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'एक भी छात्र की जान नहीं जानी चाहिए': हाईकोर्ट ने पुणे में 15 दिन से भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों के लिए मेडिकल सुविधा का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह पुणे में पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों के लिए तुरंत मेडिकल सुविधा सुनिश्चित करे। यह निर्देश तब दिया गया, जब कोर्ट को बताया गया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से एक की तबीयत बिगड़ गई।एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे ने कहा,"हम नहीं चाहते कि किसी भी छात्र की जान जाए।" जस्टिस गौतम अंखाड के साथ मिलकर बनी डिवीजन बेंच ने इस मामले पर तुरंत सुनवाई की। बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह प्रदर्शन कर रहे...

POCSO मामले में महिला आरोपी को राहत, लगभग 11 महीने बाद मिली जमानत
मुंबई के डिंडोशी स्थित विशेष POCSO कोर्ट ने पोवाई पुलिस स्टेशन में दर्ज C.R. No. 727/2025 से संबंधित जमानत आवेदन को मंजूर करते हुए महिला आरोपी मदीना अनवर हुसैन सैयद को जमानत दी।मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 एवं 79 तथा लैंगिग अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 8 एवं 12 के तहत आरोप लगाए गए थे। मामला गंभीर आरोपों और अभियोजन पक्ष की कड़ी आपत्तियों के कारण काफी चुनौतीपूर्ण था। इससे पहले 19 सितंबर 2025 को कोर्ट ने आरोपी का अग्रिम जमानत आवेदन (Anticipatory Bail...

IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल पर न्यायिक अधिकारी को कथित दबाव देने का आरोप, यूपी न्यायिक सेवा संघ ने मांगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ (UP Judicial Services Association) ने देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा गोंडा की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शबीना खान के न्यायिक कार्य में कथित हस्तक्षेप को लेकर राज्य सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की है।संघ ने 26 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजे पत्र में समाचार रिपोर्टों, सोशल मीडिया पोस्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश का हवाला देते हुए एक लंबित सिविल वाद के संबंध में आयुक्त और न्यायिक अधिकारी के बीच हुई कथित फोन बातचीत का...

हाईकोर्ट ने ठुकराई दो ज्यूडिशियल अधिकारियों के बीच वैवाहिक विवाद के चलते FIR की CBI जांच की मांग
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ज्यूडिशियल अधिकारी द्वारा अपनी पत्नी के कथित प्रेमी के खिलाफ दर्ज कराई गई FIR की जांच को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंपने से इनकार किया।कोर्ट ने कहा कि यह मामला, जो हरियाणा में ज्यूडिशियल अधिकारी के तौर पर काम कर रहे याचिकाकर्ता और उनकी पत्नी के बीच कड़वे वैवाहिक विवाद से जुड़ा है, ऐसे ट्रांसफर के लिए ज़रूरी "दुर्लभ और असाधारण" मामले की श्रेणी में नहीं आता है।जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा कि "जांच एजेंसी की ईमानदारी पर इस आधार पर शक नहीं किया जा...

केंद्र ने 'मेडिएशन काउंसिल ऑफ़ इंडिया' के गठन की सूचना जारी की, दिल्ली में होगा हेड ऑफिस
केंद्र सरकार ने गुरुवार (27 अगस्त) को 'मेडिएशन एक्ट 2023' के तहत 'मेडिएशन काउंसिल ऑफ़ इंडिया' के गठन की सूचना जारी की। इसका हेड ऑफिस दिल्ली में होगा और इसका मकसद सही गाइडलाइंस के ज़रिए भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मेडिएशन (मध्यस्थता) को बढ़ावा देना है।'मेडिएशन एक्ट, 2023' को मेडिएशन - खासकर इंस्टीट्यूशनल मेडिएशन - को बढ़ावा देने और आसान बनाने के लिए लागू किया गया। इसका मकसद विवादों (चाहे वे कमर्शियल हों या दूसरे तरह के) को सुलझाना, मेडिएशन से हुए समझौतों को लागू करना, मेडिएटर्स के रजिस्ट्रेशन...

झारखंड हाईकोर्ट ने ₹300 की रिश्वत वाले मामले में सज़ा कम की, कहा- आरोपी ने तीन दशकों तक 'मुक़दमे की पीड़ा' झेली
झारखंड हाईकोर्ट ने 1993 के भ्रष्टाचार के मामले में एक व्यक्ति की सज़ा कम की। यह मामला शिकायतकर्ता के प्रोविडेंट फंड (PF) के पैसे की प्रोसेसिंग के लिए ₹300 की रिश्वत मांगने से जुड़ा था। कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि आरोपी ने तीन दशकों तक "मुक़दमे की पीड़ा" झेली है।जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की सिंगल जज बेंच ने 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 के तहत सज़ा की अवधि पर विचार करते हुए कहा कि हालांकि इस प्रावधान में कम से कम छह महीने की सज़ा का नियम है, लेकिन...

