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'लगातार उत्पीड़ित करना': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए उकसाने वाले तथ्य पाए; जमानत देने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है कि आरोपी ने लगातार उत्पीड़न करके लड़की के भीतर असहायता की भावना पैदा की और वह कुछ भी मुश्किल बना दिया, जिससे उसने आत्महत्या कर ली।न्यायमूर्ति शैलेंद्र शुक्ला ने कहा कि,"इस प्रकार यह देख सकता है कि आरोपी-आवेदक द्वारा नाबालिग लड़की का लगातार उत्पीड़न करके उसमें असहायता और निराशा की भावना पैदा हुई और और इस तरह के उत्पीड़न ने उसका दैनिक जीवन को मुश्किल बना दिया और इससे तंग आकर...
'आरोपी जमानदार पेश करने में असफल रहा': दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत की शर्त को निजी बॉन्ड में संशोधित किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानदार पेश करने की शर्त की जगह निजी बॉन्ड जमा करने के रूप में जमानत की शर्त को संशोधित किया है। दरअसल आरोपी एक मजदूर है और वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण जमानदार पेश करने में असफल रहा था।न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दायर एक आवेदन में, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 440 के साथ पठित करते हुए नियमित जमानत आदेश को इस हद तक संशोधित करने का निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को केवल एक 5000 रूपये का निजी बॉन्ड प्रस्तुत करने पर जमानत पर रिहा किया...
मुख्यमंत्री कल्याण योजना में अपना दावा पेश करने के लिए बीसीडी में रजिस्ट्रर्ड वकीलों के लिए दिल्ली का वोटर आईडी जरूरी नहीं: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सोमवार को दिल्ली बार काउंसिल में रजिस्ट्रर्ड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले सभी अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना का लाभ देने का आदेश दिया।ये अधिवक्ता चाहे दिल्ली के वोटर आईडी कार्ड रखते हों या नहीं, इन्हें लाभ दिया जाएगा।यह आदेश न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली द्वारा दायर एक याचिका में पारित किया है।दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) में नामांकित (चाहे उनके नाम राष्ट्रीय राजधानी की मतदाता सूची में हों या...
'छात्रों के हित में लिया गया निर्णय': कर्नाटक हाईकोर्ट ने एसएसएलसी की परीक्षा रद्द करने से इनकार किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 19 जुलाई से दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए फिजिकल मोड में एसएसएलसी की परीक्षा आयोजित करने के राज्य सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति हंचते संजीव कुमार की खंडपीठ ने कहा कि परीक्षा आयोजित करना छात्रों के हित में है और राज्य ने COVID-19 महामारी के खिलाफ पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए हैं।पीठ ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मैरिट में कमी के कारण परीक्षा रद्द करने की मांग की गई थी।पीठ ने कहा कि केवल इसलिए कि PUC II...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम की धारा 194N के तहत 30 सितंबर तक टीडीएस कलेक्शन पर रोक लगाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194N के तहत आयकर विभाग को टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस) एकत्र करने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया।न्यायमूर्ति मोहम्मद निजामुद्दीन उस प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुना रहे थे। याचिका में वित्त अधिनियम, 2019 जो 1 सितंबर, 2019 से प्रभावी हो गया था, को चुनौती दी गई थी। प्रावधान में 2% की दर से टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस), अन्य बातों के साथ-साथ एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक की...
बालिग होने के नाते कपल लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने का हकदार: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 और 19 साल के जोड़े को सुरक्षा प्रदान की
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक 21 वर्षीय लड़की और 19 वर्षीय लड़के को यह देखते हुए सुरक्षा प्रदान की कि दोनों बालिग होने के कारण लिव इन रिलेशनशिप में एक साथ रहने के हकदार हैं।न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा:"मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता बालिग होने के कारण लिव-इन-रिलेशनशिप में एक साथ रहने के हकदार हैं। इसलिए प्रतिवादी नंबर चार और पांच से किसी भी नुकसान के खिलाफ अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के भी हकदार हैं।"इस युगल ने ने लड़की के परिवार से सुरक्षा की मांग करते हुए...
समाज लोक सेवकों के भ्रष्ट आचरण का शिकार हुआ; भ्रष्टाचार सभ्य समाज का सबसे बड़ा दुश्मन: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा कि समाज बड़े पैमाने पर लोक सेवकों के भ्रष्ट आचरण का शिकार हो गया है और इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्टाचार हर स्वतंत्र सभ्य समाज का सबसे बड़ा दुश्मन है।न्यायमूर्ति गीता गोपी की खंडपीठ ने आगे टिप्पणी की कि नागरिक द्वारा एक लोक सेवक के खिलाफ शिकायत दर्ज करने और लोक सेवकों पर मुकदमा चलाने का अधिकार शासन के नियम के तहत आता है।कोर्ट ने कहा कि, "किसी भी स्तर पर किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया भ्रष्टाचार निंदनीय है जिसे न्यायिक अधिकारी द्वारा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता...
