्य देने में सक्षम है, हालाँकि, इस धारा के अंतर्गत किसी ख़ास वर्ग के व्यक्तियों की सूची नहीं दी गयी है जिन्हें साक्ष्य देने में सक्षम कहा गया हो।गौरतलब है कि इस धारा के अंतर्गत, ऐसी कोई आयु या व्यक्तियों के वर्ग का उल्लेख नहीं किया गया है, जो गवाह के गावही/बयान/साक्ष्य देने की योग्यता के प्रश्न को निर्धारित करते हों। मसलन, यह धारा...
मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराया मांगने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
लॉकडाउन के बीच मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराए की लगातार मांग पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है। दिल्ली के वकील पवन प्रकाश पाठक और कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली के अंतिम वर्ष के एक छात्र अभिजीत द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें केंद्र की उस एडवाइजरी को लागू करने की अनुमति मांगी गई है जिसमें मकान मालिकों को लॉकडाउन अवधि के दौरान किराए का भुगतान करने में विफल सभी मजदूरों और छात्रों को अपने मकान खाली ना कराने के लिए कहा गया है। ...
ज़ूम, स्काइप जैसे विदेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी
आरएसएस के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य ने लॉकडाउन की अवधि के बीच, भारतीय अदालतों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के लिए "विदेशी" सॉफ्टवेयर के उपयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। एक अंतरिम आवेदन के माध्यम से गोविंदाचार्य ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया कि विदेशी सॉफ्टवेयर जैसे कि ज़ूम, व्हाट्सएप, स्काइप, आदि का उपयोग सरकारी डेटा को विदेश में स्थानांतरित करने के लिए जाता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है और इस प्रकार नियम के संरक्षण के लिए पर्याप्त कानूनी और...
COVID लॉकडाउन के दौरान व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने कामगारों को 100 फीसदी वेतन देने के सरकारी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
29 मार्च और 31 मार्च, 2020 के उस सरकारी आदेश (GO) को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों, अनुबंध कर्मचारियों, दिहाड़ी श्रमिकों और अन्य श्रमिकों को पूर्ण वेतन का भुगतान करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं, भले ही कारखाने चालू न हों। "... 29 मार्च, 2020 को सरकार के गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 10 (2XI) के तहत जारी किए गए आदेश N0.40-3 / 2020-DMI (ए) में केवल खंड iii में अतिरिक्त उपाय की सीमित सीमा तक, की...
COVID-19 टेस्ट में नेगेटिव पाए जाने वाले प्रवासी मज़दूरों को अपने गांव जाने की इजाजत मिले : सुप्रीम कोर्ट में याचिका
देश भर में फंसे लाखों प्रवासी कामगारों के मौलिक अधिकार के जीवन के प्रवर्तन के लिए केंद्र और राज्यों को उनके गृहनगर और गांवों में सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता, आईआईएम-अहमदाबाद के पूर्व डीन जगदीप एस छोकर और वकील गौरव जैन ने प्रार्थना की है कि लॉकडाउन के विस्तार के मद्देनज़र, विभिन्न राज्यों में फंसे श्रमिकों को आवश्यक परिवहन सेवाएं प्रदान की जाएं जो अपने घर लौटना चाहते हैं।वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर याचिका में...
केरल हाईकोर्ट ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले वाहनों को निजी बांड पर छोड़ने के दिशानिर्देश दिए
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक सामान्य आदेश पारित किया, जिसमें लॉकडाउन दिशानिर्देशों के उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा जब्त किए गए सभी वाहनों को वाहन मालिक के स्टेशन हाउस ऑफिसर के समक्ष निजी बांड निष्पादन करने और संबंधित दस्तावेज़ जैसे लाइसेंस, आरसी बुक और बीमा प्रमाण पत्र की प्रतियां जमा करने पर वाहन छोड़ने का निर्देश दिया गया। जस्टिस राजा विजयराघवन और जस्टिस टीआर रवि की एक पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में यह नोट करने के बाद कि 24 मार्च के बाद से हजारों वाहनों को जब्त कर लिया गया...
झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत के लिए रखी शर्त-पीएम केयर्स में 35000 रुपए जमा करें और आरोग्य सेतु ऐप डाउन लोड करें
झारखंड हाईकोर्ट ने एक पूर्व सांसद और पांच अन्य को इस शर्त पर जमानत दी है कि वे पीएम केयर्स फंड में 35,000 रुपए जमा करेंगे। साथ ही पैसे जमा करने का प्रमाण भी कोर्ट में पेश करेंगे। जस्टिस अनुभा रावत चौधरी ने अपने आदेश में याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि रिहा होने के तुरंत बाद वे 'आरोग्य सेतु ऐप' डाउनलोड करें और COVID 19 की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। अतिरिक्त लोक अभियोजक राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि छह याचिकाकर्ताओं, भाजपा के पूर्व सांसद...
धारा 165 साक्ष्य अधिनियम: जानिए क्या है गवाहों से प्रश्न पूछने की न्यायाधीश की स्वतंत्र शक्ति?
यदि एक अदालत को न्याय देने में एक प्रभावी साधन के तौर पर उभारना है, तो पीठासीन न्यायाधीश को महज़ एक दर्शक और एक रिकॉर्डिंग मशीन नहीं होना चाहिए कि वह मामले को बस सुने और एक टाइपिस्ट की तरह अपना निर्णय सुना दे।उसे मामले में सत्य का पता लगाने हेतु स्वतंत्र रूप से गवाहों से सवाल करते हुए अपनी बुद्धिमत्ता, सक्रियता एवं रुचि का परिचय देना चाहिए। इसके जरिये न केवल सत्य की जीत होगी, बल्कि न्यायालय, मामले के परीक्षण में स्वयं भागीदार भी बन सकेगा और न्याय विजयी हो सकेगा।यह आम तौर पर कहा भी जाता है कि...
लॉकडाउन : गृह मंत्रालय ने कुछ और गतिविधियों में राहत देते हुए संशोधित आदेश जारी किए
गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान 20 अप्रैल से कुछ गतिविधियों में छूट देने की सूची में कुछ और सेवा और वस्तुओं को जोड़ते हुए इस संदर्भ में संशोधित आदेश जारी किया है। वित्त क्षेत्र में, नॉन-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (NBFC) जिनमें हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFCs) और माइक्रो फाइनेंस इन्सिट्यूएशंस (NBFC-MFI) शामिल हैं, न्यूनतम कर्मचारियों के साथ, और सहकारी साख समितियों को इस सूची में जोड़ा गया है। 15 अप्रैल को प्रकाशित गतिविधियों में दी जाने वाली सूची में बैंकिंग ऑपरेशन पहले से ही शामिल थे। वन...
'लॉकडाउन के बहाने मीडिया कंपनियां कर रही हैं छंटनी और वेतन में कटौती' : नेशनल एलायंस ऑफ जर्नलिस्ट ने दायर की सुप्रीम कोर्ट में याचिका
पत्रकारों की कुछ यूनियन ने उन सभी मीडिया संस्थानों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की है, जिन्होंने देशव्यापी लाॅकडाउन के चलते अपने यहां कर्मचारियों की छंटनी कर दी है या उन पर कम वेतन लेने के लिए दबाव बनाया है। अखबारों के नियोक्ताओं और मीडिया सेक्टर पर आरोप लगाया गया है कि वह अपने कर्मचारियों के प्रति अमानवीय और गैरकानूनी व्यवहार कर रहे हैं। इस याचिका में मांग की गई है कि लाॅकडाउन की घोषणा के बाद ,नौकरी से हटाने के लिए जारी नोटिस ,वेतन कटौती, इस्तीफे के लिए नियोक्ताओं को...
लॉकडाउन उल्लंघन के लिए IPC की धारा188 के तहत दर्ज FIR रद्द करने के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP ने सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका
लॉकडाउन दिशानिर्देशों के कथित उल्लंघन के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट के पंजीकरण को अवैध बताते हुए, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ विक्रम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता ने, थिंक-टैंक सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी एंड सिस्टेमेटिक चेंज (CASC) के अध्यक्ष की क्षमता में, प्रस्तुत किया है कि दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 195 के प्रावधानों और कई न्यायिक मिसालों के अनुसार, IPC की धारा 188 के तहत कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती है।...
