अमान्य शादी में तलाक के लिए वकील ने किया फैमिली कोर्ट को गुमराह, हाईकोर्ट ने कहा- 'बहुत चौंकाने वाला'
Shahadat
11 Feb 2026 10:53 AM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने अमान्य शादी के संबंध में तलाक का आदेश पास करने के लिए फैमिली कोर्ट को गुमराह करने वाले पार्टियों और उनके वकील के व्यवहार पर "बहुत हैरानी" जताई।
जस्टिस गिरीश कथपालिया ने वैवाहिक अपराधों से जुड़ी FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी और ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।
यह मामला क्रूरता और संबंधित वैवाहिक आरोपों सहित अपराधों के लिए दर्ज FIR से पैदा हुआ था। आरोपियों ने इस आधार पर FIR रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया कि पक्षकारों ने पहले ही फैमिली कोर्ट से आपसी सहमति से तलाक का आदेश ले लिया था और अपने झगड़े आपसी सहमति से सुलझा लिए थे।
हालांकि, सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने तलाक की कार्यवाही के रिकॉर्ड की जांच की और पाया कि महत्वपूर्ण तथ्यों को गंभीर रूप से छिपाया गया।
यह बात सामने आई कि दूसरी शादी के समय पति ने मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस के सामने खुद को गलत तरीके से कुंवारा बताया, जबकि उसकी पहले से ही एक शादी थी, जिससे बाद की शादी कानूनन अमान्य हो गई।
फिर भी पति और उसके वकील ने झूठी दलीलों और घोषणाओं से फैमिली कोर्ट को गुमराह किया और ऐसी शादी के लिए तलाक ले लिया, जो शुरू से ही अमान्य थी।
अधिकारियों के साथ हुई इस साफ धोखाधड़ी को सामने लाते हुए कोर्ट ने ₹1 लाख का जुर्माना लगाया और आदेश की कॉपी पुलिस अधिकारियों, फैमिली कोर्ट, मैरिज रजिस्ट्रेशन ऑफिस और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली को सही कार्रवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया।
Case title: Rohit Lamba & Anr. v. State

