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आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पूछा, क्या अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए जारी किया गया सरकारी अनुदान लोन के रूप में दिया जा सकता है?
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पूछा, क्या अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए जारी किया गया सरकारी अनुदान लोन के रूप में दिया जा सकता है?

आंध्र प्रदेश ने वकील समुदाय के कल्याण के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए गए 25 करोड़ रुपए अनुदान के संवितरण के लिए महाधिवक्ता की अध्यक्षता में गठित विशेष समिति को यह विचार करने का निर्देश दिया है कि क्या उक्त राशि को ऋण के रूप में वितरित किया जा सकता है, ब्याज लगाया जा सकता है और पुनर्भुगतान भी प्राप्त किया जा सकता है। एडवोकेट सैयद जियाउद्दीन आंध्र प्रदेश की बार काउंसिल की 10 अगस्त की कार्यवाही को चुनौती दी है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा जारी राशि को जरूरतमंद अधिवक्ताओं को पुनर्भुगतान और ब्याज के...

पैरोल के लिए कोई कैदी एफआईआर के सह-दोषियों के साथ समानता का दावा नहीं कर सकता : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा पुलिस और डीएम की व्यक्तिपरक संतुष्टि ज़रूरी
पैरोल के लिए कोई कैदी एफआईआर के सह-दोषियों के साथ समानता का दावा नहीं कर सकता : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा पुलिस और डीएम की व्यक्तिपरक संतुष्टि ज़रूरी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना है कि " पैरोल पर रिहा होने के लिए कोई कैदी या अपराधी ''एफआईआर में अपने सह-दोषियों के साथ समानता का दावा नहीं कर सकता। क्योंंकि अपराध में प्रत्येक अभियुक्त द्वारा निभाई गई भूमिका एक समान नहीं हो सकती।''न्यायमूर्ति एचएस मदान की पीठ ने कहा कि पैरोल पर विचार करते समय स्वतंत्र रूप से उन अन्य मामलों के अपराधों की प्रकृति और गंभीरता का भी मूल्यांकन किया जाता है, जिनमें ऐसा आरोपी या दोषी शामिल है। ताकि इस बात का निर्धारण किया जा सके कि कहीं ऐसा आरोपी पैरोल पर रिहा...

[एनडीपीएस एक्ट] उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा, निर्धारित 180 दिनों के भीतर आरोपपत्र दायर करना अनिवार्य
[एनडीपीएस एक्ट] उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा, निर्धारित 180 दिनों के भीतर आरोपपत्र दायर करना अनिवार्य

उड़ीसा हाईकोर्ट ने निर्धारित नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ 180 दिनों के भीतर आरोप-पत्र दाखिल करने पर जोर दिया है। जस्टिस एसके पाणिग्रही एनडीपीएस की एक्ट की धारा 20 (बी) (ii) (सी) / 29 के तहत दर्ज एक एफआईआर के मामले में, जिसमें 270 किलो 200 ग्राम गांजा रखने का आरोप था, जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिकाकर्ता को अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ संबंधित सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश की अदालत में 15.04.2019 को भेज दिया गया था। इसके...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नहीं दी मुहर्रम के जुलूसों की अनुमति, कहा-आवश्यक धार्मिक प्रथाओं पर पूर्ण प्रतिबंध, महामारी के अभूतपूर्व संकट के अनुपात में है
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नहीं दी मुहर्रम के जुलूसों की अनुमति, कहा-आवश्यक धार्मिक प्रथाओं पर पूर्ण प्रतिबंध, महामारी के अभूतपूर्व संकट के अनुपात में है'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुहर्रम में ताजियों की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। ज‌स्टिस एसके गुप्ता और ज‌स्टिस शमीम अहमद की खंडपीठ ने शनिवार को याचिकाओं के एक बैच को खारिज़ करते हुए कहा, "भारी मन के साथ कहना पड़ रहा रहा है कि इन कठिन समयों में, मोहर्रम के 10 वें दिन से जुड़े शोक अनुष्ठानों / परंपराओं को विनियमित करने के लिए कोई दिशानिर्देश प्रदान कर पाना और निषेध उठाना संभव नहीं है।" कोर्ट ने कहा कि हम जिस अभूतपूर्व स्थिति का सामना कर रहे हैं, धर्म के लिए आवश्यक प्रथाओं का पूर्ण निषेध, उसी...

शादी में पति व पत्नी की बराबर की भागीदारी, बेहोशी की स्थिति में पति की संरक्षक बनने के लिए पत्नी ही सबसे उपयुक्त : बाॅम्बे हाईकोर्ट
'शादी में पति व पत्नी की बराबर की भागीदारी', बेहोशी की स्थिति में पति की संरक्षक बनने के लिए पत्नी ही सबसे उपयुक्त : बाॅम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि एक शादी में पति और पत्नी समान भागीदार होते हैं। इसलिए बेहोशी ( वेजिटेटिव स्टेज ) में लेटे पति की संरक्षक (गार्जियन) बनने के लिए पत्नी ही सबसे उपयुक्त इंसान होती है। कोर्ट ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह महिला को उसके पति के संरक्षक के तौर पर स्वीकार करें। महिला ने इस मामले में कोर्ट को बताया था कि उसके पति के इलाज पर होने वाला खर्च काफी बढ़ गया है। इसलिए वह अपने पति का पैसा निकालना चाहती थी,परंतु बैंक ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति...

