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गौवध जीवन की सामान्य गति को बाधित करता है, स्वतः ही हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NSA के तहत हिरासत को सही ठहराया
गौवध 'जीवन की सामान्य गति' को बाधित करता है, स्वतः ही हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NSA के तहत हिरासत को सही ठहराया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 के तहत व्यक्ति की हिरासत को सही ठहराया। इस व्यक्ति पर 2025 में होली के समय के आसपास जंगल में एक गाय और दो बछड़ों की हत्या करने का आरोप है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि गाय की हत्या स्वतः ही तीव्र भावनाएं और हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है, क्योंकि इससे समाज के एक बड़े वर्ग की धार्मिक भावनाओं को स्पष्ट रूप से ठेस पहुंचती है।कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसे कृत्य के समाज में तत्काल और व्यापक परिणाम...

BREAKING | अरविंद केजरीवाल के मामले की सुनवाई से नहीं हटेंगी जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, याचिका खारिज
BREAKING | अरविंद केजरीवाल के मामले की सुनवाई से नहीं हटेंगी जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों द्वारा दायर उन अर्जियों को खारिज किया, जिनमें शराब नीति मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग की गई थी।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि सिर्फ इसलिए कि उनके बच्चे केंद्र सरकार के पैनल वकील हैं, यह नहीं माना जा सकता कि उनके मन में केजरीवाल के प्रति कोई पूर्वाग्रह है।जज ने आगे कहा कि किसी राजनेता को न्यायिक क्षमता का आकलन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।"किसी जज की क्षमता का...

व्यभिचार साबित करने के लिए DNA टेस्ट का आदेश आम तौर पर नहीं दिया जा सकता, बच्चे की वैधता की धारणा ही मान्य होनी चाहिए: उत्तराखंड हाईकोर्ट
व्यभिचार साबित करने के लिए DNA टेस्ट का आदेश आम तौर पर नहीं दिया जा सकता, बच्चे की वैधता की धारणा ही मान्य होनी चाहिए: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि व्यभिचार के आरोपों को साबित करने के लिए किसी बच्चे के DNA टेस्ट का आदेश आम तौर पर नहीं दिया जा सकता, खासकर तब जब साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 के तहत बच्चे की वैधता की कानूनी धारणा को चुनौती देने के लिए कोई दलीलें या सबूत मौजूद न हों।कोर्ट ने टिप्पणी की कि बिना किसी ठोस आधार के ऐसे टेस्ट की अनुमति देना एक वैध विवाह से जन्मे बच्चे को प्राप्त कानूनी सुरक्षा को कमज़ोर करेगा और बच्चे की गरिमा और निजता में अनावश्यक दखल माना जाएगा। इसी आधार पर कोर्ट ने वैवाहिक...

RSS प्रमुख मोहन भागवत की Z+ सुरक्षा पर टैक्सपेयर्स के पैसे के गलत इस्तेमाल का दावा करने वाली PIL खारिज
RSS प्रमुख मोहन भागवत की Z+ सुरक्षा पर टैक्सपेयर्स के पैसे के गलत इस्तेमाल का दावा करने वाली PIL खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक PIL खारिज की, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को दी गई Z Plus सुरक्षा पर सवाल उठाए गए और टैक्स देने वालों के पैसे की वसूली की मांग की गई। PIL में दावा किया गया कि RSS एक "गैर-पंजीकृत" संगठन है।नागपुर पीठ में बैठे चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने खुद को एक कार्यकर्ता बताने वाले ललन किशोर सिंह द्वारा दायर PIL खारिज की।इस खबर की पुष्टि करते हुए महाराष्ट्र के सरकारी वकील (नागपुर पीठ) देवेंद्र चौहान ने कहा कि चीफ जस्टिस की पीठ ने...

राहुल गांधी नागरिकता विवाद: अदालत की छवि धूमिल- सोशल मीडिया पोस्ट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार, जज ने खुद को किया अलग
राहुल गांधी नागरिकता विवाद: 'अदालत की छवि धूमिल'- सोशल मीडिया पोस्ट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार, जज ने खुद को किया अलग

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सोमवार को भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर उस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग (recuse) कर लिया, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। यह निर्णय तब आया जब अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा सोशल मीडिया और मीडिया में दिए गए बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई, जिन्हें अदालत ने अपनी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया।सुनवाई के दौरान जस्टिस विद्यार्थी ने मौखिक रूप से...

