मुख्य सुर्खियां
केरल हाईकोर्ट ने ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए वर्चुअल विवाह पंजीकरण की अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने ओमिक्रॉन के प्रकोप के मद्देनजर यात्रा प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए एक जोड़े को वर्चुअल मोड में अपनी शादी को संपन्न करने की अनुमति दी और विवाह अधिकारी को इसे पंजीकृत करने का निर्देश दिया।यह देखते हुए कि इस न्यायालय ने समान मामलों में महामारी के दौरान इसे अधिकृत किया है, न्यायमूर्ति एन. नागरेश ने कहा,"समान परिस्थितियों में, जब भारत और विदेशों में फैली महामारी की स्थितियों के कारण विवाह के पक्षकार विवाह अधिकारी के समक्ष शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हो सके, , इस न्यायालय ने आदेश...
"आईपीसी की धारा 411, 413 के तहत दर्ज एफआईआर दुर्भावनापूर्ण ": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर पुलिस के कदाचार के बारे में न्यूज पोस्ट करने वाले दो पत्रकारों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 411 और 413 के तहत दर्ज एफआईआर में 2 पत्रकारों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने देखा कि एफआईआर दुर्भावनापूर्ण है।अनिवार्य रूप से, कोर्ट प्रणम ममभूमि हिंदी समाचार पत्र के साथ काम करने वाले दो पत्रकारों की याचिका पर विचार कर रहा था, जिनके खिलाफ बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करने (धारा 411) और चोरी की संपत्ति का अभ्यासत: व्यापार करने (धारा 413) के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है।न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति शमीम...
कठुआ रेप-डेथ केस: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सजा निलंबित करते हुए सबूत नष्ट करने के दोषी पुलिसकर्मी को जमानत दी
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को एसआई आनंद दत्ता की सजा को निलंबित कर दिया। दत्ता को 2018 के कठुआ बलात्कार मामले में सबूत नष्ट करने के लिए दोषी ठहराया गया था। इस मामले में जम्मू और कश्मीर के कठुआ क्षेत्र में बकरवाल समुदाय की आठ वर्षीय लड़की के साथ मंदिर के पुजारी और अन्य द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया था।सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता उन छह आरोपियों में से एक हैं, जिन्हें 2018 के कठुआ बलात्कार मामले में सांजी राम (मुख्य आरोपी) से कथित तौर पर चार लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में दोषी ठहराया...
गाय ऑक्सीजन छोड़ती है, क्या तुम उससे शादी करोगे? साल 2021 में कोर्ट की कुछ विचित्र टिप्पणियां
देश की विभिन्न अदालतों में साल 2021 में कुछ विचित्र और आश्चर्यजनक टिप्पणियां की गईं , जिनसे सार्वजनिक विवाद पैदा हुआ। यहां उनमें से कुछ टिप्पणियों पर एक नज़र डाल रहे हैं।गाय एकमात्र जानवर है जो ऑक्सीजन छोड़ती है: इलाहाबाद हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने मवेशी वध के एक मामले में जमानत अर्जी पर आदेश सुनाते हुए कहा कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।हिंदी में लिखे गए आदेश में न्यायमूर्ति यादव ने गाय के कई गुणों का उत्साहपूर्वक वर्णन किया, ताकि इस बात...
कालकाजी मंदिर का रखरखाव: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुनर्विकास के लिए अंतरिम उपाय के रूप में प्रशासक और बारीदारों के बीच बैठक बुलाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने कालकाजी मंदिर परिसर के पुनर्विकास के उद्देश्य से एक अंतरिम उपाय के रूप में प्रशासक, यानी सेवानिवृत्त न्यायाधीश जेआर मिधा और बारीदारों के बीच एक बैठक बुलाई है।कोर्ट द्वारा नियुक्त वास्तुकार, न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह द्वारा प्रस्तुत व्यापक रिपोर्ट को देखते हुए निम्नलिखित उपाय बताए गए;- 3 जनवरी 2022 को सभी बारीदार एलडी से संपर्क कर सकते हैं। दुकानों एवं कियोस्क के लिए अस्थाई ढांचों के विकास एवं निर्माण के संबंध में प्रशासक के साथ बैठक कर सकते हैं। उक्त बैठक दोपहर 2 बजे...
