मुख्य सुर्खियां
एनडीपीएस अधिनियम - एक पार्टी में दूसरे के लिए ड्रग्स खरीदना किसी को ड्रग पेडलर नहीं बनाता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
कोर्ट ने पहली बार अपराध करने वाले दो अपराधियों के लिए एक सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और टिप्पणी की कि आज के युवा "अभी या कभी नहीं" के रवैये से अपने कार्यों के परिणामों का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं।बॉम्बे हाईकोर्ट ने ड्रग्स रखने और सेवन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो युवकों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि किसी पार्टी में किसी अन्य व्यक्ति के लिए ड्रग्स खरीदने के कारण उसे ड्रग पेडलर नहीं बनाया जाएगा और उसकी जमानत के खिलाफ प्रथम दृष्टया एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कठोरता लागू नहीं...
'काम नहीं तो वेतन' तब लागू नहीं होगा, जब कानून स्पष्ट छूट पर पूर्ण वेतन देने का प्रावधान करता है: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि जब मौलिक नियम स्पष्ट रूप से एक सरकारी कर्मचारी को सजा/आपराधिक आरोपों से मुक्त करने पर पूर्ण वेतन और भत्ते का अनुदान प्रदान करते हैं, तो 'काम नहीं तो वेतन' का सिद्धांत लागू नहीं होगा। जस्टिस संजय के अग्रवाल ने टिप्पणी की कि 'काम नहीं तो वेतन' का सिद्धांत मौलिक नियमों के नियम 54 के उप-नियम (2) को ओवरराइड नहीं करेगा, जो पूर्ण छूट पर पूर्ण वेतन और भत्ते प्रदान करता है।पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता की सक्षम प्राधिकारी ने सेवा से समाप्त कर दी थी। वह एक जेल गार्ड थे। उन्होंने...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कोंकण रेलवे स्टेशनों पर वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों के लिए सुविधाओं की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और प्रबंध निदेशक मैसर्स कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने यह नोटिस कोंकण रेलवे लाइन पर सभी रेलवे स्टेशनों पर फिजिकल रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए जाने की मांग करने वाली याचिका पर जारी किया।न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने जॉर्ज फर्नांडीज द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया।यह याचिका एडवोकेट आरजी कोल्ले और राजेश...
ड्राइविंग लाइसेंस: हाईकोर्ट ने आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा जारी किए गए फिटनेस प्रमाणपत्रों को स्वीकार न करने पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार के साथ-साथ दिल्ली सरकार को आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए जारी मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्रों को स्वीकार न करने को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। भले ही ऐसे प्रमाण पत्र ऑफ़लाइन स्वीकार किए जाते हैं।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सकों के एक संघ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एएसजी चेतन शर्मा से कहा,"मोटर वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र देने...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉक्टर कफील खान के खिलाफ एंटी सीएए भाषण पर दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द की
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को डॉक्टर कफील खान को एक बड़ी राहत देते हुए दिसंबर 2019 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक विरोध प्रदर्शन में सीएए और एनआरसी के बारे में दिए गए उनके भाषण पर उनके खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी।न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की खंडपीठ ने उनके कथित भड़काऊ भाषण के बाद शुरू की गई पूरी आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अलीगढ़ के संज्ञान आदेश को रद्द कर दिया।इसी मामले में यूपी सरकार द्वारा डॉ. खान के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून...
दयनीय शारीरिक स्थिति के अलावा, वह एक मनोवैज्ञानिक रोगी भी हैः दिल्ली हाईकोर्ट ने बिजली के खंभे से गिरने के बाद विकलांग हुए व्यक्ति को 20 लाख का मुआवजा दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेसर्स बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) में इलेक्ट्रीशियन के रूप में नौकरी करते हुए वर्ष 2014 में बिजली के खंभे से गिरने के बाद बिस्तर पर पड़े/विकलांग हुए एक व्यक्ति को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। मौद्रिक राहत के अलावा, न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने उत्तर प्रदेश राज्य को निर्देश दिया है कि वह इस 28 वर्षीय व्यक्ति को 100 प्रतिशत स्थायी विकलांगता वाला व्यक्ति मानता रहे और निम्न लाभ प्रदान करें- 1. विकलांगता पेंशन 2. आजीवन मुफ्त बस और रेलवे पास 3. जब...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए एमएसएमई एक्ट के तहत अधिवक्ताओं को 'पेशेवर' के रूप में शामिल करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कल्याणकारी योजनाओं तक पहुँचने के उद्देश्य से एमएसएमई एक्ट (MSME Act) के तहत "पेशेवर" की परिभाषा के भीतर अधिवक्ताओं को शामिल करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर गुरुवार को नोटिस जारी किया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने व्यक्तिगत रूप से एक पक्ष के रूप में पेश अधिवक्ता अभिजीत मिश्रा की सुनवाई के बाद एमएसएमई मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और आरबीआई को नोटिस जारी किया।याचिका में कहा गया कि एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार की...
