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दिल्ली सरकार क्या कर रही है?: दिल्ली हाईकोर्ट ने जेएनयू में COVID-19 केयर सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर सरकार से जवाब मांगा
"दिल्ली सरकार क्या कर रही है?": दिल्ली हाईकोर्ट ने जेएनयू में COVID-19 केयर सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रस्ताव में तेजी नहीं लाने के आचरण पर सवाल उठाने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में COVID-19 केयर सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"दिल्ली सरकार क्या कर रही है? फिर आप केंद्र को दोष देना शुरू कर देते हैं।" याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता अभिक चिमनी ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि COVID-19 संख्या अभी उतनी नहीं है और इसलिए इस प्रक्रिया को...

मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना का उद्देश्य प्रशंसनीय, लेकिन केवल दिल्ली के निवासियों के लिए इसकी प्रयोज्यता भेदभावपूर्ण है: दिल्ली हाईकोर्ट
मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना का उद्देश्य प्रशंसनीय, लेकिन केवल दिल्ली के निवासियों के लिए इसकी प्रयोज्यता भेदभावपूर्ण है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया कि मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना का लाभ दिल्ली बार काउंसिल में पंजीकृत और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले सभी अधिवक्ताओं को दिया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह की खंडपीठ ने इस प्रकार निर्णय देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की अधिवक्ता कल्याण योजना का उद्देश्य प्रशंसनीय है, हालांकि इसकी शर्त यह है कि यह केवल मतदाता पहचान पत्र वाले दिल्ली निवासियों पर लागू होगी, यह भेदभावपूर्ण और मनमानी है।पीठ ने कहा कि,योजना में शर्त यह है कि यह केवल...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित तौर पर हथियारबंद भीड़ द्वारा बंधक बनाए जाने वाले लोगों की याचिका पर आधी रात को सुनवाई की
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित तौर पर हथियारबंद भीड़ द्वारा बंधक बनाए जाने वाले लोगों की याचिका पर आधी रात को सुनवाई की

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दो नाबालिगों सहित याचिकाकर्ताओं को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए रविवार आधी रात को सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं का दावा था कि उन्हें कथित तौर पर किसानों की एक सशस्त्र भीड़ द्वारा बंधक बना लिया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता के घर पर एक बैठक में भाग ले रहे थे, जब लगभग 500 हथियारबंद लोगों की भीड़ घर के बाहर जमा होने लगी।याचिका में आगे कहा गया कि भीड़ ने किसानों के विरोध की आड़ में कथित तौर पर घर का बिजली...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने 20 जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में आरटी-पीसीआर टेस्ट सुविधाओं की उपलब्धता पर राज्य से जवाब मांगा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने 20 जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में आरटी-पीसीआर टेस्ट सुविधाओं की उपलब्धता पर राज्य से जवाब मांगा

उड़ीसा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन) टेस्ट सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक जनहित याचिका (पीआईएल) में राज्य सरकार से जवाब मांगा।उपरोक्त मुद्दे का संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति सावित्री राठो की पीठ ने राज्य को सुनवाई की अगली तारीख से पहले किए गए उपायों को संबोधित करते हुए एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।भारत में महामारी की शुरुआत के बाद से COVID-19 संक्रमण का पता...

समय की आवश्यकता: मद्रास हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षा/वीसी मीटिंग के लिए सेल फोन टावरों के निर्माण पर जोर दिया
'समय की आवश्यकता': मद्रास हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षा/वीसी मीटिंग के लिए सेल फोन टावरों के निर्माण पर जोर दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष रूप से COVID-19 महामारी के बीच एक प्रभावी और मजबूत संचार नेटवर्क स्थापित करने के लिए भारत को उसकी लंबाई और चौड़ाई से जोड़ने के लिए सेल फोन टावरों का निर्माण समय की आवश्यकता है। न्यायमूर्ति जी. चंद्रशेखरन ने पुलिस अधिकारियों को सेल फोन टावरों की स्थापना के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देते हुए कहा कि महामारी के बीच ऑनलाइन शिक्षा और प्रशिक्षण जरूरी हो गया है। कोर्ट ने आगे कहा कि,"मौजूदा महामारी की स्थिति को देखते हुए लगभग 16 महीने हो गए हैं, हम अपने...

