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आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए MCD -NDMC के कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण, लखनऊ नगर निगम लगाएगा शिविर: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद को राजधानी में पशु चिकित्सा, सहायक पशु चिकित्सा सेवाओं और आवारा कुत्तों को पकड़ने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि इसके लिए लखनऊ नगर निगम के साथ समन्वय किया जाए और जल्द से जल्द शिविर आयोजित किया जाए। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अदिति चौधरी की खंडपीठ ने कहा,“NDMC और MCD को लखनऊ नगर निगम के साथ समन्वय कर उपरोक्त उद्देश्यों के लिए प्रशिक्षण शिविर जल्द से जल्द आयोजित करने...

दिल्ली दंगों और जामिया हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग खारिज, राजनेताओं के खिलाफ FIR से भी हाईकोर्ट का इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों और 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज किया। अदालत ने कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर कई राजनीतिक नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने और कथित तौर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी स्वीकार नहीं की।चीफ जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने मामले में फैसला सुनाते हुए कहा,“फैसलों में बताए गए कारणों के आधार पर दोनों याचिकाएं खारिज की जाती...

कन्हैया लाल हत्याकांड: पांच आरोपियों को जमानत नहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- आतंक राष्ट्र की मनोवैज्ञानिक संप्रभुता पर करता है प्रहार

राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की 2022 में हुई निर्मम हत्या के मामले में पांच आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया। चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने विशेष NIA अदालत के उन आदेशों को बरकरार रखा जिनमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की गईं।हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पैदा किया गया आतंक केवल किसी व्यक्ति के शरीर पर हमला नहीं था बल्कि उसने देश की मनोवैज्ञानिक संप्रभुता पर प्रहार किया। अदालत के मुताबिक, अपराध का उद्देश्य महज हत्या करना नहीं था बल्कि...

शिक्षा मित्र प्री-TET इन-सर्विस शिक्षकों के बराबर होने का अधिकार नहीं, उन्हें बाहर रखना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि इन-सर्विस शिक्षकों (सेवा में पहले से मौजूद शिक्षकों) के लिए आयोजित 'स्पेशल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (Special TET) से शिक्षा मित्रों को बाहर रखना भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन नहीं है।कोर्ट ने कहा कि जब 'टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (TET) अनिवार्य किया गया, तब जो शिक्षक पहले से सेवा में थे, वे एक अलग श्रेणी (class) में आते हैं। 'स्पेशल TET' अंतरिम उपाय है, जो उस श्रेणी के शिक्षकों को वह योग्यता हासिल करने में मदद करता है, जो सेवा में आने के बाद उन पर लागू...

S. 16(1) UP Gangsters Act: अटैच की गई प्रॉपर्टी रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज करने के बाद मामला कोर्ट भेजेगा डीएम: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि 'गैंगस्टर्स एक्ट' के तहत अटैच की गई प्रॉपर्टी को रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज करने के बाद डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) को 'उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1986' की धारा 16(1) के तहत मामला सक्षम कोर्ट को भेजना होगा।जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने फ़िरोज़ाबाद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का वह आदेश रद्द करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें अटैच की गई प्रॉपर्टी को रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज की गई थी।कोर्ट ने गौर किया कि धारा...

जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंची इंडियन यूथ कांग्रेस

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त न मिलने के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।यह याचिका IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर की। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें 1 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने की अर्ज़ी को खारिज कर दिया गया।याचिका में तर्क दिया गया कि पुलिस शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल उसे पूरी तरह रोकने के लिए नहीं कर...

हनुमान टिप्पणी का मामला: सीएम रेखा गुप्ता के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली कोर्ट में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की गई। यह याचिका एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सरकारी अधिकारियों की तुलना भगवान हनुमान से करने वाली कथित टिप्पणी को लेकर है।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है और मामले की स्टेटस रिपोर्ट मंगाने का निर्देश दिया।यह शिकायत राम निवास शर्मा ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता, 2023 (BNS) की धारा 223 के तहत दर्ज कराई।अब इस मामले की सुनवाई 15 अक्टूबर को...