प्रोफेसर ने हिंदू स्टूडेंट्स को नमाज़ पढ़ने के लिए किया मजबूर, हाईकोर्ट ने मामला रद्द करने से किया इनकार
प्रोफेसर ने हिंदू स्टूडेंट्स को नमाज़ पढ़ने के लिए किया मजबूर, हाईकोर्ट ने मामला रद्द करने से किया इनकार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (NSS) में काम करने वाले प्रोफेसर के ख़िलाफ़ चल रहे आपराधिक मामला रद्द करने से इनकार किया। प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल मार्च में NSS कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को नमाज़ पढ़ने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया था।चीफ़ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने कहा कि चार्जशीट में उनके ख़िलाफ़ पहली नज़र में सबूत मिलते हैं, जिनके आधार पर मुक़दमा चलना चाहिए। बेंच ने यह भी कहा कि इस स्तर पर...

क्या संभावित आरोपी को सुने जाने का अधिकार है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR का निर्देश देने वाले आदेश पर लगाई रोक
क्या संभावित आरोपी को सुने जाने का अधिकार है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR का निर्देश देने वाले आदेश पर लगाई रोक

एक अहम घटनाक्रम में इलाहाबाद हाई कोर्ट (लखनऊ बेंच) ने BJP कार्यकर्ता की याचिका पर अपना अंतिम आदेश रोक दिया। इस याचिका में लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। यह मांग उन दावों के संबंध में की गई कि राहुल गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने उस फैसले के अमल को प्रभावी रूप से टाल दिया, जो शुक्रवार को ओपन कोर्ट में पहले ही सुनाया जा चुका था। उस फैसले में गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया। बेंच ने इस आदेश को...

BREAKING | परिसीमन पर संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में हुआ रद्द, केंद्र ने लिया वापस
BREAKING | परिसीमन पर संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में हुआ रद्द, केंद्र ने लिया वापस

लोकसभा ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 खारिज किया। इस विधेयक का उद्देश्य सदन की सदस्य संख्या बढ़ाना और परिसीमन तथा महिलाओं के लिए आरक्षण के कार्यान्वयन को नियंत्रित करने वाले ढांचे में संशोधन करना था।सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले कुल 528 सदस्यों में से 298 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जबकि 230 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस प्रकार, यह विधेयक संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने में विफल...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने की कार्तिक आर्यन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, AI से बने कंटेंट को हटाने का दिया निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने की कार्तिक आर्यन के 'पर्सनैलिटी राइट्स' की रक्षा की, AI से बने कंटेंट को हटाने का दिया निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन के 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) की रक्षा करते हुए यह टिप्पणी की कि एक्टर से जुड़ा जो कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया, वह पहली नज़र में अश्लील है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता है, साथ ही उनकी ब्रांड वैल्यू को भी कम करता है।सिंगल-जज जस्टिस शर्मिला देशमुख ने 15 अप्रैल को आर्यन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। उन्होंने विभिन्न सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़ (मध्यस्थों) को निर्देश दिया कि वे उस...

पति की गर्लफ्रेंड IPC की धारा 498A के तहत रिश्तेदार की परिभाषा से बाहर, क्रूरता का मुकदमा नहीं चल सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
पति की गर्लफ्रेंड IPC की धारा 498A के तहत 'रिश्तेदार' की परिभाषा से बाहर, क्रूरता का मुकदमा नहीं चल सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि पति के साथ शादी के बाहर संबंध रखने वाली महिला रणबीर दंड संहिता (RPC) की धारा 498-A (जो IPC की धारा 498-A के बराबर है) के तहत "रिश्तेदार" नहीं मानी जाएगी। इसलिए उस प्रावधान के तहत उस पर क्रूरता या उत्पीड़न का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।कोर्ट ने एक महिला के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की। इस महिला पर पति की प्रेमिका होने का आरोप था और उसे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इस मामले में आरोपी बनाया गया। इस मामले में शिकायतकर्ता पत्नी ने दहेज की...

