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[मेक इन इंडिया? ] बोली लगाने वाले भारतीयों के साथ भेदभाव के आरोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएमओ से कहा, यदि बोली लगाने वाले प्रतिनिधित्व दाखिल करें तो PM के संज्ञान में लाएं
[मेक इन इंडिया? ] बोली लगाने वाले भारतीयों के साथ भेदभाव के आरोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएमओ से कहा, यदि बोली लगाने वाले प्रतिनिधित्व दाखिल करें तो PM के संज्ञान में लाएं

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक भारतीय मशीन उपकरण कंपनी को निर्देश देते हुए कहा कि वह सीएनसी मशीनों और उपकरणों की आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी निविदा (Tender) प्रक्रिया में बोली लगाने वाले भारतीयों के साथ कथित भेदभाव के संबंध में प्रधानमंत्री के कार्यालय (PMO) का रुख करें।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट में देरी से याचिका डालने के कारण के पास निविदा (Tender) प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर...

फॉरेन ट्रिब्यूनल ने आधे मन से काम किया: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उस आदेश को खारिज किया जिसमें उचित गवाह के परीक्षण के बिना महिला को विदेशी घोषित किया गया
'फॉरेन ट्रिब्यूनल ने आधे मन से काम किया': गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उस आदेश को खारिज किया जिसमें उचित गवाह के परीक्षण के बिना महिला को विदेशी घोषित किया गया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि, "एक व्यक्ति की नागरिकता एक मूल्यवान अधिकार है"। दरअसल कोर्ट ने उस निर्णय को खारिज करते हुए आदेश दिया, जिसमें एक विदेशी आदिवासी महिला को विदेशी घोषित कर दिया गया था।कोर्ट ने पाया कि ट्रिब्यूनल ने "आधे मन से" काम किया है, क्योंकि इसने एक महत्वपूर्ण गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गंभीर कदम नहीं उठाए। हेडमास्टर ने स्कूल प्रमाणपत्र जारी किया जो याचिकाकर्ता द्वारा उसके वंश यानी 24 मार्च 1971 से पहले (असम एनआरसी के लिए कट-ऑफ तारीख) का पता लगाने के लिए जारी...

अधिकारी धार्मिक ट्रस्ट के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई को भगवान के खिलाफ कार्रवाई मानने से बचें; सेक्यूलर भावना और वैज्ञानिक दृष्ट‌िकोण रखने की आवश्यकताः बॉम्बे हाईकोर्ट
अधिकारी धार्मिक ट्रस्ट के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई को भगवान के खिलाफ कार्रवाई मानने से बचें; सेक्यूलर भावना और वैज्ञानिक दृष्ट‌िकोण रखने की आवश्यकताः बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने कहा है कि पुलिस और न्यायिक अधिकारियों समेत पूरे सरकारी अमले को 'धर्मनिरपेक्ष भावना' से काम करना चाहिए और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मसलों परेशानी पैदा कर सकते हैं, ऐसे सामान्य भय से बचना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि अधिकारियों को 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण' रखने की आवश्यकता है और धार्मिक ट्रस्ट के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई को भगवान के खिलाफ कार्रवाई मानने से बचना चाहिए।अदालत ने तदनुसार जगदम्बा देवी सार्वजनिक ट्रस्ट, मोहोत अहमदनगर के ट्रस्टियों के खिलाफ साजिश, धोखाधड़ी, गबल,...

आंध्र प्रदेश के पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री को हाउस अरेस्ट करने के चुनाव आयोग के निर्देश पर रोक, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई के बाद दिया निर्देश
आंध्र प्रदेश के पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री को 'हाउस अरेस्ट' करने के चुनाव आयोग के निर्देश पर रोक, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई के बाद दिया निर्देश

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आंध्र प्रदेश के पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री पी रामचंद्र रेड्डी को घर में नजरबंद करने के आदेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।जस्टिस डीवीएसएस सोमयाजुलु ने रविवार (7 फरवरी) को आयोग के आदेश के खिलाफ दायर मंत्री की याचिका पर पर विचार के लिए विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग के पास मंत्री को 21.02.2021 तक घर में नजरबंद रहने का आदेश देने की श‌क्ति नहीं है।अदालत ने, हालांकि, आयोग के आदेश के उस हिस्से को बरकरार रखा, जिसमें चुनावी...

