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दिल्ली हाईकोर्ट में COVID-19 अस्पतालों के बाहर बेड की स्थिति को दिखाए जाने के लिए डिस्प्ले लगाए जाने की मांग करने वाली याचिका दायर, कहा- सरकारी एप गलत जानकारी देता है
दिल्ली हाईकोर्ट में COVID-19 अस्पतालों के बाहर बेड की स्थिति को दिखाए जाने के लिए डिस्प्ले लगाए जाने की मांग करने वाली याचिका दायर, कहा- सरकारी एप गलत जानकारी देता है

दिल्ली हाईकोर्ट में ऑर्थोडोक्स क्रिश्चियन मेडिकल फैलोशिप की ओर से एक नर्सिंग अधिकारी ने एक याचिका दायर कर दिल्ली सरकार को निर्देश दिए जाने की मांग की है कि दिल्ली में सभी अस्पतालों को एक परिपत्र जारी करने के लिए निर्देश दिया जाए ताकि वे अपने परिसर के बाहर "बेड डिस्प्ले बोर्ड" लगाएं, जो COVID-19 माहमारी के इस भयावह दौर में अस्पताल में उपलब्ध बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि की जानकारी देते हो।याचिकाकर्ता का कहना है कि एक नर्सिंग अधिकारी के रूप में वह फ्रंट लाइन वर्कर के रूप से काम करता है...

केवल यह कथन कि शिकायतकर्ता के राजनीतिक समर्थन ने एक व्यक्ति को अनैतिक गतिविधि में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, मानहानि का मामला नहीं: त्रिपुरा हाईकोर्ट
केवल यह कथन कि शिकायतकर्ता के राजनीतिक समर्थन ने एक व्यक्ति को अनैतिक गतिविधि में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, मानहानि का मामला नहीं: त्रिपुरा हाईकोर्ट

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि केवल यह कथन कि एक व्यक्ति के किसी दूसरे व्यक्ति को राजनीतिक समर्थन ने उस व्यक्ति को अनैतिक गतिविधि में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, यह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 (मानहानि) के दायरे में नहीं आता है।न्यायमूर्ति अरिंदम लोध की खंडपीठ ने आगे कहा कि इस तरह के बयान को आईपीसी की धारा 499 के तहत मानहानि नहीं माना जा सकता है।कोर्ट के समक्ष मामलायाचिकाकर्ता सुबल कुमार डे स्यंदन पत्रिका का पब्लिशर और संपादक है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के...

वर्तमान महामारी में वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सहायता और राहत सुनिश्चित करें: कर्नाटक हाईकोर्ट
वर्तमान महामारी में वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सहायता और राहत सुनिश्चित करें: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को वर्तमान महामारी में जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सहायता और राहत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने कहा,"हम राज्य सरकार को सभी जिला मजिस्ट्रेटों को परिपत्र जारी करने का निर्देश देते हैं, जो कर्नाटक राज्य रखरखाव और कल्याण अधिनियम, 2009 की धारा 20 के उप खंड 2 के vi के तहत माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करते हैं। वर्तमान महामारी में वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सहायता...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीसीआई के व्हाट्सएप, फेसबुक की नई निजता नीति की जांच के आदेश की चुनौती खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीसीआई के व्हाट्सएप, फेसबुक की नई निजता नीति की जांच के आदेश की चुनौती खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल न्यायाधीश पीठ ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of india) के आदेश के खिलाफ फेसबुक और इसकी सबसिडरी व्हाट्सएप की चुनौती खारिज की। दरअसल, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने व्हाट्सएप की नई निजता नीति को कथित रूप से प्रतिस्पर्धी विरोधी करार देते हुए जांच का आदेश दिया था।कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई भी मैरिट नहीं पाया गया और कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के जांच के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया।पीठ ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग...

