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नए आईटी नियमों का अनुपालन नहीं करने पर कोई कठोर कार्रवाई न की जाए: केरल हाईकोर्ट ने एनबीए की याचिका पर नोटिस जारी किया
"नए आईटी नियमों का अनुपालन नहीं करने पर कोई कठोर कार्रवाई न की जाए": केरल हाईकोर्ट ने एनबीए की याचिका पर नोटिस जारी किया

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) की उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें नए आईटी नियमों को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि यह नियम सरकारी अधिकारियों को मीडिया के बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अनुचित रूप से प्रतिबंधित करने का अधिकार देता है।जस्टिस पीबी सुरेश कुमार ने भी केंद्र सरकार को नए आईटी नियमों के तहत एनबीए के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया है।एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने प्रस्तुत किया कि उच्च न्यायालय ने लाइव...

गरीब नवाज मस्जिद विध्वंस: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने द वायर रिपोर्ट पर मस्जिद समिति सचिव के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
गरीब नवाज मस्जिद विध्वंस: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'द वायर' रिपोर्ट पर मस्जिद समिति सचिव के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गरीब नवाज मस्जिद समिति के सचिव मोहम्मद अनीस और बाराबंकी के एक स्थानीय निवासी मो. नईम ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया।विचाराधीन एफआईआर उनके और समाचार पोर्टल द वायर और उसके दो पत्रकारों के खिलाफ दर्ज की गई थी, जो उत्तर प्रदेश में गरीब नवाज मस्जिद के कथित अवैध विध्वंस (रामसानेहीघाट, बाराबंकी) मुद्दे पर अपने पोर्टल पर इसकी रिपोर्टिंग की थी।न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने कहा कि यह...

पुलिस इन दिनों डिजिटल जानकारी, CCTV फुटेज पर विश्वास कर रही है, लेकिन उनके काम के सवाल पर इसका विवरण देने से कतराती है : एमपी हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत स्वीकार की
पुलिस इन दिनों डिजिटल जानकारी, CCTV फुटेज पर विश्वास कर रही है, लेकिन उनके काम के सवाल पर इसका विवरण देने से कतराती है : एमपी हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत स्वीकार की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने थाने के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों के संबंध में पुलिस के संस्करण में विरोधाभास पाते हुए एनडीपीएस मामले के संबंध में एक आरोपी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने यह आदेश यह देखते हुए दिया कि पुलिस आजकल सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल जानकारी के उपयोग पर निर्भर है, मगर जब अपने स्वयं के कामकाज की बात आती है, तो वह विवरण देने से कतराती है।न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा:"यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि तकनीकी प्रगति के कारण पुलिस आजकल आरोपी व्यक्तियों को अपराध से जोड़ने के...

आनंद विवाह अधिनियम: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सिख विवाह के लिए नियम अधिसूचित करने के निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर राज्य को नोटिस जारी किया
आनंद विवाह अधिनियम: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सिख विवाह के लिए नियम अधिसूचित करने के निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर राज्य को नोटिस जारी किया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को एक याचिका पर नोटिस जारी कर आग्रह किया कि राज्य सरकार को आनंद विवाह अधिनियम, 1909 के तहत नियमों को अधिसूचित करना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की पीठ ने राज्य को याचिका पर जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।पक्षकार अमनजोत सिंह चड्ढा द्वारा व्यक्तिगत रूप से दायर की गई याचिका में कहा गया कि अधिनियम धारा छह के तहत राज्य सरकार पर आनंद विवाह के पंजीकरण के लिए नियम बनाने के लिए एक कर्तव्य डालता है, क्योंकि आनंद...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कस्टडी के मामले में बच्चे के हाथ से लिखे पत्र पर विश्वास जताया, नहीं सौंपी माँ को बच्चे की कस्टडी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कस्टडी के मामले में बच्चे के हाथ से लिखे पत्र पर विश्वास जताया, नहीं सौंपी माँ को बच्चे की कस्टडी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह दोहराया कि कस्टडी के मामलों में बच्चे की भलाई पर अत्यधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। तदनुसार, इसने उपेक्षा और दुर्व्यवहार के संबंध में बच्चे के हाथ से लिखे पत्र के आधार पर एक बच्चे को उसकी मां की कस्टडी से हटाने के आदेश को बरकरार रखा।न्यायमूर्ति शिवकांत प्रसाद ने कहा कि एक नाबालिग की भलाई अन्य सभी विचारों को देखकर हो पाएगा,"इस प्रकार, बच्चे की कस्टडी के मामले में यह अच्छी तरह से स्थापित कानून है कि सर्वोपरि विचार बच्चे की भलाई है न कि माता-पिता का अधिकार।"उन्होंने...