अपनी मर्ज़ी से शादी करने के बावजूद एक नाबालिक लड़की को बालिग होने तक उसके पति के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती : इलाहाबाद हाईकोर्ट
अपनी मर्ज़ी से शादी करने के बावजूद एक नाबालिक लड़की को बालिग होने तक उसके पति के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक नाबालिग लड़की को एक ऐसे व्यक्ति के साथ वैवाहिक संबंध में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जो उसके पति होने का दावा करता है, भले ही उसने अपना घर छोड़ दिया हो और अपनी मर्जी से उस व्यक्ति से शादी कर ली हो, जिसे वह चाहती है।न्यायमूर्ति जे. जे. मुनीर की खंडपीठ ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया। इसमें स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि वह नाबालिग है, क्योंकि उसकी जन्म तिथि 04 नवंबर 2004 है।खंडपीठ ने विशेष रूप से कहा,"जब तक...

एएसजे ने एक अभियुक्त को अग्रिम जमानत दे दी, जबकि इसी मामले में अन्य को राहत देने से इनकार कर दियाः पटना हाईकोर्ट ने प्रशासनिक पक्ष से जांच के लिए कहा
एएसजे ने एक अभियुक्त को अग्रिम जमानत दे दी, जबकि इसी मामले में अन्य को राहत देने से इनकार कर दियाः पटना हाईकोर्ट ने प्रशासनिक पक्ष से जांच के लिए कहा

पटना हाईकोर्ट ने पिछले दिनों एक ही मामले में परस्पर विरोधी आदेश पारित करने के लिए पटना सिटी उप-डिवीजन के एएसजे-I के खिलाफ एक प्रशासनिक जांच का आह्वान किया है। एएसजे ने हत्या के एक मामले में एक आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी परंतु इसी मामले में दूसरे आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया था,जबकि दोनों आरोपियों पर एक समान आरोप लगाए गए थे।न्यायमूर्ति बीरेंद्र कुमार की खंडपीठ सू मोटो क्रिमनल रिविजन मामले की सुनवाई कर रही थी। इस मामले में पटना सिटी के एडीशनल सेशन जज-I द्वारा पारित 23 दिसंबर, 2019 के आदेश...

अन्य धार्मिक आस्‍थाओं को अपमान‌ित करने के लिए दिया गया लापरवाही भरा बयान केवल नफरत के बीज बोएगाः मद्रास हाईकोर्ट ने इवेंज‌लिस्ट के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए कहा
अन्य धार्मिक आस्‍थाओं को अपमान‌ित करने के लिए दिया गया लापरवाही भरा बयान केवल नफरत के बीज बोएगाः मद्रास हाईकोर्ट ने इवेंज‌लिस्ट के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए कहा

धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में ईसाई इंवेजलिस्ट मोहन सी लाजरुस के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करते हुए, मद्रास उच्च न्यायालय ने एक बहुलवादी समाज में अन्य धार्मिक आस्‍थाओं के लिए सम्मान और सहिष्णुता बनाए रखने की आवश्यकता के बारे में कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं हैं।जस्टिस आनंद वेंकटेश की एकल पीठ ने अपने बिना शर्त माफी के बाद 'जीसस रीडीम्स मिन‌िस्ट्री' के संस्थापक लाजरुस के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया, हालांकि न्यायालय ने अपने फैसले में लाजरुस के आचरण की तीखी आलोचना की और धर्म के...

POCSO एक्ट के तहत नाबालिगों के बीच सहमति से सेक्स अपरिभाषित है: बॉम्बे हाई कोर्ट
''POCSO एक्ट के तहत नाबालिगों के बीच सहमति से सेक्स अपरिभाषित है'': बॉम्बे हाई कोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पाॅक्सो एक्ट लागू करना बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक ''महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम'' है, हालांकि, नाबालिगों के बीच सहमति से यौन संबंध की घटनाएं इस कानून के तहत एक ग्रे एरिया/अपरिभाषित रहा है क्योंकि कानून की नजर में नाबालिग की सहमति वैध नहीं है। न्यायमूर्ति संदीप के शिंदे की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक 19 वर्षीय लड़के को जमानत देते हुए की है,जिसे उसकी नाबालिग फर्स्ट कजन के साथ बार-बार बलात्कार करने के मामले में पाॅक्सो एक्ट (यौन अपराधों से...

किसानों का विरोध-प्रदर्शनः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इंटरनेट बैन को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया
किसानों का विरोध-प्रदर्शनः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इंटरनेट बैन को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया

हरियाणा राज्य में इंटरनेट सेवाओं की तत्काल बहाली के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है।यह याचिका संदीप सिंह और अन्य लोगों की ओर एडवोकेट आर.एस. बैंस की ओर से दायर की है, जिसमें कहा गया है कि याचिकाकर्ता का जीवन और प्रैक्टिस इंटरनेट सेवाओं के अचानक निलंबन से प्रभावित हुआ है।याचिकाकर्ताओं ने बिना किसी पूर्व सूचना के हरियाणा के 17 जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने और बंद करने पर "हरियाणा राज्य और भारत के संघ राज्य के मनमाने कार्य" को चुनौती दी गई है।याचिका...

