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'साक्ष्य में स्पष्ट विसंगतियां': पटना हाईकोर्ट ने घटना स्थल की जांच करने में जांच अधिकारी की विफलता, प्राथमिकी दर्ज करने में देरी के कारण आरोपी को बरी किया
पटना हाईकोर्ट ने बिहार के भोजपुर जिले में एक 16 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या करने के आरोप में मौत की सजा पाए एक व्यक्ति को शुक्रवार को बरी कर दिया।अदालत ने दो अन्य लोगों की दोषसिद्धि को भी खारिज कर दिया, जिन्हें सत्र न्यायालय ने इसी मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अभियोजन पक्ष के गवाहों के साक्ष्य में स्पष्ट विसंगतियां देखीं और यह भी कहा कि जांच अधिकारियों ने अपराध स्थल का दौरा करने की जहमत नहीं...
दिल्ली सरकार ने स्पा सेंटर्स को फिर से खोलने की अनुमति दी; हाईकोर्ट ने COVID-19 दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए आदेश को फिर से खोलने की अनुमति देने के बाद COVID-19 महामारी के बीच बंद किए गए स्पा सेंटर्स को फिर से खोलने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिकाओं का निपटारा किया।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली को यह बताया गया कि 24 जुलाई को डीडीएमए द्वारा एक आदेश जारी किया गया था। इसमें आदेश में निर्धारित कुछ शर्तों के अधीन स्पा सेंटर्स को फिर से खोलने की अनुमति दी गई थी, जिससे याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई शिकायत का समाधान...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को फिर से पासपोर्ट जारी करने के लिए लिंग परिवर्तन प्रमाणपत्र की आवश्यकता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र से एक ट्रांसजेंडर महिला को नाम और लिंग में आवश्यक परिवर्तन के साथ लिंग परिवर्तन प्रमाणपत्र देने पर जोर दिए बिना एक नया पासपोर्ट जारी करने की मांग करने वाली याचिका पर जवाब देने को कहा।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने इसके साथ ही केंद्र की वकील सौम्या सिंह द्वारा याचिका पर जवाब देने के लिए और समय देने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।एक ट्रांसजेंडर महिला द्वारा दायर याचिका में पासपोर्ट नियम, 1980 को भी चुनौती दी गई है, क्योंकि...
निजी जानकारी का किसी भी सार्वजनिक गतिविधि या जनहित से कोई संबंध नहीं, आरटीआई अधिनियम के तहत किसी की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत किसी भी निजी जानकारी का किसी सार्वजनिक गतिविधि या जनहित से कोई संबंध नहीं है, इसको सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की जानकारी का खुलासा किसी की निजता में अवांछित आक्रमण का कारण बन सकता है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन के मल्टी-टास्किंग स्टाफ के लिए की गई नियुक्तियों के संबंध में जानकारी मांगने वाले एक आरटीआई अनुरोध के संबंध में एक अपील को खारिज...
[COVID-19] वैक्सीन और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की तथ्यात्मक स्थिति क्या है? पटना हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा
पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को वैक्सीनेशन की वास्तविक स्थिति, किए गए COVID-19 टेस्ट की संख्या और राज्य में उपलब्ध स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के बारे में न्यायालय को सूचित करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार ने यह भी नोट किया कि राज्य "बिहार राज्य संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ" द्वारा बुलाए गई हड़ताल की घोषणा से संबंधित दिनांक 13 मई 2021 को दिए गए अपने पिछले आदेश के संबंध में महामारी की अवधि के दौरान कोई निर्णय लेने में विफल रहा है।इसलिए, अतिरिक्त...
