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वकील अपने क्लाइंट्स के हितों को आगे बढ़ाने के लिए PIL याचिकाकर्ता नहीं बन सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
वकील अपने क्लाइंट्स के हितों को आगे बढ़ाने के लिए PIL याचिकाकर्ता नहीं बन सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि कोई भी वकील, जिसके पास उसके क्लाइंट्स अपनी शिकायतों के निवारण के लिए आते हैं, उसे खुद याचिकाकर्ता बनकर अपने क्लाइंट्स के हितों को आगे बढ़ाने वाली जनहित याचिका (PIL) दायर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।यह देखते हुए कि ऐसा आचरण पेशेवर कदाचार माना जा सकता है, चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने एक वकील द्वारा दायर की गई PIL याचिका वापस लिए जाने के आधार पर खारिज की। इस याचिका में वकील ने प्रतिवादियों को यह निर्देश देने की...

बिजली तक पहुंच अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन चाहने वाली बहू की मदद की
बिजली तक पहुंच अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन चाहने वाली बहू की मदद की

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि बिजली कनेक्शन पाना भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकार है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वैवाहिक विवाद के बीच एक नई घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए एक बहू द्वारा दायर आवेदन पर कार्रवाई करें।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत प्रीति शर्मा द्वारा दायर एक रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता (शर्मा) प्रतिवादी नंबर 7 की...

सीएम रेखा गुप्ता पर हमला करने के आरोपियों को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से किया इनकार
सीएम रेखा गुप्ता पर हमला करने के आरोपियों को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उन दो लोगों के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार किया, जिन पर पिछले साल अगस्त में एक जन सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सिविल लाइंस स्थित आवास पर हमला करने का आरोप है।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी आरोपियों - गुजरात के रहने वाले सक्रिया राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रज़ा रफीउल्लाह शे द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ आरोप तय किए जाने को चुनौती दी थी।दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने अनुरोध किया कि मोबाइल फोन की...

पत्नी द्वारा छोड़ देने के आधार पर तलाक़ मिलने से पति CrPC की धारा 125 के तहत पत्नी को भरण-पोषण देने की ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता: उड़ीसा हाईकोर्ट
पत्नी द्वारा 'छोड़ देने' के आधार पर तलाक़ मिलने से पति CrPC की धारा 125 के तहत पत्नी को भरण-पोषण देने की ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने यह फ़ैसला दिया कि सिर्फ़ इसलिए कि पति के पक्ष में तलाक़ का फ़ैसला इस आधार पर दिया गया कि पत्नी ने उसे छोड़ दिया था, यह अपने आप में तलाक़ के बाद पत्नी को भरण-पोषण देने में कोई रुकावट नहीं डालता।कानून की स्थिति को स्पष्ट करते हुए जस्टिस डॉ. संजीव कुमार पाणिग्राही की पीठ ने यह राय व्यक्त की–“BNSS के तहत भरण-पोषण का प्रावधान अब धारा 144 के रूप में पुन: क्रमांकित किया गया। इसकी व्याख्या में 'पत्नी' शब्द के अंतर्गत एक ऐसी तलाक़शुदा महिला को भी शामिल किया गया, जिसने अभी तक पुनर्विवाह...

परेशान करने वाला चलन, जांच अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं: हाईकोर्ट ने यूपी गैर-कानूनी धर्मांतरण कानून के तहत झूठी FIRs की कड़ी आलोचना की
परेशान करने वाला चलन, जांच अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं: हाईकोर्ट ने 'यूपी गैर-कानूनी धर्मांतरण कानून' के तहत 'झूठी' FIRs की कड़ी आलोचना की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य में 'उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2021' के तहत झूठी FIRs दर्ज किए जाने के "परेशान करने वाले चलन" की कड़ी निंदा की।यह देखते हुए कि 2021 के कानून के तहत FIRs "धड़ाधड़" दर्ज की जा रही हैं, जो बाद में झूठी साबित होती हैं, कोर्ट ने राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को निर्देश दिया कि वह एक व्यक्तिगत हलफनामा दायर कर बताएं कि ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई की जा रही है।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने ये टिप्पणियां...

ट्रायल कोर्ट ज़मानत देने की शर्त के तौर पर पासपोर्ट ज़ब्त करने का आदेश नहीं दे सकता: मद्रास हाईकोर्ट
ट्रायल कोर्ट ज़मानत देने की शर्त के तौर पर पासपोर्ट ज़ब्त करने का आदेश नहीं दे सकता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि ट्रायल कोर्ट के पास ज़मानत देने की शर्त के तौर पर पासपोर्ट ज़ब्त करने का आदेश देने का अधिकार नहीं है।जस्टिस पी. धनबाल ने फ़ैसला दिया कि BNSS की धारा 109 (CrPC की धारा 104) के तहत कोर्ट के पास किसी भी दस्तावेज़ को ज़ब्त करने का अधिकार है, लेकिन पासपोर्ट को नहीं। कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट ज़ब्त करने का अधिकार सिर्फ़ पासपोर्ट अधिकारियों के पास है, जो पासपोर्ट एक्ट की धारा 10(3) के तहत दिया गया।कोर्ट ने आगे कहा कि पासपोर्ट ज़ब्त करने का अधिकार पासपोर्ट एक्ट की...

महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ FIR की मांग: गंगा इफ्तार पार्टी गिरफ़्तारियों पर किया था ट्वीट, कोर्ट ने जारी किया नोटिस
महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ FIR की मांग: गंगा इफ्तार पार्टी गिरफ़्तारियों पर किया था ट्वीट, कोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली कोर्ट ने बुधवार को TMC नेता महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका मोइत्रा के उस ट्वीट के संदर्भ में दायर की गई, जिसमें उन्होंने वाराणसी में गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, मांसाहारी भोजन करने और हड्डियों व खाने का जूठा नदी में फेंकने के आरोप में हाल ही में गिरफ़्तार किए गए 14 मुस्लिम पुरुषों की गिरफ़्तारी का विरोध किया था।साकेत कोर्ट के एडिशनल सेशन जज सोनू अग्निहोत्री ने फाइनल ईयर के लॉ स्टूडेंट द्वारा दायर याचिका पर...

पेशा कलंकित नहीं हो सकता: गुजरात हाईकोर्ट ने वकील बनकर पेश होने के आरोपी लॉ स्टूडेंट को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
'पेशा कलंकित नहीं हो सकता': गुजरात हाईकोर्ट ने वकील बनकर पेश होने के आरोपी लॉ स्टूडेंट को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने महिला लॉ स्टूडेंट को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया। यह महिला अभी LL.B. कोर्स के तीसरे साल में है और उस पर एक मामले में वकील बनकर पेश होने का आरोप है। इस मामले में कई आरोपियों पर 80,00,000 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान न सिर्फ उसके नाम से जारी गुजरात बार काउंसिल का पहचान पत्र बरामद हुआ, बल्कि एक नेम प्लेट भी मिली जिस पर आरोपी को भारत के सुप्रीम कोर्ट का वकील बताया गया। इसके अलावा, विभिन्न पुलिस स्टेशनों की मुहरें, केस रजिस्टर,...

स्ट्रीट वेंडरों की समिति न बनाने पर हाईकोर्ट सख्त, दिल्ली सरकार को लगाई फटकार
स्ट्रीट वेंडरों की समिति न बनाने पर हाईकोर्ट सख्त, दिल्ली सरकार को लगाई फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्ट्रीट वेंडरों के लिए शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान समिति गठित न करने पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सरकार की कार्यप्रणाली को “धीमी और अक्षम” बताया।जस्टिस सचिन दत्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 2024 में स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक समिति का गठन नहीं किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।अदालत ने कहा,“उम्मीद है कि दिल्ली सरकार अधिक दक्षता के साथ कार्य करेगी और आवश्यक नियुक्तियां शीघ्र पूरी करेगी।” हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को तीन सप्ताह के भीतर समिति...

जिन्होंने मेरी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया, गलती उनकी, मेरी नहीं: जस्टिस शेखर यादव महाभियोग प्रस्ताव लंबित होने के बीच हुए रिटायर
'जिन्होंने मेरी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया, गलती उनकी, मेरी नहीं': जस्टिस शेखर यादव महाभियोग प्रस्ताव लंबित होने के बीच हुए रिटायर

इलाहाबाद हाईकोर्ट जज जस्टिस शेखर कुमार यादव आज (बुधवार) रिटायर हो गए। बता दें, जस्टिस शेखर कुमार यादव की दिसंबर 2024 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की गई विवादित टिप्पणियों के कारण उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था।उनके सम्मान में आयोजित 'फुल कोर्ट रेफरेंस' को संबोधित करते हुए जस्टिस यादव ने स्पष्ट किया कि प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद (VHP) की लीगल सेल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिए गए उनके भाषण के शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, और गलती उन लोगों की थी जिन्होंने उन्हें विकृत...

दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल व आप नेताओं के खिलाफ शिकायत, कोर्ट कार्यवाही के कथित अनधिकृत प्रसारण पर विवाद
दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल व आप नेताओं के खिलाफ शिकायत, कोर्ट कार्यवाही के कथित अनधिकृत प्रसारण पर विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पार्टी के कई नेताओं और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ शिकायत दायर की गई। आरोप है कि इन्होंने न्यायालय की कार्यवाही का कथित रूप से अनधिकृत रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।यह शिकायत एडवोकेट वैभव सिंह द्वारा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष दायर की गई। शिकायत में कहा गया कि 13 अप्रैल को जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान जब केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जस्टिस से खुद को मामले से अलग करने की...

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटने का मामला: केजरीवाल ने दायर किया नया हलफनामा, कहा- जज का बेटा और बेटी केंद्र के पैनल वकील
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटने का मामला: केजरीवाल ने दायर किया नया हलफनामा, कहा- जज का बेटा और बेटी केंद्र के पैनल वकील

शराब नीति मामले की सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग वाली अपनी याचिका में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अतिरिक्त हलफनामा दायर किया। इसमें उन्होंने कहा है कि जस्टिस शर्मा के बेटे और बेटी, दोनों ही केंद्र सरकार के वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं।केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा के बच्चों को काम सॉलिसिटर जनरल द्वारा सौंपा जाता है, जो जस्टिस शर्मा के सामने CBI की तरफ से पेश हुए। उनके अनुसार, इससे जस्टिस शर्मा की ओर से पक्षपात की एक उचित आशंका पैदा होती...

