मुख्य सुर्खियां
दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की रिहाई की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें न सिर्फ किसानों को बल्कि सभी व्यक्तियों को रिहा करने की मांग की गई है, जिन्हें कथित तौर पर 26 जनवरी को या उसके बाद राजधानी दिल्ली में आयोजित किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है। याचिकाकर्ता जो कानून के छात्र है, उसने अधिवक्ता आशिमा मंडला और एडवोकेट मंदाकिनी सिंह के माध्यम से याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की गिरफ्तारी भारत के संविधान के अनुच्छेद 14,...
हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई विधवा, पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार है क्योंकि यह मामला पति की मौत से संबंधित नहीं है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते फैसला सुनाया कि एक विधवा को पारिवारिक पेंशन, उसके दोष (हत्या के अपराध के लिए) वजह से देने से इनकार नहीं किया जा सकता है, जो उसके पति की मृत्यु से संबंधित नहीं है।न्यायमूर्ति जी.एस.संधवलिया की खंडपीठ बलजिंदर कौर के मामले की सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने हरियाणा राज्य प्राधिकरणों द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी। राज्य प्राधिकरण द्वारा कौर की ओर से मांग की गई (ए) मासिक वित्तीय सहायता और (बी) परिवार पेंशन के बकाया के अनुदान को खारिज कर दिया गया था।मामले के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने आज तक, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और केंद्र सरकार को गणतंत्र दिवस पर किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भ्रामक रिपोर्टिंग के आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को यानी आज पूर्व सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा की न्यूज चैनल आजतक, प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया और केंद्र पर भ्रामक रिपोर्टिंग के आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि चैनल द्वारा एक वीडियो रिपोर्ट में दिखाए जा रहे हैं किसानों के विरोध प्रदर्शन को "मनगढ़ंत कहानी" के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें भ्रामक तरीके से बताया जा रहा है, "विरोध का तथ्यों से कोई लेना-देना नहीं है।" गणतंत्र दिवस, 2021 पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर चैनल द्वारा...
परोक्ष रूप से भी बलात्कार पीड़िता की पहचान का खुलासा करने से बचने के लिए सावधानी बरतेंः बाॅम्बे हाईकोर्ट ने मीडिया, जनता और न्यायालयों के लिए निर्देश जारी किए
बाॅम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद पीठ) ने हाल ही में प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व आम जनता के लिए कुछ अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए ताकि सोशल मीडिया का उपयोग करके बलात्कार पीड़िता से संबंधित ऐसी जानकारियों को प्रकाशित करने से रोका जा सके,जो ''प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से'' उसकी पहचान का खुलासा कर देती हैं। न्यायमूर्ति टी वी नलवाडे और न्यायमूर्ति एम जी सेवलीकर की खंडपीठ एक संगीता (एक बलात्कार पीड़िता की माँ) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने मांग की थी कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को निर्देश...
धारा 377 आईपीसी और पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के खिलाफ हुए अपराधों के मामले को पक्ष आपस में समझौता करके खत्म नहीं कर सकतेःदिल्ली उच्च न्यायालय
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि अदालत केवल इस आधार पर एफआईआर को रद्द करने की अनुमति नहीं दे सकती है कि पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है, जबकि एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराधों से संबंधित है।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने पटेल नगर थाने में आईपीसी की धारा 377, पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत दर्ज एफआईआर, जिसे धारा 482 सीआरपीसी के तहत रद्द करने की प्रार्थना की गई थी, को रद्द करने से इनकार कर दिया।आईपीसी की धारा 377 के तहत...
धारा 41ए सीआरपीसी: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 498 ए मामलों में मनमानी गिरफ्तारी से बचाव के लिए तय सुरक्षा उपायों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
एक महत्वपूर्ण फैसले में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पुलिस अधिकारियों को, विशेषकर दहेज मामलों (498 ए आईपीसी) में स्वचालित / नियमित गिरफ्तारी को रोकने और सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत निर्धारित पूर्व शर्तों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने सभी मजिस्ट्रेटों को ऐसे पुलिस अधिकारियों के नामों को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया, जिन्हें संभवतः यांत्रिक या दुर्भावनापूर्ण तरीके से गिरफ्तारी की हैं, ताकि उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।सीआरपीसी की धारा 41 ए में यह प्रावधान है कि उन...
माता-पिता या समाज एक बालिग बच्चे को उनकी शर्तों पर जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकतेः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार (25 जनवरी) को कहा कि माता-पिता अपनी शर्तों पर एक बच्चे को जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। न्यायमूर्ति अलका सरीन की खंडपीठ ने आगे कहा कि केवल इसलिए कि लड़का विवाह योग्य उम्र का नहीं है (हालांकि बालिग) याचिकाकर्ताओं के एकसाथ रहने के अधिकार को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, यह देखते हुए कि ''माता-पिता एक बच्चे को अपनी शर्तों पर जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं और प्रत्येक वयस्क व्यक्ति को अपने जीवन को उस तरह से जीने का अधिकार है जैसा...
