दिल्ली हाईकोर्ट

लिमिटेशन बचाने के लिए ऑब्जेक्शन के तहत याचिका लटकाए रखना सही नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
लिमिटेशन बचाने के लिए ऑब्जेक्शन के तहत याचिका लटकाए रखना 'सही नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन फाइल करने में 281 दिन की देरी को माफ करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि कोई लिटिगेंट याचिका को महीनों तक ऑब्जेक्शन के तहत रहने देने और बाद में टेक्निकल ग्राउंड पर उसे वापस लेने के बाद पहले फाइल करने की तारीख का फायदा नहीं उठा सकता।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन पर विचार कर रही थीं, जो ट्रायल कोर्ट के उस ऑर्डर के खिलाफ फाइल की गई, जिसमें जालसाजी के एक केस में आरोपी को समन भेजने को रद्द कर दिया गया।रिकॉर्ड से पता चला कि याचिकाकर्ता ने...

Unnao Custodial Death: फर्जी कैंसर पर्चियों के आरोप के बीच दिल्ली हाइकोर्ट ने AIIMS से जयदीप सेंगर की स्वास्थ्य जांच कराने को कहा
Unnao Custodial Death: 'फर्जी' कैंसर पर्चियों के आरोप के बीच दिल्ली हाइकोर्ट ने AIIMS से जयदीप सेंगर की स्वास्थ्य जांच कराने को कहा

दिल्ली हाइकोर्ट ने उन्नाव प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मृत्यु मामले में दोषी ठहराए गए जयदीप सिंह सेंगर के स्वास्थ्य की स्वतंत्र जांच के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया। जयदीप सेंगर, उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी कुलदीप सेंगर का भाई है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की खंडपीठ जयदीप सेंगर की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने मेडिकल आधार पर सजा के अंतरिम निलंबन की मांग की।जयदीप सेंगर ने दावा किया कि वह...

सेवा में बने रहे दिव्यांग सैनिकों के आश्रितों को प्राथमिकता-द्वितीय का लाभ नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
सेवा में बने रहे दिव्यांग सैनिकों के आश्रितों को प्राथमिकता-द्वितीय का लाभ नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि सैन्य कार्रवाई के दौरान दिव्यांग हुए किंतु सेवा से बाहर नहीं किए गए और पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले सैनिकों के आश्रितों को रक्षा कोटे में प्राथमिकता-द्वितीय का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे आश्रितों को केवल निम्न श्रेणी की प्राथमिकता में ही माना जाएगा।जस्टिस विकास महाजन ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता-द्वितीय श्रेणी केवल उन सैनिकों के आश्रितों के लिए है, जिन्हें सैन्य सेवा से संबंधित दिव्यांगता के कारण चिकित्सीय बोर्ड की प्रक्रिया के बाद सेवा से पृथक कर दिया...

पहली पत्नी के रहते हुआ विवाह शून्य, उसकी मृत्यु के बाद भी दूसरी पत्नी को फैमिली पेंशन का अधिकार नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
पहली पत्नी के रहते हुआ विवाह शून्य, उसकी मृत्यु के बाद भी दूसरी पत्नी को फैमिली पेंशन का अधिकार नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पुरुष का दूसरा विवाह उसकी पहली शादी के रहते हुआ है तो वह विवाह कानूनन शून्य माना जाएगा। ऐसी दूसरी पत्नी को सेना पेंशन नियमावली 1961 के तहत फैमिली पेंशन का अधिकार नहीं मिलेगा, भले ही बाद में पहली पत्नी का निधन हो जाए।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) की धारा 11 के अनुसार, यदि विवाह के समय पति या पत्नी में से किसी की पूर्व वैध शादी विद्यमान है तो दूसरा विवाह शून्य है।यह...