अंतर धार्मिक विवाह के कारण धर्मांतरण करने के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक नहीं : गुजरात हाईकोर्ट ने अपना पिछला आदेश बरकरार रखा
गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 की धारा 5 पर रोक लगाने वाले अपने 19 अगस्त के आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया और कहा कि "हमें आदेश में कोई बदलाव करने का कोई कारण नहीं मिलता है।"मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव की खंडपीठ के समक्ष पेश हुए महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने तर्क दिया कि अधिनियम की धारा 5 का विवाह से कोई लेना-देना नहीं है और इसलिए, न्यायालय के 19 अगस्त के आदेश में धारा की कठोरता को कम करने की आवश्यकता है। इसमें...
केंद्र सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को संबंधित अधिसूचना जारी की
केंद्र सरकार ने गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पांच अधिवक्ताओं की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी की।इन पांच अधिवक्ताओं में केसांग डोमा भूटिया, रवींद्रनाथ सामंत, सुगातो मजूमदार, बिवास पटनायक और आनंद कुमार मुखर्जी हैं।भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव राजिंदर कश्यप द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 224 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने (1) मिस केसांग डोमा भूटिया, (2) रवींद्रनाथ सामंत, (3) सुगातो मजूमदार, (4)...
अपीलीय अदालत को अपीलकर्ता के पेश न होने पर अपील के निपटान में कोर्ट की सहायता के लिए एक एमिकस नियुक्त करना चाहिएः झारखंड हाईकोर्ट ने दोहराया
झारखंड हाईकोर्ट ने माना है कि एक अपीलीय अदालत को रिकॉर्ड पर मौजूद सभी सामग्रियों पर विचार करने और निष्कर्ष पर पहुंचने की आवश्यकता है और अपीलकर्ता के उपस्थित न होने की स्थिति में, अपीलीय अदालत को अपील के निस्तारण में अपीलार्थी की तरफ से अदालत की सहायता के लिए कम से कम एक न्याय मित्र/एमिकस नियुक्त करना चाहिए। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चैधरी ने मोहम्मद सुकुर अली बनाम असम राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए अवलोकन पर भरोसा किया। ''हमारा मानना है कि भले ही यह मान लिया जाए कि आरोपी का वकील ...
राष्ट्रपति ने प्रणय वर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया
भारत के राष्ट्रपति ने अधिवक्ता प्रणय वर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है।इस संबंध में कानून और न्याय मंत्रालय, न्याय विभाग (नियुक्ति प्रभाग) द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई।अधिसूचना में कहा गया,भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त अधिकार का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति प्रणय वर्मा को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करते हैं।इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दो मार्च, 2021 को जारी एक बयान...
राशन कार्ड पर जोर दिए बिना लोगों को मुफ्त राशन प्रदान करें जब तक कि योजना लागू न हो: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जब तक राशन की नीति लागू न हो जाए तब तक बिना राशन कार्ड के लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराना जारी रखें।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली अधिवक्ता अभिषेक आनंद के माध्यम से सात परिवारों द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थीं।इन परिवारों ने COVID-19 महामारी के कारण अपनी नौकरी खो दी थी। इसलिए उन्होंने दिल्ली सरकार से सभी परिवारों को बिना किसी 'राशन कार्ड' पर जोर दिए कम से कम तीन महीने की अवधि राशन की सुविधा प्रदान करने के लिए निर्देश देने की मांग...
पति द्वारा कानूनी रूप से विवाहित पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना या कोई भी यौन कृत्य बलात्कार नहीं, भले ही वह बलपूर्वक या उसकी इच्छा के विरुद्ध होः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को वैवाहिक बलात्कार के अपराध से आरोमुक्त करते हुए कहा है कि पति द्वारा अपनी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी के साथ यौन संबंध या कोई भी यौन कृत्य करना बलात्कार नहीं है, भले ही वह पत्नी से बलपूर्वक या उसकी इच्छा के विरुद्ध किया गया हो।हालाँकि, अदालत ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत आरोप तय करते हुए कहा कि पत्नी के साथ अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाने के उसके कृत्य ने उक्त अपराध को आकर्षित किया है।आईपीसी की धारा 375 के अपवाद II पर भरोसा करते हुए,...
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने वकील पर काम से दूर रहने के लिए एक हजार रूपये का जुर्माना लगाया
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को एक वकील पर 1,000/- रुपये का जुर्माना लगाया।हाईकोर्ट ने वकील पर यह जुर्माना इसलिए लगाया, क्योंकि उसने उसी दिन काम से परहेज किया था, जिस दिन एक मामले की जल्द सुनवाई की मांग करने वाला उसका आवेदन अदालत के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की खंडपीठ ने कहा कि अदालतें बड़ी मुश्किलों से वर्चुअल मोड के माध्यम से काम कर रही हैं, और तब भी वकीलों ने 11 अगस्त, 2021 को काम से परहेज किया।यह जुर्माना अधिवक्ता प्रतीक पंडित पर लगाया गया है। इनका...
