संपादकीय

[भूमि अधिग्रहण धारा 24] संविधान पीठ का फैसला भ्रामक, अगर कब्जा लिया गया और मुआवजा नहीं दिया तो? सीजेआई ने उठाए सवाल
[भूमि अधिग्रहण धारा 24] "संविधान पीठ का फैसला भ्रामक, अगर कब्जा लिया गया और मुआवजा नहीं दिया तो?" सीजेआई ने उठाए सवाल

यह कहते हुए कि "यह हमारा निर्णय है" और यह कि "सभी विनम्रता के साथ, हम इसे इस तरह नहीं छोड़ सकते हैं", मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने सोमवार को कानून का सवाल उठाया, जिस पर उन्होंने टिप्पणी की, वह स्पष्ट रूप से पांच न्यायाधीशों की पीठ द्वारा 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 24 पर निर्णय है जो 6 मार्च को दिया गया और उसमें उत्तर नहीं दिया गया। "संविधान पीठ के फैसले से भ्रम पैदा होता है, कुछ है जो छोड़ दिया गया ... जहां कोई संपत्ति है जो अधिग्रहित की गई है, लेकिन सरकार ने न तो कब्जा लिया है और...

तोड़फोड़ के पीछे दुर्भावना का आरोप लगाने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ संजय राउत के बयानों की ऑडियो क्लिप चलाई
तोड़फोड़ के पीछे दुर्भावना का आरोप लगाने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ संजय राउत के बयानों की ऑडियो क्लिप चलाई

हिंदी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा मुंबई के सिविल निकाय द्वारा उनकी इमारत में तोड़फोड़ के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई के दौरान, बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को शिवसेना नेता संजय राउत के बयानों की ऑडियो क्लिप चलाई।जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस आर आई छागला की एक बेंच ने कंगना की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ बीरेंद्र सराफ को ऑडियो क्लिप चलाने के लिए कहा। ये कदम सराफ द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बाद उठाया गया कि तोड़फोड़ दुर्भावना के चलते की गई क्योंकि यह महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ रनौत ने...

सुप्रीम कोर्ट ने COVID 19 संक्रमित छात्र को अलग केंद्र पर CLAT 2020 परीक्षा देने के अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने COVID 19 संक्रमित छात्र को अलग केंद्र पर CLAT 2020 परीक्षा देने के अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक COVID 19 संक्रमित एक आवेदक को CLAT 2020 प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दे दी।जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि केवल इच्छुक अभ्यर्थी को, जिसने उक्त तत्काल आवेदन के जर‌िए अदालत से संपर्क किया है, सुविधा का लाभ उठाने और परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। अदालत ने कहा कि आवेदक अधिकारियों को आदेश की एक प्रति देगा ताकि उसे परीक्षा देने दिया जाए।जस्टिस भूषण ने कहा, "समय बहुत कम है। हम निर्देश देंगे कि आपको परीक्षा देने की...

SC ने ऋण स्थगन मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली, SG ने कहा उच्चतम स्तर पर चल रहा विचार, उन्नत स्तर पर है मामला
SC ने ऋण स्थगन मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली, SG ने कहा उच्चतम स्तर पर चल रहा विचार, उन्नत स्तर पर है मामला

सुप्रीम कोर्ट ने COVID -19 के चलते ऋण स्थगन और ब्याज की माफी के विस्तार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई को अगले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। पिछली सुनवाई में केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि अधिस्थगन के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए उच्चतम स्तर की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है , जिसमें अधिस्थगन के दौरान ब्याज, ब्याज पर ब्याज और अन्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई है।"मैं एक माफी के साथ शुरू करना चाहूंगा। मुझे नहीं पता था कि आज अदालत केवल इस मामले के लिए बैठी हैं, या स्थगन पत्र...

National Uniform Public Holiday Policy
"गंभीर अपराधों में चार्जशीट किए गए लोगों को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए": सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें उन व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है जिनके खिलाफ गंभीर अपराधों के तहत आरोप तय किए गए हैं। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में शीर्ष अदालत द्वारा केंद्र और चुनाव आयोग को गंभीर अपराधों में चार्जशीट किए गए व्यक्तियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें कई वर्षों में समितियों द्वारा सुझाए गए विभिन्न सुधारों पर प्रकाश डाला गया है जैसे कि 1974 में जयप्रकाश नारायण...