"दूसरी लहर का प्रभाव कम हुआ है": पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 मामले बंद किए
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 की दूसरी लहर के कम हो रहे प्रभाव को देखते हुए एक याचिका को बंद कर दिया, जिसके माध्यम से वह त्रिकोणीय शहर यानी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की महामारी की स्थिति की निगरानी कर रहा था।जस्टिस राजन गुप्ता और करमजीत सिंह की खंडपीठ ने कहा,"जाहिर है कि इस क्षेत्र में दूसरी लहर में अब काफी गिरावट आई है और लहर ने नीचे की ओर रुझान दिखाया गया है। इस प्रकार, हम मामले को बंद करना चाहते हैं।"हाईकोर्ट ने COVID-19 की दूसरी लहर के मद्देनजर, जेल के एक कैदी द्वारा दायर याचिका पर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 जुलाई से फिजिकल सुनवाई के लिए दिशानिर्देश जारी किए; वर्चुअल सुनवाई जारी रहेगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट बुधवार 14 जुलाई से दोनों पीठों (लखनऊ और इलाहाबाद में) में फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। इस संबंध में कोर्ट ने एक गाइडलाइंस भी जारी की है। हालाँकि, इसके साथ ही वर्चुअल सुनवाई भी जारी रहेगी।फिजिकल सुनवाई के संबंध में कोर्ट द्वारा निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं: -1. फिजिकल सुनवाई के दौरान, अधिवक्ता COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करेंगे और तदनुसार, फेस मास्क / कवर पहनेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखेंगे।2. केवल वही अधिवक्ता हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश करेंगे,...
दंगा, यूएपीए, पीएमएलए आदि मामले के आरोपों वाले विचाराधीन कैदी एचपीसी के दिशानिर्देशों के तहत अंतरिम जमानत के हकदार नहीं : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि वैसे विचाराधीन कैदी, जो विशेष एजेंसियों द्वारा जांच किये जा रहे अपराधों, जैसे- दंगों, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, गैर-कानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) आदि से संबंधित मामलों में ट्रायल का सामना कर रहे हैं, वे उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) के दिशानिर्देशों के तहत रिहाई के हकदार नहीं हैं।दिशानिर्देशों के प्रासंगिक हिस्सों पर भरोसा जताते हुए न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास ने इस प्रकार कहा :"वैसे विचाराधीन कैदी, जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम / धन शोधन निवारण अधिनियम,...
स्थायी लोक अदालत के सदस्य को निलंबित करने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं होने पर भी उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की स्थिति में निलंबित किया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि केवल इसलिए कि स्थायी लोक अदालत के सदस्य को निलंबित करने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है, इसका मतलब यह नहीं है कि उसके खिलाफ इस तरह के गंभीर आरोप होने पर भी उसे निलंबित नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति सौरभ लावानिया की खंडपीठ कमलेश कुमार दीक्षित की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने प्रारंभिक जांच के बाद स्थायी लोक अदालत, उन्नाव के सदस्यता से उनके निलंबन को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें प्रथम दृष्टया अवैध रूप से 5000 रुपये की...
'पैरवी के समय गंभीर नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शोर-शराबे वाली जगह पर खड़े एडवोकेट को सुनने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते शिकायतकर्ता के लिए जमानत की सुनवाई में पेश होने वाले एक वकील को सुनने से इनकार किया, जो सुनवाई के समय शोर-शराबे वाली जगह पर खड़ा था और इस प्रकार अदालत को कुछ भी ठीक सुनाई नहीं दे रहा था कि वह क्या कह रहा है , क्या तर्क दे कर रहा है।न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने एजीए की सहायता से मामले की सुनवाई की और बलात्कार के आरोपी को जमानत दी, यह देखते हुए कि पीड़िता ने खुद अभियोजन की कहानी को उसके मूल में उड़ा दिया।संक्षेप में मामलाबेंच आवेदक द्वारा भारतीय दंड...
स्पेशल बेंचः हैबियस कार्पस याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रविवार को सुनवाई की
इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के आदेश के अनुसार एक लड़के की तरफ से दायर हैबियस कार्पस याचिका पर सुनवाई के लिए रविवार को एक विशेष पीठ का गठन किया गया। इस लड़के ने अपनी मां के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि उसका उसके घर से अपहरण कर लिया गया था और उसे थाने के यातना कक्ष में अवैध हिरासत में रखा गया है। न्यायमूर्ति प्रिटिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने सरकारी वकील की दलीलों को ध्यान में रखते हुए पाया कि प्रथम दृष्टया यह अवैध हिरासत का मामला नहीं था...
टू-चाइल्ड नॉर्मः यूपी जनसंख्या नियंत्रण विधेयक के ड्राफ्ट में चुनाव लड़ने और सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने पर रोक का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या (नियंत्रण, स्थिरीकरण और कल्याण) विधेयक, 2021 का एक मसौदा(ड्राफ्ट) तैयार किया है और इस पर बड़े पैमाने पर जनता से सुझाव मांगे हैं। इस ड्राफ्ट बिल(विधेयक) पर सुझाव ई-मेल -statelawcommission2018@gmail.com या डाक द्वारा 19 जुलाई, 2021 तक भेजे जा सकते हैं। ड्राफ्ट यह स्पष्ट करता है कि राज्य विधि आयोग, यू.पी. वर्तमान में राज्य की जनसंख्या के नियंत्रण, स्थिरीकरण और कल्याण पर काम कर रहा है और उसके अनुसरण में आयोग ने एक ड्राफ्ट बिल तैयार किया है। ...