"जघन्य अपराध": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित तौर पर एक लड़की को जिंदा जलाकर मार डालने के आरोपियों को एनएसए के तहत हिरासत में लेने की पुष्टि की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत तीन लोगों को हिरासत में लेने की पुष्टि की, जिन पर एक युवती को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाकर मार डालने का आरोप है।न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने कहा कि इस जघन्य अपराध के कारण सार्वजनिक व्यवस्था भंग हुई और क्षेत्र में रहने वाले माता-पिता ने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया, खासकर बेटियों को मना किया है।संक्षेप में तथ्य1 फरवरी, 2020 को एक लड़की, जो बी.एस.सी. तृतीय वर्ष की छात्रा को रायबरेली के राम...
सेक्शन 138 एनआई एक्ट- झारखंड हाईकोर्ट ने नॉन-एमआईसीआर चेक की बाउंसिंग और पोस्टिंग के प्रमाण पत्र के तहत नोटिस की व्याख्या की
पिछले हफ्ते झारखंड उच्च न्यायालय ने नॉन-एमआईसीआर (मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन) चेक की बाउंसिंग के लिए नेगोशिएबल इंस्ट्रयूमेंट एक्ट, 1881 (एक्ट) की धारा 138 के तहत अभियोजन के लिए आवश्यक अनिवार्यताओं के संबंध में कुछ प्रासंगिक अवलोकन किए।अदालत ने डिमांड नोटिस के प्रेषण के लिए सेवा के वैध तरीके का गठन करने के निर्देशों को भी जारी किया।जस्टिस अनुभा रावत चौधरी सत्र न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ एक आपराधिक संशोधन याचिका पर फैसला कर रहीं थीं, जिसमें अधिनियम की धारा 138 के तहत...
दिल्ली दंगा मामले में 'हास्यास्पद और लापरवाह' जांच करने के कारण ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाए गए 25 हजार रूपये के जुर्माने के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट का रुख किया
दिल्ली दंगों के एक मामले के संबंध में जांच को 'हास्यास्पद और लापरवाह' बताकर ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाए गए 25 हजार रूपये के जुर्माने के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट का रुख किया किया है।ट्रायल कोर्ट एसएचओ, पीएस भजनपुरा द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्हें मोहम्मद नासिर की अलग एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी। नासिर को उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगों में चोटें आई थीं।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने दिल्ली पुलिस को उसके आचरण के लिए फटकार...
बार एसोसिएशन के किसी सदस्य वकील के खिलाफ आपराधिक मामलों में पैरवी नहीं करने का प्रस्ताव असंवैधानिक, पेशेवर वकालत की नैतिकता के खिलाफ है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बार एसोसिएशनों द्वारा पारित एक प्रस्ताव कि उसका कोई भी सदस्य किसी सदस्य अधिवक्ता या उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ किसी भी आपराधिक मामले में पैरवी नहीं करेगा, न केवल असंवैधानिक है, बल्कि पेशेवर वकालत की नैतिकता के खिलाफ भी है और इसके साथ ही भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22(1) की अवधारणा के खिलाफ है।जस्टिस मो. फैज आलम खान ने कहा कि,"ऐसे प्रस्ताव न केवल असंवैधानिक हैं, पेशेवर वकालत की नैतिकता के साथ-साथ भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22 (1) की अवधारणा...
जिला अदालतों के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, आईटी बुनियादी ढांचे की मांग वाली जनहित याचिका दायर: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार से जवाब मांगा
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा, जिसमें जिला और मुफस्सिल अदालतों के लिए आईटी बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के साथ समर्पित ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की मांग की गई थी।मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी और न्यायमूर्ति निनाला जयसूर्या की खंडपीठ ने 8 सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए।दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल प्रभावी वर्चुअल सुनवाई के लिए दिल्ली की अदालतों में इंटरनेट के लिए एक फाइबर लाइन स्थापित करने के निर्देश की...
