मुख्य सुर्खियां

दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉपीराइट टाइटल के दावे पर 'दिल्ली लॉ हाउस' को 47 लॉ बुक्स बेचने से रोकने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'दिल्ली लॉ हाउस' और उससे जुड़ी संस्थाओं या लोगों को 47 लॉ बुक्स पब्लिश करने और बेचने से रोकने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि केस करने वाली शक्ति सागर इन कामों पर अपना शुरुआती (Prima Facie) कॉपीराइट अधिकार साबित करने में नाकाम रहीं।जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव, सागर द्वारा दायर केस की सुनवाई कर रहे थे। सागर ने 47 टाइटल्स पर एक्सक्लूसिव कॉपीराइट का दावा किया था और आरोप लगाया कि 'दिल्ली लॉ हाउस' समेत प्रतिवादी (Defendants) उनकी इजाज़त के बिना किताबें पब्लिश और बेच रहे थे।वादी...

निष्पक्ष सुनवाई के लिए ज़रूरी: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने POCSO मामले में अंधे आरोपी के लिए गवाह की गवाही ब्रेल में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) का वह आदेश रद्द किया, जिसमें पूरी तरह से अंधे आरोपी से गवाह से जिरह (Cross-Examination) करने का मौका छीन लिया गया।कोर्ट ने कहा, “आसानी से समझ में आने वाले या इस्तेमाल करने लायक रूप (Accessible Form) में सामग्री उपलब्ध कराना आरोपी के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से सीधे तौर पर जुड़ा है।” जस्टिस आलोक महरा क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें ट्रायल कोर्ट के 9 सितंबर, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके तहत आरोपी से...

यह कहां से आया? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्रकार सत्यम वर्मा की NSA हिरासत में 'आंदोलनजीवी' शब्द के इस्तेमाल पर उठाया सवाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 (NSA) के तहत पत्रकार सत्यम वर्मा के खिलाफ पारित निवारक हिरासत आदेश का आधार बनाते हुए हिरासत के आधार पर 'आंदोलनजीवी' शब्द के उपयोग पर मौखिक रूप से सवाल उठाया।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने एडिशनल एडवोकेट मनीष गोयल से सवाल किया कि इस तरह की शब्दावली आधिकारिक सरकारी हिरासत दस्तावेज़ में कैसे आ गई।जस्टिस श्रीधरन ने पूछा,"यह शब्द 'आंदोलनजीवी' कहां से आया? इसे आधिकारिक दस्तावेज़ में कैसे शामिल किया गया?" खंडपीठ ने...

सिर्फ़ जाली जाति प्रमाण-पत्र देने से वकील को स्टेट रोल से नहीं हटाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि सिर्फ़ जाली जाति प्रमाण-पत्र जमा करने के आधार पर किसी वकील को स्टेट बार रोल से नहीं हटाया जा सकता, जब तक कि यह साबित न हो जाए कि कथित धोखाधड़ी या गलत जानकारी का एनरोलमेंट (पंजीकरण) हासिल करने से कोई संबंध है।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने कहा,"...एनरोलमेंट रिकॉर्ड में धोखाधड़ी वाले दस्तावेज़ का होना ही अपने आप में धोखाधड़ी से एनरोलमेंट हासिल करने के बराबर नहीं माना जा सकता, जब तक कि यह साबित न हो जाए कि उस एनरोलमेंट को हासिल करने में धोखाधड़ी की अहम भूमिका है।" कोर्ट...

तीन दशक की न्यायिक यात्रा के बाद दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सी सुधा हुईं रिटायर, बोलीं- “कुछ अनुभव हमें मजबूत बनाते हैं”
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सी. चंद्रशेखरन सुधा गुरुवार को तीन दशक से अधिक लंबी न्यायिक यात्रा के बाद रिटायर हो गईं। विदाई समारोह में भावुक होते हुए उन्होंने अपने करियर के उन अनुभवों को याद किया, जिन्होंने तिरुवनंतपुरम की एक युवा वकील से दिल्ली हाईकोर्ट की जज बनने तक के उनके सफर को आकार दिया।अपने विदाई संबोधन में जस्टिस सुधा ने कहा,“कुछ अनुभव हमें प्रोत्साहित करते हैं। कुछ हमारी परीक्षा लेते हैं। कुछ हमें मजबूत बनाते हैं। इन सभी अनुभवों ने अपने-अपने तरीके से उस व्यक्ति और जज को बनाने में योगदान...

₹200 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस: वर्क वीज़ा रिन्यू कराने के लिए जैकलीन फर्नांडीज को मिली NOC
दिल्ली कोर्ट ने बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज को उनका वर्क वीज़ा रिन्यू कराने के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) दिया।उन पर कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप हैं।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज गगनदीप सिंह ने संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिया कि वे लागू कानूनों और नियमों के अनुसार एक्ट्रेस की अर्ज़ी पर स्वतंत्र रूप से विचार करें।जज ने आदेश दिया,"...आवेदक/आरोपी जैकलीन फर्नांडीज को कानून के अनुसार संबंधित अथॉरिटी के पास अपने वीज़ा के रिन्यूअल के...