अगर टाटा अपने ऑक्सीजन को डाइवर्ट कर सकते हैं, तो दूसरे क्यों नहीं कर सकते? यह लालच की हद है?: दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगों को COVID-19 आपातकाल के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए कहा
अगर टाटा अपने ऑक्सीजन को डाइवर्ट कर सकते हैं, तो दूसरे क्यों नहीं कर सकते? यह लालच की हद है?: दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगों को COVID-19 आपातकाल के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि इस्पात और पेट्रोलियम उद्योगों को अपने ऑक्सीजन स्टॉक को COVID-19 मामलों में वृद्धि के कारण राजधानी शहर में चिकित्सा आपातकाल के लिए डाइवर्ट करना चाहिए।जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की खंडपीठ ने बुधवार रात 8 बजे मैक्स अस्पताल द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राजधानी में ऑक्सीजन की कमी को दर्शाया गया था।पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा,"हम केंद्र को नागरिकों के जीवन के अधिकार की रक्षा करने का निर्देश देते हैं, जो गंभीर रूप से बीमार हैं...

डोर टू डोर वैक्सीनेशन संभव नहींः केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया
डोर टू डोर वैक्सीनेशन संभव नहींः केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया

बॉम्बे हाईकोर्ट को दिए एक हलफनामे में केंद्र सरकार ने बुजुर्गों के लिए डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन न करने की कई वजहों का हवाला दिया है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें 75 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन की मांग की गई है।स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अवर सचिव, सत्येंद्र सिंह द्वारा दायर हलफनामे में याचिका का विरोध...

सांसदों, विधायकों के खिलाफ मामले: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक मामलों का विवरण मांगा
सांसदों, विधायकों के खिलाफ मामले: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक मामलों का विवरण मांगा

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार (20 अप्रैल) को केंद्र, पंजाब राज्य और पंजाब पुलिस को 10 दिन की समय सीमा दी और कहा कि वे पंजाब के मौजूदा और पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को लेकर अपने हलफनामों को दायर करें। न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति करमजीत सिंह की खंडपीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर-जनरल ऑफ इंडिया द्वारा पेश किए गए जवाब को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया। दरअसल अतिरिक्त सॉलिसिटर-जनरल ऑफ इंडिया ने कहा था कि अदालत के पिछले आदेश (25 फरवरी)...

ऑक्सीजन की भीख मांगो या चोरी करो, वरना ऑक्सीजन की कमी से हम हज़ारों ज़िंदगी खो देंगे : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा
"ऑक्सीजन की भीख मांगो या चोरी करो, वरना ऑक्सीजन की कमी से हम हज़ारों ज़िंदगी खो देंगे" : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने दिल्ली एनसीआर के मैक्स अस्पताल में ऑक्सीजन की तत्काल मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि नागरिक राज्य में दयनीय स्थिति में हैं। ऑक्सीजन की भीख मांगो या चोरी करो, वरना ऑक्सीजन की कमी से हम हज़ारों ज़िंदगी खो देंगे। मौलिक आपातकाल की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।"न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ बालाजी मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा दायर एक तत्काल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मैक्स हॉस्पिटल के विभिन्न ब्रांच जैसे...

टीकाकरण को प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि टीकाकरण केंद्र दिव्यांग लोगों के लिए सुलभ हों: मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया
टीकाकरण को प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि टीकाकरण केंद्र दिव्यांग लोगों के लिए सुलभ हों: मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया

मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार (19 अप्रैल) को राज्य सरकार को दिव्यांग लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए टीकाकरण को उनके शीघ्रता से उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह दिव्यांग व्यक्ति को टीकाकरण में प्राथमिकता दे, भले ही ऐसे व्यक्ति 45 वर्ष से काम आयु के हों। हालांकि, अदालत ने सरकार को केंद्र के परामर्श पर, यदि आवश्यक हो, तो 3 दिनों के भीतर निर्णय लेने की...

दहेज मृत्यु - समाज को गलत संदेश गया कि ससुराल वाले यदि पीड़िता से अलग रहते हैं तो आसानी से बच सकते हैं : मद्रास हाईकोर्ट
दहेज मृत्यु - समाज को गलत संदेश गया कि ससुराल वाले यदि पीड़िता से अलग रहते हैं तो आसानी से बच सकते हैं : मद्रास हाईकोर्ट

आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराए गए दंपति को दी गई सजा को निलंबित करने से इनकार करते हुए, मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि माता-पिता की पहली और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अपने बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाना है।न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन की पीठ ने यह रेखांकित किया कि महिलाओं की आत्महत्या की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं (दहेज उत्पीड़न के कारण)। पीठ ने कहा कि पीड़ित महिला के ससुराल वाले यह कहते हुए अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं कि वे अपने बेटे के साथ नहीं रह रहे...