कर्नाटक ओपन स्कूल के छात्रों के अंक कार्ड में इंगित करें कि वे नियमित प्रारूप में SSLC परीक्षा में उपस्थित हुए: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक ओपन स्कूल सिस्टम में पंजीकृत छात्रों के लिए नौ दिनों के नियमित प्रारूप एसएसएलसी परीक्षा को अनिवार्य करने वाली सरकारी अधिसूचना में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। परीक्षा सोमवार) से शुरू हुई।न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति पी कृष्णा भट की खंडपीठ ने एक छात्र पुनीत आचार्य वाई द्वारा दायर याचिका का निपटारा किया।हालांकि, खंडपीठ ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को इन छात्रों के अंक कार्ड पर यह इंगित करने का निर्देश दिया कि वे महामारी की इस अवधि के...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
19 जुलाई2021 से 24 जुलाई2021 तक हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र''जब जनता की राय जांच को प्रभावित करती है तो इसकी दिशा परेशान करने वाले परिणामों की तरफ मुड़ जाती है'' : केरल हाईकोर्ट ने आदिवासी महिला के बलात्कार और हत्या के आरोपी को बरी कियाकेरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आदिवासी महिला से बलात्कार करने और उसकी हत्या के मामले में दो आरोपी व्यक्ति मणि और राजन को बरी कर दिया है। 30 मई 2005 को आदिवासी महिला की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की...
"दिव्यांग को मिला आरक्षण ऊर्ध्वाधर " एमपी हाईकोर्ट ने सिविल जज चयन में एससी - पीडब्लूडी उम्मीदवार की याचिका मंज़ूर की
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने माना है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 16(4) के संबंध में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पक्ष में क्षैतिज (Vertical) आरक्षण दिया जा सकता है और शारीरिक रूप से दिव्यांग के पक्ष में आरक्षण को भारत के संविधान के अनुच्छेद 16(1) के तहत एक ऊर्ध्वाधर ( Horizontal) आरक्षण के रूप में माना जा सकता है।ऐसा मानते हुए, उच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति के एक उम्मीदवार और एक दिव्यांग व्यक्ति द्वारा सिविल जज परीक्षा में चयन की मांग करने वाली याचिका...
अभिनेत्री कंगना रनौत के पासपोर्ट के नवीनीकरण का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने जावेद अख्तर के हस्तक्षेप आवेदन पर सुनवाई से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कंगना रनौत की दिद्दा कॉपीराइट मामले पर दायर गीतकार जावेद अख्तर के हस्तक्षेप आवेदन पर सुनवाई करने से इनकार किया।इस मामले में उन्हें शिकायतकर्ता या लोक अभियोजक से संपर्क करने के लिए कहा गया था, क्योंकि वह वर्तमान कार्यवाही में एक पक्षकार नहीं है।अख्तर ने आरोप लगाया कि रनौत ने अदालत को गुमराह करने के लिए अपने खिलाफ लंबित मानहानि के मामले को जानबूझकर छुपाया और अपनी खिलाफ दायर याचिका को रद्द कराने के लिए एक अंतरिम आवेदन दायर करके अपना पासपोर्ट नवीनीकृत करने के लिए एक...
'देश/राज्य के नेताओं से संबंधित मामलों को प्रकाशित करते समय उन्हें सम्मान दें': मद्रास हाईकोर्ट ने तमिल समाचार पत्र को निर्देश दिए
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक तमिल पत्रिका के प्रकाशक को निर्देश दिया कि,"देश या राज्य के नेताओं से संबंधित मामलों को छापते और प्रकाशित करते समय उन्हें ( याचिकाकर्ताओं) को सम्मान देना चाहिए और उसी के अनुसार संबोधित करना चाहिए।"दरअसल, तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता से संबंधित एक मामले की रिपोर्ट करते समय एक तमिल पत्रिका/समाचार पत्र 'दिनमलर' ने उन्हें 'जे' के रूप में संदर्भित किया था। न्यायमूर्ति वी. भवानी सुब्बारायन की पीठ संपादक (मृत होने के बाद) और तमिल अखबार के प्रकाशक द्वारा...