13 साल तक आरोपी को न पकड़ पाना CBI के बारे में बहुत कुछ कहता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹2 करोड़ के फ्रॉड केस में दी जमानत
13 साल तक आरोपी को न पकड़ पाना CBI के बारे में बहुत कुछ कहता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹2 करोड़ के फ्रॉड केस में दी जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹2 करोड़ के फ्रॉड केस में आरोपी महिला को जमानत दी। साथ ही सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की आलोचना की कि वह उसे लगभग 13 साल तक पकड़ नहीं पाई।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा,“यह बात कि एक बड़ी सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को घोषित अपराधी को पकड़ने में भी 13 साल लग गए, यह आरोपी/एप्लीकेंट को गिरफ्तार करने में उनकी दिलचस्पी या कमी के बारे में बहुत कुछ कहता है।”यह मामला लगभग ₹2 करोड़ के सरकारी ग्रांट के बंटवारे में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है।याचिकाकर्ता फरार हो गया और...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 20-Ft सड़क के गड्ढे में युवक की मौत पर जमानत देने से किया इनकार, कहा- पब्लिक सड़कों को मौत का जाल नहीं बनाया जा सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने 20-Ft सड़क के गड्ढे में युवक की मौत पर जमानत देने से किया इनकार, कहा- 'पब्लिक सड़कों को मौत का जाल नहीं बनाया जा सकता'

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसे मामले में आरोपी कॉन्ट्रैक्टर को अग्रिम जमानत देने से मना किया, जिसमें एक युवक की पब्लिक सड़क पर बिना किसी सावधानी वाले बोर्ड, बैरिकेडिंग या सेफ्टी उपायों के खोदे गए 20-Ft गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। कोर्ट ने कहा कि “पब्लिक सड़कों को मौत का जाल नहीं बनाया जा सकता।”जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा,“मौजूदा मामले के फैक्ट्स और हालात में नरम रवैया अपनाने से उन लोगों की जवाबदेही के प्रति बेपरवाही का एक खतरनाक मैसेज जाएगा, जो पहली नज़र में पब्लिक सड़कों को मौत का जाल बनाते...

न्यायिक रूप से प्रबंधनीय मानक क्या है?: सी. सदानंदन मास्टर के राज्यसभा नामांकन को चुनौती देने वाली PIL पर हाईकोर्ट का सवाल
न्यायिक रूप से प्रबंधनीय मानक क्या है?: सी. सदानंदन मास्टर के राज्यसभा नामांकन को चुनौती देने वाली PIL पर हाईकोर्ट का सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उस जनहित याचिका (PIL) पर सवाल उठाए, जिसमें वरिष्ठ भाजपा नेता सी. सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने को चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप है कि उनके पास कानून के तहत आवश्यक “विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव” का स्पष्ट प्रमाण नहीं है।चीफ़ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने पूछा कि ऐसे मुद्दे का निर्णय करने के लिए क्या कोई न्यायिक रूप से प्रबंधनीय मानक (judicially manageable standard) मौजूद है।सदानंदन मास्टर को पिछले वर्ष 12 जुलाई को...

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक माह के विरोध-प्रदर्शन प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस
दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक माह के विरोध-प्रदर्शन प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके परिसरों में एक माह तक सभी प्रकार के विरोध-प्रदर्शनों और सार्वजनिक बैठकों पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना को चुनौती दी गई है।जस्टिस जस्मीत सिंह ने विश्वविद्यालय के छात्र उदय भदौरिया द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में 17 फरवरी को प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसे यूजीसी के इक्विटी नियमों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों...

BNSS की धारा 187 के तहत पुलिस रिमांड के लिए सिर्फ़ असली कस्टडी गिनी जाएगी, अंतरिम जमानत पर बिताया गया समय नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
BNSS की धारा 187 के तहत पुलिस रिमांड के लिए सिर्फ़ असली कस्टडी गिनी जाएगी, अंतरिम जमानत पर बिताया गया समय नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) की धारा 187 के तहत पुलिस रिमांड की ज़्यादा से ज़्यादा मंज़ूर अवधि की गिनती करने के लिए सिर्फ़ उस समय को गिना जा सकता है, जब कोई आरोपी असल में कस्टडी में होता है और अंतरिम जमानत पर बिताया गया समय कस्टडी नहीं माना जा सकता।जस्टिस प्रतीक जालान ने केरल हाईकोर्ट के फिसल पीजे बनाम केरल राज्य (2025) के फ़ैसले का ज़िक्र किया, जिसमें यह माना गया कि जिस समय के दौरान आरोपी व्यक्ति को टेम्पररी/अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया, उसे कानूनी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वामी रामदेव के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, डीपफेक कंटेंट हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वामी रामदेव के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, डीपफेक कंटेंट हटाने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के फाउंडर रामदेव के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए एक जॉन डो ऑर्डर पास किया।जस्टिस ज्योति सिंह ने कई लोगों, जिनमें अनजान एंटिटीज़ भी शामिल हैं, उनको AI से बने डीपफेक और बिना इजाज़त कमर्शियल लिस्टिंग के ज़रिए उनके नाम, इमेज, आवाज़ और पर्सनैलिटी की दूसरी खूबियों का गलत इस्तेमाल करने से रोका है।रामदेव ने दलील दी थी कि पिछले कई महीनों से उन पर AI से बने डीपफेक वीडियो, छेड़छाड़ की गई तस्वीरों, नकली अकाउंट और मनगढ़ंत एंडोर्समेंट का "अभूतपूर्व और...