[दिल्ली दंगा] न कोई सीसीटीवी फुटेज, न गवाह और न  कांस्टेबल द्वारा की गई शिकायत: दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन के कथित सहयोगी को जमानत दी
[दिल्ली दंगा] न कोई सीसीटीवी फुटेज, न गवाह और न कांस्टेबल द्वारा की गई शिकायत: दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन के कथित सहयोगी को जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक लियाकत अली को जमानत दे दी, जिस पर फरवरी 2020 में हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों में निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन का सहयोग करने के आरोप में दिल्ली की अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल न्यायाधीश पीठ ने लियाकत अली को ज़मानत देकर अर्जी का निस्तारण किया।लियाकत की कथित भूमिका के लिए खजूरी खास और दयालपुर पुलिस स्टेशनों में लियाकत अली के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसमें पथराव, पेट्रोल बम और उपद्रवी भीड़ का नेतृत्व करते हुए...

पत्नी का आरोप, COVID-19 वैक्सीन लेने के बाद पति की मौत: मद्रास हाईकोर्ट ने AEFI गाइडलाइन के तहत विशेषज्ञ से शव की ऑटोप्सी करने का निर्देश दिया
पत्नी का आरोप, COVID-19 वैक्सीन लेने के बाद पति की मौत: मद्रास हाईकोर्ट ने AEFI गाइडलाइन के तहत विशेषज्ञ से शव की ऑटोप्सी करने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार (04 फरवरी) को एक 40 वर्षीय सफ़ाई कर्मचारी के शरीर की ऑटोप्सी का आदेश दिया। अपने आदेश में अदालत ने कहा कि अगर सही तरीके से पहले से ही सही तरह से ऑटोप्सी नहीं हुई, तो इस बार सर्जन, पैथोलॉजिस्ट और फॉरेंसिक विशेषज्ञ की भागीदारी में होनी चाहिए।न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एस. अनंथी की खंडपीठ ने मृतक की पत्नी अंबिका (एक दिहाड़ी मजदूर) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यहा आदेश दिया।मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसके पति को 21 जनवरी 2021 को COVID-19 का टीका लगा था,...

चाहे कारण कितना भी वास्तविक हो, लेकिन अदालती कामकाज के बहिष्कार से परहेज करें, कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बार से अपील
'चाहे कारण कितना भी वास्तविक हो, लेकिन अदालती कामकाज के बहिष्कार से परहेज करें', कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बार से अपील

कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका ने राज्य में बार एसोसिएशनों के सदस्यों से अपील की है कि कारण के औच‌ित्य के बावजूद वे अदालत के कामकाज से अलग रहने या अदालत की कार्यवाही का बहिष्कार करने से परहेज करें, और ऐसी अवैधताओं में ‌लिप्त न हों।चीफ जस्टिस ओका ने एक सार्वजनिक संदेश में कहा, "मैं बार के सदस्यों से अपील करता हूं कि वे अधिक से अधिक संख्या में मामलों के निस्तारण में अदालत का सहयोग करें।"यह अपील जिला न्यायालयों से प्राप्त उन रिपोर्टों के बाद की गई है, जिसमें कहा गया था कि मांड्या...

महामारी के कारण शिक्षा रोकना सही नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा
महामारी के कारण शिक्षा रोकना सही नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने (गुरुवार) राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का सुझाव दिया कि स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति में सुधार होना चाहिए। बिना शिक्षा के देश प्रगति नहीं कर पाएगा।न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न और न्यायमूर्ति एमजी उमा की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों के माध्यम से संबंधित कक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों की उपस्थिति को विद्यागामा मोड और शारीरिक कक्षाओं के माध्यम से और आंगनवाड़ी से एलकेजी में छात्रों के नामांकन के लिए कहा कि, "एक बार सभी लोग सोचें कि यदि हम स्कूल नहीं...

पंचायती तलाक में कोई कानूनी पवित्रता नहीं, इस तरह के रिवाज हिंदू विवाह अधिनियम के गठन के बाद अस्तित्व में नहीं रहे: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
'पंचायती तलाक' में कोई कानूनी पवित्रता नहीं, इस तरह के रिवाज हिंदू विवाह अधिनियम के गठन के बाद अस्तित्व में नहीं रहे: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 एक पूर्ण संहिता है और विवाह की शर्तों के साथ-साथ तलाक की प्रक्रिया भी प्रदान करता है, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले महीने स्पष्ट किया कि 'पंचायती' तलाक की कानून दृष्टि में कोई मान्यता नहीं है। न्यायमूर्ति अलका सरीन की खंडपीठ ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 4 के मद्देनजर सभी रिवाज जैसे 'पंचायती' तलाक और इससे संबंधित प्रचलन का प्रभाव समाप्त हो गया है। न्यायालय के समक्ष मामला अदालत एक आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें...