COVID-19 वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त करने वाले लोग अंतराल अवधि समाप्त होने के बाद दूसरी खुराक के लिए अनिश्चित काल तक प्रतीक्षा नहीं कर सकते: त्रिपुरा हाईकोर्ट
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने कहा कि कोविशील्ड या कोवैक्सिन में से जिन लोगों को COVID-19 वैक्सीन की पहली खुराक मिली है, उन्हें अनिवार्य अंतराल समाप्त होने के बाद अपनी दूसरी खुराक प्राप्त करने के लिए अनिश्चित काल तक इंतज़ार नहीं करवाया जा सकता, इसलिए इसने राज्य प्रशासन से वैक्सीनेशन खुराक की संख्या बढ़ाने के लिए कहा।मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायमूर्ति एस तालापात्रा की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की,"... चिंता का कारण यह है कि जिन लोगों को पहले वैक्सीन मिल चुकी है, वे 12 सप्ताह या 4 सप्ताह पूरे होने पर...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हवाई अड्डों के नाम की पॉलिसी को अंतिम रूप देने पर विचार करने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मौखिक रूप से नागरिक उड्डयन मंत्रालय को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के नाम के लिए एक अखिल भारतीय नीति तैयार करने पर विचार करने या नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए कहा।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की पीठ अधिवक्ता फिल्जी फ्रेडरिक की एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक समान पॉलिसी बनाने और महाराष्ट्र सरकार को आगामी नवी मुंबई हवाई अड्डे के नामकरण के लिए कोई प्रस्ताव करने से रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की गई...
दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के अनुपालन में वीसी मोड के माध्यम से साक्ष्य की रिकॉर्डिंग की अनुमति दी
दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में पक्षकारों की ओर से पेश किए गए एक पारस्परिक आवेदन पर वीडियो कांफ्रेंसिंग मोड के माध्यम से साक्ष्य की रिकॉर्डिंग की अनुमति दी है।मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट देवांशु सजलान ने यह कहते हुए कि उपरोक्त प्रैक्टिस दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा बनाए गए वीडियो कांफ्रेंसिंग नियमों के अनुसार किया जाएगा, आदेश दिया:"मौजूदा मामला '5 साल पुराना' मामला है। दोनों पक्षों ने वीसी के माध्यम से साक्ष्य दर्ज करने में आपसी इच्छा दिखाई है। तदनुसार, पार्टियों की ओर से पेश किए गए आपसी मौखिक आवेदन की...
"राष्ट्रगान के लिए खड़े नहीं होना या चुप रहना मौलिक कर्तव्यों का पालन करने में अनादर और विफलता के बराबर हो सकता है; लेकिन यह अपराध नहीं": जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने कहा है कि राष्ट्रगान के लिए खड़े नहीं होना या इसे नहीं गाना संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों का पालन नहीं करने या अनादर करने के बराबर हो सकता है, हालांकि, यह राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत अपराध नहीं हो सकता है।जस्टिस संजीव कुमार की सिंगल बेंच ने भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का जश्न मनाने के लिए 29 सितंबर 2018 को आयोजित समारोह में राष्ट्रगान का कथित रूप से अनादर करने के आरोप में एक कॉलेज व्याख्याता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी...
''खेदजनक स्थिति है कि अधिकारी गैंग-चार्ट तैयार करने में उचित ध्यान नहीं दे रहे हैं, यह आर्टिकल 21 का उल्लंघन'' : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले महीने गैंग चार्ट तैयार करने में अधिकारियों के लापरवाह और सुस्त रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने पाया कि कुछ मामलों में अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से गैंग-चार्ट तैयार किया गया है और गैंग चार्ट आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ अपराध के मामलों की गलत जानकारी का संकेत दे रहा था। इसलिए अदालत के इस मामले में अधिकारियों के रवैये पर सवाल भी उठाया।न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने एक आरोपी/आवेदक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अवलोकन किया, जिसने दलील दी थी कि वह कुछ...
न्यूज़ीलैंड के यूट्यूबर कार्ल रॉक को भारत में लौटने पर रोक लगाने के लिए केंद्र द्वारा ब्लैकलिस्ट करने के खिलाफ उनकी पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
न्यूज़ीलैंड के यूट्यूबर कार्ल एडवर्ड राइस (जिसे कार्ल रॉक के नाम से जाना जाता है) की पत्नी यूट्यूब व्लॉगर मनीषा मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। भारत सरकार ने यूट्यूबर कार्ल एडवर्ड राइस को भारत लौटने पर रोक लगाने के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। मनीषा मलिक ने ब्लैकलिस्टिंग के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।एडवोकेट फुजैल अहमद अय्यूबी के माध्यम से दायर याचिका याचिकाकर्ता के पति कार्ल एडवर्ड राइस की मनमानी और अनुचित ब्लैकलिस्टिंग को चुनौती देती है, जो 10.10.2020...




