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने वकील, क्लर्क और वादकारियों को आवेदन / याचिका पर टिकट चिपकाने के लिए सलाइवा का इस्तेमाल नहीं करने को कहा
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने वकील, क्लर्क और वादकारियों को आवेदन / याचिका पर टिकट चिपकाने के लिए सलाइवा का इस्तेमाल नहीं करने को कहा

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक नोटिस में कहा है कि वकील, क्लर्क और वादकारियों को आवेदन / याचिका पर कोर्ट फीस के टिकट लगाने/चिपकाने के लिए सलाइवा (लार) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। रजिस्ट्रार जनरल संजीव बेरी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि COVID-19 के प्रसार पर रोक लगाने और न्यायाधीशों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, क्लर्कों और वादकारियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मुख्य न्यायाधीश द्वारा निर्देशित किया गया है। यह नोटिस पिछले हफ्ते 21 अगस्त को जारी किया गया था। मई में जिला और सत्र...

बेंगलुरु दंगा मामले में संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाने/ जांच करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एच के केम्पन्ना को क्लेम कमीश्नर  नियुक्त किया
बेंगलुरु दंगा मामले में संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाने/ जांच करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एच के केम्पन्ना को क्लेम कमीश्नर नियुक्त किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एच एस केम्पन्ना को क्लेम कमीश्नर के रूप में नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 11 अगस्त को डीजे हल्ली और केजी हल्ली पुलिस स्टेशनों की सीमाओं के अंतर्गत संपत्तियों को नष्ट करने के कारण हुए नुकसान का अनुमान लगाने व जांच करने के लिए की गई है। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अशोक एस किन्गी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अदालत के आदेश की वेब होस्टिंग के एक सप्ताह के भीतर एक अधिसूचना जारी करे,जिसमें क्लेम कमीश्नर की...

क्या निजी कार्यक्रम PoSH एक्ट के तहत कार्यस्थल की परिभाषा के अंतर्गत आएगा? सिक्किम हाईकोर्ट जांच करेगा
क्या "निजी कार्यक्रम" PoSH एक्ट के तहत "कार्यस्थल" की परिभाषा के अंतर्गत आएगा? सिक्किम हाईकोर्ट जांच करेगा

सिक्किम हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि वह, जांच करेगा कि क्या "निजी होटल में निजी विवाह समारोह" में हुई यौन उत्पीड़न की घटना "कार्यस्थल" की परिभाषा के अंतर्गत आएगी, जैसा कि यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) कार्यस्थल अधिनियम, 2013 (PoSH अधिनियम) की धारा 2 (ओ) के तहत निर्धारित है। सिक्किम हाईकोर्ट ने कहा, "उक्त अधिनियम में" कार्यस्थल "शब्द की परिभाषा की जांच करने के बाद, ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता के पास अधिकार क्षेत्र पर एक मजबूत तर्कपूर्ण बिंदु है या इसकी कमी है। क्या" कार्यस्थल "की...

सीआरपीसी के तहत ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं है जहां एक जवाबी मामले की प्रकृति में एक शिकायत को लंबित प्राथमिकी के साथ जोड़ा जा सके: त्रिपुरा हाईकोर्ट
सीआरपीसी के तहत ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं है जहां एक जवाबी मामले की प्रकृति में एक शिकायत को लंबित प्राथमिकी के साथ जोड़ा जा सके: त्रिपुरा हाईकोर्ट

त्रिपुरा हाईकोर्ट (मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी की बेंच) ने गुरूवार (20 अगस्त) को यह साफ़ किया है कि सीआरपीसी के तहत ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं है जहां एक जवाबी मामले (Counter-case) की प्रकृति में एक शिकायत को उसी मामले से संबंधित, एक लंबित प्राथमिकी (FIR) के साथ जोड़ा जा सके। मामले की पृष्ठभूमि याचिकाकर्ता एक राजनीतिक संगठन की सदस्य है। उसके अनुसार उसने 'गणतन्त्रिक नारी समिति' द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन में भाग लिया था, जो 1 जून, 2020 को मेलारमथ कालीबाड़ी के पास एच. जी. बसाक रोड पर हुआ था। ...