वकील का कार में बैठकर लापरवाही से वर्चुअल सुनवाई में शामिल होना, अदालती कार्यवाही के अनादर जैसाः मद्रास हाईकोर्ट
वकील का कार में बैठकर "लापरवाही से" वर्चुअल सुनवाई में शामिल होना, अदालती कार्यवाही के अनादर जैसाः मद्रास हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि एक वकील कार में बैठकर "लापरवाही से" वर्चुअल सुनवाई में 'शामिल हुए, मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार (03 फरवरी) ने वकील के आचरण पर नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने कहा, "वकील लापरवाही से एक कार में बैठकर याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए हैं, जो कि उच्च न्यायालय द्वारा अधिसूचित वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के मद्देनजर अस्वीकार्य है।"ज‌स्ट‌िस एसएम सुब्रमण्यम की खंडपीठ ने कहा कि कार के पीछे एक अन्य व्यक्ति भी बैठा हुआ था, जबकि वकील वर्चुअल हियरिंग के लिए पेश हुए थे। इस पर कोर्ट ने कहा, "कोर्ट की...

लॉकडाउन एक अप्रत्याशित घटना: मद्रास हाईकोर्ट ने पूरे लॉकडाउन अवधि के दौरान लाइसेंस शुल्क में पूर्ण छूट का निर्देश दिया
"लॉकडाउन एक 'अप्रत्याशित' घटना": मद्रास हाईकोर्ट ने पूरे लॉकडाउन अवधि के दौरान लाइसेंस शुल्क में पूर्ण छूट का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में नगर निगम को 24 मार्च, 2020 से 6 सितंबर, 2020 तक कुल लॉकडाउन की पूरी अवधि के दौरान बस स्टैंड में दुकान चलाने के लिए लाइसेंस शुल्क माफ करने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन की एकल पीठ ने कहा कि तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी सरकारी आदेश का लाभ, जिसने दो महीने (अप्रैल और मई) के लिए लाइसेंस शुल्क माफ किया था, उस अवधि को पूरे लॉकडाउन तक बढ़ाया जाना चाहिए।कोर्ट, आर नारायणन द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार कर रहा था। वह नागरकोइल नगर निगम के लाइसेंस पर एक...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में 11 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किए जाने की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में 11 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किए जाने की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 4 फरवरी, 2021 को हुई अपनी बैठक में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में 11 न्यायिक अधिकारियों के रूप ने नियुक्ती की सिफारिश के प्रस्ताव को मंजूरी दी।कॉलेजियम द्वारा निम्नलिखित नामों की सिफारिश की गई है:1. मो. असलम,2. अनिल कुमार गुप्ता,3. अनिल कुमार ओझा,4. साधना रानी (ठाकुर),5. ओम प्रकाश त्रिपाठी,6. नवीन श्रीवास्तव,7. उमेश चंद्र शर्मा,8. सैयद आफ़ताब हुसैन रिज़वी,9. अजय त्यागी,10. सैयद वाइज मियां, और11. अजय कुमार श्रीवास्तव- Iसिफारिशी पत्र को डाउनलोड करने के लिए...

वरिष्ठ वकीलों ने अटॉर्नी-जनरल से सरकार को COVID-19 टीकाकरण का विस्तार  कानूनी बिरादरी तक करने का अनुरोध करने की अपील की
वरिष्ठ वकीलों ने अटॉर्नी-जनरल से सरकार को COVID-19 टीकाकरण का विस्तार कानूनी बिरादरी तक करने का अनुरोध करने की अपील की

वरिष्ठ वकीलों ने शुक्रवार को अटॉर्नी-जनरल से अपील की कि सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए अनुरोध करें कि बार के वरिष्ठ सदस्यों को COVID ​​-19 की वैक्सीन जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने टिप्पणी की, "मुझे लगता है कि एजी को अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग करना चाहिए और सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि यह सुनिश्चित करें कि टीका बार के सभी वरिष्ठ वकीलों को दिया जाए।"उन्होंने आगे कहा कि,"वरिष्ठ" शब्द से, वह केवल उन लोगों का जिक्र नहीं कर रहे हैं जो वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, बल्कि...