मुख्य सुर्खियां
राज्य प्राधिकरण कानून की उचित प्रक्रिया के अलावा किसी अन्य तरीके से संपत्ति के कब्जे से किसी व्यक्ति को बेदखल नहीं कर सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया है कि जब किसी व्यक्ति के पास संपत्ति पर कब्जा होता है और वह आनंद लेता है, तो उसे कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के अलावा बेदखल नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति एम. सत्य नारायण मूर्ति ने कहा,"जब किसी व्यक्ति के पास संपत्ति पर कब्जा होता है और वह आनंद लेता है, तो उसे कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के अलावा बेदखल नहीं किया जा सकता है। इसलिए, प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे याचिकाकर्ता को संपत्ति से बेदखल न करें, सिवाय कानून की उचित प्रक्रिया...
राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद भारतीय नागरिक के शव को स्वदेश भेजा जाएगा, परिवार दाह संस्कार करेगा
राजस्थान हाईकोर्ट को बुधवार को रूस में एक भारतीय नागरिक को दफनाने से संबंधित मामले में सूचित किया गया कि मृतक व्यक्ति के परिवार को उसका अंतिम संस्कार करने के लिए उसके शव को कब्र से निकाला जाएगा और भारत वापस लाया जाएगा।जस्टिस दिनेश मेहता ने केंद्र और राज्य दोनों को आवश्यक व्यवस्था करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि एक भारतीय नागरिक का शव परिवार के सदस्यों को उनके गांव गोडवा, तहसील खेरवाड़ा में जल्द से जल्द सौंप दिया जाए।पीठ ने आदेश दिया,"एक बार जब शव रूसी सरकार से भारत सरकार को प्राप्त हो...
'सीबीआई एक विशेष एजेंसी, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होगी, स्वतंत्र रूप से जांच करेगी': दिल्ली हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख की याचिका पर कहा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दस्तावेज लीक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीटी कोर्ट के आगे की जांच के आदेश और की गई टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होगी।मामला संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोपों से जुड़ा है, जिससे भ्रष्टाचार मामले की जांच प्रभावित हुई है।न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ देशमुख की याचिका पर विचार कर रहे थे जिसमें सीबीआई को उनके खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया गया...
बैंकों में पैसा जमा करने वाले ईमानदार हैं; साइबर अपराधों के लिए बैंकों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बैंक खाते से धोखाधड़ी से पैसे निकालने के चार आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि जो लोग बैंकों में पैसा जमा करते हैं वे ईमानदार हैं और यह बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी क़ीमत पर उनके पैसे को सुरक्षित रखें।न्यायमूर्ति शेखर यादव की खंडपीठ ने यह भी कहा कि जो लोग बैंक में करोड़ों रुपये जमा नहीं करते हैं और अपने घरों के तहखाने में छिपाते हैं, वे देश की आर्थिक समृद्धि को खोखला करने के लिए जिम्मेदार...
COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट और जिला न्यायालय 11 फरवरी तक वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्य करेंगे
दिल्ली हाईकोर्ट और जिला न्यायालय 12 फरवरी, 2022 तक वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्य करना जारी रखेंगे।कार्यालय आदेश 30 दिसंबर, 2021 को जारी पहले के आदेश में कहा गया था कि हाईकोर्ट और जिला अदालतें केवल तीन जनवरी से 15 जनवरी, 2022 तक वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्य करेंगी।रजिस्ट्रार और संयुक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) की अदालतें भी मामलों को केवल वर्चुअल मोड के माध्यम से ही लेंगी।आदेश में कहा गया,"अदालतों के वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग लिंक वेबसाइट/वाद-सूची (ओं) पर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रधान जिला और सत्र...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'तलाक-उल-सुन्नत' को असंवैधानिक घोषित करने की मांग वाली पुनर्विचार याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बिना किसी कारण या अग्रिम सूचना के पत्नी को तलाक (तलाक-उल-सुन्नत) देने के मुस्लिम पति के "पूर्ण विवेकाधिकार" को मनमाना, शरीयत विरोधी, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक घोषित करने करने की मांग वाली पुनर्विचार याचिका में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने मामले की सुनवाई के लिए दो मई की तारीख तय करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया।एडवोकेट बजरंग वत्स के माध्यम से दायर याचिका में तलाक-उल-सुन्नत द्वारा...
दूरसंचार कंपनियां अपनी सेवाओं का उपयोग कर साइबर धोखाधड़ी में एफआईआर दर्ज नहीं करवाकर ट्राई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रही हैं: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रथम दृष्टया टिप्पणी की कि दूरसंचार कंपनियां उनके सिम का उपयोग करके किए गए साइबर धोखाधड़ी के संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं करके ट्राई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रही हैं।हाईकोर्ट ने कहा,"वे डीजीपी के कार्यालय में शिकायत दर्ज करने और उसी की प्रति प्राप्त करने का एक नया तरीका लेकर आए हैं। उनके अनुसार, यह दूरसंचार कंपनियों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया है ... दूरसंचार कंपनियां सरकार द्वारा दिए गए लाइसेंस के तहत काम कर रही हैं। वे लाइसेंस की शर्तों को पूरा करने की...