सिर्फ़ शादी से मना करना या मैसेज का जवाब न देना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने अग्रिम ज़मानत दी
सिर्फ़ शादी से मना करना या मैसेज का जवाब न देना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने अग्रिम ज़मानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसे व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत दी, जिस पर अपने पुराने पार्टनर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ शादी से मना करना या मैसेज का जवाब न देना इंडियन पैनल कोड, 1860 (IPC) की धारा 306 के तहत उकसाने या उकसाने का मामला नहीं है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि सिर्फ़ एक सुसाइड नोट अपने आप में ज़मानत देने से मना करने के लिए काफ़ी नहीं है, जब तक कि उकसाने का कोई साफ़, नज़दीकी काम न हो।जज ने इस बात पर ज़ोर दिया कि IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत अपराध...

मालदीव में स्नॉर्कलिंग करते समय कथित तौर पर बह गए भारतीय वर्कर के परिवार को कॉन्सुलर एक्सेस दिया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट
मालदीव में स्नॉर्कलिंग करते समय कथित तौर पर बह गए भारतीय वर्कर के परिवार को कॉन्सुलर एक्सेस दिया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह मालदीव गणराज्य में स्नॉर्कलिंग करते समय समुद्र की तेज़ लहरों में बह जाने के बाद कथित तौर पर लापता हुए एक भारतीय वर्कर के परिवार को कॉन्सुलर एक्सेस और कानूनी मदद दे।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने यह निर्देश वर्कर के भाई आफताब खान द्वारा दायर लेटर्स पेटेंट अपील का निपटारा करते हुए दिया, जो मालदीव के एक रिसॉर्ट में शेफ के तौर पर काम करता था।खान 27 जनवरी, 2025 को उस रिसॉर्ट से स्नॉर्कलिंग एक्टिविटी के...

कुंडली न मिलने का बहाना बनाकर शादी से इनकार, जबकि पहले बनाए शारीरिक संबंध और दिए बार-बार आश्वासन BNS की धारा 69 लागू: दिल्ली हाइकोर्ट
कुंडली न मिलने का बहाना बनाकर शादी से इनकार, जबकि पहले बनाए शारीरिक संबंध और दिए बार-बार आश्वासन BNS की धारा 69 लागू: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शादी का बार-बार आश्वासन देकर शारीरिक संबंध स्थापित करता है और बाद में कुंडली न मिलने का हवाला देकर विवाह से इनकार कर देता है तो यह भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध के दायरे में आ सकता है। यह धारा छल या झूठे आश्वासन के माध्यम से स्थापित यौन संबंध को दंडनीय ठहराती है।जस्टिस स्वरना कांता शर्मा ने ऐसे ही एक मामले में आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज की। आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म से संबंधित प्रावधानों के साथ-साथ BNS की धारा 69 के तहत...

सिर्फ़ जुर्म की गंभीरता के आधार पर समय से पहले रिहाई से इनकार नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी उम्रकैद के दोषी को रिहा करने का आदेश दिया
सिर्फ़ जुर्म की गंभीरता के आधार पर समय से पहले रिहाई से इनकार नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी उम्रकैद के दोषी को रिहा करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने डकैती और हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सज़ा पाए बांग्लादेशी नागरिक को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि लागू पॉलिसी के तहत एलिजिबिलिटी लिमिट पार हो जाने के बाद सिर्फ़ जुर्म की गंभीरता ही समय से पहले रिहाई से इनकार करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकती।इस तरह जस्टिस संजीव नरूला ने सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) का फैसला रद्द किया, जिसने लंबे समय तक जेल में रहने और जेल में संतोषजनक व्यवहार के बावजूद समय से पहले रिहाई की उसकी अर्जी खारिज की।बेंच ने कहा, “जुर्म की...