मैनपुरी में लड़की की मौत का मामला में स्कूल के प्रिंसिपल गिरफ्तार: इलाहाबाद हाईकोर्ट में यूपी सरकार बताया
इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले सप्ताह बताया कि उसने उस स्कूल के प्रधानाध्यापक को हिरासत में ले लिया है, जहां मैनपुरी की एक 16 वर्षीय लड़की वर्ष 2019 में फांसी पर लटकी पाई गई थी।मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ मैनपुरी की एक 16 वर्षीय लड़की की मौत के संबंध में दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर सुनवाई कर रही है। उक्त लड़की उसके स्कूल में वर्ष 2019 में लटकी हुई पाई गई थी।मामले की सुनवाई के दौरान कई मौकों पर कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस...
'लापरवाह नागरिक मौलिक अधिकार का दावा नहीं कर सकते': महाराष्ट्र सरकार ने ट्रेनों में बिना टीकाकरण वाले लोगों को यात्रा की अनुमति देने की मांग वाली जनहित याचिका का विरोध किया
महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि बिना टीकाकरण वाले व्यक्तियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अनुमति देने से न केवल COVID-19 के विस्फोटक रूप से फैलने से कई लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी, बल्कि इसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए किए गए सभी प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे।बुधवार को, राज्य के मुख्य सचिव देबाशीष चक्रवर्ती ने राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली दो जनहित याचिकाओं के जवाब में एक हलफनामा दायर किया। दरअसल, राज्य सरकार के फैसले के अनुसार केवल पूरी तरह से टीकाकरण वाले...
"पूरे शहर में विकलांग व्यक्तियों के लिए सक्षम बुनियादी ढांचे की अनुपलब्धता": हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को सामाजिक विकलांगता ऑडिट करने के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को विकलांग व्यक्तियों के लिए सुलभता के संबंध में सड़कों और परिवहन के अन्य साधनों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचा का आकलन के उद्देश्य से छह सप्ताह के भीतर एक सामाजिक विकलांगता ऑडिट (Social Disability Audit) करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने देखा कि विकलांग व्यक्तियों के लिए सक्षम बुनियादी ढांचे की अनुपलब्धता पूरे शहर में स्पष्ट रूप से दिख रही है। न्यायमूर्ति नजमी वज़ीरी ने कहा,"विकलांग व्यक्तियों के लिए आवश्यक और सक्षम बुनियादी ढांचे की अनुपलब्धता पूरे शहर में स्पष्ट...
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट दंडात्मक कानून होने के कारण सख्त कार्रवाई होनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट), 1881 एक दंडात्मक कानून होने के कारण सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने कहा कि एक आपराधिक शिकायत में विशिष्ट अभिकथन जो अधिनियम की धारा 141 की आवश्यकताओं को पूरा करता है, प्रकृति में अनिवार्य हैं।नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 141 में कंपनियों द्वारा किए गए अपराधों के बारे में बात की गई है। इसमें कहा गया है कि यदि धारा 138 के तहत अपराध करने वाला व्यक्ति एक कंपनी है, तो प्रत्येक व्यक्ति,...
दिल्ली दंगा: कोर्ट ने पुलिस के ढीले रवैये के कारण 18 महीने से लंबित मामले पर नाखुशी जताई
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल जून से उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगों से संबंधित एक मामले के लंबित रहने पर नाखुशी व्यक्त की। कोर्ट ने सोमवार को टिप्पणी की कि वह अपराध शाखा पुलिस के "ढीले रवैये" और अधिकारियों और राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले एसपीपी की गैर उपस्थिति के कारण संबंधित सत्र न्यायालय को मामला देने में सक्षम नहीं है।मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग दंगों के दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या और एक डीसीपी के सिर में चोट लगने के संबंध में दर्ज एफआईआर नंबर 60/2020 पीएस...
