संपादकीय
'केवल शासक बदलने का अधिकार अत्याचार के खिलाफ गारंटी नहीं': सीजेआई एनवी रमाना
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना ने बुधवार को कहा कि कुछ वर्षों में केवल एक बार शासक बदलने का अधिकार अत्याचार के खिलाफ गारंटी नहीं है।भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि,"असली में शासन चलाने की शक्ति जनता के पास ही है, यह विचार मानवीय गरिमा और स्वायत्तता की धारणाओं में भी पाए जाते हैं। एक सार्वजनिक विचाए जो तर्कसंगत और उचित दोनों है, को मानवीय गरिमा के एक अंतर्निहित पहलू के रूप में देखा जाना चाहिए और इसलिए कामकाजी लोकतंत्र उचित रूप से आवश्यक है। "सीजेआई ने इस तथ्य का उल्लेख किया कि भारत में अब...
"सुप्रीम कोर्ट का हिस्सा होना गर्व की बात" : जस्टिस अशोक भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में विदाई के दौरान कहा
सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर न्यायमूर्ति अशोक भूषण का आज आखिरी कार्यदिवस था। वह 4 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।परंपरा के मुताबिक, भारत के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में न्यायमूर्ति अशोक भूषण के लिए एक विदाई समारोह आयोजित किया गया था।भारत के अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल, विदाई के लिए सबसे पहले बोले। उन्होंने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय के लिए एक "दुखद दिन" है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने महामारी के दौरान COVID के दौरान प्रवासी श्रमिकों की की पीड़ा को कम करने के निर्देश...
सीए परीक्षा : ऑप्ट-आउट के लिए आर-पीसीआर की जरूरत नहीं, छात्र अपने या परिजन को COVID संबंधी परेशानी होने पर ऑप्ट-आउट विकल्प ले सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) को निर्देश दिया कि वह 5 जुलाई से शुरू होने वाली सीए परीक्षा में उम्मीदवार को "ऑप्ट-आउट" विकल्प दे,जो उसके लिए COVID से संबंधित कठिनाइयों के लिए अपने या परिवार के सदस्य के लिए एक पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे।न्यायालय ने "ऑप्ट-आउट" विकल्प की मांग के लिए आरटी-पीसीआर प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की आईसीएआई की आवश्यकता को भी समाप्त कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा, "हम यह स्पष्ट...
COVID-19 पीड़ितों के परिजन मुआवजे के हकदार; सुप्रीम कोर्ट ने एनडीएमए को 6 सप्ताह के भीतर दिशानिर्देश तैयार करने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का संवैधानिक दायित्व है कि वह COVID-19 महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए मुआवजा की सिफारिश करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करें।कोर्ट ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 12 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय आपदा के पीड़ितों के लिए न्यूनतम राहत की सिफारिश करने के लिए एक वैधानिक दायित्व डालती है। इस तरह की न्यूनतम राहत में धारा 12 (iii) के अनुसार अनुग्रह राशि भी शामिल है।कोर्ट ने केंद्र...
सिर्फ भारत के सुप्रीम कोर्ट में कोई एकल जज द्वारा अंतरिम चरण में पारित प्रक्रियात्मक निर्देश के खिलाफ आ सकता है, यूएस सुप्रीम कोर्ट में ऐसा नहीं होगा
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को टिप्पणी की, "यह केवल भारत के सुप्रीम कोर्ट में होता है कि कोई एकल न्यायाधीश द्वारा अंतरिम चरण में पारित प्रक्रियात्मक निर्देश के खिलाफ आ सकता है। यूएस सुप्रीम कोर्ट में ऐसा नहीं होगा।"ये टिप्पणी दिल्ली उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश द्वारा दिए गए विचार को चुनौती देने के संबंध में थी कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दिग्गज कंपनी मर्क के विभिन्न विंग के बीच ट्रेडमार्क उल्लंघन के लिए एक मुकदमा रिकॉर्ड पर सामग्री के आधार पर तय किया जा सकता है, बिना किसी और...
सेवा में प्रवेश का तरीका दिव्यांग लोगों की पदोन्नति के लिए प्रासंगिक मानदंड नहीं है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीडब्ल्यूडी कोटे के तहत पदोन्नति के लिए सेवा में प्रवेश का तरीका प्रासंगिक मानदंड नहीं है।"भर्ती के स्रोत से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए लेकिन मुख्य बात यह है कि कर्मचारी पदोन्नति के लिए विचार के समय एक पीडब्ल्यूडी है। 1995 का अधिनियम उस व्यक्ति के बीच भेद नहीं करता है जिसने दिव्यांग होने के कारण सेवा में प्रवेश किया हो सकता है और एक व्यक्ति जो सेवा में प्रवेश करने के बाद दिव्यांग हो सकता है, " न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने अपने फैसले...