आरटीआई- सीपीआईओ/ पीआईओ 'डाकघरों' के रूप में कार्य नहीं कर सकते और न ही उचित कारण के बिना सूचना रोक सकते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में माना है कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) या पीआईओ बिना उचित कारण के जानकारी को रोक नहीं सकते हैं और सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से निपटने के दौरान ऐसे अधिकारी केवल ''डाकघरों'' के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं। यह निर्णय दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने दिया है। कोर्ट ने सीपीआईओ और अन्य सार्वजनिक सूचना अधिकारियों के विभिन्न सिद्धांतों को दोहराते हुए माना कि सरकारी विभागों को सूचना का खुलासा करने से...
NGT ने 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट' के नियमों का पालन न करने पर केरल सरकार को फटकार लगाई
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रिंसिपल बेंच ने केरल सरकार के प्रशासन की विफलता और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स (एसडब्ल्यूएम) , 2016 का पालन न करने के लिए फटकार लगाई। दरअसल, केरल के कोच्चि के बाहरी इलाके में स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की वजह से भारामपुरम में प्रदूषण फैल रहा है।केरल कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति ए.वी. रामकृष्ण पिल्लई द्वारा एक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पता चला कि मामला पिछले दो वर्षों से एनजीटी के समक्ष लंबित है। जस्टिस रामकृष्ण ने दिनांक 23.02.2019 को कचरे के...
''समझौता संस्कृति व्यापक रूप से प्रचलित, मृतक का जीवन इतना सस्ता नहीं है जिसे दो व्यक्तियों के बीच निगोशिएट किया जा सके'': इलाहाबाद हाईकोर्ट
यह देखते हुए कि केस लड़ने वाले पक्षों के बीच 'समझौता संस्कृति' अब तेजी से प्रचलित हो रही है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा कि, ''मृतक का जीवन इतना सस्ता नहीं है, जिसे दो व्यक्तियों के बीच निगोशिएट किया जा सके।'' न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की। इस मामले में आवेदक के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए,304बी,120बी और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज किया गया था। संक्षेप में मामला मामला एक महिला से संबंधित है, जिसने अपनी...
यदि 19 फरवरी तक फायर सेफ्टी एनओसी न ली जाए तो अस्पतालों को मरीज एडमिट करने से रोका जाएः गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद नगर निगम को निर्देश दिया
गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार (29 जनवरी) को अहमदाबाद के 151 अस्पतालों को ''एक आखिरी अवसर'' प्रदान किया है ताकि वह अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) से अग्नि सुरक्षा पर 19 फरवरी तक वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर सकें। न्यायमूर्ति जे.बी.परदीवाला और न्यायमूर्ति इलेश जे वोरा की खंडपीठ ने एएमसी को निर्देश दिया है कि वह इन 151 अस्पतालों को नोटिस जारी करें और उनको निर्देश दें कि वह 19 फरवरी 2021 तक एनओसी प्राप्त कर लें। कोर्ट ने आगे कहा, ''ऐसा न करने पर अस्पतालों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कदम...
महाराष्ट्र में अधीनस्थ न्यायालय द्वारा 1 फरवरी 2021 से "नियमित फिजिकल कामकाज" शुरू किया जाएगा
महाराष्ट्र और गोवा में अधीनस्थ न्यायालय 1 फरवरी 2021 से नियमित फिजिकल कामकाज शुरू करेगी। कोरोनोवायरस महामारी के कारण फिजिकल कामकाज पर रोक लगा दी गई थी। लगभभ 1 साल बाद फिर से फिजिकल कामकाज शुरू होना जा रहा है।बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा शुक्रवार को जारी एक नोटिस में कहा गया है कि महाराष्ट्र और गोवा, केंद्रशासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव राज्यों में अधीनस्थ अदालतें नियमित रूप से फिजिकल कामकाज शुरू करेंगी। बता दें, कोर्ट के फिजिकल कामकाज को कोरोना महामारी की वजह से...
दुनिया की पहली महिला विकलांग पर्वतारोही के फंड के हेराफेरी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिश्तेदारों को अंतरिम जमानत दी
माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिला एम्प्यूटी पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा द्वारा बनाए गए ट्रस्ट से धन की हेराफेरी के आरोपी एक एक दंपति को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अंतरिम जमानत दे दी।सिन्हा ने अपनी बहन और बहनोई के खिलाफ लखनऊ के सरोजनी नगर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों ने जाली दस्तावेजों और हस्ताक्षर के जरिए उनके साथ 41,50,000 रुपए की धोखाधड़ी की और आवेदक/आरोपी से पैसे वापस करने को अनुरोध करने पर, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी...
कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशीष कुमार चक्रवर्ती का निधन
कलकत्ता हाईकोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस आशीष कुमार चक्रवर्ती का आज कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) के कारण निधन हो गया।55 वर्षीय न्यायाधीश को 22 अक्टूबर 2014 को कलकत्ता में उच्च न्यायालय के एक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। उन्हें 06 अक्टूबर 2016 को कलकत्ता हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।12 दिसंबर 1965 को जन्मे जस्टिस आशीष कुमार चक्रवर्ती ने नवंबर, 1992 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया।न्यायाधीश अशीष कुमार ने 29 जनवरी, 1993 को एक...
हैबियस कॉर्पस की रिट तब जारी नहीं की जा सकती जब कथित दत्तक माँ द्वारा प्राकृतिक माँ से बच्चे की कस्टडी की मांग की जाए: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में 2.5 वर्षीय बच्ची की प्राकृतिक माँ (Natural Mother) से कस्टडी पाने की मांग करने वाली एक कथित दत्तक माँ (Adoptive Mother) द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका खारिज कर दिया। "इस तरह के विवादित सवालों के मामले में बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट प्राकृतिक माँ के खिलाफ जारी नहीं की जा सकती है।"मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला की खंडपीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे एक संजना सोविया (कथित दत्तक माँ)...
"अभियुक्त ने अपने फोन के दुरुपयोग के लिए माफी मांगी और CM के प्रति सम्मान व्यक्त किया": इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने UP के मुख्यमंत्री को मौत की धमकी देने के आरोपी को जमानत दी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार (27 जनवरी) को अमर पाल यादव नाम के एक ट्रक ड्राइवर को जमानत दे दी, जिसने कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को रिहा नहीं करने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी देने वाला व्हाट्सएप संदेश भेजा था। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने धारा 124 ए, 501, 504, 505 (1) (बी), और 506 आईपीसी और 67 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2020 के तहत दर्ज अपराध/एफआईआर नंबर में आवेदक द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई की। ...
COVID19: कर्नाटक हाईकोर्ट ने अंतिम बार अंतरिम आदेश को 8 फरवरी तक लिए बढ़ाया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अंतिम बार उच्च न्यायालय, सभी जिला न्यायालयों, सिविल न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, औद्योगिक न्यायाधिकरणों और राज्य के अन्य सभी न्यायाधिकरणों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही लिमिटेशन अधिनियम, 1963 की धारा 4 के तहत बंद करने का आदेश 8 फरवरी तक के लिए है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका की अगुवाई वाली खंडपीठ ने कहा कि, "16 अप्रैल 2020 के आदेश के पैराग्राफ 35 के खंड (i) से (ii) में उल्लिखित अंतरिम आदेश केवल 8 फरवरी, 2021 तक काम करता रहेगा। इसके...
जहां तक संभव हो गैर-सरकारी संगठनों को 'केंद्रीय' या 'राज्य' या 'राष्ट्रीय' नाम का उपयोग करने से बचना चाहिए : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि गैर- सरकारी संगठनों (एनजीओ) या एसोसिएशन या समाज, जहां तक संभव हो 'केंद्रीय' या 'राज्य' या 'राष्ट्रीय' नाम का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश एस. मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी. चैली ने रजिस्ट्रार जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन को एक निर्णय लेने का निर्देश दिया, जिसमें पंजीकरण करते समय किसी भी निजी संस्था को यह आभास नहीं देना चाहिए कि, यह एक वैधानिक निकाय है।कोर्ट ने राज्य पर्यावरण संरक्षण परिषद द्वारा दायर एक याचिका, जिसमें कन्नूर जिले के चेलड स्थित एक गैर सरकारी...
'शारीरिक संबंधों की रक्षा संभावित': बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने एक व्यक्ति को बलात्कार के लिए दोषी ठहराए जाने के मामले में बरी कर दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष की गवाही से संदेह पैदा होता है और शारीरिक संबंध की रक्षा संभावित थी।न्यायमूर्ति पुष्पा गणेदीवाला की खंडपीठ, एएसजे यवतमाल द्वारा विशेष (POCSO) केस संख्या 35 (2016) मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (1) और 451 के तहत अपीलकर्ता को दोषी ठहराए जाने और अपराध के लिए में 10 साल के लिए कठोर कारावास की सजा देने के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी। ।लड़की का पहला सूचना...
टीआरपी मामले में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग सख्ती से कानून के दायरे में: मुंबई पुलिस कमिश्नर ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक हलफनामे में एआरजी आउटलेर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड और रिपब्लिक टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी द्वारा उनके खिलाफ किए गए दुर्भावना और पूर्वाग्रह के आरोपों को खारिज कर दिया है।सिंह ने कहा है कि टीआरपी घोटाला मामले में उनके द्वारा आयोजित प्रेस ब्रीफिंग कानून के दायरे में सख्ती से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि, पुलिससंवेदनशील मामलों में स्थापित प्रक्रिया और अभ्यास के अनुसार आवधिक ब्रीफिंग रखती है और जांच के दौरान एकत्र किए गए गुप्त और गोपनीय सामग्री...


