रेप सिर्फ़ शारीरिक शोषण नहीं, यह पीड़ित की आत्मा का भी उल्लंघन हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि रेप सिर्फ़ शारीरिक शोषण नहीं है, बल्कि यह पीड़ित की "आत्मा" का भी उल्लंघन हो सकता है, क्योंकि इसका सदमा शारीरिक सीमाओं से आगे बढ़कर मनोवैज्ञानिक और मानसिक स्तर तक पहुंच जाता है।जस्टिस विमल कुमार यादव ने यह टिप्पणी 2006 में एक महिला के साथ रेप के आरोपी व्यक्ति को बरी किए जाने के खिलाफ़ राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए की।कोर्ट ने कहा कि रेप सर्वाइवर्स को सामाजिक बदनामी और बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि समाज कभी-कभी सहानुभूति, समर्थन और संवेदना दिखाने...

पत्नी जहां रहती है, वहां क्रूरता के आरोपों के आधार पर तलाक के मुकदमे के लिए अधिकार क्षेत्र तय हो सकता है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी की तलाक की अर्ज़ी में उस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के अंदर क्रूरता की घटनाओं का आरोप लगाया गया तो सिर्फ़ इसलिए अर्ज़ी वापस नहीं की जा सकती कि शादी कहीं और हुई थी या अन्य घटनाएँ कहीं और घटी थीं।कोर्ट ने कहा कि शुरुआती चरण में सवाल यह है कि क्या अर्ज़ी में कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के अंदर 'कॉज़ ऑफ़ एक्शन' (मुकदमे का आधार) का कोई हिस्सा बताया गया, न कि यह कि आरोप अंततः साबित हो सकते हैं या नहीं।कोर्ट एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें सिविल...

बालीग होने के बाद शादी करने से नाबालिग के साथ सेक्स को कानूनी नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि महिला और आरोपी के बीच बालिग होने के बाद हुई शादी, उस सेक्सुअल इंटरकोर्स (यौन संबंध) को कानूनी नहीं बना सकती जो कथित तौर पर तब हुआ था, जब वह नाबालिग थी। कोर्ट ने कहा कि एक लंबे समय तक चलने वाला रिश्ता बाद में कानूनी सहमति नहीं दे सकता।जस्टिस संजीव नरूला ने यह बात एक व्यक्ति के खिलाफ POCSO मामला रद्द करने से इनकार करते हुए कही। उस व्यक्ति की पत्नी ने कार्यवाही खत्म करने की मांग की, क्योंकि उनकी शादी हो चुकी हैं, उनका एक बच्चा हैं और वे खुशी-खुशी साथ रह रहे हैं।जब महिला ने...

प्राइवेट शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले मजिस्ट्रेट को शिकायतकर्ता और गवाहों से पूछताछ करनी होगी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223(1) के तहत आरोपी को नोटिस जारी करने और संज्ञान लेने के मामले में उसकी बात सुनने का मौका देने से पहले, मजिस्ट्रेट को सबसे पहले शिकायतकर्ता और मौजूद गवाहों से शपथ पर पूछताछ करनी होगी, जब तक कि कानून में ऐसी पूछताछ से छूट न दी गई हो।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि औपचारिक रूप से संज्ञान लेने से पहले आरोपी की बात सुनना ज़रूरी है, लेकिन प्राइवेट शिकायत पेश होने पर, शिकायतकर्ता और गवाहों...

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण समेत कई नेता-कार्यकर्ता जुटे; इस्तीफे की मांग

मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन हुआ। ये आरोप प्रदर्शनकारियों और आयोजकों की ओर से लगाए गए हैं; अपने आप में ये किसी तरह की अनियमितता का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू रखे। पुलिस के अनुसार बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना, भाषण और नारेबाजी पर रोक थी।...

जौनपुर कस्टोडियल डेथ 2021: हाईकोर्ट ने खारिज की 4 आरोपी पुलिसकर्मियों की ज़मानत अर्ज़ी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को 2021 के जौनपुर कस्टोडियल डेथ (पुलिस हिरासत में मौत) मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस के 4 कर्मियों की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कीं।अपने 95 पन्नों के आदेश में जस्टिस समित गोपाल ने CBI की चार्जशीट में लगाए गए आरोपों का ज़िक्र किया। इन आरोपों के मुताबिक, आरोपी पुलिसकर्मियों ने मृतक कृष्ण कुमार यादव उर्फ ​​पुजारी से जुर्म कबूलवाने के लिए उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं और बाद में ऐसी चोटें देकर उनकी हत्या की, जिनसे मौत हो सकती थी।CBI ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी मौत को...

