मुख्य सुर्खियां
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ई सेवा केंद्र का उद्घाटन
माननीय मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक द्वारा माननीय प्रशासनिक न्यायाधीश सुजॉय पॉल, माननीय न्यायमूर्ति रोहित आर्य, माननीय न्यायमूर्ति विवेक की उपस्थिति में बुधवार 9 जून, 2021 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर की पीठ में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर माननीय न्यायमूर्ति सुबोध अभयंकर, माननीय न्यायमूर्ति शैलेन्द्र शुक्ला, महापंजीयक आरके वाणी, प्रधान रजिस्ट्रार अनिल वर्मा, ओएसडी/रजिस्ट्रार एम.के. शर्मा, सीनियर प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट (एन.सी.टी.)) जितेंद्र भड़करे, रजिस्ट्रार (एम) आनंद...
'जल्दी फैसलें लेकर बचाई जा सकती थी जान': बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र से डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन पर कहा
बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि केंद्र जनहित के लिए निर्णय ले रहा है। हालाँकि, वर्तमान परिदृश्य में उन निर्णयों में देरी हुई है, जबकि वायरस पर ''सर्जिकल स्ट्राइक''की आवश्यकता है।पीठ कई अदालती आदेशों के बाद हाल ही में तैयार की गई केंद्र की नियर-टू-होम COVID टीकाकरण केंद्र नीति का हवाला दे रही थी। केंद्र के हलफनामे के अनुसार, COVID19 वैक्सीन प्रशासन पर उनके...
लॉ फर्म अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर चल रही कार्यवाही पर रिपोर्ट नहीं कर सकती और न ही करना चाहिए, जिसके द्वारा मुकदमा चलाया जा रहा है : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोसाइटी फॉर टैक्स एनालिसिस एंड रिसर्च द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करते हुए निर्देश दिया कि एक लॉ फर्म अपने वेबसाइट / ब्लॉग पर चल रही कार्यवाही पर रिपोर्ट नहीं कर सकती है न ही करना चाहिए, जिसके द्वारा मुकदमा चलाया जा रहा है क्योंकि कार्यवाही की रिपोर्ट में निष्पक्षता खोने की पूरी संभावना है।जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस तलवंत सिंह की खंडपीठ ने कहा कि,"एक लॉ फर्म अपनी वेबसाइट / ब्लॉग के माध्यम से मामलों के विवरण की रिपोर्ट इस कारण से नहीं कर सकती है कि इस तरह की रिपोर्टिंग...
कोर्ट कार्यवाही की लाइव रिपोर्टिंग के अधिकार पर कोई विवाद नहीं : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 4 पत्रकारों को अंतरिम राहत मांग वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को कोर्ट की लाइव रिपोर्टिंग की मांग करने वाले 4 कानूनी पत्रकारों की याचिका पर अंतरिम राहत पर आदेश सुरक्षित रख लिया।न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि कोर्ट कार्यवाही की लाइव रिपोर्टिंग के अधिकार पर कोई विवाद नहीं हो सकता है। हालांकि, पीठ ने यह भी टिप्पणी की कि इस मामले को पत्रकारों के प्रतिनिधित्व के रूप में ई-समिति को भेजा जा सकता है। ताकि वह इस मामले में कोई ठोस फैसला ले सके।पत्रकार नुपुर थपलियाल (कानूनी...
मंदिर की जमीन मंदिरों के पास रहे; सार्वजनिक उद्देश्य के सिद्धांत को मंदिरों की जमीन के लिए उपयोग न किया जाएः मद्रास हाईकोर्ट
सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु राज्य को 75 निर्देशों का एक सेट जारी किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य में प्राचीन मंदिरों और प्राचीन स्मारकों का रखरखाव उचित ढंग से हो।224 पन्नों के फैसले में जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस पीडी ऑदिकेसवालु की खंडपीठ ने कहा, "... भव्य और प्राचीन मंदिरों और प्राचीन स्मारकों के संरक्षक कम परेशान हैं और हमारी मूल्यवान विरासत किसी प्राकृतिक आपदा या विपदा के कारण नहीं बल्कि जीर्णोद्धार की आड़...
