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उड़ीसा हाईकोर्ट ने दो अगस्त से लागू होने वाली अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नियम जारी किए

LiveLaw News Network
29 July 2021 7:49 AM GMT
उड़ीसा हाईकोर्ट ने दो अगस्त से लागू होने वाली अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नियम जारी किए
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उड़ीसा हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर बताया कि वह जल्द ही कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करेगा। इस तरह उड़ीसा हाईकोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग ऑफ कोर्ट कार्यवाही नियम, 2021 प्रकाशित करेगा। ये नियम दो अगस्त से लागू होंगे।

नियमों को न्यायालय द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 225 के तहत प्रदत्त शक्तियों के आधार पर और ओपन कोर्ट अवधारणा के कार्यान्वयन को प्रभावी और व्यापक बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है,

"लाइव-स्ट्रीमिंग का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों या अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से एक लाइव टेलीविजन लिंक, वेबकास्ट, ऑडियो-वीडियो प्रसारण शामिल है। इससे कोई भी व्यक्ति इन नियमों के तहत अदालत की कार्यवाही को देख सकता है।"

हालाँकि, न्यायालय वैवाहिक मामलों से संबंधित कार्यवाही को लाइव स्ट्रीम नहीं करेगा। इसमें उसके तहत उत्पन्न होने वाली सहायक कार्यवाही, बच्चों और किशोरों से जुड़े मामले शामिल हैं, जिनमें यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO अधिनियम) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत पंजीकृत मामले शामिल हैं। इसी तरह, यौन अपराधों से संबंधित मामले आईपीसी की धारा 376, के तहत स्थापित कार्यवाही महिलाओं के खिलाफ लिंग आधारित हिंसा से संबंधित मामले, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 से संबंधित मामले शामिल हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं के मामले कैमरे की कार्यवाही में और ऐसे मामले जो बेंच की राय में समुदायों के बीच दुश्मनी को भड़का सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप कानून और व्यवस्था का उल्लंघन हो सकता है। इनकी लाइव स्ट्रीम नहीं की जाएगी।

इसके अलावा कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का दावा किसी भी व्यक्ति द्वारा अधिकार के रूप में नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट के पास लाइव स्ट्रीम किए गए फ़ीड और वीडियो पर कॉपीराइट होगा। इसमें लाइव स्ट्रीमिंग समाप्त होने के बाद लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म में बनाए गए फ़ीड और वीडियो, लाइव फ़ीड / वीडियो की किसी भी अनधिकृत प्रतिलिपि को प्रतिबंधित करना शामिल हैं।

अधिसूचना में कहा गया कि अनधिकृत उपयोग / पुन: उपयोग, कैप्चर, संपादन / पुन: संपादन, वितरण / पुनर्वितरण, या व्युत्पन्न कार्य बनाना या लाइव स्ट्रीम किए गए फ़ीड / वीडियो को संकलित करना या किसी भी उद्देश्य के लिए इसका उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

हालांकि, यदि संबंधित हितधारकों को कोई कठिनाई होती है, तो मुख्य न्यायाधीश उपरोक्त कुछ प्रतिबंधों में ढील देने की शक्ति रखते हैं।

ऑर्डर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



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