"अनुच्छेद 21 में जीने के मौलिक अधिकार में भोजन का अधिकार और अन्य बुनियादी आवश्यकताएं शामिल " : सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के दिशानिर्देशों में कहा
संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित जीने के मौलिक अधिकार की व्याख्या मानवीय गरिमा के साथ जीने के अधिकार को शामिल करने के लिए की जा सकती है, जिसमें भोजन का अधिकार और अन्य बुनियादी आवश्यकताएं शामिल हो सकती हैं, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (29 जून 2021) को दिए अपने फैसले में सभी राज्यों को "एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" योजना को लागू करने और प्रवासियों के लिए सामुदायिक रसोई चलाने का निर्देश देते हुए कहा।जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने कहा कि गरीब लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना सभी...
"चुनिंदा" तरीके से चुनौती" : सुप्रीम कोर्ट ने COVID के दौरान सेंट्रल विस्टा का काम ना रोकने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले की पुष्टि की
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसमें COVID महामारी की दूसरी लहर के दौरान सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के काम को रोकने की याचिका खारिज कर दी गई थी।सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के इस विचार से सहमति व्यक्त की कि याचिकाकर्ताओं ने एक परियोजना को "चुनिंदा" तरीके से चुनौती दी थी। पीठ ने कहा,"उच्च न्यायालय का दृष्टिकोण एक संभावित दृष्टिकोण है। आपने एक परियोजना को चुनिंदा रूप से चुनौती दी।"पीठ ने आदेश में कहा,...
सुप्रीम कोर्ट COVID 19 स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई अगले सप्ताह करेगा
सुप्रीम कोर्ट में पिछले शुक्रवार को यूनियन ऑफ़ इंडिया द्वारा COVID 19 स्वत: संज्ञान मामले में अपना हलफनामा दायर करने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह मामले को अगले सप्ताह के बुधवार या गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगा।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ, जो उस पीठ का भी नेतृत्व कर रहै हैं, जो स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहे हैं, उन्होंने मंगलवार को एसजी तुषार मेहता और एमिकस क्यूरी मीनाक्षी अरोड़ा और जयदीप गुप्ता से कुछ मिनटों के लिए अदालत के सामने पेश होने का...
फिरौती के लिए अपहरण : 364 ए के तहत दोषसिद्धि के लिए मौत या चोट पहुंचाने का खतरा साबित करना अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 364 ए के तहत 'फिरौती के लिए अपहरण' के अपराध के लिए किसी व्यक्ति के अपहरण को साबित करना ही पर्याप्त नहीं है। यह भी साबित किया जाना चाहिए कि अपहृत व्यक्ति को मौत या चोट पहुंचाने का खतरा था या अपहरणकर्ता ने अपने आचरण से एक उचित आशंका को जन्म दिया कि ऐसे व्यक्ति को मौत के घाट उतारा जा सकता है।न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ धारा 364 ए आईपीसी (शेख अहमद बनाम तेलंगाना राज्य) के तहत एक व्यक्ति की सजा के खिलाफ दायर आपराधिक...
गंगा में तैरते शव : सुप्रीम कोर्ट ने शवों के अंतिम संस्कार के लिए दिशानिर्देश वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, एनएचआरसी जाने की छूट दी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें उन मृतकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक नीति तैयार करने और दाह संस्कार व एम्बुलेंस सेवाओं के अधिक शुल्क को नियंत्रित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी, जिनकी कोविड-19 से मौत हो गई थी।न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने याचिकाकर्ता को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने की छूट दी है।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता रॉबिन राजू ने अदालत को बताया कि गंगा नदी में शव...
दिव्यांग व्यक्तियों को पदोन्नति में आरक्षण का अधिकार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को भी पदोन्नति में आरक्षण का अधिकार है।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की 2-न्यायाधीशों की पीठ ने केरल उच्च न्यायालय (केरल राज्य बनाम लीसम्मा जोसेफ) के फैसले के खिलाफ केरल राज्य द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला " कल्याणकारी" है और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। फैसले की पूरी कॉपी का इंतजार है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को 3 महीने के भीतर दिव्यांगों के...
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के मेवात में हिंदुओं के कथित जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय द्वारा हरियाणा के जिला मेवात नूंह में हिंदुओं के कथित जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।सीजेआई रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि न्यायालय केवल समाचार पत्रों की रिपोर्ट (रंजना अग्निहोत्री और अन्य बनाम भारत संघ) के आधार पर मामले पर विचार नहीं कर सकता।सीजेआई रमना ने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह से...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत 'अस्थायी निषेधाज्ञा' और 'संपत्ति की कुर्की' के बीच के अंतर को स्पष्ट किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिनांक 22.6.21 के आदेश द्वारा आदेश XXXIX के नियम 1 के तहत 'अस्थायी निषेधाज्ञा (Temporary Injunction)' और सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC),1908 के आदेश XXXVIII के नियम 5 के तहत 'निर्णय से पहले संपत्ति की कुर्की (Attachment of property before judgment)' के आदेश के बीच राहत की प्रकृति में अंतर को विस्तार से समझाया है।न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य ने कहा कि दोनों प्रावधानों का उद्देश्य विवादित संपत्ति को संरक्षित करके याचिकाकर्ता की रक्षा करना है, लेकिन जब संपत्ति की प्रकृति और...