COVID के मद्देनजर राजनीतिक सभाओं को रोका जाए अन्यथा अदालत को ऐसे कदम  उठाने पड़ेंगे, जो अधिकारी  नहीं उठा कर पा रहे हैं : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
COVID के मद्देनजर राजनीतिक सभाओं को रोका जाए अन्यथा अदालत को ऐसे कदम उठाने पड़ेंगे, जो अधिकारी नहीं उठा कर पा रहे हैं : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर खंडपीठ) ने शुक्रवार (25 सितंबर) को इस तथ्य को स्वीकार किया है कि ग्वालियर जिले में COVID महामारी बढ़ रही है और इससे होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ रही है।न्यायमूर्ति शील नागु और न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने उपरोक्त निष्कर्ष COVID19 के पाॅजिटिव व्यक्तियों की बढ़ती संख्या के आंकड़ों को देखने के बाद निकाला है।न्यायालय ने आगे कहा कि, ''ऐसी स्थिति में यदि कार्यकारी प्राधिकरण केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित प्रतिबंधों...

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म के आधार पर COVID-19 का डेटा या सूचना के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने धर्म के आधार पर COVID-19 का डेटा या सूचना के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को धर्म, जाति, समुदाय और धार्मिक पहचान या धार्मिक समूह व सांप्रदायिक वर्गीकरण के आधार पर सूचना या डेटा के प्रसार पर प्रतिबंध या निषेध के निर्देश जारी करने के लिए दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अधिवक्ता मो इरशाद हनीफ की याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने कहा कि ये याचिका सभी की गरिमा और सम्मान के अधिकार के बारे में है। "बीमारी का कोई धर्म नहीं होता है। मुस्लिम तपेदिक या...

हिंदू विधि भाग 18 : उत्तराधिकार से संबंधित संपत्ति में हिस्सेदारों को अग्रक्रयाधिकार (Peferential Right) प्राप्त होता है
हिंदू विधि भाग 18 : उत्तराधिकार से संबंधित संपत्ति में हिस्सेदारों को अग्रक्रयाधिकार (Peferential Right) प्राप्त होता है

हिंदू विधि के अधीन किसी निर्वसीयती मरने वाले हिंदू व्यक्ति की संपत्ति के सभी वारिसों को संपत्ति में अग्रक्रयाधिकार प्राप्त होता है अर्थात उत्तराधिकार के किसी हिस्से को खरीदने का पहला अधिकार उस संपत्ति के हिस्सेदारों को ही प्राप्त होता है। जहां निर्वसीयती मृत व्यक्ति की अचल संपत्ति अनुसूची के वर्ग -1 ही के दो या दो से अधिक वारिसों पर न्यागत होती है और उनमें से कोई वारिस उत्तराधिकार में प्राप्त संपत्ति या व्यवसाय में अपने हित को अंतरित करना चाहता है, तो अन्य वारिस या वारिसगण को यह अधिमानी विधिक...

वेश्यावृत्ति अपराध नहीं; वयस्क महिला को अपना व्यवसाय चुनने का अधिकार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने 3 यौनकर्मियों को सुधारक संस्था से रिहा करने का आदेश दिया
"वेश्यावृत्ति अपराध नहीं; वयस्क महिला को अपना व्यवसाय चुनने का अधिकार", बॉम्बे हाईकोर्ट ने 3 यौनकर्मियों को सुधारक संस्था से रिहा करने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि वेश्यावृत्ति को इम्मोरल ट्रैफिक (प्र‌िवेंशन) एक्ट, 1956 के तहत अपराध नहीं माना गया है और एक वयस्क महिला को अपना व्यवसाय चुनने का अधिकार है और उसे उसकी सहमति के बिना हिरासत में नहीं लिया जा सकता है, गुरुवार (24 सितंबर) को सुधारात्मक संस्था से 3 यौनकर्मियों को मुक्त कर दिया।ज‌स्टिस पृथ्वीराज के चव्हाण की एकल खंडपीठ 3 यौनकर्मियों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने 19.10.2019 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसे उक्त अधिनियम की धारा 17 (2) के तहत महानगर मजिस्ट्रेट,...

कोई भी व्यक्ति चेहरे पर मास्क के बिना अपने घर के बाहर नहीं दिखना चाहिए : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा,  अगर आज कार्रवाई नहीं की तो हम अपने वंशजों  का सामना करने नहीं कर पाएंगे
''कोई भी व्यक्ति चेहरे पर मास्क के बिना अपने घर के बाहर नहीं दिखना चाहिए'' : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, 'अगर आज कार्रवाई नहीं की तो हम अपने वंशजों का सामना करने नहीं कर पाएंगे'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार (24 सितंबर) को पूरे उत्तर प्रदेश राज्य के लिए एक परमादेश जारी करते हुए कहा है कि ''कोई भी व्यक्ति अपने घर के बाहर चेहरे पर मास्क के बिना नहीं दिखना चाहिए और उसे यह भी ध्यान रखना होगा कि मास्क उसके नाक और मुंह दोनों को ढक रहा हो।'' न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खंडपीठ क्वारंटीन केंद्रों में अमानवीय स्थिति और कोरोना पाॅजिटिव को बेहतर उपचार प्रदान करने के मामले में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। डिवीजन बेंच ने इस मामले को पांच...

