दिल्ली हाईकोर्ट
आयु में छूट लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित पदों का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट का लाभ लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित (यूआर) पदों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते, भले ही उनके अंक अनारक्षित श्रेणी के चयनित अभ्यर्थियों से अधिक क्यों न हों।यह निर्णय जस्टिस संजीव नरूला ने पारित किया।उक्त मामला एयर ऑथोरिटी द्वारा उत्तरी क्षेत्र में गैर-कार्यकारी संवर्ग की भर्ती से संबंधित था। याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक थे, जिन्होंने दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती...
दिल्ली महिला आयोग में खाली जगहों को भरने के लिए उठाए गए कदमों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग (DCW) के चेयरपर्सन और दूसरे स्टाफ मेंबर्स के खाली पदों को भरने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार का जवाब मांगा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि खाली जगहों को न भरने और आयोग के लिए पर्याप्त स्टाफ न देने का कोई कारण नहीं हो सकता।कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से पूछा कि खाली जगहों को भरने के लिए अधिकारियों ने क्या कदम उठाए।इसने वकील से यह भी पूछा कि आयोग बंद न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए गए।कोर्ट ने कहा,“यह सब क्या...
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुमशुदा लोगों के मामलों में 'ऑम्निबस' राहत की मांग वाली PIL खारिज की, कहा- पुलिसिंग पुलिस पर छोड़ देनी चाहिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिका खारिज की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी से लोगों के लापता होने के हालिया मुद्दे पर “ऑम्निबस” प्रार्थना की मांग की गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता- आनंद लीगल एड फोरम ट्रस्ट को फटकार लगाते हुए कहा कि PIL में इस मुद्दे पर कोई खास उदाहरण या डिटेल्स नहीं हैं।जब ट्रस्ट की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर हैं तो बेंच ने टिप्पणी की:“इसलिए मामले को गंभीरता से लें। सिर्फ इसलिए कि आपको लगता है कि किसी मुद्दे को एक...
सहमति से बने फिजिकल रिलेशनशिप के खराब होने के बाद सहमति को बाद में वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी महिला की दी गई सहमति को बाद में वापस नहीं लिया जा सकता ताकि सहमति से बने रिलेशनशिप को सिर्फ इसलिए क्रिमिनल ऑफेंस में बदला जा सके, क्योंकि रिलेशनशिप टूट गया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि कानून को महिलाओं को असली सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन, ज़बरदस्ती और गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए सतर्क रहना चाहिए। साथ ही उसे अपने प्रोसेस के गलत इस्तेमाल से भी बचना चाहिए।कोर्ट ने कहा,"क्रिमिनल लॉ को ऐसे रिलेशनशिप से होने वाले बदले, दबाव या पर्सनल बदले का ज़रिया बनने की...
पालिका बाज़ार वेंडिंग प्लान को मंज़ूरी देने से पहले दुकानदारों और वेंडरों की बात सुन सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कनॉट प्लेस और पालिका बाज़ार के लिए प्रस्तावित टाउन वेंडिंग प्लान पर आखिरी फ़ैसला लेने से पहले दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के प्रतिनिधियों की बात सुने। इन दोनों को सुप्रीम कोर्ट ने सुधीर मदान और अन्य बनाम MCD और अन्य (2007) में नो-वेंडिंग ज़ोन घोषित किया।यह डेवलपमेंट पालिका बाज़ार शॉपकीपर्स वेलफ़ेयर एसोसिएशन की रिट पिटीशन में आया। इसमें टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) द्वारा किए गए सर्वे, सर्टिफिकेट ऑफ़ वेंडिंग (COVs) जारी करने और नई दिल्ली...
टूथपेस्ट पर ज़रूरी वेज/नॉन-वेज लेबलिंग रिव्यू में: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ से मिलकर फैसला लेने को कहा
रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ की अलग-अलग राय के बी, दिल्ली हाईकोर्ट यह देख रहा है कि क्या टूथपेस्ट और दूसरी टॉयलेटरी पैकेजिंग पर लाल, भूरे या हरे डॉट्स के ज़रिए ज़रूरी वेजिटेरियन/नॉन-वेजिटेरियन लेबलिंग की ज़रूरत को मौजूदा कानून के तहत लागू किया जा सकता है।यह मुद्दा रेकिट बेनकिज़र (इंडिया) लिमिटेड की रिट याचिका में उठा है, जो टूथपेस्ट, साबुन और दूसरी पर्सनल हाइजीन चीज़ें बनाती है।कंपनी ने जून 2014 में लाए गए लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) रूल्स, 2011 के रूल 6(8) में बदलाव को चुनौती दी है, जो मेन...
चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं हो सकते: BCI, टैक्स लॉयर्स एसोसिएशन ने दिल्ली हाईकोर्ट मे बताया
दिल्ली हाईकोर्ट उन रिट याचिका के बैच पर सुनवाई की, जिनमें एक ज़रूरी सवाल उठाया गया कि क्या वे लोग जो एनरोल्ड एडवोकेट नहीं हैं, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट (CAs), कंपनी सेक्रेटरी (CSs) और कॉस्ट अकाउंटेंट शामिल हैं, ट्रिब्यूनल के सामने पेश होकर केस पर बहस कर सकते हैं।यह मुद्दा बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और एसोसिएशन ऑफ टैक्स लॉयर्स द्वारा फाइल की गई याचिका में उठाया गया, जिसमें कहा गया कि एडवोकेट्स एक्ट, 1961 एनरोल्ड एडवोकेट को कोर्ट, ट्रिब्यूनल और दूसरी एडजुडिकेटरी अथॉरिटी के सामने लॉ प्रैक्टिस...
पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए रामदेव पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, एक्स कॉर्प ने कहा- सटायर हटाया नहीं जा सकता
योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक रामदेव ने अपने पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई जस्टिस ज्योति सिंह के समक्ष हुई, जिन्होंने संक्षिप्त सुनवाई के बाद इसे कल के लिए सूचीबद्ध किया।रामदेव की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने पैरवी की। वहीं सोशल मीडिया मंच एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि राजनीतिक टिप्पणी, व्यंग्य, निष्पक्ष टिप्पणी और सार्वजनिक भाषण को व्यक्तित्व अधिकारों के नाम पर हटाने का आदेश नहीं दिया जा...
बार संचालित करने का अधिकार नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार से ऊपर नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि बार या पब चलाने का अधिकार पूर्ण नहीं है और इसे नागरिकों, विशेषकर बच्चों, के शांत, शोर-मुक्त और सुव्यवस्थित वातावरण में रहने के अधिकार के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन स्थित एक बार एवं लाउंज के कथित अनियंत्रित संचालन की शिकायत की गई। याचिकाकर्ता का आरोप था कि बार निर्धारित समय से अधिक देर तक, कभी-कभी तड़के सुबह तक खुला रहता है, जिससे आसपास के निवासियों और आम लोगों को...
अधिक आयु की अभ्यर्थी लंबी पार्ट-टाइम सेवा के आधार पर नियमित नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने निर्णय दिया कि जो अभ्यर्थी निर्धारित कट-ऑफ तिथि पर अधिक आयु (ओवरएज) की हो, वह केवल इस आधार पर नियमित पद पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती कि उसने लंबे समय तक पार्ट-टाइम लाइब्रेरियन के रूप में सेवा दी।जस्टिस संजीव नरूला ने दिल्ली सरकार से सहायता प्राप्त एक विद्यालय में लाइब्रेरियन पद की चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की।याचिकाकर्ता वर्ष 2002 से पार्ट-टाइम लाइब्रेरियन के रूप में कार्यरत थीं। उन्होंने वर्ष 2018 में शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित एक अन्य...
PFI के प्रतिबंधित होने से पहले उसमें नेतृत्व पद संभालना PMLA के तहत अपराध नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि किसी संगठन के प्रतिबंधित होने से पहले उसमें केवल एक नेतृत्व पद (Leadership Position) पर होना स्वतः ही मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का अपराध नहीं बन जाता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक संगठन वैध था तब तक उससे जुड़ा होना किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं बनाता।यह टिप्पणी जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने 'सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया' (SDPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोइद्दीन कुट्टी के. उर्फ एम.के. फैजी को जमानत देते हुए की। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फैजी पर PFI...
पारिवारिक विवाद सार्वजनिक न करें: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर और मंधिरा कपूर को मानहानिपूर्ण बयान देने से रोका
दिल्ली हाइकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर और उनकी ननद मंधिरा कपूर स्मिथ के बीच चल रहे विवाद पर सख्त रुख अपनाया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक या मानहानिपूर्ण बयान देने से रोक दिया।दार्शनिक और मर्यादित आचरण की सलाहमामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस मिनी पुष्करणा ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कपूर परिवार के सदस्यों को गरिमा के साथ आचरण करना चाहिए और सार्वजनिक डोमेन में एक-दूसरे को बदनाम नहीं करना चाहिए।...
NEET-PG 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने कट-ऑफ में कमी को ठहराया वैध, कहा- नीति निर्णय में कोई मनमानी नहीं
दिल्ली हाइकोर्ट ने NEET-PG 2025 की पात्रता कट-ऑफ प्रतिशत में कमी करने का निर्णय बरकरार रखते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि यह निर्णय विचार-विमर्श के बाद लिया गया और इसमें किसी प्रकार की मनमानी या दुर्भावना नहीं पाई गई।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका द्वारा लिए गए प्रशासनिक या नीतिगत निर्णयों की न्यायिक समीक्षा केवल तभी की जा सकती है, जब उनमें स्पष्ट रूप से मनमानी या विकृति हो।अदालत ने कहा,“यह स्थापित विधि है कि...