केरल हाईकोर्ट ने हेबियस कॉर्पस याचिका मामले में महिला और उसके बेटे को चरमपंथी संगठनों द्वारा कस्टडी में रखने के मीडिया रिपोर्टों पर दु:ख और निराशा व्यक्त की
केरल हाईकोर्ट ने हेबियस कॉर्पस याचिका मामले में महिला और उसके बेटे को चरमपंथी संगठनों द्वारा कस्टडी में रखने के मीडिया रिपोर्टों पर दु:ख और निराशा व्यक्त की

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को मीडिया रिपोर्टों पर अपनी निराशा व्यक्त की जिसमें कहा गया कि महिला और उसके बेटे को चरमपंथी निकायों की कस्टडी में रखा गया है। अदालत ने महिला के पति की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर नोटिस जारी किया था।पति ने अपनी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी और बेटे को जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया और अवैध रूप से कस्टडी में रखा गया था। कोर्ट को बाद में यह पता चला कि महिला ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया था।कोर्ट ने इसके बाद नोटिस जारी किया था। कोर्ट...

सीआरपीसी की धारा 438 के तहत जुवेनाइल की अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 438 के तहत जुवेनाइल की अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 438 के तहत एक किशोर द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं है; जमानती या गैर-जमानती अपराध में किशोर को जमानत दी जाती है, चाहे सीआरपीसी के तहत कुछ और भी हो।न्यायमूर्ति राजेश भारद्वाज ने कहा कि,"सीआरपीसी की धारा 438 के प्रावधानों को गिरफ्तारी की आशंका वाले व्यक्ति को जमानत देने के लिए उपयोग जाता है। सीआरपीसी की धारा 438 के प्रावधानों को अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ पढ़ने से पता चलता है कि किशोर को गिरफ्तार नहीं किया जा...

कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने वाद सूची, केस स्टेटस आदि पर जानकारी प्रदान करने के लिए टेलीग्राम चैनल लॉन्च करने की घोषणा की
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने वाद सूची, केस स्टेटस आदि पर जानकारी प्रदान करने के लिए टेलीग्राम चैनल लॉन्च करने की घोषणा की

कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय एस ओका ने गुरुवार को बार और वादियों को एक पत्र के माध्यम से एक टेलीग्राम चैनल शुरू करने की घोषणा की। यह चैनल राज्य के 30 जिलों के हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका की सेवा करेगा। इसके अलावा, हाईकोर्ट के लिए एक 'टेलीग्राम चैटबॉट' भी विकसित किया गया है । इसे 'कर्नाटक हाईकोर्ट वर्चुअल केस इंफॉर्मेशन सर्विसेज' (HCKChatBot) नाम दिया गया है।टेलीग्राम चैनल विभिन्न ई-कोर्ट सेवाओं जैसे कि वाद सूची, केस स्टेटस, दैनिक सूचनाएं, हाईकोर्ट के डिस्प्ले बोर्ड और कर्नाटक...

केरल हाईकोर्ट
"महिला स्वेच्छा से इस्लाम में परिवर्तित हुई": केरल हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटे की अवैध कस्टडी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में पति द्वारा दायर हेबियस कॉर्पस की याचिका खारिज की

केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति ज़ियाद रहमान एए की खंडपीठ ने बुधवार को एक व्यक्ति की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी और बेटे को जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया और अवैध रूप से कस्टडी में रखा गया है। दरअसल, कोर्ट को पता चला कि महिला ने खुद की इच्छा से धर्म परिवर्तन किया है।याचिकाकर्ता गिल्बर्ट पीटी (पूर्व माकपा कार्यकर्ता) ने 29 जून 2021 को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें कोझीकोड के एक धार्मिक संस्थान, थेरबियाथुल इस्लाम...

वैवाहिक क्रूरता : आखिर पुलिस क्यों महिला को उसके पति के घर वापस जाने के लिए  मजबूर कर रही है?, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक से जवाब मांगा
वैवाहिक क्रूरता : आखिर पुलिस क्यों महिला को उसके पति के घर वापस जाने के लिए मजबूर कर रही है?", इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़ और कासगंज के पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा कि एक महिला को उसके पति द्वारा प्रताड़ित करके उसके ससुराल से बाहर निकालने के बाद पुलिस क्यों उस महिला को उसके पति के घर जाने के लिए मजबूर कर रही है।न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की पीठ ने कहा: "याचिकाकर्ता प्रथम दृष्टया एक अकेली महिला है, जिसके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है और अब उसे अपने पति के पास वापस जाने के लिए पुलिस सहित उत्तरदाताओं के हाथों उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जहां वह...