अश्लील, AI कंटेंट के खिलाफ़ BJP सांसद कंगना रनौत की याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया समन
बॉलीवुड एक्ट्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस विकास महाजन ने केस में समन जारी किया और एक्ट्रेस की ओर से दायर अंतरिम रोक (इंटेरिम इंजंक्शन) की अर्ज़ी पर भी नोटिस जारी किया।रनौत के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ़ पोस्ट किए गए पोर्नोग्राफ़िक और अश्लील कंटेंट से परेशान हैं।उन्होंने एक्ट्रेस के खिलाफ़ AI से बने कंटेंट का भी ज़िक्र किया और कहा कि...

'बुल्ली बाई ऐप' मामले में एक आरोपी बरी; कोर्ट ने कहा- सिर्फ़ ऐप को फ़ॉलो करना अपराध नहीं
मुंबई मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मंगलवार (6 अक्टूबर) को कुख्यात 'बुल्ली बाई ऐप' मामले के आरोपियों में से एक विशाल झा को बरी किया। इस मामले में 100 से ज़्यादा प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरें "नीलामी" के लिए डाली गई थीं।जज राजू इंगले ने झा की इस दलील पर ध्यान दिया कि अगर उनके खिलाफ़ दायर चार्ज-शीट को ज्यों का त्यों पढ़ा जाए, तब भी उन पर कोई अपराध नहीं बनता। जज ने इस बात पर भी गौर किया कि उन पर एकमात्र आरोप यह है कि उन्होंने कथित 'बुल्ली बाई ऐप' को फ़ॉलो किया था और इसके...

RSS मानहानि मामले में प्रियांक खड़गे को राहत, कोर्ट ने केस पर लगाई रोक
बेंगलुरु की सेशंस कोर्ट ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक एम. खड़गे और कांग्रेस नेता मोहम्मद हारिस नलापाद के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बारे में कथित मानहानि वाले बयानों को लेकर चल रहे आपराधिक मानहानि केस की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई।जज केबी शिवप्रसाद ने शिकायत करने वाले संगठन के सदस्य के 'लोकस स्टैंडी' (मुकदमा करने का अधिकार) की जांच करने का फैसला किया।यह घटनाक्रम खड़गे द्वारा दायर आपराधिक रिवीजन याचिका के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने स्पेशल MP/MLA कोर्ट के 27 जून के उस आदेश को...

'सिर्फ़ सिग्नेचर में अंतर से OMR के साथ छेड़छाड़ साबित नहीं होती': पटना हाईकोर्ट ने NEET उम्मीदवारों की याचिकाएं खारिज कीं
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि उम्मीदवार के एडमिट कार्ड और OMR आंसर शीट पर मौजूद सिग्नेचर में सिर्फ़ अंतर होने से यह साबित नहीं होता कि OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की गई या उसे बदल दिया गया। ऐसा तब और भी लागू होता है, जब परीक्षा अथॉरिटी ओरिजिनल OMR रिकॉर्ड पेश करती है और हेरफेर का कोई ठोस सबूत नहीं होता।जस्टिस हरीश कुमार की सिंगल जज बेंच संविधान के आर्टिकल 226 के तहत NEET-UG 2026 उम्मीदवारों की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा रखे गए मार्क्स और OMR आंसर शीट को...

'विरोध करने वाले छात्र एंटी-नेशनल नहीं, सरकार को उनका भरोसा फिर से जीतना चाहिए': पुणे MPSC विरोध पर बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (7 अक्टूबर) को कहा, "पुणे राज्य का एजुकेशन हब है और पढ़ाई के लिए इस शहर में आने वाले छात्र अपनी पढ़ाई में सचमुच दिलचस्पी रखते हैं। वे अपनी मांगों के लिए सड़कों पर नहीं उतरना चाहते, लेकिन अगर वे विरोध कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि उनकी कुछ गंभीर शिकायतें हैं। ऐसे छात्रों को देश-विरोधी नहीं कहा जा सकता।"कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह सिस्टम में छात्रों का भरोसा फिर से कायम करने के लिए सही कदम उठाए। चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन...

FIR दर्ज होने से पहले हिरासत में लेने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा पुलिस को फटकारा, कहा- “शर्म आनी चाहिए आपको”
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा पुलिस द्वारा एक व्यक्ति को कथित तौर पर एफआईआर दर्ज होने से पहले हिरासत में लेने और बाद में उसी मामले में गिरफ्तार दिखाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने हिरासत को अवैध मानते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका मंजूर कर ली और याचिकाकर्ता को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट के एसीपी और एसएचओ से कहा—“शर्म आनी चाहिए आपको।”कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य में पुलिस की स्थिति...

