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दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना नदी में बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज बहने से रोकने के लिए 25 इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट का समर्थन किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने DDA को निर्देश दिया कि वह शहर के 25 नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट पर दूसरी अथॉरिटीज के साथ बैठक करे। कोर्ट ने कहा कि यह रीडेवलपमेंट ज़रूरी है ताकि यह पक्का किया जा सके कि बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज का पानी यमुना नदी में न जाए।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट के कई आदेशों के बाद इन 25 नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट का काम शुरू होना था।इन इलाकों के लिए प्लान बनाने वाली...

बॉम्बे हाईकोर्ट का केंद्र को सुझाव- आधार एक्ट में बदलाव करे ताकि नकली पहचान का इस्तेमाल करने वाले विदेशी नागरिकों को वापस भेजा जा सकें
भारत की सीमाओं में घुसपैठ करने वाले और अपनी पहचान छिपाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ धोखाधड़ी से हासिल करने वाले विदेशियों के 'चिंताजनक पैटर्न' पर ध्यान देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) को आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं की लक्षित डिलीवरी) एक्ट, 2016 में बदलाव करने पर विचार करने का आदेश दिया। यह आदेश ऐसे विदेशी नागरिकों का तुरंत पता लगाने और उन्हें वापस भेजने के लिए दिया गया, जो भारत में...

शिकायत के बाद लेकिन फ़ैसले से पहले जारी स्पष्टीकरण वाला सर्कुलर, लंबित पब्लिक टेंडर शिकायत पर लागू होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई स्पष्टीकरण वाला सर्कुलर (Clarificatory Circular) जो किसी सह-बोलीदाता (Co-Bidder) के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज होने के बाद, लेकिन उस शिकायत पर अंतिम फ़ैसला होने से पहले लागू होता है, वह आम तौर पर लंबित शिकायत पर लागू होता है।कोर्ट ने कहा कि ऐसा सर्कुलर तब लागू नहीं होगा, जब यह किसी ऐसे अधिकार को प्रभावित करे जो पहले ही तय हो चुका हो, या जब यह साबित हो जाए कि इसे किसी खास शिकायत को नाकाम करने के लिए बनाया गया।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने...

विभागों को शोक-संतप्त परिवारों का मार्गदर्शन करना चाहिए कि पात्र आश्रित अनुकंपा नियुक्ति का दावा कैसे कर सकते हैं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का निर्णय लेने वाले सक्षम अधिकारी को तकनीकी और कठोर दृष्टिकोण के बजाय सहानुभूतिपूर्ण और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। [2026 LiveLaw (MP) 344]इस बात पर जोर देते हुए कि अक्सर मृतक के परिवार को गलत सलाह मिलती है, एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा;"अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से संबंधित मामलों में सक्षम अधिकारी को कठोर और तकनीकी रवैये के बजाय वास्तविक सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। अक्सर मृतक के...

हाईकोर्ट ने लखनऊ में ई-रिक्शा ट्रैफिक की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई, सरकार से नीति बनाने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने लखनऊ में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि शहर की सड़कों पर इनकी बढ़ती मौजूदगी से "ट्रैफिक की बड़ी समस्या" पैदा हो रही है और सरकार इस मुद्दे पर "सो नहीं सकती"।जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा कि यह मुद्दा 'गंभीर' है और एक सही पॉलिसी बनाकर इसे जल्द-से-जल्द हल करने की ज़रूरत है।कोर्ट लखनऊ में ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रहा था।सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस का एक अलग कैडर...

बेदखली के खिलाफ अपील में देरी को माफ़ करने से पहले भी किरायेदार को अंतरिम सुरक्षा दी जा सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अपीलीय अदालत की अपील में अंतरिम सुरक्षा देने की शक्ति केवल इसलिए खत्म नहीं होती कि उस अपील के साथ देरी को माफ़ करने (Condonation of Delay) की अर्ज़ी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि प्रस्तावित अपील के विषय-वस्तु (Subject Matter) को सुरक्षित रखने का आदेश, उस अपील को सुनने या उस पर फैसला करने के आदेश से अलग होता है।जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा,"देरी को माफ़ करने की अर्ज़ी का लंबित होना, अपने आप में अपीलीय अदालत को उचित सुरक्षात्मक आदेश पारित...

झारखंड हाईकोर्ट ने 2022 में लातेहार कोर्ट पर हुए हमले के मामले में शुरू की गई कार्यवाही बंद की, न्यायिक अधिकारियों के लिए सुरक्षा का निर्देश दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने लातेहार सिविल कोर्ट में 2022 में हुए हमले और तोड़-फोड़ के बाद स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका (PIL) का निपटारा किया। कोर्ट ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों के लिए एक जैसी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीजन बेंच ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के उपाय करने के लिए अधिकारियों को लातेहार जैसी किसी और घटना का इंतजार करने की कोई वजह नहीं है।यह स्वतः संज्ञान कार्यवाही 11...