विकलांग व्यक्ति के साक्ष्य तुच्छ नहीं, कानून में ऐसा कोई भेदभाव नहीं:  मद्रास हाईकोर्ट ने सजा के फैसले को बरकरार रखा
"विकलांग व्यक्ति के साक्ष्य तुच्छ नहीं, कानून में ऐसा कोई भेदभाव नहीं": मद्रास हाईकोर्ट ने सजा के फैसले को बरकरार रखा

मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को एक निचली अदालत के उस फैसले की पुष्टि की है,जिसके तहत एक नेत्रहीन महिला के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में एक ऑटो-रिक्शा चालक को दोषी करार देने के बाद सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। पीड़िता की गवाही की प्रोबेटिव वैल्यू (प्रमाणन-मूल्य)पर विचार करते हुए, न्यायमूर्ति आरएमटी टीका रमन ने कहा कि, ''कानून सक्षम व्यक्ति के साक्ष्य और विकलांग व्यक्ति(अलग तरह से सक्षम) के साक्ष्य के बीच भेदभाव नहीं करता है। केवल विकलांगता के तथ्य के कारण, उसके साक्ष्य को सक्षम...

पत्नी, चार नाबालिग बेटियों की सुनियोजित हत्या: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मौत की सजा के फैसले को बरकरार रखा
पत्नी, चार नाबालिग बेटियों की सुनियोजित हत्या: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मौत की सजा के फैसले को बरकरार रखा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपनी पत्नी और सात, पाँच, तीन साल की चार नाबालिग बेटियों की बेरहमी से हत्या करने के एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखा। इस हत्याकांड में मरने वाली सबसे छोटी बेटी महज डेढ़ महीने की थी।न्यायमूर्ति राजीव सिंह और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने भी अभियुक्तों पर मृत्युदंड लगाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक 'दुर्लभतम' मामला है।आरोपी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या के अपराध का दोषी ठहराया गया था और सत्र न्यायाधीश, लखीमपुर खीरी ने मौत की सजा...

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव नरूला जूही चावला की 5G केस में 20 लाख के जुर्माना के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से अलग हुए
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव नरूला जूही चावला की 5G केस में 20 लाख के जुर्माना के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से अलग हुए

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने सोमवार को बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला की देश में 5जी तकनीक के रोल-आउट के खिलाफ उनके मुकदमे को खारिज करने के दौरान उन पर लगाए गए 20 लाख के जुर्माना को माफ करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।अदालत ने याचिकाकर्ताओं पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने अभिनेत्री की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि यह "तुच्छ मुकदमेबाजी" है। याचिका में विभिन्न तकनीकी दोषों के साथ अदालती शुल्क का भुगतान न करना भी शामिल है।याचिकाकर्ताओं ने...

लगातार उत्पीड़ित करना: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए उकसाने वाले तथ्य पाए; जमानत देने से इनकार किया
'लगातार उत्पीड़ित करना': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए उकसाने वाले तथ्य पाए; जमानत देने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है कि आरोपी ने लगातार उत्पीड़न करके लड़की के भीतर असहायता की भावना पैदा की और वह कुछ भी मुश्किल बना दिया, जिससे उसने आत्महत्या कर ली।न्यायमूर्ति शैलेंद्र शुक्ला ने कहा कि,"इस प्रकार यह देख सकता है कि आरोपी-आवेदक द्वारा नाबालिग लड़की का लगातार उत्पीड़न करके उसमें असहायता और निराशा की भावना पैदा हुई और और इस तरह के उत्पीड़न ने उसका दैनिक जीवन को मुश्किल बना दिया और इससे तंग आकर...

आरोपी जमानदार पेश करने में असफल रहा: दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत की शर्त को निजी बॉन्ड में संशोधित किया
'आरोपी जमानदार पेश करने में असफल रहा': दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत की शर्त को निजी बॉन्ड में संशोधित किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानदार पेश करने की शर्त की जगह निजी बॉन्ड जमा करने के रूप में जमानत की शर्त को संशोधित किया है। दरअसल आरोपी एक मजदूर है और वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण जमानदार पेश करने में असफल रहा था।न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दायर एक आवेदन में, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 440 के साथ पठित करते हुए नियमित जमानत आदेश को इस हद तक संशोधित करने का निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को केवल एक 5000 रूपये का निजी बॉन्ड प्रस्तुत करने पर जमानत पर रिहा किया...

मुख्यमंत्री कल्याण योजना में अपना दावा पेश करने के लिए बीसीडी में रजिस्ट्रर्ड वकीलों के लिए दिल्ली का वोटर आईडी जरूरी नहीं: हाईकोर्ट
मुख्यमंत्री कल्याण योजना में अपना दावा पेश करने के लिए बीसीडी में रजिस्ट्रर्ड वकीलों के लिए दिल्ली का वोटर आईडी जरूरी नहीं: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सोमवार को दिल्ली बार काउंसिल में रजिस्ट्रर्ड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले सभी अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना का लाभ देने का आदेश दिया।ये अधिवक्ता चाहे दिल्ली के वोटर आईडी कार्ड रखते हों या नहीं, इन्हें लाभ दिया जाएगा।यह आदेश न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली द्वारा दायर एक याचिका में पारित किया है।दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) में नामांकित (चाहे उनके नाम राष्ट्रीय राजधानी की मतदाता सूची में हों या...

