मुख्य सुर्खियां

दिल्ली हाईकोर्ट
कर्मचारी के इंटर कैडर ट्रांसफर के अनुरोध से राज्य का अनुचित इनकार उसके पारिवारिक जीवन के लिए सम्मान की मांग के अधिकार को प्रभावित करता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि इंटर कैडर ट्रांसफर की मांग कर रहे कर्मचारी के अनुरोध को राज्य द्वारा अनुचित रूप से अस्वीकार करना, ऐसे व्यक्ति के अपने या अपने पारिवारिक जीवन के लिए सम्मान की मांग करने के अधिकार को प्रभावित करता है।जस्टिस राजीव शकधर और ज‌स्टिस तलवंत सिंह की पीठ ने कहा,"हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि सार्थक पारिवारिक जीवन का अधिकार, जो एक व्यक्ति को एक पूर्ण जीवन जीने की अनुमति देता है और उसकी शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक एकता को बनाए रखने में मदद करता है, उसे संविधान...

बॉक्सिंग फेडरेशन विश्व चैंपियनशिप के लिए चुने गए खिलाड़ियों पर पुनर्विचार कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरुंधति चौधरी की याचिका पर कहा
बॉक्सिंग फेडरेशन विश्व चैंपियनशिप के लिए चुने गए खिलाड़ियों पर पुनर्विचार कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरुंधति चौधरी की याचिका पर कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुक्केबाज अरुंधति चौधरी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई स्थगित कर दी। इस याचिका में उन्होंने आगामी महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए उनका चयन नहीं करने के भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के फैसले को चुनौती दी थी।यह स्थगन बीएफआई के वकील द्वारा अदालत को सूचित किए जाने के बाद आया कि चार से 18 दिसंबर तक इस्तांबुल में होने वाली चैंपियनशिप को अब COVID-19 के आसन्न खतरे के कारण मार्च 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।वकील ने कहा,"चैंपियनशिप दिसंबर में होने के मद्देनजर यह...

क्या नियोक्ता अपने कर्मचारियों को COVID-19 टीकाकरण कराने के लिए मजबूर कर सकते हैं?: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षक की याचिका पर नोटिस जारी किया
क्या नियोक्ता अपने कर्मचारियों को COVID-19 टीकाकरण कराने के लिए मजबूर कर सकते हैं?: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षक की याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक स्कूल टीचर की याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में स्कूल टीचर ने नियोक्ता द्वारा जारी एक परिपत्र को चुनौती दी गई थी, जिसमें सेवाएं प्रदान करने के लिए COVID-19 टीकाकरण कराना अनिवार्य था।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने इस मामले को एक निजी सहायता प्राप्त स्कूल में कार्यरत एक शिक्षक द्वारा दायर एक अन्य याचिका के साथ जोड़ दिया है, जिसमें दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है कि शहर के स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूलों में भाग लेने की अनुमति नहीं है, अगर...

कालकाजी मंदिर: दिल्ली हाईकोर्ट ने अनधिकृत अतिक्रमण, स्वच्छता सुविधा, पेयजल और अग्निशमन विभाग द्वारा निरीक्षण के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए
कालकाजी मंदिर: दिल्ली हाईकोर्ट ने अनधिकृत अतिक्रमण, स्वच्छता सुविधा, पेयजल और अग्निशमन विभाग द्वारा निरीक्षण के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को शहर के कालकाजी मंदिर के कामकाज के बारे में दुकानदारों द्वारा अनधिकृत अतिक्रमण, स्वच्छता और पेयजल सुविधाओं के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए दिल्ली अग्निशमन विभाग द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण के संबंध में कई निर्देश जारी किए।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी को यह भी निर्देश जारी किया कि वह सुनिश्चित करें कि मंदिर में पर्याप्त कर्मी तैनात हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मंदिर में आने और जाने के लिए भक्तों का उचित और विनियमित...