केरल हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के चुनाव में एडवोकेट राजेश विजयन प्रेसिडेंट चुने गए
केरल हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने अपने चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए। वर्ष 2022 के लिए एडवोकेट राजेश विजयन को नया प्रेसिडेंट और एडवोकेट संतोष पीटर को वाइस-प्रेसिडेंट चुना गया।रिजल्टप्रेसिडेंट: एडवोकेट राजेश विजयनवाइस-प्रेसिडेंट: अधिवक्ता संतोष पीटरवाइस-प्रेसिडेंट (महिला आरक्षण): एडवोकेट रजनी के.एनसेक्रेटरी: एडवोकेट आनंद के।कोषाध्यक्ष: एडवोकेट निर्मल वी. नायरोकार्यकारी समिति: अधिवक्ता आदित्यन एस.के., जेसी एस। सलीम, विपिंडा एम.वी, विनोद कुमार सी।, जोजो जोसेफकार्यकारी समिति (महिला आरक्षण): एडवोकेट...
'पुलिस और अभियोजन हमेशा रिमांड की मांग करेंगे, ऐसे आवेदनों पर विवेकपूर्ण तरीके से फैसला करें': मद्रास हाईकोर्ट ने फेसबुक पोस्ट मामले में रिमांड देने से इनकार करने के मजिस्ट्रेट के फैसले की सराहना की
मद्रास हाईकोर्ट (मदुरै बेंच) ने एक मजाकिया फेसबुक पोस्ट को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के एक पदाधिकारी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करते हुए आदेश में कहा कि पुलिस और अभियोजन हमेशा हिरासत की मांग करेंगे और यह मजिस्ट्रेट पर है कि वह सीआरपीसी की धारा 41 और संविधान के अनुच्छेद 21 के आधार पर ऐसे आवेदनों पर विवेकपूर्ण तरीके से फैसला करें।जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने 62 वर्षीय आरोपी के खिलाफ एफआईआर को रद्द करते हुए कहा कि वाडीपट्टी पुलिस की ओर से दर्ज किया गया 'राज्य के खिलाफ...
'उचित प्रतिबंध': बॉम्बे हाईकोर्ट ने वैक्सीनेशन से इनकार करने वाले कर्मचारियों का COVID-19 टेस्ट कराने के फैसले को बरकरार रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (एमपीटी) द्वारा जारी एक सर्कुलर को बरकरार रखा। इसमें वैक्सीन नहीं लेने वाले कर्मचारियों के लिए हर 10 दिनों में आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य है। अदालत ने माना कि टेस्ट कराने का फैसला उनके मौलिक अधिकारों पर एक उचित प्रतिबंध है।अदालत ने पाया कि जो लोग COVID-19 वैक्सीन से बचा रहे हैं, वे खुद को वायरस संक्रमण के उच्च जोखिम में डाल रहे हैं।पीठ ने कहा,"याचिकाकर्ता के वैक्सीन न लेने के फैसले का सम्मान किया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनके...
राज्य द्वारा अपील करने के लिए अनुमति मांगने से पहले मामलों की उचित जांच की जाए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि राज्य द्वारा अपील की अनुमति मांगने के लिए मामलों को भेजे जाने से पहले उनकी उचित जांच की जाए।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता 12 फरवरी, 2020 के एक फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए राज्य द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थीं। इसमें मामले के प्रतिवादियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) धारा 397 सपठित धारा 34 के तहत अपराध के लिए बरी कर दिया गया था।अभियोजन पक्ष का यह मामला था कि शिकायतकर्ता राज कुमार ने वर्ष 2011 में एक टैक्सी किराए पर ली।...
झारखंड विधानसभा में एंटी-लिंचिंग विधेयक पारित; विधेयक में दोषियों के लिए आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है
झारखंड राज्य विधानसभा ने राज्य में मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए झारखंड (मॉब वायलेंस और मॉब लिंचिंग की रोकथाम) विधेयक, 2021 पारित किया। यदि यह राज्यपाल की सहमति प्राप्त करने के बाद कानून बन जाता है, तो झारखंड पश्चिम बंगाल और राजस्थान के बाद एंटी-लिंचिंग कानून बनाने वाला तीसरा राज्य बन जाएगा।अधिनियम के उद्देश्य और कारणों का विवरण इस प्रकार है;"झारखंड राज्य में कमजोर व्यक्तियों के संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने और भीड़ द्वारा हिंसा और लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए और भीड़...