नाबालिग के आंसू पोंछना या बिना सेक्सुअल इरादे के उसका हाथ पकड़ना सेक्सुअल असॉल्ट नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि आम मानवीय व्यवहार के दौरान होने वाला कोई भी संपर्क - जैसे हाथ पकड़ना, कंधे को छूना, आंसू पोंछना और किसी को सांत्वना देना - अपने आप में सेक्सुअल नहीं माना जाएगा। किसी सेक्सुअल इरादे का पता आसपास की परिस्थितियों से ही लगाया जा सकता है। [2026 LiveLaw (Mad) 408]जस्टिस आर विजयकुमार ने कॉन्स्टेबल के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। उस पर POCSO Act के तहत अपराधों का आरोप था। कोर्ट ने पाया कि उस व्यक्ति ने केवल उस नाबालिग लड़की को सांत्वना दी थी, जिसके साथ उसका...

पति को उसकी आश्रित विधवा माँ से अलग करने के लिए पत्नी का ज़ोर देना क्रूरता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी का यह ज़ोर देना कि उसका पति अपनी आश्रित विधवा माँ से रिश्ते तोड़ ले और अलग रहे, इस मामले के तथ्यों के आधार पर मानसिक क्रूरता माना जाएगा। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अलग घर में रहने की पत्नी की मांग का आधार उनके नाबालिग बेटे के साथ छेड़छाड़ का आरोप है, जो पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हुआ।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की डिवीज़न बेंच ने कहा कि हालांकि अलग घर में रहने की मांग को अकेले क्रूरता नहीं माना जा सकता, लेकिन पत्नी के व्यवहार को उस खास...

गार्जियन बनने के लिए अयोग्य ठहराये जाने तक पिता को नाबालिग बेटी की कस्टडी देने से मना नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 6 के तहत अपनी नाबालिग बेटी का स्वाभाविक गार्जियन (अभिभावक) होने के नाते पिता को उसकी कस्टडी देने से तब तक मना नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसे गार्जियन बनने के लिए अयोग्य न साबित कर दिया जाए।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की बेंच ने कहा,"हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 6 के प्रावधानों को देखते हुए बच्चों की कस्टडी का मुख्य अधिकार पिता का होता है; उसे नाबालिग बच्चे की कस्टडी से तब तक...

जेन Z के विरोध-प्रदर्शनों से भरोसा मिला कि भारत में लोकतंत्र खत्म नहीं होगा, 'दिमागी नक्सल' का लेबल उन्हें रोक नहीं पाएगा: एस. मुरलीधर
सीनियर एडवोकेट और हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर ने आज जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र विरोध-प्रदर्शन की तारीफ़ करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत बताया। साथ ही, उन्होंने सरकार द्वारा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के गलत इस्तेमाल और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने वाले बताने की आलोचना की।उन्होंने कहा,"जेन-Z के हालिया विरोध-प्रदर्शन हमें भरोसा दिलाते हैं कि भारत में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने दिया जाएगा और लोग देश के भविष्य की रक्षा और उसे...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पेपर लीक से निपटने के लिए प्लान मांगा: Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के लिए खुद शुरू की PIL
राजस्थान हाईकोर्ट ने Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के मामले में खुद से संज्ञान लिया। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकारों को निर्देश दिया कि वे पेपर लीक, शिक्षा से रोज़गार के बीच अंतर, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल बर्नआउट, AI के असर जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सिस्टम बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट और एक्शन प्लान दाखिल करें।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने नई पीढ़ियों की बढ़ती शैक्षिक ज़रूरतों पर ध्यान दिया।यह देखते हुए कि ये पीढ़ियां 2047 में भारत का नेतृत्व करेंगी,...

नशे की हालत में साथी कॉन्स्टेबल पर कथित हमले के लिए नौकरी से निकालना "कड़ी सज़ा": पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस के कॉन्स्टेबल की बर्खास्तगी (नौकरी से निकालने) का आदेश रद्द किया। उस पर नशे की हालत में चाकू से दूसरे कॉन्स्टेबल पर हमला करने का आरोप था। कोर्ट ने पाया कि विभागीय कार्यवाही में न तो कथित पीड़ित का बयान था, न ही कोई चोट की रिपोर्ट या मेडिकल सबूत था जिससे नशे की पुष्टि हो सके।जस्टिस डॉ. अंशुमन की सिंगल बेंच ने कहा कि भले ही कॉन्स्टेबल की यह बात मान ली जाए कि हाथापाई हुई, फिर भी उसे नौकरी से निकालना "बहुत ज़्यादा सज़ा" थी।याचिकाकर्ता 1984 में कॉन्स्टेबल के तौर पर बिहार...

