मुख्य सुर्खियां
एलएलबी : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि परीक्षा आयोजित करने के उसके जून सर्कुलर से पहले के सेमेस्टर के परिणाम प्रभावित नहीं होंगे
कानून के छात्रों को राहत देते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया कि टर्म-एंड एग्जाम आयोजित करने के लिए लॉ कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के लिए उसका सर्कुलर पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं होगा।बीसीआई ने स्पष्ट किया कि उसका 9 जून का सर्कुलर एलएलबी पाठ्यक्रम के पहले से प्रकाशित सेमेस्टर परिणामों को प्रभावित नहीं करेगा।मुंबई विश्वविद्यालय ने कोर्ट को यह भी बताया कि बीसीआई के फैसले के आलोक में वह अपने 5 जुलाई, 2021 के सर्कुलर को वापस ले रहा है। इसके परिणामस्वरूप एलएलबी डिग्री के...
कलकत्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के कोर्ट रूम का बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया
कलकत्ता हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन ने बुधवार को वकीलों के एक वर्ग की शिकायतों को दूर करने के लिए एक आम सभा की बैठक की। इस बैठक में अपने प्रशासनिक कर्तव्यों में कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के अदालत कक्ष का बहिष्कार करने का फैसला किया है।न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य से एक मामले को हटाने और इसे एक खंडपीठ को फिर से सौंपने के मुख्य न्यायाधीश के फैसले से वकील व्यथित हैं। आम सभा की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अजय चौबे ने की।19 जुलाई को...
यूएपीए के तहत 90 दिनों की हिरासत अवधि को आगे बढ़ाने के लिए जांच अधिकारी का अनुरोध लोक अभियोजक की रिपोर्ट को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय
एक महत्वपूर्ण फैसले में, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक जांच अधिकारी का समय के विस्तार (90 दिनों से अधिक की नजरबंदी के) के लिए अनुरोध, यूएपीए की धारा 43डी (2)(बी) के प्रावधानों के तहत लोक अभियोजक की रिपोर्ट का विकल्प नहीं हो सकता है।जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने एक लोक अभियोजक द्वारा यूएपीए के तहत नजरबंदी की जांच के महत्व पर जोर दिया ताकि एक बंदी को जांच अधिकारी के भरोसे ना छोड़ा जाए।यूएपीए की धारा 43डी (2)(बी) क्या कहती है?उल्लेखनीय...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने दो अगस्त से लागू होने वाली अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नियम जारी किए
उड़ीसा हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर बताया कि वह जल्द ही कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करेगा। इस तरह उड़ीसा हाईकोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग ऑफ कोर्ट कार्यवाही नियम, 2021 प्रकाशित करेगा। ये नियम दो अगस्त से लागू होंगे।नियमों को न्यायालय द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 225 के तहत प्रदत्त शक्तियों के आधार पर और ओपन कोर्ट अवधारणा के कार्यान्वयन को प्रभावी और व्यापक बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।अधिसूचना में कहा गया है,"लाइव-स्ट्रीमिंग का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों या अन्य...
"प्रतिबंध अनुच्छेद 14 और 19 के खिलाफ": राजस्थान हाईकोर्ट ने ऑनलाइन फैंटसी गेम्स के खिलाफ याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य में ऑनलाइन फैंटसी गेम्स की पेशकश या खेलने पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही एक याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के निर्देश संविधान के अनुच्छेद 14 और 19 (1) (जी) के खिलाफ होंगे।चीफ जस्टिस इंद्रजीत महंती और जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ ने कहा, "इसलिए, हमारा विचार है कि ऑनलाइन फैंटसी गेम्स की पेशकश FIFS के चार्टर के अनुसार हैं, जिसे पहले ही एक व्यवसाय के रूप में न्यायिक रूप से मान्यता दी गई है और परिणामस्वरूप, संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी)...
झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड के न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लिया
झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद जिले के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) उत्तम आनंद की मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) उत्तम आनंद की बुधवार को दिनदहाड़े एक वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई।मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन की खंडपीठ ने एसएसपी धनबाद को आज अदालत के समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए आदेश जारी किया है।इस घटना एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इन फुटेज में देखा जा सकता है कि आनंद सुबह की सैर पर निकले थे, जब धनबाद मजिस्ट्रेट कॉलोनी के पास एक वाहन ने...
झारखंड के न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन की चपेट में आने से मौत, घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आए
झारखंड के धनबाद जिले के एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) उत्तम आनंद की बुधवार को दिनदहाड़े एक वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई।इस घटना एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इन फुटेज में देखा जा सकता है कि आनंद सुबह की सैर पर निकले थे, जब धनबाद मजिस्ट्रेट कॉलोनी के पास एक वाहन ने उन्हें जानबूझकर टक्कर मार दी।घटना के सीसीटीवी फुटेज में घटना से ठीक पहले और बाद में एक तिपहिया वाहन पर एक अज्ञात व्यक्ति सवार दिखाई दे रहा है।झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने आदेश जारी कर एसएसपी धनबाद को आज (गुरुवार)...