यौन अपराध की पीड़िता के पास एफआईआर रद्द करने के लिए अदालत जाने का कोई रास्ता नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि यौन अपराध की पीड़िता को यौन उत्पीड़न के लिए दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का कोई अधिकार नहीं हो सकता है।न्यायमूर्ति अनूप चितकारा की खंडपीठ एक बलात्कार पीड़िता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में उसने आरोपी के खिलाफ उसके कहने पर दर्ज एफआईआर को इस आधार पर रद्द करने की मांग की थी कि अब उन्होंने (पीड़ित और आरोपी) ने शादी करने का फैसला कर लिया है।यौन उत्पीड़न की 20 वर्षीय कथित पीड़िता द्वारा आरोपी को एक पक्ष के रूप में आरोपित...
गुजरात धर्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 5 पर रोक लगाने के आदेश में सुधार के लिए राज्य सरकार ने गुजरात उच्च न्यायालय का रुख किया
गुजरात सरकार ने गुजरात उच्च न्यायालय से हाल के आदेश (19 अगस्त), जिसमें गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 की धारा 5 सहित कई धाराओं के संचालन पर रोक लगा दी गई थी, में सुधार की मांग की है।19 अगस्त के आदेश का सक्रिय भाग इस प्रकार है,' "प्रारंभिक प्रस्तुतियां और दलीलें दर्ज करने के बाद, हमने निम्नानुसार निर्देश दिया है। इसलिए हमारी राय है कि आगे की सुनवाई तक, धारा 3, 4, 4A से 4C, 5, 6, और 6A की कठोरता केवल इसलिए संचालित नहीं होगी क्योंकि एक धर्म के व्यक्ति द्वारा दूसरे धर्म के व्यक्ति...
कब्बन पार्क वाहन प्रतिबंध: बेंगलुरु एडवोकेट्स एसोसिएशन ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा, इससे वकीलों को नुकसान होगा
एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ बेंगलुरु ने कहा है कि अगर कब्बन पार्क के भीतर और उससे होकर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, तो इससे वकीलों को बहुत परेशानी होगी और उन्हें कब्बन पार्क के आसपास स्थित विभिन्न अदालतों में जाने में देरी होगी।एसोसिएशन ने एक अभियोगी आवेदन दायर किया है, जिसमें उन्हें प्रतिवादी बनाने की मांग की गई है और एक 5 महीने के बच्चे द्वारा दायर याचिका में, जिसमें उसके पिता ने प्रतिनिधित्व किया है, किसी भी किसी भी आदेश को पारित करने से पहले उन्हें सुने जाने की अपील की गई है।...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगोड़े आईपीएस अधिकारी की ओर से अनधिकृत याचिका दायर करने और कोर्ट को गुमराह करने लिए वकील पर 5 लाख का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एडवोकेट मुकुटनाथ वर्मा पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया क्योंकि यह पाया गया था कि उन्होंने निलंबित और फरार आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार की ओर से अनधिकृत रूप से एक रिट याचिका दायर की और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए, और इस तरह अदालत को गुमराह किया।जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस पीयूष अग्रवाल की बेंच ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली से इस वकील के खिलाफ कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई करने को भी कहा है।कोर्ट के समक्ष याचिकाअधिवक्ता वर्मा ने मौजूदा...
क्या एसएमए के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह सम्पन्न किया जा सकता है? केरल हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच जांच करेगी
केरल हाईकोर्ट की एक खंडपीठ इस बात की जांच करेगी कि क्या विशेष विवाह अधिनियम (एसएमए) के तहत विवाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार ने बुधवार को मामले को आगे के विचार के लिए एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया।पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मुद्दे पर दलीलें सुनी थीं और मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया था।यह आदेश कई याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर आया, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसएमए के तहत अपनी शादी को रद्द करना चाहते थे, क्योंकि वे...
राजस्व अधिकारियों के पास वसीयत की वास्तविकता निर्धारित करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने माना कि एक राजस्व प्राधिकरण के पास म्यूटेशन (उत्परिवर्तन) के लिए एक आवेदन पर विचार करते समय वसीयत की वैधता निर्धारित करने की शक्ति नहीं है।न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने कुसुम बाई और अन्य बनाम उम्मेदी बाई (2021) में पहले के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि सिविल अदालत को भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 63 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 98 के अनुसार वसीयत की वैधता का फैसला करना है।पृष्ठभूमिमामला एक वसीयत के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में...



















