हाईकोर्ट ने जबलपुर ड्रेनेज प्लान को फाइनल करने से पहले पब्लिक हियरिंग का निर्देश दिया, कहा- कोई प्राइवेट ज़मीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी
Shahadat
9 Feb 2026 6:03 PM IST

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर नगर निगम की हाई लेवल टेक्निकल कमेटी को शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के उपायों पर अपनी रिपोर्ट को फाइनल करने से पहले निवासियों और स्टेकहोल्डर्स को सुनवाई का मौका देने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी साफ किया है कि प्रस्तावित ड्रेनेज (नाला) प्रोजेक्ट के लिए कोई प्राइवेट ज़मीन अधिग्रहित या इस्तेमाल नहीं की जाएगी।
जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच जबलपुर की रिहायशी सोसाइटी में लगातार जलभराव की समस्याओं से जुड़ी पहले से निपटाई गई रिट याचिका में हस्तक्षेपकर्ता द्वारा दायर एक अंतरिम आवेदन पर सुनवाई कर रही थी।
इससे पहले, 3 मार्च, 2025 के आदेश से कोऑर्डिनेट बेंच ने मुख्य रिट याचिका का निपटारा किया था, जिसमें अधिकारियों से यह आश्वासन लिया गया कि जलभराव को रोकने के लिए सीवर नालियों की डीसिल्टिंग और सफाई और सीवर लाइनों से अतिक्रमण हटाने जैसे सक्रिय कदम उठाए जाएंगे। नगर निगम, जबलपुर के कमिश्नर को दायर हलफनामे के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
मौजूदा सुनवाई के दौरान, निगम के वकील ने बताया कि एक हाई लेवल टेक्निकल कमेटी पहले ही गठित की जा चुकी है। उसकी रिपोर्ट का इंतजार है और सभी कार्रवाई उसकी सिफारिशों के अनुसार की जाएगी।
हस्तक्षेपकर्ता ने आशंका जताई कि प्रस्तावित "नाला" उसके प्लॉट से सटी ज़मीन से होकर गुज़र सकता है। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि "किसी भी प्राइवेट ज़मीन पर या किसी प्राइवेट ज़मीन का अधिग्रहण करके कोई निर्माण प्रस्तावित नहीं है।"
इसी समय हस्तक्षेपकर्ता ने कमेटी द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट जमा करने से पहले सुनवाई का मौका मांगा। हालांकि याचिकाकर्ताओं ने शुरू में इस अनुरोध का विरोध किया, लेकिन बेंच ने कहा कि निष्पक्षता के सिद्धांतों के लिए यह ज़रूरी है कि स्टेकहोल्डर्स को अपनी आपत्तियां पेश करने का मौका दिया जाए।
तदनुसार, कोर्ट ने आवेदन का निपटारा किया।
Case: NIDHI PANDE AND OTHERS Vs THE STATE OF MADHYA PRADESH AND OTHERS