'किसी व्यक्ति को दान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता': कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देने के लिए विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के वेतन से एकतरफा कटौती पर कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि कोई विश्वविद्यालय अपने कर्मचारियों के वेतन का एक हिस्सा उनकी सहमति के बिना दान के रूप में नहीं काट सकता है। न्यायालय विश्व भारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के प्रोफेसरों द्वारा दायर उस याचिका पर विचार कर रहा था, जिसमें उन्होंने रजिस्ट्रार के आदेश को चुनौती दी थी। रजिस्ट्रार ने उन्हें एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष, पश्चिम बंगाल/पश्चिम बंगाल राज्य आपातकालीन राहत कोष में दान करने के लिए मजबूर किया था ताकि 20 मई, 2020 को कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई...
फर्जी वकील मामला : आरोपी ने केरल हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की
कथित तौर पर एलएलबी की डिग्री पूरी किए बिना दो साल तक अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करने की आरोपी सेसी जेवियर ने इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जेवियर ने पिछले हफ्ते तब सुर्खियां बटोरी थीं जब एक गुमनाम पत्र ने उस पर स्टेट बार काउंसिल में दाखिला नहीं लेने या यहां तक कि एलएलबी क्वालिफाई नहीं करने का आरोप लगाया था। उसने अलाप्पुझा की अदालतों के समक्ष दो साल तक एक वकील के रूप में प्रैक्टिस की थी।केरल बार काउंसिल से पूछताछ करने पर बार एसोसिएशन के अधिकारी यह जानकर...
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के कंसोर्टियम ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2021 का परिणाम जारी किया
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के कंसोर्टियम ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2021 का परिणाम घोषित कर दिया है। इसे राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के संघ की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। जो उम्मीदवार 23 जुलाई 2021 को परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपने अकाउंट से लॉग इन करके पोर्टल पर अपना परिणाम देख सकते हैं।उम्मीदवार वेबसाइट पर लॉग इन करके अपना स्कोर चेक कर सकते हैं। नतीजे आने के कुछ मिनट बाद ही एनएलयू के कंसोर्टियम की वेबसाइट क्रैश हो गई। छात्रों को अपना रिजल्ट देखने में मुश्किल हो रही है।रिजल्ट यहां...
कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने CLAT 2021 के लिए शिकायत निवारण समिति का गठन किया
कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने चार सदस्यों वाली एक शिकायत निवारण समिति के गठन के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। इसकी अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र बाबू कर रहे हैं। समिति के अन्य सदस्य हैं: (ए) प्रोफेसर श्री कृष्ण देव राव, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति; (बी) प्रोफेसर बलराज चौहान, पूर्व कुलपति आरएमएलएनएलयू, एनएलआईयू, और एमपीडीएनएलयू; (सी) प्रोफेसर रवि कुमार, पूर्व प्रोफेसर आईआईटी बॉम्बे; और (डी) प्रो फैजान मुस्तफा, कुलपति नालसर और...
अपनी पसंद के दावे का प्रयोग करने का अधिकार स्वतंत्रता और किसी व्यक्ति की गरिमा का एक अविभाज्य हिस्सा : जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय
लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक जोड़े द्वारा सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने कहा है कि अपनी पसंद के दावे का उपयोग करने का अधिकार स्वतंत्रता और किसी व्यक्ति की गरिमा का एक अविभाज्य हिस्सा है। न्यायमूर्ति सिंधु शर्मा ने इस प्रकार कहा,"यह तय है कि पसंद के दावे का प्रयोग करने का अधिकार स्वतंत्रता और गरिमा का एक अविभाज्य हिस्सा है और इसे कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अलावा छोड़ना नहीं चाहिए।"अदालत लिव-इन रिलेशनशिप में रह...
मुंबई में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पोर्न फिल्म मामले में व्यवसायी राज कुंद्रा को जमानत देने से इनकार किया
मुंबई में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति-व्यवसायी राज कुंद्रा और उनके सहयोगी रयान थोर्प को अश्लील सामग्री के कथित उत्पादन और वितरण से संबंधित एक मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया।कुंद्रा को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 19 जुलाई, 2021 को गिरफ्तार किया था। उन पर आईपीसी की धारा 354 (सी), 292, 420 और आईटी अधिनियम और महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम की धारा 67, 67 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।कुंद्रा को कल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया...