शांति, प्रगति और सुशासन सुनिश्चित करें: 58 वकीलों, शोधकर्ताओं ने राष्ट्रपति से लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण विनियमन 2021 के मसौदे को वापस लेने का आग्रह किया
'शांति, प्रगति और सुशासन सुनिश्चित करें': 58 वकीलों, शोधकर्ताओं ने राष्ट्रपति से लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण विनियमन 2021 के मसौदे को वापस लेने का आग्रह किया

58 वकीलों और शोधकर्ताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण विनियमन 2021 (LDAR) के मसौदे को वापस लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र लिखकर केंद्र शासित प्रदेश के नागरिकों के हित और भलाई की अपील की है।पत्र में लिखा गया है, "मसौदा LDAR लक्षद्वीप की सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय वास्तविकताओं से असंबद्ध है। हम पाते हैं कि LDAR का मसौदा न केवल सुशासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामान्य कल्याण के संरक्षण और प्रचार के घोषित उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रहता...

पीड़िता की अनुमानित उम्र का सबूत सही उम्र के प्रमाण की जगह नहीं ले सकता: पटना हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी को बरी किया
'पीड़िता की अनुमानित उम्र का सबूत सही उम्र के प्रमाण की जगह नहीं ले सकता': पटना हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी को बरी किया

पटना हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) मामले में एक आरोपी को बरी करते हुए कहा कि पीड़िता की अनुमानित उम्र का सबूत सही उम्र के प्रमाण की जगह नहीं ले सकता है।आरोपी-अर्जुन को करीब 13 साल की बच्ची का रेप का दोषी पाया गया था। आरोपी को ट्रायल कोर्ट द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 366A और 376 और POCSO अधिनियम की धारा 4 के तहत दोषी ठहराया गया था।उच्च न्यायालय ने अपील में इस प्रश्न पर विचार किया कि क्या अभियोजन पक्ष ने उचित संदेह से परे साबित कर दिया है कि पीड़िता की उम्र अपीलकर्ता...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
'कानून के हीलिंग टच के माध्यम से गरीबी को दूर किया जा सकता है': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गरीबी उन्मूलन योजनाओं को लागू करने के निर्देश जारी किए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों और राज्य प्राधिकरण को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 और नालसा (गरीबी उन्मूलन योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन) योजना, 2015 के प्रावधानों के तहत प्रख्यापित गरीबी उन्मूलन योजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।जस्टिस शील नागू और न्यायमूर्ति आनंद पाठक की खंडपीठ ने कहा:"गरीबी, जो एक समस्या है (सामाजिक बुराई) को कानून के माध्यम से (इसके उपचारात्मक स्पर्श के साथ) विकास के अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने के समाधान के रूप में...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने रथ यात्रा की अनुमति देने से इनकार करने पर पूर्व सीजेआई पर हमला करने के लिए लोगों को उकसाने वाले व्हाट्सएप मैसेज भेजने के आरोपी को जमानत दी
उड़ीसा हाईकोर्ट ने रथ यात्रा की अनुमति देने से इनकार करने पर पूर्व सीजेआई पर हमला करने के लिए लोगों को उकसाने वाले व्हाट्सएप मैसेज भेजने के आरोपी को जमानत दी

उड़ीसा हाईकोर्ट ने रथ यात्रा की अनुमति देने से इनकार करने पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पर जूतों से हमला करने के लिए लोगों से उनके साथ जुड़ने का आग्रह करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज करने के आरोपी को जमानत दी।धर्म रक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन ने कथित तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को नक्सली और ईसाई आतंकवादी के रूप में चित्रित किया और उन पर रथ यात्रा रोकने का आरोप लगाया। इसके बाद मुकेश जैन पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 (एफ) के साथ पठित भारतीय दंड संहिता...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
इंटरफेथ कपल- "ऐसा कोई सबूत नहीं पेश किया गया कि वह बालिग है और वैवाहिक जीवन चाहती है": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला को सुरक्षा प्रदान करने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को एक महिला / लड़की (एक हिंदू पुरुष से शादी करने का दावा करने वाली) के पक्ष में सुरक्षा आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और कहा कि महीला ने ऐसा कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया कि वह मुस्लिम धर्म से संबंधित है और वह अब हिंदू धर्म अपनाना चाहती है।यह देखते हुए कि याचिका में यह भी नहीं दिखाया गया है कि कपल बालिग हैं, न्यायमूर्ति डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर की खंडपीठ ने आगे कहा कि इस बात का कोई संकेत नहीं था कि पक्षकार वैवाहिक जीवन चाहते हैं।कोर्ट ने कहा कि, "इसमें कोई संदेह...