एशियाई चैम्पियनशिप में भारतीय हैंडबॉल टीम की भागीदारी के लिए निर्धारित राशि जारी करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय खेल प्राधिकरण को 20वीं एशियाई पुरुष हैंडबॉल चैम्पियनशिप में भारतीय हैंडबाल राष्ट्रीय टीम की भागीदारी को प्रायोजित करने के उद्देश्य से उसके द्वारा निर्धारित 29.60 लाख रुपये तुरंत जारी करने को कहा। यह चैम्पियनशिप सऊदी अरब में 18 जनवरी से 31 जनवरी तक होगी।जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस नरेंद्र कुमार जौहरी की पीठ भारतीय टीम के एक सदस्य मोहित यादव की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें इस तथ्य पर प्रकाश डाला गया कि टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए भारतीय टीम को...
"मां पहले से ही सरकारी सर्विस में है": हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य की नीति के मद्देनजर अनुकंपा नियुक्ति की मांग वाली याचिका खारिज की
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में बेटे (अपने पिता के स्थान पर नौकरी) द्वारा दायर अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) की मांग वाली याचिका को खारिज किया।कोर्ट ने कहा कि उसकी मां पहले से ही सरकारी सेवा में है, और इसलिए अनुकंपा के आधार पर राज्य की नीति के अनुसार उसे नौकरी नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति सबीना और न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने यह भी कहा कि मृतक कर्मचारी के परिवार का एक आश्रित सदस्य इस संबंध में राज्य द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार ही अनुकंपा नियुक्ति...
"न्याय मांगने पर मिली तारीख पर तारीख, लिखना अदालत की अवमानना के दायरे में नहीं" : राजस्थान हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ न्यायिक अधिकारी की याचिका खारिज की
एडवोकेट रजाक के. हैदरराजस्थान हाईकोर्ट ने जज द्वारा एक अधिवक्ता के खिलाफ पेश अवमानना याचिका खारिज कर दी। याचिका में वकील पर अदालत के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करने का आरोप था।उक्त वकील ने फेसबुक पर लिखा था कि न्याय मांगने पर अदालत से मिली तारीख पर तारीख।कोर्ट ने कहा,"न्याय मांगने पर मिली तारीख पर तारीख" लिखना अदालत की अवमानना के दायरे में नही।"एक आपराधिक मामले में लगातार तारीख पर तारीख मिलने पर अधिवक्ता गोवर्धन सिंह द्वारा फेसबुक पर लिखी गई पोस्ट को आपत्तिजनक बताते हुए न्यायिक अधिकारी द्वारा दर्ज...
योगदान जमा करने में नियोक्ता के विफल रहने पर ईएसआई कोटा के तहत एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन से वंचित नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने नीट उम्मीदवार को राहत दी
राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर बेंच ने नीट उम्मीदवार को एमबीबीएस/बीडीएस कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में ईएसआईसी कोटा (बीमाकृत व्यक्ति का कोटा वार्ड) का लाभ उठाने की अनुमति दी है।इस तथ्य के बावजूद कि संबंधित नियोक्ता द्वारा कर्मचारी राज्य बीमा निगम में अपेक्षित योगदान का भुगतान नहीं किया गया है, अदालत ने कहा कि उम्मीदवार को कोटा के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता है, बशर्ते उसके पिता, बीमित व्यक्ति ने कट-ऑफ तिथि से पहले अपने योगदान का भुगतान किया हो।न्यायमूर्ति अशोक कुमार गौर ने...
'हमारे अधिकार धीरे-धीरे मर रहे हैं': यूएपीए आरोपी अतीक और अन्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, चार्जशीट की प्रति की मांग की
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के आरोपी अतीक उर रहमान, मो. मसूद और आलम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। इन्होंने हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर 2020 में यूपी पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उनके खिलाफ दर्ज मामले में आरोप पत्र की प्रतियां और अन्य दस्तावेज की मांग की।इन लोगों को यूपी पुलिस ने 2020 में उस वक्त गिरफ्तार किया था जब ये हाथरस में सामूहिक बलात्कार और हत्या की शिकार के पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मिलने उनके घर जा रहे थे।यह ध्यान दिया जा सकता है कि उन्हें केरल के एक...
कपल अधिकार के रूप में पुलिस सुरक्षा नहीं मांग सकते, उन्हें अपने परिवारों को मनाने का प्रयास करना चाहिए : राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने परिवार से धमकी मिलने की आशंका में घर से भागे प्रेमी जोड़े को पुलिस सुरक्षा देने से इनकार कर दिया।अदालत ने कहा कि उसके पास यह निष्कर्ष निकालने के लिए कोई सामग्री या कारण नहीं है कि याचिकाकर्ताओं का जीवन और स्वतंत्रता खतरे में है।न्यायमूर्ति दिनेश मेहता ने आगे कहा,"यदि याचिकाकर्ताओं ने शादी करने का फैसला किया है तो उन्हें समाज का सामना करने के लिए दृढ़ता दिखानी चाहिए और उनके परिवार को उनके द्वारा उठाए गए कदम को स्वीकार करने के लिए राजी करना चाहिए।"वर्तमान मामले...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण को पुनर्वास केंद्रों, अनाथालयों आदि में रहने वाले मानसिक रूप से बीमार लोगों को उचित चिकित्सा उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए
कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने कर्नाटक राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण को पुनर्वास केंद्रों, वृद्ध घरों, निराश्रित केंद्रों, पागलखाना, अनाथालयों आदि में मानसिक रूप से बीमार लोगों को उचित चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए उचित और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने सदस्य सचिव, हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति द्वारा दायर एक याचिका का निपटारा करते हुए कहा, "हम 9 वें प्रतिवादी को निर्देश देना उचित समझते हैं। कर्नाटक...