"देशद्रोह कानून आलोचकों को चुप कराने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है": किसान यूनियन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आईपीसी की धारा 124A को चुनौती दी
किसान यूनियन ने भारतीय दंड संहिता (जो देशद्रोह को परिभाषित और दंडित करता है) की धारा 124A की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है।हरियाणा प्रगतिशील किसान यूनियन द्वारा अधिवक्ता प्रदीप कुमार रापरिया के माध्यम से याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि देशद्रोह के कानून का दुरुपयोग जारी है और आलोचकों को चुप कराने के लिए मामले दर्ज किए जा रहे हैं और विरोध के अधिकार को दबाया जा रहा है।याचिका में कहा गया है कि राजद्रोह का अपराध अस्पष्ट है और यह अपराध को...
"आईटी नियमों का पूर्ण अनुपालन नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्विटर के हलफनामों पर कड़ी आपत्ति जताई
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ट्विटर की ओर से दायर हलफनामे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उसे एक सप्ताह के भीतर 'बेहतर हलफनामा' दाखिल करने का एक आखिरी मौका दिया। ट्विटर ने अपने हलफनामे में कहा कि उसने मुख्य अनुपालन अधिकारी और शिकायत अधिकारी को 'आकस्मिक कार्यकर्ता' के रूप में नियुक्त किया है। इसके साथ ही ट्विटर ने नियुक्तियों का विवरण दिया और यह भी बताया कि अभी तक एक नोडल संपर्क अधिकारी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल न्यायाधीश पीठ सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश...
'प्रथम दृष्टया पीएचडी डिग्री आईपीसी की धारा 467 के तहत मूल्यवान प्रतिभूति नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने जालसाजी मामले में आरोपी महिला को अंतरिम जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई के बांद्रा इलाके के अस्पताल में प्रैक्टिस के लिए फर्जी पीएचडी डिग्री का इस्तेमाल करने की आरोपी 39 वर्षीय महिला को अंतरिम जमानत दी। इससे पहले महिला ने तीन अलग-अलग याचिकाओं में अपने अलग हुए पति और शिवसेना सांसद संजय राउत पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।स्वप्ना पाटकर ने पद से हटाए जाने से पहले नैदानिक मनोविज्ञान में कथित तौर पर फर्जी पीएचडी डिग्री का इस्तेमाल करके बांद्रा (पश्चिम) के लीलावती अस्पताल में कम से कम दो साल तक प्रैक्टिस की थी। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468,...
क्या अधिवक्ताओं को साक्ष्य अधिनियम के दायरे से परे उनके परिसरों की तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए एक 'विशेष वर्ग' के रूप में घोषित किया जा सकता है? एएसजी ने दिल्ली हाईकोर्ट से पूछा
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने आज दिल्ली हाईकोर्ट से पूछा कि क्या अधिवक्ताओं को भारतीय साक्ष्य अधिनियम के दायरे से परे उनके परिसरों की तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए व्यक्तियों के एक विशेष वर्ग के रूप में घोषित किया जा सकता है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ के समक्ष यह प्रश्न रखा गया, जब पीठ अधिवक्ता निखिल बोरवणकर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक वकील के परिसर में तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया के समय पुलिस या जांच...
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को ऑनलाइन गेम्स के नियमन के लिए प्रतिनिधित्व तय करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को "ऑनलाइन गेमिंग की लत" से बच्चों की सुरक्षा के लिए एक नीति तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन सहित दोनों गेमिंग सामग्री की निगरानी के लिए एक नियामक निकाय के गठन के लिए एक प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि संबंधित प्राधिकरण विषय पर लागू कानून, नियमों, विनियमों और सरकारी नीतियों के अनुसार प्रतिनिधित्व का फैसला कर सकता है।खंडपीठ ने यह निर्देश एनजीओ डिस्ट्रेस मैनेजमेंट...
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के जवाब में पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट के जवाब में अपना पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया।अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अब और समय नहीं दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को होनी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और जस्टिस आई.पी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस सुब्रत तालुकदार की बेंच ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वाईजे दस्तूर के माध्यम से दायर मृतक भाजपा...
दिल्ली दंगे: हाईकोर्ट ने 'लापरवाह जांच' के लिए दिल्ली पुलिस पर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में दिल्ली दंगों के एक मामले में जांच को 'हास्यास्पद' और 'लापरवाह' बताते हुए दिल्ली पुलिस 25,000 का जुर्माना लगाने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की एकल पीठ ने दंगों के मामले में शिकायतकर्ता नासिर से जवाब मांगा।इसके साथ ही मामले को 13 सितंबर को अगली सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया गया।इससे पहले दिल्ली दंगों के एक मामले के संबंध में...




