'काला हिरण' फ़िल्म के प्रोड्यूसर ने सलमान खान के केस पर रोक लगाने की मांग की, कहा - विवाद पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रस्तावित फ़िल्म "काला हिरण: द बैटल फ़ॉर लिगेसी" के मेकर्स की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान द्वारा फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ दायर केस पर रोक लगाने की मांग की गई।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने उस एक्टर से जवाब मांगा है जो फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगवाना चाहते हैं।बताया जा रहा है कि यह प्रस्तावित फ़िल्म खान के 1998 के काले हिरण (ब्लैकबक) के शिकार मामले से प्रेरित है।प्रोड्यूसर ने अर्ज़ी दायर कर तर्क दिया कि खान द्वारा पहले दायर किए गए...

दिल्ली कोर्ट ने CJP प्रदर्शनकारी पर हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दी स्थायी ज़मानत
दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को स्वतंत्र भारद्वाज को रेगुलर ज़मानत दी। यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले से जुड़ा है।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने यह आदेश दिया।जज ने इससे पहले भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी थी।15 सितंबर को अंतरिम ज़मानत देते समय अदालत ने दिल्ली पुलिस की जांच में कमियों और खामियों की ओर इशारा किया था और संबंधित जांच अधिकारी (IO) से इन मुद्दों पर...

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे 17 छात्रों और पत्रकारों को दिल्ली कोर्ट से ज़मानत
दिल्ली कोर्ट ने उन 17 छात्रों और पत्रकारों को ज़मानत दी, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया था।पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी JMFC अनिमेष कुमार ने सोमवार रात 9 बजे चार अलग-अलग आदेश पारित किए। उन्होंने कहा कि आरोपी युवा हैं और वे आदतन अपराधी नहीं लगते।जज ने कहा,"उनका पूरा करियर अभी बाकी है। इसलिए मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपियों को ज़मानत दी जाती है..." अदालत ने माना कि आरोपियों...

'अगर नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं तो SIR का क्या मकसद?' ECI से बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने सोमवार (5 अक्टूबर) को उस तरीके पर सवाल उठाए, जिससे चुनाव अधिकारी चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के तहत नागरिकों के नाम हटा रहे हैं।भारत के चुनाव आयोग (ECI) को सुप्रीम कोर्ट की उन बातों की याद दिलाते हुए कि आयोग की यह ज़िम्मेदारी है कि वह पक्का करे कि सभी भारतीय नागरिक फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल हों, जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जामसांडेकर की डिवीजन बेंच ने ECI से कहा:"फैसला पढ़िए, उसमें कहा गया कि ECI की यह ज़िम्मेदारी है कि वह पक्का करे कि सभी...

जब शादी का रिश्ता काफ़ी हद तक टूट चुका हो तो उसे सिर्फ़ कानूनी तौर पर बचाए रखने से शादी की पवित्रता बनी नहीं रहती: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी के बीच वैवाहिक रिश्ता काफ़ी हद तक टूट चुका हो तो शादी को सिर्फ़ कानूनी रूप से बचाए रखना बेमतलब है और इससे शादी की पवित्रता भी बनी नहीं रहती। [2026 LiveLaw (Ori) 115]एक जोड़े को तलाक देने के फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए चीफ जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस चित्तरंजन डैश की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की,“निस्संदेह शादी की एक पवित्रता होती है, जिसे कोर्ट को आम तौर पर बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन जब रिश्ते की मुख्य नींव ही काफ़ी हद तक टूट चुकी हो, तो...

दिल्ली दंगों में नेताओं के कथित भड़काऊ भाषणों पर FIR की मांग में राजनीतिक चयनात्मकता: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर विभिन्न नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि इनमें राजनीतिक चयनात्मकता” का तत्व दिखाई देता है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने कुछ खास व्यक्तियों और कुछ विशेष भाषणों को कार्रवाई के लिए निशाना बनाया, जबकि उसके समक्ष ऐसा कोई असाधारण आधार नहीं है, जिसके चलते आपराधिक मामले दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी...

बच्चों के अधिकार और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हिंदी ई-बुकलेट जारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी ऐतिहासिक निर्णय ई-बुकलेट श्रृंखला का छठा संस्करण जारी किया। इसमें बच्चों के अधिकार और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन अलायंस बनाम एस. हरिश का हिंदी अनुवाद शामिल किया गया।यह ई-बुकलेट 30 सितंबर 2026 को AI आधारित कानूनी अनुवाद सलाहकार, E-AHCR और ILR समिति द्वारा जारी किया गया। ई-बुकलेट में शामिल सुप्रीम कोर्ट का फैसला 23 सितंबर 2024 का है, जो आपराधिक अपील संख्या 2161-2162/2024 में सुनाया गया। इस फैसले में बच्चों से संबंधित...

जामिया हिंसा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए कैंपस में नहीं घुसी थी पुलिस, हिंसा बढ़ने पर किया हस्तक्षेप: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा से जुड़ी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए शुरुआत में नहीं घुसी थी। पुलिस का परिसर में प्रवेश उस समय हुआ, जब विश्वविद्यालय के बाहर हालात बिगड़ चुके थे और प्रदर्शनकारी कैंपस के भीतर चले आए थे। हालांकि कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई के तरीके में कुछ कमियों की ओर भी इशारा किया और कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने विश्वविद्यालय की...