COVID-19 के पीड़ितों का असुरक्षित और "ऑफ-लेबल" हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वाइन व एजीथ्रोमाइसीन से करने पर डॉक्टर ने SC में दाखिल की याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर गंभीर रूप से बीमार COVID 19 रोगियों के लिए उपचार दिशानिर्देशों में तत्काल बदलाव करने के लिए अदालत के हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है। डॉ कुणाल साहा द्वारा याचिका दायर की गई है और इसमें कहा गया है कि 31 मार्च, 2020 को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के बाद COVID 19 से पीड़ित गंभीर रोगियों का ICU में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वाइन (HCQ) और एजीथ्रोमाइसीन (AZM) के साथ असुरक्षित और "ऑफ-लेबल" तरीके से इलाज किया जा रहा है जिससे निर्दोष...
बीमा अनुबंध में संशय की स्थिति में छूट के खंड को बीमाकर्ता के खिलाफ माना जाएः सुप्रीम कोर्ट
मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति मामले में दिए एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीमा अनुबंधों में उत्तरदायित्व खंड में छूट की अस्पष्टता को बीमा कंपनी के खिलाफ माना जाए। मामले में जस्टिस आरएफ नरीमन और एस रवींद्र भट की बेंच ने कोंट्रा प्रोफरेंटेम (contra proferentum) सिद्धांत का उपयोग कर फैसला दिया और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की देनदारी को बहाल किया, जिसमें एक मोटर दुर्घटना में लगभग 37.6 लाख रुपए के मुआवजा और ब्याज के भुगतान का आदेश दिया गया। 23 साल पुरानी दुर्घटना...
दिल्ली बार काउंसिल लॉकडाउन के कारण वित्तीय संकट झेल रहे अधिवक्ताओं को पांच-पांच हज़ार रुपए देगी
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) ने घोषणा की है कि वह लॉकडाउन अवधि के दौरान ऐसे अधिवक्ताओं के बैंक खाते में 5000 हज़ार रुपए (प्रत्येक) जमा करवाएगी, जिन्हें राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। यह निर्णय राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण अधिवक्ताओं की आय की हानि के प्रकाश में उन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता को देखते हुए लिया गया। वित्तीय संकट झेल रहे अधिवक्ताओं से काउंसिल ने 2 अप्रैल, 2020 तक ईमेल के माध्यम से आवेदन करने को कहा था। प्रत्येक अधिवक्ता को सर्वसम्मति से निर्णय से...
याचिका में दावा-लॉकडाउन में गंभीर रोगियों की चिकित्सा सेवाओं में कमी, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुए कहा-एक खबर के आधार पर नोटिस नहीं दे सकते
सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका, जिसमें सरकारी दिशानिर्देशों के अप्रभावी कार्यान्वयन की शिकायत की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे नागरिकों को, जिन्हें तत्काल/सुसंगत चिकित्सा की आवश्यकता होती है (जैसे कि कैंसर रोगी और गर्भवती महिलाएं) को मुश्किल उठानी पड़ी थी, को खारिज कर दिया गया है। जस्टिस एनवी रमना, संजय किशन कौल और बीआर गवई की खंडपीठ ने कहा कि एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी नहीं किया जा सकता है, इसलिए जनहित याचिका को खारिज किया जाता है। वरिष्ठ अधिवक्ता सोनिया माथुर याचिकाकर्ता...
COVID-19: सफाईकर्मियों के लिए दिशा- निर्देश मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें ये कहते हुए दिशा-निर्देश मांगे गए थे कि कोरोना के प्रकोप के दौरान देशभर में सफ़ाई कर्मचारियों की समुचित सुरक्षा नहीं की जा रही है और कई राज्यों में वे उचित सुविधाओं के अभाव में मर रहे हैं। न्यायमूर्ति एन वी रमना, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने इस याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता वकील, महमूद प्राचा ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी थी कि सफ़ाई कर्मचारी मर रहे हैं...


