दिल्ली हाईकोर्ट ने NGT में बहुत ज़्यादा फाइलिंग फीस को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने NGT में 'बहुत ज़्यादा' फाइलिंग फीस को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने आवेदन, अपील और अन्य तरह के आवेदन दाखिल करने के लिए "बहुत ज़्यादा" फीस लगाने को चुनौती दी गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की डिवीज़न बेंच ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ NGT से भी जवाब मांगा।यह याचिका अजय दुबे नामक व्यक्ति ने दायर की, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (प्रैक्टिसेस एंड प्रोसीजर) रूल्स, 2011 के अलग-अलग प्रावधानों के साथ-साथ एक ऑफिस ऑर्डर...

ब्रिटिश नागरिकता विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ  FIR दर्ज करने का दिया आदेश
ब्रिटिश नागरिकता विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का दिया आदेश

एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया। यह आदेश एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता की याचिका के संबंध में दिया गया, जिसमें राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता का आरोप लगाया गया।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने इस तरह लखनऊ कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किया गया था।गौरतलब है कि इस साल जनवरी में लखनऊ की ACJM अदालत ने गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय...

200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनेंगी जैकलीन फर्नांडीज, कोर्ट ने ED से मांगा जवाब
200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनेंगी जैकलीन फर्नांडीज, कोर्ट ने ED से मांगा जवाब

दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की मांग की।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की।ED ने एक्ट्रेस को कई बार समन भेजा था और पहली बार एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें सह-आरोपी के तौर पर नामजद किया। इस मामले में उन्हें...

हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट का साक्ष्य मूल्य हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट का साक्ष्य मूल्य हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट का साक्ष्य मूल्य हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।जस्टिस विक्रम डी. चौहान ने फैसला दिया:“अनुशासनात्मक कार्यवाही में, जिस सवाल की जांच की जानी है, उसका मकसद यह पता लगाना होता है कि क्या कर्मचारी किसी ऐसे कदाचार का दोषी है, जिसके लिए उसे दंडित किया जाना चाहिए। सबूत का पैमाना संभावनाओं की प्रबलता पर आधारित होता है। यह हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, जो कर्मचारी को दंडित करने के लिए पर्याप्त हों।...

जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत जारी जन्म प्रमाण पत्र तब तक मान्य है, जब तक उसे रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी साबित न हो जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत जारी जन्म प्रमाण पत्र तब तक मान्य है, जब तक उसे रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी साबित न हो जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत जारी जन्म प्रमाण पत्र तब तक वैध और मान्य है, जब तक उसे रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी साबित न हो जाए।कक्षा VI में दाखिले से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सिद्धार्थ नंदन ने कहा:“जब तक कोई दस्तावेज़, जो किसी वैधानिक प्रावधान के तहत जारी किया गया, या तो रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी का कोई तत्व साबित न हो जाए, तब तक उसका संबंधित अधिकारियों पर बाध्यकारी प्रभाव रहेगा। संबंधित अधिकारियों के अधिकार...

UP Gangsters Act | कानून को छोटा समझते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनिवार्य संयुक्त बैठक में शामिल न होने पर DM से स्पष्टीकरण मांगा
UP Gangsters Act | 'कानून को छोटा समझते हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनिवार्य संयुक्त बैठक में शामिल न होने पर DM से स्पष्टीकरण मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में मिर्ज़ापुर के ज़िलाधिकारी (DM) पवन कुमार गंगवार को यूपी गैंगस्टर नियम, 2021 के तहत 'गैंग चार्ट' को मंज़ूरी देने के लिए ज़रूरी अनिवार्य संयुक्त बैठक में शामिल न होने पर कड़ी फटकार लगाई।उनकी अनुपस्थिति का गंभीर संज्ञान लेते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की पीठ ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया, अधिकारी "कानून को छोटा समझते हैं। इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं करते, जैसा कि अक्सर पढ़े-लिखे आम लोगों के साथ होता है।"कोर्ट ने अब इस मामले पर उनसे व्यक्तिगत...