छात्रों के हित में लिया गया निर्णय: कर्नाटक हाईकोर्ट ने एसएसएलसी की परीक्षा रद्द करने से इनकार किया
'छात्रों के हित में लिया गया निर्णय': कर्नाटक हाईकोर्ट ने एसएसएलसी की परीक्षा रद्द करने से इनकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने 19 जुलाई से दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए फिजिकल मोड में एसएसएलसी की परीक्षा आयोजित करने के राज्य सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति हंचते संजीव कुमार की खंडपीठ ने कहा कि परीक्षा आयोजित करना छात्रों के हित में है और राज्य ने COVID-19 महामारी के खिलाफ पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए हैं।पीठ ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मैरिट में कमी के कारण परीक्षा रद्द करने की मांग की गई थी।पीठ ने कहा कि केवल इसलिए कि PUC II...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम की धारा 194N के तहत 30 सितंबर तक टीडीएस कलेक्शन पर रोक लगाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम की धारा 194N के तहत 30 सितंबर तक टीडीएस कलेक्शन पर रोक लगाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194N के तहत आयकर विभाग को टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस) एकत्र करने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया।न्यायमूर्ति मोहम्मद निजामुद्दीन उस प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुना रहे थे। याचिका में वित्त अधिनियम, 2019 जो 1 सितंबर, 2019 से प्रभावी हो गया था, को चुनौती दी गई थी। प्रावधान में 2% की दर से टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस), अन्य बातों के साथ-साथ एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक की...

बालिग होने के नाते कपल लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने का हकदार: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 और 19 साल के जोड़े को सुरक्षा प्रदान की
बालिग होने के नाते कपल लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने का हकदार: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 और 19 साल के जोड़े को सुरक्षा प्रदान की

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक 21 वर्षीय लड़की और 19 वर्षीय लड़के को यह देखते हुए सुरक्षा प्रदान की कि दोनों बालिग होने के कारण लिव इन रिलेशनशिप में एक साथ रहने के हकदार हैं।न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा:"मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता बालिग होने के कारण लिव-इन-रिलेशनशिप में एक साथ रहने के हकदार हैं। इसलिए प्रतिवादी नंबर चार और पांच से किसी भी नुकसान के खिलाफ अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के भी हकदार हैं।"इस युगल ने ने लड़की के परिवार से सुरक्षा की मांग करते हुए...

समाज लोक सेवकों के भ्रष्ट आचरण का शिकार हुआ; भ्रष्टाचार सभ्य समाज का सबसे बड़ा दुश्मन: गुजरात हाईकोर्ट
समाज लोक सेवकों के भ्रष्ट आचरण का शिकार हुआ; भ्रष्टाचार सभ्य समाज का सबसे बड़ा दुश्मन: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा कि समाज बड़े पैमाने पर लोक सेवकों के भ्रष्ट आचरण का शिकार हो गया है और इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्टाचार हर स्वतंत्र सभ्य समाज का सबसे बड़ा दुश्मन है।न्यायमूर्ति गीता गोपी की खंडपीठ ने आगे टिप्पणी की कि नागरिक द्वारा एक लोक सेवक के खिलाफ शिकायत दर्ज करने और लोक सेवकों पर मुकदमा चलाने का अधिकार शासन के नियम के तहत आता है।कोर्ट ने कहा कि, "किसी भी स्तर पर किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया भ्रष्टाचार निंदनीय है जिसे न्यायिक अधिकारी द्वारा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 जुलाई से फिजिकल सुनवाई के लिए दिशानिर्देश जारी किए; वर्चुअल सुनवाई जारी रहेगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 जुलाई से फिजिकल सुनवाई के लिए दिशानिर्देश जारी किए; वर्चुअल सुनवाई जारी रहेगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट बुधवार 14 जुलाई से दोनों पीठों (लखनऊ और इलाहाबाद में) में फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। इस संबंध में कोर्ट ने एक गाइडलाइंस भी जारी की है। हालाँकि, इसके साथ ही वर्चुअल सुनवाई भी जारी रहेगी।फिजिकल सुनवाई के संबंध में कोर्ट द्वारा निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं: -1. फिजिकल सुनवाई के दौरान, अधिवक्ता COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करेंगे और तदनुसार, फेस मास्क / कवर पहनेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखेंगे।2. केवल वही अधिवक्ता हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश करेंगे,...