झारखंड हाईकोर्ट ने मामला दर्ज करने में तीन महीने से अधिक की देरी के लिए रजिस्ट्री को फटकार लगाई
झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक मामले को दर्ज करने और स्टाम्प रिपोर्ट करने में तीन महीने से अधिक की देरी के लिए हाईकोर्ट के रजिस्ट्री और न्यायिक अनुभागों की आलोचना की। यह देखते हुए कि सात अप्रैल को दर्ज किया गया मामला 36 दिनों के बाद दर्ज किया गया और अभी तक स्टाम्प की रिपोर्ट नहीं की गई है, न्यायमूर्ति आनंद सेन ने कहा कि भले ही कार्यालय और न्यायिक अनुभाग अपनी 50% क्षमता के साथ काम कर रहे हैं, फिर भी यह केस दर्ज करने में 36 दिन का समय नहीं लगना चाहिए था।बेंच ने टिप्पणी की,"यह न्यायालय ऐसी...
मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट प्रशासनिक आदेश / निर्देश के समान नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में COVID-19 महामारी के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोपी की हिरासत को बरकरार रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट को प्रशासनिक आदेश / निर्देश के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस अनिल वर्मा की खंडपीठ ने आगे कहा कि यह जरूरी नहीं है कि एक सरकारी अधिकारी के हर सोशल मीडिया पोस्ट को प्रशासनिक पदानुक्रम में देखा/पढ़ा जाए और उसका पालन किया जाए।तर्कआवेदक के वकील मुदित माहेश्वरी ने राज्य के मुख्यमंत्री के विभिन्न सोशल मीडिया...
पश्चिम बंगाल सरकार ने पेगासस स्पाइवेयर द्वारा जासूसी से संबंधिति मामले की जांच के लिए न्यायमूर्ति मदन लोकुर की अध्यक्षता में पैनल गठित किया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योतिर्मय भट्टाचार्य की अध्यक्षता में पेगासस स्पाइवेयर द्वारा जासूसी से संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक जांच आयोग का गठन किया।कुछ दिनों पहले यह पता चला कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के समय मुख्यमंत्री के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की कथित तौर पर पेगासस स्पाइवेयर द्वारा जासूसी की गई थी। नए पोर्टल द वायर ने 16 अन्य...
"बताएं कि गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधार की जानकारी कैसे दी जाती है": दिल्ली हाईकोर्ट ने 'प्रवर्तन निदेशालय' से पूछा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक को यह बताने के लिए कहा कि डी.के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य एआईआर 1997 एससी 610 मामले सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी गिरफ्तारी के आधार पर किस प्रकार जानकारी दी जाती है।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ एक निचली अदालत के आदेश पर ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे (ईडी) राजद के राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) की एक प्रति देने का निर्देश...
"यह निश्चित रूप से मॉब-लिंचिंग का मामला है": उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया, मृतक को चिकित्सा सहायता प्रदान नहीं करने पर पुलिस के खिलाफ जांच के निर्देश दिए
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 'मॉब लिंचिंग' का दुर्भाग्यपूर्ण मामला बताते हुए आरोपी द्वारा अपनी महिला मित्र के साथ कथित तौर पर देखे जाने पर एक युवा लड़के की बेरहमी से पिटाई करने और हत्या करने के आरोपियों (पांच आरोपी) को जमानत देने से इनकार किया।न्यायमूर्ति रवींद्र मैथानी की खंडपीठ ने थाने के प्रभारी के खिलाफ भी जांच का निर्देश दिया, जिन्होंने सीएचसी के एक डॉक्टर की चिकित्सा सलाह को आगे बढ़ाने के बजाय मृतक को पुलिस थाने में बंद रखा था।संक्षेप में तथ्यप्राथमिकी के अनुसार मृतक सह-आरोपी 'डी' (नाम गुप्त रखा...





![[COVID-19] वैक्सीन और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की तथ्यात्मक स्थिति क्या है? पटना हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा [COVID-19] वैक्सीन और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की तथ्यात्मक स्थिति क्या है? पटना हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/07/27/500x300_397400-covidvaccine.jpg)