दिल्ली हाईकोर्ट
आईटी रूल्स, 2021 सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर गैरकानूनी, फर्जी सामग्री को हटाने के लिए चेक और बैलेंस प्रदान करते हैं; प्री-सेंसरशिप की वकालत नहीं करते: दिल्ली हाईकोर्ट को दिए हलफनामे में केंद्र ने कहा

केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि नए आईटी नियम, 2021 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध फर्जी खबरों (फेक न्यूज) सहित गैरकानूनी सामग्री को हटाने के लिए चेक-एंड-बैलेंस प्रदान करते हैं और नियम प्री-सेंसरशिप की वकालत नहीं करते हैं।केंद्र सरकार ने एक हलफनामा दायकर कर नियमों की वैधता का बचाव करते हुए यह भी कहा है कि फर्जी खबरों में "सामुदायिक ताने-बाने को कुछ ही समय में तोड़ने की क्षमता होती है और अक्सर इनसे सार्वजनिक व्यवस्था की गंभीर समस्याएं होती पैदा होती हैं।" केंद्र सरकार नए संशोधन के जरिए...

फुल कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिला अदालतें पक्षकारों के अनुरोध पर हाइब्रिड/वीसी सुनवाई की सुविधा के लिए बाध्य: दिल्ली हाईकोर्ट
फुल कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिला अदालतें पक्षकारों के अनुरोध पर हाइब्रिड/वीसी सुनवाई की सुविधा के लिए बाध्य: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को टिप्पणी की कि एक बार जब उसके फुल कोर्ट ने शहर की जिला अदालतों को पक्षकारों के अनुरोध पर हाइब्रिड या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा की अनुमति देने की अनुमति दे दी है तो अदालतें उक्त निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य हैं।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने फुल कोर्ट के निर्देशों के बावजूद जिला अदालतों को हाइब्रिड सुनवाई की अनुमति नहीं देने के मुद्दे पर एक याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिका में याचिकाकर्ता अनिल कुमार हजले ने आवेदन दायर किया गया। इसमें कहा...

निज़ामुद्दीन मरकज़ को फिर से खोलने के लिए याचिका: दिल्ली हाईकोर्ट ने इलाके के सीमांकन के लिए संयुक्त निरीक्षण का आदेश दिया
निज़ामुद्दीन मरकज़ को फिर से खोलने के लिए याचिका: दिल्ली हाईकोर्ट ने इलाके के सीमांकन के लिए संयुक्त निरीक्षण का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को निज़ामुद्दीन मरकज़ के संयुक्त निरीक्षण का आदेश दिया। कोर्ट ने यह आदेश मरकज़ के तीन इलाकों यानि धार्मिक स्थान (मस्जिद), जहां लोग नमाज़ अदा करते हैं, वह स्थान जहां मजलिस होती है और आवासीय क्षेत्र, जिसमें छात्रावास होता है, के सीमांकन के उद्देश्य से दिया है।इससे COVID-19 के बीच दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा पारित आदेशों का समुचित क्रियान्वयन हो सकेगा। जस्टिस मुक्ता गुप्ता दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थीं, जिसमें निजामुद्दीन मरकज़ में...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
निर्णयों/आदेशों में यूनिक QR कोड, अधिवक्ता सूचना प्रबंधन प्रणाली: मद्रास हाईकोर्ट में नई पहल

मद्रास हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति में कई उल्लेखनीय पहलों का उल्लेख किया गया है। इनमें कार्यान्वित और 15 नवंबर से लागू होने वाली एक नई पहल भी शामिल हैं। नए सुधारों में एडवोकेट इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम (AIMS), डॉक्यूमेंट पेजिनेशन मॉड्यूल, नेत्रहीनों के लिए ब्रेल प्रिंटर, प्रत्येक निर्णय और आदेशों के लिए यूनिक QR कोड और कोर्ट केस के साथ मद्रास हाईकोर्ट के केस इंफॉर्मेशन निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) सिस्टम (HC-CIS) का एकीकरण शामिल हैं।एडवोकेट इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने उड़ीसा जुआ रोकथाम अधिनियम, 1955 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने उड़ीसा जुआ रोकथाम अधिनियम, 1955 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

उड़ीसा हाईकोर्ट ने खुले तौर पर मनमाना होने के कारण उड़ीसा जुआ रोकथाम अधिनियम, 1955 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को नोटिस जारी किया। याचिका में कहा गया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी) के तहत गारंटीकृत किसी भी पेशे, व्यापार या व्यवसाय का अभ्यास करने के अधिकार पर लागू कानून लागू होता है।मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति एके महापात्र की पीठ ने राज्य को इस मामले में आठ सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और तदनुसार मामले को 14 फरवरी को आगे की...