विज्ञापन में प्रावधान हो तो परीक्षा से पहले न्यूनतम अंक तय कर सकता है भर्ती प्राधिकरण : दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि यदि भर्ती विज्ञापन में इसका स्पष्ट प्रावधान हो तो भर्ती प्राधिकरण चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी संबंधित परीक्षा चरण से पहले न्यूनतम अर्हक अंक निर्धारित कर सकता है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने यह निर्णय याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा-2023 के तहत अनुभाग अधिकारी पद के अभ्यर्थी थे। यह परीक्षा वैज्ञानिक तथा औद्योगिक...
देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम नहीं होने दे सकते: अमृत विल्सन की OCI रद्दीकरण याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली हइकोर्ट ने यूनाइटेड किंगडम स्थित लेखिका और पत्रकार अमृत विल्सन की OCI कार्ड रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।सुनवाई के दौरान जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा,“हम इतने सहिष्णु राज्य नहीं हो सकते कि अपने ही देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलोचना या बदनाम होने की अनुमति दे दें।”अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अमृत विल्सन के संबंध में इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट्स मौजूद हैं, जिनमें उनके कथित भारत-विरोधी...
अपराधी को प्रोबेशन पर रिहा किया जाता है तो सरकारी नौकरी के लिए अयोग्यता खत्म हो जाती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट की धारा 12 के तहत प्रोबेशन पर रिहा करने से सरकारी नौकरी के लिए सज़ा से जुड़ी अयोग्यता खत्म हो जाती है, भले ही सज़ा खुद खत्म न हो।पृष्ठभूमि के तथ्यप्रतिवादी को उसकी पत्नी द्वारा फाइल किए गए केस में IPC की धारा 498A और 406 के तहत दोषी ठहराया गया। उसने सज़ा के खिलाफ अपील फाइल की। हालांकि, अपील के पेंडिंग रहने के दौरान आपसी सहमति से शादी खत्म हो गई। अपील कोर्ट ने सज़ा...
चुनाव उम्मीदवारों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी का ज़रूरी खुलासा करने की मांग वाली याचिका पर विचार करे केंद्र: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से चुनाव उम्मीदवारों द्वारा अपने नॉमिनेशन एफिडेविट में क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स का ज़रूरी खुलासा करने की मांग वाली याचिका पर फैसला करने को कहा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने केंद्र से कहा कि वह छह महीने के अंदर जल्द से जल्द सोच-समझकर फैसला ले।कोर्ट ने वकील दीपांशु साहू की याचिका बंद किया, जिसमें रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 की धारा 75A के तहत एसेट्स की परिभाषा में “वर्चुअल डिजिटल एसेट्स” को शामिल करने और...
समान काम, समान वेतन के लिए योग्यता भी समान होनी चाहिए: दिल्ली हाइकोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 'समान काम के लिए समान वेतन' का सिद्धांत केवल पद या काम की समानता पर आधारित नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि दो कैडरों के बीच शैक्षणिक योग्यता में अंतर है तो उनके वेतन में अंतर को जायज ठहराया जा सकता है।मामले की पृष्ठभूमियह मामला दिल्ली मेडिकल टेक्निकल एम्प्लॉइज एसोसिएशन की ओर से दायर किया गया। एसोसिएशन के लैब टेक्नीशियन, जो नगर निगम (MCD) के अस्पतालों में कार्यरत हैं, केंद्र सरकार के संस्थानों (जैसे AIIMS और NICD) के लैब टेक्नीशियनों के समान 5,000-8,000 रुपये...
कानून किसी भूत को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता: पहचान में संदेह के चलते दिल्ली हाइकोर्ट ने 23 साल बाद डकैती मामले में दोषी को बरी किया
दिल्ली कोर्ट ने डकैती मामले में लगभग 23 वर्ष पहले ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया है। हाइकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान संदेह से परे स्थापित करने में विफल रहा और पहचान परेड (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड) विश्वसनीय नहीं थी।जस्टिस विमल कुमार यादव ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा निरस्त करते हुए कहा कि आपराधिक कानून अनुमान या अनिश्चितता के आधार पर नहीं चल सकता। जब अपराधी की पहचान ही संदेह के घेरे में हो तब दायित्व तय नहीं किया जा सकता।अदालत ने अपने...
नाबालिगों को अपराध का 'हथियार' बनाना बढ़ती समस्या: दिल्ली हाइकोर्ट ने तस्करी मामले में अग्रिम जमानत से किया इनकार
दिल्ली कोर्ट ने महिला को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया, जिस पर एक नाबालिग बच्चे की तस्करी कर उसे अवैध शराब के कारोबार में इस्तेमाल करने का आरोप है। हाइकोर्ट ने कहा कि अपराधों में बच्चों का शोषण कर उन्हें हथियार की तरह उपयोग करना समाज के लिए गंभीर और बढ़ता हुआ खतरा है।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस गिरिश कठपालिया ने टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देना समाज को गलत संदेश देगा। उन्होंने कहा कि हाल के समय में अपराधों के लिए बच्चों के शोषण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कठोर अपराधी...




