अवैध प्रवासियों के साथ कैसे निपटा जाएगा, यदि मूल देश उन्हें वापस लेने के लिए तैयार नहीं? पटना हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
अवैध प्रवासियों के साथ कैसे निपटा जाएगा, यदि मूल देश उन्हें वापस लेने के लिए तैयार नहीं? पटना हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

राज्य में दो महिला बांग्लादेशी प्रवासियों के मानवाधिकारों पर जताई चिंता के मुद्दे पर विचार करते हुए पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में तीन वकीलों की एक टीम का गठन किया है ताकि वह यह जान सकें कि उन्हें आफ्टर केयर होम में किन परिस्थितियों में रखा गया है। साथ ही टीम को निर्देश दिया गया है कि वह एक सप्ताह के अंदर सीलबंद कवर में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।न्यायमूर्ति शिवाजी पांडे और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने पाया कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार की तरफ से कोई हलफनामा दायर नहीं किया है। इसलिए खंडपीठ...

जनहित याचिका में राजनीतिक टिप्पणियां क्यों शामिल हैं? हम जानते हैं कि राजनेता क्या करते हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिकाकर्ता से कहा
"जनहित याचिका में राजनीतिक टिप्पणियां क्यों शामिल हैं? हम जानते हैं कि राजनेता क्या करते हैं?" बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिकाकर्ता से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को अपनी जनहित याचिका में महाराष्ट्र में COVID-19 की स्थिति पर "कुप्रबंधन" को उजागर करने के लिए एक राजनेता के ट्वीट का हवाला देने पर एक युवा वकील की खिंचाई की।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता एक वकील हैं और इसलिए उन्हें राजनीतिक टिप्पणी का हवाला नहीं देना चाहिए, इसके बजाय याचिका को अन्य न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों तक सीमित रखा जाना चाहिए।जब आप जनहित याचिका दायर करते हैं, तो आप राजनीतिक टिप्पणियों को क्यों शामिल...

लापता व्यक्तियों के मामलों में अन्वेषण के लिए एसओपी तैयार करें, प्रशिक्षित अधिकारियों को बच्चों के लापता होने के मामले सौंपें: सिक्किम HC ने सरकार, DGP से कहा
लापता व्यक्तियों के मामलों में अन्वेषण के लिए एसओपी तैयार करें, प्रशिक्षित अधिकारियों को बच्चों के लापता होने के मामले सौंपें: सिक्किम HC ने सरकार, DGP से कहा

जून 2013 से लापता एक 14 वर्षीय लड़की से संबंधित एक मामले से निपटते हुए, सिक्किम उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को बच्चों सहित लापता व्यक्तियों के मामले में एसओपी के साथ आने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश जितेंद्र कुमार माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ ने आगे यह निर्देश दिया कि SOP में जांच अधिकारियों और उनकी टीम द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों को शामिल किया जाना चाहिए और यदि उसका उल्लंघन किया जाता है, तो ऐसे जांच अधिकारियों पर...

नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में राज्य की विफलता अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: पटना हाईकोर्ट ने राज्य मानवाधिकार आयोग को COVID-19  अस्पतालों  की जांच का निर्देश दिया
'नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में राज्य की विफलता अनुच्छेद 21 का उल्लंघन': पटना हाईकोर्ट ने राज्य मानवाधिकार आयोग को COVID-19 अस्पतालों की जांच का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने बिहार राज्य में COVID-19 के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई भी व्यापक कार्य योजना नहीं बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बिहार मानवाधिकार आयोग को हस्तक्षेप करने के लिए कहा है।जस्टिस सीएस सिंह और जस्टिस मोहित कुमार शाह की डिवीजन बेंच ने कहा कि COVID-19 महामारी के बीच में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को प्रदान किए गए जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।बेंच ने कहा कि,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 12 के अर्थ...