एक सदी बाद वेस्टर्न इंडिया की एडवोकेट्स एसोसिएशन को मिलेगी महिला प्रेसिडेंट
बॉम्बे हाईकोर्ट की वकीलों की संस्था 'एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया' (AAWI) को अपने 162 साल के इतिहास में पहली बार एक महिला वकील प्रेसिडेंट के तौर पर मिलेगी।यह बदलाव AAWI द्वारा अपने संविधान और नियमों में संशोधन करके प्रेसिडेंट का पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित करने के बाद हुआ।इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए सीनियर एडवोकेट दीपा चव्हाण ने कहा कि यह एक अहम बदलाव है, क्योंकि इससे महिला वकीलों को देश की सबसे पुरानी बार एसोसिएशनों में से एक का नेतृत्व करने में मदद मिलेगी।चव्हाण ने कहा,"AAWI के...

दिल्ली दंगे UAPA केस: आरोपी अथर खान ने ज़मानत पाने वाले दूसरे आरोपी के आधार पर ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की "बड़ी साज़िश" (लार्जर कॉन्स्पिरेसी) मामले में सह-आरोपी अथर खान की ज़मानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने खान की स्पेशल लीव पिटीशन पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 7 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने भी उन्हें ज़मानत देने से मना कर दिया।अतहर खान ने शादाब अहमद के आधार पर ज़मानत मांगी,...

NLSIU ने रद्द किया 2026 बैच का दीक्षांत समारोह, छात्रों को अनुपस्थिति में दी जाएगी डिग्री
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने 2026 में स्नातक होने वाले छात्रों के लिए निर्धारित अपना 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द किया। यूनिवर्सिटी ने 12 सितंबर को होने वाले समारोह को रद्द करने के पीछे अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला दिया।यूनिवर्सिटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब ग्रेजुएट छात्रों को उनकी डिग्री समारोह में उपस्थित हुए बिना यानी अनुपस्थिति में प्रदान की जाएगी। छात्रों को उनके प्रमाणपत्र डाक के जरिए भेजे जाएंगे। इसके अलावा वे चाहें तो यूनिवर्सिटी परिसर से भी अपने...

दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम और उमर खालिद की ज़मानत याचिकाओं का विरोध किया, कहा- हालात में कोई बदलाव नहीं
2020 के दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की नई ज़मानत याचिकाओं का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा कि ये याचिकाएं "गैर-कानूनी" हैं और कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश हैं। वे यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी दूसरे मामले में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला मौजूदा कार्यवाही के लिए हालात में बदलाव के बराबर है।बता दें, खालिद और शरजील ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में अपनी...

ज़मानत के लिए ज्यूडिशियल ऑफिसर पर दबाव बनाने के मकसद से धरा सुप्रीम कोर्ट जज का रूप: कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को ठहराया दोषी
दिल्ली कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को दोषी ठहराया। उस पर आरोप है कि उसने अपने खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाई कर रहे ज्यूडिशियल ऑफिसर को फोन किया, सुप्रीम कोर्ट के जज का रूप धरा और ट्रायल जज पर ज़मानत देने का दबाव बनाया। साथ ही ज़मानत न मिलने पर ज्यूडिशियल ऑफिसर को नौकरी पर बुरा असर पड़ने की धमकी भी दी।सुकेश पर आरोप है कि 2017 के भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस कस्टडी के दौरान, उसने उस कॉन्स्टेबल का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया, जिसकी कस्टडी में वह है। इसके बाद उसने उस ज्यूडिशियल ऑफिसर के सरकारी...

कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब को जारी बेदखली के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया
दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को एस्टेट ऑफिसर द्वारा दिल्ली रेस क्लब को जारी बेदखली के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि क्लब को अपना पक्ष रखने के कई मौके दिए गए, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहा।अदालत ने पाया कि एस्टेट ऑफिसर ने न केवल प्रतिवादी 'भारत संघ' द्वारा दायर शिकायत की कॉपी अपीलकर्ता क्लब को दी थी, बल्कि क्लब को अपना जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त मौके भी दिए थे, जिसे उसने "अपनी ही वजहों" से दाखिल नहीं किया।पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर आपत्ति जताने वाली अर्ज़ी पर फ़ैसला लेने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह चार हफ़्ते के अंदर 'दिल्ली प्रॉसिक्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन' की उस अर्ज़ी पर फ़ैसला करे, जिसमें पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की ज़रूरत पर आपत्ति जताई गई।कोर्ट एसोसिएशन की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में मांग की गई थी कि पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अटेंडेंस से जुड़े दिल्ली सरकार के सर्कुलर को रद्द किया जाए, या फिर इन सर्कुलर को लागू करने पर रोक लगाई जाए और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के लिए कोई...

'नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की PITNDPS Act के तहत महिला की निवारक हिरासत रद्द किया: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 'नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988' (PITNDPS एक्ट) के तहत एक महिला की निवारक हिरासत रद्द किया। कोर्ट ने माना कि अधिकारियों द्वारा उसे केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखने (रिप्रेजेंटेशन) के अधिकार के बारे में तुरंत न बताना, और उसके बाद उसकी अर्जी को आगे भेजने और उस पर फैसला लेने में बहुत ज़्यादा देरी करना, अनुच्छेद 22(5) के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन था। [2026 LiveLaw (PH) 295]जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि...

3 महीने में कार्रवाई करें: हाईकोर्ट ने हाथरस पीड़िता के परिवार को दूसरी जगह बसाने में 'बेवजह रुकावट' डालने पर यूपी सरकार को फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह हाथरस गैंगरेप और हत्या की पीड़िता के परिवार को 3 महीने के भीतर गाजियाबाद या नोएडा में बसाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे। कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार उसके पहले के निर्देशों का पालन करने में "बेवजह रुकावट" डाल रही थी।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने कहा कि 22 फरवरी 2025 को राज्य सरकार का जो फैसला आया था, जिसमें परिवार को कासगंज, एटा या अलीगढ़ में बसाने की पेशकश की गई, उसमें गाजियाबाद या नोएडा में बसाने की...

क्षत्रिय करणी सेना के प्रमुख कहीं भी आने-जाने के लिए आज़ाद, लेकिन किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उन्हें कानून का पालन करना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को कहा कि क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत कहीं भी आने-जाने के लिए आज़ाद हैं, लेकिन अगर वह किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार ही ऐसा करना होगा।कोर्ट ने यह आदेश क्षत्रिय करणी सेना/अखंड करणी पार्टी के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत को पेश करने की मांग वाली 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में आरोप लगाया गया कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया।दलील दी गई कि वह...

SC/ST Act के तहत दर्ज FIR में अग्रिम ज़मानत के लिए दिल्ली कोर्ट पहुंचे YouTuber अजीत भारती
YouTuber अजीत भारती ने मंगलवार (25 अगस्त) को दिल्ली कोर्ट में अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) के लिए अर्ज़ी दी। उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया।एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने मामले की सुनवाई की और कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, मामले में आगे की बहस के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई।खबरों के अनुसार, भारती पर उनके YouTube शो में कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी करने के बाद मामला दर्ज किया गया। हालांकि, भारती ने सार्वजनिक...

राजस्थान हाईकोर्ट ने सभी अदालतों को अपनी बिल्डिंग में खामियों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सुरक्षा देने से रोका
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की सभी अदालतों को जोधपुर में अपनी बिल्डिंग में स्ट्रक्चरल खामियों (बनावट में कमी) के लिए कथित तौर पर ज़िम्मेदार किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को सुरक्षा देने से रोक दिया।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की डिवीज़न बेंच ने कहा कि अगर सुरक्षा देने का कोई आदेश दिया जाता है तो उसे तब तक बेअसर माना जाएगा जब तक कि उसे कोर्ट की डिवीज़न बेंच या सुप्रीम कोर्ट ने पास न किया हो।आगे कहा गया,"सुरक्षा के मकसद से पास किया गया कोई भी आदेश, या ऐसा कोई आदेश जिससे ज़िम्मेदार...

'राजनीतिक दखल' की वजह से वोटर लिस्ट से नाम नहीं हटाया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता को राहत दी। याचिकाकर्ता ने अपने निवास स्थान के आधार पर एक वार्ड की वोटर लिस्ट में अपना नाम ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया था। उसी दिन पहले आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद, बिना कोई कारण बताए या सुनवाई का मौका दिए उसे मनमाने ढंग से खारिज कर दिया गया।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि राजस्थान पंचायती राज (चुनाव) अधिनियम, 1994 ("अधिनियम") और नियम, 1994 (नियम) के अनुसार, किसी व्यक्ति को चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने और वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना नदी में बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज बहने से रोकने के लिए 25 इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट का समर्थन किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने DDA को निर्देश दिया कि वह शहर के 25 नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट पर दूसरी अथॉरिटीज के साथ बैठक करे। कोर्ट ने कहा कि यह रीडेवलपमेंट ज़रूरी है ताकि यह पक्का किया जा सके कि बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज का पानी यमुना नदी में न जाए।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट के कई आदेशों के बाद इन 25 नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट का काम शुरू होना था।इन इलाकों के लिए प्लान बनाने वाली...