मोटर बीमा पॉलिसी का दावा PUC प्रमाणपत्र न होने के कारण खारिज नहीं किया जा सकता :  IRDAI (प्रेस रिलीज़)
मोटर बीमा पॉलिसी का दावा PUC प्रमाणपत्र न होने के कारण खारिज नहीं किया जा सकता : IRDAI (प्रेस रिलीज़)

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है कि मोटर बीमा पॉलिसी के तहत किसी भी दावे को अस्वीकार करने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण [PUC] प्रमाण पत्र नहीं होना कोई वैध कारण नहीं है। यह स्पष्टीकरण कुछ भ्रामक मीडिया रिपोर्टों [सोशल मीडिया पोस्ट सहित] के मद्देनज़र एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जारी किया गया है। भ्रामक रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अगर दुर्घटना के समय कोई वैध पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं है, तो मोटर बीमा पॉलिसी के तहत दावा देय नहीं है। IRDAI ने 20...

पति को बताए बिना भारी ब्याज पर पैसा उधार लेना, जिसके कारण पति को धमकियं मिलीं, क्रेडिट पर गहने और कपड़े  इत्यादि ख़रीदना क्रूरता: उत्तराखंंड हाईकोर्ट
पति को बताए बिना भारी ब्याज पर पैसा उधार लेना, जिसके कारण पति को धमकियं मिलीं, क्रेडिट पर गहने और कपड़े इत्यादि ख़रीदना 'क्रूरता': उत्तराखंंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 24 अगस्त को सुनाये एक फैसले में यह साफ़ किया कि अपने पति को सूचित किए बिना, कई व्यक्तियों से ब्याज पर पैसा उधार लेना, क्रेडिट पर खरीदारी करना, अपने घर से गहने और कीमती सामान चोरी करना अपने पति के खिलाफ कई आरोप लगाना, यह सभी हरकतें क्रूरता (Cruelty) की श्रेणी में आएँगी। न्यायमूर्ति नारायण सिंह धनिक एवं न्यायमूर्ति रवि मलिमथ ने यह फैसला उस मामले में सुनाया जहाँ प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, देहरादून द्वारा 7-12-2016 में मुकदमा संख्या 446/2014 में पारित आदेश को अपील में...

National Uniform Public Holiday Policy
अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने और उसमें केंद्र और राज्‍य सरकार के सुन्नी सदस्यों को नामित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) में केंद्र सरकार को अयोध्या में म‌स्जिद निर्माण के लिए एक ट्रस्ट, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के सुन्नी मुस्लिम समुदाय से संबंधित सदस्य शामिल हों, बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। एडवोकेट शिशिर चतुर्वेदी और करुणेश कुमार शुक्ला द्वारा दायर याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया है कि केंद्र सरकार को अयोध्या भूमि विवाद मामले में आए फैसले, जिसमें सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को एक मस्जिद के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी, के प्रभावी...

वर्चुअल हियरिंग का स्क्रीनशॉट लेना वास्तविक कोर्ट रूम की फोटो क्लिक करने के  समान : कलकत्ता हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की
"वर्चुअल हियरिंग का स्क्रीनशॉट लेना वास्तविक कोर्ट रूम की फोटो क्लिक करने के समान" : कलकत्ता हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की

हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना है कि वुर्चअल कोर्ट की कार्यवाही का स्क्रीनशॉट लेना, वास्तविक अदालत की कार्यवाही की तस्वीर क्लिक करने के समान है। न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने एक एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के खिलाफ स्वत संज्ञान लेते हुए अवमानना की कार्रवाई शुरू की है क्योंकि इस वकील ने वर्चुअल कोर्ट हियरिंग का स्क्रीनशॉट LinkedIn पोस्ट कर दिया था। यह स्क्रीनशॉट उस दिन की हियरिंग का लिया गया था ,जब एकल न्यायाधीश ने शपथ पत्र मांगते हुए एक अनुकूल अंतरिम आदेश पारित किया था। स्क्रीनशॉट के साथ...

पछतावा व्यक्त करना तो सिर्फ अपने बुरे आचरण के परिणाम से बचने का एक तरीका  है : गुजरात हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने  यतिन ओझा की बिना शर्त माफी को किया खारिज
'पछतावा व्यक्त करना तो सिर्फ अपने बुरे आचरण के परिणाम से बचने का एक तरीका है' : गुजरात हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने यतिन ओझा की बिना शर्त माफी को किया खारिज

गुजरात हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने 23 अगस्त को हुई बैठक में प्रस्ताव पास करते हुए कहा है कि-''फुल कोर्ट इस बात से पूरी तरह आश्वस्त है और दृढ़ता से मानती है कि श्री ओझा द्वारा पूर्व में इंगित की गई माफी और आज मांगी गई माफी में कोई नेकनीयती शामिल नहीं है और यह एक कागजी माफी से अधिक कुछ भी नहीं है।'' फुल कोर्ट ने अधिवक्ता यतिन ओझा की माफी को खारिज करने का फैसला किया है। ओझा ने उनके खिलाफ शुरू हुई अवमानना की कार्यवाही और वरिष्ठ पद से हटाने के बाद यह माफी मांगी थी। फुल कोर्ट ने कहा कि ओझा के शब्दों...