गवर्नर पर ऑनलाइन कार्टून शेयर करने का मामला: हाईकोर्ट ने बिना शर्त माफी मांगने के बाद रद्द की FIR
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के गवर्नर के बारे में फेसबुक पर कार्टून-स्टाइल पोस्ट शेयर करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। कोर्ट ने देखा कि याचिकाकर्ताओं ने बिना शर्त माफी मांगी थी और पोस्ट हटाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसा व्यवहार न करने का वादा भी किया।याचिकाकर्ताओं ने FIR रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने-अपने फेसबुक अकाउंट पर एक कार्टून-स्टाइल पोस्ट शेयर किया, जिसे मूल रूप से सह-आरोपी अंकुर अली ने 15.04.2026 को अपलोड किया।...

बेटे का सीनियर सिटीजन होना 93 वर्षीय मां के घर पर कब्जे का अधिकार नहीं देता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का स्वयं सीनियर सिटीजन होना उसे किसी अन्य सीनियर सिटीजन की इच्छा के विरुद्ध उसके घर में रहने का असीमित अधिकार नहीं देता। कोर्ट ने कहा कि माता-पिता और सीनियर सिटीजन के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उपेक्षा, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न से सुरक्षा देना है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देने वाली अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।...

जनसंख्या के आधार पर परिसीमन के बाद ख़त्म हो जाएगी दक्षिणी राज्यों के वोटों की अहमियत: जस्टिस के.एम. जोसेफ
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस के.एम. जोसेफ ने हाल ही में नई जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन (सीटों के बंटवारे में बदलाव) को लेकर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनसंख्या के आधार पर संसदीय सीटों के नए बंटवारे से दक्षिणी राज्यों में वोटों की अहमियत कम हो सकती है।जस्टिस जोसेफ ने यह बात अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणापत्र के मूल सिद्धांत "शासितों की सहमति" (Consent of The Governed) पर चर्चा करते हुए कही। उन्होंने इस सिद्धांत को भारत की संवैधानिक व्यवस्था से जोड़ा, जिसके तहत प्रतिनिधियों की संख्या...

हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (17 अगस्त, 2026 से 21 अगस्त, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।अलग रह रहे पिता की सहमति न होने पर नाबालिग को पासपोर्ट देने से मना नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्टराजस्थान हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अथॉरिटी को नाबालिग बच्चे को पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि एप्लीकेशन में पिता की सहमति नहीं थी, बच्चे के विदेश जाने के संवैधानिक...

BCI जनरल काउंसिल मीटिंग में उठी मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ऑफिस में शनिवार को आयोजित सामान्य परिषद की बैठक के दौरान BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग औपचारिक रूप से उठाई गई।केरल से BCI सदस्य मनोज कुमार नरेंद्रन ने बैठक के दौरान सीधे सामान्य परिषद के समक्ष मांग करते हुए मिश्रा के इस्तीफे की मांग की। उनकी मांग को उत्तर प्रदेश के एक अन्य BCI सदस्य, एडवोकेट श्रीनाथ त्रिपाठी का समर्थन मिला, जिन्होंने अध्यक्ष को पद छोड़ने के आह्वान का समर्थन किया।BCI के सह-अध्यक्ष, सीनियर एडवोकेट सदाशिव रेड्डी, हालांकि सामान्य...

20 से ज़्यादा बार ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए जांच अधिकारी, विचाराधीन कैदी ने जेल में बिताये 6 साल: दिल्ली हाईकोर्ट ने जताया अफ़सोस
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि वह जांच अधिकारियों (IOs) को संवेदनशील बनाएं ताकि वे लंबित मामलों को तेज़ी से निपटाने में समय पर सहयोग करें, खासकर उन मामलों में जहां आरोपी लंबे समय से हिरासत में हैं। [2026 LiveLaw (Del) 781]जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने यह आदेश दो आरोपियों को ज़मानत देते हुए पारित किया, जो 2020 के हत्या के मामले में लगभग छह साल से जेल में बंद थे।कोर्ट ने ट्रायल की धीमी गति और इस तथ्य पर ध्यान दिया कि जांच अधिकारी (IO) 20 से ज़्यादा बार कार्यवाही में...

केंद्र ने वकीलों को पैनल में शामिल करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी कीं
कानून और न्याय मंत्रालय के तहत कानूनी मामलों के विभाग ने सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, निचली अदालतों, ट्रिब्यूनल और अन्य मंचों पर भारत सरकार (यूनियन ऑफ़ इंडिया) का प्रतिनिधित्व करने वाले 'पैनल काउंसिल' के तौर पर वकीलों को शामिल करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी कीं।ये गाइडलाइंस कानूनी मामलों के विभाग के न्यायिक अनुभाग से 20 अगस्त, 2026 के ऑफिस मेमोरैंडम के ज़रिए जारी की गईं। विभाग ने कहा है कि उसे विभिन्न अदालतों, ट्रिब्यूनल और मंचों के सामने सरकार की ओर से मुकदमे लड़ने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है और वह...