"अदालतों का भार कम करने के लिए लोक अदालतें ऐसे मामलों में आवश्यक हैं, जिन्हें आसानी से निपटाया जा सकता है": जस्टिस यूयू ललित
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यू यू ललित ने COVID-19 महामारी के कारण अदालतों पर पड़े भारी बोझ पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि लोक अदालतें ऐसे मामलों के संबंध में अदालतों पर ऐसे अवांछित बोझ को कम करने के लिए आवश्यक हैं, जिन्हें आसानी से निपटाया जा सकता है।यह टिप्पणी न्यायमूर्ति यू.यू. ललित ने 26 जून, 2021 को राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित "राष्ट्रीय लोक अदालत: चुनौतियां और आगे का रास्ता" पर आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर के वेबिनार के दौरान की।वेबिनार का आयोजन आगामी राष्ट्रीय...
सभी जजों के लिए बढ़े सेवानिवृत्ति की उम्र, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के लिए हो एक समान: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट के 4 पूर्व जज जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण, जस्टिस एमएन वेंकटचलैया, जस्टिस आरसी लाहोटी और जस्टिस आरवी रवींद्रन शनिवार को एक चर्चा में शामिल हुए, जिसका विषय-'कानून और न्याय में दो विसंगतियां- मामलों के निस्तारण में देरी, और प्रौद्योगिकी और कानून था।चर्चा का आयोजन जस्टिस रवींद्रन की किताब "एनोमलीज इन लॉ एंड जस्टिस: राइटिंग रिलेटेड टू लॉ एंड जस्टिस" के विमोचन के अवसर पर किया गया था। किताब का विमोचन चीफ जस्टिस एनवी रमना ने किया। चर्चा का संचालन सीनियर एडवोकेट...
'दूरसंचार मंत्री से अनुरोध किया कि वे दूरसंचार कंपनियों को ग्रामीण क्षेत्रों में वकीलों को निर्बाध इंटरनेट सुविधा प्रदान करने के लिए कहें': सीजेआई एनवी रमाना
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना ने शनिवार को कहा कि उन्होंने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद से अनुरोध किया है कि वे दूरसंचार कंपनियों को ग्रामीण क्षेत्रों में वकीलों को निर्बाध इंटरनेट सुविधा प्रदान करने के लिए कहें ताकि वे अदालतों को संबोधित कर सकें।सीजेआई रमाना के अनुसार विशेष रूप से इंटरनेट के संबंध में तालुका और जिला केंद्रों में कुछ सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं, ताकि वकील वहां जा सकें और सिस्टम का उपयोग कर सकें।सीजेआई ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले को उठाया जाएगा और उनके...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : जानिए सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह
21 जून 2021 से 26 जून 2021 तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़रसुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के फैसले के सूचित करने के बाद परीक्षाओं को रद्द करने की याचिका का निपटारा कियासुप्रीम कोर्ट को आंध्र प्रदेश राज्य सरकार ने शुक्रवार को सूचित किया कि उसने स्थिति की फिर से जांच करने के बाद बारहवीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे द्वारा किए...
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के फैसले के सूचित करने के बाद परीक्षाओं को रद्द करने की याचिका का निपटारा किया
सुप्रीम कोर्ट को आंध्र प्रदेश राज्य सरकार ने शुक्रवार को सूचित किया कि उसने स्थिति की फिर से जांच करने के बाद बारहवीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है।सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे द्वारा किए गए प्रस्तुतीकरण को रिकॉर्ड में लेने के बाद बारहवीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका का निपटारा किया।बेंच ने अपने पहले के निर्देश को भी दोहराया है कि राज्यों को सीबीएसई और आईसीएसई के निर्देशानुसार...
नारदा केस : सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार और कानून मंत्री को हलफनामा दाखिल करने की अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल राज्य, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के कानून मंत्री मलय घटक को निर्देश दिया कि वो इस तरह के हलफनामे पहले दाखिल नहीं करने के कारणों को बताते हुए उच्च न्यायालय के समक्ष आवेदन दें। उन्होंने नारदा मामले में दायर अपने हलफनामे को स्वीकार करने से कलकत्ता उच्च न्यायालय के इनकार को चुनौती दी थी।उन्हें 27 जून को सीबीआई को अग्रिम प्रतियां देने के बाद 28 जून तक आवेदन दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। सीबीआई को आवेदनों का जवाब दाखिल करने की...



