हाईकोर्ट मध्यस्थता अधिनियम की धारा 37 तहत अपील में दावे के गुण-दोष की जांच नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत एक अपील में दावे के गुणदोष की जांच नहीं कर सकता है। इस मामले में, मध्यस्थ ने एक पक्ष को 9.5 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। दूसरे पक्ष ने मध्यस्थ द्वारा पारित निर्णय के खिलाफ मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 के तहत अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, चंडीगढ़ के समक्ष आपत्ति याचिका दायर की। उक्त याचिका खारिज कर दी गई।इसके बाद, मध्यस्थता अधिनियम की धारा 37 के तहत हाईकोर्ट के समक्ष एक और अपील दायर की गई। उक्त अपील को...
COVID-19 के बीच कांग्रेस को पदयात्रा की अनुमति कैसे दी जा सकती है? कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी को यह बताने का निर्देश दिया कि क्या उसने कावेरी नदी पर मेकेदातु परियोजना शुरू करने की मांग करते हुए 10 दिवसीय पदयात्रा आयोजित करने के लिए कोई उचित अनुमति ली है।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने नागेंद्र प्रसाद एवी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राजनीतिक दल को यह भी सूचित करने का निर्देश दिया है कि क्या उक्त रैली में वे अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी उचित कदम उठा रहे हैं। राज्य सरकार...
विकलांग व्यक्ति स्वयं एक समरूप वर्ग बनाते हैं, वे एससी/एसटी समुदाय के समान नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को नीट-2021 में एससी/एसटी कम्यूनिटी पर विकलांगों के लिए उच्च आरक्षण का मार्ग प्रशस्त करने वाले एक खंड को बरकरार रखते हुए एक फैसले में कहा कि राज्य सरकार को विशिष्ट विशेषता-युक्त व्यक्तियों के वर्गों को मान्यता देने के लिए अधिकृत किया गया है और कानून के तहत उन्हें अलग मानें।एक याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस एन नागरेश ने कहा कि विकलांग व्यक्ति अपने आप में एक अलग समरूप वर्ग का गठन करते हैं और उनकी विकलांगता सामाजिक पिछड़ेपन से संबंधित होने के बजाय शारीरिक है। "राज्य...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दंपत्ति को प्रताड़ित करने वाले आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए यूपी सरकार को अंतिम अवसर दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को भगोड़े दंपत्ति के उत्पीड़न के मामले में आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई जांच में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का एक आखिरी मौका दिया।परिवार की मर्जी के खिलाफ एक महिला से शादी करने वाले दिल्ली के शख्स के पिता और भाई को यूपी पुलिस ने अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया। वहीं दंपति ने दावा किया कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस को बताए बिना उनके दिल्ली स्थित आवास से की गई।उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले...
भरण-पोषण का दावा फैसले की तारीख से नहीं आवेदन दाखिल करने की तिथि से प्रभावी होगा: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि भरण-पोषण का दावा आवेदन दाखिल करने की तारीख से प्रभावी होगा न कि फैसले की तारीख से।जस्टिस अनुभा रावत चौधरी ने इस मामले में रजनीश बनाम नेहा और अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। साथ ही आवेदन की तिथि से मासिक भत्ते के भुगतान का निर्देश देते हुए आक्षेपित आदेश में संशोधन किया।अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के फैसले के खिलाफ एक पुनर्विचार आवेदन से यह मामला शुरू हुआ। इसमें न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के आवेदन को स्वीकार कर...
कर्मचारियों के निहित अधिकारों को पूर्वव्यापी रूप से छीन रहे नियम संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के खिलाफ: बैंक पेंशनभोगियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि एक संशोधन, जिसकी पूर्वव्यापी प्रयोज्यता है और मौजूदा नियमों के तहत एक कर्मचारी को पहले से उपलब्ध लाभ को छीन लेता है, कर्मचारी को उसके निहित/ अर्जित अधिकारों से वंचित कर देगा और इस प्रकार, अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत अधिकारों का उल्लंघन करेगा।कोर्ट ने कहा, "... यदि कर्मचारी जो पहले से ही पदोन्नत या किसी विशेष वेतनमान में नियत किया गया था, यदि उसे पूर्वव्यापी रूप से लागू नियमों की योजना द्वारा छीन लिया जा रहा है तो निश्चित रूप से पदधारी के...



















