मुख्य सुर्खियां
दिल्ली विश्वविद्यालय के कानून के 100 से अधिक छात्रों ने BCI को जवाबी प्रतिनिधित्व भेजा, ओपन बुक परीक्षा जारी रखने का अनुरोध किया
दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के अंतिम वर्ष के 100 से अधिक छात्रों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को एक जवाबी प्रतिनिधित्व भेजकर अनुरोध किया है कि असाइनमेंट आधारित मूल्यांकन के बजाय रुकी हुई इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए ओपन बुक परीक्षा जारी रखें।जवाबी प्रतिनिधित्व, अंतिम वर्ष के ही 300 से अधिक छात्रों द्वारा किए गए प्रतिनिधित्व के बाद भेजा गया है, जिसमें उन्होंने बीसीआई को पत्र लिखकर रुकी हुई इंटरमीडिएट परीक्षाओं को रद्द करने और विश्वविद्यालय को असाइनमेंट आधारित मूल्यांकन (एबीई) अपनाने का...
'LGBTQIA+ लोगों के सेक्सुअल ओरियंटेशन का चिकित्सकीय इलाज करने या बदलने के प्रयासों पर रोक लगाएं': मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिए
मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को शारीरिक और स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा LGBTQIA+ समुदाय से संबंधित लोगों के सेक्सुअल ओरियंटेशन (यौन उन्मुखीकरण) का चिकित्सकीय इलाज करने या बदलने के प्रयासों को प्रतिबंधित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि थेरेपी के किसी भी रूप या तरीके में शामिल होने वाले संबंधित पेशेवर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए, जिसमें प्रैक्टिस का लाइसेंस वापस लेना भी शामिल है।न्यायमूर्ति आनंद वेंकटेश की एकल पीठ ने पुलिस उत्पीड़न से...
विवाहित महिला और अविवाहित पुरुष लिव-इन रिलेशन में : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एसएसपी को उनकी शिकायत पर विचार करने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को एसएसपी, फरीदकोट को निर्देश दिया है कि उस विवाहित महिला और अविवाहित पुरुष की शिकायत पर विचार करे, जो लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं और निजी पक्षकारों से अपने जीवन और स्वतंत्रता को खतरा बताते हुए सुरक्षा देने की मांग की है। न्यायमूर्ति विवेक पुरी की पीठ ने याचिकाकर्ताओं (विवाहित महिला और अविवाहित पुरुष) की शिकायत पर विचार करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, फरीदकोट को निर्देश देते हुए उनकी याचिका का निपटारा कर दिया है। संक्षेप में मामला भारत के संविधान...
दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र नाथ अग्रवाल का निधन
दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र नाथ अग्रवाल का सोमवार को 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 1997 में उन्हें दिल्ली के पहले लोकायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था।उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, लाहौर से मैट्रिक पास किया किया। इसके बाद सरकार कॉलेज, लाहौर; लॉ कॉलेज, लाहौर और शिमला और फिर 1951 में शिमला में पूर्वी पंजाब हाईकोर्ट के एक वकील के रूप में दाखिला लिया।उन्होंने शिमला और चंडीगढ़ में प्रैक्टिस की और बार में रहते हुए सिविल और आपराधिक कार्य किया और बाद में...
दिल्ली हाईकोर्ट ने बीए फाइनल ईयर की तैयारी करने और परीक्षा में बैठने के लिए आसिफ इकबाल तन्हा को कस्टडी बेल दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र मामले में मुकदमे का सामना कर रहे आसिफ इकबाल तन्हा को अंतरिम हिरासत जमानत दी। इससे तन्हा अपने बीए (ऑनर्स) कार्यक्रम को पूरा करने के लिए अपनी तीन बैकलॉग परीक्षाओं में बैठने में सक्षम हो गया है।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की खंडपीठ ने तन्हा को 14 दिनों की अंतरिम हिरासत जमानत इस शर्त के अधीन दी कि वह आवंटित सुविधा पर दो जेल प्रहरियों की हिरासत में रहेगा और इसकी लागत वही वहन करेगा। इसके साथ ही वह अपने लिए एक लैपटॉप या...