गुजरात UCC बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, लिव-इन-रिलेशनशिप सहित पढ़िये बिल के मुख्य बिंदु

राष्ट्रपति ने पिछले महीने 'गुजरात यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड बिल 2026' को मंज़ूरी दी, जिसे मार्च में गुजरात विधानसभा ने पास किया था।राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 17 सितंबर को इस बिल को मंज़ूरी दी थी।विधानसभा ने मार्च में सात घंटे से ज़्यादा चली लंबी बहस के बाद बहुमत से (वॉइस वोट के ज़रिए) इस बिल को पास किया। उत्तराखंड के बाद गुजरात UCC अपनाने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया।यह एक्ट शादी और तलाक़, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और उनसे जुड़े मामलों के कानूनों को...

वकीलों की हड़ताल पर तेलंगाना हाईकोर्ट सख्त, कहा- कोर्ट आने वाले वकील के साथ मारपीट स्वीकार्य नहीं

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा कि बार (वकीलों) और/या बेंच (जजों) की गरिमा, ईमानदारी या आज़ादी से जुड़े बहुत ही खास मामलों में, कुछ शर्तों के साथ, वकीलों को एक दिन की हड़ताल या कोर्ट के काम से दूर रहने की इजाज़त दी जा सकती है।हालांकि, इस छूट का मतलब यह नहीं है कि जो वकील कोर्ट आना चाहते हैं, उन्हें डराया-धमकाया जाए, रोका जाए या उनके साथ मारपीट की जाए।जस्टिस लक्ष्मी नारायण अलीशेट्टी ने यह बात मेट्रोपॉलिटन क्रिमिनल कोर्ट बार एसोसिएशन, नामपल्ली के पदाधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​का मामला खारिज करते हुए...

आवेदन की आखिरी तारीख से पहले एक्सपायर हो चुके पिछड़े वर्ग सर्टिफिकेट को अमान्य माना जाएगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि जिस उम्मीदवार ने टीचिंग पोस्ट के लिए अपने आवेदन के साथ एक्सपायर हो चुका 'बैकवर्ड क्लास-A' (BCA) सर्टिफिकेट लगाया, उसे आवेदन की आखिरी तारीख के बाद मिले नए सर्टिफिकेट के आधार पर योग्य नहीं माना जा सकता।जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस मिंदरजीत यादव की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश के खिलाफ 'लेटर्स पेटेंट अपील' को खारिज किया। सिंगल जज ने BCA कैटेगरी में मेवात कैडर के प्राइमरी टीचर (PRT) पद के लिए अपीलकर्ता की उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को सही ठहराया...

सर्विस बेनिफिट्स के लिए सम्मानजनक बरी होने और अन्य तरह से बरी होने में कोई अंतर नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट का सस्पेंशन पीरियड के लिए पूरी सैलरी देने का आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सस्पेंड किए गए कर्मचारी को सर्विस बेनिफिट्स देने के मामले में 'सम्मानजनक बरी होने' (Honourable Acquittal) और 'बरी होने' (acquittal) के बीच कानूनी रूप से कोई अंतर नहीं है।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने LIC (प्रतिवादी) का वह आदेश रद्द किया, जिसके तहत याचिकाकर्ता को सस्पेंशन के समय के सर्विस बेनिफिट्स देने से मना कर दिया गया था। याचिकाकर्ता को एक आपराधिक मामले में फंसाए जाने के कारण सस्पेंड किया गया। बाद में वह बरी हो गया, लेकिन उसे बेनिफिट्स इसलिए नहीं दिए गए क्योंकि उसका...

Telegram पर Re-NEET परीक्षा का पेपर लीक करने के आरोपी को मिली ज़मानत, हाईकोर्ट ने कहा - चार्जशीट दाखिल हो चुकी है

गुजरात हाईकोर्ट ने Telegram चैनलों पर Re-NEET परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने का विज्ञापन देने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत दी। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी की हिरासत जारी रखने या उसे लंबा खींचने के लिए कोई ठोस कारण नहीं बता पाया।जस्टिस हसमुख डी. सुथार ने अपने आदेश में कहा कि आवेदक पर आरोप है कि उसने सह-आरोपियों के साथ मिलकर Re-NEET परीक्षा का पेपर लीक करने की साज़िश रची थी।आरोप है कि आरोपियों ने दो सिम कार्ड खरीदे, अलग-अलग Telegram चैनलों पर विज्ञापन दिए और छात्रों को सफलता का भरोसा दिलाकर...