किसी आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने पर अदालतों द्वारा कार्रवाई करने के संदर्भ में केरल हाईकोर्ट ने गाइड लाइन जारी की
केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मंगलवार को एक याचिकाकर्ता को दी गई सजा को रद्द करते हुए दिशानिर्देशों का एक सेट जारी किया है,जिनका पालन एक आरोपी द्वारा उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्वीकार करने(प्लीडिंग गिल्टी) के मामले में करना होगा।यह आपराधिक रिविजन याचिका रासीन बाबू केएम द्वारा दायर की गई थी, जिसका प्रतिनिधित्व अधिवक्ता डी. अनिल कुमार ने किया। याचिका न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट -1, परप्पनगडी के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी,जिसके तहत याचिकाकर्ता को केरल प्रीवेंशन ऑफ डिस्टर्बन्स ऑफ...
योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर COVID-19 रोगियों को एड-ऑन दवाएं लेने की सलाह दे सकते हैं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर COVID-19 रोगियों को एड-ऑन दवाएं (प्रतिरक्षा बूस्टर) लेने की सलाह दे सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि भारत सरकार ने आयुष मंत्रालय की सिफारिशों में COVID-19 रोगियों के इलाज के लिए होम्योपैथी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।होम्योपैथिक चिकित्सक जयप्रसाद ने एडवोकेट वीटी माधवनुन्नी और एडवोकेट एमएस विनीत के माध्यम से परमादेश के लिए याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने जोर देकर कहा कि केरल राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने उनके खिलाफ आपदा...
मुंबई में बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच पर वर्चुअल सुनवाई जारी रहेगी
मुंबई में COVID-19 के कारण बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रिसिंपल बेंच पर वर्चुअल सुनवाई जून, 2021 के महीने तक जारी रहेगी।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।बैठक में नगर आयुक्त इकबाल चहल और बॉम्बे हाईकोर्ट के प्रशासनिक समिति के न्यायाधीशों, राज्य, संघ और बार संघों के प्रतिनिधियों सहित कई हितधारक उपस्थित थे।वकीलों के अनुरोध के बाद मुख्य न्यायाधीश ने एकल और खंडपीठ के न्यायाधीशों को सप्ताह में दो बार के बजाय सप्ताह में तीन दिन सुनवाई के लिए बैठने के लिए...
'गलत जाति प्रमाण पत्र वास्तविक व्यक्तियों को लाभ से वंचित करता है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने सांसद नवनीत कौर राणा का जाति प्रमाण पत्र रद्द किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमरावती की सांसद नवनीत कौर राणा का जाति प्रमाण पत्र रद्द किया और इसके साथ ही जाति जांच समिति (सीएससी) 2017 के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें 'मोची' अनुसूचित जाति से संबंधित होने के उनके झूठे दावे को मान्य किया गया था।न्यायमूर्ति आर डी धानुका और न्यायमूर्ति वी जी बिष्ट की पीठ ने राणा को महाराष्ट्र विधिक सेवा प्राधिकरण को जुर्माने के रूप में दो लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया और प्रमाण पत्र सरेंडर करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया।पीठ ने आदेश में कहा कि,"हमारे विचार...
20% छात्र के पास डिजिटल एक्सेस नहीं है: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अनुच्छेद 21 ए के तहत बच्चों की ऑनलाइन क्लास सुनिश्चित करने को कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट को राज्य सरकार ने सूचित किया कि राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले अनुमानित 20 प्रतिशत छात्रों के पास शिक्षकों से निर्देश लेने के लिए कोई गैजेट या टेलीविजन या कोई वर्चुअल मोड नहीं है। न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति हंचते संजीव कुमार की खंडपीठ ने इस दलील पर चिंता व्यक्त की और कहा:"छात्रों का यह प्रतिशत, जो वस्तुतः कक्षाओं में नहीं जा रहे हैं, बहुत चिंता का विषय है। वास्तव में यदि ये छात्राएँ कक्षाओं में भाग नहीं ले रही हैं, तो स्कूलों के...
कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीम के लिए कोई प्रस्ताव शुरू नहीं हुआ: मद्रास हाईकोर्ट ने आरटीआई के जवाब में कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि उसने अदालती कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने के लिए कदम नहीं उठाए हैं।मद्रास हाईकोर्ट ने कहा,"न्यायालय की कार्यवाही को सार्वजनिक रूप से देखने के लिए मद्रास हाईकोर्ट द्वारा अभी तक नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया है।"कोर्ट ने कहा कि वर्चुअल सुनवाई माइक्रोसॉफ्ट टीम्स प्लेटफॉर्म के जरिए की जा रही है। उत्तर में आगे कहा गया है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के नियमों के अनुसार, बंद कमरे में आयोजित की जाने वाली...
NDPS एक्ट की धारा 50-यदि आरोपी अपना अधिकार छोड़ देता है तो प्रतिबंधित वस्तुओं की तलाशी के दौरान मजिस्ट्रेट की उपस्थिति अनिवार्य नहीं: दिल्ली उच्च न्यायालय
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि एक बार एनडीपीएस एक्ट के तहत एक संदिग्ध को राजपत्रित अधिकारी/मजिस्ट्रेट के समक्ष तलाशी लेने के उसके अधिकार के बारे में सूचित किया जाता है, लेकिन वह उस अधिकार का प्रयोग नहीं करने का विकल्प चुनता है, तो अधिकार प्राप्त अधिकारी, ऐसे संदिग्ध को उक्त प्रयोजन के लिए राजपत्रित अधिकारी/मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किए बिना, उसकी तलाशी ले सकता है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस तलवंत सिंह की डिवीजन बेंच ने इस मुद्दे पर सिंगल बेंच के संदर्भ का जवाब देते हुए कहा, " उस...
'हम (जज और वकील) एक परिवार की तरह हैं': बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस शिंदे ने जज द्वारा अपमान पर नाराजगी जताने वाले वकील को शांत किया
बॉम्बे हाईकोर्ट के तीसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस एसएस शिंदे ने उदारता दिखाते हुए एक वकील को डांटने के बजाय शांत किया, जो पहले की कार्यवाही में न्यायाधीश की ओर से कथित 'अपमान' किए जाने पर नाराजगी व्यक्त कर रहा था।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जामदार की खंडपीठ मंगलवार को (8जून) राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी मामले में वकील जयश्री पाटिल ने जस्टिस शिंदे के खिलाफ आरोप लगाना शुरू किया।एडवोकेट पाटिल ने यह...
अलग-अलग स्थान पर अवैध रूप से जमाव करने पर आरोपियों को दूसरे स्थान पर अपराध करने के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों के मामले में तीन को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली दंगों के मामले में तीन आरोपियों को यह देखते हुए जमानत दे दी कि बाद में एक अलग जगह पर एक गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने का हिस्से बनाने से उन्हें दूसरी जगह अपराध करने के लिए विधि विरुद्ध जमाव के सदस्य के रूप में नहीं ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की एकल पीठ ने एक सामान्य आदेश देत हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के पास प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों या मोबाइल फोन के वीडियो क्लिप से यह दिखाने के लिए कोई प्रथम दृष्टया सामग्री उपलब्ध नहीं है कि...
"पुलिस महामारी के दिनों में तनावग्रस्त माहौल में काम कर रही है, उसे गाली /धमकी नहीं दी जानी चाहिए" : मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को अपशब्द कहने वाले व्यक्ति पर 10 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया
मद्रास हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि पुलिस महामारी के दिनों में तनावग्रस्त माहौल में काम कर रही है, उसे गाली/धमकी देने वाले शख़्स पर 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया। इस शख़्स पर पुलिस के साथ अभद्रता करने के साथ-साथ उसे गाली देने और पुलिस को उसके कर्तव्य से रोकने का भी आरोप था।न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश की पीठ आरोपी व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो बिना COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन किए एक ऑटो-रिक्शा में यात्रा कर रहे थे और जब पुलिस ने उसी से पूछताछ की, तो कहा जाता है कि उन्होंने उनके साथ...