नाबालिग हिन्दू लड़की का स्वाभाविक अभिभावक उसका पति है, जिससे उसने अपनी इच्छा से शादी की है : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुरुष के खिलाफ अपहरण का आरोप निरस्त किया
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी इच्छा से एक पुरुष से शादी करने वाली नाबालिग लड़की से संबंधित मामले में व्यवस्था दी :"हिन्दू माइनॉरिटी एंड गार्डियनशिप एक्ट, 1956 की धाराएं 6, 10 एवं 13 के साथ पढ़े जाने योग्य गार्डियन एंड वार्ड्स एक्ट की धारा 19 एवं 21 के अनुसार, पति का उस लड़की से रिश्ता है और व्यक्ति (पति) उस नाबालिग लड़की का स्वाभाविक अभिभावक का अधिकार रखता है, क्योंकि वह सांविधिक तौर पर लड़की का पति है।"न्यायमूर्ति हरनरेश सिंह गिल की बेंच ने आगे कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि उसे भगा ले जाने...
वैवाहिक कार्यवाही में पत्नी का पति पर नपुंसकता या स्तंभन दोष का आरोप लगाना क्रूरता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना है कि वैवाहिक कार्यवाही में पति या पत्नी द्वारा दूसरे के खिलाफ नपुंसकता या स्तंभन दोष का आरोप लगाना क्रूरता होगा।अपीलकर्ता पति की ओर से त्रिशूर फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ, अपील दायर की गई थी, जिसका प्रतिनिधित्व एडवोकेट एनके सुब्रमण्यम ने किया था। फैमिली कोर्ट ने अपीलकर्ता को विवाह समाप्त करने के डिक्री देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपील को स्वीकार किया और फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया।प्रतिवादी ने लिखित बयान में अपीलकर्ता पर स्तंभन दोष और यौन...
सांप्रदायिक हिंसा और मॉब लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करेंः राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर मांग की है कि मध्य प्रदेश राज्य को निर्देश दिया जाए कि भीड़ की हिंसा, सांप्रदायिक हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाओं की रोकथाम के लिए विभिन्न मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्देशों को लागू किया जाए। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल की पीठ) ने सोमवार को इस याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका अधिवक्ता रवींद्र सिंह छाबड़ा और मुदित...
दिल्ली हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को वार्षिक फीस, डेवलेपमेंट चार्ज लेने की अनुमति देने वाले आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को लॉकडाउन में छात्रों से वार्षिक शुल्क और डेवलेपटमेंट शुल्क लेने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार और छात्रों द्वारा दायर अपीलों पर नोटिस जारी किया है।हालांकि, पीठ ने पूर्वोक्त फैसले पर रोक लगाने की प्रार्थना करने वाली अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली और न्यायमूर्ति अमित बंसल की अवकाश पीठ ने आदेश दिया:"हम नोटिस जारी कर रहे हैं। हालांकि, हम आदेश पर अंतरिम रोक लगाने के आवेदन को...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने A4 साइज के कागज के उपयोग की अनुमति देने के लिए अपने नियमों में संशोधन किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक स्वागत योग्य कदम उठाते हुए अपने कामकाज में A4 आकार के कागज के उपयोग की अनुमति दी है, ताकि कागज की छपाई की पर्यावरणीय लागत को कम किया जा सके और इसे वादियों के लिए आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य बनाया जा सके।हालांकि, हाईकोर्ट ने अभी तक कागज के दोनों तरफ छपाई की अनुमति नहीं दी है।रजिस्ट्रार जनरल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 225 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (संशोधन) नियम, 2021 को अधिसूचित किया है, जिससे हाईकोर्ट में दायर करने के लिए सभी...