गैग ऑर्डर से प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक नहीं, लेकिन नाबालिग की पहचान की सुरक्षा अनिवार्य: द्वारका SUV हादसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट
गैग ऑर्डर से प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक नहीं, लेकिन नाबालिग की पहचान की सुरक्षा अनिवार्य: द्वारका SUV हादसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को द्वारका में हुए हालिया एसयूवी हादसे से जुड़े 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी की पहचान सार्वजनिक करने पर रोक लगाने का आदेश दिया। इस दुर्घटना में 23 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई थी। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने केंद्र सरकार, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया सहित संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक एफआईआर से संबंधित नाबालिग के रिकॉर्ड या पहचान को चरित्र प्रमाणपत्र या किसी अन्य उद्देश्य से उजागर न किया जाए।यह याचिका नाबालिग के पिता द्वारा दायर की गई थी,...

घर के पास सार्वजनिक मूत्रालय और खुला कूड़ादान अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाइकोर्ट
घर के पास सार्वजनिक मूत्रालय और खुला कूड़ादान अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के घर के ठीक पास सार्वजनिक मूत्रालय और खुला कूड़ादान होना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त गरिमापूर्ण जीवन और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि स्वस्थ जीवन का अभिन्न पहलू स्वच्छ और स्वच्छतापूर्ण वातावरण है। इसके अभाव में व्यक्ति के गरिमा के साथ जीने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।अदालत एडवोकेट रचित गुप्ता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनके घर की पूर्वी दीवार के साथ कथित रूप से अवैध रूप...

पैतृक या विरासत में मिली संपत्ति भी धन शोधन कानून के तहत कुर्क हो सकती है: दिल्ली हाइकोर्ट
पैतृक या विरासत में मिली संपत्ति भी धन शोधन कानून के तहत कुर्क हो सकती है: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पैतृक या विरासत में मिली संपत्तियां भी धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) के तहत कुर्क की जा सकती हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून में ऐसी संपत्तियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडे़जा की खंडपीठ ने अरुण सूरी द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अपील में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पीतमपुरा स्थित एक आवासीय संपत्ति की कुर्की को चुनौती दी गई।यह अपील एक्ट की धारा 42 के तहत उस आदेश के विरुद्ध दायर की गई,...

गृहिणी निष्क्रिय नहीं, घरेलू योगदान के आर्थिक मूल्य को कानून में मान्यता मिलनी चाहिए: दिल्ली हाइकोर्ट
गृहिणी निष्क्रिय नहीं, घरेलू योगदान के आर्थिक मूल्य को कानून में मान्यता मिलनी चाहिए: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि गृहिणी को निष्क्रिय मानना घरेलू योगदान की गलत समझ को दर्शाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि घरेलू संबंधों में पत्नी के योगदान के आर्थिक मूल्य को कानून में मान्यता दी जानी चाहिए।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा,“गृहिणी 'निष्क्रिय नहीं बैठती; वह ऐसा श्रम करती है, जिससे कमाने वाला जीवनसाथी प्रभावी ढंग से काम कर सके। भरण-पोषण के दावों का निर्णय करते समय इस योगदान की अनदेखी करना अवास्तविक और अन्यायपूर्ण होगा।”अदालत ने आगे कहा,“कानून को केवल आय को ही...

हिंसा भड़काए बिना सरकार या पॉलिसी की आलोचना करने पर UAPA नहीं लग सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में बताया गया
हिंसा भड़काए बिना सरकार या पॉलिसी की आलोचना करने पर UAPA नहीं लग सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में बताया गया

सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि हिंसा को बढ़ावा दिए या भड़काए बिना सरकार या उसके पॉलिसी फैसलों की आलोचना करने पर अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट, 1967 (UAPA) नहीं लग सकता।सीनियर वकील ने फाउंडेशन ऑफ़ मीडिया प्रोफेशनल्स की ओर से चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के सामने यह बात कही।फाउंडेशन ने UAPA के तहत अलग-अलग प्रोविज़न की कॉन्स्टिट्यूशनल वैलिडिटी को चुनौती दी, जिसमें कहा गया कि यह कानून एंटी-टेरर कानून के रूप में एक पॉलिटिकल...