कोरोना की दूसरी लहरः उड़ीसा हाईकोर्ट 50 % स्टाफ के साथ काम करेगा, मामले फाइल करने के समय में भी हुई कटौती
कोरोना की दूसरी लहरः उड़ीसा हाईकोर्ट 50 % स्टाफ के साथ काम करेगा, मामले फाइल करने के समय में भी हुई कटौती

उड़ीसा हाईकोर्ट ने COVID-19 के दूसरी लहर को देखते हुए गुरुवार, 22 अप्रैल से शुरू होने वाली सुनवाई में केवल 50% कर्मचारियों के साथ कार्य करने का निर्णय लिया है।हाईकोर्ट द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, हाईकोर्ट का कार्यालय 22.04.2021 से अगले आदेश तक 50% कर्मचारियों (सहायक रजिस्ट्रार और उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को छोड़कर) के साथ कार्य करेगा।आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक कर्मचारी प्रत्येक वैकल्पिक कार्य दिवस पर कार्यालय में उपस्थित होगा। इसके अलावा, सभी कर्मचारी सदस्यों को यह निर्देश...

राज्य में स्थिति दयनीय, रेमडेसिविर इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध नहीं: झारखंड हाईकोर्ट ने COVID-19 से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
'राज्य में स्थिति दयनीय, रेमडेसिविर इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध नहीं': झारखंड हाईकोर्ट ने COVID-19 से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए

झारखंड हाईकोर्ट ने आरआईएमएस में सीटी स्कैन मशीन की अनुपलब्धता के मुद्दे पर ध्यान देते हुए झारखंड राज्य में COVID -19 मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि को संभालने के राज्य सरकार के तरीके पर चिंता व्यक्त की।मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए चिंता व्यक्त की। जबकि ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन और फेविपिराविर टैबलेट शीर्ष मेडिकल शॉप पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इसलिए लोग इन दवाइयों को प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।झारखंड...

पेनल्टी से बचने के लिए प्रतिदिन इफ्तार भोजन करवाएं न्यायालय की अवमानना के मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकारी अफसर को निर्देश दिया
''पेनल्टी से बचने के लिए प्रतिदिन इफ्तार भोजन करवाएं'' न्यायालय की अवमानना के मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकारी अफसर को निर्देश दिया

तेलंगाना हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक सरकारी अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह इफ्तार के समय कम से कम 20 लोगों को एक सप्ताह के लिए प्रतिदिन खाना खिलाए, ताकि अदालत की अवमानना के मामले में उस पर लगाई गई पेनल्टी से वह बच सके।मुख्य न्यायाधीश हेमा कोहली और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की पीठ इस मामले में आबकारी उपायुक्त सैयद यासीन कुरैशी की तरफ से दायर एक अवमानना की अपील पर सुनवाई कर रही थी।यह अपील 20 जनवरी 2021 को एकल पीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। एकल पीठ ने अपीलकर्ता को अदालत की...

गुजरात हाईकोर्ट ने बीजेपी के रेमडेसिवीर डिस्ट्रीब्यूशन अभियान पर नोटिस जारी किया
गुजरात हाईकोर्ट ने बीजेपी के रेमडेसिवीर डिस्ट्रीब्यूशन अभियान पर नोटिस जारी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सूरत कार्यालय से COVID-19 उपचार में इस्तेमाल होने वाली एक प्रमुख एंटी-वायरल दवा रेमडेसिवीर की खरीद और वितरण के संबंध में राज्य के भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल और विजय रूपानी सरकार को नोटिस जारी किए।राज्य भाजपा के 5,000 शीशियों का मुफ्त वितरण अभियान 10 अप्रैल से सूरत कार्यालय से शुरू हुआ।जस्टिस सोनिया गोकानी और जस्टिस वैभवी नानावती की डिवीजन बेंच ने गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी की याचिका को स्वीकार करते हुए मंगलवार को पाटिल...