मस्जिदों को किस कानून के तहत लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति है?: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा
मस्जिदों को किस कानून के तहत लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति है?: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार और पुलिस से पूछा कि कानून के किन प्रावधानों के तहत 16 मस्जिदों को लाउडस्पीकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के उपयोग की अनुमति दी गई है और इस तरह के उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए ध्वनि प्रदूषण नियम के तहत क्या कार्रवाई की जा रही है।चीफ ज‌स्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस सचिन शंकर मखदूम ने आदेश में कहा, "प्रतिवादी राज्य के अधिकारियों को यह बताना होगा कि कानून के किन प्रावधानों के तहत, लाउडस्पीकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के उपयोग को प्रतिवादियों ने 10 से 26...

केरल हाईकोर्ट
जान गंवाने के बाद अफसोस जताने का कोई मतलब नहीं: केरल हाईकोर्ट ने शहर में स्ट्रीट लाइट की कमी के लिए कोच्चि निगम की खिंचाई की

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को बार-बार मौखिक निर्देशों के बावजूद शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने पर कार्यवाही नहीं करने के लिए कोच्चि निगम की खिंचाई की। साथ ही कोर्ट ने स्थिति के ऐसे ही बने रहने पर निगम सचिव को तलब करने की चेतावनी दी।न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने निगम की निष्क्रियता की निंदा करते हुए टिप्पणी की कि यह कहना शर्मनाक है कि राज्य के सबसे बड़े शहर में स्ट्रीट लाइट नहीं हैं।उन्होंने कहा,"यह शर्म की बात है। राज्य का सबसे बड़ा शहर होने के बावजूद हमारे पास उचित स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। मैंने...

इशरत जहां अन्य सह-आरोपियों के संपर्क में थी और इनका मकसद दंगे की साजिश को अंजाम देना था: अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कहा
इशरत जहां अन्य सह-आरोपियों के संपर्क में थी और इनका मकसद दंगे की साजिश को अंजाम देना था: अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कहा

कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि इशरत जहां अन्य सह-आरोपियों के संपर्क में थी और इसका मकसद दंगे की साजिश को अंजाम देना था।जहां पर दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में मामला दर्ज किया गया है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद को सुना, जिन्होंने जहान और अन्य सह-आरोपियों के बीच संबंध को उजागर करने और कहा कि दंगों को एक बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में पूर्व नियोजित किया...

दिल्ली हाईकोर्ट
स्पीडी ट्रायल का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए मामलों के शीघ्र निपटान के लिए याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के अनुसूचित अपराध के तहत आने वाले मामलों के प्रभावी ढंग से निपटान की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है, ताकि आरोपियों के स्पीडी ट्रायल के मौलिक अधिकार को सुनिश्चित किया जा सके।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता शहर के पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष एनआईए अदालत में लंबित यूएपीए के तहत वर्ष 2015 में दर्ज एक मामले में मुकदमे का सामना कर रहे एक आरोपी के पिता द्वारा दायर एक अभियोग आवेदन पर विचार कर रही थीं।अधिवक्ता कौसर खान के माध्यम से दायर आवेदन में...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
न्यायपालिका में भरोसा नहीं करने वालों की निंदा की जानी चाहिए और उन पर कड़ाई से अंकुश लगाया जाना चाहिए: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना सहमति के किए गए स्‍थानांतरण के एक आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया है। मामले में याचिकाकर्ता ने स्‍थानांतरण रुकवाने के लिए एक राजनेता से मुलाकात की थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह मानते हुए कि यााचिकाकर्ता को न्यायिक प्रणाली में विश्वास नहीं है, उसे राहत देने से इनकार कर दिया।कोर्ट ने कहा कि उसने अपने स्थानांतरण आदेश को रद्द कराने के लिए 'अतिरिक्त-संवैधानिक साधनों' का सहारा लिया है। कोर्ट ने कहा, "जिन लोगों को न्यायपालिका में भरोसा नहीं है, उनकी आलोचना की जानी चाहिए...

केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति एमएन भंडारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट स्थानांतरण करने की अधिसूचना जारी की
केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति एमएन भंडारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट स्थानांतरण करने की अधिसूचना जारी की

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी कर दी।सोमवार को केंद्र सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी को मेघालय हाईकोर्ट में स्थानांतरण करने की अधिसूचना जारी की थी।जस्टिस बनर्जी और जस्टिस भंडारी के तबादलों का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा एक ही दिन 16 सितंबर को किया गया था। हालांकि, कॉलेजियम प्रस्ताव केवल नौ नवंबर को प्रकाशित हुआ...

दिल्ली हाईकोर्ट
'CARA अदालत के निर्देशों का पालन करने में बेहद कठोर, दत्तक माता-पिता को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है': दिल्ली हाईकोर्ट ने सीईओ, सदस्य सचिव को पेश होने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) एक न्यायिक आदेश के अनुपालन के प्रति अपने दृष्टिकोण में बेहद कठोर रहा है, जिसके लिए प्राधिकरण को हिंदू दत्तक ग्रहण और भरणपोषण अधिनियम (HAMA) के तहत अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण के लिए दिशानिर्देश तैयार करने की आवश्यकता है।कोर्ट ने आगे कहा कि प्राधिकरण याचिकाकर्ताओं, जो दत्तक माता-पिता और छोटे नाबालिग बच्चे हैं, को गोद लेने के लिए एनओसी देने की प्रक्रिया को लंबा करके अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 प्रोटोकॉल के पालन की शर्त पर रेस्तरां और बार में हर्बल हुक्का की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 प्रोटोकॉल के पालन की शर्त पर रेस्तरां और बार में हर्बल हुक्का की अनुमति दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में रेस्तरां और बार में एक अंतरिम उपाय के रूप में हर्बल हुक्का की सेवा और बिक्री की COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करने, डिस्पोजेबल पाइप का उपयोग करने और केवल सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का परोसने की शर्त पर अनुमति दी।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि रेस्तरां और पब व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दाखिल करेंगे कि वे COVID-19 प्रोटोकॉल के तहत केवल हर्बल हुक्का परोसेंगे।अदालत ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार और अन्य अधिकारियों को याचिकाकर्ताओं द्वारा उनके रेस्तरां में हर्बल...

क्या दूसरे देशों द्वारा COVAXIN को मान्यता न देने के कारण नागरिकों की नौकरी के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है? केरल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा
क्या दूसरे देशों द्वारा COVAXIN को मान्यता न देने के कारण नागरिकों की नौकरी के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है? केरल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को सरकार से सवाल किया कि क्या राज्य प्रायोजित COVAXIN योजना के कारण अपनी नौकरी खोने वाले नागरिक की शिकायत का निवारण करना उसका कर्तव्य नहीं है। कुछ देशों द्वारा COVAXIN की गैर-मान्यता के विषयआलोक में यह प्रश्न किया गया।इस महीने की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारतीय दवा कंपनी भारत बायोटेक द्वारा विकसित एक COVID-19 वैक्सीन COVAXIN को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी थी।हालांकि, याचिकाकर्ता के अनुसार, अधिवक्ता मानस पी. हमीद द्वारा प्रस्तुत किया गया कि सऊदी अरब...

आजादी के 75 साल बाद भी छोटे किसानों को रिश्वत देने के लिए मजबूर करना सबसे दुर्भाग्यपूर्ण: इलाहाबाद हाईकोर्ट
आजादी के 75 साल बाद भी छोटे किसानों को रिश्वत देने के लिए मजबूर करना सबसे दुर्भाग्यपूर्ण: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी छोटे किसानों को रिश्वत देने के लिए मजबूर करना सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है।न्यायमूर्ति मनीष कुमार और न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने अपीलीय अदालत के आदेश के खिलाफ एक सरकारी कर्मचारी (रिश्वत मांगने के आरोप में दोषी) द्वारा दायर एक अपील को खारिज किया। दरअसल, निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को अपीलीय अदालत ने बरकरार रखा था।संक्षेप में तथ्ययाचिकाकर्ता रसूल अहमद उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में लेखपाल के पद पर कार्यरत थे।याचिकाकर्ता ने...