5G नेटवर्क मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने जूही चावला द्वारा 20 लाख रुपये का जुर्माना न भरने, कोर्ट फीस वापस करने की मांग वाली याचिका पर हैरानी जताई
5G नेटवर्क मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने जूही चावला द्वारा 20 लाख रुपये का जुर्माना न भरने, कोर्ट फीस वापस करने की मांग वाली याचिका पर हैरानी जताई

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जूही चावला और अन्य के आचरण पर हैरानी व्यक्त किया, जिन्होंने देश में 5G तकनीक के रोल-आउट के खिलाफ मुकदमे में अदालत का रुख किया। याचिकाकर्ताओं ने एक तरफ अपने आवेदन वापस लेने की मांग की और दूसरी ओर उनके खिलाफ लगाए गए जुर्माने का भुगतान करने से इनकार कर दिया।अदालत ने पहले याचिकाकर्ताओं पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह तुच्छ मुकदमेबाजी है। पीठ अभिनेत्री द्वारा दाखिल किये गए तीन आवेदनों पर सुनवाई कर रही थी। इनमें...

व्यावसायिक क्षमता में पूरी तरह स्वैच्छिक सेवा सार्वजनिक कर्तव्य नहीं, अनुच्छेद 226 के तहत उत्तरदायी नहीं : ट्विटर ने संजय हेगड़े केस में दिल्ली हाईकोर्ट को बताया
"व्यावसायिक क्षमता में पूरी तरह स्वैच्छिक सेवा सार्वजनिक कर्तव्य नहीं, अनुच्छेद 226 के तहत उत्तरदायी नहीं : ट्विटर ने संजय हेगड़े केस में दिल्ली हाईकोर्ट को बताया

अपने निलंबित ट्विटर अकाउंट को बहाल करने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े द्वारा दायर रिट याचिका का विरोध करते हुए, अमेरिका स्थित सोशल मीडिया दिग्गज ने दावा किया है कि यह एक सार्वजनिक कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहा है और संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत भारत में अधिकार क्षेत्र के लिए उत्तरदायी नहीं है।हेगड़े ने यह कहते हुए उच्च न्यायालय के रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग किया है कि (i) ट्विटर एक सार्वजनिक कर्तव्य आयोजित करता है; और (ii) ट्विटर द्वारा की जाने...

NDPS केस- सत्र न्यायाधीश ने जमानत याचिका का निपाटार क्यों किया, जब इस मामले में याचिका हाईकोर्ट में लंबित है?: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब मांगा
NDPS केस- "सत्र न्यायाधीश ने जमानत याचिका का निपाटार क्यों किया, जब इस मामले में याचिका हाईकोर्ट में लंबित है?": पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब मांगा

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को सिरसा, हरियाणा के सत्र न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगा कि उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए एक आरोपी की नियमित जमानत के लिए याचिका पर निपटारा कैसे किया, जबकि यह याचिका हाईकोर्ट के समक्ष लंबित थी।न्यायमूर्ति एचएस मदान की खंडपीठ ने न्यायाधीश से यह भी जवाब मांगा है कि क्या इस न्यायालय के समक्ष लंबित याचिका को राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले लोक अभियोजक या संबंधित पुलिस अधिकारी द्वारा उनके संज्ञान में लाया गया था।अदालत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21...

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा, जुर्माने के भुगतान में चूक की सजा भुगतने के दौरान कैदी सजा में छूट का हकदार नहीं
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा, जुर्माने के भुगतान में चूक की सजा भुगतने के दौरान कैदी सजा में छूट का हकदार नहीं

दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि एक दोषी सजा की छूट का हकदार नहीं है, जब वह दिल्ली जेल नियमों की योजना के तहत जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर सजा काट रहा है। जस्टिस मुक्ता गुप्ता की एकल पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार की अधिसूचना के अनुसार कैदियों की रिहाई के लिए आपातकालीन पैरोल का अनुदान, सजा की छूट की प्रकृति का था और पैरोल के मामले में सजा का निलंबन मात्र नहीं था।कोर्ट ने उक्त टिप्‍प‌‌ण‌ियां एक दोषी की याचिका पर विचार करते हुए की, जिसमें उसकी मूल सजा पूरी होने और जुर्माना के भुगतान में चूक के...