कोर्ट के धारा 73 के तहत कार्रवाई का खुलासा न करने पर हस्तलेखन का सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
कोर्ट के धारा 73 के तहत कार्रवाई का खुलासा न करने पर हस्तलेखन का सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी पक्ष के खिलाफ हस्तलेखन सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, अगर कोर्ट ने यह खुलासा न किया हो कि ऐसा नमूना भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 73 के तहत तुलना के लिए मांगा जा रहा है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब उन्होंने एक फैमिली कोर्ट द्वारा क्रूरता के आधार पर दी गई तलाक की डिक्री रद्द की।अपीलकर्ता-पत्नी ने कथित तौर पर वैवाहिक घर में कागज़/पर्ची फेंक दी थी, जिसमें मनमानी...

क्या बिना एडमिशन/डिनायल एफिडेविट के लिखित बयान नॉन-एस्ट (अमान्य) है? दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को सौंपा मामला
क्या बिना एडमिशन/डिनायल एफिडेविट के लिखित बयान 'नॉन-एस्ट' (अमान्य) है? दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को सौंपा मामला

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) रूल्स, 2018 के तहत लिखित बयान दाखिल करने से जुड़े एक मुद्दे को एक बड़ी बेंच के पास भेजा।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने इस संदर्भ के लिए निम्नलिखित प्रश्न तैयार किया:“क्या दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) रूल्स, 2018 के तहत तय कानूनी समय सीमा के भीतर लिखित बयान दाखिल करना—लेकिन साथ में दस्तावेजों के एडमिशन/डिनायल (स्वीकृति/अस्वीकृति) का एफिडेविट न होना—कानून की नज़र में उस फाइलिंग को 'नॉन-एस्ट' (अमान्य) बना देता है? या फिर, क्या ऐसे एफिडेविट का न होना...

मनीलाइफ ने दिल्ली कोर्ट का रुख किया, सांडेसरा परिवार से जुड़ी रिपोर्ट हटाने के आदेश को दी चुनौती
मनीलाइफ ने दिल्ली कोर्ट का रुख किया, सांडेसरा परिवार से जुड़ी रिपोर्ट हटाने के आदेश को दी चुनौती

वित्तीय समाचार मंच मनीलाइफ ने दिल्ली कोर्ट में अपील दायर कर उस एकतरफा आदेश को चुनौती दी, जिसमें मनोज केसरीचंद सांडेसरा और उनके परिवार को स्टर्लिंग बायोटेक बैंक घोटाले से जोड़ने वाली रिपोर्ट्स हटाने का निर्देश दिया गया।यह अपील तीस हजारी कोर्ट में जिला जज विनोद कुमार मीना के समक्ष सूचीबद्ध हुई। मनीलाइफ की ओर से आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई, जिस पर अदालत ने नोटिस जारी करते हुए मामले को 29 अप्रैल के लिए सुनवाई हेतु तय किया।मनीवाइज मीडिया LLP द्वारा दायर इस अपील में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को...

स्वातंत्र्यवीर उपाधि जनता की देन, सरकार ने नहीं किया आधिकारिक ऐलान: अदालत में सावरकर के परिजन का बयान
'स्वातंत्र्यवीर' उपाधि जनता की देन, सरकार ने नहीं किया आधिकारिक ऐलान: अदालत में सावरकर के परिजन का बयान

पुणे की विशेष सांसद-विधायक अदालत में चल रहे आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान विनायक दामोदर सावरकर को दी गई 'स्वातंत्र्यवीर' उपाधि को लेकर अहम बयान सामने आया। सावरकर के परपोते सत्यकि सावरकर ने अदालत को बताया कि यह उपाधि किसी सरकारी राजपत्र के जरिए नहीं दी गई बल्कि जनता ने उनके कार्यों के आधार पर उन्हें यह नाम दिया।यह बयान उस समय आया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में सत्यकि सावरकर का क्रॉस एग्जामिनेशन चल रहा है। उनकी क्रॉस एग्जामिनेशन वकील मिलिंद पवार द्वारा की...

प्रतिकूल आदेश जज पर पक्षपात का आरोप लगाने या केस ट्रांसफर की मांग करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
प्रतिकूल आदेश जज पर पक्षपात का आरोप लगाने या केस ट्रांसफर की मांग करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि सिर्फ़ कोई प्रतिकूल आदेश पारित हो जाने भर से अपने आप में किसी जज पर पूर्वाग्रह और पक्षपात का आरोप लगाने और केस ट्रांसफर की मांग करने का कोई आधार नहीं बन जाता।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने एक महिला द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें जज पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए आपराधिक वैवाहिक मामले को 'महिला कोर्ट' से किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी।शुरुआत में ही, कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता एक बार फिर उन्हीं मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रही थी, जिन्हें...