[आईपीसी की धारा 120 बी] असम्बद्ध तथ्यों या अलग-अलग स्थानों तथा समयों पर किये गये आचार-व्यवहार के तार्किक लिंक के बिना साजिश की बात नहीं मानी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
[आईपीसी की धारा 120 बी] असम्बद्ध तथ्यों या अलग-अलग स्थानों तथा समयों पर किये गये आचार-व्यवहार के तार्किक लिंक के बिना साजिश की बात नहीं मानी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक आरोपी को जमानत पर रिहा करते हुए कहा है कि असम्बद्ध तथ्यों या अलग-अलग स्थानों तथा समयों पर किये गये आचार-व्यवहार के तार्किक लिंक के बिना साजिश की बात नहीं मानी जा सकती। इस मामले में मोहन नामक अभियुक्त के खिलाफ आरोप था कि वह अपहरण की साजिश में शामिल था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, याचिकाकर्ता मोहन ने एक अन्य अभियुक्त के अनुरोध पर सिम कार्ड खरीद कर दिया था। दूसरे अभियुक्त ने उस सिम का इस्तेमाल अपहरण की घटना को अंजाम देने में किया था। ट्रायल कोर्ट ने मोहन को दोषी ठहराया था, जिसे...

अपमानजनक शब्दों की अभिव्यक्ति मात्र से धारा 124A या 153A आकर्षित नहीं होती है, जम्‍मू व कश्मीर उच्च न्यायालय ने देश, सरकार और सेना के खिलाफ अपमानजनक ‌‌टिप्‍पणी करने के आरोपी पार्षद को जमानत दी
"अपमानजनक शब्दों की अभिव्यक्ति मात्र से धारा 124A या 153A आकर्षित नहीं होती है", जम्‍मू व कश्मीर उच्च न्यायालय ने देश, सरकार और सेना के खिलाफ अपमानजनक ‌‌टिप्‍पणी करने के आरोपी पार्षद को जमानत दी

जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय ने गुरुवार (24 सितंबर) को LAHDC (लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, लेह) के एक निर्वाचित पार्षद को जमानत दे दी, जिस पर देश के नेतृत्व और सशस्त्र बलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप था।ज‌स्ट‌िस संजय धर की खंडपीठ जाकिर हुसैन (लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित LAHDC के पार्षद) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह कहा गया था कि याचिकाकर्ता को 2020 की एफआईआर संख्या 33 के मामले में झूठा फंसाया गया है।बलवंत सिंह और अन्य बनाम पंजाब राज्य में सुप्रीम कोर्ट के...

[ वाहन दुर्घटना मुआवजा] बीमा कंपनी उत्तरदायी नहीं, जब तक कि मालिक ये साबित ना कर दे कि उसने ड्राइवर के लाइसेंस की जांच की या उसे समय पर नवीनीकृत करवाने को कहा था : सुप्रीम कोर्ट
[ वाहन दुर्घटना मुआवजा] बीमा कंपनी उत्तरदायी नहीं, जब तक कि मालिक ये साबित ना कर दे कि उसने ड्राइवर के लाइसेंस की जांच की या उसे समय पर नवीनीकृत करवाने को कहा था : सुप्रीम कोर्ट

जब एक नियोक्ता किसी चालक को नियुक्त करता है, तो उसे यह ध्यान रखना होगा कि उसका कर्मचारी समय के भीतर अपने लाइसेंस को नवीनीकृत करवाए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि अगर चालक ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया, तो बीमा कर्मचारी को तब तक उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता जब तक कि मालिक ये साबित नहीं कर दे कि उसने ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की या उसे निर्देश दिए थे कि ड्राइवर अपने ड्राइविंग लाइसेंस को समाप्ति...