कर्नाटक स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में तीन लाख से अधिक मामलों का निपटारा
कर्नाटक स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी (केएसएलएसए) द्वारा 18 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 3,37,680 मामलों का निपटारा किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, सह संरक्षक-इन-चीफ, केएसएलएसए और हाईकोर्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी की अध्यक्षता में किया गया था।इस आयोजन में कुल 8,606 मुकदमे पूर्व मामले और 3,29,074 लंबित मामलों का निपटारा किया गया।अथॉरिटी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कुल 113 मामलों का निपटारा...
पुलिस थाने में बर्बरता तभी रुकेगी जब सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पुलिस थाने में बर्बरता तभी रुकेगी जब सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन एक ऐसी घटना पर फैसला सुना रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे एक रेलिंग से जंजीर से बांध दिया गया और जब उसने अपनी शिकायत की पावती मांगी तब उस पर वहां अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे एक अधिकारी के कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा दिया गया।यह सूचित किए जाने पर कि उस व्यक्ति पर अधिकारी को उसके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने के अपराध का आरोप लगाया गया है,...
'कोर्ट की कार्यवाही के दौरान अश्लीलता': मद्रास हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की
मद्रास हाईकोर्ट ने वर्चुअल कोर्ट में एक महिला के साथ कामुकता में लिप्त वकील की वीडियो क्लिपिंग के वायरल होने के बाद स्वत: संज्ञान आपराधिक अवमानना कार्यवाही दर्ज की है।न्यायमूर्ति पी.एन. प्रकाश और न्यायमूर्ति आर हेमलता ने न्यायमूर्ति जी के इलांथिरैया की अदालत में हुई घटना को लेकर कहा,"जब अदालत की कार्यवाही के बीच इस तरह की बेशर्म अश्लीलता को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाता है, तो यह अदालत मूकदर्शक बनकर नहीं रहा सकता और आंखें बंद नहीं कर सकता है।"इसलिए, अदालत ने सोशल मीडिया में प्रसारित की...
केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति बीरेंद्र कुमार को पटना हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी की
केंद्र सरकार ने मंगलवार को पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीरेंद्र कुमार को राजस्थान हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी की।जस्टिस बीरेंद्र कुमार का जन्म 23 मई 1963 को हुआ था। उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1986 में पटना लॉ कॉलेज, पटना से डिग्री ली।उन्होंने पटना सिविल कोर्ट और पटना हाईकोर्ट में विभिन्न सिविल और आपराधिक मामलों में प्रैक्टिस की।जस्टिस कुमार वर्ष, 1997 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में बिहार सुपीरियर न्यायिक सेवा में शामिल हुए।उन्होंने वर्ष...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सेक्शन 377 आईपीसी के तहत दोषसिद्धि को बरकरार रखा; 'प्राकृतिक व्यवस्था के खिलाफ शारीरिक संभोग' के अवयवों को निर्धारित किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि नाबालिग के साथ किया गया शारीरिक संपर्क, जिसमें निम्न अवयव शामिल हैं, दरअसल सेक्शन 377, आईपीसी के तहत 'प्राकृतिक व्यवस्था के खिलाफ शारीरिक संबंध' होगा-a) यह शरीर और कामुकता से संबंधित हो, यानी यह शारीरिक होना चाहिए;b) व्यक्तियों के बीच संभोग होना चाहिए, इसे केवल मानव-से-मानव संभोग तक सीमित किए बिना; c) इसमें पीनाइल-वेजिनल पेनेट्रेशन के अलावा पेनेट्रेशन होना चाहिए, सेक्शन 377 की प्रकृति, इरादा और उद्देश्य के तहत, इसे अप्राकृतिक कार्य, जैसे 'पेनाइल-एनल पेनेट्रेशन',...


