एनडीपीएस एक्ट : कोई प्रतिबंधित पदार्थ व्यावसायिक मात्रा का है या नहीं, इसके निर्धारण के लिए एलएसडी ले जाने वाले ब्लॉटिंग पेपर के वजन पर क्या विचार किया जाना चाहिए? : बॉम्बे हाईकोर्ट फैसला करेगा
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में मादक पदार्थों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट से यह निर्धारित करने का अनुरोध किया है कि बरामद किया गया एलएसडी ड्रग (लाइसर्जिक एसिड डायइथाइलामाइड) व्यावसायिक मात्रा का है या छोटी मात्रा का, इसके निर्धारण के लिए क्या उसे ले जाने वाले ब्लॉटिंग पेपर (सोख्ता कागज) के वजन को भी शामिल किया जा सकता है।एनसीबी ने कहा है कि चूंकि एनडीपीएस एक्ट ड्रग के स्ट्रीट वेट पर लागू होता है, न कि विशुद्ध रूप से...
"डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन की तुलना में नियर-टू-डोर वैक्सीनेशन का विकल्प अधिक उपयुक्त": केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा
केंद्र सरकार बुजुर्गों और विशेष रूप से विकलांगों और अपाहिज लोगों को घर पर ही वैक्सीन देने के लिए एक और पांच सूत्रीय कार्यक्रम लेकर आई है। बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष मंगलवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दायर एक हलफनामे में कहा गया कि डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन की तुलना में नीयर-टू-डूर वैक्सीनेशनएक उपयुक्त समाधान होगा।नियर टू डोर COVID-19 वैक्सीनेशन सेंटर्स में सामुदायिक केंद्रों, स्कूल भवनों और वृद्धाश्रमों जैसे घर के करीब गैर-स्वास्थ्य सुविधाओं में वैक्सीनेशन ज़ैब शामिल...
लोक सेवा आयोग के पास भर्ती के मानदंडों में ढील देने का कोई अधिकार नहीं: झारखंड उच्च न्यायालय ने सिविल सेवा परीक्षा परिणाम रद्द किया
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा 326 पदों के लिए आयोजित छठी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, 2016 की मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की सिंगल बेंच ने यह देखते हुए परिणाम को रद्द कर दिया कि जेपीएससी द्वारा प्रत्येक पेपर में न्यूनतम योग्यता अंकों के मानदंडों का पालन करके मेरिट सूची तैयार नहीं की गई थी।उन्होंने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि आयोग अपने कामकाज में माहिर है और अदालतें आम तौर पर चयन के तंत्र पर सवाल उठाने की हकदार नहीं हैं। लेकिन साथ ही,...
एक ही आरोपी के खिलाफ कई मामलों में कॉमन चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति नहींः कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि अलग-अलग पुलिस थानों में एक ही आरोपी के खिलाफ विभिन्न् निवेशकों द्वारा दायर शिकायतों के लिए एक कॉमन(सामूहिक) आरोप-पत्र दाखिल करना कानून के खिलाफ है और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत एकीकृत आरोप-पत्र दाखिल करने की अनुमति नहीं है।न्यायमूर्ति के नटराजन की एकल पीठ ने कहाः''राज्य-सीआईडीपुलिस के पास विभिन्न शिकायतों में एक कॉमन आरोप पत्र दायर करने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, जांच अधिकारी को व्यक्तिगत शिकायत पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए प्रत्येक...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानूनी पत्रकारों द्वारा दायर याचिका के बाद अपनी वेबसाइट पर वीसी लिंक साझा करना शुरू किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक स्वागत योग्य कदम में कानूनी पत्रकारों के लिए अपनी वर्चुअल अदालत की कार्यवाही का वीसी लिंक साझा करना शुरू कर दिया है। लिंक हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।कानूनी पत्रकारों और अधिवक्ताओं अरीब उद्दीन (कानूनी संवाददाता, बार और बेंच), स्पर्श उपाध्याय (विशेष कानूनी संवाददाता, लाइवलॉ) और चार कानून छात्रों के साथ हाईकोर्ट की कार्यवाही के लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव रिपोर्टिंग की अनुमति के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था,"याचिकाकर्ताओं के प्रेस...


