तब्लीगी जमात के सदस्य ऐसी गतिविध‌ियों में शामिल थे, जिससे COVID-19 फैलने की आशंका हो, यह साबित करने के लिए कोई सामग्री नहीं हैः बॉम्‍बे हाईकोर्ट
तब्लीगी जमात के सदस्य ऐसी गतिविध‌ियों में शामिल थे, जिससे COVID-19 फैलने की आशंका हो, यह साबित करने के लिए कोई सामग्री नहीं हैः बॉम्‍बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर बेंच) ने सोमवार (21 सितंबर) को 8 म्यांमार नागरिकों, जिनके खिलाफ तब्लीगी गतिविधियों के लिए एफआईआर दर्ज हुई थी, के खिलाफ दायर एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर दिया और कहा कि "अभियोजन को जारी रखने की अनुमति देने से कुछ भी नहीं होगा बल्‍कि न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा, विशेष रूप से विदेशियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में साक्ष्यों की कमी के कारण।"ज‌स्टिस वीएम देशपांडे और ज‌स्टिस अमित बी बोरकर की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, "यह भी विवादित नहीं है कि उन्हें डॉ...

[CBSE कम्पार्टमेंट परीक्षा ] नए दिशा-निर्देशों में जहां आवश्यक है, वहां प्रोविजनल दाखिले की व्यवस्था : UGC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
[CBSE कम्पार्टमेंट परीक्षा ] नए दिशा-निर्देशों में जहां आवश्यक है, वहां प्रोविजनल दाखिले की व्यवस्था : UGC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने CBSE द्वारा कक्षा XII कम्पार्टमेंट परीक्षा आयोजित करने में देरी को ध्यान में रखते हुए, वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान प्रवेश के लिए दिशानिर्देशों को पहले ही अंतिम रूप दे दिया है। अधिवक्ता अपूर करूप के माध्यम से दायर एक जवाबी हलफनामे में, यह सूचित किया गया है कि कॉलेजों के अंडर-ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के प्रथम वर्ष के लिए सत्र 2020-21 के लिए शैक्षणिक कैलेंडर पर दिशानिर्देशों में COVID-19 महामारी के मद्देनज़र...

पूछताछ आवश्यक नहीं :  केरल हाईकोर्ट ने धार्मिक द्वेष को बढ़ावा देने के आरोपी ईसाई  धर्म प्रचारक को दी अग्रिम ज़मानत
'पूछताछ आवश्यक नहीं' : केरल हाईकोर्ट ने धार्मिक द्वेष को बढ़ावा देने के आरोपी ईसाई धर्म प्रचारक को दी अग्रिम ज़मानत

केरल हाईकोर्ट ने 22 सितंबर (मंगलवार) को धार्मिक द्वेष को बढ़ावा देने के आरोपी ईसाई उपदेशक को अग्रिम जमानत दे दी। न्यायमूर्ति अशोक मेनन की एकल पीठ इस मामले में आवेदक की तरफ से दायर अग्रिम जमानत आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। आवेदक को एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध संख्या 582/2020 में आरोपी बनाया गया था। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए के तहत दंडनीय अपराध का मामला दर्ज किया गया है। अभियोजन पक्ष का मामला अभियोजन का मामला, संक्षेप में यह था कि आवेदक यूट्यूब चैनल के माध्यम से अपने...

[सुदर्शन टीवी  यूपीएससी जिहाद शो] केंद्र सरकार ने चैनल को नोटिस जारी किया, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली
[सुदर्शन टीवी '' यूपीएससी जिहाद "शो] केंद्र सरकार ने चैनल को नोटिस जारी किया, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुदर्शन टीवी मामले में सुनवाई को 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया, ताकि चैनल केंद्र सरकार द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दे सके।शुरुआत में, एडवोकेट कालीश्वरम राज ने हस्तक्षेपकर्ता, एशियानेट के संस्थापक शशि कुमार की ओर से प्रस्तुतियां करने के लिए समय मांगा, जिन्हें उन्होंने "पहले सैटेलाइट चैनल का संस्थापक, एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म का प्रिंसिपल" बताया।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, "अच्छी प्रस्तुतियां सुनने में समय नष्ट नहीं होता है। लेकिन सभी अच्छी चीजों खत्म भी...

जम्मू और कश्मीर के लिए 5 आधिकारिक भाषाओं को लेकर संसद में जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक, 2020 पारित किया गया
जम्मू और कश्मीर के लिए 5 आधिकारिक भाषाओं को लेकर संसद में जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक, 2020 पारित किया गया

राज्यसभा ने बुधवार को कुछ भाषाओं को केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषाओं के रूप में घोषित करने के लिए जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक, 2020 पारित किया। इसे मंगलवार को लोकसभा ने पारित किया था।विधेयक निम्नलिखित भाषाओं को आधिकारिक भाषाओं के रूप में संघ राज्य क्षेत्र के आधिकारिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करने की घोषणा करता है, ऐसी तिथि से जब केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासक सूचित कर सकता है:कश्मीरीडोगरी उर्दू हिन्दी अंग्रेज़ी केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा में कार्य-व्यापार अब इन आधिकारिक भाषाओं में...