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सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई पर जारी एसओपी में संशोधन किया

LiveLaw News Network
22 Oct 2021 3:50 PM GMT
सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई पर जारी एसओपी में संशोधन किया
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सुप्रीम कोर्ट ने फिज़िकल सुनवाई के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में एक संशोधन किया है जिसमें कहा गया है कि बेंच के पास गैर-विविध दिन (मंगलवार, बुधवार और गुरुवार) को मामले की वर्चुअल सुनवाई का विकल्प देने का विवेक होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 7 अक्टूबर को फिजिकल सुनवाई के लिए एक संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया जारी करते हुए तय किया था कि बुधवार और गुरुवार को गैर-विविध दिनों के रूप में सूचीबद्ध सभी मामलों को अदालत में वकीलों/पक्षों की फिजिकल उपस्थिति में ही सुना जाएगा। हालांकि, गैर-विविध दिनों के मामले की सुनवाई अगले आदेश तक वीडियो/टेलीकांफ्रेंसिंग के माध्यम से जारी रहेगी।

बार एसोसिएशनों से प्राप्त अनुरोधों और उस संबंध में न्यायाधीशों की समिति की सिफारिशों पर विचार करने पर भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा एसओपी जारी किया गया था।

7 अक्टूबर के एसओपी के क्लॉज 5 के अनुसार,

"किसी मामले की सुनवाई के दौरान यदि वकीलों की संख्या COVID-19 मानदंडों के अनुसार कोर्ट-रूम की कार्य क्षमता से अधिक है तो बेंच उक्त मामले के लिए वर्चुअल सुनवाई का विकल्प दे सकती है। इस खंड में अब संशोधन किया गया है कि बेंच गैर-विविध दिन पर "किसी अन्य कारण से" बेंच वर्चुअल सुनवाई का विकल्प दे सकती है।

"माननीय बेंच को यदि लगता है कि किसी मामले की सुनवाई के दौरान वकीलों की संख्या COVID-19 मानदंडों के अनुसार कोर्ट-रूम की कार्य क्षमता से अधिक है या किसी अन्य कारण से वीडियो/टेली-कॉन्फ्रेंसिंग/हाइब्रिड मोड के माध्यम से होने वाले मामले की सुनवाई, रजिस्ट्री वीडियो/टेली-कॉन्फ्रेंसिंग/हाइब्रिड मोड के माध्यम से ऐसे मामलों की सुनवाई की सुविधा प्रदान की जाएगी।"

यह उल्लेख किया जा सकता है कि बार का एक वर्ग चाहता था कि सभी दिनों में हाइब्रिड सुनवाई का विकल्प हो। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बुधवार को (जब 7 अक्टूबर एसओपी लागू हुआ) भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष इस मुद्दे का उल्लेख किया था और हाइब्रिड विकल्प को सभी दिनों में खुला रखने का अनुरोध किया था।

सिब्बल के अनुरोध का सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एएम सिंघवी और मुकुल रोहतगी ने समर्थन किया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने हालांकि इसका विरोध किया और कहा कि दूसरी ओर एससीबीए सभी दिनों में केवल शारीरिक सुनवाई चाहता है।

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पहला दिन था जब सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2020 के बाद पहली बार पूरी तरह से फिज़िकल सुनवाई की थी। COVID-19 महामारी के कारण शीर्ष अदालत में वर्चुअल मोड में सुनवाई हो रही थी।

एसओपी में संशोधन पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




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