LGBTQIA+ समुदाय को कमजोर हालात में नहीं छोड़ा जा सकताः मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ दिशा निर्देश जारी किया
एक महत्वपूर्ण फैसले में LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों के अधिकारों को बरकरार रखते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं कि समुदाय के सदस्यों के माता-पिता द्वारा दर्ज की गई गुमशुदगी की शिकायतों में उन्हें पुलिस परेशान न करे।पुलिस उत्पीड़न के मामले में दो समलैंगिक महिलाओं द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार करते हुए, जस्टिस आनंद वेंकटेश की एकल पीठ ने कहा कि LGBTQIA+ संबंधों के प्रति दृष्टिकोण में एक सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता है। वे जिन शत्रुताओं का सामना...
टून विवाद- "लोगों को नैतिकता नहीं सिखा सकते; कार्टून को अगर संदर्भ के बिना लिया गया तो वह अपना मर्म खो देगा": मद्रास हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामला खारिज किया
मद्रास हाईकोर्ट ने फेसबुक पेज पर एक कथित अपमानजनक और मानहानिकारक कार्टून प्रकाशित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट लोगों को नैतिकता नहीं सिखा सकता है और समाज को नैतिक मानकों को विकसित करना और पालन करना चाहिए।न्यायमूर्ति जी. इलांगोवन की खंडपीठ ने टून विवाद पर कहा कि,"हाल के दिनों में एक और समस्या जो कार्टूनिस्ट ने दुनिया भर में पैदा की, वह है "टून विवाद"। वह कार्टून पैगंबर मोहम्मद के बारे में था, जिसने दुनिया भर में विवाद पैदा कर दिया था। इस...
लिव-इन रिलेशनशिप- "बिना विवाह के एक साथ रहने वाले प्रेमी जोड़े के निर्णय को जज करना अदालत का काम नहीं": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण रूप से कहा कि बिना विवाह के एक साथ रहने वाले प्रेमी जोड़े के निर्णय को जज करना अदालत का काम नहीं है।न्यायमूर्ति संत प्रकाश की पीठ याचिकाकर्ताओं (17 वर्ष की आयु की लड़की और 20 वर्ष की आयु के लड़के) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में लड़की ने निजी प्रतिवादियों (परिवार के सदस्यों) के खिलाफ अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग की है।लड़की के माता-पिता ने उस पर अपनी पसंद के लड़के से शादी करने के लिए दबाया बनाया था,जिसके बाद लड़की (याचिकाकर्ता नंबर 1)...
व्यक्तिगत जीवन और स्वतंत्रता को, इस तथ्य के बावजूद संरक्षित किया जाना चाहिए कि दो बालिगों के बीच संबंध को अनैतिक और असामाजिक कहा जा सकता हैः राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया है कि अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत जीवन और स्वतंत्रता को, इस तथ्य के बावजूद संरक्षित किया जाना चाहिए कि दो बालिगों के बीच संबंध को अनैतिक और असामाजिक कहा जा सकता है।जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की सिंगल जज बेंच ने कहा कि राजस्थान पुलिस एक्ट, 2007 की धारा 29 के तहत राज्य के प्रत्येक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य है कि वह नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करे।बेंच ने कहा, "... भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार, व्यक्तिगत जीवन...
गुजरात और उड़ीसा हाईकोर्ट 7 जून से वर्चुअल मोड के माध्यम से कामकाज करेंगे
गुजरात और उड़ीसा हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए फैसला किया है कि वे सोमवार (7 जून) से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग मोड के माध्यम से कामकाज करेंगे।हालाँकि, गुजरात हाईकोर्ट ने सभी अधीनस्थ न्यायालयों के 7 जून से फिजिकल कामकाज को फिर से शुरू करने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं।गुजरात हाईकोर्ट ने इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया है।स्थायी समिति के साथ विचार-विमर्श के बाद गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि गुजरात हाईकोर्ट के सभी न्यायालय सोमवार 7 जून, 2021 से वीडियो...
"सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को बीआरओ कर्मियों के परिवारों के लिए कोई दर्द महसूस नहीं हो रहा है": दिल्ली हाईकोर्ट ने बीआरओ को लापता बेटे के माता-पिता को एक साल के वेतन का भुगतान करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लगभग एक साल से लापता अधिकारी के परिवार के सदस्यों को वित्तीय सहायता देने में विफल रही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बीआरओ को अधिकारी के माता-पिता को एक साल के वेतन का भुगतान करने का आदेश दिया है।न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ और न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने विशेष रूप से टिप्पणी की कि,"प्रतिवादी बीआरओ के अधिकारियों को बीआरओ में कार्यरत कर्मियों के परिवारों के लिए कोई दर्द महसूस नहीं हो रहा है। याचिकाकर्ता के बेटे को लापता हुए लगभग एक...
दिल्ली सरकार और स्टूडेंट्स ने दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दायर की, फैसले में निजी स्कूलों को फीस लेने से रोकने के लिए जारी दिल्ली सरकार के आदेश को रद्द किया गया था
दिल्ली सरकार और छात्रों ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक अपील दायर की है, दिल्ली सरकार द्वारा 18 अप्रैल और 28 अगस्त 2020 को जारी दो आदेशों को रद्द करने के सिंगल जज की बेंच के फैसले को चुनौती दी है। दिल्ली सरकार ने उन आदेशों में COVID 19 लॉकडाउन के बीच, निजी स्कूलों को छात्रों से वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क लेने से रोक दिया था।हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष शुक्रवार को याचिकाओं को सूचीबद्ध किया गया। हालांकि, पीठ की उपलब्धता के कारण, मामलों को जस्टिस...
लूडो एक जुआ या कौशल का खेल? - बॉम्बे हाईकोर्ट ने लूडो ऐप के निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर की मांग वाली याचिका पर राज्य को नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में लूडो सुप्रीम नामक गेम एप्लिकेशन के निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। याचिका में लूडो को सट्टेबाजी / जुआ और तकदीर का खेल कहा गया है।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस अभय आहूजा की खंडपीठ ने पिछले हफ्ते राज्य के अधिकारियों से 22 जून तक जवाब मांगा है।एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल के पदाधिकारी केशव मुले द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि लूडो कौशल का नहीं, तकदीक का खेल है। इसके साथ ही याचिका में मांग की गई है कि इस पर पैसे का दांव लगाया जा रहा है, ...
कथित तौर पर महिला के सार्वजनिक अपमान के बाद पत्नी और पति ने आत्महत्या कीः त्रिपुरा हाईकोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है,जिसमें एक युवती को कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया था और उसके साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण कथित तौर पर कुछ दिनों बाद इस महिला ने आत्महत्या कर ली थी। मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायमूर्ति एस. तलापात्रा की खंडपीठ ने गुरुवार (6 मई) को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित एक समाचार पर स्वतः संज्ञान लिया था,जिसमें बताया गया था कि एक युवा विवाहित महिला की एक आदमी के साथ बेहद...
कोरोना महामारी के कारण आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे अधिवक्ताओं को पांच साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता देने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि दिल्ली बार काउंसिल में नामांकित अधिवक्ताओं को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता दी जाए ताकि यह अधिवक्ता कोरोना महामारी के समय अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करते हुए सम्मान के साथ जीवित रह पाएं। इसी के साथ अपने बच्चों की स्कूल फीस और अपने विभिन्न ऋण/क्रेडिट कार्ड की लंबित ईएमआई आदि का भुगतान करने में भी सक्षम बन पाएं। दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाले विभिन्न वकीलों द्वारा दायर इस याचिका में वित्त मंत्रालय के जरिए भारत संघ, जीएनसीटीडी,...



















